<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/25431/court-decision" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>अदालत का फैसला - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/25431/rss</link>
                <description>अदालत का फैसला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अदालत का फैसला गैंगस्टर एक्ट में दोषी गैंग लीडर समेत दो को 10-10 वर्ष की कठोर कैद, 10-10 हजार रूपये अर्थदंड , अर्थदंड न देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">  करीब पांच वर्ष पूर्व दर्ज हुए गैंगेस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर एजाज उर्फ आशिक व सक्रिय गैंग सदस्य शोएब को 10-10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10-10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार तिवारी ने 2 नवंबर 2020 को थाने में दी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166930/courts-decision-10-10-years-of-rigorous-imprisonment-to-two-accused"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260117_1624373.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> करीब पांच वर्ष पूर्व दर्ज हुए गैंगेस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर एजाज उर्फ आशिक व सक्रिय गैंग सदस्य शोएब को 10-10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10-10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार तिवारी ने 2 नवंबर 2020 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि एक नवंबर 2020 को पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में था तो पता चला कि एजाज उर्फ आशिक पुत्र जाकिर हुसैन निवासी प्रीतनगर, थाना चोपन, जिला सोनभद्र का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है। इसके अलावा गैंग का सक्रिय सदस्य शोएब पुत्र यूनुस निवासी प्रीतनगर, थाना चोपन, जिला सोनभद्र शामिल है। इनके विरुद्ध दूसरे धर्म की लड़कियों को जाल में फंसाकर यौन संबंध बनाने के साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, सफलता न मिलने पर हत्या करने समेत कई मुकदमा विचाराधीन है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिससे महिलाएं और लड़कियां घर से बाहर नहीं निकलती हैं। लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इनका एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है। इस तहरीर पर 2 नवंबर 2020 को चोपन थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में गैंग लीडर एजाज उर्फ आशिक एवं सक्रिय सदस्य शोएब के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर एजाज उर्फ आशिक और सक्रिय सदस्य शोएब को 10-10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10-10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो-दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील धनंजय शुक्ला ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166930/courts-decision-10-10-years-of-rigorous-imprisonment-to-two-accused</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166930/courts-decision-10-10-years-of-rigorous-imprisonment-to-two-accused</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 23:07:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260117_1624373.jpg"                         length="169915"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ बिक्की सिंह को 20 वर्ष की कठोर कैद , एक लाख रूपये अर्थदंड, न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>नभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 3 वर्ष पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166928/courts-decision-20-years-of-rigorous-imprisonment-to-vikas-singh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260117_1624372.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>नभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 3 वर्ष पूर्व 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र निवासी पीड़िता ने 25 दिसंबर 2022 को पिपरी थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी मित्रता फेसबुक के जरिए विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह निवासी नेवादा कला, थाना अंतु, जिला प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश से हो गई। उसके बाद उसे बहला फुसलाकर गुजरात भगा ले गया, जहां फर्जी आधारकार्ड बनवाकर शादी कर लिया, जबकि उस समय उसकी उम्र 17 वर्ष थी। उसके बाद उससे यौन संबंध भी बनाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उसने चोरी से वीडियो क्लिप भी बना लिया और उसे ब्लैकमेल कर बाहर घुमाने ले जाने लगा और गैर लोगों से सम्बंध बनाने का दबाव भी बनाया। किसी तरह अपनी मां को सारी जानकारी दी।उसकी माँ ने गुजरात पुलिस को सूचना दी तब उसकी गिरफ्तारी हुई। पुलिस ने उसे हिदायत दी कि लड़की को उसके घर छोड़कर आओ, जिसपर वह नशे की हालत में उसे उसके घर के पास रात में छोड़कर भाग गया। किसी तरह घर पहुंची और माँ को सारी बात बताई तो माँ ने कहा कि बीती बातों को भूलकर नई जिंदगी की शुरुआत करो।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ दिनों बाद फिर से कई नम्बर बदल कर फोन करने लगा और धमकी देने लगा कि अपनी मां से पैसा दिलाओ नहीं तो वीडियो क्लिप अपलोड कर देंगे।इसके अलावा किसी व्यक्ति के साथ यौन सम्बंध बनाने का दबाव देने लगा। इस तहरीर पर पिपरी पुलिस ने 25 दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी विकास सिंह उर्फ विक्की सिंह (26) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166928/courts-decision-20-years-of-rigorous-imprisonment-to-vikas-singh</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166928/courts-decision-20-years-of-rigorous-imprisonment-to-vikas-singh</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 22:56:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260117_1624372.jpg"                         length="169915"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला गरीब परिवार को बेघर करने के 11 दोषियों को 2-2 वर्ष की कैद,प्रत्येक पर साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 25 वर्ष पूर्व जाड़े के महीने में एक गरीब व्यक्ति का घर गिरकर परिवार को बेघर करने के मामले में सीजेएम आलोक यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर 11 दोषियों को दो-दो वर्ष के कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। तीन अभियुक्तों की दौरान विचारण मौत हो गई। