<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/24500/sangam" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>sangam - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/24500/rss</link>
                <description>sangam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>योग से दुनिया में बढ़ा भारत का मान, संगम पर होगा भव्य आयोजन : केशव प्रसाद मौर्य।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देशभर के साथ-साथ संगम नगरी प्रयागराज में भी उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर संगम तट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज पहुंचने पर मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज योग का डंका पूरी दुनिया में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181726/indias-prestige-increased-in-the-world-through-yoga-a-grand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260620-wa0088.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर देशभर के साथ-साथ संगम नगरी प्रयागराज में भी उत्साह का माहौल है। इस अवसर पर संगम तट पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज पहुंच चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज पहुंचने पर मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज योग का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन पद्धति है। योग लोगों को निरोग बनाने के साथ-साथ मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। यही कारण है कि आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और भारत की इस प्राचीन ज्ञान परंपरा का सम्मान बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रयागराज के संगम क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा। इसमें विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेकर योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश देंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी योग दिवस के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों और परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे सुधारों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सामने आई अनियमितताओं से सरकार ने सबक लिया है और अब परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। सरकार लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और फुलप्रूफ बन सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के प्रयासों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और मेहनती युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्धत है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181726/indias-prestige-increased-in-the-world-through-yoga-a-grand</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181726/indias-prestige-increased-in-the-world-through-yoga-a-grand</guid>
                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 20:48:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260620-wa0088.jpg"                         length="210719"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्राम अलोइया में कवि सम्मेलन : कविता और समाज का अद्भुत संगम</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिधौली सीतापुर</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम अलोइया नव वेलफेयर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन एक ऐसा साहित्यिक उत्सव बन गया, जिसने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी को कविता की शक्ति से भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय अवधी पत्रिका “भाखा” के उप संपादक चंद्रशेखर प्रजापति जी ने किया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी शैली से पूरे समारोह को रोचक और जीवंत बनाए रखा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ कवि अनिल अनिकेत (हरदोई) ने अपनी पंक्तियों “उल्टी-सीधी जो कोई बकता है, स्वाद अपने किये का चखता है...” सुनाकर जीवन के सत्य और वक़्त के न्याय का संदेश दिया। कवि रोहित विश्वकर्मा ने अपनी हृदयस्पर्शी कविता “मुसीबत में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156064/kavi-sammelan-poetry-and-amazing-sangam-of-society-in-village"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/hindi-divas.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिधौली सीतापुर</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्राम अलोइया नव वेलफेयर सेवा समिति के बैनर तले आयोजित कवि सम्मेलन एक ऐसा साहित्यिक उत्सव बन गया, जिसने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—सभी को कविता की शक्ति से भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय अवधी पत्रिका “भाखा” के उप संपादक चंद्रशेखर प्रजापति जी ने किया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी शैली से पूरे समारोह को रोचक और जीवंत बनाए रखा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ कवि अनिल अनिकेत (हरदोई) ने अपनी पंक्तियों “उल्टी-सीधी जो कोई बकता है, स्वाद अपने किये का चखता है...” सुनाकर जीवन के सत्य और वक़्त के न्याय का संदेश दिया। कवि रोहित विश्वकर्मा ने अपनी हृदयस्पर्शी कविता “मुसीबत में मेरी माँ की दुआ ही काम आई है...” प्रस्तुत कर मातृशक्ति के महत्व और जीवन में संघर्ष के वास्तविक सहारे को रेखांकित