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                <title>bhagwat katha - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>भागवत कथा के श्रवण से होता है पापों का नाश : पंडित पंकज सान्डिल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> विकासखंड कटरा बाजार के ग्राम नारायण भवन (रामापुर) में मुख्य यजमान कृष्ण कुमार द्विवेदी (कोटेदार) एवं उनकी पत्नी शिव देवी के निवास पर नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित पंकज सान्डिल (अवध धाम) तथा सह- वक्ता पंडित चंद्र प्रकाश तिवारी द्वारा किया जा रहा है। भजन प्रस्तुतियां पन्ना लाल वाराणसी द्वारा दी जा रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 8 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। प्रतिदिन शाम 6 बजे से 10 बजे तक कथा, प्रवचन और झांकियों का आयोजन हो रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160205/sins-are-destroyed-by-listening-to-bhagwat-katha-pandit-pankaj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1006732972.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>गोंडा।</strong> विकासखंड कटरा बाजार के ग्राम नारायण भवन (रामापुर) में मुख्य यजमान कृष्ण कुमार द्विवेदी (कोटेदार) एवं उनकी पत्नी शिव देवी के निवास पर नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। कथा का वाचन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित पंकज सान्डिल (अवध धाम) तथा सह- वक्ता पंडित चंद्र प्रकाश तिवारी द्वारा किया जा रहा है। भजन प्रस्तुतियां पन्ना लाल वाराणसी द्वारा दी जा रही हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 8 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। प्रतिदिन शाम 6 बजे से 10 बजे तक कथा, प्रवचन और झांकियों का आयोजन हो रहा है। 12 नवंबर को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिवकुमार द्विवेदी (एडवोकेट) ने बताया कि यह दिव्य कथा 15 नवंबर तक निरंतर चलेगी। श्रोताओं की बड़ी संख्या प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज कर रही है। कथावाचक पंडित पंकज सान्डिल महाराज अपनी मधुर वाणी में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों, उनकी पावन लीलाओं तथा भक्ति, भजन और वैराग्य के महत्व को सरल भाषा में समझा रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन में सहयोग देने वालों में मुख्य रूप से जयप्रकाश द्विवेदी, विजय प्रकाश द्विवेदी, अनिल द्विवेदी, डॉ. राजेश द्विवेदी, डॉ. प्रदीप द्विवेदी सहित परिवार एवं ग्रामवासी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। श्रोताओं की सुविधा के लिए कार्यक्रम का लाइव प्रसारण यूट्यूब पर किया जा रहा है, जिससे दूर-दराज के भक्त भी कथा से जुड़ रहे हैं। कथा का समापन 16 नवंबर को ब्रह्मभोज व विशाल भंडारे के साथ होगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 19:34:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> ख़जनी क्षेत्र बरी वन्दुआरी में भव्य कलश यात्रा निकली, भक्तिमय वातावरण में शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>खजनी, गोरखपुर। </strong>विकासखंड क्षेत्र के बरी वन्दुआरी गांव में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा स्थल से निकली कलश यात्रा गांव के धार्मिक स्थानों से होते हुए भरोहिया शिव मंदिर स्थित जलाशय पर पहुंची, जहां मुख्य अतिथि चम्पा देवी त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। यात्रा के दौरान जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर पूजित कलश रखकर मंगल गीत गाती हुई शामिल रहीं, वहीं बच्चे व युवा डीजे की धुन पर नृत्य करते नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">जल भरने के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159050/%C2%A0%E0%A5%99%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%87%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%86%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AD%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%B6-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%80--%E0%A4%AD%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%AF-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A4%A3-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%88-%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%A5%E0%A4%BE"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/p-----1-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>खजनी, गोरखपुर। </strong>विकासखंड