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                <title>noida news - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>noida news RSS Feed</description>
                
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                <title>नोएडा हिंसा मामला: 'हाईकोर्ट जाइए, यहां पहले ही 93000 केस लंबित'</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178831/noida-violence-case-go-to-high-court-already-93000-cases"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/noida-1778235469797.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नोएडा में 13 अप्रैल को हुए मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार एक छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने आकृति चौधरी की ओर से पेश वकील से कहा कि वह इलाहाबाद हाई कोर्ट में जाएं। पीठ ने कहा, आप हाईकोर्ट क्यों नहीं जाते? हर कोई अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करके यहां आता है। सुप्रीम कोर्ट में 93 हजार मामले पहले से ही  लंबित हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आकृति चौधरी के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए और जमानत की मांग की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि आकृति चौधरी दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा हैं। शीर्ष कोर्ट ने केशव आनंद नाम के व्यक्ति की याचिका पर पुलिस अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा की एक कोर्ट ने पहले तीन महिलाओं आकृति चौधरी, मनीषा चौहान और सृष्टि गुप्ता की शर्तों के साथ पुलिस रिमांड की अनुमति दी थी। इन पर 13 अप्रैल के औद्योगिक मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि जांच के दौरान उनके वकीलों को मौजूद रहने की अनुमति होगी। आकृति चौधरी और सृष्टि गुप्ता दोनों दिल्ली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 20 के आसपास है।चौधरी ने दौलत राम कॉलेज से इतिहास में स्नातकोत्तर किया है, जबकि मनीषा नोएडा की एक औद्योगिक इकाई में काम करती हैं।पुलिस ने हिरासत के लिए दायर आवेदन में कहा था कि आरोपियों के घर से अहम साक्ष्य मिलने की पूरी संभावना है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा में पिछले महीने फैक्टरी मजदूरों का विरोध प्रदर्शन वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, कई औद्योगिक इकाइयों के मजदूर लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग को लेकर इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। हालांकि, यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया क्योंकि कुछ लोगों ने कथित तौर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थर फेंके और एक वाहन में आग लगा दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 22:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत तेजी से तीसरी अर्थव्यवस्था का देश बनने को अग्रसर है तब क्यों नोएडा में मजदूरो ने  न्यूनतम वेतन बढ़ाने के आन्दोलन किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> नोएडा औघोगिक क्षेत्र में १२अप्रैल से जो मजदूर आन्दोलन शुरू हुआ उस पर कुछ कहने लिखने से पहले यह भी समझने की जरूरत है कि भारत जब विश्व का चौथी अर्थव्यवस्था का देश बन गया है औरविज्ञापनो में सरकार यह दिखा रही है  कि भारत तेजी से तीसरी अर्थव्यवस्था का देश बनने को अग्रसर है तब क्यों नोएडा में मजदूरो ने आन्दोलन किया यह सवाल उठ रहा है परन्तु ज़बाब सही नहीं मिल रहा है कि हम तीसरी अर्थव्यवस्था की और बढ़ रहे या और नीचे अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर जा रहे हैं जिस कारण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176421/india-is-rapidly-moving-towards-becoming-a-third-economy-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/india-set-to-become-third-largest-economy-in-world.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रोफेसर अशोक कुमार </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> नोएडा औघोगिक क्षेत्र में १२अप्रैल से जो मजदूर आन्दोलन शुरू हुआ उस पर कुछ कहने लिखने से पहले यह भी समझने की जरूरत है कि भारत जब विश्व का चौथी अर्थव्यवस्था का देश बन गया है औरविज्ञापनो में सरकार यह दिखा रही है  कि भारत तेजी से तीसरी अर्थव्यवस्था का देश बनने को अग्रसर है तब क्यों नोएडा में मजदूरो ने आन्दोलन किया यह सवाल उठ रहा है परन्तु ज़बाब सही नहीं मिल रहा है कि हम तीसरी अर्थव्यवस्था की और बढ़ रहे या और नीचे अपनी अर्थव्यवस्था को लेकर जा रहे हैं जिस कारण से मजदूर मजबूर हो गये आन्दोलन करने को ।