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                <title>kisan news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>kisan news RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने सहकारी समिति बसंतपुर का किया निरीक्षण, दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181049/district-magistrate-inspected-the-cooperative-society-basantpur-and-gave-instructions"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781187652076.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति लि0, बसन्तपुर विकास खण्ड बांसी का निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जीएन द्वारा खाद वितरण के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि केन्द्र पर 500 बोरी उर्वरक का आवंटन प्राप्त हुआ है। फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि खाद के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग नही होना चाहिए। टैगिंग शत-प्रतिशत बन्द है। इस प्रकार की शिकायत मिलने पर संबधित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ नियमानुसार खाद वितरण कराने का निर्देश दिया।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181049/district-magistrate-inspected-the-cooperative-society-basantpur-and-gave-instructions</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 21:19:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खरीफ मौसम में उर्वरक की कालाबाजारी एवं अन्य उत्पादों की टैगिंग पर होगी कड़ी कार्यवाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175526/strict-action-will-be-taken-against-black-marketing-of-fertilizers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/47.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि जनपद में आगामी खरीफ मौसम में किसान किसी भी प्रकार की कमी की आशंका से घबराकर अभी से यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उर्वरक का पूर्व-संचय या स्टाक न करें। प्रशासन द्वारा समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना शासन एवं कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;">सभी उर्वरक विक्रेता सुनिश्चित करेंगे कि कृषकों को उनकी खतौनी के अनुरूप ही उर्वरक का वितरण किया जाए। बिना खतौनी अथवा कम दस्तावेज पर अधिक उर्वरक देना प्रतिबंधित रहेगा। उर्वरकों का विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी दशा में उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग न की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओ को निर्देशित किया है कि प्रत्येक विक्रेता को अपने दुकान पर स्पष्ट रूप से रेट बोर्ड तथा स्टॉक बोर्ड अवश्य लगाना होगा। आने वाले उर्वरकों की मात्रा तथा उसका विवरण स्टॉक रजिस्टर में लगातार एवं नियमित रूप से दर्ज करना अनिवार्य होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उर्वरकों की विक्री वितरण के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग, ओवर रेटिंग कालाबाजारी तथा तस्करी करते हुए जो भी विक्रेता पाया जाएगा के विस्द्ध उर्वरक अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्नित नियंन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 में निहित प्रविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगा। उर्वरकों की विक्री निर्धारित दर से अधिक दर पर करने अथवा यूरिया व अन्य उर्वरकों के साथ जबरन अन्य उत्पादों की टैगिंग दुकानदार द्वारा की जाने की स्थिति में इसकी लिखित सूचना जिला कृषि अधिकारी कार्यालय अथवा दूरभाष नं-7839882339 एवं 9793096573 पर दर्ज करा सकते है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे संबन्धित विक्रेता के विस्द दंडात्मक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।उन्होने किसानों से अपील किया है कि वे खरीफ सीजन की फसलों की आवश्यकता के अनुरूप ही उर्वरक खरीदें। खरीदते समय बिल अवश्य लें। यदि आपको किसी उर्वरक की गुणवत्ता पर संदेह है, तो तुरंत नजदीकी कृषि कर्मचारी या जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में इसकी सूचना दें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 19:11:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूजीसी कानून के खिलाफ नव भारतीय किसान संगठन का आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> परिवार ने यूजीसी कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला</strong> ने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए समाज में जातिवाद और आपसी मतभेद बढ़ाकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। इससे आने वाली पीढ़ियों की पढ़ाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो”</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">निर्मल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169482/nav-bharatiya-kisan-sangathans-movement-against-ugc-law-warns-government"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/whatsapp-image-2026-02-13-at-14.24.33.jpeg" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ- उत्तर प्रदेश </strong></h5>
