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                <title>Ayushman Bharat Scheme - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Ayushman Bharat Scheme RSS Feed</description>
                
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                <title>जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong>मुख्यमंत्री उप्र योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम उरई में आयोजित जनसभा में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासपरक योजनाओं की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान भारत योजना, कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, आवास की चाबी, ऋण स्वीकृति, सोलर रूफटॉप स्वीकृति, कृषि यंत्र, गोल्डन कार्ड एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के खातों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184109/jalaun-should-not-become-rugged-but-become-a-symbol-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0085-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong>मुख्यमंत्री उप्र योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम उरई में आयोजित जनसभा में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासपरक योजनाओं की प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, आयुष्मान भारत योजना, कृषि एवं पशुपालन विभाग सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, आवास की चाबी, ऋण स्वीकृति, सोलर रूफटॉप स्वीकृति, कृषि यंत्र, गोल्डन कार्ड एवं अन्य सहायता सामग्री वितरित की। वहीं उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों के खातों में 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की सीसीएल, आरएफ एवं सीआईएफ धनराशि हस्तांतरित कर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को नई मजबूती प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/fb_img_1784979453444-(1).jpg" alt="जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बटन दबा कर जनपद जालौन को 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 216 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 158 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, विद्युत, नगर विकास, पुलिस एवं राजस्व विभाग से जुड़ी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में जिन प्रमुख विकास कार्यों को गति मिली उनमें उरई तहसील का नवीन भवन, पुलिस लाइन में टाइप-ए एवं टाइप-बी आवासीय भवन, मेडिकल कॉलेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट, नगर पालिका कालपी की पेयजल योजना, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, राठ-कालपी-मदारीपुर मार्ग का सुदृढ़ीकरण, उरई-इटौरा मार्ग का चौड़ीकरण, जालौन देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले मार्गों का चौड़ीकरण, कालपी अग्निशमन केंद्र के भवन, उरई तहसील परिसर में एनआईसी भवन, हाईटेक नर्सरी की स्थापना तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद जालौन की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को नमन किया। उन्होंने जालौन माता मंदिर, बैरागढ़ स्थित मां शारदा मंदिर, महर्षि वेदव्यास की जन्मभूमि तथा ऋषि जलवान की तपोभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि यह भूमि वीरता, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान की प्रतीक रही है। महारानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे एवं नाना साहब पेशवा के संघर्षों से जुड़ी यह धरती देश के गौरवशाली इतिहास की साक्षी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कालपी का हस्तनिर्मित कागज, विश्व प्रसिद्ध मटर तथा ओडीओपी योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि कालपी के हैंडमेड पेपर को जीआई टैग मिलने के बाद उसका निर्यात ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, जर्मनी और जापान सहित अनेक देशों में हो रहा है, जो जालौन के लिए गौरव की बात है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260725-wa0091-(1).jpg" alt="जालौन बीहड़ नहीं बल्कि विकास और विरासत की पहचान बना- योगी आदित्यनाथ" width="432" height="288"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय बुंदेलखंड सूखा, पलायन, बीहड़ और दस्यु गतिविधियों के कारण जाना जाता था, लेकिन आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह क्षेत्र विकास का नया मॉडल बन चुका है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे, प्रस्तावित औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, सोलर ऊर्जा परियोजनाओं तथा सिंचाई योजनाओं ने पूरे क्षेत्र को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि देश का पहला सोलर एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में विकसित हो रहा है, जिससे लगभग एक लाख घरों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार जालौन को औद्योगिक, कृषि एवं निवेश के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक कॉरिडोर, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप, डाटा सेंटर क्लस्टर तथा एमएसएमई आधारित उद्योगों के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि नून नदी के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के