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                <title>international news in hindi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>international news in hindi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दुनिया में हथियारों की खतरनाक होड़ के सूत्रधार बनेंगे ट्रंप </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की घोषणा पर दुनिया में जबरदस्त हलचल मच गई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 33 साल बाद परमाणु परीक्षण का आदेश दिया है. चीन और रूस की टेस्टिंग के बीच यह फैसला वैश्विक तनाव बढ़ा सकता है और एनपीटी समझौते पर सवाल खड़े करता है।</div>
<div style="text-align:justify;">ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, लेकिन इंटरनेशनल कैंपेन टू एबॉलिश न्यूक्लियर वेपंस  के अनुसार, रूस के पास लगभग 5,500 परमाणु वारहेड हैं, जबकि अमेरिका के पास करीब 5,044 हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158673/trump-will-become-the-architect-of-dangerous-arms-race-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/whatsapp-image-2025-11-01-at-19.50.25_52c0be58.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फिर से परमाणु परीक्षण शुरू करने की घोषणा पर दुनिया में जबरदस्त हलचल मच गई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 33 साल बाद परमाणु परीक्षण का आदेश दिया है. चीन और रूस की टेस्टिंग के बीच यह फैसला वैश्विक तनाव बढ़ा सकता है और एनपीटी समझौते पर सवाल खड़े करता है।</div>
<div style="text-align:justify;">ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, लेकिन इंटरनेशनल कैंपेन टू एबॉलिश न्यूक्लियर वेपंस  के अनुसार, रूस के पास लगभग 5,500 परमाणु वारहेड हैं, जबकि अमेरिका के पास करीब 5,044 हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परमाणु हमले की तैयारी के अभ्यास का आदेश दिया था. रूसी सेना ने इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल  यार्स और सिनेवा मिसाइल का परीक्षण किया, साथ ही टीयू-95 बमवर्षक विमान से लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइल भी दागी. ट्रंप ने इन परीक्षणों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि पुतिन को युद्ध खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि मिसाइल टेस्ट करने पर। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ट्रंप के परमाणु परीक्षण के आदेश से वैश्विक स्तर पर हड़कंप मच गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम वैश्विक निरस्त्रीकरण प्रयासों को कमजोर कर सकता है और न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी का उल्लंघन भी माना जा सकता है, जिसे अमेरिका ने 1992 में साइन किया था. आपको बता दें कि इस पर तीखी प्रतिक्रिया आ रही है। ईरानी के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट लिखकर ट्रम्प के बयान की तीखी आलोचना की। उनका कहना था कि अपने रक्षा विभाग का नाम बदलकर युद्ध विभाग रखने वाला परमाणु हथियारों से लैस दबंग देश खुद परमाणु हथियारों का परीक्षण करने जा रहा है। यही दबंग देश ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को बदनाम कर रहा है और हमारे सुरक्षित परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की धमकी दे रहा है। इससे पहले ये जानना जरूरी है कि परमाणु परीक्षण क्या है और इसके क्या नुकसान हो सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नाभिकीय अस्त्र परीक्षण या परमाण परीक्षण उन प्रयोगों को कहते हैं जो डिजाइन एवं निर्मित किए गए नाभिकीय अस्त्रों के प्रभाविकता, उत्पादकता एवं विस्फोटक क्षमता की जांच करने के लिए किए जाते हैं। परमाणु परीक्षणों से कई जानकारियां प्राप्त होतीं हैं, जैसे ये नाभिकीय हथियार कैसा काम करते है, विभिन्न स्थितियों में ये किस प्रकार का परिणाम देते है, भवन एवं अन्य संरचनाएं इन हथियारों के प्रयोग के बाद कैसा बर्ताव करतीं हैं। इसके अलावा परमाणु परीक्षणों से वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सैनिक शक्ति का प्रदर्शन करने की कोशिश भी की जाती है। बीसवीं सदी में कई देशों ने परमाणु परीक्षण किए थे। पहला परमाणु परीक्षण अमेरिका ने 16 जुलाई, 1945 में किया था जिसमें 20 किलोटन का परीक्षण किया गया था। अब तक का सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण सोवियत रूस में 30 अक्टूबर 1961 को किया गया था जिसमें 50 