<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/2504/%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>सम्मान - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/2504/rss</link>
                <description>सम्मान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संस्थागत संस्कृति के सामने खड़ा सियासी व्यवहार का प्रश्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र केवल चुनावों और सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया का नाम नहीं है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सम्मान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मर्यादा और संस्थागत गरिमा की उस सूक्ष्म परंपरा पर आधारित व्यवस्था है जो शासन को स्थायित्व और विश्वसनीयता प्रदान करती है। जब इस परंपरा में जरा-सी भी दरार पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब कोई सामान्य-सी घटना भी राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन जाती है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़ा हालिया विवाद इसी प्रकार का प्रसंग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने भारतीय लोकतंत्र के सामने एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है—क्या तीव्र होती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच संवैधानिक पदों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172873/question-of-political-behavior-facing-institutional-culture"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/images-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र केवल चुनावों और सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया का नाम नहीं है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सम्मान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मर्यादा और संस्थागत गरिमा की उस सूक्ष्म परंपरा पर आधारित व्यवस्था है जो शासन को स्थायित्व और विश्वसनीयता प्रदान करती है। जब इस परंपरा में जरा-सी भी दरार पड़ती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब कोई सामान्य-सी घटना भी राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन जाती है। पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से जुड़ा हालिया विवाद इसी प्रकार का प्रसंग है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने भारतीय लोकतंत्र के सामने एक गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया है—क्या तीव्र होती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान धीरे-धीरे केवल औपचारिकता बनकर रह गया है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">राष्ट्रपति के मंच से व्यक्त हुए कुछ भावुक शब्दों ने पूरे देश को यह सोचने पर विवश कर दिया कि प्रोटोकॉल महज़ नियमों का संकलन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लोकतंत्र की आत्मा और उसकी गरिमा को सुरक्षित रखने वाला आवश्यक अनुशासन है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">संविधान की सबसे गहरी शक्ति उसकी संस्थाओं की गरिमा में निहित होती है</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और उन संस्थाओं में राष्ट्रपति का पद राष्ट्र की सर्वोच्च मर्यादा और एकता का जीवंत प्रतीक माना जाता है। इसलिए राष्ट्रपति को केवल एक औपचारिक पद के रूप में देखना संविधान की भावना को सीमित कर देना होगा। जब इस पद पर आसीन व्यक्ति सार्वजनिक मंच से यह अनुभव व्यक्त करे कि उसे उसके पद के अनुरूप सम्मान नहीं मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह महज़ व्यक्तिगत असहजता का प्रसंग नहीं रह जाता। यह उस संवैधानिक संस्कृति की परीक्षा बन जाता है जिस पर भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की नींव टिकी है। किसी भी राज्य की सरकार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चाहे वह किसी भी दल की क्यों न हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके लिए यह अनिवार्य है कि वह राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र की संस्थाओं का सम्मान बनाए रखे। क्योंकि जब संस्थाओं के प्रति आदर कम होने लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब अंततः लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता भी धीरे-धीरे क्षीण पड़ने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आदिवासी समाज की संवेदनशीलता इस घटना का उतना ही महत्वपूर्ण पक्ष है। भारत के आदिवासी समुदाय सदियों से अपनी पहचान और सांस्कृतिक सम्मान के लिए संघर्ष करते रहे हैं। ऐसे में जब देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति किसी सांस्कृतिक आयोजन में पहुंचती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं रहता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि