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                <title>government scheme - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>government scheme RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग की एक सशक्त पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184375/chief-ministers-mass-marriage-scheme-a-powerful-initiative-for-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, सादगी और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसके अंतर्गत सरकार एक ही स्थान पर कई जोड़ों का सामूहिक विवाह कराती है, जिससे विवाह में होने वाला अनावश्यक खर्च कम होता है। इसके साथ ही यह योजना दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><br />वहीं, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, विवाह में सादगी को बढ़ावा देना, दहेज प्रथा पर रोक लगाना, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जो इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती हैं। इसमें पात्र को अब रू0 1 लाख तक (जिसमें रू० 35,000-रू0 60,000 नकद, रू0 10,000 रू0 25,000 का सामान, और शेष आयोजन खर्च के लिए) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><br />यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। सामूहिक आयोजन में विवाह समारोह एक ही स्थान पर कई जोड़ों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार द्वारा दुल्हन को विवाह के लिए आवश्यक सामग्री जैसे कपड़े, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ आदि भी उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p><br />यह योजना सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुली है, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड के अंतर्गत आवेदक राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, परिवार की आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए, विवाह योग्य आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21वर्ष) पूरी होनी चाहिए, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (BPL या अन्य श्रेणी) में आता हो इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनेक सामाजिक और आर्थिक लाभ हैं जैसे-गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे आर्थिक संकट से बच जाते हैं। सामूहिक विवाह के कारण दहेज की मांग स्वतः कम हो जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस योजना के तहत सभी वर्गों के लोग एक साथ विवाह करते हैं, जिससे भेदभाव कम होता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। यह योजना भव्यता के बजाय सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p><br />इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला है। पहले जहां गरीब परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए चिंतित रहते थे, अब उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प मिल गया है। यह योजना सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। सामूहिक विवाह में दहेज की परंपरा कम हो जाती है। विभिन्न जाति और धर्म के लोग एक मंच पर आते हैं। आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर होती है।</p>
<p><br />व्यापक प्रचार-प्रसार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल भुगतान, समाज में जागरूकता अभियान चलाना इस योजना की महत्वपूर्ण चुनौतियां एवं सुझाव हैं। निसंदेह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह समाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।</p>
<p><br />अंततः यह योजना "सादगी, समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रेरणादायक कदम है, जो न केवल गरीब परिवारों के लिए सहारा है बल्कि पूरे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत करती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:15:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण समृद्धि की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184371/veterinary-department-lucknow-livestock-protection-cow-promotion-and-rural-prosperity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>लखनऊः</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ जनपद में पशुधन संरक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, गौसंवर्धन, डेयरी विकास तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग ने पशुपालकों की आय वृद्धि, पशुधन उत्पादकता बढ़ाने, निराश्रित गोवंश संरक्षण तथा विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। विभाग की योजनाएं केवल उपचार सेवाओं तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आजीविका, संरक्षण और समावेशी विकास का मजबूत माध्यम बनकर उभरी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुओं के उपचार, टीकाकरण, रोग नियंत्रण तथा कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाओं के माध्यम से पशुधन को सुरक्षित और उत्पादक बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। खुरपका-मुंहपका, ब्रूसेलोसिस तथा अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक टीकाकरण अभियान चलाए गए, जिससे पशुधन संरक्षण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निराश्रित बेसहारा गौवंश संरक्षण योजना के अंतर्गत जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों में 31,343 गौवंशों का संरक्षण 101 गौ आश्रय स्थलों में किया गया है। यह उपलब्धि गौसंरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश के संरक्षण, पोषण और उपचार के लिए आश्रय स्थलों की स्थापना तथा संचालन ने पशु कल्याण और सामाजिक सहभागिता दोनों को बढ़ावा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />गौसंरक्षण को और मजबूत बनाने की दिशा में वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण रु. 