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                <title>महिला सम्मान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>महिला सम्मान RSS Feed</description>
                
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                <title>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180998/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0055.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत भदोही पुलिस ने महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में एंटी रोमियो टीमों व महिला पुलिसकर्मियों ने विद्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस दौरान महिलाओं को 1090, 112, 181, 1930, 108 और 1076 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए पंपलेट वितरित किए गए। पुलिस ने बताया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:27:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं को किया गया जागरूक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार के “मिशन शक्ति फेज-5.0” द्वितीय चरण अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में जनपद के विभिन्न गांवों, कस्बों, मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों में चौपाल लगाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अभियान के दौरान महिलाओं को गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही 1090, 112, 181, 1098 और 1930 समेत विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर आवश्यकता</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179792/women-were-made-aware-under-mission-shakti-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260520-wa0043.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार के “मिशन शक्ति फेज-5.0” द्वितीय चरण अभियान के अंतर्गत जनपद पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में जनपद के विभिन्न गांवों, कस्बों, मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों में चौपाल लगाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभियान के दौरान महिलाओं को गुड टच-बैड टच, आत्मरक्षा, साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही 1090, 112, 181, 1098 और 1930 समेत विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 18:14:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली फिर शर्मसार : निर्भया के बाद भी क्यों नहीं थम रही महिलाओं के खिलाफ दरिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर ऐसी अमानवीय घटना की गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। चलती बस में एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने लोगों को वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दीं। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता, कानून व्यवस्था की कमजोरी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। राजधानी की सड़कों पर सात किलोमीटर तक चलती रही दरिंदगी यह बताने के लिए पर्याप्त है कि आज भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179458/why-is-cruelty-against-women-not-stopping-even-after-delhis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001540406.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर ऐसी अमानवीय घटना की गवाह बनी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। चलती बस में एक महिला के साथ गैंगरेप की घटना ने लोगों को वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दीं। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता, कानून व्यवस्था की कमजोरी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। राजधानी की सड़कों पर सात किलोमीटर तक चलती रही दरिंदगी यह बताने के लिए पर्याप्त है कि आज भी महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर सेना तक, प्रशासन से लेकर उद्योग जगत तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। देश की बेटियां लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, सीमा पर देश की रक्षा कर रही हैं, बुलेट ट्रेन और मेट्रो चला रही हैं, बड़े-बड़े पदों पर कार्य कर रही हैं। इसके बावजूद यदि एक महिला रात में सुरक्षित घर नहीं लौट सकती, तो यह विकास अधूरा है। किसी भी सभ्य समाज की पहचान उसकी महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से होती है। यदि वहां महिलाओं के साथ भय, हिंसा और अत्याचार जुड़ा हो, तो वह समाज आधुनिक नहीं कहलाया जा सकता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली में हुई यह घटना केवल अपराधियों की विकृत मानसिकता का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक सोच को भी उजागर करती है, जिसमें महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने में अभी भी संकोच दिखाई देता है। आज भी कई लोग महिलाओं की स्वतंत्रता, पहनावे और जीवनशैली को अपराधों से जोड़ने की कोशिश करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि अपराध का कारण महिला नहीं, बल्कि अपराधी की मानसिकता होती है। जब तक समाज लड़कियों को सम्मान और लड़कों को संस्कार देने की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं करेगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना कठिन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह भी दुखद है कि हर बड़ी घटना के बाद कुछ दिनों तक देश में आक्रोश दिखाई देता है, मोमबत्तियां जलाई जाती हैं, सोशल मीडिया पर अभियान चलाए जाते हैं, राजनीतिक बयान दिए जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो जाता है। अपराधी कुछ समय बाद कानून की प्रक्रियाओं का लाभ उठाने लगते हैं और पीड़िता न्याय के लिए वर्षों तक संघर्ष करती रहती है। यही कारण है कि अपराधियों में कानून का भय कम होता जा रहा है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में तेजी से और कठोर कार्रवाई आवश्यक है, ताकि समाज में स्पष्ट संदेश जाए कि ऐसी मानसिकता और अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली की इस घटना का सबसे मार्मिक पक्ष पीड़िता की मजबूरी है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उसने इलाज छोड़कर घर लौटना उचित समझा, क्योंकि उसके बीमार पति और छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उसी पर थी। यह केवल एक महिला की कहानी नहीं, बल्कि देश की उन लाखों महिलाओं की सच्चाई है, जो अत्याचार सहने के बाद भी परिवार की जिम्मेदारियों के कारण टूट नहीं सकतीं। यह स्थिति हमारे सामाजिक ढांचे की भी पोल खोलती है, जहां पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा, आर्थिक सहायता और मानसिक सहारा नहीं मिल पाता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं हो सकती। इसके लिए समाज, परिवार, प्रशासन और सरकार सभी को मिलकर कार्य करना होगा। सबसे पहले बच्चों को बचपन से ही महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा देनी होगी। स्कूलों और कॉलेजों में नैतिक शिक्षा तथा संवेदनशीलता को बढ़ावा देना होगा। इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के सामने जो सामग्री परोसी जा रही है, उसका भी मानसिकता पर प्रभाव पड़ता है। अश्लीलता, हिंसा और महिलाओं को वस्तु की तरह प्रस्तुत करने वाली प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की आवश्यकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार को भी महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाना समय की मांग है। बसों, टैक्सियों और अन्य वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए। जिन वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज हों, उन्हें सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। दिल्ली की घटना में जिस बस का उपयोग हुआ, वह पहले से नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई का सामना कर चुकी थी। यदि समय रहते कठोर निगरानी होती, तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्रिय और संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है। महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और तुरंत कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। कई बार पीड़िताएं सामाजिक भय और पुलिस के व्यवहार के कारण शिकायत दर्ज कराने से भी डरती हैं। यदि उन्हें भरोसा और सम्मान मिले, तो अपराधों की रोकथाम में मदद मिल सकती है। शहरों में सीसीटीवी कैमरों, हेल्पलाइन और महिला पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत करना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">समाज में बढ़ती संवेदनहीनता भी चिंता का विषय है। लोग घटनाओं को केवल खबर की तरह पढ़ते हैं और कुछ समय बाद भूल जाते हैं। जबकि आवश्यकता इस बात की है कि हर नागरिक महिलाओं की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। यदि कहीं कोई महिला संकट में दिखाई दे, तो लोग आगे आकर मदद करें। चुप रहना भी अपराध को बढ़ावा देने जैसा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल आक्रोश व्यक्त करने की नहीं, बल्कि स्थायी समाधान खोजने की है। देश की बेटियों को डर के साए में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। महिलाओं की सुरक्षा केवल महिला का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के सम्मान का प्रश्न है। जब तक हर महिला बिना भय के घर से निकलकर सुरक्षित वापस लौटने का विश्वास महसूस नहीं करेगी, तब तक हमारा विकास अधूरा रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्भया कांड के बाद देश ने बहुत कुछ सीखा, कानून बदले, जागरूकता बढ़ी, लेकिन यदि आज भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, तो