नोएडा मजदूर आन्दोलन से पहले विश्व में श्रमिक आन्दोलन के इतिहास को भी थोड़ा मूड कर देखना होगा क्यों हर शताब्दी में मजदूर आन्दोलित हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व में जब मजदूरों की आर्थिक सामाजिक पारिवारिक स्थिति बद से बदत्तर होने लगी तब विश्व में मजदूर क्रान्ति का उदय हुआ 18वी19वी शताब्दी में जो शोषण के ख़िलाफ़ पूंजीवाद विरोधी आन्दोलन 1884कम्युनिस्ट1917रूसी क्रांति के माध्यम से सर्वहारा वर्ग का उदय हुआ था यह संघर्ष काम के घन्टें कम करके बेहतर वेतन और श्रमिक संघों को अधिकार के लिए किया गया था जो सफल रहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा में भी मजदूरों ने काम के घन्टो का सही निर्धारण बेहतर वेतनमान के लिए ही संघर्ष कर रहे थे पर जैसा कि भारत में यह सर्व विदित है कि सत्ता के विरोध में शान्ति पूरृण आन्दोलन को बदनाम करने के लिए भाड़े के गूणृडो से तोड़ फोड़ करायाजाता है और आरोप आनृदोलनकरियो पर लगाकर गोली लाठी के दम पर सरकार इन।दोलन को कुचल‌देती है।यही नोएडा भी हुआ ।आनृदोलन उग्र हुआ तोड़फोड़ आगजनी सड़कों पर शुरू हुआ पर उसमें मजदूर तो नहीं रहा होगा यह मेरा मानना है।नोएडा का युवा मजदूर शायद ही विश्व के श्रमिक आंदोलन का इतिहास कभी पढ़ा सुना होगा या नहीं पर हक के लिए लडे यही बहुत बड़ी आज के सरकार में उनकी कामयाबी है की सड़क पर दो दिन ही सही अपने हकों के लिए आये।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत में भी रूसी क्रांति से प्रेरित होकर श्रमिक आन्दोलन 1875मे पहली बार बाम्बे में हुआ थाफिर1920मेमिल मजदूरों ने  हड़ताल कियाथा  उसी तरह नोएडा में पहली बार  मजदूरों ने किया नोएडा के मजदूर आन्दोलन में कोई संगठित मजदूर संघ नहीं था बस थे सब मिलों के मजदूर बिना संगठन का आन्दोलन था पर बदनाम तो किसी ने करने का कुकृत्य तो आगजनी तोड फोड़ कर किया ।आन्दोलन अच्छा रहा सरकार मिल मालिकोक्षने हित किया समाधान निकला पर जैसा मजदूर चाह रहा था वैसा तो नहीं निकला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सभी निजीकरण के क्षेत्रों में काम करने वालों को पहले विश्व के मजदूर नेताओं के बारे थोड़ा पढ़ना चाहिए कैसे आन्दोलन किया सफलता मिली ।उस समय इस तरह के संसाधन नहीं थे कि आपके आन्दोलन को तत्काल सरकार तक पहुंचा दिया जाये जैसा आज सोशल मिडिया प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रानिक मीडिया है।1808के दशक मे गोम्पर्स संगठित व्यापार और श्रम संघों ने संघ की स्थापना  में महत्व पूर्ण भूमिका निभाई।जब 1886मे फाटलू FOTLU का पुनर्गणन अमेरिकन फेडरेशन आफ लेबर के रुप में हुआ था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत में नारायण  मेधाजी लोखंडे 1884/97भारत में ट्रेंड यूनियन आनृदोलन के जनक थे।आज भी  राजनिति दलों के श्रमिक संगठन है जैसे भारतीय जनता का भारतीय मजदूर संघ कांग्रेस का इंटक कम्युनिस्ट का कामरेड पर यह संगठन सब सरकिरी दलिल से इन संगठनों के लोग कभी भी मिल मजदूरों निजिकरण में काम करनेवाले अकुशल और तकनिकी रूप से क्सक्षम मजदूरों के लिए नहीं लड़ाई लगी  परिणाम स्वरूप मिलों और कार्पोरेट घरानों ने मजदूरों का हर तरह से शोषण करके अपने लिए लाभ का अफसर बनाने लग गये ।मजदूर केमेहनत का पैसा वह अपने ऐशो आराम अपने कारोबार बढ़ाने लगाना शुरू कर दिया मजदूरों को झोपडी वाला बेदम बना दिया जिसका परिणाम समय समय पर मिलो और बड़े बड़े कार्पोरेट उघोगो में आन्दोलन हुआ पर सब सर्किल और मजदूरों के दलाल नेताओं की आपसी सांठगांठ में भेंट चढ़ता गया मजदूर मजबूर होता गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नोएडा का का आन्दोलन मजदूरों के अशनतोष की सामान्य क्रिया थी बढ़ते महंगाई के दबाव के कारण बस मजदूरी बढ़ाने और कार्यस्थल पर सुविधाओ की कमी  ने उन से सड़कों पर उतार दिया इसमें श्रमिक नेता संगठन कुछ नहीं था बस सब मजदूर थे।।