निर्माण, गो-संरक्षण, ग्रामीण विकास, पेयजल योजनाओं तथा कृषि आधारित परियोजनाओं ने जालौन को विकास के नए मानक स्थापित करने वाला जनपद बनाया है। रंगोली ग्राम पंचायत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की पहली ऐसी ग्राम पंचायत बनी है जिसने जीरो पॉवर्टी के लक्ष्य को प्राप्त कर गरीबी उन्मूलन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। माफिया, संगठित अपराध एवं नकल माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माफिया के लिए अब सिर्फ दो ही जगह बची है, जेल या जहन्नुम। नकल माफिया भी नहीं बचेंगे। उनकी संपत्ति जब्त होगी, 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड को डकैत और माफिया के डर से निकालकर विकास की नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शाम होते ही बुंदेलखंड में लोगों की आवाजाही बंद हो जाती थी और डकैतों का आतंक शुरू हो जाता था। आज डबल इंजन की सरकार ने कानून व्यवस्था मजबूत कर पूरे क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ दिया है। बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ क्षेत्र में देश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसकी कनेक्टिविटी में जालौन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि झांसी लिंक एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और डाटा सेंटर क्लस्टर जैसी परियोजनाएं लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। प्रदेश सरकार ने संगठित अपराध और माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। अब तक 600 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। उन्होंने कहा, ‘हमने कहा था माफिया मिट्टी में मिलेंगे और आज वे मिट्टी में मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कानून लाने का फैसला किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो छात्र-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेगा, उसे 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पिछले 48 घंटे में 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया, कई लोगों को जेल भेजा गया और उनकी संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है और नीट पेपर लीक मामले में किसी भी दोषी को सरकार बख्शेगी नहीं। हमारी सरकार हो या संगठन दोनों जगहों पर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इस जनपद में तो भाजपा की जिलाध्यक्ष महिला है इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला और युवाओं के जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जनपद जालौन को 1273.96 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिनमें 216 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा 158 परियोजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज में 50 शैय्या क्रिटिकल केयर यूनिट, पुलिस लाइन के आवासीय भवन, कालपी पेयजल योजना, उरई-इटौरा मार्ग का चौड़ीकरण, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सड़क एवं पुल निर्माण सहित अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सतत प्रयास और सरकार की प्रतिबद्धता के कारण जालौन निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर एवं विकसित जालौन, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बनेगा और विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर जनपद के प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार, जिला पंचायत अध्यक्ष/ प्रशासक घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर शाहू, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, पालिकाध्यक्ष उरई गिरजा चौधरी, पालिकाध्यक्ष कोंच प्रदीप कुमार गुप्ता, पालिकाध्यक्ष जालौन नेहा पुनीत मित्तल, पालिकाध्यक्ष कालपी अरविंद यादव, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, पूर्व विधायक केशव सिंह सेंगर, पूर्व विधायक संतराम सिंह सेंगर, पूर्व विधायक अरुण महरोत्रा, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, क्षेत्रीय मंत्री संजीव उपाध्याय, पूर्व जिला अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता, उदयन पालीवाल, रामेंद्र सिंह सेंगर, जगदीश तिवारी, ब्रजभूषण सिंह सहित मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 22:43:49 +0530</pubDate>
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                <title>सूचना निदेशक विशाल सिंह ने पत्रकारों की सुविधाओं को दी नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग ने आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना निदेशक <strong>विशाल सिंह</strong> ने बताया कि पत्रकार बंधुओं को आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं तथा शीघ्र ही उनके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिन पत्रकारों ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है, वे <strong>beneficiary.nha.gov.in</strong> पोर्टल पर अपने आवेदन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182648/information-director-vishal-singh-gave-new-impetus-to-the-facilities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/jaunpur-news-naya-sabera-network-4-1024x588.