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                <title>nano DAP - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>nano DAP RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बरेली उप कृषि निदेशक (शोध) संभागीय कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, बिलवा में हुआ आयोजित </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>यह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक(शोध) पवन कुमार प्रजापति  एवं विशिष्ट अथिति डॉ नरेन्द्र प्रताप (वानस्पतिविद) तथा  कार्यक्रम का शुभारंभ  कार्तिक सिंह क्षेत्र अधिकारी इफको बरेली द्वारा  उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में इफको के नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी) की प्रयोग विधि, कार्यप्रणाली एवं कृषि में उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने *संभागीय कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र, बिलवा फार्म पर किए जा रहे नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के प्रदर्शन के संदर्भ में जानकारी देते हुए।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182875/bareilly-deputy-agriculture-director-research-divisional-agricultural-testing-and-demonstration"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.---------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/ </strong>यह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक(शोध) पवन कुमार प्रजापति  एवं विशिष्ट अथिति डॉ नरेन्द्र प्रताप (वानस्पतिविद) तथा  कार्यक्रम का शुभारंभ  कार्तिक सिंह क्षेत्र अधिकारी इफको बरेली द्वारा  उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में इफको के नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी) की प्रयोग विधि, कार्यप्रणाली एवं कृषि में उनकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने *संभागीय कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र, बिलवा फार्म पर किए जा रहे नैनो यूरिया प्लस एवं नैनो डीएपी के प्रदर्शन के संदर्भ में जानकारी देते हुए। उनके उद्देश्यों से कर्मचारियों को अवगत कराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि पवन कुमार प्रजापति  ने अपने संबोधन में सभी कर्मचारियों से इफको द्वारा संचालित नैनो उर्वरक प्रयोगों को सफल बनाने का आह्वान किया ।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नैनो उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग एवं उनके कृषि उत्पादन में योगदान पर विस्तृत चर्चा की।इस कार्यक्रम में बीज परीक्षण प्रभारी  कृतज्ञ गंगवार , परीक्षण प्रभारी संजीव कुमार , फार्म अधीक्षक' हेमंत गंगवार जैव उर्वरक प्रभारी विकास कुमार  कुमार सहित सभी कर्मचारी उपस्थित रहें ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:54:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया। श्री संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा ।</div>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>भारत की</strong></div></blockquote></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175827/nationwide-nano-fertilizer-awareness-campaign-launched-by-iffco"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001707588.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया। श्री संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा ।</div>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>भारत की सबसे बड़ी उर्वरक </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सहकारी संस्था, ने आधिकारिक रूप से इफको नैनो उर्वरक जागरूकता</div>
<div style="text-align:justify;">महा अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष श्री</div>
<div style="text-align:justify;">दिलीप संघाणी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक व्यापक</div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और एकीकृत राष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय किसानों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है।  यह अभियान  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अ मित शाह की प्रेरणा से शुरू किया गया है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘सहकार से समृद्धि’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप</div>
<div style="text-align:justify;">है। भारत के राजपत्र के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में नैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को शामिल किया जाना भारतीय कृषि नवाचार यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/1001707589.jpg" alt="इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर अभियान का शुभारंभ किया।" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो भारतीय सहकारिता के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आगे बताया कि कोयंबटूर स्थित इफको-नैनोवेंशन्स में इफको का इनोवेशन हब तथा ब्राज़ील में स्थापित होने वाला नैनो उर्वरक उत्पादन संयंत्र — जो जून 2026 तक शुरू होने की संभावना है — कृषि क्षेत्र में नैनो तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का प्रतीक है। श्री संघाणी ने कहा कि भारत आज एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां परंपरा और तकनीक का संगम हो रहा है, और यही संयोजन भारतीय कृषि को नई दिशा दे रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय का संचालन देश के प्रथम सहकारिता मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ का मंत्र इस अभियान की भावना को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित करता है और ‘आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर कृषि’ के लक्ष्य को साकार करता है। श्री संघाणी ने नैनो उर्वरक क्रांति को भारतीय कृषि के लिएपरिवर्तनकारी क्षण बताया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>इस नैनो महा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और परिवर्तन</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभियान के रूप में तैयार किया गया है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य हैं—</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर</div>
<div style="text-align:justify;">का व्यापक प्रचार</div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों को मुख्य रूप से फोलियर स्प्रे के माध्यम से सही उपयोग का</div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण देना</div>