जैसा भारत सरकार का एक चरित्र बन गया है आन्दोलन की जड़ को बिना समझे पुलिस से लाठी चार्ज करने की एक आम सिद्धांत बना लिया कि आन्दोलन नहीं करने देंगे वैसे 2814से देश में तो यही हो रहा जो भी पार्टी किसान छात्र मजदूर आन्दोलन किया सबको लाठी के बल पर और जेल में भेजकर दबाया जा रहा अब तो सोनल मिडिया पर अगर आन्दोलन के बारे लिखा बोला तो देशद्रोह का मुकदमा तमाशा सोशल मिडिया के लोग आज भी जेल में हैं या उनका सोशल मिडिया एकाउंट बन्द करादे रही है सरकार नोएडा का आन्दोलन भी सोशल मिडिया के कारण ही हर घर हर शहर में पहुंच गया कि मजदूर बेहतर वेतन और निर्धारित घन्टो तक काम करने के लिए आन‌दोलन कर रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह हर आन्दोलन का चरित्र भी की आन।दोलन में भीड़ होगी नारे लगे गे पुलिस रोकेगी तो आनृदोलन अराजक हो जायेगा यही तो नोएडा के आन्दोलन में हुआ ।आऔघोगिक क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ा वहां स्थिरता हो रही उघोग की पूंजी है अगर स्थिरता नहीं होगी तो उघोग बन्द हो जायेगे उघोग पति पलायन करेगा बैंकों का लोन डूबेगा और मजदूरों की नौकरी समाप्त होंगी।।किसी भी राष्ट्र की प्रगति में वहां के श्रमिक को प्राणवायु माना जाता है।हर उघोग रोजगार और आर्थिक विकास को गति देते हैं। वर्तमान में जो अस्थिरता का दौर चल रहा है इस में मजदूर और उघोग दोनों परेशान हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज जो विश्व में युद्ध शुरू है उससे निश्चित तौर पर हर देश पर असर हो रहि भारत में थोड़ा ज्यादा कारण हम ऊर्जा में आत्मनिर्भर नहीं है कच्चे मारो की आपूर्ति भी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हो रही है ।जिससे उत्पादन लागत बढ़ रहा है।इन परिस्थितियों में सबसे ज्यदा मजदूर जो मिलों में काम कर रहा प्रभावित हो रहा रोजमर्रा की हर जीत महंगी हो रही उसको जो वेतन मिल रहा उससे गुजारा परिवार का असम्भव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज के दौर में दस से पन्द्रह हजार रुपये महीने में कोई भी मजदूर अपना परिवार नहीं पाल सकता नहीं लड़के को पढ़ा सकता है दवा व अन्य खर्च की सोच नहीं सकता है इसी से परेशान होकर नोएडा के मजदूरों ने आन‌दोलन किया कोई गुनाह नहीं था सरकार आज तक जो भी न्यूनतम वेतन निर्धारित किया है वह बहुत कम है ।अब मजदूरों को वास्तव में अकुशल कामगार जो है कम से कम बीस हजार रुपये महीना तथा मिल द्वारा मुफ्त चिकित्सा शिक्षा व रहने को परिवारों कोक्षदोकमरे का मकान दे फिर बारह घन्टे काम ले सकते परन्तु यह नहीं हो रहा साथ में तरह तरह  केक्षकुशल कामगारो को कम से कम चालीस हजार वेतनमिन सरकार तय करें। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मजदूरों के लिए कम से कम बीस लाख का जीवन बीमा दस लाख का मुफ़्त चिकित्सा कार्ड अकुशल कारीगर के लिए इसी तरह कुशलल कारीगरों के लिए भी हो तब जाकर नोएडा जैसा आन्दोलन देश में नहीं होगा। भारत में एक और बात कि हर आन्दोलन वह किसानों का हो मजदूरों का हो छात्रों का हो उसे सतृतादल पाकिस्तान प्रायोजित कह कर बदनाम करने लगती है नोएडा के आन्दोलन को भी सरकार यानि सत्ता दल का विधायक पाकिस्तान प्रायोजित कह दिया और मिडिया जिसे हम गोदी कहते हैं वह चिल्लाने लगी नोएडा मजदूर आनृदोलन को धन पाकिस्तान ने दिया जबकि यह आनृदोलन तो बिना किसी नेता के चलि और सरकार मिल मालिकों से बैठकर समझौता होगया पर क्या यूं पी राजेश की सर्किल जो विधायक भाजपा के थे आनृदोलन को पाकिस्तान प्रायोजित बताया उनके ऊपर कारवाई करेगी नहीं होगा</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जैसा किसान आन।लोल जेएनयू आन‌दोलन में सतृतादल के नेता आरोप लगाते पर सरकार मौन थी सरकार ने अपने कुछ सांसदों विधायकों और नेताओं  को इसी काम में लगाया है कि हर आन‌दोलन को बदनाम करो ।यही नोएडा में भी हुआ पर सब कुछ ठीक होगया पर चिनगारी तो मजदूरों की आज कम होग ई है वह शानृत नहीं सुलग रही कब विस्फोटक आग बनेगी यह समय बचियेगा यदि अब मजदूरों को बीस हजार न्यून्तम। वेतन सामाजिक सुरक्षा के लिए बीमा और मुफ्त चिकित्सा नहीं दिया जायेगा तो रूसी क्रांति की तरह पुनः भारत में नये मजदूर क्रान्ति की जरूरत है बस मजदूर जो देश में पार्टी आधार पत्र संगठन है उसे दूर होकर स्वयं अपनी मागो के लिए अहिंसक आन्दोलन को करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब तक देश में श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों को मिले नहीं पूरा करेगी मोक्ष उघोगोक्षको मजदूर आन्दोलन से समस्या होंगी। मजदूरों का यह जो असन्तोष था वह धीरे धीरे अराजकता के वातावरण में बदल सकता है।इस परिस्थिति से बचने के लिए जरूरी है सरकार उघोगपति मजदूर आपस मे बैठकर सही मजदूरी सही काम के घन्टें और कार्यस्थल पर शिक्षा चिकित्सा तथा बेहतर जीवन के लिए बुनियादी सुविधाओं को विकसित करें।