<p style="text-align:justify;">किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत <strong>नव भारतीय किसान संगठन</strong> परिवार ने यूजीसी कानून के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष <strong>निर्मल शुक्ला</strong> ने इसे “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए समाज में जातिवाद और आपसी मतभेद बढ़ाकर अपना वोट बैंक मजबूत करना चाहती है। इससे आने वाली पीढ़ियों की पढ़ाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>“गलत रिपोर्ट करने वालों पर सख्त सजा हो”</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">निर्मल शुक्ला ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा सुधार चाहती है, तो गलत रिपोर्ट और फर्जी आंकड़े पेश करने वालों के लिए उम्रकैद जैसी सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए था। लेकिन सरकार जनता को गुमराह कर रही है और राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को भ्रमित कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/gjbiegbxyaavitr.jpg" alt="यूजीसी कानून के खिलाफ नव भारतीय किसान संगठन का आंदोलन, सरकार को दी चेतावनी नव भारतीय किसान संगठन परिवार" width="802" height="501"></img></p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>जनता अब जागरूक: निर्मल शुक्ला</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने कहा,</strong></p>
<blockquote>
<blockquote class="format2">
<blockquote>
<p>“अब जनता पहले जैसी नहीं रही। सरकार जो चाहे बोले, उसके पीछे आंख बंद कर नहीं भागेगी। लोग अब अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर सजग हो चुके हैं।”</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">संगठन का मानना है कि शिक्षा को कमजोर कर देश को पीछे धकेलने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा।</p>
</blockquote>
</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>आंदोलन की चेतावनी</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">नव भारतीय किसान संगठन परिवार ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया गया, तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक संघर्ष किया जाएगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>संगठन का संकल्प</strong></h4>
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><strong>निर्मल शुक्ला ने कहा,</strong></p>
<blockquote>
<p>“चाहे कोई भी सरकार हो, हम जनता के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। अगर किसी सरकार को गलतफहमी है, तो उसे दूर करने का काम हमारा संगठन करेगा।”</p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">अंत में उन्होंने दोहराया कि यूजीसी कानून को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।</p>
</blockquote>
<hr />
<blockquote class="format2">
<p style="text-align:justify;"><strong>निर्मल शुक्ला</strong><br />राष्ट्रीय अध्यक्ष<br />नव भारतीय किसान संगठन परिवार</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जय जवान | जय किसान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अगर आप चाहें, तो मैं इसे अखबार के फॉर्मेट या प्रेस रिलीज के रूप में भी तैयार कर दूँ।</p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 14:46:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विभाग द्वारा आयोजित 05 दिवसीय विराट किसान मेले के तृतीय दिवस का आयोजन ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात।</div>
<div style="text-align:justify;">ब्यूरो प्रयागराज </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">      निदेशक  रहमानखेड़ा की अध्यक्षता में 5 दिवसीय विराट किसान मेला, माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित गंगा पंडाल, प्रयागराज में आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन, सोलर पम्प, ड्रोन एवं विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, डेयरी विभाग, उद्यान विभाग एवं विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा 40 से अधिक मेले में स्टाल लगाये गये जिसका मुख्य अतिथियो द्वारा अवलोकन किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<h4 style="text-align:justify;">कार्यक्रम के तृतीय दिवस के मुख्य अतिथि राजेन्द्र कुमार सिंह, निदेशक, रहमानखेड़ा उ0प्र0 लखनऊ थे।</h4>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">              निदेशक  ने फसल प्रबन्धन पर चर्चा करते हुए</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डा0</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168757/organization-of-the-third-day-of-the-5-day-long-big-kisan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1001576246.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात।</div>