मेगाटन के हथियार का परीक्षण किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">25 मई, 2009 को उत्तरी कोरिया ने परमाणु परीक्षण किया था, जिसे विश्व के अधिकांश देशों ने निंदनीय बताया है। विश्व के परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों ने अब तक कम से कम 2000 परमाणु परीक्षण किए हैं। हालांकि अब इस पर अंतर्राष्ट्रीय कानून बने हुए हैं, जिनका पालन करना दुनिया के हर देश का कर्तव्य है, लेकिन अब ट्रम्प ने परमाणु परीक्षण की बात कहकर दुनिया में हलचल मचा दी है। अगर अब परमाणु परीक्षण होता है, तो यह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का घोर उल्लंघन है। इस तरह अमेरिकी राष्ट्रपति ने परमाणु परीक्षण की बात कहकर इन कानूनों का उल्लंघन किया है। ईरान के विदेश मंत्री का साफ कहना था कि अमेरिका दुनिया में परमाणु प्रसार का सबसे बड़ा खतरा है। उल्लेखनीय है कि श्री ट्रम्प ने दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन से इतर चीन के प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से मुलाकात से ठीक पहले गुरुवार को अपने टूथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा था कि उन्होंने अमेरिका के रक्षा विभाग को परमाणु हथियारों के परीक्षण का आदेश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अन्य देशों के परीक्षण कार्यक्रमों के कारण, मैंने युद्ध विभाग को निर्देश दिया है कि वे हमारे परमाणु हथियारों का समान परीक्षण शुरू करें। रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस ने हाल में कोई परीक्षण नहीं किया है, लेकिन अगर अमेरिका ऐसा करता है, तो रूस भी परमाणु हथियारों का परीक्षण शुरू कर देगा। सोवियत संघ ने आखिरी बार 1990 में, अमेरिका ने 1992 में और चीन ने 1996 में परमाणु हथियार का परीक्षण किया था। चीन ने हालांकि ट्रम्प के बयान पर संतुलित रुख अपनाया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन का कहना था कि बीजिंग को उम्मीद है कि अमेरिका व्यापक परमाणु परीक्षण-प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) और परमाणु परीक्षणों पर उसके प्रतिबंधका पालन करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोबेल शांति पुरस्कार जीतने वाले जापानी परमाणु बम पीड़ितों के समूह निहोन हिडांक्यो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की घोषणा कड़ी आलोचना की है और इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। उधर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका परीक्षण दोबारा शुरू करता है, तो यह हथियारों की नई दौड़ को जन्म दे सकता है. अमेरिकी सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने कहा, “ट्रंप परमाणु हथियारों को खिलौना बना रहे हैं.” दुनिया भर के विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम रूस और चीन के बढ़ते परमाणु प्रभाव के जवाब में है, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता को बड़ा झटका लग सकता है.यह स्थिति विश्व भर में हथियारों की खतरनाक होड़ को जन्म दे सकती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 19:52:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत ने बांग्लादेश से रेडीमेड गारमेंट्स और प्रोसेस्ड फूड की एंट्री पर लगाया बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151986/india-banned-the-entry-of-readymade-garments-and-processed-food"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/202505183406056.jpg" alt=""></a><br /><p>एक महत्वपूर्ण व्यापार नीति बदलाव के तहत भारत ने बांग्लादेश से भूमि बंदरगाहों के माध्यम से देश में रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी), प्रोसेस्ड फूड और अन्य वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बांग्लादेश से भारत में रेडीमेड गारमेंट्स, प्रोसेस्ड फूड जैसे कुछ सामानों के आयात पर भूमि बंदरगाह प्रतिबंध लगाते हुए एक अधिसूचना जारी की।</p>
<p><strong>बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा</strong></p>
<p>डीजीएफटी ने अपनी अधिसूचना में कहा, “हालांकि, इस तरह के बंदरगाह प्रतिबंध भारत से होकर गुजरने वाले बांग्लादेशी सामानों पर लागू नहीं होंगे, लेकिन नेपाल और भूटान के लिए आने वाले समान पर लागू होंगे।” निर्देश के अनुसार, “बांग्लादेश से सभी प्रकार के रेडीमेड गारमेंट्स का आयात किसी भी भूमि बंदरगाह से नहीं किया जाएगा, हालांकि, इसे केवल न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों के माध्यम से अनुमति दी गई है”।</p>
