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                <title>economic empowerment - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>economic empowerment RSS Feed</description>
                
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                <title>बकरी पालन व्यवसाय  ग्रामीणोंके आय का सबसे अच्छा साधन साबित हो रहा है।-डॉ. मणि शंकर द्विवेदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के पारंपरिक साधनों का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। बदलती आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती बेरोजगारी और कृषि पर बढ़ते दबाव के बीच बकरी पालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्रोत बना हुआ है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  हाल ही में हुडसा (हयूमन अपलिफ्टमेंट, डेवलपमेंट ऐंड सोशल अवेयरनेस) द्वारा प्रयागराज के गंगापार ग्रामीण क्षेत्र में किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया कि बकरी पालन आज भी हजारों परिवारों की आर्थिक मजबूती का आधार है।सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न गांवों में पशुपालकों, किसानों और</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गंगापार</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182009/goat-rearing-business-is-proving-to-be-the-best-source"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260623-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के पारंपरिक साधनों का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। बदलती आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती बेरोजगारी और कृषि पर बढ़ते दबाव के बीच बकरी पालन ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्रोत बना हुआ है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> हाल ही में हुडसा (हयूमन अपलिफ्टमेंट, डेवलपमेंट ऐंड सोशल अवेयरनेस) द्वारा प्रयागराज के गंगापार ग्रामीण क्षेत्र में किए गए एक सर्वेक्षण में यह तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आया कि बकरी पालन आज भी हजारों परिवारों की आर्थिक मजबूती का आधार है।सर्वेक्षण के दौरान विभिन्न गांवों में पशुपालकों, किसानों और युवाओं से बातचीत की गई। अध्ययन में पाया गया कि सीमित भूमि और संसाधनों वाले परिवारों के लिए बकरी पालन एक कम लागत वाला और लाभकारी व्यवसाय है। अनेक परिवारों ने बताया कि बकरियां उनके लिए संकट के समय आर्थिक सुरक्षा कवच का कार्य करती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह या अन्य आवश्यकताओं के लिए जरूरत पड़ने पर बकरियों की बिक्री से तत्काल नकदी उपलब्ध हो जाती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गंगापार क्षेत्र के ग्रामीण परिवेश में बकरियां स्थानीय वनस्पतियों और प्राकृतिक चरागाहों पर आसानी से पल जाती हैं, जिससे पालन-पोषण की लागत कम रहती है। यही कारण है कि छोटे किसान और भूमिहीन परिवार भी इस व्यवसाय को आसानी से अपना सकते हैं। सर्वेक्षण में यह भी देखा गया कि ग्रामीण किशोर और युवा पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ बकरी पालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।हुडसा के अध्ययन से यह भी ज्ञात हुआ कि महिलाओं की भागीदारी बकरी पालन में लगातार बढ़ रही है। अनेक ग्रामीण परिवारों में महिलाएं बकरियों की देखभाल कर परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यदि उन्हें प्रशिक्षण, पशु चिकित्सा सेवाएं और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जाए तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।बकरी के मांस और दूध की बढ़ती मांग ने भी इस व्यवसाय को अधिक लाभकारी बना दिया है। स्थानीय बाजारों में बकरियों की अच्छी कीमत मिलने से पशुपालकों को नियमित आय प्राप्त होती है। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन को आजीविका के प्रभावी साधन के रूप में देखा जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;">हालांकि सर्वेक्षण में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं, जिनमें पशुओं में रोगों का प्रकोप, गुणवत्तापूर्ण नस्लों की कमी, चारे की समस्या तथा पशु चिकित्सा सुविधाओं का अभाव प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार, गैर-सरकारी संस्थाएं और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत कार्यरत संस्थान मिलकर इस क्षेत्र में निवेश करें तो बकरी पालन ग्रामीण विकास का एक मजबूत माध्यम बन सकता है।आज जब ग्रामीण भारत रोजगार और आय के नए अवसरों की तलाश में है, तब बकरी पालन एक ऐसा क्षेत्र है जो कम निवेश में अधिक लाभ और आत्मनिर्भरता की संभावना प्रदान करता है। प्रयागराज के गंगापार क्षेत्र में सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि बकरी पालन केवल एक परंपरागत व्यवसाय नहीं, बल्कि वर्तमान समय में भी ग्रामीण आजीविका, आर्थिक सशक्तिकरण और सतत विकास का एक प्रभावी साधन है।निष्कर्षतः, यदि बकरी पालन को वैज्ञानिक तकनीकों, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार व्यवस्था से जोड़ा जाए तो यह ग्रामीण भारत के लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बकरी पालन आज भी प्रासंगिक है और आने वाले समय में ग्रामीण समृद्धि का एक मजबूत आधार बन सकता है।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Jun 2026 19:53:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए भारत का वित्तीय रोडमैप: प्रगति और समृद्धि का बजट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत का बजट </span>2025-26 <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी और क्रांतिकारी दस्तावेज़ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रगति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समावेशन और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दर्शाता है। यह बजट न केवल आर्थिक सुदृढ़ता को मजबूती प्रदान करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की अर्थव्यवस्था आज वैश्विक मंच पर सबसे तीव्र गति से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और निरंतर सुधारों के परिणामस्वरूप भारत ने वित्तीय स्थिरता</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148068/budget-of-financial-roadmap-progress-and-prosperity-of-new-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(2).jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत का बजट </span>2025-26 <span lang="hi" xml:lang="hi">आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी और क्रांतिकारी दस्तावेज़ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो प्रगति</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समावेशन और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दर्शाता है। यह बजट न केवल आर्थिक सुदृढ़ता को मजबूती प्रदान करता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की अर्थव्यवस्था आज वैश्विक मंच पर सबसे तीव्र गति से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों और निरंतर सुधारों के परिणामस्वरूप भारत ने वित्तीय स्थिरता और सतत विकास की दिशा में एक सशक्त और प्रेरणादायक यात्रा तय की है। इस बजट में उन सभी प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो भारत