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                <title>indian currency - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>indian currency RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जल्दी शुरू हो सकते हैं प्लास्टिक के नोट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संवाददाता सचिन बाजपेई </strong></p>
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<div><strong>नई दिल्ली,</strong> रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट जारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। कागजी नोटों की बढ़ती मांग, मुद्रण लागत में तेज वृद्धि और जल्द खराब होने वाली करेंसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई एक दशक पुरानी योजना को पुनर्जीवित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही 10 और 20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।</div>
<div>  </div>
<div><strong>आरबीआई की योजना और पृष्ठभूमि</strong></div>
<div>आरबीआई के पिछले दो बोर्ड मीटिंग्स (पटना और मुंबई) में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180346/plastic-notes-may-be-introduced-soon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/plastic-notes.webp" alt=""></a><br /><p><strong>संवाददाता सचिन बाजपेई </strong></p>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली,</strong> रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) जल्द ही प्लास्टिक (पॉलीमर) के नोट जारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकता है। कागजी नोटों की बढ़ती मांग, मुद्रण लागत में तेज वृद्धि और जल्द खराब होने वाली करेंसी को ध्यान में रखते हुए आरबीआई एक दशक पुरानी योजना को पुनर्जीवित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही 10 और 20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div><strong>आरबीआई की योजना और पृष्ठभूमि</strong></div>
<div>आरबीआई के पिछले दो बोर्ड मीटिंग्स (पटना और मुंबई) में इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई है। प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरबीआई एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा करने वाला है, जिसमें पॉलीमर नोटों को आम जनता के बीच परीक्षण के लिए जारी किया जाएगा। यह योजना 2012 में शुरू की गई थी, जब पांच शहरों में 10 के पॉलीमर नोटों का पायलट चलाया गया था। लेकिन उस समय एटीएम मशीनें इन मोटे नोटों को हैंडल नहीं कर पाती थीं, जिसके कारण योजना रोक दी गई। अब तकनीकी प्रगति के साथ यह समस्या हल हो चुकी है।</div>
<div> </div>
<div><strong>क्यों ला रहा है आरबीआई प्लास्टिक नोट?</strong></div>
<div>-बढ़ती करेंसी डिमांड: डिजिटल पेमेंट्स के बावजूद भौतिक करेंसी की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में करेंसी इन सर्कुलेशन 42.86 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में 11.5% अधिक है।</div>
<div>-मुद्रण लागत का बोझ:वित्त वर्ष 2024-25 में नोट छापने पर 6,373 करोड़ खर्च हुए। कागजी नोट जल्दी गंदे और फट जाते हैं, जिससे हर साल अरबों नोट वापस लिए जाते हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>टिकाऊपन: </strong>पॉलीमर नोट कागजी नोटों की तुलना में 3-4 गुना अधिक टिकाऊ होते हैं। ये पानी, गंदगी और फटने से ज्यादा सुरक्षित रहते हैं।</div>
<div><strong>जालसाजी रोकथाम:</strong> पॉलीमर नोटों में बेहतर सिक्योरिटी फीचर्स लगाए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों को बनाना और मुश्किल हो जाएगा।</div>
<div>पॉलीमर नोट क्या हैं?</div>
<div>पॉलीमर नोट प्लास्टिक जैव-आधारित पॉलीप्रोपाइलीन या समान सामग्री से बने होते हैं। दुनिया भर में 60 से ज्यादा देश (ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन आदि) पहले से इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। ये नोट लंबे समय तक चलते हैं, जिससे लंबे समय में सरकार और आरबीआई को लागत बचत होती है।</div>
<div> </div>
<div><strong>चरणबद्ध रणनीति</strong></div>
<div>आरबीआई तुरंत सभी नोटों को प्लास्टिक में बदलने की योजना नहीं बना रहा है। पहले चरण में छोटे मूल्यवर्ग (₹10 और ₹20) के नोटों का पायलट लॉन्च होगा। पायलट की सफलता के बाद ही बड़े नोटों पर विचार किया जाएगा। एटीएम और मुद्रण प्रक्रिया को भी अपडेट किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div><strong>विशेषज्ञों की राय</strong></div>
<div>विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, शुरुआती चरण में जनता को नई नोटों की आदत डालने और सप्लाई चेन में बदलाव की चुनौतियां भी होंगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में यह पहल करेंसी मैनेजमेंट को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।अभी देखना बाकी है कि पायलट प्रोजेक्ट कब शुरू होता है और आम लोगों की प्रतिक्रिया क्या होती है। अगर सब ठीक रहा तो आने वाले समय में आपके बटुए में प्लास्टिक के नोट भी दिख सकते हैं।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:38:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI Update: 2000 रुपये के नोट को लेकर आई बड़ी अपडेट, आरबीआई ने दी ये जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>RBI Update: </strong>2000 रुपये के नोट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों की पूरी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद हालांकि, ज्यादातर नोट केंद्रीय बैंक के पास वापस आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू के ये बड़े नोट लोगों के पास मौजूद हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>नोटों की वापसी</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, 19 मई 2023 को RBI ने 2000 रुपये के करेंसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158718/rbi-update-big-update-regarding-rs-2000-note-rbi-gave"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/latest-news---2025-11-02t105022.383.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>RBI Update: </strong>2000 रुपये के नोट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए 2000 रुपये के गुलाबी नोटों की पूरी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। </p>