प्रतीकात्मक रूप से पूरे समुदाय के आत्मसम्मान का उत्सव बन जाता है। यदि उस अवसर पर किसी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही या प्रोटोकॉल की कमी का आरोप लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो स्वाभाविक है कि यह पीड़ा अधिक गहरी महसूस होती है। इसलिए राष्ट्रपति के शब्दों में जो भावुकता दिखाई दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह केवल व्यक्तिगत अनुभव नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उस ऐतिहासिक संवेदनशीलता का प्रतिबिंब भी थी जो आदिवासी समाज से जुड़ी है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज की राजनीति की एक बड़ी विडंबना यह बन गई है कि लगभग हर घटना को तुरंत राजनीतिक दृष्टि से परखा जाने लगता है। राष्ट्रपति की टिप्पणी सामने आते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का तूफान उठना स्वाभाविक था।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने इसे गंभीर विषय बताते हुए संवैधानिक गरिमा का प्रश्न बताया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि दूसरी ओर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने इन आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन समस्या तब उत्पन्न होती है जब संवैधानिक संस्थाएं भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बनने लगती हैं। तब वास्तविक मुद्दा—संस्थाओं की प्रतिष्ठा—पृष्ठभूमि में चला जाता है और चर्चा केवल दलगत हितों तक सीमित रह जाती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोटोकॉल को अक्सर महज औपचारिकता समझ लिया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि उसका असली महत्व उसके संदेश में छिपा होता है। जब किसी राज्य में राष्ट्रपति का स्वागत मुख्यमंत्री या वरिष्ठ मंत्री करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो वह केवल एक स्वागत समारोह नहीं होता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">यह उस राज्य की ओर से राष्ट्र की सर्वोच्च संस्था के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति होता है। यदि यह परंपरा टूटती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जनता के मन में यह संदेश जाता है कि राजनीतिक असहमति संस्थागत मर्यादा से भी बड़ी हो गई है। यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए स्वस्थ नहीं कही जा सकती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि जब संस्थाओं के प्रति सम्मान धीरे-धीरे कम होने लगता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो व्यवस्था की विश्वसनीयता भी प्रभावित होने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरे विवाद ने एक बेहद महत्वपूर्ण और चिंताजनक प्रश्न को सामने ला खड़ा किया है—क्या हमारे लोकतंत्र में संवाद और संवेदनशीलता की जगह धीरे-धीरे कम होती जा रही है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि किसी प्रशासनिक कारण से कोई कार्यक्रम अपने मूल स्वरूप में आयोजित नहीं हो पाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे स्पष्ट और संयमित संवाद के माध्यम से सहजता से समझाया जा सकता था। लेकिन जब संवाद की जगह आरोप-प्रत्यारोप ले लेते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो छोटा सा मतभेद भी गहरे विवाद का रूप ले लेता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल लोकतंत्र की असली ताकत इसी में निहित होती है कि वह मतभेदों और असहमतियों के बावजूद संवाद के दरवाजे खुले रखता है। यदि यह रास्ता संकुचित होने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो राजनीतिक टकराव अनावश्यक रूप से तीखे और कटु हो जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उसके साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा भी प्रभावित होने लगती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरे प्रसंग को केवल एक राजनीतिक विवाद मानकर छोड़ देना पर्याप्त नहीं होगा। दरअसल इसे उस चेतावनी के रूप में देखना चाहिए जो लोकतंत्र समय-समय पर अपने आचरण के माध्यम से देता है। संविधान की संस्थाएं तभी वास्तव में मजबूत और विश्वसनीय बनती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब उनके प्रति व्यवहार में सम्मान</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संयम और संतुलन स्पष्ट दिखाई दे। राष्ट्रपति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुख्यमंत्री या कोई भी संवैधानिक पद— इन सबकी गरिमा केवल संविधान की किताब में नहीं</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वह राजनीतिक आचरण और सार्वजनिक व्यवहार में भी प्रतिबिंबित होनी चाहिए।