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़ित को मिलेगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166401/courts-decision-2-2-years-imprisonment-to-11-accused-of-rendering"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20260117_162437.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 25 वर्ष पूर्व जाड़े के महीने में एक गरीब व्यक्ति का घर गिरकर परिवार को बेघर करने के मामले में सीजेएम आलोक यादव की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर 11 दोषियों को दो-दो वर्ष के कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। तीन अभियुक्तों की दौरान विचारण मौत हो गई। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़ित को मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक इजराइल अहमद पुत्र सुबहान निवासी परासी पांडेय, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र ने 5 जनवरी 2001 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गांव के लन्दर पुत्र शिवनाथ से 8000 रुपये देकर एक बिस्वा जमीन खरीद कर अपना कच्चा मकान बनवाकर उसमें परिवार बच्चों के साथ रह रहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">5 जनवरी 2001 को शाम 4 बजे उसके घर पर गांव के समई, प्रभु, हरी, सुरेश उर्फ गुड्डू,नरेश, मुन्ना,राजमनी, जियावन, गोपाल, कल्लू बेचू, रामसूरत उर्फ जगत्तर, वंशी व राममूरत चढ़ आए और परिवार व बच्चों को गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देकर सामान घर से बाहर निकाल कर रख दिया और घर को गिरा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">जब रॉबर्ट्सगंज से मजदूरी करके शाम को घर पहुंचा तो इसकी जानकारी हुई। घटना को गांव घर के कई लोगों ने देखा व सुना है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था। दौरान विचारण तीन अभियुक्तों राजमनी, बेचू व बंशी की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए दोषसिद्ध पाकर 11 दोषियों समई, प्रभु, हरी, सुरेश उर्फ गुड्डू, नरेश, मुन्ना, जियावन, गोपाल, कल्लू, रामसूरत उर्फ जगत्तर व राममूरत को दो-दो वर्ष की कैद की सजा सुनाई। प्रत्येक पर साढ़े चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर प्रत्येक को एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 25 हजार रुपये पीड़ित को मिलेगा। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सतीश वर्मा ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/166401/courts-decision-2-2-years-imprisonment-to-11-accused-of-rendering</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/166401/courts-decision-2-2-years-imprisonment-to-11-accused-of-rendering</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 16:35:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260117_162437.jpg"                         length="169915"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला  दुष्कर्म के दोषी द्वारिका धरिकार को 20 वर्ष की कठोर कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश- </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी द्वारिका धांगर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 40 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165846/courts-decision-to-give-20-years-of-rigorous-imprisonment-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img_20250930_182547.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश- </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी द्वारिका धांगर को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर 40 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 26 जुलाई 2019 को म्योरपुर थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर द्वारिका धरिकार पुत्र श्री राम धरिकार निवासी खैराही, थाना म्योरपुर, जिला सोनभद्र 16 जुलाई 2019 को रात्रि 8 बजे कहीं भगा ले गया। इस तहरीर पर म्योरपुर पुलिस ने 26 जुलाई 2019 को अपहरण की एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान दुष्कर्म की धारा की बढोत्तरी हुई।पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने द्वारिका धरिकार के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दुष्कर्म के दोषी द्वारिका धरिकार (30) वर्ष को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 40 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी व नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165846/courts-decision-to-give-20-years-of-rigorous-imprisonment-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165846/courts-decision-to-give-20-years-of-rigorous-imprisonment-to</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 22:20:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20250930_182547.jpg"                         length="150894"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी हरिमंगल खरवार को उम्रकैद, 25 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>अजित सिंह/राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">साढ़े चार वर्ष पूर्व 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/,सीएडब्लू सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी धर्मजीत को 3 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने चोपन थाने में दी तहरीर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164120/courts-decision-convict-hari-mangal-kharwar-will-have-to-undergo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/polish_20251223_204919610.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">साढ़े चार वर्ष पूर्व 15 वर्षीय किशोरी को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/,सीएडब्लू सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी धर्मजीत को 3 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने चोपन थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 2 मार्च 2021 को उसकी 15 वर्षीय बेटी को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर धर्मजीत पुत्र केशव निवासी मारकुंडी अवई, थाना चोपन, जिला सोनभद्र कहीं भगा ले गया है। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी धर्मजीत को उपरोक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164120/courts-decision-convict-hari-mangal-kharwar-will-have-to-undergo</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/164120/courts-decision-convict-hari-mangal-kharwar-will-have-to-undergo</guid>