यह आत्ममंथन का समय है। अपराधियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के सामने एक उदाहरण स्थापित हो सके। साथ ही समाज को भी अपनी सोच बदलनी होगी। महिलाओं का सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यवहार और व्यवस्था में दिखाई देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">भारत तभी सच्चे अर्थों में विकसित और सभ्य राष्ट्र कहलाएगा, जब उसकी हर बेटी सुरक्षित, सम्मानित और निर्भय होकर जीवन जी सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">        <strong> *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 17:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होली के उपलक्ष्य में आजाद हिन्दू सेना महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष मोना ने आयोजित किया </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हिंदू सेना महिला मोर्चा के द्वारा जिला अध्यक्ष मोनाश्रीवास्तव के नेतृत्व में होली मिलन व सम्मान समारोह प्रेनमगर में आयोजित किया गया समस्त महिलाओं ने संस्कृतिक लोक गीत गाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी उसके बाद गुलाल व फूलो से होली खेलकर एक दूसरे के गले मिलकर सुख दुख में साथ रहने का वादा किया उसके बाद जिला अध्यक्ष से समस्त पदाधिकारीयों का सम्मान किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>भदपुरा में एस एम सी और प्र अ उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आज दिनाँक 9/3/2026 को विकास क्षेत्र भदपुरा में विभागीय निर्देशानुसार विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष और प्रधानाध्यापकों की एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173043/on-the-occasion-of-holi-azad-hindu-sena-mahila-morcha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/2.----अ1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हिंदू सेना महिला मोर्चा के द्वारा जिला अध्यक्ष मोनाश्रीवास्तव के नेतृत्व में होली मिलन व सम्मान समारोह प्रेनमगर में आयोजित किया गया समस्त महिलाओं ने संस्कृतिक लोक गीत गाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं दी उसके बाद गुलाल व फूलो से होली खेलकर एक दूसरे के गले मिलकर सुख दुख में साथ रहने का वादा किया उसके बाद जिला अध्यक्ष से समस्त पदाधिकारीयों का सम्मान किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>भदपुरा में एस एम सी और प्र अ उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आज दिनाँक 9/3/2026 को विकास क्षेत्र भदपुरा में विभागीय निर्देशानुसार विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष और प्रधानाध्यापकों की एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का आगाज खण्ड शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया।</div><div style="text-align:justify;">कार्यशाला का सफल संचालन ए आर पी डाॅ मधुरेश दीक्षित द्वारा किया गया। कार्यशाला में एस एम सी सदस्यों और प्रधानाध्यपकों के कार्य दायित्वों ,विभागीय योजनाओं ,निपुण भारत आदि पर विस्तृत चर्चा की गयी। सन्दर्भदाता मनीष कुमार ,अनिल कुमार ,आशुतोष कुमार ,रामबृज मौर्या कै साथ अमिता कुमारी ,मालती राठौर ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में ओम बाबू, सुधांशू, गुलफाम आदि का सहयोग रहा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> और संघठन को मजबूर करने के लिए और अधिक तेजी से कार्य करने के लिए कहा सभी को निर्देशित किया गया कि अपने अपने क्षेत्रों में संघठन को मजबूत करें महिलाओं और लड़कियों को लव जिहाद के बारे में जागरूक करें पश्चिमी सभ्यता का बहिष्कार कर भारतीय संस्कृति के बारे में बच्चों को बताएं जल्द आजाद हिन्दू सेना महिला सदस्यता अभियान भी शुरू करेगी जिससे हिन्दू महिलाओं का उत्पीड़न बन्द होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके पश्चात समस्त महिला सैनिको ने पापड़ गुजिया खाकर मुँह मीठा किया  </div><div style="text-align:justify;">इस मौके पर रानो शर्मा, पलक श्रीवास्तव ,मोहिनी हिन्दू ,गीता श्रीवास्तव, शिल्पी, सुजाता मिश्रा,निशा श्रीवास्तव शिवांगी श्रीवास्तव नीतू श्रीवास्तव दीपा रेनू शर्मा श्रीवास्तव कशिश, रंजन श्रीवास्तव आदि दर्जनों महिला सैनिक उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 22:13:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्त्री शक्ति के महत्त्व से राष्ट्र निर्माण में चौतरफा विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय संस्कृति और इतिहास में स्त्रियों को सदैव उच्च स्थान प्रदान किया गया हैl यह भी मान्यता मानी गई है कि जिस घर में स्त्री का सम्मान होता है, वह घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो कर समाज में विशिष्ट स्थान बनाता हैl यही कारण है कि भारत देश को भारत माता कहा जाता हैl नारी