<div style="text-align:justify;">ब्यूरो प्रयागराज </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   निदेशक  रहमानखेड़ा की अध्यक्षता में 5 दिवसीय विराट किसान मेला, माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-3 में स्थित गंगा पंडाल, प्रयागराज में आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद, बीज, कृषि रक्षा रसायन, सोलर पम्प, ड्रोन एवं विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया, डेयरी विभाग, उद्यान विभाग एवं विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों द्वारा 40 से अधिक मेले में स्टाल लगाये गये जिसका मुख्य अतिथियो द्वारा अवलोकन किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;">कार्यक्रम के तृतीय दिवस के मुख्य अतिथि राजेन्द्र कुमार सिंह, निदेशक, रहमानखेड़ा उ0प्र0 लखनऊ थे।</h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       निदेशक  ने फसल प्रबन्धन पर चर्चा करते हुए बताया कि फसलों की अच्छी वृद्धि, विकास एवं अच्छे उत्पादन के लिए एकीकृत फसल प्रबन्धन अति आवश्यक है। जिसके माध्यम से एक उद्यम का बचा हुआ अवशेष अगले उद्यम के लिए संसाधन बन जाता है। खेती में पशुपालन, बकरी पालन, भेड़ पालन आदि को शामिल करने से एक तरफ किसान की आय में वृद्धि होती है वहीं दूसरी तरफ उनका अपशिष्ट खाद के रूप में उपयोग में लाया जाता है। जो रासायनिक उर्वरकों की निर्भरता को कम करता है एवं खाद्यान्न की गुणवत्ता को सुधारता है। कृषकों को गन्ने की खेती के साथ उर्द-मूंग की समेकित खेती से गन्ने एवं सहयोगी फसल की उत्पादकता में वृद्धि होती है। सिंचाई में सिंचाई की लागत को कम करने एवं समुचित जल प्रबन्धन के लिए स्प्रिंगकलर सिंचाई का उपयोग करने से फसलोत्पादन में वृद्धि होती है। विभाग द्वारा ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से टोकन विधि से कृषकों को अनुदानित कृषि यंत्रों का वितरण किया जाता है। जिसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से दी जाती है। फसल चक्र परिवर्तन एवं हरी खाद का उपयोग करने से मृदा में पोषक तत्व की कमी को पूरा किया जा सकता है। समय से फसलों की बुवाई, सिंचाई एवं पोषक तत्वों की कमी की पूर्ति करने के लिए उर्वरकों का प्रयोग एवं समुचित मशीनरी के उपयोग से उत्पादकता में वृद्धि प्राप्त की जा सकती है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डा0 निमिषा नटराजन, कृषि वैज्ञानिक शुआट्स, नैनी, प्रयागराज ने मोटे अनाज और पोषण के बारे में  कृषकों को अवगत कराया कि मोटे अनाजों के प्रयोग से शरीर में होने वाली पोषक तत्वों की कमी को पूर्ण किया जा सकता है। मोटे अनाज प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेड, वसा, पोषक तत्व, विटामिन से भरपूर होते हैं। इनके सेवन से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है तथा शरीर स्वस्थ रहता है।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डा0 आशीष श्रीवास्तव, कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि प्शुपालन को कृषि में अपनाने से कृषकों की आय में वृद्धि होती है, अपशिष्टों को फसलों में कार्बनिक रासायन के तौर पर मिट्टी में उपयोग करने से जीवांशों की संख्या में वृद्धि होती है जिससे मृदा उर्वरता में वृद्धि होती है। देशी नश्ल के गौवंश के दूध की गुणवत्ता विदेशी नश्ल की गायों की अपेक्षा अधिक होती है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  उप कृषि निदेशक, </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 21:45:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Madhya Pradesh Breaking किसानों के हित में बड़ा फैसला : 16 जिलों में बचे हुए किसानों का धान पंजीयन अब 6 नवंबर तक होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रीवा। मध्य प्रदेश।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया है। मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158694/uttar-pradesh-breaking-big-decision-in-the-interest-of-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251101-wa0211.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रीवा। मध्य प्रदेश।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों के हित में मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन हेतु बचे हुए किसानों का पंजीयन अब 6 नवंबर तक हो सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> यह निर्णय प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की विशेष पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिया है। मप्र के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डिण्डौरी, मण्डला, बालाघाट, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, दमोह, सिवनी, मैहर, उमरिया, जबलपुर, सीधी, अलीराजपुर, बैतूल और पन्ना जिलों में अब शेष किसानों का पंजीयन निर्धारित नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों से यह सुझाव प्राप्त हुए थे कि तकनीकी कारणों, समयाभाव या मौसम की बाधाओं के चलते कुछ किसान समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए पंजीयन नहीं करा पाए हैं। कलेक्टरों द्वारा भेजे गए इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने कृषक पंजीयन की अवधि में विस्तार का निर्णय लिया है ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी खरीदी से वंचित न रह जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पंजीयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी :</strong></h3>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, प्रत्येक पंजीयन केन्द्र पर खाद्य, सहकारिता, राजस्व एवं कृषि विभाग के नोडल अधिकारी की उपस्थिति में ही बचे हुए किसानों का पंजीयन किया जाएगा। केन्द्रवार केवल उन शेष कृषकों का ही पंजीयन होगा, जिनके नाम जिला प्रस्ताव में उल्लेखित हैं। किसान पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद ही पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि 6 नवंबर तक शेष रहे किसानों का पंजीयन हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कोई भी किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए, यह हमारा दायित्व है। इसीलिए पंजीयन अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खरीफ उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाया जा रहा है ताकि किसान को मंडियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हमेशा किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा है। धान उपार्जन पंजीयन अवधि बढ़ाए जाने का यह निर्णय इसी दृष्टि का विस्तार है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राज्य का कोई भी किसान समर्थन मूल्य का लाभ पाने से वंचित न रहे। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो अभी तक पंजीयन नहीं करा पाए थे। अब वे 6 नवंबर तक अपने नजदीकी पंजीयन केन्द्रों पर जाकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन करा सकते है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>मध्य प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Nov 2025 21:11:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय कृषि में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है :.डी. के. सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>
<blockquote class="format1"><strong>भारत किसानों का देश है और भारतीय कृषि में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। चाहे फसलों की रोपाई या बुवाई ,चाहे कटाई माडाई हो क्या चाहे पशुपालन हो सभी क्षेत्रों में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । </strong></blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>उक्त बातें डॉ. डी.के.सिंह, प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने मुख्य अतिथि  ग्राम बागई कला की कृषक महिलाओं हेतु आयोजित  एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं । </div>
<div>  </div>
<div>उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि  इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी  परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154519/women-have-an-important-contribution-in-indian-agriculture-dk-singh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250903-wa0279.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>
<blockquote class="format1"><strong>भारत किसानों का देश है और भारतीय कृषि में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। चाहे फसलों की रोपाई या बुवाई ,चाहे कटाई माडाई हो क्या चाहे पशुपालन हो सभी क्षेत्रों में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । </strong></blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>उक्त बातें डॉ. डी.के.सिंह, प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने मुख्य अतिथि  ग्राम बागई कला की कृषक महिलाओं हेतु आयोजित  एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं । </div>
<div> </div>
<div>उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि  इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी  परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर प्रयोग करें।  प्रधानाचार्य ने उपस्थित महिला कृषक प्रतिभागियों को कार्डेट एवं इफको के क्रियाकलाप से परिचित कराया तथा धान की फसल में नैनो यूरिया प्लस, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एवं नैनो डीएपी के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी।</div>
<div> </div>
<div> इसी क्रम में  फल संरक्षण एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाई प्रभारी  सविता शुक्ला ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के अचार एवं मुरब्बों को बनाने के तौर तरीकों की विस्तार से जानकारी दी साथ ही स्वयं सहायता के समूह के महत्व को भी समझाया।  प्रभारी प्रशिक्षण मुकेश तिवारी ने कार्यक्रम का संचालन किया एवं स्वस्थ व टिकाऊ खेती के लिए मृदा परीक्षण के महत्व को  बताया एवं कृषि में जैव उर्वरकों एवं जैव अपघटकों के प्रयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य ने सभी प्रतिभागियों को नैनो उर्वरकों एवं जैव उर्वरकों के धान फसल पर लगे ट्रायल्स का तथा कारडेट की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया। </div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम में ग्राम प्रधान बगई कला प्रताप बहादुर सिंह सहित कॉर्डेट फूलपुर के अधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र,सुमित तेवतिया, अंजली चौधरी, डॉक्टर अनुराधा राय एवं राजेश कुमार सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Sep 2025 19:13:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>नगराम। लखनऊ,</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कई वर्षों से छतौनी नहर से निकली गढ़ा अल्पिका की सफाई न होने के कारण गढ़ा अम्जादपुर अब्बास नगर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण किसान काफी परेशान है। सिल्ट सफाई न होने से अल्पिका के अंदर व पटरी पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और पौधे उग आए हैं अल्पिका की सिल्ट सफाई ना होने के कारण वर्षों से किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250719-wa0113.jpg" alt="अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान " width="576" height="577" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगराम के अब्बास नगर गढ़ा अम्जादपुर के सैकड़ो किसान फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। किसानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153271/farmers-are-not-worried-about-water-reaching-the-tail-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250719-wa0112.