16.11 करोड़ की लागत से कराया गया है। यह आधारभूत संरचना न केवल निराश्रित गोवंश संरक्षण को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि पशु कल्याण की स्थायी व्यवस्था भी विकसित कर रही है। इन केंद्रों के निर्माण से गोवंश संरक्षण के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />दुग्ध उत्पादन संवर्धन और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में नंदिनीधमनी नंदिनी योजना भी महत्वपूर्ण रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को मिनी नंदिनी योजना का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देकर स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित कर रही है। इसी प्रकार नेशनल लाइव स्टॉक मिशन के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इस मिशन के माध्यम से पशुधन आधारित आजीविका, नस्ल सुधार, उत्पादन क्षमता वृद्धि और आधुनिक पशुपालन को प्रोत्साहन मिला है। यह मिशन पशुधन क्षेत्र में नवाचार और उत्पादकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कुक्कुट विकास योजना 2022 के अंतर्गत भी जनपद लखनऊ में 09 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया है। इस योजना ने मुर्गी पालन को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के स्रोत के रूप में प्रोत्साहित किया है। विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए कुक्कुट पालन आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी साधन बनकर उभरा है।पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों, संतुलित आहार, रोग प्रबंधन और डेयरी संचालन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। इन प्रयासों से पशुपालकों की दक्षता बढ़ी है और वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />नस्ल सुधार के क्षेत्र में कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रमों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि और पशुपालकों की आय में सुधार देखने को मिला है। विभाग द्वारा पशुधन को अधिक उत्पादक और लाभकारी बनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स तथा ग्रामीण पशु स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से दूरस्थ क्षेत्रों तक उपचार सुविधा पहुंचाई गई है। समय पर उपचार और आपातकालीन सेवाओं ने पशुधन हानि को कम करने में सहायता की है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लखनऊ में पशुपालन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने के लिए डेयरी, बकरी पालन तथा कुक्कुट पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और किसानों की आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित हुए हैं। महिला सशक्तीकरण में भी पशुपालन योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महिलाओं को डेयरी और लघु पशुपालन गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी इन योजनाओं को गति मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पशु चिकित्सा विभाग द्वारा चारा विकास, पशु पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विशेष बल दिया गया है। संतुलित पोषण और वैज्ञानिक प्रबंधन से पशुओं की उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों में सुधार हुआ है। यदि उपलब्धियों को समग्र रूप में देखें तो गौसंरक्षण, पशुधन विकास, डेयरी प्रोत्साहन, कुक्कुट पालन और आधारभूत संरचना विकास जैसे क्षेत्रों में विभाग ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 31,343 गौवंश संरक्षण, 101 गौ आश्रय स्थल, 14 वृहद गौ संरक्षण केंद्रों का निर्माण, 16.11 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना विकास, तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली को दर्शाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग की सफलता में नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी क्रियान्वयन और योजनाओं की सतत समीक्षा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर निरीक्षण और समीक्षा के माध्यम से योजनाओं की प्रभावशीलता सुनिश्चित की गई है। आज पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ केवल पशु उपचार तक सीमित न रहकर पशुधन आधारित आर्थिक विकास, सामाजिक सहभागिता और ग्रामीण समृद्धि का प्रमुख माध्यम बन चुका है। विभाग की योजनाएं किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों को सशक्त बना रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पशु चिकित्सा विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में पशुधन संरक्षण, गौसंवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। निराश्रित गौवंश संरक्षण योजना, मिनी नंदिनी योजना, नेशनल लाइव स्टॉक मिशन, कुक्कुट विकास योजना तथा वृहद गौ संरक्षण केंद्र निर्माण जैसी पहलें विभाग की प्रभावी कार्यशैली और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। ये उपलब्धियां लखनऊ के समग्र विकास और ग्रामीण समृद्धि को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।</strong></p>
</blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 19:37:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गौर स्वास्थ्य केंद्र पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस कैंप में लापरवाही, भटकती रहीं गर्भवती महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गौर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस' हवा-हवाई साबित हो रही है। शुक्रवार, 24 जुलाई को निर्धारित दिवस होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक कैंप का आयोजन शुरू नहीं हो सका, जिससे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह करीब 8 बजे ही खुल गया था। इसके बावजूद, मौके पर कोई भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कैंप में जांच,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184078/pregnant-women-kept-wandering-carelessly-in-prime-minister-matru-vandana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0146-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गौर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस' हवा-हवाई साबित हो रही है। शुक्रवार, 24 जुलाई को निर्धारित दिवस होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक कैंप का आयोजन शुरू नहीं हो सका, जिससे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह करीब 8 बजे ही खुल गया था। इसके बावजूद, मौके पर कोई भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कैंप में जांच, परामर्श और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद लेकर दूर-दराज से आईं दर्जनों गर्भवती महिलाएं और तीमारदार सुबह से ही परिसर में इधर-उधर भटकने को मजबूर दिखे। कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी जब डॉक्टर और स्टाफ नहीं पहुंचे, तो मरीजों का सब्र टूट गया और उन्होंने नाराजगी जाहिर की।बता दें कि CHC गौर में प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को इस विशेष कैंप का आयोजन अनिवार्य रूप से तय है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले की जांच कर लापरवाह स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:52:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>गौर स्वास्थ्य केंद्र पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस कैंप में लापरवाही, भटकती रहीं गर्भवती महिलाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गौर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस' हवा-हवाई साबित हो रही है। शुक्रवार, 24 जुलाई को निर्धारित दिवस होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक कैंप का आयोजन शुरू नहीं हो सका, जिससे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह करीब 8 बजे ही खुल गया था। इसके बावजूद, मौके पर कोई भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कैंप में जांच,</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184076/pregnant-women-kept-wandering-carelessly-in-prime-minister-matru-vandana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0146.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गौर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के कारण शासन की महत्वपूर्ण योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना दिवस' हवा-हवाई साबित हो रही है। शुक्रवार, 24 जुलाई को निर्धारित दिवस होने के बावजूद सुबह 10 बजे तक कैंप का आयोजन शुरू नहीं हो सका, जिससे अस्पताल पहुंचीं गर्भवती महिलाओं और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह करीब 8 बजे ही खुल गया था। इसके बावजूद, मौके पर कोई भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कैंप में जांच, परामर्श और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद लेकर दूर-दराज से आईं दर्जनों गर्भवती महिलाएं और तीमारदार सुबह से ही परिसर में इधर-उधर भटकने को मजबूर दिखे। कई घंटों तक इंतजार करने के बाद भी जब डॉक्टर और स्टाफ नहीं पहुंचे, तो मरीजों का सब्र टूट गया और उन्होंने नाराजगी जाहिर की।बता दें कि CHC गौर में प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को इस विशेष कैंप का आयोजन अनिवार्य रूप से तय है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही से नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से इस मामले की जांच कर लापरवाह स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।</div>
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                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:49:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जिम्मेदारों की लीपा-पोती में फर्जी हाजिरी लगाने वाले रोजगार सेवक कथित पत्रकार सुनील राव के हौसले बुलन्द</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती-</strong> विकास खंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि बिना कार्य कराए श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव पंकज सिंह, प्रशासक (प्रधान) तथा रोजगार सेवक सुनील कुमार राव की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार,फर्जी हाजिरी को लेकर स्थानीय समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद संबंधित पत्रकार पर दबाव बनाने और खबर का प्रतिशोध लेने के उद्देश्य से एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची जा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183111/the-morale-of-the-alleged-journalist-sunil-rao-the-employment"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260709-wa0093.