अब नीतगत प्रयास हो जिसे देश में विकास की गति बढ़े और देश विश्व में तीसरी अर्थव्यवस्था के रुप स्थापित हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मदरसन के श्रमिका के आन्दोलन के साथ पूरे नोएडा ग्रेटर नोएडा में आन्दोलन  फैल गया हर मिल का मजदूर स्वयं हडताल मे शामिल हो गया कहीं कोई सन्देश नहीं बुलाया नहीं गया बस सोशल मिडिया पर खबर और मिल के बाहर मजदूर अच्छा रहा कि किसी मजदूर के घर पुलिस जाकर घेराबंदी या नजर बन्द नहीं  किया कि आप आन्दोलन में नहीं जायेंगे ।अगर यह आन्दोलन विपक्ष करवा रहा होता तो विपक्ष का हर नेता घर में नजर बन्द हो जाता । यह भी भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक अलोकतांत्रिक तरीका सरकार ने अपनाया है हर आन्दोलन को कुचलने के लिए नेताओं को घर में बन्दी बना दो जनता डर कर आन्दोलन में नहीं भाग लेंगी सरकार कहेगी हमारी सरकार में आजतक कोई आन्दोलन नहीं हुआ । जनता मजदूर किसान छात्र सब सरकार  के साथ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विपक्ष के साथ पाकिस्तान और विदेशी ताकतें हैं ‌।जब आन्दोलन हो रहा था प्रदेश के मुखिया बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं।  फिर भी आन्दोलरत मजदूर मिल मालिकों और सरकार बैठकर समाधान निकाल लिया कुछ रूपये बढ़ाये पर वह स्थाई समाधान नहीं है।  कानुन नया  बनाये जिसमें न्यूनतम वेतन अकुशल और कुशल तथा तकनीकी के लिए अलग हो तथा हर मजदूर को बीस लाख का जीवन बीमा बीमा की राशि सरकार मिल और कर्मचारी तीनों दे। चिकित्सा मुफ्त दस लाख का कार्ड यूं पी सरकार दे ।आवास मिल दे।  शिक्षा सरकार कार्य स्थल  पर दे।योगी जी ने जो भी अभी कदम उठाया है उसकी सराहना भी होनी चाहिए।उनका कहना सही है श्रमिको के अधिकारों और सम्मान से समझौता नहीं । श्रमिक ही किसी राष्ट्र के उत्थान में महत्व पूर्ण भूमिका अदा करता है। वह  अपने श्रमसे राष्ट्र  के विकास में सहयोग करता है।श्रमिक नहीं होगे  तो उघोग नहीं लगेगे। उघोग नहीं चलेंगे तो विकास नहीं होगा रोजगार नहीं मिलेगा श्रमिक और उघोग विकास के पहिये है दोनों का चलना राष्ट्र हित में सुन्दर होगा। सरकारे बस दोनों के हितों की संरक्षक होती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 21:28:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>New City: दिल्ली-NCR में बसने जा रहा नया शहर, जमीनों के रेट होंगे हाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>New City: दिल्ली-NCR क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में नए शहर (नया नोएडा) को विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की फाइनल मंजूरी अगले एक से डेढ़ महीने में मिलने की उम्मीद है। सरकार और अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने का फैसला किया है, जिसमें किसानों की सहमति और प्रशासनिक प्रक्रिया—दोनों विकल्प खुले रहेंगे।</p>
<h4><strong>किसानों के हितों को प्राथमिकता</strong></h4>
<p>हाइब्रिड मॉडल के तहत अथॉरिटी या कोई अन्य डेवलपर आपसी सहमति से किसानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164599/new-city-is-going-to-be-established-in-delhi-ncr-land"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/new-city-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>New City: दिल्ली-NCR क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में नए शहर (नया नोएडा) को विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की फाइनल मंजूरी अगले एक से डेढ़ महीने में मिलने की उम्मीद है। सरकार और अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने का फैसला किया है, जिसमें किसानों की सहमति और प्रशासनिक प्रक्रिया—दोनों विकल्प खुले रहेंगे।</p>
<h4><strong>किसानों के हितों को प्राथमिकता</strong></h4>
<p>हाइब्रिड मॉडल के तहत अथॉरिटी या कोई अन्य डेवलपर आपसी सहमति से किसानों से सीधे जमीन खरीद सकेगा। वहीं, जरूरत पड़ने पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत जिला प्रशासन के जरिए भी अधिग्रहण किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इस मॉडल का मकसद किसानों को बेहतर मुआवजा और विकल्प देना है, ताकि किसी पर जबरदस्ती न हो।</p>
<h4><strong>80 गांवों की जमीन पर बनेगा नया शहर</strong></h4>