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>नगराम। लखनऊ,</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई वर्षों से छतौनी नहर से निकली गढ़ा अल्पिका की सफाई न होने के कारण गढ़ा अम्जादपुर अब्बास नगर किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण किसान काफी परेशान है। सिल्ट सफाई न होने से अल्पिका के अंदर व पटरी पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और पौधे उग आए हैं अल्पिका की सिल्ट सफाई ना होने के कारण वर्षों से किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250719-wa0113.jpg" alt="अल्पिका की सफाई न होने से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी किसान परेशान " width="576" height="577"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगराम के अब्बास नगर गढ़ा अम्जादपुर के सैकड़ो किसान फसल की सिंचाई के लिए नहर के पानी पर निर्भर हैं। किसानों का आरोप है  छितौनी माइनर से निकली गढ़ा तक जाने वाली अल्पिका की वर्षों से सफाई न होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण पटवा खेड़ा इच्छाखेड़ा अब्बास नगर अमजादपुर गढ़ा गांव किसान काफी परेशान है। गढ़ा गांव के किसान लाला वर्मा, दिनेश कुमार, प्यारेलाल, हरीलाल, चंद्रपाल, शिवकरन, हरिनाम, रमेश कुमार,बाबू, सहित दर्जनों किसानों का कहना है कि नहर की सफाई न होने के कारण सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अम्जादपुर वा गढ़ा गांव के किसानों का आरोप है कि कई वर्षों से अल्पिका की सफाई नहीं हुई है जिसके कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। माइनर में काफी खरपतवार जमा हो जाने कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता है।पानी के आभाव में  किसानों की सैकड़ो बीघा धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र के किसानों ने जल्द ही सिंचाई विभाग से अल्पिका की सफाई कराने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी रमाकांत ने बताया कि बरसात के बाद नवंबर माह में सभी माइनरों की सिल्ट सफाई कार्य शुरू कर दिया जाएगा।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 20:51:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉर्डेट फूलपुर में शुरू हुई नीम कौड़ी की खरीद</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कॉर्डेट इफको फूलपुर के नीम तेल संयंत्र पर  सत्र 2025- 26  हेतु साफ सुथरी व सुखी नीम कौड़ी की खरीद प्रारंभ कर दी गई है। प्रधानाचार्य  डॉक्टर डी के सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की किसान भाई एवं ग्रामीण जन, साफ सुथरी व सुखी नीम कौड़ी संस्थान में लाकर के 17 रुपए किलो की दर से बिक्री कर सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  ध्यान देने की बात यह है कि नीम कौड़ी में 25% नमी एवं 8% बाह्य सामग्री  की छूट होगी उसके ऊपर की नमी या बाह्य सामग्री पर नमी कटौती  करके भुगतान दिया जाएगा। आज प्रथम</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152955/neem-penny-purchase-started-in-cordete-phulpur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250703-wa0378.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कॉर्डेट इफको फूलपुर के नीम तेल संयंत्र पर  सत्र 2025- 26  हेतु साफ सुथरी व सुखी नीम कौड़ी की खरीद प्रारंभ कर दी गई है। प्रधानाचार्य  डॉक्टर डी के सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की किसान भाई एवं ग्रामीण जन, साफ सुथरी व सुखी नीम कौड़ी संस्थान में लाकर के 17 रुपए किलो की दर से बिक्री कर सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ध्यान देने की बात यह है कि नीम कौड़ी में 25% नमी एवं 8% बाह्य सामग्री  की छूट होगी उसके ऊपर की नमी या बाह्य सामग्री पर नमी कटौती  करके भुगतान दिया जाएगा। आज प्रथम दिन दो ग्रामीण जन प्रवेश कुमार ग्राम अतरौरा एवं राजेश कुमार ग्राम हैबतपुर से नीम कौड़ी की खरीद की गई। मौके पर नीम तेल संयंत्र प्रभारी राजेश कुमार सिंह,  सहायक कौशलेश कुमार, वीरेंद्र सिंह , मुकेश तिवारी सहित अन्य ग्रामीण जन उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 19:47:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑर्गेनिक खेती कर अपनी आय बढ़ा रहे किसान प्रवीण</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<blockquote class="format1"><strong>6.9 फिट की लौकी पैदा कर किसान प्रदर्शनी में पाया था प्रथम स्थान</strong></blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div><strong>लंभुआ। सुल्तानपुर</strong></div>
<div>  </div>
<div>  </div>