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग ने आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना निदेशक <strong>विशाल सिंह</strong> ने बताया कि पत्रकार बंधुओं को आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं तथा शीघ्र ही उनके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिन पत्रकारों ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है, वे <strong>beneficiary.nha.gov.in</strong> पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। यदि पोर्टल पर उनका नाम प्रदर्शित होता है और किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता होती है, तो संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक सुधार कराया जा सकता है।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूचना निदेशक ने कहा कि जिन पत्रकारों ने अभी तक आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया है अथवा आवेदन करने के बावजूद उनका कार्ड नहीं बन पाया है, उनकी सुविधा के लिए सूचना विभाग शीघ्र ही एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से पत्रकार अपने जनपद के जिला सूचना कार्यालय के अधिकारियों की सहायता से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल के प्रारंभ होने की सूचना सभी संबंधित पत्रकारों को समय से उपलब्ध करा दी जाएगी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पहल का स्वागत करते हुए <strong>उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित)</strong> के संयोजक <strong>प्रभात त्रिपाठी</strong> ने सूचना निदेशक विशाल सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सूचना विभाग लगातार सकारात्मक और प्रभावी प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, विशाल सिंह के नेतृत्व में विभाग की कार्यशैली अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और पत्रकार हितैषी बनी है।</p><p style="text-align:justify;">प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि सूचना निदेशक के रूप में अपने लगभग एक वर्ष के कार्यकाल में विशाल सिंह ने पत्रकार कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका लाभ प्रदेशभर के पत्रकारों को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान कार्ड से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान होगा तथा पत्रकारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ अधिक सरलता से प्राप्त हो सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:49:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को मिलना चाहिए-जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181087/eligible-people-should-get-the-benefits-of-public-welfare-schemes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781272991463.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर। </strong>जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी  बलराम सिंह की उपस्थिति में शुक्रवार को विकास खण्ड भनवापुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्राम चौपाल-गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम के अन्तर्गत ग्रामीणों से विभिन्न योजनाओ के बारे में जानकारी प्राप्त की गई तथा समीक्षा की गई। जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त किया गया कि शासन की योजनाओ की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि शासन की योजनाओ का लाभ मिल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि आज सभी अधिकारी आपके ग्राम में आये है आप लोग अपनी समस्याओं के बारे में संबधित विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर निराकरण करा ले।  जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियो को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को सभी योजनाओ का लाभ मिलना चाहिए। पात्र लोगो का आयुष्मान कार्ड बनवाये। आयुष्मान कार्ड से 05 लाख तक का निःशुल्क इलाज की सुविधा है। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत फसलों के क्षति पूर्ति का भुगतान एवं किसान सम्मान निधि की समस्याओं का निराकरण कराये। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों से उन्होंने कहा कि यदि किसी को पेंशन से जुड़ी समस्या है, जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन या दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है, तो वे तुरंत जानकारी दें। ब्लॉक स्तर के कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियो का सत्यापन कराकर पेंशन का लाभ दिया जाये।जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भारत सरकार/प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुॅचाये। इसके किसी भी प्रकार की हीलाहवाली करने पर संबधित के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। जन्म प्रमाण-पत्र, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र का आवेदन निर्धारित समय में निस्तारित कराये।आपदा राहत के अन्तर्गत लाभ दिलाये। कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाये। किसान अपना फार्मर रजिस्ट्री करा ले जिससे सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओ का लाभ मिल सके। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा,</div>