तथा समस्त स्त्री जाति ने भारत देश का मान सदैव शीर्षस्थ बना कर रखा है ऐसे अनगिनत उदाहरण इतिहास में और वर्तमान में हमारे समक्ष हैं जिससे हमारा सिर सदैव वैश्विक स्तर पर ऊंचा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">महान शासक नेपोलियन बोनापार्ट ने नारी की महत्ता को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172600/all-round-development-in-nation-building-through-the-importance-of-women"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/women-1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय संस्कृति और इतिहास में स्त्रियों को सदैव उच्च स्थान प्रदान किया गया हैl यह भी मान्यता मानी गई है कि जिस घर में स्त्री का सम्मान होता है, वह घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो कर समाज में विशिष्ट स्थान बनाता हैl यही कारण है कि भारत देश को भारत माता कहा जाता हैl नारी तथा समस्त स्त्री जाति ने भारत देश का मान सदैव शीर्षस्थ बना कर रखा है ऐसे अनगिनत उदाहरण इतिहास में और वर्तमान में हमारे समक्ष हैं जिससे हमारा सिर सदैव वैश्विक स्तर पर ऊंचा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">महान शासक नेपोलियन बोनापार्ट ने नारी की महत्ता को बताते हुए कहा था कि 'मुझे एक योग्य माता दे दो, मैं तुम्हें एक योग्य राष्ट्र दूंगा'। मानव कल्याण की भावना, कर्तव्य, सृजनशीलता और ममता को सर्वोपरि मानते हुए महिलाओं ने इस जगत में मां के रूप में अपनी सर्वोपरि भूमिका को निभाते हुए राष्ट्र निर्माण और विकास में अपने विशेष दायित्वों का निर्वहन किया है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का महत्व इसलिए भी सर्वोपरि है कि महिलाएं बच्चों को जन्म देकर उनका पालन पोषण करते हुए उनमें संस्कार एवं सद्गुणों का उच्चतम विकास करती हैं,और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सुनिश्चित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे राष्ट्र निर्माण और विकास निर्बाध गति से होता रहे। वीर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, विवेकानंद जैसी विभूतियों का देश हित में अवतार माँ के लालन-पालन की ही देन है। जीजाबाई,जयंताबाई, पन्ना धाय जैसी अनेक माताओं को त्याग समर्पण और त्याग को भी इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों से अंकित किया गया है। माताएं ही हैं जो बहुआयामी व्यक्तित्व का निर्माण और विकास करती है। मूलतः माताएं, स्त्रियां की राष्ट्र निर्माण की सशक्त सूत्रधार होती है। राष्ट्र निर्माण के संदर्भ में नारी विधाता की सर्वोत्तम और उत्कृष्ट कृति है। जो जीवन की बगिया को महकाती है और न केवल व्यक्तिगत बल्कि राष्ट्र निर्माण एवं विकास में अपनी महती भूमिका निभाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">नारी के लिए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उनमें विविधता में एकता होती है। महिलाओं के बाह्य रूप और सौंदर्य तथा पहनावे में विस्तृत विविधता तो होती ही है, लेकिन उनके मानस में एक आकार और केंद्रीय शक्ति ईश्वर की तरह एक ही होती है। नारी का स्वरूप न केवल बाहर अपितु अंतर्मन के ममत्व भाव का वृहद स्वरूप का भी रहस्योद्घाटन करती हैं, नारी प्रकृति एवं ईश्वरिय जगत का अद्भुत पवित्र साध्य है, जिसे अनुभव करने के लिए पवित्र साधन एवं दृष्टि का होना आवश्यक है, नारी का स्वरूप विराट होता है जिसके समक्ष स्वयं विधाता भी नतमस्तक हो जाते हैं, नारी अमृत वरदान होने के साथ-साथ दिव्य औषधि भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">समाज के सांस्कृतिक धार्मिक भौगोलिक ऐतिहासिक और साहित्यिक जगत में नारी यानी स्त्री का दिव्य स्वरूप प्रस्फुटित हुआ है और जिसके फलस्वरूप राष्ट्र ने नई नई ऊंचाइयों को भी शिरोधार्य किया है। सभ्यता, संस्कृति ,संस्कार और परंपराएं महिलाओं के कारण ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होती हैं ।अतः महिलाओं की सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक कार्य शक्ति ही परिवार तथा समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं। नारियों के संदर्भ में यह भी कहा गया है कि सशक्त महिला सशक्त समाज की आधारशिला होती है। माताएं शिशु की प्रथम शिक्षिका होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">माता के बाद बहन,पत्नी का अवतार राष्ट्र निर्माण और विकास के साथ-साथ पथ प्रदर्शक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, पत्नी चाहे तो पति को गुणवान और सद्गुणी बना सकती है। इतिहास गवाह है कि जब भी कभी देश में संकट आया है तो पत्नियों ने अपने पतियों के माथे पर तिलक लगाकर जोश, जुनून और विश्वास के साथ रणभूमि भेजा है और विजयश्री प्राप्त की है। तुलसीदास जी के जीवन में आध्यात्मिक चेतना प्रदान करने के लिए उनकी पत्नी रत्नावली का ही हाथ था।