<div>ऑर्गेनिक खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं। खेत में पैदा छह सौ ग्राम का गोल बैगन लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। इससे पूर्व 6.9 फिट की लौकी पैदा करके किसान प्रदर्शनी में किसान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र के तुलसी नगर पठखौली निवासी किसान प्रवीण कुमार पाठक ऑर्गेनिक खेती पर नवीन प्रयोग करते हुए बैगन, पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, मेथी, सोवा आदि सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>खास बात यह है</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147414/farmer-praveen-is-increasing-his-income-by-doing-organic-farming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250115-wa0031.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<blockquote class="format1"><strong>6.9 फिट की लौकी पैदा कर किसान प्रदर्शनी में पाया था प्रथम स्थान</strong></blockquote>
</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div><strong>लंभुआ। सुल्तानपुर</strong></div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>ऑर्गेनिक खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं। खेत में पैदा छह सौ ग्राम का गोल बैगन लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। इससे पूर्व 6.9 फिट की लौकी पैदा करके किसान प्रदर्शनी में किसान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। लंभुआ नगर पंचायत क्षेत्र के तुलसी नगर पठखौली निवासी किसान प्रवीण कुमार पाठक ऑर्गेनिक खेती पर नवीन प्रयोग करते हुए बैगन, पालक, पत्ता गोभी, फूल गोभी, टमाटर, मेथी, सोवा आदि सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>खास बात यह है कि उन्होंने अपने खेत में छह सौ ग्राम का गोल बैगन पैदा किया है जो ग्रामीणों के कौतूहल का विषय बना हुआ है। इससे पहले वह लगभग सात फीट की लौकी पैदा कर किसान प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं।</div>
<div> </div>
<div> स्थान प्राप्त कर चुके हैं। किसान श्री पाठक ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए सभी किसान भाइयों को रासायनिक खादों से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि नीम की गुठलियां इकट्ठा कर उसे पत्ते व घरेलू अपशिष्टों के साथ सड़ाकर खाद बनाते हैं और पेड़ पेड़ के पास गुड़ाई कर रखते हैं, तो पैदावार ज्यादा होती है और यह मानव जीवन के लिए हानिकारक भी नहीं है बल्कि लाभप्रद है। ऑर्गेनिक जैविक खेती ही स्वास्थ्य का अंतिम विकल्प है। हम गोबर और प्राकृतिक खाद से अपने आप को बीमारियों से बचा सकते हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह मिट्टी की उर्वरता और केचुओं की प्रचुरता को भी बढाता है, साथ ही इसके उत्पादन में शुद्धता वह पौष्टिकता भी बनी रहती है। उन्होंने तीन किस्म के बैगन अपने खेत में पैदा किए हैं। किसान श्री पाठक ने बताया कि यह अभी प्रयोग कर दो बीघे के आसपास सब्जी की खेती की जा रही है और इससे किसानों की आय बढ़ रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jan 2025 20:58:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डीएपी खाद के लिए मारा मारी।किसानों ने कहा प्रशासन का दावा खोखला।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">साधन सहकारी समिति बरसता कला में डी ए पी खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़  मारामारी के बीच लोगों में रोष देखने को मिला । लोगो को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाने  से किसान परेशान दिखाई दिए उन्हें इस बात की चिंता है कि खाद के अभाव में कैसे खेती की बुवाई होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि जिला कृषि  अधिकारी का दावा खोखला है।धरातल पर खाद नहीं मिल रही है।लोगो ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि किसानों की समस्या को ध्यान मेरखते हुए समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146265/beaten-for-dap-fertilizer-farmers-said-the-administrations-claim-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241113-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साधन सहकारी समिति बरसता कला में डी ए पी खाद के लिए उमड़ी किसानों की भीड़  मारामारी के बीच लोगों में रोष देखने को मिला । लोगो को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पाने  से किसान परेशान दिखाई दिए उन्हें इस बात की चिंता है कि खाद के अभाव में कैसे खेती की बुवाई होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का कहना है कि जिला कृषि  अधिकारी का दावा खोखला है।धरातल पर खाद नहीं मिल रही है।लोगो ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि किसानों की समस्या को ध्यान मेरखते हुए समितियों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने का निर्देश दे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह स्थिति केवल प्रताप पुर ही नहीं जनपद के सभी ब्लाकों में है।जिलाधिकारी ने 80प्रतिशत खाद का आवंटन  सहकारी समितियों को करने का आदेश दिया लेकिन वह खाद कहा बांटी गई यह समझ में नहीं आ रहा है।लोगों का आरोप है कि सभी अध्यक्ष और चुनें गए निदेशक अपने सदस्यों रिश्तेदारों और जान पहचान वालो को बांट दिए आम किसानों को खाद मिली नहीं।