<div style="text-align:justify;">डीसीएनआरएलएम देवनन्दन दूबे, जिला पूर्ति अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी रविशुकर पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गणेश प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी भनवापुर विनोदमणि त्रिपाठी, ग्राम प्रधान व अन्य ब्लाक स्तरीय अधिकारी एवं ग्रामवासी आदि उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 21:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किये जाने का निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पत्र  11.05.2026 द्वारा आटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 5.00 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये हैं, उक्त निर्देशों के क्रम में आज सम्भागीय परिवहन कार्यालय, बस्ती के सभागार कक्ष में आयोजित आटोरिक्शा एवं टैक्सी चालकों का एक विशेष कैम्प आयोजित की गई, जिसमें लगभग 50 चालकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उपस्थित जनों को अवगत कराया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत परिवार के मुखिया के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी प्रतिवर्ष 5 लाख रू0 तक का स्वास्थ्य</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181016/instructions-to-provide-health-insurance-up-to-rs-5-lakh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0061-(58).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के पत्र  11.05.2026 द्वारा आटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत 5.00 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किये जाने के निर्देश दिये गये हैं, उक्त निर्देशों के क्रम में आज सम्भागीय परिवहन कार्यालय, बस्ती के सभागार कक्ष में आयोजित आटोरिक्शा एवं टैक्सी चालकों का एक विशेष कैम्प आयोजित की गई, जिसमें लगभग 50 चालकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। उपस्थित जनों को अवगत कराया गया कि आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत परिवार के मुखिया के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी प्रतिवर्ष 5 लाख रू0 तक का स्वास्थ्य बीमा की सुविधा प्रदान की गयी है। चालक के स्वयं अथवा किसी परिवारीजन के साधारण बीमारी के साथ-साथ गम्भीर बीमारी से ग्रस्त होने पर रू0 5 लाख तक का कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस योजना का लाभ बताते हुवे,संभागीय परिवहन अधिकारी फरीऊद्दीन ने बताया कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए चालक अपना ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड एवं राशन कार्ड/परिवार रजिस्टर की प्रति सम्भागीय परिवहन कार्यालय, बस्ती के परमिट अनुभाग में महेश कुमार (वरिष्ठ सहायक) को उपलब्ध करा दें, ताकि सूचना मुख्यालय को प्रेषित कर दी जाये।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> उक्त बैठक मे फरीदउद्दीन, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), सुरेश कुमार गौर्य, सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), श्रीमती माला बाजेयी, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन),  प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, यात्रीकर अधिकारी, बस्ती एवं कार्यालय के समस्त कर्मचारीगण के साथ-साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 19:11:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बदलते परिवेश में स्वास्थ्य चुनौतियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने का कार्य करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को भी प्रेरित करता है। इस विशेष दिन की नींव 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना के साथ रखी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे आधिकारिक रूप से पहली बार 1950 में मनाया गया। वर्ष 2026 में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब दुनिया तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम “</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175272/health-challenges-in-changing-environment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/151359893.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने का कार्य करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को भी प्रेरित करता है। इस विशेष दिन की नींव 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना के साथ रखी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसे आधिकारिक रूप से पहली बार 1950 में मनाया गया। वर्ष 2026 में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब दुनिया तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम “</span>Together for health. Stand with science” <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी "स्वास्थ्य के लिए एकजुट। विज्ञान के साथ खड़े रहें" निर्धारित की गई है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह थीम एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर हमारे सामने आई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिथकों और वैज्ञानिक तथ्यों के बीच एक निरंतर संघर्ष देखा गया है। यह विषय हमें इस बात के लिए प्रोत्साहित करता है कि हम अपने जीवन और स्वास्थ्य के प्रति निर्णय लेते समय भावनाओं या अफवाहों के बजाय साक्ष्य-आधारित विज्ञान को आधार बनाएं। विज्ञान ही वह प्रकाश है जिसने मानवता को सबसे अंधेरे