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                <title>TikTok - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>TikTok RSS Feed</description>
                
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                <title>Taiwan ने China को दिया एक और झटका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International Desk</strong></p>
<p><strong>नई ताइपे। </strong>चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ताइवान ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए <strong>TikTok सहित छह चीनी मोबाइल ऐप्लिकेशनों पर शैक्षणिक परिसरों के इंटरनेट नेटवर्क पर प्रतिबंध</strong> लगा दिया है। ताइवान के शिक्षा मंत्रालय ने इन ऐप्स को <strong>डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए खतरा</strong> बताया है।</p>
<p>शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अब स्कूलों, विश्वविद्यालयों और मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियों में उपयोग होने वाले <strong>कैंपस नेटवर्क</strong>, जिनमें <strong>TANet और iTaiwan हॉटस्पॉट</strong> शामिल हैं, पर इन ऐप्स तक पहुंच पूरी तरह बंद रहेगी। इसके साथ ही, <strong>सरकारी और आधिकारिक उपकरणों</strong> पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167692/taiwan-gave-another-blow-to-china"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/taiwan-ने-china-को-दिया-एक-और-झटका.png" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk</strong></p>
<p><strong>नई ताइपे। </strong>चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ताइवान ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए <strong>TikTok सहित छह चीनी मोबाइल ऐप्लिकेशनों पर शैक्षणिक परिसरों के इंटरनेट नेटवर्क पर प्रतिबंध</strong> लगा दिया है। ताइवान के शिक्षा मंत्रालय ने इन ऐप्स को <strong>डिजिटल और साइबर सुरक्षा के लिए खतरा</strong> बताया है।</p>
<p>शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अब स्कूलों, विश्वविद्यालयों और मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियों में उपयोग होने वाले <strong>कैंपस नेटवर्क</strong>, जिनमें <strong>TANet और iTaiwan हॉटस्पॉट</strong> शामिल हैं, पर इन ऐप्स तक पहुंच पूरी तरह बंद रहेगी। इसके साथ ही, <strong>सरकारी और आधिकारिक उपकरणों</strong> पर इन ऐप्स को डाउनलोड, इंस्टॉल और इस्तेमाल करने पर भी रोक लगा दी गई है।</p>
<h3>सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला</h3>
<p>शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि ताइवान के <strong>डिजिटल मामलों के मंत्रालय</strong> ने पिछले महीने इन छह चीनी ऐप्स को <strong>सूचना सुरक्षा के लिए जोखिमपूर्ण</strong> घोषित किया था। मंत्रालय ने आम नागरिकों से भी अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की थी।</p>
<p>एक संवाददाता सम्मेलन में शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि <strong>TikTok पर हानिकारक और अनुचित सामग्री</strong> को लेकर कई देशों में जुर्माना लगाया जा चुका है, जिससे इसके सुरक्षा मानकों पर सवाल उठते हैं।</p>
<h3>बच्चों और युवाओं की सुरक्षा पर जोर</h3>
<p>शिक्षा उप मंत्री <strong>चू चुन-चांग</strong> ने कहा कि यह निर्णय<br /><strong>साइबर सुरक्षा प्रबंधन अधिनियम</strong> और<br /><strong>बाल एवं किशोर कल्याण एवं अधिकार संरक्षण अधिनियम</strong><br />के तहत लिया गया है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय वर्ष <strong>2014 से ही कैंपस नेटवर्क को अनुचित और हानिकारक सामग्री से सुरक्षित</strong> करता आ रहा है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि स्कूलों को शिक्षण गतिविधियों में <strong>उच्च जोखिम वाले एप्लिकेशनों</strong> के उपयोग से बचना चाहिए, ताकि छात्रों को सुरक्षित और उपयुक्त शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।</p>
<h3>क्या है TANet?</h3>
