<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/24899/farmers" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>farmers - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/24899/rss</link>
                <description>farmers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पूर्वांचल में संगठन को मजबूती देगा राष्ट्रीय लोक दल, रालोद की मजबूती ही एनडीए की मजबूती : डॉ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रयागराज क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल किसान, नौजवान, मजदूर, व्यापारी और समाज के सभी वर्गों की आवाज बनकर कार्य कर रहा है। संगठन जितना मजबूत होगा, एनडीए गठबंधन भी उतना ही मजबूत होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी जिलों में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा तथा बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन का विस्तार किया जाएगा। कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183319/the-strength-of-rashtriya-lok-dal-rld-and-the-strength"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0045.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के प्रयागराज क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक दल किसान, नौजवान, मजदूर, व्यापारी और समाज के सभी वर्गों की आवाज बनकर कार्य कर रहा है। संगठन जितना मजबूत होगा, एनडीए गठबंधन भी उतना ही मजबूत होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी जिलों में सदस्यता अभियान चलाया जाएगा तथा बूथ, सेक्टर और मंडल स्तर पर संगठन का विस्तार किया जाएगा। कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनें और उनके समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने भी संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों को लेकर अपने विचार रखे तथा क्षेत्र में पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय अध्यक्ष का माल्यार्पण कर स्वागत किया और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183319/the-strength-of-rashtriya-lok-dal-rld-and-the-strength</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183319/the-strength-of-rashtriya-lok-dal-rld-and-the-strength</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 20:29:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260713-wa0045.jpg"                         length="141212"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुबौलिया फीडर में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, अधिवक्ता ने अधीक्षण अभियंता से निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केदुबौलिया विकास खंड के विद्युत फीडर पर तैनात अवर अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए अधिवक्ता चिन्ताहरन सिंह ने अधीक्षण अभियंता को शिकायत पत्र सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के कई किसानों को एक ही गाटा संख्या और चक नंबर पर विद्युत कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि अन्य स्थानों पर नियमों के विपरीत मोटरों का संचालन कराया जा रहा है। इससे विभाग को राजस्व हानि होने के साथ सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता का</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183301/serious-allegations-of-corruption-in-duboulia-feeder-advocate-demands-impartial"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केदुबौलिया विकास खंड के विद्युत फीडर पर तैनात अवर अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए अधिवक्ता चिन्ताहरन सिंह ने अधीक्षण अभियंता को शिकायत पत्र सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के कई किसानों को एक ही गाटा संख्या और चक नंबर पर विद्युत कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि अन्य स्थानों पर नियमों के विपरीत मोटरों का संचालन कराया जा रहा है। इससे विभाग को राजस्व हानि होने के साथ सरकारी नियमों की अनदेखी की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता का आरोप है कि अवर अभियंता किसानों से कथित रूप से अवैध धन उगाही कर मनमाने तरीके से कनेक्शन जारी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से फीडर पर प्रभाव बनाए हुए हैं और अपने खिलाफ कार्रवाई न होने का दावा करते हैं। अधिवक्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183301/serious-allegations-of-corruption-in-duboulia-feeder-advocate-demands-impartial</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183301/serious-allegations-of-corruption-in-duboulia-feeder-advocate-demands-impartial</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:50:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260713-wa0061.jpg"                         length="117818"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकीय नलकूप बेपानी,कैसे हो किसानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> इस समय धान की रोपाई अपने चरम सीमा पर है। क्षेत्र में लगाए गए तिरसठ राजकीय नलकूप बेपानी हो गए हैं। कुछ  नलकूपों को छोड़ दिया जाए।