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                <title>Veer Bahadur Singh Purvanchal University - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Veer Bahadur Singh Purvanchal University RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीयू के डेढ़ हजार शिक्षकों की होली होगी फीकी</title>
                                    <description><![CDATA[पारिश्रमिक के लिए शिक्षक विश्वविद्यालय का लगा रहे हैं चक्कर]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149845/holi-of-one-and-a-half-thousand-teachers-of-pu"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> जौनपुर। </strong>वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में यूजी पीजी विषम सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाओ का मूल्यांकन दो माह पूर्व समाप्त हो गया है । मूल्यांकन कार्य 1500 परीक्षको ने पूरा किया, अब होली आ गई । लेकिन अब तक उनकी पारिश्रमिक नहीं मिली।</div>
<div> </div>
<div> बता दें कि यूजी पीजी कक्षाओं के विषय में सेमेस्टर की परीक्षाओ (2024 - 25 ) के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू हुआ, जो फरवरी के पहले समाप्त तक हुआ। मूल्यांकन के समाप्त हुए करीब दो माह बीत चुके हैं। मूल्यांकन में कार्य डेढ़ हजार परीक्षको ने यूजी पीजी विषम सेमेस्टर के 35 विषयों के उत्तर पुस्तिकाएं का मूल्यांकन किया था। परीक्षकों ने मूल्यांकन के बाद अपनी पारिश्रमिक सीट भरकर विश्वविद्यालय को भुगतान के लिए दिया।विश्वविद्यालय ने भरोसा दिया था कि उनका पारिश्रमिक शीघ्र उनके खाते में पहुंच जाएगा । लेकिन दो माह बाद भी भुगतान नही आया ।</div>
<div> </div>
<div>इधर होली भी आ गई है, लेकिन डेढ़ हजार परीक्षको के खाते में अभी तक विश्वविद्यालय ने पारिश्रमिक नहीं भेजी है । जिसके लिए विश्वविद्यालय का चक्कर परीक्षक लग रहे हैं । हालांकि वहीं सूत्रों का कहना है वित्त अधिकारी की अधिकारी के जाने के बाद कार्यवाहक वित्त अधिकारी के कभी कभार आते हैं और या तो हस्ताक्षर के लिए फाइलों को लेकर अंबेडकर नगर विश्वविद्यालय जाना पड़ता है। जिसके चलते परीक्षकों की पारिश्रमिक लटका है। वही उड़ाका दल के काफी सदस्यों की भी पारिश्रमिक लटकी है। इस तरह देखा जाए तो 1500 शिक्षकों के अलावा अन्य प्रयोगात्मक मौखिक परीक्षाओं में सेवा दो चुके शिक्षकों का भी पारिश्रमिक लटकी हुई है।</div>
<div> </div>
<div> इस बारे में शिक्षक नेता डॉ एलपी मौर्य समेत अन्य शिक्षको ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुए दो माह बीत गए हैं। लेकिन अभी शिक्षकों की लाखों रुपए पारिश्रमिक नहीं भेजी गई है। जिससे शिक्षकों को आगे होली के त्यौहार का फीका होना तय है।</div>
<div> </div>
<div>परीक्षको द्वारा की गई यूजी पीजी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पारिश्रमिक भुगतान कुछ लोगों का हो गया है और प्रक्रिया में है शीघ्र उनके खाते में भुगतान हो जाएगा। भुगतान में कोई समस्या नहीं आएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Mar 2025 13:29:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुणवत्तापूर्ण शोध से समाज को होगा लाभः प्रो. वंदना सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर। </strong>वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा "प्रमोशन ऑफ यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड साइंटिफिक एक्सीलेंस" (पर्स) अनुदान से सम्मानित किया जाना न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इस प्रतिष्ठित उपलब्धि से विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे समाज को भी व्यापक लाभ होगा।</div>
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<div>कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह सम्मान शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहचान को और सशक्त करेगा। इस परियोजना से जुड़े शोध</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149309/quality-research-will-benefit-society-prof-vandana-singh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/unnamed-(3)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर। </strong>वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा "प्रमोशन ऑफ यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड साइंटिफिक एक्सीलेंस" (पर्स) अनुदान से सम्मानित किया जाना न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। इस प्रतिष्ठित उपलब्धि से विश्वविद्यालय में शोध और नवाचार को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे समाज को भी व्यापक लाभ होगा।</div>
<div> </div>