<p>TANet शिक्षा मंत्रालय द्वारा छात्रों और शिक्षकों को प्रदान की जाने वाली <strong>निःशुल्क इंटरनेट सेवा</strong> है। ताइपे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान में <strong>9,000 से अधिक iTaiwan हॉटस्पॉट</strong> हैं, जिनका संचालन डिजिटल मामलों के मंत्रालय द्वारा किया जाता है।</p>
<h3>मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस</h3>
<p>मंत्रालय ने कहा कि युवाओं के <strong>मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी</strong> करना और उन्हें ऑनलाइन जीवन व वास्तविक दुनिया के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है। इसके लिए स्कूलों और अभिभावकों के साथ मिलकर बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के प्रयास जारी रहेंगे।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल <strong>ताइवान की साइबर सुरक्षा नीति</strong> को मजबूत करता है, बल्कि चीन के डिजिटल प्रभाव को सीमित करने की दिशा में भी एक अहम संकेत है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 18:01:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हथौड़े से चेहरे पर वार करने से खूबसूरती में लग जायेगा चारचांद, टिकटॉक पर वायरल हुआ विचित्र ट्रेंड </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Social Media Viral: </strong>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ट्रेंड काफी चर्चा में है. नाम है ‘बोन स्मैशिंग.’ इसमें लोग खुद के चेहरे पर हथौड़े और बोतलों से वार कर रहे हैं. जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. टिकटॉक पर ‘बोन स्मैशिंग ट्यूटोरियल’ नाम से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसे अब तक 26 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है. जाहिर है, आपके मन में भी सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर इस पागलपन से लोगों को क्या हासिल हो रहा है.</p>
<p>इस बेतुके ट्रेंड को लेकर दावा किया जा रहा है कि चेहरे पर हथौड़े</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135426/hitting-the-face-with-a-hammer-will-enhance-your-beauty"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/bone-smashing-1.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Social Media Viral: </strong>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीबोगरीब ट्रेंड काफी चर्चा में है. नाम है ‘बोन स्मैशिंग.’ इसमें लोग खुद के चेहरे पर हथौड़े और बोतलों से वार कर रहे हैं. जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा है. टिकटॉक पर ‘बोन स्मैशिंग ट्यूटोरियल’ नाम से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसे अब तक 26 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है. जाहिर है, आपके मन में भी सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर इस पागलपन से लोगों को क्या हासिल हो रहा है.</p>
<p>इस बेतुके ट्रेंड को लेकर दावा किया जा रहा है कि चेहरे पर हथौड़े से वार करने से आपकी खूबसूरती में चारचांद लग जाएगी. अब इसमें कितनी सच्चाई है ये तो नहीं पता. लेकिन लोग चेहरे की हड्डियों को चोट पहुंचाकर नए जोखिम को जरूर दावत दे रहे हैं. विचित्र ट्रेंड के तहत, लोग हड्डियों पर वार कर उसे नया आकार देने की कोशिश करते हैं. दावा है कि ऐसा करने से वो मनचाहा फेस कट हासिल कर पाएंगे. रिपोर्ट के अनुसार, इस विचित्र ट्रेंड को फॉलो करने वाले अपने चेहरे पर हथौड़े से वार करने के बाद उसकी तस्वीरें और वीडियो को टिकटॉक पर शेयर भी करते हैं.  </p>
<p>लोग इस ट्रेंड को सही ठहराने के लिए जर्मन एनाटोमिस्ट और सर्जन जूलियस वोल्फ के नियम का हवाला दे रहे हैं. 19वीं सदी में जर्मन सर्जन चेहरे पर हथौड़े से वार कर उसे ठीक किया करते थे. कहते हैं कि इस प्रोसेस में क्षतिग्रस्त हड्डियां खत्म हो जाती हैं. उनकी जगह नई हड्डियां आ जाती हैं.</p>
<p>बोन स्मैशिंग के पीछे लोगों का तर्क है कि ये चेहरे की रीमॉडलिंग में सहायक है. इससे हड्डियां और भी मजबूत हो जाती हैं. ऐसी ही बेतुकी बातों में आकर अब कई टिकटॉक यूजर्स अपने चेहरे को तराशने के लिए बोन स्मैशिंग का सहारा ले रहे हैं. इस मामले में डॉक्टर्स का कहना है कि ये बेहद खतरनाक हो सकता है. उनके मुताबिक, हड्डी पर बार-बार चोट लगने से नर्व डैमेज हो सकता है. यही नहीं, आजीवन विकृति भी हो सकती है.</p>
