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                <title>gramin majbur - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>बिजली विभाग की लापरवाही से अंधेरे में रहने को मजबूर गौर की जनता</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के सभी तहसील क्षेत्र में विद्युत की हो रहे भारी कटौती भीषण सूखे को देखते हुए ग्रामीण अंचल में 7 से 8 घंटे विद्युत आपूर्त हो पा रही है जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाने को राजी नहीं है भारी कटौती का कर देखते हुए किसानों की फसल सूख रही है विद्युत विभाग अधिकारी और कर्मचारी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है रोस्टर के हिसाब से प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटा और शहरी क्षेत्र में 22 घंटा विद्युत आपूर्ति के घोषणा की थी लेकिन विद्युत विभाग द्वारा 7 से 8 घंटे सप्लाई सप्लाई मिल रही है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156258/people-forced-to-live-in-darkness-due-to-negligence-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250929-wa0199.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के सभी तहसील क्षेत्र में विद्युत की हो रहे भारी कटौती भीषण सूखे को देखते हुए ग्रामीण अंचल में 7 से 8 घंटे विद्युत आपूर्त हो पा रही है जिम्मेदार अधिकारी फोन उठाने को राजी नहीं है भारी कटौती का कर देखते हुए किसानों की फसल सूख रही है विद्युत विभाग अधिकारी और कर्मचारी शिकायत सुनने को तैयार नहीं है रोस्टर के हिसाब से प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटा और शहरी क्षेत्र में 22 घंटा विद्युत आपूर्ति के घोषणा की थी लेकिन विद्युत विभाग द्वारा 7 से 8 घंटे सप्लाई सप्लाई मिल रही है किसान निराश और मायूस है विकासखण्ड गौर में आए दिन अंधेरे में रहने के लिए मजबूर है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौर क्षेत्र के लोग यह भेद भाव कब तक सहते रहेंगे लोग क्या गौर में रहना अभिशाप है क्या उनका अधिकार नहीं है क्या वे मुख्यमंत्री के परिक्षेत्र में नहीं आते आखिर क्या दोष है यहां के आम लोगों का लगातार हो रही भारी विद्युत कटौती कभी कही फाल्ट  कभी कटौती से आम जनता का हॉल हो गया बेहाल गौर में बहुत सारे सरकारी संस्थान, जैसे हॉस्पिटल,ब्लॉक, इंटर कॉलेज,थाना आदि तमाम ऐसे संस्थान है जो आए दिन अंधेरे में रहने के लिए मजबूर है कई बार संबंधित अधिकारी को मौखिक वा लिखित दोनों रूप में शिकायत किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन स्थाई रूप से नहीं हो पा रहा है इसका कोई निराकरण जिससे लोग राहत की सास ले सके गौर की जनता का दर्द सुनने के लिए कोई अधिकारी वा नेता नहीं है इस प्रचंड गर्मी में छात्र-छात्राएँ, किसान और व्यापारी सभी वर्ग के लोग हो रहे है परेशान गौर की जनता में काफी आक्रोश दिखाई पड़ रहा है यदि यही रवैया अधिकारियों का रहा तो बड़े आंदोलन करने के लिए हो सकते है मजबूर  आज भाजपा नेता अमन शुक्ला वा उनके बहुत सारे सहयोगियों ने अधिशासी अभियंता को लिखित (ऐक्सचियन ) बस्ती खंड द्वितीय को पत्र देकर यहां के आम जनमानस की समस्याओं से अवगत कराया और शीघ्र समाधान करने का अनुरोध किया  अधिशासी अभियंता द्वारा यथा शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 17:34:58 +0530</pubDate>
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                <title>पेयजल संकट से जूझ रहीं ग्रामीण महिलाएँ, पुराने ध्वस्त कूप से जल भरने को मजबूर </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- </strong>जनजातीय प्रखंड पाकुड़िया के ढ़ोलकाटा बरमसिया ग्राम में स्वच्छ पेयजल की भीषण समस्या बनी हुई है। गाँव में मौजूद तीन नलकूप पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>ग्राम की महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें गाँव के बहियार स्थित एक पुराने, जर्जर और ध्वस्त कुएँ से पानी लाना पड़ता है, जो काफी जोखिम भरा है। उन्होंने पंचायत से अनुरोध किया है कि यदि इस कुएँ को पुनः गहरा और सही ढंग से मरम्मत करा दिया जाए, तो ग्रामीणों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148578/rural-women-who-are-struggling-with-drinking-water-crisis-forced"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/news-11.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- </strong>जनजातीय प्रखंड पाकुड़िया के ढ़ोलकाटा बरमसिया ग्राम में स्वच्छ पेयजल की भीषण समस्या बनी हुई है। गाँव में मौजूद तीन नलकूप पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>ग्राम की महिलाओं ने बताया कि पानी की कमी के कारण उन्हें गाँव के बहियार स्थित एक पुराने, जर्जर और ध्वस्त कुएँ से पानी लाना पड़ता है, जो काफी जोखिम भरा है। उन्होंने पंचायत से अनुरोध किया है कि यदि इस कुएँ को पुनः गहरा और सही ढंग से मरम्मत करा दिया जाए, तो ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।</div>
<div> </div>
<div>इसके अलावा, गाँव की मुख्य सड़क के निकट स्थित एक अन्य पुराना कुआँ भी सूख चुका है। महिलाओं का कहना है कि अगर पंचायत इस कुएँ की मरम्मत करवा दे, तो जल संकट काफी हद तक कम हो सकता है।</div>
<div> </div>
<div>गर्मी के मौसम में हालात और भी विकट हो जाते हैं, जब नलकूप और कुएँ पूरी तरह सूख जाते हैं। महिलाओं ने चिंता जताई कि बहियार का कुआँ बेहद खतरनाक स्थिति में है और कभी भी धंस सकता है, जिससे बच्चों और ग्रामीणों को खतरा बना रहता है।</div>
<div> </div>
<div>ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से अविलंब इन कुओं की मरम्मत कराने की माँग की है ताकि वे स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहें।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 18:56:08 +0530</pubDate>
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