जब की इफको या अन्य सैंटरों पर 20 प्रतिशत खाद भेजी गई जो उट  के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 21:16:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सभी किसान भाई अपने-अपने राजस्व ग्राम में 8 जुलाई से आयोजित कैंप में उपस्थित होकर</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मीरजापुर। </strong>शुक्रवार को उप कृषि निदेशक विकेश पटेल ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि  जनपद मीरजापुर में एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रकचर फॉर एग्रीकल्चर) के अन्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने सम्बन्धी शासनादेश जारी किया गया है। वर्तमान परिदृश्य में यह अत्यन्त आवश्यक है कि कृषि क्षेत्र के विकास हेतु चलाई जा रही विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुँच सके, जिससे संशाधनों के समुचित उपयोग से कृषि क्षेत्र का पूर्ण विकास सम्भव हो सके। इस योजना के संचालन से किसानों को निम्नलिखित सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी यथा- 1. सस्ता ऋण, 2.</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142864/all-farmer-brothers-attended-the-camp-organized-in-their-respective"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मीरजापुर। </strong>शुक्रवार को उप कृषि निदेशक विकेश पटेल ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि  जनपद मीरजापुर में एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रकचर फॉर एग्रीकल्चर) के अन्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने सम्बन्धी शासनादेश जारी किया गया है। वर्तमान परिदृश्य में यह अत्यन्त आवश्यक है कि कृषि क्षेत्र के विकास हेतु चलाई जा रही विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय से पहुँच सके, जिससे संशाधनों के समुचित उपयोग से कृषि क्षेत्र का पूर्ण विकास सम्भव हो सके। इस योजना के संचालन से किसानों को निम्नलिखित सुविधायें प्राप्त हो सकेंगी यथा- 1. सस्ता ऋण, 2. उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट, 3. स्थानीयकृत और विशिष्ट लक्षित सलाह, 4. बाजारों तक सुविधाजनक पहुंच प्राप्त करना आसान बनाना है। </div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा बताया गया कि फार्मर रजिस्ट्री के अन्तर्गत प्रदेश के कृषक विवरण को एग्री स्टैक के अन्तर्गत तैयार कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में संकलित किया जायेगा। इस हेतु भारत सरकार द्वारा भूलेख के डेटाबेस को समेकित कर प्रत्येक राजस्व ग्राम के प्रत्येक समान नाम व पिता के नाम वाले कृषकों के ऑनलाइन बकेट तैयार कर राजस्व को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जायेगा, जिसका प्रयोग कर राज्य स्तर से फार्मर रजिस्ट्री तैयार किया जाना है। फार्म रजिस्ट्री कार्य को समय से सम्पादित करने हेतु जनपद के राजस्व विभाग से 283 लेखपाल, कृषि विभाग से 56 कर्मचारी, पंचायत विभाग से 742 पंचायत सहायक व रोजगार विभाग से 105 रोजगार सेवकों की ड्यूटी राजस्व ग्रामवार लगायी गयी है।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी उप जिलाधिकारी तथा विकास खण्ड स्तर पर खण्ड विकास अधिकारी को नोडल नामित किया गया है। पर्यवेक्षीय दायित्व हेतु सम्बन्धित विकास खण्ड के स0वि0अ0(कृषि) व स0वि0अ0(पंचायत) को दिया गया है जो अपनी देख-रेख में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य निर्धारित समय सीमा के अन्दर करायेंगे। साथ ही जिलाधिकारी  द्वारा अवगत कराया गया कि फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने हेतु जनपद व तहसील स्तर पर मास्टर ट्रेनर का चयन कर लिया गया है व दिनांक 04 जुलाई 2024 से 05 जुलाई 2024 तक समस्त तहसील स्तर पर सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा चुका है।</div>
<div> </div>
<div>दिनांक 08 जुलाई 2024 से सभी कर्मचारी अपने-अपने नामित राजस्व ग्राम में कैम्प लगाकर किसानों का फार्मर रजिस्ट्री का कार्य उपलब्ध कराये गये ऐप के माध्यम से शुभारम्भ करेंगे। फार्मर रजिस्ट्री के कार्य को सफलता पूर्वक संचालित करने हेतु जनपद स्तर पर कमेटी का गठन किया गया है जिसमें जिलाधिकारी अध्यक्ष तथा मुख्य विकास अधिकारी उपाध्यक्ष/प्रोजेक्ट ऑफिसर तथा उप कृषि निदेशक सदस्य/सचिव नामित किये गये है। जनपद स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने हेतु मुख्य विकास अधिकारी द्वारा योजना सम्बन्धी समस्त कार्य अपने मार्गदर्शन में सुनिश्चित करायेंगे। जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी के रूप में अपर जिलाधिकारी (भू0/रा0)/मुख्य राजस्व अधिकारी को नामित किया गया है। जो अपनी देख-रेख में एग्री स्टैक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सम्पन्न करायेंगे तथा समय-समय पर समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी को अवगत कराया जायेगा।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही यह भी बताया गया कि एग्री स्टैक फार्मर रजिस्ट्री का कार्य 08 जुलाई 2024 से प्रारम्भ होकर 08 अगस्त 2024 तक पूर्ण किया जाना है। तथा द्वितीय चरण में 09 अगस्त 2024 से इसे कृषकों के लिए खोल दिया जायेगा, जिससे अवशेष कृषकों द्वारा अपने फार्मर रजिस्ट्री की कार्यवाही को उपलब्ध कराये गये मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं या जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से कर सकेंगे। महोदया द्वारा यह भी बताया गया कि समस्त खण्ड विकास अधिकारी अपने-अपने विकास खण्ड में डुग्गी के पिटवाकर प्रचार-प्रसार करायें, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में किसान भाइयों को जानकारी प्राप्त हो सके और अपना फार्मर रजिस्ट्री करवा सकें।</div>