                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 01:59:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/polish_20251223_204919610.jpg"                         length="313306"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी विनोद बैगा को 10 वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये अर्थदंड व  अर्थदण्ड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[चोपन थाना क्षेत्र का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156341/court-verdict-vinod-baiga-imprisoned-for-10-years-imprisonment-for"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img_20250930_182547.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब 3 वर्ष पूर्व हुए रविशंकर गौड़ हत्याकांड के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी विनोद बैगा को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने 20 हजार रूपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक कमलेश कुमार गौड़ पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र निवासी चोपन , थाना चोपन , जिला सोनभद्र ने 5 सितंबर 2022 को थानाध्यक्ष चोपन को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसका बड़ा भाई रविशंकर गौड़ 31 अगस्त 2022 को गौशाला की तरफ निकला था और उस समय हल्की बारिश हो रही थी। जब देर रात तक भाई वापस नहीं आया तो पूरे परिवार के लोग हर संभावित जगह खोजबीन किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी बीच कुछ लोगों ने बताया कि विनोद बैगा पुत्र शिवनाथ बैगा निवासी बिल्ली मारकुंडी, थाना चोपन, जिला सोनभद्र के घर की तरफ जाते हुए देखा था। वह अक्सर विनोद के घर आता जाता रहता है। देर रात होने व बारिश की वजह से सभी लोग घर वापस आ गए।दूसरे दिन एक सितंबर 2025 को सुबह साढ़े 11 बजे पता चला कि विनोद बैगा के घर के सामने 100 मीटर दूर टीले वाले खेत मे भाई का शव पड़ा है। इस सूचना पर घर के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि भाई के सिर में चोट लगी थी और भाई की मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">विनोद बैगा उसके भाई को खाने पीने के लिए बुलाया था।उसे आशंका है कि 31 अगस्त की रात में ही विनोद बैगा ने उसके भाई को लाठी डंडे से पीटकर हत्या कर दिया है। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी विनोद बैगा को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उसके ऊपर 20 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156341/court-verdict-vinod-baiga-imprisoned-for-10-years-imprisonment-for</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/156341/court-verdict-vinod-baiga-imprisoned-for-10-years-imprisonment-for</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 18:41:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img_20250930_182547.jpg"                         length="150894"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी तिलकधारी बैगा को 10 वर्ष की कठोर कैद</title>
                                    <description><![CDATA[साढ़े 15 वर्ष पूर्व 15 वर्षीय लड़की के अपहरण का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154160/court-verdict-convict-tilakdhari-baiga-to-10-years-rigorous-imprisonment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img_20250828_200754.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> साढ़े 15 वर्ष पूर्व 15 वर्षीय लड़की के अपहरण मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी तिलकधारी बैगा को 10 वर्ष की कठोर कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 24 फरवरी 2010 को म्योरपुर चौकी, थाना दुद्धी में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसके बड़े भाई के दामाद तिलकधारी बैगा पुत्र रामदेव निवासी मझौली (अंजानी टोला), थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र को बच्चा पैदा हुआ था, जिसे खेलाने के लिए उसकी 15 वर्षीय बेटी को यह कहकर कि तुम्हारी दीदी बुलाई है। उसकी मां की मौजूदगी में लेकर चले गए। जब भी बेटी के बारे में जानकारी की जाती तो कभी घर तो कभी डाला में होना बताया जा रहा था। 19सितंबर 2009 को पता चला कि बेटी को बेच दिया गया है। आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी को तिलकधारी बैगा को 10 वर्ष की कठोर कैद व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154160/court-verdict-convict-tilakdhari-baiga-to-10-years-rigorous-imprisonment</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154160/court-verdict-convict-tilakdhari-baiga-to-10-years-rigorous-imprisonment</guid>