तो सब के सब किन्हीं न किन्हीं कारणों से बेकार पड़े हैं। जबकि जिम्मेदार लोगों को उक्त नलकूपों की दशा ठीक कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थनगर जनपद का पूर्वी छोर जो महराजगंज की सीमा से सटा है।  दोआबा  क्षेत्र के पिछड़े पन को दूर करने के लिए  तिरसठ राजकीय नलकूप लगवाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182969/government-tube-well-without-water-how-should-farmers-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783519412710.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> इस समय धान की रोपाई अपने चरम सीमा पर है। क्षेत्र में लगाए गए तिरसठ राजकीय नलकूप बेपानी हो गए हैं। कुछ  नलकूपों को छोड़ दिया जाए।तो सब के सब किन्हीं न किन्हीं कारणों से बेकार पड़े हैं। जबकि जिम्मेदार लोगों को उक्त नलकूपों की दशा ठीक कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थनगर जनपद का पूर्वी छोर जो महराजगंज की सीमा से सटा है।  दोआबा  क्षेत्र के पिछड़े पन को दूर करने के लिए  तिरसठ राजकीय नलकूप लगवाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी की किल्लत न हो। लेकिन वर्तमान समय में उक्त नलकूपों से कोई लाभ आम किसानों को मिलता हुआ नहीं दिख रहा है।जिस समय नलकूप लगाए जा रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस समय किसानों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों को लगा कि अब तो हर खेत को पानी मिलता रहेगा।इसके साथ ही क्षेत्र के तमाम लोगों को ट्यूबवेल आपरेटर के रूप में नौकरी भी मिल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे उनके परिवार में अत्यधिक खुशी बनी रही। लोगों की मानें तो लगभग एक दशक तक किसानों को पानी मिलता रहा।इसके बाद धीरे-धीरे नलकूपों की दशा खराब होती गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">1997 में  प्रदेश सरकार ने सभी  ट्यूबल आपरेटरों को विकास विभाग में जोड़ दिया। लिहाजा ट्यूबवेल की दशा अब और खराब होने लगी। हालांकि एक पंचवर्षीय के बाद पुनः सभी आपरेटर्स को उनके मूल तैनाती वाले ट्यूबवेल पर लगा दिया गया।तब,तक बहुत देर हो चुकी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रखरखाव के अभाव में पाइप लाइनों में रिसाव,टूटे,फूटे आवलेट, बिजली तार,पोल एंव ट्रांसफार्मर कुछ को छोड़ सब बेकार हो गए थे।किसी पानी के लिए परेशान होकर निजी पम्प सेट पर आश्रित होने लगे। जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी भी कई बार क्षेत्रीय लोगों ने दिया। लेकिन आज तक उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब,जब खरीफ एवं रबी सीजन में खेती,किसानी करनी होती है।तो किसानों को अपने निजी पम्प सेट का ही सहारा है।जोकि इस भीषण मंहगाई में किसानों के लिए समस्या बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय रामचरन मौर्य, गोपाल वर्मा, धनीराम, कृष्ण कुमार, रामरेखा,पियारे,ठग्गंन, सिपाही, रामप्रसाद,कोमल, द्वारिका,मेढ़ई,कदम, जाकिर आदि लोगों ने जिम्मेदार लोगों से क्षेत्र में लगे राजकीय नलकूप की दशा ठीक कराने की मांग की है। जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी का अभाव न हो।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182969/government-tube-well-without-water-how-should-farmers-be</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182969/government-tube-well-without-water-how-should-farmers-be</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:45:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1783519412710.jpg"                         length="57198"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद प्रयागराज के समस्त कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील।</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व कर्मी आधार के अनुसार खतौनी में नहीं कर रहे संशोधन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-kisan-yojana-(19).