<div> </div>
<div>पीएम किसान योजना के अन्तर्गत मिलने वाले किस्त हेतु फार्मर रजिस्ट्री का होना अनिवार्य होगा। अतः यह आवश्यक है कि 30.09.2024 से पूर्व सभी कृषकों और विशेष रूप से पीएम किसान के लाभार्थियों का फार्मर रजिस्ट्री में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए। जिसमें किसान का नाम, पिता का नाम, स्वामित्व वाले समस्त गाटा संख्या, सहखातेदार होने की स्थिति में गाटे में किसान का अंश, मोबाइल नम्बर, आधार संख्या, ईकेवाईसी विवरण फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होगा। किसी प्रकार के स्वामित्व हस्तांतरण (विरासत, बयनामा इत्यादि) होने पर फार्म रजिस्ट्री स्वतः ही अधावधिक हो जायेगी।</div>
<div> </div>
<div>किसान भाईयों को अवगत कराना है कि सभी किसान भाई अपने-अपने राजस्व ग्राम में दिनांक 08 जुलाई 2024 से आयोजित कैम्प में उपस्थित होकर अपना आधार, मोबाइल नम्बर व सभी खतौनी लेकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कराना सुनिश्चित करें, जिन किसान भाईयों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री नहीं करायी जायेगी उन्हें पी0एम0 किसान सम्मान निधि की अगली किस्त का भुगतान नहीं किया जायेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/142864/all-farmer-brothers-attended-the-camp-organized-in-their-respective</link>
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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 16:32:06 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>किसानों के 2 लाख रुपये तक के ऋण होंगे माफ : श्री बादल</title>
                                    <description><![CDATA[किसानों के एनपीए लोन को भी सरकार करेगी माफ,  बैंकों से मांगा गया प्रस्ताव, राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के पदाधिकारियों के साथ कृषि मंत्री श्री बादल ने की बैठक]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142297/farmers-loans-up-to-rs-2-lakh-will-be-waived"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/0.13.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>रांची </strong>कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्री बादल ने कहा है कि किसानों के दो लाख रुपये तक के लोन माफ किये जाएंगे। इसके लिए उन्होंने सभी बैंकों से प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है। 31 मार्च 2020 तक किसानों द्वारा लिया गया 50 हजार से लेकर दो लाख तक के ऋण को वन टाईम सेंटलमेंट के माध्यम से माफ किये जायेंगे। इसके लिये सभी बैंकों से प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है। वह आज नेपाल हाउस स्थित सभागार में राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के पदाधिकारियों के साथ केसीसी लोन सहित कृषि कार्य के लिए किसानों द्वारा लिए गये ऋण की माफी योजना को लेकर बैठक कर रहे थे।</div>
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<div>मंत्री ने बैठक में बताया कि राज्य सरकार ने अपने वादे के मुताबिक ऐसे किसानों को राहत दी है, जो बैंक ऋण की वजह से चिंताग्रस्त रहते थे। राज्य के करीब 4 लाख 73 हजार से ज्यादा किसानों के 50 हजार रुपये तक के ऋण माफ किये जा चुके हैं। इस मद में सरकार द्वारा 1900 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बैंकों को दी गयी है। विदित हो कि 2021-22 में सरकार ने किसानों को राहत देने के मकसद से 50 हजार रुपये तक की राशि के ऋण को माफ करने की घोषणा की थी। अपने वादे के मुताबिक सरकार ने वैसे सभी आवेदनों का निष्पादन कर लिया है, जिनकी केवाईसी हो चुकी है। </div>
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<div>उन्होंने बताया कि बहुराज्यीय भूमि सहकारी विकास बैंक समिति, पटना के 10 हजार ऋणी किसानों के कर्ज माफ करने पर विचार किया गया। लोन लेने वाले एससी/एसटी और कमजोर वर्ग के किसानों के ऋण माफ किये जाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। साथ ही देवघर को-ऑपरेटिव ग्रेन बैंक, लिमिटेड, देवघर द्वारा 14 हजार 346 ऋणी किसानों के कर्ज को भी माफ करने पर विचार किया गया। </div>
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<div>श्री बादल ने सभी बैंकों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वैसे किसानों के खाते, जो एनपीए हो चुके हैं, उन खातों को बंद करने के लिए राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजें, ताकि किसानों को ऋणमुक्त किया जा सके। श्री बादल ने कहा कि ऐसे ऋणी, जिनकी मौत हो चुकी है तथा जिनके खाते एनपीए हो गये हैं, वैसे किसानों के लिए सक्षम साक्ष्य प्रस्तुत करने के उपरांत उन्हें भी बिना केवाईसी के लाभुकों की श्रेणी में शामिल किया जायेगा।  बैठक में मुख्य रूप से विकास आयुक्त अविनाश कुमार, योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव मस्तराम मीणा,  कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दिकी सहित राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Jun 2024 16:47:32 +0530</pubDate>
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