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                <title>revenue Department - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>revenue Department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>केंद्रीय मंत्री के कब्जे से खाली करायी जाएगी 15 एकड़ जमीन, जेसीबी लेकर पहुंचे अधिकारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>कर्नाटक में राजस्व विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और अन्य के खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस अभियान के तहत 12 सर्वेक्षण नंबरों में फैली 15 एकड़ जमीन को खाली कराया जाएगा, जिस पर अवैध कब्जे का आरोप है.।</div>
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<div>  रामनगर के जिला मजिस्ट्रेट यशवंत वी. गुरुकर अन्य अधिकारियों के साथ कोर्ट के आदेश और सर्वे रिपोर्ट लेकर कुमारस्वामी के आवास के पास केथागनहल्ली पहुंचे. केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से जुड़ी कथित रूप से अतिक्रमित भूमि को खाली कराने का अभियान शुरू किया गया. डिप्टी कमिश्नर गुरुकर ने मीडिया को बताया,</div>
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<div><strong>कुमारस्वामी</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150090/officers-arrived-with-jcb-15-acres-of-land-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(15)3.jpg" alt=""></a><br /><div>कर्नाटक में राजस्व विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और अन्य के खिलाफ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इस अभियान के तहत 12 सर्वेक्षण नंबरों में फैली 15 एकड़ जमीन को खाली कराया जाएगा, जिस पर अवैध कब्जे का आरोप है.।</div>
<div> </div>
<div> रामनगर के जिला मजिस्ट्रेट यशवंत वी. गुरुकर अन्य अधिकारियों के साथ कोर्ट के आदेश और सर्वे रिपोर्ट लेकर कुमारस्वामी के आवास के पास केथागनहल्ली पहुंचे. केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी से जुड़ी कथित रूप से अतिक्रमित भूमि को खाली कराने का अभियान शुरू किया गया. डिप्टी कमिश्नर गुरुकर ने मीडिया को बताया, "अदालत के निर्देश के अनुसार, हमने अतिक्रमित भूमि को खाली कराने का काम शुरू कर दिया है. अभियान पूरा होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट अदालत को सौंपी जाएगी."।</div>
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<div> राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ने कथित अतिक्रमण की जांच के लिए पहले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था. सर्वेक्षण संख्या 7, 8, 9, 10, 16, 17 और 79 के अंतर्गत बिदादी के केथागनहल्ली में विभिन्न भूमि खंडों में सर्वेक्षण किया था.।</div>
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<div><strong>कुमारस्वामी ने बताया राजनीतिक साजिश</strong></div>
<div> केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विवादित जमीन चार दशक पहले कानूनी तौर पर खरीदी गई थी. नई दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने कभी किसी अवैध गतिविधि में भाग नहीं लिया. यह जमीन 40 साल पहले खरीदी गई थी और मैं कानूनी तरीकों से।</div>
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<div><strong> इस राजनीतिक साजिश का मुकाबला करूंगा."</strong></div>
<div>कर्नाटक के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके कुमारस्वामी ने मामले को लेकर सरकार के रवैये की आलोचना की. उन्होंने कहा, "कानून के अनुसार किसी भी बेदखली से पहले 15 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य है, यहां तक कि आम नागरिक के लिए भी. हालांकि, मुझे अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है." उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मौजूदा प्रशासन उन्हें गलत तरीके से निशाना बना रहा है. बेंगलुरु के कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि भूमि संबंधी मामले में मेरे खिलाफ एसआईटी गठित की गई है।</div>
<div> </div>
<div>कुमारस्वामी ने मीडिया से रिपोर्ट करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों में इस भूमि की कई बार जांच की जा चुकी है. भूमि निकासी अभियान अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है, जिसके पूरा होने पर अधिकारी न्यायालय को अंतिम रिपोर्ट सौंपेंगे. आने वाले हफ्तों में इस मामले में कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ने की संभावना है।</div>
<div> </div>
<div>इसके पहले अक्तूबर 24 में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं.कुमारस्वामी के खिलाफ जबरन वसूली और आपराधिक धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने गुरुवार को बताया कि कुमारस्वामी के साथ-साथ, जदएस के पूर्व विधान पार्षद रमेश गौड़ा पर भी अमृतहल्ली थाने ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया है।</div>
<div> </div>
<div>विजय टाटा नामक एक व्यवसायी ने आज शहर के अमृतहल्ली पुलिस स्टेशन में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और पूर्व विधान परिषद सदस्य रमेश गौड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने 50 करोड़ रुपये देने की धमकी दी. पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।</div>
<div> </div>
<div>इससे पहले कुमारस्वामी और रमेश गौड़ा के खिलाफ एनसीआर दर्ज करने वाली पुलिस ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की और अब एफआईआर दर्ज की. एफआईआर में रमेश को पहला आरोपी और कुमारस्वामी को दूसरा आरोपी बनाया गया है. शिकायतकर्ता विजय टाटा, दशरहल्ली निवासी हैं और रियल एस्टेट व्यवसायी हैं. वे 2018 से जेडीएस पार्टी में पहचाने जाते हैं और वर्तमान में पार्टी के सोशल मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष हैं।</div>