को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से अजेय बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">करदाताओं के लिए इस बजट में अभूतपूर्व प्रावधान किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। अब </span>12 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं लगेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि वेतनभोगी वर्ग के लिए यह सीमा </span>12.75 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख रुपये कर-मुक्त रखी गई है। नई कर प्रणाली में विभिन्न आय वर्गों को अतिरिक्त छूट और प्रोत्साहन दिए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे जनता की क्रय शक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और बाज़ार में उपभोग को नई गति मिलेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा और स्वावलंबन प्रदान करने के लिए सरकार ने ‘प्रधानमंत्री धन-धन्य कृषि योजना’ की घोषणा की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो </span>100 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिलों में आधुनिक कृषि सुधारों को गति देगी। इस योजना से किसानों को उच्च उत्पादकता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नवीनतम तकनीक और स्मार्ट खेती के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही</span>, ‘<span lang="hi" xml:lang="hi">दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ की शुरुआत कर सरकार ने दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने की ठोस नींव रखी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे देश खाद्य सुरक्षा की दिशा में आत्मनिर्भर बनेगा। किसानों को सशक्त बनाने के लिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा </span>₹5 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख तक बढ़ा दी गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उन्हें सस्ती ब्याज दरों पर ऋण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण भारत को आर्थिक शक्ति में तब्दील करने के लिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन’ कार्यक्रम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">शुरू किया गया है। यह योजना गांवों में कौशल विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पूंजी निवेश और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगी। शहरी क्षेत्रों में श्रमिकों और गिग वर्कर्स के लिए भी व्यापक योजनाओं की घोषणा की गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे उनकी आजीविका को स्थिरता मिलेगी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत गिग वर्कर्स को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक करोड़ से अधिक लोग स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में आएंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत के स्टार्टअप और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>MSME <span lang="hi" xml:lang="hi">सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार ने ऋण गारंटी की सीमा बढ़ाकर </span>₹20 <span lang="hi" xml:lang="hi">करोड़ कर दी है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह निर्णय नवोदित उद्यमियों को वित्तीय संबल प्रदान करेगा और उन्हें नवाचार के क्षेत्र में सशक्त बनाएगा। यह महत्वपूर्ण कदम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मनिर्भर भारत अभियान’</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को और अधिक सुदृढ़ करेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देश का उद्योग जगत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी दमदार पहचान बना सकेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यटन क्षेत्र को विश्वस्तरीय बनाने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के लिए सरकार ने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">शीर्ष </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यटन स्थलों के पुनरुद्धार</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की महत्त्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस पहल से न केवल देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिलेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त प्रोत्साहन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">मिलेगा और</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रोज़गार के असीमित अवसर सृजित होंगे।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रेल और हवाई संपर्क को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बनाने के लिए भारी निवेश का प्रावधान किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर नई ऊंचाइयों को छुएगा</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और देश की गतिशीलता में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जीवनरक्षक दवाओं पर कर छूट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">की घोषणा की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगी।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कैंसर और अन्य घातक रोगों के इलाज को किफायती बनाने के लिए</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश में चिकित्सा शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए </span>10,000 <span lang="hi" xml:lang="hi">नई मेडिकल सीटों</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का प्रावधान किया गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए योग्य डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस बजट में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गरीबों और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को प्राथमिकता दी गई है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">नारी शक्ति योजना’</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के तहत महिलाओं को</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">कौशल विकास और स्वरोजगार</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे वे आत्मनिर्भर बनेंगी। इसके साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए शिक्षा और उद्यमिता</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को बढ़ावा देने हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिससे सामाजिक समरसता को बल मिलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार के इस दूरदर्शी बजट से यह स्पष्ट होता है कि भारत</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में एक सशक्त छलांग लगा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह बजट</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">न केवल आर्थिक वृद्धि को गति देगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक उत्थान और वैश्विक शक्ति बनने के संकल्प को भी मजबूत करेगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>‘<span lang="hi" xml:lang="hi">विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर यह बजट एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 16:43:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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