                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 20:23:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img_20250828_200754.jpg"                         length="156971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[सोनभद्र  अपर सत्र न्यायालय   का आदेश]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154029/court-verdict-convict-mahendra-kumar-imprisoned-for-10-years-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img_20250822_225137.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब साढ़े 3 वर्ष पूर्व हुए अशोक पनिका हत्याकांड के मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जीतेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक मीना देवी पत्नी स्वर्गीय सुदर्शन निवासी, हरहोरी, थाना म्योरपुर, जिला सोनभद्र ने 23 दिसंबर 2021 को थानाध्यक्ष म्योरपुर को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसके ससुर अशोक पनिका करीब डेढ़ माह से देवर महेंद्र कुमार के साथ अपनी बड़ी बेटी के घर कांचन रहते थे। 23 दिसंबर 2021 को दोपहर दो बजे ससुर ने देवर महेंद्र कुमार से पुनः कांचन जाने के लिए कहा तो देवर महेंद्र कुमार क्रोधित हो गया और लकड़ी के टुकड़े से ससुर अशोक पनिका के सिर पर मार दिया, जिससे सिर में गंभीर चोटें आई।</p>
<p style="text-align:justify;">जब सरकारी अस्पताल ससुर को लेकर पट्टीदार लोग गए जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 4 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154029/court-verdict-convict-mahendra-kumar-imprisoned-for-10-years-rs</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154029/court-verdict-convict-mahendra-kumar-imprisoned-for-10-years-rs</guid>
                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 22:54:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img_20250822_225137.jpg"                         length="134110"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दोषी सुरेश को 5 वर्ष की कठोर कैद , 5 हजार रूपये अर्थदंड न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[करीब सवा सात वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की के अपहरण का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154010/court-verdict-15-days-additional-imprisonment-for-not-giving-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img_20250821_190125.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी  ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">करीब सवा सात वर्ष पूर्व नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सुरेश को 5 वर्ष की कठोर कैद एवं 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 3 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी थाना क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 16 मई 2018 को दुद्धी थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 12 मई 2018 को रात 9 बजे उसकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी शौच के लिए गई थी, लेकिन वह वापस नहीं आई। जब उसका पता लगाया तो पता चला कि दुद्धी थाना क्षेत्र के सरडिहा गांव निवासी सुरेश पुत्र भगवान दास बहला फुसलाकर उसकी नाबालिग बेटी को भगाकर ले गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब सुरेश के घर जाकर पता किया तो उसकी पत्नी ने बताया कि घर पर नही है।सुरेश को कई बार घर के आसपास मंडराते हुए देखा गया है, लेकिन उसकी घटिया हरकत से वाकिफ नहीं था। आवश्यक कर्रवाई करें। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में सुरेश के विरूद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 10 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर अपहरण के दोषी सुरेश को 5 वर्ष की कठोर कैद एवं 5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 15 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 3 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154010/court-verdict-15-days-additional-imprisonment-for-not-giving-a</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154010/court-verdict-15-days-additional-imprisonment-for-not-giving-a</guid>
                <pubDate>Thu, 21 Aug 2025 19:09:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img_20250821_190125.jpg"                         length="220419"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सोनभद्र अदालत का फैसला, दोषी गैंग लीडर समेत दो को 10-10 वर्ष की कठोर कैद, 10-10 हजार रूपये अर्थदंड</title>
                                    <description><![CDATA[विशेष न्यायाधीश  गैंगस्टर कोर्ट का फैसला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154000/sonbhadra-court-verdict-two-including-the-convict-gang-leader-10-10"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/img-20250819-wa0343.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>राजेश तिवारी ( क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर आनंद उर्फ कल्लू व सक्रिय गैंग सदस्य रामनाथ उर्फ डब्लू को 10-10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10-10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने चोपन थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 26 अप्रैल 2019 को पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में था तो पता चला कि आनंद उर्फ कल्लू पुत्र मोहन गोड़ निवासी कनछ टोला कोड़ईल , थाना चोपन, जिला सोनभद्र का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है। इसके अलावा गांव का ही गैंग का सक्रिय सदस्य रामनाथ उर्फ डब्लू पुत्र रामप्रसाद चेरो के साथ अन्य सदस्य शामिल हैं। इनके विरुद्ध हत्या समेत कई मुकदमा विचाराधीन है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इनका एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है। इस तहरीर पर 26 अप्रैल 2019 को चोपन थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में गैंग लीडर आनंद उर्फ कल्लू एवं सक्रिय सदस्य रामनाथ उर्फ डब्लू के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर आनंद उर्फ कल्लू और सक्रिय सदस्य रामनाथ उर्फ डब्लू को 10-10 वर्ष की कठोर कैद एवं 10-10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 2-2 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता गैंगस्टर कोर्ट धनंजय शुक्ला ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154000/sonbhadra-court-verdict-two-including-the-convict-gang-leader-10-10</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154000/sonbhadra-court-verdict-two-including-the-convict-gang-leader-10-10</guid>