<p>प्रस्तावित शहर दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित किया जाएगा। कागजी तौर पर इस प्रोजेक्ट का नाम DNGIR (Dadri-Noida-Ghaziabad Investment Region) रखा गया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना से इन गांवों की जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।</p>
<h4><strong>जनवरी में तय होंगी मुआवजे की दरें</strong></h4>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी में मुआवजे की दरों को लेकर अहम बैठक होने जा रही है। अथॉरिटी ने इससे जुड़ा प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और मॉडल को लेकर सरकारी स्तर पर चर्चा हो चुकी है, जिसमें हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनती नजर आ रही है।</p>
<h4><strong>इन इलाकों से शुरू होगा अधिग्रहण</strong></h4>
<p>शुरुआती चरण में जोखाबाद और सांवलि क्षेत्र, खासकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के जंक्शन के आसपास जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकारी मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया जाएगा।</p>
<h4><strong>21,000 हेक्टेयर में होगा विकास, चार फेज में काम</strong></h4>
<p>अथॉरिटी के अनुसार, नया नोएडा करीब 21,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। पहला फेज (2027 तक) 3,165 हेक्टेयर, दूसरा फेज (2027–2032) 3,798 हेक्टेयर, तीसरा फेज (2032–2037): 5,908 हेक्टेयर, चौथा फेज (2037–2041) 8,230 हेक्टेयर का होगा। </p>
<h4><strong>एजुकेशन सिटी के रूप में होगी पहचान</strong></h4>
<p>नया नोएडा को एजुकेशन सिटी के तौर पर विकसित करने की योजना है। यहां यूनिवर्सिटी, कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।</p>
<h4><strong>इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब बनेगा नया नोएडा</strong></h4>
<p>यह प्रोजेक्ट इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, शिक्षा और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ाव के चलते यहां बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 21,000 हेक्टेयर में विकसित होने वाला यह नया शहर आने वाले वर्षों में दिल्ली-NCR की विकास तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 10:25:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे पर घटेगी स्पीड लिमिट, इस वजह से लिया गया फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Yamuna Expressway: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार कम करने का निर्णय लिया गया है। यमुना प्राधिकरण ने यह कदम एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए उठाया है। सर्दियों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>हल्के वाहनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित</strong></p>
<p>प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की स्पीड रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163304/yamuna-expressway-speed-limit-will-be-reduced-on-yamuna-expressway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/yamuna-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p>Yamuna Expressway: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार कम करने का निर्णय लिया गया है। यमुना प्राधिकरण ने यह कदम एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए उठाया है। सर्दियों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>हल्के वाहनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित</strong></p>
<p>प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की स्पीड रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा करने का फैसला किया है। निर्धारित सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सीधे ऑनलाइन चालान जारी करेगी। यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिलों से होकर गुजरता है।</p>
<p><strong>भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की लिमिट</strong></p>
<p>सर्दियों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यह पाबंदी 15 फरवरी तक लागू रहेगी। ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल ऑनलाइन चालान जारी करेगी, जो वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>सावधानी और अतिरिक्त व्यवस्थाएं</strong></p>