<p><strong>पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी</strong></p>
<p>अन्य प्रतिबंध फल या फल के स्वाद वाले और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के आयात, प्रोसेस्ड फूड आइटम्स, कपास और सूती धागे का वेस्ट, प्लास्टिक और पीवीसी तैयार माल और लकड़ी के फर्नीचर पर हैं। इन वस्तुओं को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में किसी भी लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) या इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) के माध्यम से अनुमति नहीं दी जाएगी । साथ ही पश्चिम बंगाल में एलसीएस चंगराबांधा और फुलबारी से भी अनुमति नहीं होगी।</p>
<p><strong>अधिसूचना में आगे कहा गया है कि यह बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होता है</strong></p>
<p>अधिसूचना में आगे लिखा गया है कि बंदरगाह प्रतिबंध बांग्लादेश से मछली, एलपीजी, खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन के आयात पर लागू नहीं होते हैं। इससे पहले अप्रैल में बांग्लादेश सरकार ने राष्ट्रीय राजस्व बोर्ड (एनबीआर) की अधिसूचना के माध्यम से भूमि बंदरगाहों के जरिए भारत से देश में यार्न के आयात पर प्रतिबंध लगाया था। बांग्लादेश के इस फैसले को देखते हुए ही भारत ने यह नया कदम उठाया है।</p>
<p><strong>भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है</strong></p>
<p>भारत, बांग्लादेश के लिए ट्रांस-शिपमेंट सुविधा को भी समाप्त कर चुका है।भारत चीन के बाद बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2022-23 में, बांग्लादेश-भारत व्यापार लगभग 16 बिलियन डॉलर का था। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार, बांग्लादेश ने लगभग 14 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया, जबकि भारत को उसका निर्यात 2 बिलियन डॉलर रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:51:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर, विदेश मंत्रालय ने कहा- गोलीबारी रोकने पर बनी सहमति।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटे से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वह खुद पाकिस्तान और भारत के नेताओं के संपर्क में हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। </div>
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<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151818/the-ceasefire-between-india-and-pakistan-the-ministry-of-external"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/33_press_conference_07_05_delhi.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि पिछले 48 घंटे से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और वह खुद पाकिस्तान और भारत के नेताओं के संपर्क में हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक अच्छी खबर आई है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि शाम 5 बजे से भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर लागू है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को दोपहर में फोन किया और गोलीबारी रोकने पर सहमति बनी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “भारत और पाकिस्तान ने आज गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनाई है। भारत ने सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद के खिलाफ लगातार दृढ़ और अडिग रुख बनाए रखा है। वह ऐसा करना जारी रखेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसको लेकर पोस्ट किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान पूरी तरह से सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अमेरिका की मध्यस्थता में एक लंबी रात की बातचीत के बाद मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों को बुद्धि और बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए बधाई। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने X पर लिखा, “पिछले 48 घंटों में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर, पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और असीम मलिक सहित वरिष्ठ भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत की है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान की सरकारें तत्काल युद्ध विराम और व्यापक मुद्दों पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हो गई हैं। हम शांति का मार्ग चुनने में प्रधानमंत्री मोदी और शरीफ की बुद्धिमत्ता और विवेक की सराहना करते हैं।