समय में रास्ता दिखाया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और 2026 का यह अभियान इसी वैज्ञानिक दृष्टिकोण को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ने की एक सशक्त पुकार है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इतिहास देखें तो वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग की यात्रा 19वीं शताब्दी के मध्य में शुरू हुई थी। वर्ष 1851 में पेरिस में आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता सम्मेलन इस दिशा में पहला बड़ा कदम था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका उद्देश्य हैजा जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकना था। इसके बाद 1902 में पैन-अमेरिकन सैनिटरी ब्यूरो और 1907 में ऑफिस इंटरनेशनल डी</span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">हाइजीन पब्लिक जैसे संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग की नींव को और मजबूत किया। द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका के बाद जब संयुक्त राष्ट्र का गठन हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब यह महसूस किया गया कि एक ऐसी वैश्विक संस्था की आवश्यकता है जो बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पूरी मानवता के स्वास्थ्य की रक्षा कर सके। परिणामस्वरूप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">1946 में न्यूयॉर्क में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन के संविधान पर 61 देशों ने हस्ताक्षर किए और अंततः 7 अप्रैल 1948 को यह संगठन अस्तित्व में आया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्तमान में विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो दुनिया भर में "</span>Health for All" <span lang="hi" xml:lang="hi">के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सबसे बड़ी सफलता 1980 में चेचक (</span>Smallpox) <span lang="hi" xml:lang="hi">का वैश्विक उन्मूलन रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने यह सिद्ध कर दिया कि यदि दुनिया विज्ञान के साथ एकजुट होकर खड़ी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो किसी भी असाध्य बीमारी को जड़ से मिटाया जा सकता है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पोलियो के मामलों में 99 प्रतिशत से अधिक की कमी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एचआईवी/एड्स के उपचार में प्रगति और हाल के वर्षों में मलेरिया के पहले टीके (</span>RTS,S/AS<span lang="hi" xml:lang="hi">01) की मंजूरी विज्ञान की ही गौरवशाली उपलब्धियां हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वर्ष 2026 की थीम "</span>Stand with science" <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल एक नारा नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह वर्तमान समय की अनिवार्य आवश्यकता है। आधुनिक युग में डिजिटल मीडिया के विस्तार के साथ स्वास्थ्य संबंधी गलत सूचनाएं (</span>Infodemic) <span lang="hi" xml:lang="hi">एक नई महामारी की तरह उभरी हैं। टीकाकरण से लेकर कैंसर के उपचार तक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लोग अक्सर वैज्ञानिक प्रमाणों के स्थान पर अवैज्ञानिक दावों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। ऐसे में यह थीम दुनिया को याद दिलाती है कि विज्ञान ने ही हमें टीके</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एंटीबायोटिक्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्नत सर्जिकल तकनीक और जीवन रक्षक दवाएं दी हैं। वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति सम्मान और शोध में निवेश ही वह मार्ग है जिससे भविष्य की महामारियों को रोका जा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2026 का अभियान "</span>One Health" <span lang="hi" xml:lang="hi">दृष्टिकोण पर बहुत अधिक जोर देता है। विज्ञान हमें बताता है कि मनुष्यों का स्वास्थ्य अकेले नहीं सुधारा जा सकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि यह पशुओं और हमारे साझा पर्यावरण के स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ा हुआ है। डेटा बताते हैं कि मनुष्यों में होने वाली लगभग 75 प्रतिशत नई उभरती संक्रामक बीमारियां </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ज़ूनोटिक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">होती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यानी वे जानवरों से मनुष्यों में फैलती हैं। इसलिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हम विज्ञान के साथ खड़े होने की बात करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसमें पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैव</span>-<span lang="hi" xml:lang="hi">विविधता की रक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझना भी शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज वैश्विक स्वास्थ्य के सामने चुनौतियां पहले से कहीं अधिक जटिल हैं। गैर-संचारी रोग जैसे हृदय रोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मधुमेह</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैंसर और श्वसन संबंधी बीमारियां वर्तमान में दुनिया भर में होने वाली कुल मौतों का लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा हैं। डेटा के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रत्येक वर्ष लगभग 41 मिलियन लोग इन बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से 17 मिलियन मौतें 70 वर्ष की आयु से पहले ही हो जाती हैं। ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि हमारी जीवनशैली और वैज्ञानिक परामर्श की अनदेखी हमें किस ओर ले जा रही है। विशेष रूप से मधुमेह की समस्या एक वैश्विक संकट बन चुकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे दुनिया भर में 530 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हैं और यह संख्या 2045 तक बढ़कर 780 मिलियन होने का अनुमान है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मानसिक स्वास्थ्य भी एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर 2026 के इस अभियान में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दुनिया भर में लगभग 8 में से 1 व्यक्ति किसी न किसी मानसिक विकार के साथ जी रहा है। डिप्रेशन और चिंता न केवल व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी हर साल खरबों डॉलर का नुकसान पहुंचाते हैं। "</span>Stand with science" <span lang="hi" xml:lang="hi">का संदेश हमें यह समझने के लिए प्रेरित करता है कि मानसिक रोग भी शारीरिक रोगों की तरह ही वैज्ञानिक उपचार और सामाजिक समर्थन के पात्र हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश के लिए विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। भारत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे 2014 में पोलियो मुक्त घोषित होना और हाल के वर्षों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज करना। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनौतियां अभी भी शेष हैं। भारत की एक बड़ी आबादी अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक संघर्ष है। डेटा बताते हैं कि भारत में गैर-संचारी रोगों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है और यह कुल मौतों के 60 प्रतिशत से अधिक के लिए जिम्मेदार है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं स्वास्थ्य सेवा को लोकतांत्रिक बनाने का प्रयास कर रही हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन वैज्ञानिक जागरूकता की कमी अभी भी एक बाधा है। 2026 की थीम भारतीय संदर्भ में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमें स्वच्छता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पोषण और संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक सोच को जमीनी स्तर तक ले जाने की आवश्यकता है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे कार्यक्रम सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि अशुद्ध पानी और स्वच्छता की कमी के कारण होने वाली बीमारियां अभी भी विकासशील देशों में मृत्यु का एक बड़ा कारण हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण और स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को वैज्ञानिक रूप से समझना अब और भी जरूरी हो गया है। वायु प्रदूषण को ही लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रतिवर्ष वैश्विक स्तर पर लगभग 7 मिलियन अकाल मौतों के लिए जिम्मेदार है। यह न केवल फेफड़ों की बीमारियों बल्कि हृदय रोग और स्ट्रोक का भी एक प्रमुख कारक है। जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में वृद्धि हो रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मलेरिया और डेंगू जैसे मच्छरों से फैलने वाले रोगों का भौगोलिक विस्तार हो रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विज्ञान हमें चेतावनी दे रहा है कि यदि हमने पर्यावरण के प्रति अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाले दशकों में स्वास्थ्य प्रणालियां ढह सकती हैं। 2026 का अभियान सरकारों और अंतरराष्ट्रीय निकायों को इस बात के लिए प्रेरित करता है कि वे स्वास्थ्य नीतियों को जलवायु क्रिया के साथ जोड़ें। यदि हमें सतत विकास लक्ष्यों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेषकर तीसरे लक्ष्य </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्वस्थ जीवन और खुशहाली</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">को साकार करना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वैज्ञानिक नवाचार और वैश्विक समन्वय का मार्ग अपनाना आज की अनिवार्य आवश्यकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस का आयोजन केवल बड़े भाषणों या सम्मेलनों तक सीमित नहीं होना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे एक जन आंदोलन का रूप लेना चाहिए। स्कूलों और कॉलेजों में जब विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सिद्धांतों और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में सिखाया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वे आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत नींव रखते हैं। स्वास्थ्य शिविरों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">टीकाकरण अभियानों और मुफ्त जांच कार्यक्रमों के माध्यम से इस दिन की सार्थकता को जमीन पर उतारा जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्वयं लेनी होगी। संतुलित आहार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नियमित शारीरिक