किया। पिंकी अरविन्द प्रजापति ने “बेटों जैसे बेटी भी जब मन में हमदर्जा होगी...” जैसी पंक्तियों के माध्यम से समाज में बेटियों की बराबरी और महिला सशक्तिकरण की गूंज पैदा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरविन्द कुमार प्रजापति ने पति-पत्नी के संबंधों पर गंभीर और मार्मिक वक्तव्य देकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं इस कवि सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कविता केवल मंच पर ही नहीं रही, बल्कि गांव के हर श्रोता के हृदय तक पहुँची। बच्चे कविता सुनकर प्रेरित हुए, युवाओं ने साहित्यिक चेतना को अपनाया और बुजुर्गों ने जीवन के अनुभवों को कविताओं से जोड़ते हुए सराहा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156064/kavi-sammelan-poetry-and-amazing-sangam-of-society-in-village</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/156064/kavi-sammelan-poetry-and-amazing-sangam-of-society-in-village</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 17:46:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/hindi-divas.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> महा कुंभ संगम के सफर में महाजाम बना रोड़ा।  वाहन में फंसे कराह उठे स्नानार्थी।</title>
                                    <description><![CDATA[सात लाख वाहन प्रयागराज के चारों तरफ फंसे है जाम में।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148492/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250211-wa0113.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> प्रयागराज। </strong>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 28 अफसरों को प्रयागराज भेजा गया है। इनमें प्राधिकरणों के सचिव, ओएसडी, एडीएम, एसडीएम, संयुक्त मजिस्ट्रेट रैंक के अफसर हैं। सभी 17 फरवरी तक पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल के साथ संबद्ध रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div>महाकुंभ में स्नान के लिए जाने और वहां से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते सोमवार को प्रयागराज के चारों तरफ हाईवे कराह उठे। जाम के चलते प्रयागराज तक के सफर में बारह से चौदह घंटे अधिक लग रहे हैं। </div>
<div> </div>
<div>संगम स्नान के बाद अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट समेत अन्य तीर्थनगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं के चलते इन जिलों का भी हाल बुरा है। स्नान के बाद वाहनों से वाराणसी पहुंच रही भारी भीड़ से प्रयागराज-वाराणसी हाईवे सोमवार को चोक हो गया। शहर की सड़कें भी ठसाठस रहीं। यातायात व्यवस्था ऐसी ध्वस्त हुई कि सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250211-wa0114.jpg" alt="IMG-20250211-WA0114" width="662" height="441"></img></div>
<div>शाम 4 बजे कैथी टोल प्लाजा पर वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, देवरिया, मऊ की गाड़ियों का प्रवेश रोक दिया गया। गाजीपुर से शहर को जोड़ने वाली सीमा को चौबेपुर टोल प्लाजा से पहले सील कर दिया गया। प्रयागराज के बाद चित्रकूट में सोमवार को एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में डुबकी लगाई। </div>
<div> </div>
<div>इतनी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रयागराज-चित्रकूट हाई वे पर वाहन रेंगते नजर आए। भीड़ बढ़ने से यहां मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div><strong>व्यवस्था संभालने के लिए भेजे गए 28 और अफसर, चार आईपीएस व 19 पीपीएस,।</strong></div>
<div>महाकुंभ में श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़ को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर 28 अफसरों को प्रयागराज भेजा गया है। इनमें प्राधिकरणों के सचिव, ओएसडी, एडीएम, एसडीएम, संयुक्त मजिस्ट्रेट रैंक के अफसर हैं। सभी 17 फरवरी तक पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल के साथ संबद्ध रहेंगे। । इनमें चार आईपीएस अफसर हैं। सभी की 15 फरवरी तक तैनाती की गई है। ये अधिकारी भीड़ प्रबंधन के साथ संवेदनशील जगहों की सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे।</div>
<div> </div>
<div><strong>जाम व अव्यवस्था के लिए सरकार जिम्मेदार : अखिलेश</strong></div>
<div>सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रयागराज महाकुंभ में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की असुविधा के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है। महाकुंभ के रास्ते में जाम में फंसे लाखों लोग अपने वाहनों में घंटों कैद हैं। जो लोग रास्तों में बेसुध हो रहे हैं, उनकी देखभाल के कोई इंतजाम नहीं है।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148492/%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/148492/%C2%A0</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Feb 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250211-wa0113.jpg"                         length="56219"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुनिया के हर गम से क्यों दूर है संगम ?</title>