<p>जानकारी के मुताबिक, तीन साल से ज्यादा समय बीतने के बाद हालांकि, ज्यादातर नोट केंद्रीय बैंक के पास वापस आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी भी 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा वैल्यू के ये बड़े नोट लोगों के पास मौजूद हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>नोटों की वापसी</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, 19 मई 2023 को RBI ने 2000 रुपये के करेंसी नोट को सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घोषणा के 3.5 साल के बाद लोग अभी भी 5,817 करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 रुपये के नोट दबाए बैठे हैं यानी ये अी भी बाजार में बने हुए हैं, जिनकी वापसी का केंद्रीय बैंक को इंतजार है। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, ये आंकड़ा इन्हें बंद किए जाने से पहले मौजूद कुल नोटों का 98.37% है, जबकि 1.63% अभी भी बचे हैं। ये आंकड़ा 31 अक्टूबर 2025 तक का है। यहां बता दें कि  RBI ने साथ किया था कि सर्कुलेशन से बाहर किए जा रहे ये बड़े गुलाबी नोट पूरी वापसी से पहले तक लीगल टेंडर बने रहेंगे। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>पॉलिसी के तहत बंद</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने जब 2000 रुपये के गुलाबी नोटों को बंद किया था, तो उस समय सर्कुलेशन में कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये मू्य के नोट मौजूद थे, जो अब घटकर सिर्फ 5,817 करोड़ रुपये रह गए हैं। RBI द्वारा साल 2016 के नवंबर महीने में इन बड़े करेंसी नोट को पेश किया गया था, जब देश में नोटबंदी का ऐलान हुआ था। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इसके तहत 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया था। नोटबंदी का असर कम होने और अन्य अन्य मूल्यवर्ग के नोटों के मार्केट में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने के बाद केंद्रीय बैंक ने 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत इन्हें सर्कुलेशन से बाहर करने का ऐलान किया था। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>करा सकते हैं नोट</strong></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, मई 2023 में Rs 2000 Notes सर्कुलेशन के बाहर किए जाने के ऐलान के साथ ही RBI ने 7 अक्टूबर 2023 तक लोगों को सभी बैंकों की ब्रांच में इन्हें बदलवाने की सुविधा उपलब्ध कराई थीं, लेकिन जैसे-जैसे सर्कुलेशन में इन लोटों की संख्या में कमी आई, केंद्रीय बैंक ने बैंकों के बजाय RBI के 19 कार्यालयों तक वापसी प्रक्रिया को सीमित कर दिया। जहां अभी भी इन नोटों को चेंज कराया जा सकता है। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p><strong>वापसी की सुविधा</strong></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, इनमें रिजर्व बैंक अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम कार्यालय शामिल हैं। RBI On 2000 Rupee Note</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, इसके अलावा लोग अपने नजदीकी किसी भी डाकघर के जरिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से भी ये नोट अपने बैंक खातों में जमा कराने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के किसी भी जारीकर्ता कार्यालय को भेज सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Nov 2025 10:50:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 Rupee Coin: 10 रुपये के सिक्के को लेकर आई बड़ी खबर, RBI ने दी ये जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">10 Rupee Coin: आजकल अगर आप किसी दुकान पर 10 रुपये का सिक्का लेकर जाएं, तो अक्सर दुकानदार यह कहता नजर आता है </span><span class="cf1">–</span><span class="cf2"> "</span><span class="cf0">साहब, यह सिक्का नहीं चलता, दूसरा दीजिए।" यह समस्या अब आम होती जा रही है। दरअसल, अलग-अलग डिज़ाइन वाले 10 रुपये के सिक्कों को देखकर आम लोग ही नहीं, कई व्यापारी भी कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा असली है और कौन सा नकली।</span></p>
<p><span class="cf0">इसी भ्रम की वजह से लोग इन सिक्कों को लेने से झिझकने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई में 10 रुपये के सिक्के को आरबीआई या सरकार</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156792/10-rupee-coin-brought-big-news-about-10-rupee-coins"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/10-rupee-coin.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">10 Rupee Coin: आजकल अगर आप किसी दुकान पर 10 रुपये का सिक्का लेकर जाएं, तो अक्सर दुकानदार यह कहता नजर आता है </span><span class="cf1">–</span><span class="cf2"> "</span><span class="cf0">साहब, यह सिक्का नहीं चलता, दूसरा दीजिए।" यह समस्या अब आम होती जा रही है। दरअसल, अलग-अलग डिज़ाइन वाले 10 रुपये के सिक्कों को देखकर आम लोग ही नहीं, कई व्यापारी भी कंफ्यूज हो जाते हैं कि कौन सा असली है और कौन सा नकली।</span></p>