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती-</strong> विकास खंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि बिना कार्य कराए श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव पंकज सिंह, प्रशासक (प्रधान) तथा रोजगार सेवक सुनील कुमार राव की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार,फर्जी हाजिरी को लेकर स्थानीय समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद संबंधित पत्रकार पर दबाव बनाने और खबर का प्रतिशोध लेने के उद्देश्य से एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रची जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाचार के अनुसार,मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी,लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि विभाग की निष्क्रियता से संबंधित कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है । विकास खंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में बीते दिनों में बीना कार्य कराए पटल पर फर्जी हाजिरी लगाई गई थी। सचिव पंकज सिंह व प्रशासक (प्रधान) की सांठ-गांठ में रोजगार सेवक द्वारा उपस्थिति पंजिका पर कार्ड धारकों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की गयी थी । विभाग द्वारा कार्रवाई न करने पर सचिव व रोजगार सेवक सुनील कुमार राव के हौसले बुलंद हैं ।और एससी-एसटी दर्ज करवाने की धमकी दे रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायत नरहरपुर भ्रष्टाचार की खबर पिछले कुछ साल पहले सम्मानित समाचार पत्र के संवाददाता द्वारा प्रमुखता से उजागर किया था । सचिव व रोजगार सेवक भ्रष्टाचार की खबर से क्षुब्द होकर सम्मानित पत्रकार के खिलाफ शिकायती पत्र देकर फर्जी मुकदमे में फसाने की साजिश किया था ।पुलिस जांच मे शिकायत निराधार पाया गया था। सवाल यह है कि नशे में मस्त सचिव पंकज सिंह अपने काले कारनामों को छुपाने हेतु पत्रकार पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का साजिश करेगा या विभाग नशेड़ी सचिव पंकज सिंह व रोजगार सेवक पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:34:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नरहरपुर कोटेदार पर घटतौली लगा आरोप , सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार की बाढ़ आ गई विकास विभाग राजस्व विभाग तथा आपूर्ति विभाग के शह पर कोटेदारों की मनमानी से आम जनमानस परेशान है जिलाधिकारी महोदय से रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही है ताजा मामला विकासखण्ड कप्तानगंज के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नरहरपुर में उचित दर विक्रेता ( कोटेदार ) संजय कुमार के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल समेत अन्य उच्च अधिकारियों से शिकायत हुई है ।  आपके बता दें कि ग्राम पंचायत नरहरपुर में उचित दर विक्रेता की दुकान ( कोटेदार ) संजय कुमार पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है अर्थात् सरकार द्वारा निर्धारित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183109/narharpur-kotedar-accused-of-cheating-complaint-lodged-on-cm-portal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में भ्रष्टाचार की बाढ़ आ गई विकास विभाग राजस्व विभाग तथा आपूर्ति विभाग के शह पर कोटेदारों की मनमानी से आम जनमानस परेशान है जिलाधिकारी महोदय से रोकने में नाकाम सिद्ध हो रही है ताजा मामला विकासखण्ड कप्तानगंज के अन्तर्गत ग्राम पंचायत नरहरपुर में उचित दर विक्रेता ( कोटेदार ) संजय कुमार के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल समेत अन्य उच्च अधिकारियों से शिकायत हुई है ।  आपके बता दें कि ग्राम पंचायत नरहरपुर में उचित दर विक्रेता की दुकान ( कोटेदार ) संजय कुमार पर राशन वितरण में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है अर्थात् सरकार द्वारा निर्धारित राशन का वितरण कार्ड धारकों को नही किया जा रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोटेदार संजय कुमार द्वारा पहले अंगूठा लगवा कर कम्प्यूटर कांटा से राशन खारिज कर लिया जाता है और बाद में दूसरे कांटे से राशन कार्ड धारकों को राशन वितरण किया जाता है । किसी - किसी राशन कार्ड धारकों का 05 किलो राशन कटौती की जाती है और किसी - किसी राशन कार्ड धारकों का 02 - 03 किलो राशन कटौती प्रतिमाह की जाती है । उचित दर विक्रेता (कोटेदार ) संजय कुमार के मनमानी राशन वितरण से सभी राशन कार्ड परेशान हैं । ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान उदय भान चौधरी व सचिव पंकज सिंह को कोटेदार संजय कुमार के मनमानी राशन वितरण को लेकर जानकारी दी है । ग्राम प्रधान व सचिव ने भी कोटेदार को ठीक ढंग से राशन वितरण करने के लिए कहा था लेकिन कोटेदार संजय कुमार ने किसी की नही सुनी और मनमानी ढंग से राशन वितरण कर रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए कोटेदार के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही करने की मांग किया है । शिकायत संख्या - 40018526031513 है । कोटेदार संजय कुमार के घटतौली को लेकर सहायक विकास अधिकारी (एडीओ पंचायत सुशील कुमार श्रीवास्तव से शिकायत हुई थी एडीओ पंचायत ने उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच टीम गठित कर दिया है और जांच टीम के रिपोर्ट के आधार पर उचित दर विक्रेता कोटेदार  संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई होगी ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:32:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बी पैक्स ककरहवा  के प्रभारी सचिव पर मनमानी का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> बी०पैक्स  ककरहवा  पर तैनात प्रभारी  सचिव द्वारा समिति के संचालक मण्डल की बैठक कभी भी नहीं कराई गई है ।