<div>कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह सम्मान शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहचान को और सशक्त करेगा। इस परियोजना से जुड़े शोध न केवल अकादमिक क्षेत्र को समृद्ध करेंगे, बल्कि उद्योग और समाज के लिए भी उपयोगी साबित होंगे। इससे विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय शोध के अवसर मिलेंगे, जिससे वे नवाचार और उद्यमिता की ओर अग्रसर हो सकेंगे।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने पर्स प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन ग्रुप के सदस्यों को सम्मानित किया, जिसमें डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. काजल डे, डॉ. सुजीत चौरसिया, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. रामांशु सिंह, डॉ. मिथिलेश सिंह, डॉ. दिनेश वर्मा एवं प्रो. गिरिधर मिश्र शामिल रहे। उन्होंने पर्स टीम को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रोजेक्ट के प्रस्तावित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करें और शोध में प्राप्त परिणामों को उच्च गुणवत्ता वाले जर्नल्स में प्रकाशित करें तथा पेटेंट फाइल करें।</div>
<div> </div>
<div> कुलसचिव महेंद्र कुमार ने कहा कि हमें सरकार की हर परियोजनाओं पर पैनी नजर रखनी होगी। हमारे विश्वविद्यालय के अन्य विभाग के लोग भी अपने से संबंधित परियोजनाओं पर अनुदान ले आए ताकि विश्वविद्यालय के उच्च शिक्षा और शोध की गुणवत्ता में सुधार हो ।</div>
<div> </div>
<div>परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद सिंह ने कहा इस परियोजना के अंतर्गत उच्च श्रेणी के नैनो-मटेरियल्स विकसित किए जाएंगे, जिनका उपयोग सोलर सेल, बैटरी, थर्मोइलेक्ट्रिक डिवाइस एवं हाइड्रोजन एनर्जी डिवाइस बनाने में किया जाएगा। इसके साथ ही, एस.एस.आर. कार्यक्रम के माध्यम से अन्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शोधार्थियों को भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।कार्यक्रम का संचालन पर्स ग्रुप के सह-समन्वयक डॉ. काजल डे ने किया।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर विश्वविद्यालय के आचार्यों ने विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. वीडी शर्मा, प्रो. अविनाश पाथर्डिकर, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. प्रमोद यादव, उपकुलसचिव अजीत सिंह सहित अन्य शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:38:00 +0530</pubDate>
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                <title>अर्थव्यवस्था के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रो. वंदना सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर।</strong> वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा नांदी फाउन्डेशन एवं महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के सहयोग से विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए आठ दिवसीय रोजगार कौशल, एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होने जा रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 में देश की आधी आबादी यदि कौशल विकास में आगे आएगी तो देश की समृद्धि के साथ-साथ परिवारों की उन्नति और समृद्धि भी सुनिश्चित होगी।</div>
<div> </div>
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<div> </div>
<div> </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148993/the-role-of-women-in-the-development-of-economy-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/unnamed-(4)2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर।</strong> वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा नांदी फाउन्डेशन एवं महिंद्रा प्राइड क्लासरूम के सहयोग से विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए आठ दिवसीय रोजगार कौशल, एम्प्लॉयबिलिटी स्किल्स, प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होने जा रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 में देश की आधी आबादी यदि कौशल विकास में आगे आएगी तो देश की समृद्धि के साथ-साथ परिवारों की उन्नति और समृद्धि भी सुनिश्चित होगी।</div>
<div> </div>
<div> उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता करनी चाहिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में ट्रेंनिंग प्लेसमेंट सेल के निदेशक प्रो अविनाश पाथर्डीकर ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। नांदी फाउंडेशन की प्रशिक्षक आस्था द्विवेदी ने कहा कि नांदी फाउंडेशन देश में कई इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहा है और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि विश्वविद्यालय में इसके सकारात्मक परिणाम शीघ्र ही देखने को मिलेंगे। </div>
<div> </div>
<div> तकनीकी सत्र के दौरान छात्राओं ने प्रशिक्षण से जुड़ी अपनी उत्सुकता व्यक्त की और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की प्रतिबद्धता जाहिर की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को साक्षात्कार तकनीक, संचार कौशल, करियर मार्गदर्शन, टीम वर्क और नेतृत्व कौशल जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं का विकास करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के आचार्य प्रोफेसर मानस पांडे ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रो. रजनीश भास्कर, प्रो. जाह्नवी श्रीवास्तव, प्रो. रवि प्रकाश , डॉ पीसी यादव, प्लेसमेंट सेल के कर्यालय प्रभारी श्याम त्रिपाठी, छात्र सदस्य आदित्य पांडे, दिव्यांशु संजय, रुद्रांश चतुर्वेदी, श्रेया मिश्रा, शिवांश श्रीवास्तव, हरी ओम साहू, आर्यन पाण्डेय, आयुष गुप्ता समेत कई छात्राएं उपस्थित रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 18:04:07 +0530</pubDate>
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