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                <title>fraud case - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>fraud case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रयागराज में फर्जी शिक्षा बोर्ड का भंडाफोड़, मुख्य संचालक गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद के नाम से अवैध संस्था संचालित कर फर्जी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र व अंकपत्र जारी करने वाले मुख्य संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था तथा पुलिस उपायुक्त गंगानगर/नोडल साइबर क्राइम के निर्देशन में और अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">साइबर क्राइम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173071/fake-education-board-busted-in-prayagraj-chief-director-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260309-wa0255.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। साइबर क्राइम थाना कमिश्नरेट प्रयागराज की टीम ने उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद के नाम से अवैध संस्था संचालित कर फर्जी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र व अंकपत्र जारी करने वाले मुख्य संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों को झांसा देकर धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था तथा पुलिस उपायुक्त गंगानगर/नोडल साइबर क्राइम के निर्देशन में और अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">साइबर क्राइम थाना में दर्ज मुकदमा संख्या 38/2024 धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 111(2)(b) भारतीय न्याय संहिता तथा 66, 66(D), 74 आईटी एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त राजमन गोंड पुत्र कैलाश नाथ गोंड निवासी ग्राम रवनिया थाना बरदह जनपद आजमगढ़ (हाल पता: क्रिस्टल अपार्टमेंट, A विंग फ्लैट नं-104, थाना चिनहट, लखनऊ) को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की उम्र करीब 37 वर्ष बताई गई है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा अन्य लोगों के सहयोग से उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश राज्य मुक्त विद्यालय परिषद के नाम से अवैध संस्था चलाई जा रही थी। यह लोग <a href="http://www.upsosb.ac.in/">www.upsosb.ac.in</a>⁠� और <a href="http://www.upsosb.org.in/">www.upsosb.org.in</a>⁠� सहित अन्य वेबसाइटों के माध्यम से फर्जी अंकपत्र और हाईस्कूल तथा इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र जारी कर रहे थे। इन वेबसाइटों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की तस्वीरों का भी अवैध रूप से उपयोग किया गया था ताकि लोगों को संस्था असली लगे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह व्यक्तिगत लाभ के लिए इस फर्जी संस्था का संचालन कर रहा था और वेबसाइट के जरिए लोगों को फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराकर उनसे धन उगाही करता था। इस प्रकार वह कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक एप्पल आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड और 1500 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार भाटी, कांस्टेबल अतुल कुमार त्रिवेदी, कांस्टेबल रूप सिंह, कांस्टेबल विवेक सिंह यादव तथा सर्विलांस सेल के कांस्टेबल प्रवीण कुमार मिश्रा शामिल रहे।।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="aQH"><div class="aZK" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div><div class="WhmR8e"></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 23:13:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने 74 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में होटल निदेशकों के बैंक खाते फ्रीज किए।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को चंडीगढ़ और पंचकूला में कंपनी के निदेशकों के कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी की और पोलो होटल्स से जुड़े 74.35 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 84 लाख रुपये जमा वाले तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं। </div>
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<div>पोलो होटल्स के मालिक अभय कुमार दहिया, उनके बेटे अमरदीप दहिया और पंकज दहिया हैं। इन तीनों पर अप्रैल 2023 में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। हालांकि, सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में जांच अधिकारी को अमरदीप</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149563/the-ed-freezed-the-bank-accounts-of-hotel-directors-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(14)1.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div class="ii gt">
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<div>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को चंडीगढ़ और पंचकूला में कंपनी के निदेशकों के कार्यालयों और आवासों पर छापेमारी की और पोलो होटल्स से जुड़े 74.35 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में 84 लाख रुपये जमा वाले तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए हैं। </div>