<p>सर्दियों में कोहरे के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए जेवर, मथुरा और आगरा टोल प्लाजा पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। भारी वाहन चालकों की थकान कम करने के लिए टोल प्लाजा पर फ्री चाय उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, धुंध के समय वाहनों की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए कमर्शियल वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं और जागरूकता के लिए पंपलेट भी वितरित किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163304/yamuna-expressway-speed-limit-will-be-reduced-on-yamuna-expressway</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 12:08:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे पर घटेगी स्पीड लिमिट, इस वजह से लिया गया फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p>Yamuna Expressway: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार कम करने का निर्णय लिया गया है। यमुना प्राधिकरण ने यह कदम एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए उठाया है। सर्दियों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>हल्के वाहनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित</strong></p>
<p>प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की स्पीड रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162981/yamuna-expressway-speed-limit-will-be-reduced-on-yamuna-expressway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/yamuna-expressway.jpg" alt=""></a><br /><p>Yamuna Expressway: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार कम करने का निर्णय लिया गया है। यमुना प्राधिकरण ने यह कदम एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों के खतरे को देखते हुए उठाया है। सर्दियों में कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम हो जाती है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।</p>
<p><strong>हल्के वाहनों की स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित</strong></p>
<p>प्राधिकरण ने 15 दिसंबर से 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे पर हल्के वाहनों की स्पीड रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा करने का फैसला किया है। निर्धारित सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सीधे ऑनलाइन चालान जारी करेगी। यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिलों से होकर गुजरता है।</p>
<p><strong>भारी वाहनों के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे की लिमिट</strong></p>
<p>सर्दियों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी वाहनों के लिए स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यह पाबंदी 15 फरवरी तक लागू रहेगी। ट्रैफिक पुलिस नियम तोड़ने वालों के खिलाफ तत्काल ऑनलाइन चालान जारी करेगी, जो वाहन मालिक के पते पर भेजा जाएगा।</p>
<p><strong>सावधानी और अतिरिक्त व्यवस्थाएं</strong></p>
<p>सर्दियों में कोहरे के दौरान सुरक्षा बढ़ाने के लिए जेवर, मथुरा और आगरा टोल प्लाजा पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए लगातार सावधानी बरतने की हिदायत दी जा रही है। भारी वाहन चालकों की थकान कम करने के लिए टोल प्लाजा पर फ्री चाय उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, धुंध के समय वाहनों की विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए कमर्शियल वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाए जा रहे हैं और जागरूकता के लिए पंपलेट भी वितरित किए जा रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/162981/yamuna-expressway-speed-limit-will-be-reduced-on-yamuna-expressway</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 11:28:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजियाबाद में फर्जी दूतावास के बाद, नोएडा में फर्जी 'अंतरराष्ट्रीय पुलिस'।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div class="a3s aiL">