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यदि यह आचरण कमजोर पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो धीरे-धीरे संस्थागत विश्वास भी कम होने लगता है। इसलिए आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दल इस घटना से सबक लें और भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इसके लिए अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार का प्रयास करें।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की असली कसौटी सत्ता की जीत-हार में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि संस्थाओं के प्रति निभाई जाने वाली सामूहिक जिम्मेदारी में छिपी होती है। राजनीतिक दल आते-जाते रहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन संस्थाएं स्थायी होती हैं और उनका सम्मान ही राष्ट्र की स्थिरता का आधार बनता है। पश्चिम बंगाल की यह घटना चाहे जिस कारण से हुई हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि संवैधानिक पदों की गरिमा से जुड़ी छोटी-सी चूक भी राष्ट्रीय बहस का विषय बन सकती है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इसलिए राजनीति की तीखी धूप के बीच भी लोकतंत्र की यह मर्यादा सुरक्षित रहनी चाहिए—क्योंकि जब संस्थाओं का सम्मान अक्षुण्ण रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी लोकतंत्र वास्तव में मजबूत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संतुलित और विश्वसनीय बन पाता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172873/question-of-political-behavior-facing-institutional-culture</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172873/question-of-political-behavior-facing-institutional-culture</guid>
                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 18:25:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/images-%281%291.jpg"                         length="15245"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला के वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार सिंह को मिला राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था वर्थी वैलनेस फाउंडेशन ने  वरिष्ठ अधिवक्ता पवन कुमार सिंह को   राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार से  किया गया सम्मानित]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154949/district-senior-advocate-pawan-kumar-singh-received-national-pratishtha-award"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/img-20250913-wa0026.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">रॉबर्ट्सगंज शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता व अलग पूर्वाचल राज्य की मांग कर रहे संगठन पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव अधिवक्ता पवन कुमार सिंह को पर्यावरण एवं विधि के क्षेत्र में योगदान देने के लिए लखनऊ की प्रसिद्ध सामाजिक संस्था वर्थी वैलनेस फाउंडेशन ने उन्हें राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार से सम्मानित किया, फाउंडेशन की संस्थापक मानसी बाजपेई और सह संस्थापक सौम्या ने अधिवक्ता पवन कुमार सिंह को सम्मान प्रदान किया है राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर विभिन्न संस्थाओं एवं अधिवक्ताओं ने विधि व पर्यावरण क्षेत्र में योगदान की सराहना की हैं । </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250913-wa0025.jpg" alt="IMG-20250913-WA0025" width="1025" height="1280"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर राजेश कुमार यादव, राजेश कुमार मौर्य, रियाज खान, संदीप जयसवाल, प्रदीप कुमार मौर्य, नवीन कुमार पांडेय, संतोष चतुर्वेदी, अनिल कुमार प्रसाद सिंह, अविनाश यादव, फूल सिंह, शांति वर्मा, शाहनवाज आलम खान, टीटू गुप्ता, राकेश कुमार, रामगुल्ली यादव, रविन्द्र पटेल,राजकुमार पटेल, राजकुमार सिंह, मार्तंड प्रसाद पटेल, शाहिद कुरैशी, धनंजय कुमार, कृष्णनानंद सिंह, शैलेंद्र कुमार, , रौसन खां आदि लोग उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154949/district-senior-advocate-pawan-kumar-singh-received-national-pratishtha-award</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154949/district-senior-advocate-pawan-kumar-singh-received-national-pratishtha-award</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Sep 2025 20:49:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/img-20250913-wa0026.jpg"                         length="68937"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए कांति सिंह का हुआ चयन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात:⁠-मनोज पाण्डेय </strong></p>
<p><strong>दो,तीन और पांच सितम्बर को भिन्न-भिन्न स्थानों पर विभिन्न योगदानों के लिए होंगी सम्मानित</strong></p>
<p><strong> सुलतानपुर</strong>।</p>