<div> </div>
<div>शिकायतकर्ता विजय टाटा ने आरोप लगाया कि साल 2019 में वह जेडीएस के इंटरनेट मीडिया प्रभाग के उपाध्यक्ष थे. उन्होंने कहा, ‘"2019 के मांड्या लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने जेडीएस उम्मीदवार निखिल कुमारस्वामी की ओर से सोशल मीडिया पर प्रचार किया था और इस पर व्यक्तिगत रूप से करोड़ों रुपये खर्च किए थे." विजय टाटा ने आरोप लगाया कि 24 अगस्त को पूर्व एमएलसी रमेश गौड़ा घर आए और अपने फोन से कुमारस्वामी को फोन किया. मंत्री ने उनसे कहा कि पार्टी को चन्नापटना उपचुनाव के लिए 50 करोड़ रुपये की जरूरत है।</div>
<div> </div>
<div>इस पर विजय ने तुरंत जवाब दिया, ''सर, मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं, मुझे अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पूरे करने हैं, इसलिए मैं पार्टी के काम में शामिल होने की कोशिश करूंगा.' उन्होंने कहा, कुमारस्वामी मेरी बातों से नाराज हो गए और कहा 'मुझे नहीं पता कि अगर आप 50 करोड़ रुपए तैयार नहीं करेंगे तो मैं क्या करूंगा. न केवल आप बेंगलुरु में रियल एस्टेट का कारोबार चलाएंगे, बल्कि यहां रहना भी मुश्किल हो जाएगा,' उन्होंने धमकी दी और फोन काट दिया।</div>
<div> </div>
<div>" विजय टाटा ने शिकायत में बताया, "मेरे सामने बैठे रमेश गौड़ा ने धमकी दी कि कुमारन्ना (कुमारस्वामी) के कहे अनुसार 50 करोड़ तैयार रखो और 'मैं एक मंदिर और एक स्कूल बना रहा हूं, उसके लिए 5 करोड़ दो'. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'अगर तुम यह पैसा नहीं दोगे, तो तुम्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा.'विजय ने दावा किया कि जब उन्होंने रुपये देने में असमर्थता जताई तो कुमारस्वामी ने कथित तौर पर उन्होंने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 13:43:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>शिकायत के बावजूद दबंगों का आबादी की भूमि पर कब्जा, राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>चित्रकूट।</strong> प्रशासनिक आदेशों के बावजूद दबंगों ने गाटा संख्या 820 आबादी की भूमि पर कब्जा कर लिया है, जबकि संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में कोई सख्त कार्यवाही नहीं की। यह मामला राजस्व विभाग की लापरवाही और प्रशासनिक ढिलाई को उजागर करता है, जिससे न सिर्फ स्थानीय नागरिकों का हक प्रभावित हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।</div>
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<div>सूत्रों के अनुसार, एसडीएम पूजा साहू ने अवैध कब्जे को रोकने के लिए तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी को स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन सदर तहसीलदार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इससे साफ होता</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149194/despite-the-complaint-the-domineering-population-land-occupied-the-revenue"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/screenshot_2025-03-02-12-58-04-52_92460851df6f172a4592fca41cc2d2e6.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>चित्रकूट।</strong> प्रशासनिक आदेशों के बावजूद दबंगों ने गाटा संख्या 820 आबादी की भूमि पर कब्जा कर लिया है, जबकि संबंधित अधिकारियों ने इस मामले में कोई सख्त कार्यवाही नहीं की। यह मामला राजस्व विभाग की लापरवाही और प्रशासनिक ढिलाई को उजागर करता है, जिससे न सिर्फ स्थानीय नागरिकों का हक प्रभावित हो रहा है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।</div>
<div> </div>
<div>सूत्रों के अनुसार, एसडीएम पूजा साहू ने अवैध कब्जे को रोकने के लिए तहसीलदार चंद्रकांत तिवारी को स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन सदर तहसीलदार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इससे साफ होता है कि अवैध कब्जे को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्यवाही नहीं की जा रही है, जिससे दबंगों के हौसले बुलंद हो गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध कब्जों को लेकर सख्त निर्देश दे चुके हैं, लेकिन राज्य में इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। कई बार स्थानीय प्रशासन को अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, बावजूद इसके प्रशासनिक अमला इन आदेशों को नकारा कर रहा है।</div>
<div> </div>
<div>ग्राम पंचायत सदस्य अश्विनी कुमार का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब इस प्रकार के अवैध कब्जे सरकारी नियमों और कानून का उल्लंघन करते हुए जनता के अधिकारों को भी चोट पहुंचाते हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस मामले में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या योगी सरकार की दिशा-निर्देशों के बावजूद स्थानीय प्रशासन में कहीं न कहीं लापरवाही और दबाव की स्थिति बनी हुई है, जो स्थानीय दबंगों को अपनी कार्रवाई जारी रखने की ताकत दे रही है।</div>
<div> </div>
<div>वहीं, इस पूरे प्रकरण पर विपक्षी दलों ने भी शासन और प्रशासन के खिलाफ सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की सख्ती केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर इसका असर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।</div>
<div> </div>
<div>अब देखना यह होगा कि इस मामले में प्रशासन किस तरह से कार्रवाई करता है और स्थानीय निवासियों के हक की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाए जाते हैं या नहीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 15:54:57 +0530</pubDate>
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