जो भी प्रस्ताव इनके द्वारा किया जाता वह फर्जी है न तो इनके द्वारा कभी कोई एजेन्डा  निकाला गया है जो समिति नियमावली  के विपरीत है। यह आरोप संचालक मंडल के सदस्य प्रेम मिलन शुक्ल ने  जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा, उन्होंने यह भी लिखा है कि प्रभारी सचिव द्वारा खाद वितरण में व्यापक मनमानी किया जाता है। इनके द्वारा समिति में व्यापक गड़बड़ी किया जा चुका है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिसका शिकायत कई बार किया गया परन्तु</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182808/secretary-in-charge-of-b-pax-kakarhwa-accused-of-arbitrariness"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas6.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong> बी०पैक्स  ककरहवा  पर तैनात प्रभारी  सचिव द्वारा समिति के संचालक मण्डल की बैठक कभी भी नहीं कराई गई है ।जो भी प्रस्ताव इनके द्वारा किया जाता वह फर्जी है न तो इनके द्वारा कभी कोई एजेन्डा  निकाला गया है जो समिति नियमावली  के विपरीत है। यह आरोप संचालक मंडल के सदस्य प्रेम मिलन शुक्ल ने  जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा, उन्होंने यह भी लिखा है कि प्रभारी सचिव द्वारा खाद वितरण में व्यापक मनमानी किया जाता है। इनके द्वारा समिति में व्यापक गड़बड़ी किया जा चुका है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसका शिकायत कई बार किया गया परन्तु कोई कार्यवाही नही हुई। प्रभारी सचिव द्वारा बी० पैक्स हरिवंशपुर में कई गंभीर आरोप  है। बी० पैक्स ककरहवा, बी० पैक्स हरिवंशपुर  जाँच करा दिया जाय तो सभी मामलों का उजागर हो जायेगा प्रभारी सचिव की नियुक्ति भी सहकारी समिति अधिनियम के विपरीत है।इनके द्वारा बी पैक्स हरिवंशपुर में  गोलमाल के कारण ही  लगभग 6-7 माह हो गया अभी तक अभिलेखों का चार्ज नही दिया गया है। इस सम्बन्ध में ए.आर.  कोऑपरेटिव का कहना है कि सचिव द्वारा संचालक मंडल का बैठक नहीं कराया जा रहा है , यह एक गंभीर मामला है, इसकी जांच कराकर संबंधित सचिव के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:33:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong>  मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182804/serious-allegations-of-corruption-in-trinetra-scheme-of-birampur-gram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong> मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और समाचार भी प्रकाशित हुआ, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, त्रिनेत्र योजना के तहत गांव में 16 CCTV कैमरे लगाए गए। आरोप है कि इन कैमरों की खरीद और स्थापना के नाम पर करीब 2 लाख रुपये का भुगतान दिखाया गया, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि बाजार में इन कैमरों की वास्तविक कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये के बीच है। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की निजता पर सबसे बड़ा सवाल</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि CCTV कैमरों का उपयोग गांव की सुरक्षा के बजाय महिलाओं और युवतियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रतिदिन रात के समय प्रधान के कुछ करीबी लोग CCTV की रिकॉर्डिंग देखते हैं, जबकि ऐसा कार्य केवल अधिकृत सरकारी अधिकारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महिलाओं की निजता, सम्मान और उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार की गई और खबरें भी प्रकाशित हुईं, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर जांच शुरू नहीं की गई। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण अधिकारी अब कार्रवाई से बच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या किसी ग्राम प्रधान, नेता या जनप्रतिनिधि का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद उसके कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच नहीं होगी? क्या सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप केवल समय बीत जाने से समाप्त हो जाते हैं, या फिर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मांग की है कि त्रिनेत्र योजना के पूरे खर्च का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए, CCTV कैमरों की खरीद से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जाए, रिकॉर्डिंग तक किस-किस की पहुंच रही इसकी भी जांच हो और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब पूरा मामला प्रशासन की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर टिका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:29:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले के कृष्णनगर मॉडल विलेज के उप-स्वास्थ्य केंद्र को लेकर असंतोष</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के दरगारबंद ग्राम पंचायत के अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर (मॉडल विलेज) में AAGY 2022–2023 परियोजना के तहत निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-सेंटर) लंबे समय से पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 8.