क्षेत्र के बरी वन्दुआरी गांव में बुधवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कथा स्थल से निकली कलश यात्रा गांव के धार्मिक स्थानों से होते हुए भरोहिया शिव मंदिर स्थित जलाशय पर पहुंची, जहां मुख्य अतिथि चम्पा देवी त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। यात्रा के दौरान जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर पूजित कलश रखकर मंगल गीत गाती हुई शामिल रहीं, वहीं बच्चे व युवा डीजे की धुन पर नृत्य करते नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">जल भरने के बाद कलश यात्रा वापस कथा स्थल पहुंची, जहां वेदी पूजन कर कथा का आरंभ हुआ। पहले दिन कथा व्यास आचार्य <em>अतुल त्रिपाठी</em> ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा कलयुग में मोक्ष प्राप्ति एवं बैकुंठ धाम जाने का सरलतम मार्ग है। उन्होंने गोकर्ण और प्रेत बने धुंधकारी की कथा सुनाते हुए बताया कि सैकड़ों बार श्राद्ध तर्पण करने पर भी मुक्ति नहीं मिलती, किन्तु सात दिन भगवत कथा श्रवण से धुंधकारी को दिव्य विमान प्राप्त हुआ और वह प्रेत योनि से मुक्त हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">आचार्य जी ने कहा कि भागवत कथा मन, वचन और कर्म को पवित्र करती है और जीवन को धर्ममय मार्ग की ओर ले जाती है। इस अवसर पर<strong> </strong>विष्णु देव त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी, गगन त्रिपाठी, आचार्य आलोक त्रिपाठी, नीरज बावरा, सोनू त्रिपाठी, तिवारी त्रिपाठी<strong> </strong>सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा सप्ताह भर चलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 18:06:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजे-बाजे के साथ निकाली भव्य कलश यात्रा </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>विकासखंड शुक्ल बाजार के पूरे शुकुलन में 2 मार्च से 11 मार्च तक चलने वाली नौ दिवसीय अमृतमई श्रीमद् भागवत कथा के उपलक्ष में निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा शुकुल बाजार कस्बा होते हुए आदि गंगा गोमती रेछ घाट पहुंची। जहां मुख्य यजमान कमलेश कुमारी व अवधेश कुमार शुक्ल द्वारा कलश में जल भरकर कथा व्यास मंडप में कलश स्थापित किया गया। भव्य कलश यात्रा शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, भक्तिमय माहौल में अबीर ,गुलाल उड़ाते हुए गगन भेदी जयकारा लगाते हुए भक्तगण शोभा यात्रा में शामिल हुए।</div>
<div>  </div>
<div>अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149231/grand-kalash-yatra-with-gaje-baje%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>शुकुल बाजार अमेठी। </strong>विकासखंड शुक्ल बाजार के पूरे शुकुलन में 2 मार्च से 11 मार्च तक चलने वाली नौ दिवसीय अमृतमई श्रीमद् भागवत कथा के उपलक्ष में निकाली गई भव्य कलश शोभा यात्रा शुकुल बाजार कस्बा होते हुए आदि गंगा गोमती रेछ घाट पहुंची। जहां मुख्य यजमान कमलेश कुमारी व अवधेश कुमार शुक्ल द्वारा कलश में जल भरकर कथा व्यास मंडप में कलश स्थापित किया गया। भव्य कलश यात्रा शोभा यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, भक्तिमय माहौल में अबीर ,गुलाल उड़ाते हुए गगन भेदी जयकारा लगाते हुए भक्तगण शोभा यात्रा में शामिल हुए।</div>
<div> </div>
<div>अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक आचार्य आशुतोष तिवारी सांडिल्य जी ने बताया कि भक्तगणों को नौ दिन तक भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का बड़ा ही सुंदर और चरित्रार्थ वर्णन सुनने को प्राप्त होगा। कथा वाचक ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा में सभी ग्रंथों और पुराणों का सार निहित है वहीं मुख्य यजमान अवधेश कुमार शुक्ला ने बताया नौ दिन तक चलने वाली अमृतमई श्रीमद् भागवत कथा के रसपान हेतु भक्तों के उठने बैठने आदि का उत्तम प्रबंध कराया गया है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने बताया शाम 6:00 बजे से कथा प्रारंभ होगी तथा 11 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत की कथा वेद और उपनिषदों का सार है और सकल शास्त्रों का फल है श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से श्री हरि हृदय में आते हैं। भव्य कलश यात्रा में गिरिजा प्रसाद शुक्ला, बिंदेश्वर प्रसाद शुक्ला, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, महेंद्र प्रसाद शुक्ला, पुष्पेंद्र शुक्ला, राजीव शुक्ला, धर्मेंद्र शुक्ला, अजय