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप कृषि निदेशक जनपद प्रयागराज के समस्त कृषक भाइयों एवं बहनों को सूचित किया है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है जिसमें जनपद के 569000 कृषकों की फार्मर आई०डी० बनी है एवं लगभग एक लाख किसान भाइयों जिनकी फार्मर आई०डी० नहीं बनी है उन सभी पात्र कृषकों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक प्रमाणित डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से कृषक की आधार, भूमि अभिलेख एवं अन्य आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से उपलब्ध रहते हैं। इससे वास्तविक पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ् प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिसमें वर्तमान में महत्वपूर्ण खाद की उपलब्धता हेतु। कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं में प्राथमिकता। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र एवं अन्य कृषि आदानों पर उपलब्ध अनुदान का सुगम लाभ। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा तथा अन्य कृषि सेवाओं में सुविधा। शासन द्वारा भविष्य में संचालित की जाने वाली योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ। कृषक की एकल एवं प्रमाणित डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध होना। पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुँचना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं को क्रमिक रूप से फार्मर आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ केवल सत्यापित एवं पात्र किसानों को ही प्राप्त हो सके। अतः प्रत्येक कृषक भाई के लिए समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि अभिलेख (खतौनी/गाटा विवरण) एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अभिलेख आवश्यक है।*</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषक अपनी फार्मर रजिस्ट्री   </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविर, कृषि विभाग द्वारा आयोजित पंजीकरण शिविर, अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल माध्यमों से करा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिन कृषकों की फार्मर आईडी में समस्त गाटों को दर्ज नहीं कराया गया है उनको शीघ्र अतिशीघ्र पोर्टल पर <a href="http://upfr.agristack.gov.in/">upfr.agristack.gov.in</a> पर जाकर स्वयं या जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से जुडवा लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पेंडिंग रिपोर्ट दिखाई देता है जब की महीनों पहले किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।इसमें सबसे बड़ा रोड़ा तहसील का राजस्व विभाग बन गया हैजिसमे लेखपाल की भूमिका सर्वाधिक संदिग्ध और काम चोरी की मिली है।इसमें सबसे अधिक फूलपुर तहसील में रिपोर्ट पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि 99% खतौनी मैं सरनेम नहीं अकित है  नाम ही दर्जहै। जबकि आधार कार्ड  में नाम के आगे उसकी जाति जैसे त्रिपाठी मिश्राद दुबे  यादव भारतीय विश्व कर्मा आदि दर्ज हैं ।इसे शुद्ध करने की जिम्मेदारी लेखपाल की निर्धारित की गई है लेकिन वह इसकी आड़ में किसानों से भयादोहन और सुविधा शुल्क  की मांग कर रहा है। कहता है कि इसमें पैसा लगेगा और मुकदमा  करना पड़ेगा।जिसके  कारण से रजिस्ट्रेशन  होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि प्रमाणित करने के लिए लेखपालों के पास लटका है लेकिन इस पर कोई राजस्व अधिकारी ध्यान नहीं देते जबकि कृषि विभाग बार-बार रजिस्ट्रेशन के लिए अपील करता है लेकिन  सरकारी सिस्टम को ठीक करने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दियाजाताहै।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:29:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/pm-kisan-yojana-%2819%29.jpg"                         length="121534"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीएम ने किया साधन सहकारी समितियां का निरीक्षण मिली खामियां </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.------------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज </strong> एसडीम उदित पवार ने किसानों को खाद की किल्लत को देखते हुए विकासखंड भदपुरा के निरीक्षण को निकले उन्होंने क्यों लड़ियां पहुंचकर साधन सहकारी समिति पर किसानों से वार्ता की किसानों के द्वारा बताया गया समितियां पर खाद लेने के लिए आकर अपने कागज जमा कर देते हैं और लाइन में लगे रहते हैं शाम को कह दिया जाता है की अब मशीन काम नहीं कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अपने-अपने कागज ले जाओ कई कई दिनों तक समितियां पर सचिव लोग उपस्थित नहीं होते हैं जिसके कारण किसानों को गन्ने की फसल में यूरिया खाद लेने के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है निजी दुकानदारों के पास जाने पर अन्य सामग्री सौंप दी जाती है जिसकी कीमत यूरिया के बोरा से कहीं अधिक है जिसके कारण किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> एसडीएम पवार द्वारा क्यों लड़ियां समिति पर ही सचिव एवं किसानों के बीच बैठकर उन्होंने निर्देशित किया खाद्य वितरण में किसी भी तरह की धांधली बरती गई तो निश्चित तौर पर बड़ी