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टीवी के बड़े नामों बरखा दत्त से लेकर ‘आज तक’, ‘टाइम्स नाउ’, ‘रिपब्लिक भारत’, ‘न्यूज 18’ और ‘जी न्यूज’ ने पिछले 24 घंटों में न केवल भारतीय फौजों को पाकिस्तान के भीतर इस्लामाबाद तक दाखिल करवा दिया, बल्कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से हवा में घुटने भी टिकवा दिए. लगातार भररतीय मीडिया की सतही रिपोर्टिग युद्ध की खबरों के साथ ही सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में छाई रही.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>इया बीच पांच फर्जी खबरें जो भारतीय मीडिया ने उड़ाई :</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format2">
<div style="text-align:justify;"><strong>1. पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर की गिरफ्तारी की झूठी खबर :</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जी न्यूज, एबीपी और अन्य चैनलों ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को गिरफ्तार कर लिया गया है. दावा किया गया कि जनरल साहिर शमशाद मिर्ज़ा को नया सेनाध्यक्ष बनाया जा सकता है. टाइम्स नाउ ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान में तख्तापलट हो गया, लेकिन किसी भी स्वतंत्र स्रोत या सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की. यह पूरी तरह अफवाह थी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>2. कराची पोर्ट पर हमला और विनाश की फर्जी खबर : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई चैनलों ने कहा कि भारतीय नौसेना ने कराची पोर्ट पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया. एबीपी आनंदा ने एक पुराना अमेरिकी विमान दुर्घटना का वीडियो दिखाया और कहा कि यह आईएनएस विक्रांत की कार्रवाई का परिणाम है. इंडिया टुडे, एनटीवी, रिपब्लिक बांग्ला जैसे चैनलों ने इसे प्रमुखता से दिखाया. किसी भी आधिकारिक या स्वतंत्र स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं हुई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>3. राजौरी में आत्मघाती हमला, जो हुआ ही नहीं : </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज तक की एंकर श्वेता सिंह जो पहले नोट में चिप लगवा चुकी और अंजना ओम कश्यप ने दावा किया कि राजौरी में भारतीय सेना पर फिदायीन हमला हुआ. यह दावा बिना किसी आधिकारिक स्रोत के किया गया. बाद में सेना ने एएनआई को बताया कि यह खबर पूरी तरह झूठी थी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>4. पाकिस्तानी शहरों के विनाश और प्रधानमंत्री के छिपने की झूठी रिपोर्ट </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">: न्यूज लाइव (असम) और अन्य क्षेत्रीय चैनलों ने दावा किया कि भारत ने पाकिस्तान के 12 शहर नष्ट कर दिए और पीएम शाहबाज़ शरीफ़ बंकर में छिपे हुए हैं. जी न्यूज और टाइम्स नाउ नवभारत ने कहा कि इस्लामाबाद पर भारत ने कब्ज़ा कर लिया और सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया. NDTV ने भी कुछ समय के लिए दावा किया कि पाकिस्तानी टैंक राजस्थान की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन बाद में पोस्ट हटा ली गई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>5. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान गिराए गए और एक पायलट पकड़ा गया :</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यह खबर भी पूरी तरह झूठी निकली. कई चैनलों ने कहा कि भारत ने दो JF-17 और एक F-16 विमान गिरा दिए. डेक्कन क्रोनिकल ने एक एआई से बना हुआ फर्जी वीडियो ट्वीट किया जिसमें एक पाक जनरल यह स्वीकार करता है. इंडिया टुडे और रिपब्लिक ने भी दावा किया कि एक पाकिस्तानी पायलट को जम्मू-कश्मीर के अखनूर में पकड़ा गया है. 13 घंटे बाद भी कोई सरकारी पुष्टि नहीं हुई. पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री ने इन सभी दावों को "पूरी तरह झूठ और मनगढ़ंत" बताया.</div>
</blockquote>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 17:33:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
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                <title>हरियाणा के युवक को ऑस्ट्रेलिया में 40 साल कैद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस शख्स पर पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम देने का' आरोप है. अब इस शख्स को 30 साल की सजा बगैर किसी पैरोल के भुगतनी होगी.</div>