शुक्ला, गिरीश चंद्र शुक्ला, आवेश शुक्ला, संतोष तिवारी पप्पी, समाजसेवी पीके तिवारी, अनुज शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, आलोक शुक्ला, अरविंद शुक्ला, आयुष शुक्ला सहित हजारों भक्तगण शामिल हुए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 13:07:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भागवत कथा के श्रवण से होता है पापों का नाश: आचार्य पं विपिन पाण्डेय </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>गोंडा। </strong>धानेपुर गोण्डा में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन मुजेहना  ब्लाक धानेपुर बाजार निकट सुकरौलिया गांव में पवन तिवारी जी द्वारा आयोजित किया गया है। यह कथा 20 फरवरी से 27 फरवरी, तक प्रतिदिन सायं 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक चलेगी, जिसमें 24 फरवरी को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 25 को पूतना-कंस वध, 26 को सुदामा चरित्र एवं 27 को समापन महात्म्य होगा। तत्पश्चात दिनांक 28 फरवरी को यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा के वक्ता सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पं बिपिन‌ पाण्डेय जी महराज आपने मधुर वाणी और सरल भाषा में श्रीमद् भागवत के गूढ़ रहस्यों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148971/acharya-pt-vipin-pandey-destroys-sins-by-listening-to-bhagwat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250223-wa0757.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>गोंडा। </strong>धानेपुर गोण्डा में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन मुजेहना  ब्लाक धानेपुर बाजार निकट सुकरौलिया गांव में पवन तिवारी जी द्वारा आयोजित किया गया है। यह कथा 20 फरवरी से 27 फरवरी, तक प्रतिदिन सायं 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक चलेगी, जिसमें 24 फरवरी को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 25 को पूतना-कंस वध, 26 को सुदामा चरित्र एवं 27 को समापन महात्म्य होगा। तत्पश्चात दिनांक 28 फरवरी को यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। श्रीमद् भागवत कथा के वक्ता सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पं बिपिन‌ पाण्डेय जी महराज आपने मधुर वाणी और सरल भाषा में श्रीमद् भागवत के गूढ़ रहस्यों को श्रोताओं तक पहुंचा रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस कथा में भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों और उनकी लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व भी बताया जाएगा। श्री महराज ने कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा के वाचक व श्रवण से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है संसार दुखों का सागर है प्रत्येक प्राणी किसी न किसी तरह दुखी व परेशान है कोई स्वास्थ्य से दुखी है कोई परिवार कोई धन तो कोई संतान को लेकर परेशान है सभी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए ईश्वर की आराधना ही एकमात्र मार्ग है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Feb 2025 20:36:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>धर्म और संस्कार हमारे जीवन की नींव : मुलायम सिंह यादव</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर देहात।</strong> मनुष्य के जीवन में कितनी भी विकट परिस्थितियां क्यों न आ जाएं परंतु मनुष्य को अपना धर्म संस्कार नहीं छोड़ना चाहिए । उक्त विचार मुलायम सिंह यादव एडवोकेट अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात ने ग्राम सिसाही रसूलाबाद में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन पहुंचकर सरस कथा वाचक गोल्डी शास्त्री का सम्मान करने के पश्चात व्यक्त किये । उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार एक दूसरे के पूरक हैं शिक्षा स्कूल से मिलती है जबकि संस्कार घर व धार्मिक आयोजनों से मिलते है भागवत कथा सुनने का लाभ तभी है जब हम उसे अपने जीवन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148882/religion-and-sanskar-mulayam-singh-yadav-the-foundation-of-our"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img_20250222_170059.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर देहात।</strong> मनुष्य के जीवन में कितनी भी विकट परिस्थितियां क्यों न आ जाएं परंतु मनुष्य को अपना धर्म संस्कार नहीं छोड़ना चाहिए । उक्त विचार मुलायम सिंह यादव एडवोकेट अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात ने ग्राम सिसाही रसूलाबाद में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन पहुंचकर सरस कथा वाचक गोल्डी शास्त्री का सम्मान करने के पश्चात व्यक्त किये । उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार एक दूसरे के पूरक हैं शिक्षा स्कूल से मिलती है जबकि संस्कार घर व धार्मिक आयोजनों से मिलते है भागवत कथा सुनने का लाभ तभी है जब हम उसे अपने जीवन में उतारें और उसी के अनुरूप व्यवहार करें ।</div>