<div style="text-align:justify;"> पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करनासहकारी नेटवर्क के माध्यम से अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान, प्रत्येक PACS को मजबूत बनाकर और क्षेत्रीय प्रदर्शन के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। जब किसान स्वयं परिणाम देखेंगे, तब विश्वास स्वतः बढ़ेगा।”</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन के अंत में श्री दिलीप संघाणी ने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा तथा किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा, “आइए हम सब मिलकर संकल्प लें — कम लागत, अधिक उत्पादन और स्वस्थ पर्यावरण — हर खेत में नैनो उर्वरक, यही नया  भारत है, यही आत्मनिर्भर भारत है।”   इफको ने 218 लाख से अधिक बोतल नैनो यूरिया प्लस लिक्विड और 64.26 लाख से अधिक बोतल नैनो DAP लिक्विड की बिक्री हासिल की है। नैनो जिंक और नैनो कॉपर उत्पादों को भी पहले वर्ष में क्रमशः 57 लाख और 2 लाख बोतलों की प्रभावशाली बिक्री प्राप्त हुई है। यह उल्लेखनीय है कि नैनो यूरिया प्लस की 208.26 लाख बोतलें पारंपरिक यूरिया के 9.37 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जबकि नैनो DAP की 57.89 लाख बोतलें DAP के 2.89 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जिससे देश को लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आयात लागत मेंs भारी बचत हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको की नैनो उर्वरक श्रृंखला में नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK (लिक्विड और ग्रेन्युलर), नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव-उत्तेजक ‘धरा अमृत’ शामिल हैं। ‘धरा अमृत’ — जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक एसिड, ह्यूमिक एसिड, आवश्यक खनिज और केले के रस से समृद्ध है — लॉन्च के बाद से किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इफको का कर-पूर्व लाभ ₹4,200 करोड़ के  ऐतिहासिक स्तर से अधिक रहने का अनुमान है। नैनो तकनीक, ड्रोन  तकनीक, AI और डेटा विश्लेषण में निरंतर नवाचार के माध्यम से इफको भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को रूपांतरित कर रहा है और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">
<div>
<div> </div>
</div>
<div>श्री संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया </div>
</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक श्री के. जे. पटेल सहित निदेशक मंडल के सदस्य उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 15:05:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया में नैनो यूऱिया, नैनो डीएपी पर आधारित सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया, बस्ती के नाना जी देशमुख सभागार में इफको बस्ती द्वारा तरल नैनो यूऱिया, नैनो डीएपी पर आधारित सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको के उप महाप्रबंधक डॉ. आर.के. नायक ने अपने संबोधन में कहा कि इफको के नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से मृदा के स्वास्थ्य में सुधार, जल एवं वायु प्रदूषण में कमी, फसल के उत्पादन व गुणवत्ता में वृद्धि तथा पारंपरिक उर्वरकों के प्रयोग में कमी होती है।</div>
<div>  </div>
<div>इफको द्वारा इस समय विकसित सल्फर वेंटोलाइट, जिंक सल्फेट, मोनोहाइड्रेट, मैग्नीशियम सल्फेट, बोरान एवं नेचुरल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148937/cooperative-training-program-based-on-nano-uiya-nano-dap-organized"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250223-wa0173.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के कृषि विज्ञान केंद्र बंजरिया, बस्ती के नाना जी देशमुख सभागार में इफको बस्ती द्वारा तरल नैनो यूऱिया, नैनो डीएपी पर आधारित सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इफको के उप महाप्रबंधक डॉ. आर.के. नायक ने अपने संबोधन में कहा कि इफको के नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से मृदा के स्वास्थ्य में सुधार, जल एवं वायु प्रदूषण में कमी, फसल के उत्पादन व गुणवत्ता में वृद्धि तथा पारंपरिक उर्वरकों के प्रयोग में कमी होती है।</div>
<div> </div>
<div>इफको द्वारा इस समय विकसित सल्फर वेंटोलाइट, जिंक सल्फेट, मोनोहाइड्रेट, मैग्नीशियम सल्फेट, बोरान एवं नेचुरल पोटाश उपलब्ध है, जो किसानों को बाजार में आसानी से मिल जाती है, और इसके प्रयोग से फसल के उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि होती है। </div>
<div> </div>
<div>केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ पी.के. मिश्रा ने कहा कि ठोस उर्वरकों की अपेक्षा जल विलेय उर्वरकों के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि होती है। केंद्र के वैज्ञानिक आर. बी. सिंह ने कहा कि इसको बायो-डी कंम्पोजर के प्रयोग से फसलों के अवशेष और अन्य बायोवेस्ट से कंपोस्ट बनता है। मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की गतिविधियां बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति और उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. वी.बी. सिंह ने कहा कि इफको का सागरिका समुद्री शैवाल के रूप में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले हार्माेन से परिणाम स्वरुप पौधों की तीव्र विकास होता है। डॉ. प्रेम शंकर ने तरल कंर्जाेटिया (एन.पी.के.) के द्वारा बीज उपचार, जड़ उपचार एवं मृदा उपचार किया जाता है, जिससे पैदावार बढती है। केन्द्र के वैज्ञानिक हरिओम मिश्रा ने नैनो यूरिया प्रयोग व इफको के खरपतवारनाषी उत्पादों के बारे में जानकारी दी और डॉ. अंजली वर्मा, गृह वैज्ञानिक ने पोषण वाटिका में तरल नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के महत्व के बारे में प्रकाश डाला। कार्यक्रम में इफको के एरिया मैनेजर शुभम ने इफको के अन्य उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर जिले के इफको के तमाम खुदरा विक्रेता, वितरक एवं प्रगतिशील कृषक सहित केन्द्र के अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148937/cooperative-training-program-based-on-nano-uiya-nano-dap-organized</link>
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                <pubDate>Sun, 23 Feb 2025 18:10:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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