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                <title>public toilet - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>public toilet RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बभनान मंडी में बदहाल शौचालय: दरवाजे गायब, गंदगी के बीच रखी पानी की टंकी, जिम्मेदार मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केनगर पंचायत बभनान की नवीन सब्जी मंडी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब एक गंभीर जनसमस्या का रूप लेती जा रही है। लाखों रुपये की लागत से विकसित की गई इस मंडी में जहां रोजाना सैकड़ों व्यापारी और ग्राहक पहुंचते हैं, वहीं मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। खासकर मंडी परिसर में बने शौचालयों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग उनका उपयोग करने से कतराने लगे हैं। मौके पर निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, वह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। शौचालयों के भीतर और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182786/bad-condition-of-toilet-in-babhnan-mandi-doors-missing-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केनगर पंचायत बभनान की नवीन सब्जी मंडी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब एक गंभीर जनसमस्या का रूप लेती जा रही है। लाखों रुपये की लागत से विकसित की गई इस मंडी में जहां रोजाना सैकड़ों व्यापारी और ग्राहक पहुंचते हैं, वहीं मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। खासकर मंडी परिसर में बने शौचालयों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग उनका उपयोग करने से कतराने लगे हैं। मौके पर निरीक्षण के दौरान जो स्थिति सामने आई, वह बेहद चिंताजनक और शर्मनाक है। शौचालयों के भीतर और बाहर चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। फर्श पर गंदा पानी भरा है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है बल्कि फिसलकर चोट लगने का खतरा भी बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जगह-जगह कूड़ा-करकट पड़ा हुआ है, जो लंबे समय से साफ-सफाई न होने का स्पष्ट संकेत देता है। शौचालयों की दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है, छत से सीलन टपक रही है और समुचित रखरखाव के अभाव में पूरी संरचना जर्जर होती जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन शौचालयों में अब तक दरवाजे तक नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य उपयोगकर्ता बेहद असहज और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि सामाजिक गरिमा और निजता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं, शौचालय परिसर में रखी पानी की टंकी भी गंदगी के बीच पड़ी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस टंकी से इस्तेमाल होने वाले पानी की स्वच्छता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे अस्वच्छ वातावरण में रखा पानी संक्रमण और बीमारियों का कारण बन सकता है। यह सीधे तौर पर आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। व्यापारियों ने बताया कि मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों लोग आते हैं, लेकिन यहां शौचालय, और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। कई बार नगर पंचायत के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला, जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत केवल कागजों में सफाई अभियान चलाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जल्द ही शौचालयों की मरम्मत, सफाई और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन और विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। मंडी जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की अव्यवस्था न केवल नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आम जनता की बुनियादी जरूरतों को किस तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत अभियान जैसे बड़े दावों के बीच इस तरह की तस्वीरें सरकारी दावों की सच्चाई उजागर करती हैं। इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी (ईओ) कीर्ति सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने बताया कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब देखना यह होगा कि नगर पंचायत प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कब तक उदासीन बना रहता है और कब तक आम जनता को इस बदहाल व्यवस्था के बीच अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ेंगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:11:07 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>ग़ोला विस्तारित क्षेत्रों में बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय, नगर पंचायत गोला की उदासीनता उजागर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>    ग़ोला -गोरखपुर -</strong> जनपद के दक्षिणांचल में स्थित जिले की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत गोला