<p>जनपद की बहुमुखी प्रतिभा की धनी कवयित्री, साहित्यकार एवं प्रधानाध्यापिका कान्ति सिंह पत्नी विनोद कुमार सिंह निवासी खालिसपुर दुर्गा,छित्तेपट्टी सुलतानपुर का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार 2022 के लिए हुआ है। जो शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर 5 सितम्बर 2023 को सम्मानित होंगी।</p>
<p><br />बताते चलें कि जनपद को गौरवान्वित करने वाली कान्ति सिंह मॉडल इंग्लिश प्राथमिक स्कूल वैदहा जयसिंहपुर सुलतानपुर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। जिला स्काउट गाइड कमिश्नर (d.o.c.गाइड) एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की जिला मंत्री पद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134266/kanti-singh-selected-for-state-teacher-award"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img-20230901-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात:⁠-मनोज पाण्डेय </strong></p>
<p><strong>दो,तीन और पांच सितम्बर को भिन्न-भिन्न स्थानों पर विभिन्न योगदानों के लिए होंगी सम्मानित</strong></p>
<p><strong> सुलतानपुर</strong>।</p>
<p>जनपद की बहुमुखी प्रतिभा की धनी कवयित्री, साहित्यकार एवं प्रधानाध्यापिका कान्ति सिंह पत्नी विनोद कुमार सिंह निवासी खालिसपुर दुर्गा,छित्तेपट्टी सुलतानपुर का चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार 2022 के लिए हुआ है। जो शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर 5 सितम्बर 2023 को सम्मानित होंगी।</p>
<p><br />बताते चलें कि जनपद को गौरवान्वित करने वाली कान्ति सिंह मॉडल इंग्लिश प्राथमिक स्कूल वैदहा जयसिंहपुर सुलतानपुर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं। जिला स्काउट गाइड कमिश्नर (d.o.c.गाइड) एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की जिला मंत्री पद पर भी आसीन हैं । शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और बच्चों में प्रतिभा निखारने के लिए समर्पित शिक्षिका के रूप में जानी जाती हैं।सांस्कृतिक कार्यक्रमों,खेलकूद एवं शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल रहते हुए कई बार सरकारी ,गैर सरकारी संस्थानों, संगठनों के द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं।</p>
<p>इनकी रचनाएं कई साझा संकलनों में प्रकाशित हो चुकी हैं। सर्वेश कांत वर्मा द्वारा लिखी यूपी बोर्ड की पाठ्य पुस्तक कक्षा 9 एवं कक्षा 10 में नगीन प्रकाशन एवं अनिल कुमार वर्मा 'मधुर' व डॉ. रामप्यारे प्रजापति की द्वारा लिखी गई आईसीएसई बोर्ड की पाठ्य पुस्तक सरल हिंदी व्याकरण कक्षा 9 एवं 10 में बालाजी प्रकाशन के सौजन्य से निबंध, कहानी एवं पद्य और इनके द्वारा बनाये गये कई चित्र भी सम्मिलित है। कई कवि गोष्ठियों एवं कवि सम्मेलनों में भी कविता पाठ कर चुकी हैं। कोरोना काल में इनके द्वारा की गई सामाजिक सेवा अत्यंत ही सराहनीय रही।</p>
<p>अब तक इन्हें लगभग 50 सरकारी व गैर सरकारी सम्मान व पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। इनके पति विनोद कुमार सिंह हमेशा इन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।आगामी 2 सितंबर को कवियत्री के रूप में कांति सिंह को कौण्डिन्य साहित्य सेवा संस्थान कादीपुर द्वारा और 3 सितंबर को  प्रयागराज में साहित्यिक सेवा के लिए गुफ्तगू संस्था  द्वारा सीमा अपराजिता सम्मान , तथा 5 सितंबर शिक्षक दिवस के अवसर पर  शासन द्वारा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। जनपद के शिक्षकों, साहित्यकारों, प्रबुद्ध जनों,संगठनों, भूपेन्द्र नाथ वर्मा प्रबंधक रामरती कालेज ने बधाई तथा शुभकामनाएं ज्ञापित किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/134266/kanti-singh-selected-for-state-teacher-award</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/134266/kanti-singh-selected-for-state-teacher-award</guid>
                <pubDate>Sat, 02 Sep 2023 19:56:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-09/img-20230901-wa0061.jpg"                         length="87533"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोकभूषण डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप के जन्मदिन पर उत्सव संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सात मनीषियों का हुआ सारस्वत अलंकरण</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात-संवाददाता मनोज पाण्डेय</strong></p>
<p><strong>सुलतानपुर। </strong></p>
<p>  </p>
<p>साहित्य कला संस्कृति संवर्धन न्यास के तत्वावधान में रणबीर राजकुमार इंटर कालेज बरुवारीपुर सुलतानपुर में वरिष्ठ साहित्यकार लोकभूषण डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप का जन्मदिन उत्सव के रूप में मनाया गया।</p>
<p>  </p>