<p><br /><br /></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Oct 2023 18:01:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चाइनीज़ ऐप Tik Tok करता है यूज़र्स का डाटा लीक, कंपनी के CEO  अमेरिकी संसद में हुए पेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Social Media: </strong>अमेरिका में सबसे बड़े सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक की मालिक बाइटडांस कंपनी क्या चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए निजी उपयोगकर्ता डेटा प्राप्त कर रही है? राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं से परेशान संयुक्त राज्य अमेरिका का तो ऐसा ही मानना है। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और कंपनी पर चीनी सरकार के संभावित प्रभाव के बीच टिकटॉक के सीईओ शौ ज़ी च्यू ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश हुए।</p>
<p>च्यू को हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी के कई कड़े और महत्‍वपूर्ण सवालों का सामना करना पड़ा। जिस गंभीरता के साथ अमेरिकी सरकार इस मुद्दे पर एक्टिव नजर आ रही है इस बात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/128247/chinese-app-tik-tok-leaks-users-data-companys-ceo-appeared"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/tick-tok.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Social Media: </strong>अमेरिका में सबसे बड़े सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक की मालिक बाइटडांस कंपनी क्या चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए निजी उपयोगकर्ता डेटा प्राप्त कर रही है? राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं से परेशान संयुक्त राज्य अमेरिका का तो ऐसा ही मानना है। बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और कंपनी पर चीनी सरकार के संभावित प्रभाव के बीच टिकटॉक के सीईओ शौ ज़ी च्यू ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश हुए।</p>
<p>च्यू को हाउस एनर्जी एंड कॉमर्स कमेटी के कई कड़े और महत्‍वपूर्ण सवालों का सामना करना पड़ा। जिस गंभीरता के साथ अमेरिकी सरकार इस मुद्दे पर एक्टिव नजर आ रही है इस बात की बहुत संभावना है कि ऐप को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। चीन के अपने सख्त गोपनीयता कानूनों के बावजूद, पश्चिमी प्रौद्योगिकी कंपनियों को साम्यवादी देश में संचालन को छोड़ने या कम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि बीजिंग ने वाशिंगटन पर राज्य की शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।</p>
<p><strong>बाइटडांस चाइनीज एजेंट नहीं है</strong><br />अमेरिकी सांसद डेबी लेस्को ने भारत और अन्य देशों में टिकटॉक पर लगे बैन का जिक्र करते हुए सवाल पूछा, "यह (टिक्कॉक) एक ऐसा उपकरण है जो चीनी सरकार के नियंत्रण में है और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को उठाता है. ये सभी देश और हमारे एफबीआई निदेशक कैसे गलत हो सकते हैं? च्यू का कहना है कि मैं समझता हूं कि गलत धारणा के आधार पर चिंताएं जाहिर की जा रही हैं।</p>
<p>टिकटॉक की कॉर्पोरेट संरचना इसे चीनी सरकार के के साथ अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के बारे में जानकारी साझा करने के बारे में सोचना स्पष्ट रूप से गलत है। च्यू के मुताबिक टिकटॉक ने कभी भी चीनी सरकार के साथ अमेरिकी यूजर्स की जानकारी साझा नहीं की है और न ही कभी ऐसा करने का अनुरोध किया है। च्यू ने तर्क दिया कि अगर चीन अमेरिकियों पर डेटा तक पहुंच की मांग करता है, तो फर्म मना कर देगी।</p>
<p>इससे पहले पिछले साल दिसंबर में टिकटॉक ने एक बयान में कांग्रेस द्वारा पारित 'नो टिकटॉक ऑन गवर्नमेंट डिवाइसेज एक्ट' को राजनीति से प्रेरित बताया था। टिकटोक के एक प्रवक्ता ने वाशिंगटन में कहा, "दिसंबर में बिना किसी विचार-विमर्श के पारित किए गए संघीय उपकरणों पर टिक्कॉक का प्रतिबंध अन्य विश्व सरकारों के लिए एक खाका के रूप में काम किया है," जिस दिन व्हाइट हाउस द्वारा "मार्गदर्शन" जारी किया गया था।</p>