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<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;">गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जनता को गुमराह करने, सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने और जाली दस्तावेजों, फर्जी आईडी और पुलिस शैली के प्रतीक चिन्ह का उपयोग करके पैसे ऐंठने के लिए “अंतर्राष्ट्रीय पुलिस और अपराध जांच ब्यूरो” के नाम पर एक फर्जी कार्यालय चलाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, एक गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने रविवार आधी रात के आसपास नोएडा के सेक्टर 70 स्थित बीएस-136 स्थित परिसर पर छापा मारा, जहां आरोपियों ने एक आधिकारिक जांच एजेंसी जैसा कार्यालय बना रखा था। गिरोह ने कथित</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153852/fake-international-police-in-noida-after-fake-embassy-in-ghaziabad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/iop.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने जनता को गुमराह करने, सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करने और जाली दस्तावेजों, फर्जी आईडी और पुलिस शैली के प्रतीक चिन्ह का उपयोग करके पैसे ऐंठने के लिए “अंतर्राष्ट्रीय पुलिस और अपराध जांच ब्यूरो” के नाम पर एक फर्जी कार्यालय चलाने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, एक गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने रविवार आधी रात के आसपास नोएडा के सेक्टर 70 स्थित बीएस-136 स्थित परिसर पर छापा मारा, जहां आरोपियों ने एक आधिकारिक जांच एजेंसी जैसा कार्यालय बना रखा था। गिरोह ने कथित तौर पर मंत्रालय के दस्तावेजों में जालसाजी की, खुद को कानून प्रवर्तन अधिकारी बताया, तथा फर्जी वैश्विक संबद्धता का उपयोग करके धन उगाही की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांचकर्ताओं ने बताया कि समूह ने कथित तौर पर पुलिस जैसे रंग और लोगो का इस्तेमाल किया, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय से कथित तौर पर जाली प्रमाणपत्र दिखाए, और इंटरपोल, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और यूरेशिया पोल से जुड़ाव का झूठा दावा किया। उन्होंने ब्रिटेन में अपना एक कार्यालय होने का भी दावा किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि गिरोह खुद को सरकारी कर्मचारी बताता था, अपनी वेबसाइट <a href="http://www.intlpcrib.in/">www.intlpcrib.in</a> के ज़रिए चंदा मांगता था और अपनी वैधता का दिखावा करने के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र ऑनलाइन दिखाता था। लोगों को प्रभावित करने और धोखा देने के लिए वे कई प्रेस पहचान पत्र, "अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार" पहचान पत्र और सरकारी मुहरें भी रखते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा, "हमने एक सुनियोजित धोखाधड़ी अभियान को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।" उन्होंने आगे कहा, "आरोपियों ने 'अंतर्राष्ट्रीय पुलिस एवं अपराध अन्वेषण ब्यूरो' की आड़ में एक फर्जी कार्यालय स्थापित किया था, जहाँ वे पुलिस जैसे चिन्हों और मंत्रालय के जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके जनता को धोखा देकर पैसे ऐंठ रहे थे। छापेमारी के दौरान, हमने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनके पास से जाली पहचान पत्र, मंत्रालय के प्रमाण पत्र, चेक बुक, एटीएम कार्ड, विजिटिंग कार्ड, साइनबोर्ड, मोबाइल फ़ोन और नकदी सहित कई सबूत ज़ब्त किए।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि गिरोह ने लगभग 10 दिन पहले ही यह कार्यालय स्थापित किया था, 4 जून को परिसर किराए पर लिया था, और एक समानांतर कानून प्रवर्तन संस्था के रूप में काम करने की कोशिश कर रहा था। चूँकि यह अभियान अभी शुरुआती दौर में था, अधिकारियों का मानना है कि अब तक केवल कुछ ही लोगों को निशाना बनाया गया है, लेकिन और पीड़ितों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोपियों की पहचान बिभाष, अराघ्य, बाबू, चंद्र मंडल, पिंटू, संपदा और आशीष के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और सेक्टर 70 में रहते हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को मोबाइल फोन, चेक बुक, रबर स्टैम्प, विभिन्न संस्थानों के पहचान पत्र, संबद्धता दस्तावेज, विजिटिंग कार्ड, प्रमाण पत्र, लेटरहेड, लिफाफे, एक ट्रस्ट डीड, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद हुई प्रत्येक संदिग्ध के पास कम से कम एक मोबाइल फोन मिला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जालसाजी, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। अवस्थी ने आगे कहा, "गिरोह ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से संबंध होने का दावा किया और अपनी छवि चमकाने के लिए कई फर्जी पहचान पत्र दिखाए।" "हम अब उनकी पृष्ठभूमि, संबद्धता और किसी भी अन्य साथी या पीड़ित की पहचान की जाँच कर रहे हैं।"