<p>जिसकी अध्यक्षता  डॉ रामहित त्रिपाठी पूर्व प्राचार्य गौर डिग्री कॉलेज बस्ती, मुख्य अतिथि डॉ एम पी सिंह गौतम पूर्व विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र राणा प्रताप पीजी कालेज सुलतानपुर,  विशेष अतिथि डॉ शोभनाथ शुक्ला संपादक पत्रिका कथा समवेत रहे।कार्यक्रम का संचालन आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।आयोजक पवन कुमार सिंह ने संयोजन किया।</p>
<p>              कार्यक्रम की शुरुआत बृजेश कुमार पांडेय<br />      <br />     </p>
<p>रामानुज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133213/celebration-ends-on-the-birthday-of-lokbhushan-dr-adya-prasad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/img-20230805-wa0252.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सात मनीषियों का हुआ सारस्वत अलंकरण</strong></p>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात-संवाददाता मनोज पाण्डेय</strong></p>
<p><strong>सुलतानपुर। </strong></p>
<p> </p>
<p>साहित्य कला संस्कृति संवर्धन न्यास के तत्वावधान में रणबीर राजकुमार इंटर कालेज बरुवारीपुर सुलतानपुर में वरिष्ठ साहित्यकार लोकभूषण डॉ आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप का जन्मदिन उत्सव के रूप में मनाया गया।</p>
<p> </p>
<p>जिसकी अध्यक्षता  डॉ रामहित त्रिपाठी पूर्व प्राचार्य गौर डिग्री कॉलेज बस्ती, मुख्य अतिथि डॉ एम पी सिंह गौतम पूर्व विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र राणा प्रताप पीजी कालेज सुलतानपुर,  विशेष अतिथि डॉ शोभनाथ शुक्ला संपादक पत्रिका कथा समवेत रहे।कार्यक्रम का संचालन आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।आयोजक पवन कुमार सिंह ने संयोजन किया।</p>
<p>       कार्यक्रम की शुरुआत बृजेश कुमार पांडेय इन्दु सुलतानपुरी की वाणी वंदना से हुई। डॉ प्रदीप पर विशेषांक पत्रिका बच्चों की बगिया का लोकार्पण और साहित्यकारों ने तिलक लगाकर डॉ प्रदीप के दीर्घायु की कामना किया एवं उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। हिंदी साहित्य के विकास में लोक साहित्य की भूमिका विषय पर चर्चा परिचर्चा हुई।<br />      रमेश चंद्र शर्मा, डॉ ओंकार नाथ द्विवेदी, डॉ शोभनाथ शुक्ला,डॉ शुसील कुमार पांडेय साहित्येन्दु, मुख्य अतिथि डॉ एम पी सिंह , डॉ दयाराम मौर्य रत्न ने लोक साहित्य की महत्ता पर विस्तृत व्याख्यान दिया।श्रीश कजरी गाया।<br />     संस्था ने डॉ राम बहादुर मिश्र को  रामनरेश त्रिपाठी स्मृति लोक साहित्य रत्न सम्मान, श्री बृजेश कुमार पांडेय इन्दु को डॉ जयसिंह व्यथित स्मृति अवधी साहित्य रत्न सम्मान, श्री दिनेश प्रताप सिंह चित्रेश को श्री मान बहादुर सिंह स्मृति साहित्य रत्न सम्मान, डॉ दयाराम मौर्य रत्न को </p>
<p>रामानुज त्रिपाठी स्मृति बाल साहित्य रत्न सम्मान, श्री नरेन्द्र शुक्ल को  त्रिलोचन शास्त्री स्मृति साहित्य रत्न सम्मान, श्री राकेश प्रताप सिंह को श्री धनन्जय सिंह स्मृति साहित्य रत्न और श्री विनोद श्रीवास्तव को श्री रामकृष्ण जायसवाल स्मृति पत्रकारिता रत्न सम्मान से अलंकृत किया।</p>
<p>सैकड़ों सम्मानित साहित्यकारों की उपस्थिति में लोकभूषण डॉ प्रदीप ने बिना थके कलम लोक कल्याण में चलाने संकल्प लिया। अध्यक्षीय संबोधन ने डॉ त्रिपाठी जी ने प्रदीप जी के सहित सभी साहित्यकारों को धन्यवाद दिया तो ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने संस्था की तरफ आभार ज्ञापित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133213/celebration-ends-on-the-birthday-of-lokbhushan-dr-adya-prasad</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133213/celebration-ends-on-the-birthday-of-lokbhushan-dr-adya-prasad</guid>
                <pubDate>Sat, 05 Aug 2023 20:55:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/img-20230805-wa0252.jpg"                         length="166758"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतिभा श्रीवास्तव ने सुल्तानपुर का नाम विश्व पटल पर किया रोशन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुल्तानपुर</strong>। जिले की प्रतिभा श्रीवास्तव पत्नी अंकित राजन पुत्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव निवासी शास्त्री नगर सुल्तानपुर ने मिसेज इंडिया  वर्ल्ड आई एन सी सीजन 4 में यूपी से एक मात्र प्रतिभागी रहे इसी के साथ सेमी फ़ाइनल में जगह बनाते हुए जनपद सुल्तानपुर का नाम रोशन किया है </p>