<div> </div>
<div> उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कार हमारे जीवन की नींव होते है और हमे जीवन के हर मोड़ पर सही रास्ता दिखाते हैं ।जब हम धर्म और संस्कार को अपने जीवन मे बनाये रखते है तो हमे जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है और हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित रहते है। इस मौके पर श्रीमद् भागवत कथा के आयोजकों ने मुलायम सिंह का सम्मान किया तथा शास्त्री जी ने आशीर्वाद दिया आरती के समय पंडाल में उपस्थित श्रोता बन्धु झूम उठे ।</div>
<div> </div>
<div>इस मौके पर श्रीमद् भागवत कथा के परीक्षित विनोद कुमार, जगदीश यादव, अरविंद सिंह, सुनील कुमार, वीरेंद्र सिंह, डॉ. सरयू नारायण, अनवर हुसैन सिद्दीकी, राजीव वर्मा, आनंद सिंह, ओम नारायण, सत्य प्रकाश, बबलू यादव, राजेंद्र सिंह, रामचंद्र, रामसजीवन, सत्यराम यादव, रामसेवक,  सत्यम सिंह,  आशीष यादव, रमेश चंद बाथम, सलमान, बाबू कठेरिया, राम मोहन दिवाकर, अखिलेश दिवाकर सहित अन्य श्रोता बन्धु उपस्थित रहे ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Feb 2025 17:55:22 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महाकुंभ में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का विशेष महत्व..।.सुमित कृष्ण  महाराज</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कोरांव प्रयागराज।</strong> वर्तमान समय में प्रयागराज में चल रहे विश्व के सबसे बड़े पर्व महाकुंभ में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का मानव जीवन में विशेष महत्व है। उक्त बातें प्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता श्रद्धेय सुमित कृष्ण जी  द्वारा परीक्षित स्वरूप अजय कुमार पांडे एवम् हृदय शंकर पांडे के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन उपस्थित भक्त जनों को कथा का रसपान कराते हुए कही। आगे की कथा में महाराज श्री द्वारा सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र, राजा परीक्षित का प्रसंग, श्री सुखदेव जी महाराज की कथा, कपिल भगवान ने माता देवहूति से कहा कि आसक्ति ही सुख और दुख</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148332/special-importance-of-shrimad-bhagwat-katha-shravan-in-mahakumbh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250207-wa0190.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कोरांव प्रयागराज।</strong> वर्तमान समय में प्रयागराज में चल रहे विश्व के सबसे बड़े पर्व महाकुंभ में श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का मानव जीवन में विशेष महत्व है। उक्त बातें प्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता श्रद्धेय सुमित कृष्ण जी  द्वारा परीक्षित स्वरूप अजय कुमार पांडे एवम् हृदय शंकर पांडे के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन उपस्थित भक्त जनों को कथा का रसपान कराते हुए कही। आगे की कथा में महाराज श्री द्वारा सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र, राजा परीक्षित का प्रसंग, श्री सुखदेव जी महाराज की कथा, कपिल भगवान ने माता देवहूति से कहा कि आसक्ति ही सुख और दुख का कारण है, ऋषभदेव के चरित्र वर्णन पर प्रकाश डाला। </div>
<div> </div>
<div>और मनुष्य को सतमार्ग पर चलने की बात कहीं। आगे बतलाया कि श्रीमद् भागवत कथा सुनने से मानव को पापों से मुक्ति मिलती है और साथ ही साथ मानव के अंदर ज्ञान और वैराग्य की जागृति होती है। भागवत कथा के दौरान सुप्रसिद्ध संगीतकार रिझारिया जी द्वारा सु मधुर स्वर में आरती और मंगल गीत गाए गए जिसे श्रवण कर उपस्थित श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए। कथा पंडाल में मुख्य रूप से विशंभरनाथ,द्वारिका प्रसाद,संतोष केसरी,हीरा केसरी,श्री भगवान,दुर्गा प्रसाद,गुलाबचंद,अजय कुमार,रजत केसरी,संतलाल,विनोद केसरी,अभिनव केसरी,लक्छमण  दास,अमित कृष्ण जी सहित सैकड़ो की संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 19:14:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रह्लाद ने खंभे से भगवान को प्रकट करके सिद्ध कर दिया कि कण कण में भगवान  हैं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कोरांव प्रयाग राज । </strong>क्षेत्र के अयोध्या गांव में भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद चरित्र   प्रसंग का वर्णन किया गया।