<p><strong>भारत समेत अन्य कई देशों ने क्यों लगाया ऐप पर प्रतिबंध?</strong><br />अमेरिकी सांसद डेबी लेस्को ने सवाल पूछा कि टिकटॉक को भारत समेत कई देशों ने प्रतिबंधित किया हुआ है। अमेरिकी एफबीआई के डायरेक्टर ने भी इस ऐप को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में ये सभी गलत कैसे हो सकते हैं। इसके जवाब में ट्विटर सीईओ ने कहा कि ये सभी दावें काल्पनिक और सैद्धांतिक हैं। हमने ऐसा कोई भी सबूत नहीं देखा है। उन्होंने भारत के टिकटॉक यूजर्स के डेटा का चीन में गलत इस्तेमाल वाली रिपोर्ट पर भी सवाल पूछे।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Mar 2023 13:37:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका के बाद कनाडा ने भी दिया चीन को बड़ा झटका, टिकटॉक पर लगाया प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>व्हाइट हाउस ने संघीय एजेंसियों को सभी सरकारी उपकरणों से ‘टिकटॉक' को पूरी तरह हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया है। वहीं कनाडा ने सरकार के सभी मोबाइल उपकरणों में ‘टिकटॉक' पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। चीन की इस वीडियो ऐप को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच ये फैसले किए गए हैं। अमेरिका में प्रबंधन एवं बजट कार्यालय ने सोमवार को जारी किए गए दिशानिर्देशों को ‘‘संवेदनशील सरकारी डेटा के लिए ऐप द्वारा पेश किए जा रहे जोखिमों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम'' बताया है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127658/after-america-canada-also-gave-a-big-blow-to-china"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/1549.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>व्हाइट हाउस ने संघीय एजेंसियों को सभी सरकारी उपकरणों से ‘टिकटॉक' को पूरी तरह हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया है। वहीं कनाडा ने सरकार के सभी मोबाइल उपकरणों में ‘टिकटॉक' पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। चीन की इस वीडियो ऐप को लेकर बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच ये फैसले किए गए हैं। अमेरिका में प्रबंधन एवं बजट कार्यालय ने सोमवार को जारी किए गए दिशानिर्देशों को ‘‘संवेदनशील सरकारी डेटा के लिए ऐप द्वारा पेश किए जा रहे जोखिमों को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम'' बताया है।</p>
<p>रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय सहित कुछ एजेंसियां पहले ही इस पर प्रतिबंध लगा चुकी हैं। दिशा-निर्देशों में संघीय सरकार की बाकी एंजेसियों को 30 दिन के भीतर इसे पूरी तरह हटाने को कहा गया है। व्हाइट हाउस पहले से ही अपने उपकरणों पर ‘टिकटॉक' के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता है। चीन की इंटरनेट प्रौद्योगिकी कंपनी ‘बाइटडांस लिमिटेड' की ऐप ‘टिकटॉक' बेहद लोकप्रिय है और अमेरिका में करीब दो-तिहाई किशोरों द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है।</p>
<p>वहीं, कनाड के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सरकार द्वारा जारी सभी मोबाइल उपकरणों पर टिकटॉक के प्रतिबंध की घोषणा करते हुए कहा कि यह कार्रवाई महज शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जिस तरह से सरकार ने सभी संघीय कर्मचारियों को यह बताने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है कि वे अब अपने काम के फोन पर टिकटॉक का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, ऐसे कई अन्य कनाडाई अपने स्वयं के डेटा की सुरक्षा पर विचार करेंगे और शायद यही (टिकटॉक इस्तेमाल न करने का) विकल्प चुनें।'' ऐप को मंगलवार को कनाडा सरकार के फोन से हटा दिया जाएगा। इससे पहले यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा ने पिछले सप्ताह कहा था कि उसने साइबर सुरक्षा उपाय के रूप में कर्मचारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फोन में टिकटॉक पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127658/after-america-canada-also-gave-a-big-blow-to-china</link>
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                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 10:48:01 +0530</pubDate>
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