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<div style="text-align:justify;">धनखड़ महिलाओं को धोखा देने के लिए फर्जी नौकरी विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, उन्हें अपने सिडनी घर के आसपास के स्थानों पर बुलाता था, जहां वह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149690/haryana-youth-imprisoned-for-40-years-in-australia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/6.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऑस्ट्रेलिया की एक कोर्ट ने हरियाणा के एक नेता बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा सुनाई है. धनखड़ पर पांच कोरियन महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस शख्स पर पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से यौन उत्पीड़न की घटना को अंजाम देने का' आरोप है. अब इस शख्स को 30 साल की सजा बगैर किसी पैरोल के भुगतनी होगी.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धनखड़ महिलाओं को धोखा देने के लिए फर्जी नौकरी विज्ञापनों का इस्तेमाल करता था, उन्हें अपने सिडनी घर के आसपास के स्थानों पर बुलाता था, जहां वह उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता था और उनके साथ मारपीट करता था. समाचार एजेंसी ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार आईटी सेक्टर में काम कर चुके बालेश महिला को नशा देने के बाद उनका यौन उत्पीड़न करता था.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शुक्रवार को धनखड़ को सजा सुनाते हुए, जिला न्यायालय के न्यायाधीश माइकल किंग ने उसके कामों को 'पूर्व-नियोजित, अच्छे तरीके से सोच-समझकर और चालाकी से किया गया बताया। न्यायाधीश ने कहा कि धनखड़ ने अपनी संतुष्टि के लिए पीड़ितों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. रिपोर्ट में जज का हवाला देते हुए कहा गया, 'यह पांच महिलाओं के खिलाप सोचा-समझा गया घृणित अपराध था.' सभी पीड़ितों की उम्र 21 और 27 के बीच बताई जा रही है.  धनखड़ ने एक ऐसी एक्सेल स्प्रेडशीट बनाई थी, जिसमें उसने अपने फर्जी नौकरी विज्ञापनों के आवेदकों को उनकी शक्ल और बुद्धि के आधार पर रेटिंग दी थी.।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसमें प्रत्येक पीड़ित के साथ उसकी बातचीत का विवरण भी था, जिसमें उनकी व्यक्तिगत जानकारी और उनकी कमजोरी का आकलन भी शामिल था. 2018 में अपनी गिरफ्तारी से पहले तक, धनखड़ भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में काफी लोकप्रिय था. रिपोर्ट के अनुसार, उसने भारतीय जनता पार्टी के एक सैटेलाइट समूह की स्थापना की और हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता के रूप में काम किया. उसने एबीसी, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और सिडनी ट्रेन्स जैसे संगठनों के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन कंसल्टेंट के रूप में काम किया था. धनखड़ 2006 में एक छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> न्यायाधीश ने कहा कि दूसरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाले एक सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति के रूप में उसकी बाहरी छवि 'उसके गंभीर रूप से दोषपूर्ण और शिकारी चरित्र के साथ पूरी तरह से असंगत थी', अदालत में सामने आई. अक्टूबर 2018 में उसके पांचवें अपराध के बाद, पुलिस ने सिडनी के केंद्रीय व्यापार जिले में उसके यूनिट पर छापा मारा, जहां उसे डेट-रेप ड्रग्स और एक वीडियो रिकॉर्डर मिला, जिसे घड़ी रेडियो के रूप में छिपाया गया था. </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>2023 में एक जूरी ने उसे 39 अपराधों का दोषी पाया, जिसमें यौन उत्पीड़न के 13 मामले शामिल थे.।</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धनखड़ ने महिलाओं को नशीला पदार्थ देने या गैर-सहमति वाले यौन संबंध बनाने से इनकार किया. एक लेखक को बताया कि 'मैं सहमति की व्याख्या कैसे करता हूं, और कानून सहमति को कैसे देखता है, इसमें अंतर है.' उसकी गैर-पैरोल अवधि अप्रैल 2053 में खत्म होगी. उसकी पूरी 40 साल की सजा तब समाप्त होगी जब वह 83 वर्ष का हो जाएगा.</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 21:09:46 +0530</pubDate>
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