<p>प्रतिभा ने पत्रकारों से वार्ता के समय यह भी बताया कि हम महिलाए जो सोचती है की शादी हो जाने के बाद जीवन में कुछ नही कर पाएंगी तो यह सोच गलत है अपनी मेहनत और लगन से आज महिलाएं देश के सभी पदों पर कार्यरत है प्रायोजित में हार जीत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133003/pratibha-srivastava-made-sultanpur-famous-on-the-world-stage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/img-20230730-wa0013.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सुल्तानपुर</strong>। जिले की प्रतिभा श्रीवास्तव पत्नी अंकित राजन पुत्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव निवासी शास्त्री नगर सुल्तानपुर ने मिसेज इंडिया  वर्ल्ड आई एन सी सीजन 4 में यूपी से एक मात्र प्रतिभागी रहे इसी के साथ सेमी फ़ाइनल में जगह बनाते हुए जनपद सुल्तानपुर का नाम रोशन किया है </p>
<p>प्रतिभा ने पत्रकारों से वार्ता के समय यह भी बताया कि हम महिलाए जो सोचती है की शादी हो जाने के बाद जीवन में कुछ नही कर पाएंगी तो यह सोच गलत है अपनी मेहनत और लगन से आज महिलाएं देश के सभी पदों पर कार्यरत है प्रायोजित में हार जीत महत्व नहीं रखती अनुभव और जज्बा होना चाहिए भारतीयों के लिए यह प्रतिभा कोलंबो श्री लंका में आयोजित की गई जिसमे विदेशो में रह रहे सभी भारतीयों ने भाग लिया।<br />जिसमें ज्यूरी के रूप में बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ,अभिनेता व मॉडल डिनो मोरिया, क्रिकेटर श्री एस. संत थे। प्रतिभा श्रीवास्तव ने 1200 प्रतिभागियों में से ऑनलाइन ऑडिशन के जरिये आखिरी 70 में जगह बनाई जिनका प्रदर्शन कोलंबो श्रीलंका में पिछले 19 जुलाई को हुआ और 70 प्रतिभागियों में भी प्रतिभा ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।<br />प्रतिभा श्रीवास्तव ने प्रारंभिक  शिक्षा महर्षि विद्या मंदिर सुल्तानपुर से ली,उसके बाद कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कानपुर से एम बी ए  किया और इंदौर में जॉब भी किया।<br />प्रतिभा का संगीत से भी गहरा लगाव रहा सन 2021 में प्रतिभा का विवाह प्रयागराज निवासी अंकित राजन से हुआ जो कि एक आई.टी. इंजीनियर हैं। कोलंबो श्री लंका से प्रतियोगिता में भाग लेने के उपरांत प्रथम नगर आगमन पर श्री चित्रगुप्त धाम परिवार द्वारा प्रतिभा का स्वागत और सम्मान किया गया। उक्त जानकारी श्री चित्रगुप्त धाम परिवार सीताकुंड द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता द्वारा दी गई।<br />उपरोक्त कार्यक्रम में संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर प्रतिभा को सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम मे मंदिर परिवार के उपाध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, संस्था के प्रबंधक पवन श्रीवास्तव, संदीपश्रीवास्तव,कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश श्रीवास्तव,वरिष्ट समाज सेवी रमेश चंद्र श्रीवास्तव, दिनकर श्रीवास्तव, राजकुमार खरे,आशीष श्रीवास्तव,राहुल श्रीवास्तव के साथ साथ परिवार जन भी उपस्थित रहे।<br />कार्यक्रम का संचालन राजवीर श्रीवास्तव ने किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133003/pratibha-srivastava-made-sultanpur-famous-on-the-world-stage</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133003/pratibha-srivastava-made-sultanpur-famous-on-the-world-stage</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Jul 2023 16:55:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-07/img-20230730-wa0013.jpg"                         length="87566"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोहनलालगंज का मान बढ़ाने वाली आईएएस बहू का हुआ सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मोहनलालगंज</strong></div>
<div>  </div>
<div>आईएएस बनकर मोहनलालगंज क्षेत्र का मान बढ़ाने वाली बहु शनिवार मोहनलालगंज के कालेबीर मंदिर में आयोजित भण्डारे में पहुची तो परिजनों समेत ग्रामीणों ने आईएएस बनी बहु का जोरदार स्वागत किया।इस मौके पर बहु ने भण्डारे का प्रसाद वितरण किया। </div>
<div>  </div>
<div>मोहनलालगंज क्षेत्र के बेलहिया खेड़ा गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक वीरेन्द्र यादव ने बताया कि उनकी बहु मुद्रा 53 वी रैंक लाकर आईएएस की परीक्षा पास कर परिवार के साथ समूचे मोहनलालगंज का मान बढ़ाया।</div>
<div>  </div>
<div>शनिवार को कालेबीर मंदिर परिसर में बाला जी मंदिर पर भण्डारे का आयोजन किया गया।जिसमें आईएएस परीक्षा पास करने के बाद पहली बार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/130042/ias-daughter-in-law-who-raised-the-honor-of-mohanlalganj-was-honored"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-06/बहू.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मोहनलालगंज</strong></div>
<div> </div>
<div>आईएएस बनकर मोहनलालगंज क्षेत्र का मान बढ़ाने वाली बहु शनिवार मोहनलालगंज के कालेबीर मंदिर में आयोजित भण्डारे में पहुची तो परिजनों समेत ग्रामीणों ने आईएएस बनी बहु का जोरदार स्वागत किया।इस मौके पर बहु ने भण्डारे का प्रसाद वितरण किया। </div>
<div> </div>