कथावाचक राधा प्रेष्ठ दास जी महराज ने बताया कि  वेदों पुराणों एवं समस्त सनातन ग्रंथों ने बार बार यह उद्घोष किया है कि ईश्वर सदा सर्वदा समस्त विश्व में विद्यमान हैं (ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेर्जुन तिष्ठतिया ईशावास्य मदं सर्वं)किन्तु इस उद्घोष को प्रत्यक्ष प्रमाणित करने का प्रथम श्रेय पांच वर्ष के बालक प्रह्लाद को मिला।</div>
<div>  </div>
<div>  प्रह्लाद का पिता हिरण्यकशिपु महान नास्तिक था वह स्वयं को भगवान घोषित कर चुका था यज्ञ हवन पूजा पाठ समस्त धार्मिक आयोजन बंद करवा</div>
<div> </div>
<div>निशा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148265/prahlad-proved-god-with-the-pillar-and-proved-that-there"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250206-wa0165.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कोरांव प्रयाग राज । </strong>क्षेत्र के अयोध्या गांव में भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद चरित्र   प्रसंग का वर्णन किया गया।कथावाचक राधा प्रेष्ठ दास जी महराज ने बताया कि  वेदों पुराणों एवं समस्त सनातन ग्रंथों ने बार बार यह उद्घोष किया है कि ईश्वर सदा सर्वदा समस्त विश्व में विद्यमान हैं (ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेर्जुन तिष्ठतिया ईशावास्य मदं सर्वं)किन्तु इस उद्घोष को प्रत्यक्ष प्रमाणित करने का प्रथम श्रेय पांच वर्ष के बालक प्रह्लाद को मिला।</div>
<div> </div>
<div> प्रह्लाद का पिता हिरण्यकशिपु महान नास्तिक था वह स्वयं को भगवान घोषित कर चुका था यज्ञ हवन पूजा पाठ समस्त धार्मिक आयोजन बंद करवा दिया था और उसके अत्याचार से समस्त संसार त्राहि-त्राहि कर उठा था।एक सर्व विदित सिद्धांत है कि जब रात्रि का अंधकार गहन हो जाय तो सूर्योदय की भी आशा प्रवल हो जाती है भौतिक वाद जब अपने यौवन पर आ जाता है तो उसी के एक कोने से अध्यात्म वाद भी अंकुरित होने लगता है।</div>
<div> </div>
<div>निशा का अंधकार गंभीर साथ लाता है सूर्य प्रकाश। परिणाम यह हुआ कि उसी हिरण्यकशिपु के घर में प्रह्लाद के रूप में अध्यात्म प्रकट हो गया।शैशव काल से ही प्रह्लाद जी भगवद्भक्ति में लीन हो गये क्योंकि गर्भ काल में इनकी माता को नारद जी ने नारायण मंत्र का उपदेश दिया था और वह मंत्र गर्भस्थ बालक ने भी सुन लिया था जैसे अभिमन्यु ने गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदन की कला सीख लिया था। हिरण्यकशिपु ने लाख उपाय किए किंतु प्रह्लाद टस से मस नहीं हुए हार कर उसने प्रह्लाद को मारने का प्रयास प्रारंभ कर दिया।</div>
<div> </div>
<div> पर्वत से गिराया समुद्र में फेंक दिया जहर पिलाया जहरीले नागों के कुंड में फेक दिया आग में जलाने का प्रयास किया विष पिलाया किंतु भक्त वत्सल भगवान ने सर्वत्र इनकी रक्षा किया। अंततः पुत्र को भरी सभा में खड़ा करके पूछने लगा बोल तेरा परमात्मा कहां है क्या इस स्तंभ में भी है क्या?स्तंभे किं न दृष्यते। बिना हिचक प्रह्लाद ने कहा हां पिता जी इस खंभे में भी भगवान हैं और उसी समय क्रुद्ध राक्षस ने खंभे पर मुष्टिका प्रहार किया।महान आश्चर्य खंभे से प्रचंड आवाज आई समस्त दिशाएं कांप उठीं धरती पर भूकंप आने लगे पर्वत शिखर टूट कर गिरने लगे और भगवान नृसिंह प्रकट हो उठे।</div>
<div> </div>
<div>चीर फाड़ कर टुकड़े टुकड़े कर दिया हिरण्यकशिपु को बस इसी घटना के बाद संसार में पत्थर की पूजा होने लगी। इससे पूर्व महराज श्री ने ऋषभदेव जड़ भरत वृत्तासुर तथा अन्य कथाओं को सुनाकर विशाल श्रोता समूह को भाव विभोर कर दिया।कथा के मुख्य यजमान मनीराम शुक्ल गंगा कलावती शुक्ला घनश्याम शुक्ल ने सभी आगंतुक अतिथियों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया तथा व्यास पीठ की पूजा संपन्न किया।   भागवत में उपस्थित मुख्य अतिथि रोहणी प्रसाद शुक्ला(पूर्व प्रधानाचार्य), हरि प्रसाद दुबे,विजय लाल शुक्ला, बृजेश कुमार मिश्रा(मुन्ना) अधिवक्ता, सुनील दुबे, गोविन्द दास तिवारी, डॉ राजेन्द्र प्रसाद शुक्ला, ज्ञान कुमार शुक्ला, विजय पांडेय, विनय तिवारी समस्त क्षेत्रवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर कथामृत पान करने का आग्रह किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Feb 2025 20:30:14 +0530</pubDate>
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