सभी छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और जांच जारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके पहले उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने 22 जुलाई को गाजियाबाद से 47 वर्षीय हर्षवर्धन जैन को  एक किराए के मकान से चार छोटे देशों - वेस्टआर्कटिका, सेबोर्गा, पोल्बिया और लाडोनिया - के "दूतावास" चलाने  के आरोप में गिरफ्तार किया था। जैन ने खुद को उनका "राजदूत" बताते हुए जाली राजनयिक प्लेटें, लग्ज़री कारें और आधिकारिक मुहरें भी रखीं। पुलिस कथित विदेशी नौकरी घोटालों, हवाला संबंधों और प्रति-खुफिया गतिविधियों की जाँच कर रही है। हिरासत की अर्ज़ी अदालत में लंबित है। वे वेस्टआर्कटिका और सेबोर्गा के बयानों की भी जाँच कर रहे हैं ताकि जाँच में उनका इस्तेमाल किया जा सके।</div>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Aug 2025 20:27:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
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                <title>गोल्ड कप क्रिकेट के फाइनल मे आईएएस गांव टीम रही विजयी, सिल्वर कप को प्रभात नमकीन ने जीता</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>नोएडा- </strong>द अशोका स्पोर्ट्स ट्रस्ट ने द्वारा बैटल एरीना राहुल यादव क्रिकेट ग्राउंड में क्रिकेट स्पोर्ट्स लीग का फाइनल मैच आयोजित किया गया l जिसमें 2 रोमांचक क्रिकेट फाइनल मैच गोल्ड कप और सिल्वर कप हुआ l गोल्ड कप में आईएएस गांव की टीम ने पायल डायबिटिक केयर सेंटर फरीदाबाद सेवियर्स टीम पर 9 विकेट से जीत दर्ज की l इस रोमांचक मुकाबले में अच्छे प्रदर्शन के लिए दीपक गुप्ता को मैन ऑफ द मैच, आशीष शाक्य को परफार्मर ऑफ द मैच, निशांत प्रजापति को फाइटर ऑफ द मैच और संजय शर्मा जोंटी ऑफ द मैच रहे l</div>
<div>  </div>
<div>वही सिल्वर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149415/prabhat-namkeen-won-the-victorious-silver-cup-in-ias-village"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250304-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>नोएडा- </strong>द अशोका स्पोर्ट्स ट्रस्ट ने द्वारा बैटल एरीना राहुल यादव क्रिकेट ग्राउंड में क्रिकेट स्पोर्ट्स लीग का फाइनल मैच आयोजित किया गया l जिसमें 2 रोमांचक क्रिकेट फाइनल मैच गोल्ड कप और सिल्वर कप हुआ l गोल्ड कप में आईएएस गांव की टीम ने पायल डायबिटिक केयर सेंटर फरीदाबाद सेवियर्स टीम पर 9 विकेट से जीत दर्ज की l इस रोमांचक मुकाबले में अच्छे प्रदर्शन के लिए दीपक गुप्ता को मैन ऑफ द मैच, आशीष शाक्य को परफार्मर ऑफ द मैच, निशांत प्रजापति को फाइटर ऑफ द मैच और संजय शर्मा जोंटी ऑफ द मैच रहे l</div>
<div> </div>
<div>वही सिल्वर कप में प्रभात नमकीन की टीम ने वीबी इंटीरियर्स की टीम को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया और बहुत ही रोचक मैच में 7 विकेट से विजयी हुई । जिसमे नकुल मौर्य को मैन ऑफ द मैच, आकाश सिंह को परफार्मर ऑफ द मैच, हेमंत राणा को फाइटर ऑफ द मैच और बॉबी राजपूत को जोंटी ऑफ द मैच चुना गया l इस फाइनल मैच के मुख्य अतिथि कुश कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश नारायण सिंह कुशवाह और अतिथि शिव शरण कुशवाहा , लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा , प्रकृति फाउंडेशन के संस्थापक दिनेश कुशवाहा , प्रवतारोही पवन सैनी, दिग्विजय प्रियदर्शी , भुवनेश्वर कुशवाहा , कविता भगत , दशरथ प्रसाद , राजेंद्र कुशवाहा, ब्यूरो एवं वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल पांडेय तथा हृदयानंद भगत की मौजूदगी ने इसे और भी शानदार बना दिया। राकेश भगत की अगुवाई में फाइनल मैच का उद्घाटन और समापन का मैनेजमेन्ट बेहतरीन तरीके से सम्पन्न हुआ ।</div>
<div> </div>
<div>माता राम रती देवी मंदिर कृषक प्रयोगशाला के संस्थापक एवं समाजसेवी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को मुख्य अतिथि द्वारा गोल्फ गुरु लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया । प्रेसिडेंट भुवनेश्वर कुशवाहा ने सभी अतिथियो और स्पॉन्सर्स का धन्यवाद किया और इस मौके पर सभी समाज सेवियो को ट्रू हीरोज अवॉर्ड्स से नवाज़ा गया ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 15:20:43 +0530</pubDate>
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