<div>मोहनलालगंज क्षेत्र के बेलहिया खेड़ा गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक वीरेन्द्र यादव ने बताया कि उनकी बहु मुद्रा 53 वी रैंक लाकर आईएएस की परीक्षा पास कर परिवार के साथ समूचे मोहनलालगंज का मान बढ़ाया।</div>
<div> </div>
<div>शनिवार को कालेबीर मंदिर परिसर में बाला जी मंदिर पर भण्डारे का आयोजन किया गया।जिसमें आईएएस परीक्षा पास करने के बाद पहली बार मोहनलालगंज पहुँची बहु मुद्रा का पत्रकार एशोसिएशन के महामंत्री अखिलेश द्विवेदी उपाध्यक्ष ललित दीक्षित संयुक्त मंत्री अनुपम मिश्रा कोषाध्यक्ष नवनीत तिवारी,राघवेंद्र योगेंद्र तिवारी व ग्रामीणों समेत परिजनों ने पुष्पगुच्छ व राधा कृष्ण की प्रतिमा भेंटकर स्वागत किया।इस मौके पर बहु ने भण्डारे में आये लोगो को प्रसाद भी वितरण किया।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें मुख्य रूप से शमशेर यादव शिवांशु यादव मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/130042/ias-daughter-in-law-who-raised-the-honor-of-mohanlalganj-was-honored</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/130042/ias-daughter-in-law-who-raised-the-honor-of-mohanlalganj-was-honored</guid>
                <pubDate>Sat, 03 Jun 2023 22:18:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-06/%E0%A4%AC%E0%A4%B9%E0%A5%82.jpg"                         length="112451"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च शिक्षा मंत्री ने किया मेधावियों का सम्मान।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लखनऊ-</strong></div>
<div>  </div>
<div>राजधानी लखनऊ के उत्तर क्षेत्र के छः सौ से अधिक मेधावी सम्मानित माता, पिता और गुरु को हमारी संस्कृति में देवतुल्य माना गया है।</div>
<div>  </div>
<div>ये तीन ही ऐसे रिश्ते हैं, जिनमें कहीं भी स्वार्थ नहीं होता। ये तीनों ही हमारे आगे निकलने की सतत कामना करते हैं।</div>
<div>  </div>
<div>ये बातें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2023 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहीं।</div>
<div>  </div>
<div>सेवा अस्पताल  कैम्पस में बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज स्थित सुशीला देवी सभागार में लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129870/higher-education-minister-honored-the-meritorious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/roshni.png" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लखनऊ-</strong></div>
<div> </div>
<div>राजधानी लखनऊ के उत्तर क्षेत्र के छः सौ से अधिक मेधावी सम्मानित माता, पिता और गुरु को हमारी संस्कृति में देवतुल्य माना गया है।</div>
<div> </div>
<div>ये तीन ही ऐसे रिश्ते हैं, जिनमें कहीं भी स्वार्थ नहीं होता। ये तीनों ही हमारे आगे निकलने की सतत कामना करते हैं।</div>
<div> </div>
<div>ये बातें हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2023 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहीं।</div>
<div> </div>
<div>सेवा अस्पताल  कैम्पस में बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज स्थित सुशीला देवी सभागार में लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लगभग 600 मेधावियों को सम्मानित किया गया।</div>
<div> </div>
<div>उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके माता-पिता और शिक्षकों का अभिवादन किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट एवं अन्य परीक्षाओं में अधिक अंक प्राप्त करने में तीन फैक्टर काम करते हैं।</div>
<div> </div>
<div>छात्र-छात्रा स्वयं, दूसरा विद्यालय का शिक्षक व तीसरा अभिभावक। ये तीनों जब मिलकर काम करते हैं, तब आप इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करते हैं। इसलिए हमें तीनों का जीवन भर कृतज्ञ होना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div>श्री उपाध्याय ने कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना जैसी भयंकर महामारी से जूझ रहा था उस बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नयी शिक्षा नीति के माध्यम से छात्र-छात्राओं को रोजगार के साथ ही तकनीकि एवं संस्कार से जोड़ने का काम किया।</div>
<div> </div>
<div>नई शिक्षा नीति के माध्यम से हमारे गौरवशाली अतीत को धरोहर के रुप में जोड़ने के साथ ही तकनीकि के साथ भी जोड़ने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों को मोबाइल और टैबलेट देने का काम किया जिसमें पूरी दुनिया है, पूरी शिक्षा है।</div>
<div> </div>