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्वास्थ्य केंद्र आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि केंद्र में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, तथा मरीजों की जांच के लिए उपयुक्त कक्ष जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण यह स्वास्थ्य केंद्र प्रभावी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182737/dissatisfaction-regarding-the-sub-health-center-of-krishnanagar-model-village-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001596249-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि-</strong> असम के श्रीभूमि जिले के दरगारबंद ग्राम पंचायत के अंतर्गत आदर्श कृष्णनगर (मॉडल विलेज) में AAGY 2022–2023 परियोजना के तहत निर्मित उप-स्वास्थ्य केंद्र (सब-सेंटर) लंबे समय से पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो पाने को लेकर स्थानीय लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग 8.5 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह स्वास्थ्य केंद्र आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अधूरा पड़ा है। उनका कहना है कि केंद्र में शौचालय, यूरिनल, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, तथा मरीजों की जांच के लिए उपयुक्त कक्ष जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसी कारण यह स्वास्थ्य केंद्र प्रभावी रूप से उपयोग में नहीं आ पा रहा है और स्थानीय लोग प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह केंद्र केवल एक छोटे कमरे वाली इमारत के रूप में बनाया गया है, जो सरकारी मानकों के अनुसार एक पूर्ण उप-स्वास्थ्य केंद्र के लिए आवश्यक सुविधाएं पूरी नहीं करता। ग्रामीणों का कहना है कि इससे “मॉडल विलेज” योजना का उद्देश्य भी प्रभावित हुआ है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा तथा रामकृष्णनगर के विधायक विजय मालाकार से हस्तक्षेप की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने जल्द जांच कर आवश्यक विकासात्मक कदम उठाने की अपील की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकारी हस्तक्षेप से कृष्णनगर में एक पूर्ण, मानक और कार्यात्मक उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से भी शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका विश्वास है कि उचित कदम उठाए जाने पर मॉडल विलेज कृष्णनगर के लोगों को बेहतर, आधुनिक और प्रभावी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182737/dissatisfaction-regarding-the-sub-health-center-of-krishnanagar-model-village-of</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:01:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनपद प्रयागराज के समस्त कृषकों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील।</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्व कर्मी आधार के अनुसार खतौनी में नहीं कर रहे संशोधन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182658/appeal-to-all-the-farmers-of-prayagraj-district-to-get"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/pm-kisan-yojana-(19).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उप कृषि निदेशक जनपद प्रयागराज के समस्त कृषक भाइयों एवं बहनों को सूचित किया है कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के लिए फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने का अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है जिसमें जनपद के 569000 कृषकों की फार्मर आई०डी० बनी है एवं लगभग एक लाख किसान भाइयों जिनकी फार्मर आई०डी० नहीं बनी है उन सभी पात्र कृषकों से अपील है कि वे शीघ्र अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर यूनिक फार्मर आईडी प्राप्त करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फार्मर रजिस्ट्री किसानों की एक प्रमाणित डिजिटल पहचान है, जिसके माध्यम से कृषक की आधार, भूमि अभिलेख एवं अन्य आवश्यक विवरण एकीकृत रूप से उपलब्ध रहते हैं। इससे वास्तविक पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ् प्राप्त करने में सुविधा होगी, जिसमें वर्तमान में महत्वपूर्ण खाद की उपलब्धता हेतु। कृषि विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं में प्राथमिकता। बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र एवं अन्य कृषि आदानों पर उपलब्ध अनुदान का सुगम लाभ। किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा तथा अन्य कृषि सेवाओं में सुविधा। शासन द्वारा भविष्य में संचालित की जाने वाली योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ। कृषक की एकल एवं प्रमाणित डिजिटल पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध होना। पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ सीधे वास्तविक किसानों तक पहुँचना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सेवाओं को क्रमिक रूप से फार्मर आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे योजनाओं का लाभ केवल सत्यापित एवं पात्र किसानों को ही प्राप्त हो सके। अतः प्रत्येक कृषक भाई के लिए समय रहते फार्मर रजिस्ट्री कराना अत्यंत आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">*फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, भूमि अभिलेख (खतौनी/गाटा विवरण) एवं आवश्यकतानुसार अन्य संबंधित अभिलेख आवश्यक है।