व्यायाम</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन जैसी छोटी-छोटी चीजें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तरीके हैं जिनसे हम एक लंबी और स्वस्थ आयु प्राप्त कर सकते हैं। हमें यह समझना होगा कि आधुनिक तकनीक और दवाएं केवल बीमारी के उपचार में मदद करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि स्वस्थ जीवनशैली बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी वैज्ञानिक तरीका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अंततः</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें याद दिलाता है कि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है और एक स्वस्थ समाज ही प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। हमें इस दिन यह संकल्प लेना चाहिए कि हम विज्ञान के प्रति अपनी आस्था बनाए रखेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भ्रामक सूचनाओं से बचेंगे और स्वास्थ्य को अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएंगे। स्वास्थ्य ही वह आधार है जिस पर हमारे सभी सपने और सफलताएं टिकी हैं। यदि हम विज्ञान और सहयोग के हाथ थामकर आगे बढ़ेंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो निश्चित रूप से हम एक ऐसी दुनिया का निर्माण कर पाएंगे जहां "</span>Health for All" <span lang="hi" xml:lang="hi">केवल एक नारा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि एक वास्तविकता होगी। यह दिवस हमें निरंतर यह प्रेरणा देता रहे कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह एक वैश्विक धरोहर है जिसे हमें वैज्ञानिक सोच और एकजुटता के साथ सुरक्षित रखना है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 18:21:17 +0530</pubDate>
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                <title>आयुष्मान कार्ड से गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले : जिलाधिकारी </title>
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<div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत डी०जी०आर०सी० (जिला शिकायत निवारण समिति) की बैठक संपन्न हुई । जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की लाभकारी योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले यह सुरक्षित किया जाए। </div>
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<div>  जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुसार पारदर्शिता पूर्वक जीरो टॉलरेंस नीति के अनुसार भ्रष्टाचार मुक्त कार्य हो,यदि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है तो उसकी शिकायत सीधे मुझसे करें । समीक्षा के दौरान यह पाया कि</div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149341/district-magistrate-should-get-quality-treatment-with-ayushman-card%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250304-wa0013.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत डी०जी०आर०सी० (जिला शिकायत निवारण समिति) की बैठक संपन्न हुई । जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त नर्सिंग होम के प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की लाभकारी योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले यह सुरक्षित किया जाए। </div>
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<div> जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशानुसार पारदर्शिता पूर्वक जीरो टॉलरेंस नीति के अनुसार भ्रष्टाचार मुक्त कार्य हो,यदि किसी भी अधिकारी/कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है तो उसकी शिकायत सीधे मुझसे करें । समीक्षा के दौरान यह पाया कि जनपद कानपुर नगर में आयुष्मान योजना अंतर्गत सूचीबद्ध कुल 228 चिकित्सालय हैं, जिनमें 167 निजी चिकित्सालय तथा 61 राजकीय चिकित्सालय है। जिसके अंतर्गत 77 चिकित्सालयों के 1010 सी0डी0 पी0 केस रिजेक्ट हुए है जिनका भुगतान नहीं किया गया।</div>
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<div>जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्वयं एक एक  प्रकरणों की जांच करने के उपरांत ही समिति के सम्मुख प्रकरण प्रस्तुत किया जाए। निर्देशित करते हुए कि प्रभारी नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद के 1010 सी०पी०डी० रिजेक्ट एक एक केसों की समीक्षा करते हुए सूची बनाई जाए कि किस नर्सिंग होम के कितने केस किस कारण से कब, कैसे  रिजेक्ट हुए है ।</div>
<div> </div>
<div>जिलाधिकारी ने प्रभारी नोडल अधिकारी को यह भी सुनिश्चित करें कि पूर्व में आयोजित डी0जी0आर0सी की बैठक में रिजेक्ट केस कितने थे उसकी सूची मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए, जिनके द्वारा आज ही लखनऊ उनके साचीज कार्यालय में जाकर एक एक केसों की समीक्षा स्वयं किए जाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके द्वारा भी रिजेक्ट केसों के संदर्भ में एक सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाए। बैठक में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी नोडल अधिकारी आयुष्मान भारत, नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ0 सरावगी समेत अन्य संबंधित  नर्सिंग होम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 15:20:52 +0530</pubDate>
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