                <pubDate>Wed, 20 Aug 2025 00:43:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/img-20250819-wa0343.jpg"                         length="83013"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत  का फैसला दोषी राकेश पटेल को 4 वर्ष की कठोर कैद , 10 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व नाबालिग छात्रा के अपहरण का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153554/court-verdict-convicted-rakesh-patel-for-not-giving-a-fine"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img_20250725_2153271.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह /राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -</em></strong></p>
<p>करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व नाबालिग छात्रा के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी राकेश पटेल को 4 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।</p>
<p>अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 14 दिसंबर 2018 को एसपी सोनभद्र को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी जो कक्षा 10 की छात्रा है। जब वह स्कूल पढ़ने जाती है और स्कूल से वापस लौटते समय रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी राकेश पटेल पुत्र सुरेश पटेल जो एक सरहंग किस्म का लड़का है और उसका नाजायज गोल भी है। आए दिन उसकी बेटी को परेशान किया जाता है।</p>
<p>इसके बारे में बेटी ने जब बताया तो इसकी शिकायत राकेश पटेल और उसके माता पिता से किया गया लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ, बल्कि धमकी दिया कि तुम्हारी बेटी को उठवा ले जाऊंगा। शिकायत के बाद उसकी गुंडागर्दी और बढ़ गई। घटना 3 दिसंबर 2018 को रात्रि 12-1 बजे की है।उसकी बेटी शौच के लिए घर से बाहर निकली थी तभी पहले से ही घात लगाकर बैठे राकेश पटेल ने उसकी बेटी को अपने साथियों के साथ अगवा कर लिया। शोरगुल पर घर से बाहर आया तो मामला शांत था। यह सोचा कि बेटी आ जाएगी,लेकिन वह नहीं आई। अपने स्तर से बेटी को रिश्तेदारी से लेकर हर संभव जगह तलाश किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला।</p>
<p>बाद में पता चला कि बेटी को राकेश पटेल उठा ले गया है। जब राकेश पटेल के मोबाइल पर बात किया तो उसने कहा कि तुम्हारी बेटी को उठा लाया हूं जो तुम्हें करना हो करो। सूचना दे रहा हूं। आवश्यक कर्रवाई करें। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में राकेश पटेल के विरूद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था। </p>
<p>मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर अपहरण के दोषी राकेश पटेल को 4 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153554/court-verdict-convicted-rakesh-patel-for-not-giving-a-fine</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/153554/court-verdict-convicted-rakesh-patel-for-not-giving-a-fine</guid>
                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 22:05:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250725_2153271.jpg"                         length="165203"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदालत का फैसला दुष्कर्म के दोषी श्यामसुंदर को 10 वर्ष की कठोर कैद ,  25 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद</title>
                                    <description><![CDATA[करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व घर मे घुसकर नाबालिग लड़की के साथ जबरन बलात्कार करने का मामला]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153463/court-verdict-shyamsunder-convicted-of-rape-imprison"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img_20250725_215327.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व घर मे घुसकर नाबालिग लड़की के साथ जबरन बलात्कार किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी श्यामसुंदर राजभर उर्फ गुड्डू को 10 वर्ष की कठोर कैद एवं 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के मुताबिक करमा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने करमा थाने में 13 नवंबर 2018 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 19 सितंबर 2018 को सुबह 8 बजे उसकी नाबालिग लड़की खाना बना रही थी और वह उसे अकेली घर मे छोड़कर दवा लेने गई थी। जब वापस घर आई तो देखा कि करमा थाना क्षेत्र के सिरसिया ठकुराई टोला किरहिया पहाड़ी गांव निवासी श्यामसुंदर राजभर उर्फ गुड्डू पुत्र लालमनी घर मे घुसकर उसकी नाबालिग लड़की के साथ जबरन बलात्कार कर रहा था। बेटी के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर जेठ और जेठानी के साथ ही आसपास के कई लोग आ गए।</p>
<p style="text-align:justify;">इतने में जाति सूचक शब्दों से गाली देते हुए धमकी दिया कि अभी तुम्हारी बेटी के साथ बलात्कार किया हूं अब तुम्हारे साथ भी बलात्कार करुंगा तथा जान मारने की धमकी देते हुए भाग गया। घटना की मौखिक सूचना थाने पर दिया था, लेकिन दरोगा ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन दौड़ाते रहे कोई कार्रवाई नहीं किया। तब एसपी सोनभद्र को शिकायती पत्र दिया। एसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में श्यामसुंदर राजभर उर्फ गुड्डू के विरूद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी श्यामसुंदर राजभर उर्फ गुड्डू को 10 वर्ष की कठोर कैद एवं 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 20 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/153463/court-verdict-shyamsunder-convicted-of-rape-imprison</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/153463/court-verdict-shyamsunder-convicted-of-rape-imprison</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 22:01:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img_20250725_215327.jpg"                         length="165203"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        