में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं। हालात यह हैं कि नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में बने कई सार्वजनिक शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे आमजन खुले में शौच को मजबूर है और पवित्र सरयू नदी लगातार प्रदूषण की चपेट में आ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पंचायत गोला में एक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165452/public-toilets-lying-closed-in-extended-areas-of-gola-expose"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/p---1-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>  ग़ोला -गोरखपुर -</strong> जनपद के दक्षिणांचल में स्थित जिले की दूसरी सबसे बड़ी नगर पंचायत गोला में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर नजर आ रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सार्वजनिक शौचालय आज खुद बदहाली की तस्वीर पेश कर रहे हैं। हालात यह हैं कि नगर पंचायत के विस्तारित क्षेत्रों में बने कई सार्वजनिक शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे आमजन खुले में शौच को मजबूर है और पवित्र सरयू नदी लगातार प्रदूषण की चपेट में आ रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर पंचायत गोला में एक ओर जहां शौचालयों से निकलने वाला मल-मूत्र सीधे सरयू नदी में गिराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता के प्रतीक सार्वजनिक शौचालयों पर हमेशा ताले लटके रहते हैं। कागजों में केयर टेकरों की नियुक्ति दर्शाई जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो शौचालय खुले हैं और न ही उनकी देखरेख हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे खस्ता हाल विस्तारित क्षेत्रों का है। वार्ड नंबर 4 भवनियापुर में स्थित सार्वजनिक शौचालय का निर्माण लगभग चार वर्ष पूर्व ग्राम सभा के समय कराया गया था। नगर पंचायत में शामिल होने के बाद लाखों रुपये खर्च कर इसमें टाइल्स और सौंदर्यीकरण कराया गया, लेकिन आज तक यह शौचालय आम जनता के उपयोग के लिए नहीं खोला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत केवल कागजों तक सीमित रही। इस संबंध में वार्ड सभासद संदीप सोनकर ने अनभिज्ञता जताते हुए जांच की बात कही, जबकि लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वार्ड नंबर 10 की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। रानीपुर, अतरौरा सब्जी मंडी और सरकारी पशु चिकित्सालय के सामने बने तीनों सार्वजनिक शौचालय हमेशा बंद रहते हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 11 बेवरी में बना सार्वजनिक शौचालय भी वर्षों से बंद पड़ा है। ये सभी शौचालय विस्तारित क्षेत्रों में आते हैं, जो नगर पंचायत की अव्यवस्था और लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, योजनाओं का खूब प्रचार हो रहा है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा। सभासदों, चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी की निष्क्रियता का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। खुले में शौच से न सिर्फ बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, बल्कि सरयू नदी का पर्यावरण भी गंभीर संकट में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों ने मांग की है कि बंद पड़े सार्वजनिक शौचालयों को तत्काल चालू कराया जाए, सरयू नदी में गिर रहे गंदे पानी पर रोक लगाई जाए और विस्तारित क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्वच्छता अभियान केवल कागजी दावा बनकर न रह जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 18:20:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन साल बाद भी अधूरे शौचालय, मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन की उड़ी धज्जियां  </title>
                                    <description><![CDATA[<div>  <strong>गोलाबाजार /गोरखपुर- </strong>गोला उपनगर के वार्ड नंबर 10 में बने तीन सार्वजनिक शौचालय, जिनका उद्घाटन तीन साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया था, आज भी अधूरे और अनुपयोगी पड़े हैं। ये शौचालय भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पश्चिम चौराहे पर बना मॉडल शौचालय, जहां महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी, हमेशा ताला बंद रहता है।</div>
<div>  </div>
<div>  सब्जी मंडी में बना दूसरा शौचालय तैयार तो हुआ, लेकिन इसका टैंक अधूरा है और ताले जंग खा रहे हैं। सामने</div>
<div> </div>
<div>जिसका</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152095/even-after-three-years-the-incomplete-toilets-of-the-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/p2.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>गोलाबाजार /गोरखपुर- </strong>गोला उपनगर के वार्ड नंबर 10 में बने तीन सार्वजनिक शौचालय, जिनका उद्घाटन तीन साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया था, आज भी अधूरे और अनुपयोगी पड़े हैं। ये शौचालय भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पश्चिम चौराहे पर बना मॉडल शौचालय, जहां महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी, हमेशा ताला बंद रहता है।</div>