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<div>पोलो होटल्स के मालिक अभय कुमार दहिया, उनके बेटे अमरदीप दहिया और पंकज दहिया हैं। इन तीनों पर अप्रैल 2023 में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। हालांकि, सीबीआई कोर्ट ने हाल ही में जांच अधिकारी को अमरदीप दहिया की कथित मौत की पुष्टि करने का निर्देश दिया है, जबकि बाकी दो निदेशकों पर मुकदमा जारी है। सीबीआई ने पिछले साल अगस्त में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और कानूनी कार्यवाही चल रही है।</div>
<div> </div>
<div>ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत छापेमारी की, जो पोलो होटल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों द्वारा इंडियन बैंक (पूर्व में इलाहाबाद बैंक) से 74.35 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपों की जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने आपराधिक इरादे से धन का दुरुपयोग किया, जिससे बैंक को काफी नुकसान हुआ।</div>
<div> </div>
<div>कंपनी और उसके निदेशकों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने के अलावा, ईडी ने पुष्टि की है कि जांच के तहत 82 लाख रुपये की चल संपत्ति भी फ्रीज कर दी गई है।</div>
<div> </div>
<div><strong>बैंक धोखाधड़ी घोटाले में 15 कंपनियों पर आरोप </strong></div>
<div>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 464 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मैक्स फ्लेक्स एंड इमेजिंग सिस्टम्स लिमिटेड, इसके निदेशकों निमेश शाह और पंकज जोबालिया समेत 15 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अदालत ने पिछले सप्ताह आरोपपत्र पर संज्ञान लिया, जो चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div> </div>
<div>ईडी के अनुसार, कंपनी ने अपने वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी की और अनुचित बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए स्टॉक के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, जिसके परिणामस्वरूप ऋण देने वाली संस्थाओं को 464.4 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। एजेंसी ने आरोप लगाया कि मैक्स फ्लेक्स एंड इमेजिंग सिस्टम्स लिमिटेड ने अपने निदेशकों और संबद्ध संस्थाओं के साथ मिलकर जाली और मनगढ़ंत वित्तीय दस्तावेजों के माध्यम से बैंकों द्वारा प्रदान की गई ऋण सुविधाओं का दुरुपयोग किया।</div>
<div> </div>
<div>ईडी की जांच में पता चला कि आरोपी संबंधित संस्थाओं के साथ सर्कुलर लेन-देन में लिप्त थे, जिसमें किसी भी वास्तविक माल हस्तांतरण के बिना वित्तीय स्वास्थ्य और व्यावसायिक लेन-देन को गलत तरीके से पेश किया गया था। इन लेन-देन का इस्तेमाल रणनीतिक रूप से स्टॉक रिकॉर्ड को बढ़ाने के लिए किया गया था, जिससे बैंकों को उच्च व्यावसायिक गतिविधि का आभास हुआ।</div>
<div> </div>
<div>अपने स्टॉक के आंकड़ों में हेराफेरी करके, कंपनी बड़े ऋण और क्रेडिट सीमा हासिल करने में सक्षम थी। हालांकि, ये लेन-देन धोखाधड़ी वाले थे और केवल वित्तीय संस्थानों को गुमराह करने के लिए थे। ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, फर्जी व्यापार लेनदेन के माध्यम से बैंक फंड का दुरुपयोग धोखाधड़ी का मूल था।</div>
<div>आरोपपत्र में आगे कहा गया है कि बैंकों से प्राप्त ऋण राशि को ऋण और अग्रिम के बहाने संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया।</div>
<div> </div>
<div>इन लेन-देन का उद्देश्य फंड की वास्तविक प्रकृति को छिपाना और धन की हेराफेरी को सुविधाजनक बनाना था। कथित तौर पर इन फंडों का इस्तेमाल ऋण प्राप्त करते समय बताए गए उद्देश्यों के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया, जिससे बैंकिंग मानदंडों और वित्तीय नियमों का उल्लंघन हुआ।</div>
<div> </div>
<div>मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी में ईडी की जांच तेज हो गई है, एजेंसी आरोपी पक्षों के बीच वित्तीय ट्रेल्स और संबंधों की बारीकी से जांच कर रही है। धोखाधड़ी वाले लेन-देन में कई संस्थाओं की संलिप्तता बैंकों को धोखा देने की एक सुनियोजित साजिश का संकेत देती है। आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गंभीर आरोप हैं, जिसके संभावित परिणामों में संपत्ति जब्त करना, जुर्माना लगाना और कारावास शामिल हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह मामला बैंकिंग क्षेत्र के भीतर वित्तीय अनुपालन और उचित परिश्रम के उपायों पर भी चिंता जताता है। अदालत द्वारा आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के बाद, आने वाले हफ्तों में आगे की कानूनी कार्यवाही की उम्मीद है क्योंकि ईडी सबूत इकट्ठा करना और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेगा।</div>
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</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 13:14:01 +0530</pubDate>
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