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्योत्मा ने कालिदास को संस्कृत का प्रकांड महाकवि बनाया था, इसके अतिरिक्त यह कहना भी गलत नहीं होगा कि पति को भ्रष्टाचार, बेईमानी, लूट,गबन आदि जो कि राष्ट्र को खोखला बनाते हैं जैसी बुराइयों से पत्नी ही दूर रख सकती है और उन्हें इन विसंगतियों से अपनी सलाह के अनुसार बचाती है। सही मायनों में महिलाएं ही संस्कृति, संस्कार और परंपराओं की संरक्षिका होती है। वे पीढ़ी दर पीढ़ी इसका संचालन आरक्षण करती आ रही है। पूरे विश्व में भारत को विश्व गुरु का दर्जा दिलाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं महती रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वतंत्रता के आंदोलन की चर्चा ना करना इस आलेख को पूर्ण बनाता है, अतः स्वाधीनता के आंदोलन में महिलाओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर भारत के नवनिर्माण में अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया है, कैप्टन लक्ष्मी सहगल, अरूणा आसफ अली, मैडम भीकाजी कामा,सरोजिनी नायडू, एनी बेसेंट, दुर्गा भाभी और न जाने कितनी महिलाओं ने राष्ट्र निर्माण और विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया है। राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, विजयलक्ष्मी पंडित विश्व की प्रथम महिला जो संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष बनी, सरोजनी नायडू, सुचेता कृपलानी, इंदिरा गांधी जैसे महिलाओं ने राजनीतिक प्रतिभा का प्रयोग राष्ट्र निर्माण और विकास में किया है जो अपने समय के महत्वपूर्ण सशक्त हस्ताक्षर थी।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ममता बनर्जी, मायावती, स्मृति ईरानी, सोनिया गांधी,प्रियंका गांधी, हरसिमरन, कौर वसुंधरा राजे सिंधिया, प्रतिभा पाटिल, मृदुला सिन्हा आदि ने राजनीति मैं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर अपने कार्यों से महिलाओं का सम्मान बढ़ाया एवं देश की अर्थव्यवस्था सुधारने में अपना योगदान दिया है। यह कहने में कतई गुरेज नहीं है कि महिलाएं राजनीति, सामाजिक, आर्थिक, प्रशासनिक, चिकित्सकीय, और विज्ञान में देश के हित के लिए अग्रणी रही हैं। सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की सशक्त भूमिका को नमन करते हुए कृतज्ञ राष्ट्र उन्हें साधुवाद प्रदान कर उनकी इस भूमिका को प्रणाम करता है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 18:50:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के हितार्थ विधिक साक्षरता शिविर हुआ आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2024-25 के अनुपालन में श्री राम सुलीन सिंह, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 08.03.2025 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विधिक साक्षरता शिविर में श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, डा० ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149606/legal-literacy-camp-was-organized-for-the-benefit-of-women"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250308-wa1020.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2024-25 के अनुपालन में श्री राम सुलीन सिंह, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 08.03.2025 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस विधिक साक्षरता शिविर में श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, डा० ओम प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकरनगर, डा० हर्शित गुप्ता, चिकित्सालय प्रबन्धक, श्रीमती प्रीति सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी, अम्बेडकरनगर, श्री रामचन्द्र वर्मा, नामिका अधिवक्ता, जि०वि०से० प्रा० के कर्मचारीगण एवं पराविधिक स्वंय सेवक तथा संयुक्त जिला चिकित्सालय के कर्मचारीगण एवं अन्य द्वारा प्रतिभाग किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">शिविर को सम्बोधित करते हुये श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा महिला सशक्तीकरण, महिलाओं के अधिकार, महिलाओं के हितार्थ कानूनों एवं शासन द्वारा महिलाओं के कल्याणार्थ संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा बताया गया कि यह दिन महिलाओं के प्रति आदर सम्मान, उनके अधिकारों, उनकी उपलब्धियों को जानने के लिये मनाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस वर्ष की थीम है "तेजी से कदम बढाएं" यह हमें यह याद दिलाता है कि लैंगिक समानता को पाने के लिये प्रयासों को और तेज करने की आवश्यकता है एवं आज का दिन उन सभी अद्भुत महिलाओं को समर्पित है जो प्रेरणा देती हैं, समाज को सशक्त बनाती हैं और बदलाव की मिसाल कायम करती है। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय में महिलाओं हेतु फल वितरण तथा नवजात शिशुओं हेतु वस्त्रों का वितरण भी किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149606/legal-literacy-camp-was-organized-for-the-benefit-of-women</link>