<div>कार्यक्रम संयोजक व क्षेत्रीय विधायक डा. नीरज बोरा ने प्रेरणात्मक उद्बोधन के साथ छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद दिया और उनके उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। इस दौरान बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज की निदेशक बिन्दू बोरा, प्राचार्या डॉ. शीला तिवारी, वत्सल बोरा, पार्षदगण सर्वश्री राघवराम तिवारी, पृथ्वी गुप्ता, मान सिंह यादव, रश्मि सिंह, स्वदेश सिंह, चन्द्रबहादुर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि सौरभ तिवारी, राजकुमार मौर्य, अरविंद मिश्र अंशु, रामशरण सिंह, राकेश पाण्डेय सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य , शिक्षकगण व अभिभावक मौजूद रहे।</div>
<div> </div>
<div>सम्मानित होने वालों में दसवीं की परीक्षा में 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर आल इण्डिया सेकेंड रैंक प्राप्त करने वाली लामार्टिनियर गर्ल्स कालेज की सुहानी अग्रवाल, सेंट्रल एकेडमी के अर्पित मिश्रा, सेंट एंटोनी स्कूल के ईशान शुक्ला, बाल निकुंज इंटर कॉलेज के अंशित पटेल व अमन चंद्र गुप्ता, रानी लक्ष्मी बाई स्कूल की वैष्णवी शर्मा, ब्राइटलैंड स्कूल से सूर्यांश यादव, महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल से देवांश अवस्थी, सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज की यशिका शर्मा, सरस्वती विद्या मंदिर से लक्ष्य जौहरी, अभव्या गुप्ता, ब्राइटलैंड स्कूल की आयुषी सिंह, डॉ. एल.पी. लाल मेमोरियल पब्लिक स्कूल से जय सिंह विष्णु, सिटी मांटेसरी स्कूल की आयुषी पाल, एंजेल कार्मेल इंटर कॉलेज की प्रगति साहू, संत ग्रेबियल कान्वेंट स्कूल से कृष्ण पाल, श्रीराम एकेडमी की आकांक्षा पांडेय, महर्षि विद्या मंदिर की वैष्णवी शर्मा, भगवान बक्श सिंह इंटर कॉलेज से सिद्धांत सिंह चौहान, केंद्रीय विद्यालय के सहस्य  कुमार कश्यप, सैम पब्लिक स्कूल की कोमल कुमारी, शोआ फातिमा इंटर कॉलेज से अनुभूति पांडेय, राम किशोर इंटर कॉलेज की लक्ष्मी शर्मा, द ओएएफ इंटर कॉलेज के आदित्य यादव सहित विभिन्न विद्यालयों के हाई स्कूल व इंटर में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थी सम्मिलित रहे।
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अन्य</category>
                                            <category>शिक्षा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/129870/higher-education-minister-honored-the-meritorious</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/129870/higher-education-minister-honored-the-meritorious</guid>
                <pubDate>Wed, 31 May 2023 20:36:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-05/roshni.png"                         length="721340"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आइ जी ने देवरिया के 115 पुलिस कर्मियों का किया सम्मान </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रपुर देवरिया। </strong>गोरखपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक जे रविंद्र ने मंगलवार को गौरी बाजार थाने का सघन निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने देवरिया जनपद के 23 थानों के पांच -पांच पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक थाने से एक उपनिरीक्षक व 4 कांस्टेबल को अनुशासन, ससमय विवेचना, उचित जन व्यवहार तथा बीट के कार्यों के त्वरित संपादन पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर पुलिसकर्मियों के चेहरे खिल गए। आइ जी ने कहा कि सम्मान से अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127526/ig-honored-115-police-personnel-of-deoria"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/img-20230221-wa0011.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रपुर देवरिया। </strong>गोरखपुर जोन के पुलिस महानिरीक्षक जे रविंद्र ने मंगलवार को गौरी बाजार थाने का सघन निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने देवरिया जनपद के 23 थानों के पांच -पांच पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रत्येक थाने से एक उपनिरीक्षक व 4 कांस्टेबल को अनुशासन, ससमय विवेचना, उचित जन व्यवहार तथा बीट के कार्यों के त्वरित संपादन पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर पुलिसकर्मियों के चेहरे खिल गए। आइ जी ने कहा कि सम्मान से अन्य लोगों को भी अच्छे कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा,अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर, सीओ रुद्रपुर पंचम लाल सहित गौरी बाजार थाने के थानाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127526/ig-honored-115-police-personnel-of-deoria</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/127526/ig-honored-115-police-personnel-of-deoria</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 17:42:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-02/img-20230221-wa0011.jpg"                         length="194342"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        