<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/26067/dm-kanpur" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>DM Kanpur - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/26067/rss</link>
                <description>DM Kanpur RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>9 महीने बाद भी विनियमितिकरण अधर में, सीजनल संग्रह अमीनों को नहीं मिला शासनादेश का लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर</strong>।</p>
<p>राजस्व विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे सीजनल संग्रह अमीनों के विनियमितिकरण का मामला एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शासनादेश जारी होने और पूर्व जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 9 महीने बीत जाने के बाद भी अमीनों को विनियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है।</p>
<p>हैरानी की बात यह है कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>ADM स्तर पर अटकी फाइलें</strong></p>
<p>सीजनल संग्रह अमीनों का आरोप है कि विनियमितिकरण से जुड़ी सभी फाइलें ADM</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168278/even-after-9-months-regulation-is-in-limbo-seasonal-collection"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/inshot_20260204_201902099.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर</strong>।</p>
<p>राजस्व विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे सीजनल संग्रह अमीनों के विनियमितिकरण का मामला एक बार फिर प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। शासनादेश जारी होने और पूर्व जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 9 महीने बीत जाने के बाद भी अमीनों को विनियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है।</p>
<p>हैरानी की बात यह है कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखा दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p><strong>ADM स्तर पर अटकी फाइलें</strong></p>
<p>सीजनल संग्रह अमीनों का आरोप है कि विनियमितिकरण से जुड़ी सभी फाइलें ADM (वित्त एवं राजस्व) स्तर पर लंबित हैं। वहीं, मुख्य राजस्व लेखाकार कार्यालय द्वारा आवश्यक प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा, जिससे पूरा मामला जानबूझकर लटकाया जा रहा है।</p>
<p><strong>शासनादेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?</strong></p>
<p>राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी शासनादेश और पूर्व डीएम के आदेशों के बाद भी अमीनों को लाभ न मिलना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।</p>
<p><strong>अमीनों का यह भी कहना है कि</strong></p>
<p>👉 वर्तमान में मुख्य राजस्व लेखाकार कार्यालय एवं संबंधित अधिकारी विनियमितिकरण नहीं चाहते,</p>
<p>👉 इसी कारण वर्तमान जिलाधिकारी को गुमराह किया जा रहा है,</p>
<p>👉 जिससे शासनादेश के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।</p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात सवाल करता है—</strong></p>
<p>जब शासनादेश लागू है, तो विनियमितिकरण क्यों नहीं?</p>
<p>जब पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं, तो प्रशासन मौन क्यों है?</p>
<p>क्या अधिकारियों की मनमानी शासनादेश से ऊपर है?</p>
<p>सीजनल संग्रह अमीनों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/168278/even-after-9-months-regulation-is-in-limbo-seasonal-collection</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/168278/even-after-9-months-regulation-is-in-limbo-seasonal-collection</guid>
                <pubDate>Thu, 05 Feb 2026 14:22:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/inshot_20260204_201902099.jpg"                         length="378439"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[SWATANTRA PRABHAT KANPUR]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर डीएम कानपुर की बड़ी कार्रवाई </title>
                                    <description><![CDATA[डीएम ने की मनरेगा में धांधली पर प्रधान, वीडीओ व सहायक पर बड़ी कार्रवाई ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img_20250303_085750.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा सरकारी विभागों में व्याप्त धांधली, लापरवाही व भ्रष्टाचार के प्रति लगाम कसना शुरू कर दिया है। अभी तक जिलाधिकारी तमाम विभागों में निरीक्षण कर रहे थे और वहां की खामियों को परख रहे थे। लेकिन अब उन्होंने बड़ी कार्रवाई करना शुरू कर दिया है  प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जिलों जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जनपद के  तहसील सदर में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग में मिली खामियां को देखते हुए कार्यवाही की गई है। विगत 20 जनवरी 2025 को जिलाधिकारी कानपुर नगर जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा उक्त निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग के निरीक्षण के क्रम में बड़ी कार्रवाई की गई है।</div>
<div> </div>
<div> उक्त निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर बीम व कॉलम आदि में शटरिंग के जॉइंट पर सीमेंट की बोरियां लगी पाईं गईं तथा ग्राउंड फ्लोर पर बाहर की तरफ की बीम में ब्लागिंग पाए जाने पर अत्यधिक रोष व्यक्त किया गया था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा व उसके उपरांत कई बार निर्माणाधीन पार्किंग के परियोजना प्रबंधक एस. के. वर्मा द्वारा संस्था से उक्त कमियों को ठीक करने को कहा गया लेकिन अब तक ठीक नहीं किया गया. इसलिए जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में परियोजना प्रबंधक के द्वारा निर्माण कार्य में मेसर्स गंगा इन्फ्रा बिल्ड  प्राइवेट लिमिटेड पर ₹5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है  जिसकी कटौती उक्त संस्था के बीजक से की जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>इसके अतिरिक्त मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत निवादा मगही विकासखंड शिवराजपुर में की जांच में दोषी पाए गए प्रधान कैलाश, निलंबित  ग्राम विकास अधिकारी मनोज वर्मा व तकनीकी सहायक अरविंद बाजपेई पर क्रमशः 22989 रुपए 22989 रुपए और 22988 रुपए जुर्माना लगाया गया। संबंधित ग्राम प्रधान पर जिला पंचायती राज अधिकारी द्वारा वसूली के साथ-साथ प्रशासनिक भी कार्रवाई  की जाएगी। संबंधित ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है साथ ही, खंड विकास अधिकारी, शिवराजपुर द्वारा वसूली भी किया जाएगा। वहीं, तकनीकी सहायक अरविंद बाजपेई से खंड विकास अधिकारी शिवराजपुर वसूली करेंगे साथ ही मुख्य विकास अधिकारी कानपुर नगर द्वारा उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की भी जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149252/dm-kanpurs-major-action-on-the-zero-tolerance-policy-of</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 14:25:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/img_20250303_085750.jpg"                         length="302835"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        