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 19:38:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुमन पाण्डेय के संयोजकत्व में महिला सम्मान समारोह का हुआ आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अटल भवन भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी के नेतृत्व में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह रघुवंशी की अध्यक्षता में महिला सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा थी। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक जिला उपाध्यक्ष सुमन पांडे ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250308-wa0891.jpg" alt="IMG-20250308-WA0891" width="854" height="482" /><br />          मुख्य अतिथि अर्चना मिश्रा ने कहा कि महिला दिवस पाश्चात्य सोच की  देन है जबकि भारत भूमि तो नारी का संपूर्ण दिन ही सम्मान और स्वाभिमान का द्योतक होता है क्योंकि परिवार में सबसे</p>
<p style="text-align:justify;">आज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149605/womens-honor-ceremony-was-organized-under-suman-pandeys-convenor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250308-wa0893.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर। </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अटल भवन भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी के नेतृत्व में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रिंकल सिंह रघुवंशी की अध्यक्षता में महिला सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा थी। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम संयोजक जिला उपाध्यक्ष सुमन पांडे ने किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img-20250308-wa0891.jpg" alt="IMG-20250308-WA0891" width="854" height="482"></img><br />     मुख्य अतिथि अर्चना मिश्रा ने कहा कि महिला दिवस पाश्चात्य सोच की  देन है जबकि भारत भूमि तो नारी का संपूर्ण दिन ही सम्मान और स्वाभिमान का द्योतक होता है क्योंकि परिवार में सबसे पहले महिला सदस्य ही उठती हैं और अंत में सबके सोने पर भी सबसे अंत में सोती हैं। महिला शब्द का भावार्थ बताते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि महिला म से ममता, हि से हिम्मत और ला से लज्जा ही महिला को पूर्ण बनती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज हमारे समाज में कंधे से कंधा मिलाकर महिलाओं का समभाव होना हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की सोच के अनुरूप है। वर्ष 2014 के प्रथम भाषण में लाल किले से मोदी जी ने कहा था कि मेरी सरकार और मैं प्रधान सेवक बनकर 140 करोड़ परिवार जनों की सेवा करूंगा।</p>
<p style="text-align:justify;">     उन्होंने सर्वप्रथम ओ डी एफ  फ्री, शौचालय बनवाने का, चूल्हे से धुआं हटाने हेतु उज्ज्वला योजना, स्वामित्व योजना जिसमें प्रत्येक मातृशक्ति को घर की चाबी देना, राशन कार्ड में मुखिया के रूप में महिला को दर्ज कराना, जनधन खाता खोलकर प्रत्येक महिला को समाज के कड़ी से कड़ी जोड़ने का जो स्थान दिया है वह आज सभी के बीच में है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिश्रा ने कहा कि संसद में 33% आरक्षण देकर हमारी सरकार ने महिला शक्ति को और सशक्त बनाया है। मुस्लिम महिलाओं में तीन तलाक जैसी कुरीतियों को समाप्त करके आज स्वच्छंद विचरण और संपूर्ण विकास की गाथा लिखने के लिए मातृशक्ति को आगे लाया है।      मुख्य अतिथि का स्वागत एवं आभार उद्बोधन करते हुए जिले के जिलाध्यक्ष त्र्यंबक तिवारी ने कहा कि वैदिक काल से ही' यत्र नरियस्तु  पूजयन्ते, रमनते तत्र  देवता।' यह वाक्य नारी सम्मान के लिए पर्याप्त है।     संबोधन की कड़ी में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सरिता गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल देव वर्मा, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री विद्यावती राजभर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार प्रकट करते हुए महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रिंकल सिंह रघुवंशी ने सभी के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />      भाजपा जिला मीडिया प्रभारी वाल्मीकि उपाध्याय एवं सह मीडिया प्रभारी बजरंगी पाठक ने बताया कि कार्यक्रम में महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश सिंह कमलेश यादव, महामंत्री अंजू पांडे, प्रेमलता भारती के साथ-साथ जिला महामंत्री दिलीप पटेल देव, मंडल अध्यक्ष अरविंद सिंह डिंपू, शशि द्विवेदी, सर्वेश सिंह, शिवपूजन राजभर,आनंद श्रीवास्तव,मनोरमा मिश्रा कई दर्जन महिलाओं की उपस्थित रही।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 19:07:32 +0530</pubDate>
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