*</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कृषक अपनी फार्मर रजिस्ट्री   </strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने निकटतम जन सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविर, कृषि विभाग द्वारा आयोजित पंजीकरण शिविर, अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल माध्यमों से करा सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिन कृषकों की फार्मर आईडी में समस्त गाटों को दर्ज नहीं कराया गया है उनको शीघ्र अतिशीघ्र पोर्टल पर <a href="http://upfr.agristack.gov.in/">upfr.agristack.gov.in</a> पर जाकर स्वयं या जनसुविधा केन्द्र के माध्यम से जुडवा लें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान द्वारा फॉर्मर रजिस्ट्री कराने के बाद भी पेंडिंग रिपोर्ट दिखाई देता है जब की महीनों पहले किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था।इसमें सबसे बड़ा रोड़ा तहसील का राजस्व विभाग बन गया हैजिसमे लेखपाल की भूमिका सर्वाधिक संदिग्ध और काम चोरी की मिली है।इसमें सबसे अधिक फूलपुर तहसील में रिपोर्ट पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का आरोप है कि 99% खतौनी मैं सरनेम नहीं अकित है  नाम ही दर्जहै। जबकि आधार कार्ड  में नाम के आगे उसकी जाति जैसे त्रिपाठी मिश्राद दुबे  यादव भारतीय विश्व कर्मा आदि दर्ज हैं ।इसे शुद्ध करने की जिम्मेदारी लेखपाल की निर्धारित की गई है लेकिन वह इसकी आड़ में किसानों से भयादोहन और सुविधा शुल्क  की मांग कर रहा है। कहता है कि इसमें पैसा लगेगा और मुकदमा  करना पड़ेगा।जिसके  कारण से रजिस्ट्रेशन  होने के बावजूद रजिस्ट्रेशन पेंडिंग में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्योंकि प्रमाणित करने के लिए लेखपालों के पास लटका है लेकिन इस पर कोई राजस्व अधिकारी ध्यान नहीं देते जबकि कृषि विभाग बार-बार रजिस्ट्रेशन के लिए अपील करता है लेकिन  सरकारी सिस्टम को ठीक करने के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं दियाजाताहै।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:29:19 +0530</pubDate>
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                <title>सूचना निदेशक विशाल सिंह ने पत्रकारों की सुविधाओं को दी नई रफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग ने आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना निदेशक <strong>विशाल सिंह</strong> ने बताया कि पत्रकार बंधुओं को आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं तथा शीघ्र ही उनके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिन पत्रकारों ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है, वे <strong>beneficiary.nha.gov.in</strong> पोर्टल पर अपने आवेदन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182648/information-director-vishal-singh-gave-new-impetus-to-the-facilities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/jaunpur-news-naya-sabera-network-4-1024x588.jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong></p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए सूचना विभाग ने आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना निदेशक <strong>विशाल सिंह</strong> ने बताया कि पत्रकार बंधुओं को आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं तथा शीघ्र ही उनके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिन पत्रकारों ने आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश उनका कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है, वे <strong>beneficiary.nha.gov.in</strong> पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं। यदि पोर्टल पर उनका नाम प्रदर्शित होता है और किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता होती है, तो संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक सुधार कराया जा सकता है।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">सूचना निदेशक ने कहा कि जिन पत्रकारों ने अभी तक आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया है अथवा आवेदन करने के बावजूद उनका कार्ड नहीं बन पाया है, उनकी सुविधा के लिए सूचना विभाग शीघ्र ही एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा। इस पोर्टल के माध्यम से पत्रकार अपने जनपद के जिला सूचना कार्यालय के अधिकारियों की सहायता से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल के प्रारंभ होने की सूचना सभी संबंधित पत्रकारों को समय से उपलब्ध करा दी जाएगी।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">इस पहल का स्वागत करते हुए <strong>उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति (पुनर्गठित)</strong> के संयोजक <strong>प्रभात त्रिपाठी</strong> ने सूचना निदेशक विशाल सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए सूचना विभाग लगातार सकारात्मक और प्रभावी प्रयास कर रहा है। उनके अनुसार, विशाल सिंह के नेतृत्व में विभाग की कार्यशैली अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और पत्रकार हितैषी बनी है।</p><p style="text-align:justify;">प्रभात त्रिपाठी ने कहा कि सूचना निदेशक के रूप में अपने लगभग एक वर्ष के कार्यकाल में विशाल सिंह ने पत्रकार कल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका लाभ प्रदेशभर के पत्रकारों को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयुष्मान कार्ड से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान होगा तथा पत्रकारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ अधिक सरलता से प्राप्त हो सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 20:49:48 +0530</pubDate>
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