                                    <description><![CDATA[<p>देश में 144  साल बाद प्रयागराज में हो रहे महाकुम्भ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में मारे गए लोगों का संगम को कोई गम नहीं है।  संगम से इधर लाशें उठीं  और उधर नंग  -धडंग साधू,सन्यासी और शंकराचार्य   पवित्र शाही स्नान और अमृत स्नान के लिए संगम में कूद पड़े ,किसी के चेहरे पर कोई शोक नहीं ,कोई करुणा नहीं,कोई वेदना नही।  सब स्नान के बाद सुखानुभूति करते नजर आ रहे थे। न सरकार विचलित दिखाई दी और न आम जनता। जैसे संगम में कुछ हुआ ही नहीं। जितना बेमिसाल ये महाकुम्भ है उतनी ही बेमिसाल है हमारी हृदयहीनता।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147982/why-is-the-confluence-far-from-every-sorrow-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/comp-213_1738148325-(1).gif" alt=""></a><br /><p>देश में 144  साल बाद प्रयागराज में हो रहे महाकुम्भ में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में मारे गए लोगों का संगम को कोई गम नहीं है।  संगम से इधर लाशें उठीं  और उधर नंग  -धडंग साधू,सन्यासी और शंकराचार्य   पवित्र शाही स्नान और अमृत स्नान के लिए संगम में कूद पड़े ,किसी के चेहरे पर कोई शोक नहीं ,कोई करुणा नहीं,कोई वेदना नही।  सब स्नान के बाद सुखानुभूति करते नजर आ रहे थे। न सरकार विचलित दिखाई दी और न आम जनता। जैसे संगम में कुछ हुआ ही नहीं। जितना बेमिसाल ये महाकुम्भ है उतनी ही बेमिसाल है हमारी हृदयहीनता।</p>
<p>महाकुम्भ में सरकार कहती है कि कुल 30 लोग मारे गए,लेकिन लोगों को इस आंकड़े पर यकीन नहीं  है ।  सरकार इन मौतों के लिए खुद को जिम्मेदार मानती नहीं है ,उसने जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए हादसे की न्यायिक जांच की घोषणा कर दी है। मरने वालों के परिजनों को 25 -25  लाख रूपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी कर दी है ,इसलिए कहीं कोई खरखसा नहीं।</p>
<p> न मीडिया को ये हादसा कोई हादसा लगा और न धर्म के ठेकदारों को। न कोई निलंबित हुआ और न किसी को हटाया गया। यहां जो भी मौजूद है किसी ने इस हादसे के बाद घर वापसी नहीं की ,खासतौर पार संतों,महंतों और शंकराचार्यों ने ।  वे तो पूरे कुम्भ में नहा-धोकर ,अमृतपान कर ही अपने डेरों में लौटेंगे । जिन्हें मरना था वे मर गए उनके लिए क्या रोना-धोना ?</p>
<p>कुम्भ में कोई पहली बार तो भगदड़ हुई नहीं है ,पहली बार तो लोग मरे नहीं हैं ।  पहले भी भगदड़ हई ।  पहले भी लोग मरे और कोई दस-बीस नहीं 800  लोग तक मरे। तब भी न तत्कालीन मुख्यमंत्री सम्पूर्णान्द ने इस्तीफा दिया ,न वीर भद्र प्रताप सिंह ने और तो और न अखिलेश यादव ने। फिर कोई मौजूदा मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग किस मुंह से कर सकता है ?</p>
<p>करना भी नहीं चाहिए ? क्योंकि योगी जी ने थोड़े ही किसी से कहा था कि  भगदड़ करो और कुचल मरो ! लोग अपनी मौत मरे हैं। पुण्यभूमि में मरे हैं।  उन्हें तो कृतज्ञ होना चाहिए योगी जी का कि  उन्होंने लोगों को कुम्भ में मरने का अवसर दिया ।  मरने वालों को सीधे मोक्ष मिलेगा। इसी मोक्ष के लिए तो नंग -धडंग नागाओं से लेकर सती -सावित्री ममता कुलकर्णी तक जप-तप  और कल्पपवास कर रहे हैं।</p>
<p>एक बात अच्छी है कि  हम लोग इतने धर्मभीरु हैं कि  मरने वालों केलिए टसुए नहीं बहाते ।  हम मृतकों के परिजनों के लये टसुए बहाने वाले परिजनों को रूमाल खरीदने के लिए 25 -25  लाख रूपये की सहायता दे देते हैं। ये हमारी सरकार की दरियादिली   नहीं तो और क्या है ? उत्तरप्रदेश की उत्तरदायी सरकार ने मृतकों के शव उनके गृह गांव तक भेजने के लिए एम्बुलेंस  की व्यवस्था कर सचमुच उपकार किया है ,अन्यथा मृतकों के परिजन क्या करते ?</p>
<p>उन्हें अपने परिजनों  के शव गंगा के हवाले ही करना पड़ते। मरने वाले श्रृद्धालुओं के प्रति ये सद्भाव प्रणम्य है ।  उत्तर प्रदेश के ही मुलायम सिंह यादव जब केंद्र में रक्षामंत्री  थे तब उन्होंने भी सीमा पर शहीद होने वाले जवानों को ससम्मान घर तक भेजने की व्यवस्था की थी। इस महा कुम्भ में मुलायम सिंह की प्रतिमा भी विराजमान है।</p>
<p>महाकुम्भ में हुई भगदड़ से उत्तरप्रदेश सरकार को कोई सबक नहीं लेना है ,ये हादसे तो आगे भी होंगे। हादसे होते ही होने के लिए हैं। हादसे न हों तो फिर इस तरह के आयोजनों का अर्थ ही क्या है।  हमारे यहां भगदड़ में लोग मरते हैं। मक्का -मदीना में प्यास से भी मरते हैं। जिन्हें  जैसे मरना है ,वो पहले से निर्धारित होता है।  इसमें हम -आप या सरकार क्या कर सकती है।? बेहतर हो कि  अब जहाँ भी कुम्भ  हों वहां की सरकारें अभी से एक सुरक्षित और पुख्ता योजना पर काम शुरू कर दें ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।</p>
<p>हादसे रोकने के लिए हमारे पास तमाम तकनीकें भी हैं ,लेकिन ये तब नाकाम हो जातीं हैं जब सरकारें ही धार्मिक उन्माद पैदा करतीं हैं। आयोजकों को इस तरह के आयोजनों को ' मेगा इवेंट ' के रूप में प्रचारित करने से भी बचना चाहिए। बचना चाहिए वीआईपी संस्कृति से। नहीं तो  उन्हें ऊपर वाला भी नहीं रोक सकता। हादसों के बाद न्यायिक जांचों की घोषणाओं से जिम्मेदार लोग नहीं मिलने वाले।  जब तक जाँच रिपोर्ट आएगी तब तक लोग इस हादसे को भूल चुके होनेग ,हादसों मो भुलाने में चार घंटे भी तो नहीं लगते  बचेंगे तो आगे भी हादसे होंगे ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147982/why-is-the-confluence-far-from-every-sorrow-of-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147982/why-is-the-confluence-far-from-every-sorrow-of-the</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 16:27:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/comp-213_1738148325-%281%29.gif"                         length="25437"                         type="image/gif"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        