<div> </div>
<div> सब्जी मंडी में बना दूसरा शौचालय तैयार तो हुआ, लेकिन इसका टैंक अधूरा है और ताले जंग खा रहे हैं। सामने गंदगी का अंबार लगा है, जिससे मंडी में आने वाली भीड़ को इसका उपयोग नहीं हो पा रहा। तीसरा शौचालय रानीपुर में सरकारी कृषि बीज भंडार के पास है, </div>
<div> </div>
<div>जिसका निर्माण कार्य चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ। टैंक का निर्माण अब तक नहीं हो सका है।इन शौचालयों का निर्माण भीड़ को देखते हुए किया गया था, क्योंकि पश्चिम चौराहे पर सीएचसी, पशु चिकित्सालय, ब्लॉक कार्यालय और कई निजी संस्थान हैं, जहां पूरे दिन लोगों का आवागमन रहता है। फिर भी, ये शौचालय उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जो गुड गवर्नेंस की पोल खोल रहा है।</div>
<div> </div>
<div>नगर पंचायत अध्यक्षा लालती देवी ने पश्चिम चौराहे के शौचालय पर ताला बंद होने पर अनभिज्ञता जताई और कहा, "हम जानकारी ले रहे हैं कि ताला क्यों बंद है। पानी की समस्या के कारण यह बंद है।" हालांकि, स्थानीय लोग जिम्मेदारों की लापरवाही को इसका कारण बता रहे हैं।जनता का कहना है कि अधूरे शौचालयों का उद्घाटन कराकर जिम्मेदारों ने केवल खानापूरी की है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में यह स्थिति शासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 18:00:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर बना सार्वजनिक मूत्रालय बदहाल, जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>नगर क्षेत्र के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर बलरामपुर टैक्सी स्टैंड पर आम जनता की सुविधा के लिए रखा गया मोबाइल यूरेनियल अब अव्यवस्था और दुर्दशा का शिकार हो गया है। टूटी हुई क्षतिग्रस्त दरवाजे, चारों ओर फैला कूड़ा-कचरा और उठती भीषण दुर्गंध से यह मूत्रालय अब उपयोग करने योग्य नहीं रह गया है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को इस बदहाल स्थिति के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  </div>
<div>  </div>
<div>स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सार्वजनिक मूत्रालय वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। इसके दरवाजे पूरी तरह टूट चुके हैं, जिससे महिलाओं के लिए इसका उपयोग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148990/shyama-prasad-mukherjee-public-urinal-people-upset-at-the-intersection"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/1-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला (बलरामपुर)- </strong>नगर क्षेत्र के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर बलरामपुर टैक्सी स्टैंड पर आम जनता की सुविधा के लिए रखा गया मोबाइल यूरेनियल अब अव्यवस्था और दुर्दशा का शिकार हो गया है। टूटी हुई क्षतिग्रस्त दरवाजे, चारों ओर फैला कूड़ा-कचरा और उठती भीषण दुर्गंध से यह मूत्रालय अब उपयोग करने योग्य नहीं रह गया है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को इस बदहाल स्थिति के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  </div>
<div> </div>
<div>स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह सार्वजनिक मूत्रालय वर्षों से उपेक्षा का शिकार है। इसके दरवाजे पूरी तरह टूट चुके हैं, जिससे महिलाओं के लिए इसका उपयोग करना मुश्किल हो गया है। अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ है और नियमित सफाई न होने के कारण चारों ओर असहनीय दुर्गंध फैली रहती है। वहीं, नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न देने से समस्या और अधिक गंभीर होती जा रही है।   </div>
<div> </div>
<div>स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि नगर पालिका सफाई व्यवस्था को लेकर लापरवाह बनी हुई है। मूत्रालय के आसपास कूड़े का ढेर जमा है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के दौरान यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे आसपास के दुकानदारों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।    </div>
<div> </div>
<div>नगर के नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से इस मूत्रालय की तत्काल सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो मजबूरन धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।  </div>
<div>स्थानीय नागरिकों और राहगीरों की मांग है कि नगर पालिका प्रशासन जल्द से जल्द इस सार्वजनिक मूत्रालय की सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू करे, ताकि जनता को इस असुविधा से राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यदि नगर पालिका ने जल्द कदम नहीं उठाया तो उन्हें मजबूरन उच्च अधिकारियों तक इस मामले की शिकायत करनी पड़ेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 17:54:34 +0530</pubDate>
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