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                <title>पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है: सांसद जगदंबिका पाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50वीं वाहिनी बलरामपुर द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के महादेव बुजुर्ग के मानपुर गांव में गुरुवार को निःशुल्क पशु चिकित्सा का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना, पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। समय पर उपचार, टीकाकरण और उचित देखभाल से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है, जिससे पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एसएसबी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183054/livestock-is-the-backbone-of-rural-economy-mp-jagdambika-pal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783607381981.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50वीं वाहिनी बलरामपुर द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के महादेव बुजुर्ग के मानपुर गांव में गुरुवार को निःशुल्क पशु चिकित्सा का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना, पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। समय पर उपचार, टीकाकरण और उचित देखभाल से पशुओं की उत्पादकता बढ़ती है, जिससे पशुपालकों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में एसएसबी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए ऐसे शिविरों को बेहद उपयोगी बताया।शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया। पशुपालकों को टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छता, रोगों की रोकथाम और वैज्ञानिक पशुपालन के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर सीवीओ एसजी एसएचक्यू गोरखपुर चंदन तालुकदार, 50वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट एवं मेडिकल अधिकारी अरुण चौधरी, सहायक कमांडेंट अजय कुमार, संजय के.पी.दीपक चंद,  बढ़नी नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील अग्रहरी,अनिल अग्रहरि, सूर्य प्रकाश पाण्डेय,नीलू चौधरी,बरकत, लक्की,रमेश गुप्ता,रामपाल सिंह, संजय दूबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पशुपालकों ने भाग लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Jul 2026 22:43:04 +0530</pubDate>
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                <title>बॉर्डर के क्षेत्र में फल फूल रहा अवैध खनन का गोरखधंधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा। </strong>यूपी में हरियाणा एवं राजस्थान सीमा के शहर में मिट्टी खनन का गोरखधंधा अपनी जडे गहरी कर रहा है। हर दिन लाखों का कारोबार करने वाले खनन माफियाओं का जलवा ऐसा है कि योगी की तेज तर्रार पुलिस को खुलेआम दौडते दर्जनों वाहन नजर तक नहीं आते। दरअसल मिट्टी खनन का कारोबार क्षेत्र में काफी पुराना हैं। यही कारण है कि यहां खनन माफियाओं की अपनी अलग ही क्षेत्र में पहचान बनी हुई है। खनन माफियाओं का अपना मजबूत नेटवर्क बना हुआ है।</p>
<p>जिसके जरिए हर रोज दर्जनों डम्फर एवं ट्रैक्टर ट्रॉली खुलेआम मिट्टी भरकर दौड रहे हैं। इससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148001/fruits-of-illegal-mining-flourishing-in-the-field-of-border"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/0.00410.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>यूपी में हरियाणा एवं राजस्थान सीमा के शहर में मिट्टी खनन का गोरखधंधा अपनी जडे गहरी कर रहा है। हर दिन लाखों का कारोबार करने वाले खनन माफियाओं का जलवा ऐसा है कि योगी की तेज तर्रार पुलिस को खुलेआम दौडते दर्जनों वाहन नजर तक नहीं आते। दरअसल मिट्टी खनन का कारोबार क्षेत्र में काफी पुराना हैं। यही कारण है कि यहां खनन माफियाओं की अपनी अलग ही क्षेत्र में पहचान बनी हुई है। खनन माफियाओं का अपना मजबूत नेटवर्क बना हुआ है।</p>
<p>जिसके जरिए हर रोज दर्जनों डम्फर एवं ट्रैक्टर ट्रॉली खुलेआम मिट्टी भरकर दौड रहे हैं। इससे उनकी पकड़ का ही उदाहरण मान सकते हैं कि खनन माफिया पुलिस अधिकारियों को रिश्तेदार तक बताने से नहीं चूकते। बठैन गेट, गोपाल बाग चौकी क्षेत्र खनन क्षेत्र का सबसे व्यस्त इलाके माने जाते हैं। माफिया की पुलिस पर अच्छी खासी पकड़ है। यही कारण है कि खनन कार्य से जुड़े वाहनों पर कार्रवाई से पुलिस हर बार परहेज करती नजर आती है।</p>
<p>माफियाओं ने एक डम्फर मिट्टी के रेट 4000 से लेकर 4500 तक किए हुए हैं। आम आदमी को पुलिस प्रशासन अपने खेत से मिट्टी लाने की अनुमति नहीं देती। यही कारण है कि लोगों को मजबूरन खनन माफियाओं की शरण लेनी पडती है। हालांकि पुलिस ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करती है। अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति के खनन करने की किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 18:32:36 +0530</pubDate>
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