कार्यवाही की जाएगी किसानों को उनके मानक के अनुसार यूरिया खाद उपलब्ध कराई जाए इसमें किसी भी तरह की शिकायत मिलती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो इसे गंभीरता द्वारा लिया जाएगा और जिलाधिकारी की तरफ से बड़ी कार्यवाही की जाएगी इसलिए व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जाए उन्होंने ग्रामीणों को स्वस्थ किया यदि अब किसी तरह की गड़बड़ी होने पर वह शिकायत करें संबंधित के विरुद्ध जांच करवा कर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इसी दौरान उन्होंने परसरामपुर सदर सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया वहां पर भी लोगों ने छुट फुट शिकायत की गई एसडीएम द्वारा वहां भी सचिव को चेतावनी दी गई मानक के अनुरूप किसानों को खाद्य शीघ्र उपलब्ध कराई जाए इस समय किसानों को खाद की आवश्यकता है यदि इसमें लापरवाही की गई तो जिम्मेदारों को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा इसके साथ ही उन्होंने निजी दुकानों पर भी फोकस किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सब कुछ नॉर्मल मिलने के बाद एसडीएम द्वारा खाद वितरण पर लेखपालों को भी नजर रखने की बात कही गई इसी क्रम में किसानों द्वारा एक बड़ी समस्या का खुलासा किया गया किसानों द्वारा बनवाई गई फार्मर आईडी में संबंधित लेखपालों ने किसानों की कृषि योग्य भूमि को न्यूनतम स्तर पर ही दर्ज किया है जिसके कारण किसानों को खाद लेने के लिए फार्मर आईडी के साथ अपनी जमीन की खतौनी निकलवा कर भी ले जाना पड़ रही है यह बड़ी समस्या होने पर इसे किसने की संबंधित भूमि को उनकी फार्मर आईडी में दर्ज </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182559/sdm-inspected-the-resource-cooperative-societies-and-found-flaws</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 18:07:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1.------------------------%E0%A4%85.jpg"                         length="310188"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मई-जून की भीषण गर्मी में समाजसेवी पी के तिवारी ने चलाया जनजागरूकता अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुलबाजार, अमेठी। </strong>भीषण गर्मी और तेज धूप से लोगों को राहत दिलाने तथा जागरूक करने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यों में अग्रणी संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजि. के प्रबंधक एवं समाजसेवी पी.के. तिवारी द्वारा मई और जून माह में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों तथा खेतों में कार्य कर रहे श्रमिकों और किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए।समाजसेवी पी.के. तिवारी ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने, सिर को ढककर बाहर निकलने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182542/social-worker-pk-tiwari-launched-public-awareness-campaign-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1-.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>शुकुलबाजार, अमेठी। </strong>भीषण गर्मी और तेज धूप से लोगों को राहत दिलाने तथा जागरूक करने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यों में अग्रणी संस्था कृष्णा जन कल्याण सेवा संस्थान रजि. के प्रबंधक एवं समाजसेवी पी.के. तिवारी द्वारा मई और जून माह में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों, बाजारों तथा खेतों में कार्य कर रहे श्रमिकों और किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें गर्मी से बचाव के उपाय बताए गए।समाजसेवी पी.के. तिवारी ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने, सिर को ढककर बाहर निकलने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में थोड़ी सी सावधानी लोगों को गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।अभियान के दौरान संस्था की ओर से जरूरतमंद श्रमिकों, किसानों एवं राहगीरों के लिए जलपान की व्यवस्था भी कराई गई। इसके साथ ही लोगों के सहयोग से लगभग 500 अंगवस्त्र भेंट कर गर्मी से बचाव का संदेश दिया गया। अंगवस्त्र प्राप्त करने वाले लोगों ने समाजसेवी पी.के. तिवारी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें दुआएं दीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में जहां लोग अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहते हैं, वहीं पी.के. तिवारी लगातार समाजहित में कार्य कर मानव सेवा की मिसाल पेश कर रहे हैं। संस्था द्वारा समय-समय पर चलाए जाने वाले सामाजिक और जनकल्याणकारी कार्यों से जरूरतमंद लोगों को काफी राहत मिलती है।इस अवसर पर समाजसेवी पी.के. तिवारी ने कहा कि संस्था द्वारा किए जा रहे प्रत्येक सामाजिक कार्य में समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिलता रहता है, जिससे संस्था को और अधिक कार्य करने की प्रेरणा और बल मिलता है। उन्होंने भविष्य में भी जनहित के कार्य निरंतर जारी रखने की बात कही।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182542/social-worker-pk-tiwari-launched-public-awareness-campaign-in-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182542/social-worker-pk-tiwari-launched-public-awareness-campaign-in-the</guid>
                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 17:43:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1-.jpg"                         length="142804"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून का करिश्माई रूप और कुदरत की विराट शक्ति के सामने इंसान की सीमाएं तथा असम की बाढ़ से मिला प्रकृति का बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदियां उफान पर आ गईं और हजारों परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। यह दृश्य केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि प्रकृति के अपने नियम हैं और उसके सामने मनुष्य की शक्ति सीमित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के अनेक जिलों में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में घिर गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। पशुधन भी संकट में है। रेल संपर्क बाधित हो गया है और लोगों का सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यह केवल असम की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है क्योंकि प्राकृतिक आपदाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। कभी पहाड़ों में बादल फटते हैं तो कभी मैदानों में नदियां उफान पर आ जाती हैं। कहीं समुद्र तूफान लेकर आता है तो कहीं सूखा लोगों की जिंदगी कठिन बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पहाड़ों से उतरने वाला पानी असम की नदियों में पहुंचा और बाढ़ का स्वरूप और भी भयावह हो गया। यह प्रकृति का वही चक्र है जिसे मनुष्य पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता। विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन आज भी बादलों को आदेश नहीं दिया जा सकता कि वे कहां बरसें और कितनी देर तक बरसें। यही कारण है कि कुदरत के सामने हर व्यक्ति समान रूप से असहाय दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मॉनसून भारत की जीवनरेखा माना जाता है। देश की कृषि का बड़ा हिस्सा आज भी वर्षा पर निर्भर है। अच्छी बारिश होती है तो खेतों में हरियाली छा जाती है और किसानों के चेहरे खिल उठते हैं। लेकिन यही बारिश जब सीमा से अधिक हो जाती है तब वही जीवनदायिनी जलधारा विनाश का कारण बन जाती है। इस बार भी यही देखने को मिला। जहां देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे वहीं असम में इतनी अधिक वर्षा हुई कि लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए। प्रकृति का यही विरोधाभास उसे रहस्यमयी और करिश्माई बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">देश के अनेक किसान इस समय कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। कहीं बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है तो कहीं अत्यधिक वर्षा ने तैयारियां बिगाड़ दी हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर आधारित है और मौसम का मिजाज हर वर्ष बदलता रहता है। किसान मेहनत करता है लेकिन अंतिम निर्णय प्रकृति के हाथ में होता है। यही कारण है कि भारतीय किसान सदियों से धरती और आकाश दोनों को समान श्रद्धा से देखता आया है। उसे पता है कि मेहनत उसकी है लेकिन सफलता का आशीर्वाद प्रकृति देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष अधिक मास के कारण लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मॉनसून देर से आया। चाहे इसके धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भ अलग हों लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मॉनसून का आगमन समुद्री हवाओं तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। फिर भी भारतीय समाज में प्रकृति और आस्था का गहरा संबंध रहा है। लोग वर्षा को केवल मौसम नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा भी मानते हैं। जब समय पर बारिश होती है तो खुशियां आती हैं और जब अत्यधिक या कम वर्षा होती है तो चिंता बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ ने यह भी सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से भी संभव है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलना चाहिए। प्रभावित परिवारों तक भोजन दवाइयां और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना सबसे पहली जिम्मेदारी है। बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन किसानों की फसलें और पशुधन प्रभावित हुए हैं उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखना और राहत कार्यों की समीक्षा करना सकारात्मक पहल है। ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर केवल मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा किसी दल या क्षेत्र को देखकर नहीं आती। उसका सामना पूरे समाज को मिलकर करना पड़ता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत भी है कि संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे का हाथ थाम लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल राहत पहुंचाने की नहीं बल्कि भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की भी है। नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जल निकासी की प्रभावी योजना समय पर चेतावनी प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपाय भविष्य में नुकसान कम कर सकते हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन ने भी कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ाया है। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो आपदाओं की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुदरत का अपना अद्भुत स्वभाव है। वही धरती को हरियाली देती है वही नदियों को जीवन देती है वही अन्न उपजाती है और वही कभी कभी अपनी अपार शक्ति का परिचय भी देती है। मनुष्य ने ऊंची इमारतें बना लीं आधुनिक तकनीक विकसित कर ली और अंतरिक्ष तक पहुंच गया लेकिन बादलों की चाल और नदियों के वेग के सामने आज भी उसकी सीमाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। यही प्रकृति का सबसे बड़ा करिश्मा है कि वह जीवन भी देती है और समय आने पर विनम्रता का पाठ भी पढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ केवल एक समाचार नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी और सीख है। हमें प्रकृति का सम्मान करना होगा उसके संतुलन को बनाए रखना होगा और आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना होगा। बारिश जीवन का उत्सव भी है और जिम्मेदारी की परीक्षा भी। जब तक संतुलन बना रहता है तब तक वर्षा अमृत बनकर बरसती है लेकिन जब संतुलन बिगड़ता है तब वही जल प्रलय का रूप ले लेता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति को जीतने का नहीं बल्कि उसके साथ सामंजस्य बनाकर चलने का प्रयास करें क्योंकि कुदरत के विराट स्वरूप के सामने अंततः हर मनुष्य विनम्र और लाचार ही दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>          *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas26.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती में बनेगा एथेनालः 350 करोड की लागत से फैक्ट्री का निर्माण दसिया में शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है। कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा। अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है। बताया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182274/ethanol-will-be-made-in-basti-construction-of-factory-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है। कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा। अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है। बताया कि मक्का और चावल से एथनाल पैदा किया जायेगा। इससे जहां ऊर्जा संकट दूर होगा वहीं विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत सरकार की संस्तुति पर बन रहे कारखाने में भूजल यानी पानी से नहीं धान, मक्का और भूसी से इथेनाल बनेगा। कम्पनी का खुद का 7 मेगावट का पावर प्लांट, वायु प्रदूषण मुक्त 72 मीटर ऊँची चिमनी, लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाली फैक्ट्री , 6 से 8 सौ कर्मचारी, जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पर खरा उतरने वाला प्लांट, सैकड़ों लोगों को होटल, चाय, पानी, बिस्कुट, सुर्ती बीड़ी, गुटखा जैसे दुकान खोलने वालों को अप्रत्यक्ष रोजगार देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पूंछे जाने पर कि कुछ लोग किस आधार पर फैक्ट्री निर्माण का विरोध कर रहे हैं निदेशक सुधीर जायसवाल ने बताया कि यह उनका अपना निजी दृष्टिकोण है। यहां फैक्ट्री पूरे मानक और नियमों के अनुसार हो रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों और बेरोजगारों को सर्वाधिक लाभ होगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182274/ethanol-will-be-made-in-basti-construction-of-factory-at</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182274/ethanol-will-be-made-in-basti-construction-of-factory-at</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:33:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260628-wa0061.jpg"                         length="151248"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        