<p><span class="cf0">इसी भ्रम की वजह से लोग इन सिक्कों को लेने से झिझकने लगे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई में 10 रुपये के सिक्के को आरबीआई या सरकार ने बंद कर दिया है? </span></p>
<p><span class="cf0">भारतीय रिज़र्व बैंक (</span><span class="cf2">RBI) </span><span class="cf0">ने पहली बार 10 रुपये का सिक्का 2005 में तैयार किया और इसे 2006 में आम जनता के लिए जारी किया गया था। यह भारत का पहला "द्विधात्विक" सिक्का है, यानी दो धातुओं से बना हुआ। इस सिक्के का केंद्रीय हिस्सा तांबा-निकल (</span><span class="cf2">Copper-Nickel) </span><span class="cf0">का होता है, जबकि बाहरी रिंग एल्युमीनियम-कांसे (</span><span class="cf2">Aluminium-Bronze) </span><span class="cf0">की बनी होती है।</span></p>
<p><span class="cf0">इस सिक्के के शुरुआत से लेकर अब तक </span><span class="cf2">RBI </span><span class="cf0">ने 14 से अधिक डिज़ाइन जारी किए हैं। ये बदलाव अक्सर विशेष अवसरों, महापुरुषों की स्मृति या फिर जनहित से जुड़ी वजहों से किए जाते हैं। हालांकि डिज़ाइन में अंतर होता है, लेकिन ये सभी सिक्के कानूनी रूप से मान्य और वैध मुद्रा हैं</span></p>
<p><span class="cf2">2011 </span><span class="cf0">में जब भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर रुपये का प्रतीक चिह्न (</span><span class="cf3">₹</span><span class="cf2">) </span><span class="cf0">जारी किया, तो उसके बाद ढाले गए सभी सिक्कों में यह चिह्न शामिल किया गया। लेकिन इससे पहले के सिक्कों में यह चिह्न नहीं होता। इसी के चलते एक अफवाह फैल गई कि रुपये के प्रतीक के बिना वाले सिक्के नकली हैं, और नोटबंदी के समय यह भ्रम और भी अधिक बढ़ गया।</span></p>
<p><span class="cf2">RBI </span><span class="cf0">को इस झूठ को खत्म करने के लिए कई बार सार्वजनिक तौर पर बयान देना पड़ा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 10 रुपये के सभी सिक्के, चाहे उनका डिज़ाइन कैसा भी हो, और चाहे उनमें </span><span class="cf3">₹</span> <span class="cf0">का चिह्न हो या न हो </span><span class="cf1">—</span> <span class="cf0">सभी असली और पूरी तरह वैध हैं। आम जनता और व्यापारी दोनों को यह सिक्के बिना किसी झिझक के स्वीकार करने चाहिए।</span></p>
<p><span class="cf0">दुर्भाग्यवश कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर झूठी अफवाहें फैलाकर जनता में भ्रम फैला रहे हैं। पुराने और नए डिज़ाइनों का एक साथ बाजार में चलन में होना बिल्कुल सामान्य बात है, लेकिन लोग इसी बात को आधार बनाकर शक करने लगते हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">आरबीआई ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि 10 रुपये का सिक्का वैध मुद्रा है, और इसे लेने से इनकार करना न सिर्फ गलत, बल्कि कानूनी रूप से भी अनुचित है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इन सिक्कों को लेने से इनकार करे, तो उन्हें सही जानकारी दें और जागरूक बनाएं।</span></p>
<p><span class="cf0">अब अगर कोई आपसे कहे कि "ये सिक्का नहीं चल रहा", तो बेझिझक कहिए, "चल रहा है </span><span class="cf1">—</span><span class="cf2"> 100% </span><span class="cf4">—</span> <span class="cf0">और </span><span class="cf2">RBI </span><span class="cf0">ने खुद कहा है।" साथ ही, </span><span class="cf2">WhatsApp </span><span class="cf0">या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आने वाली किसी भी अफवाह पर भरोसा करने से पहले, सरकारी और आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि जरूर करें।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 20:17:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा Indian currency को लेकर कही यह बात, कई देशों में बढ़ी चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="descriptionC">
<p><strong>करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप नहीं-</strong>    आरबीआई के पूर्व गवर्नर और अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारतीय रुपए की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपए में और कमजोरी आ सकती है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को इस पर नियंत्रण पाने के लिए करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार केवल रुपया नहीं, बल्कि अन्य देशों की मुद्राएं भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही हैं।</p>
<p>उनका यह भी मानना है कि उभरते देशों के लिए इस प्रकार की आर्थिक अस्थिरता एक चिंता</p></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147792/former-rbi-governor-raghuram-rajan-said-this-regarding-indian-currency"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/download-(10).jpg" alt=""></a><br /><div class="descriptionC">
<p><strong>करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप नहीं-</strong>  आरबीआई के पूर्व गवर्नर और अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान भारतीय रुपए की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपए में और कमजोरी आ सकती है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को इस पर नियंत्रण पाने के लिए करेंसी मार्केट में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार केवल रुपया नहीं, बल्कि अन्य देशों की मुद्राएं भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही हैं।</p>
<p>उनका यह भी मानना है कि उभरते देशों के लिए इस प्रकार की आर्थिक अस्थिरता एक चिंता का कारण बन सकती है, खासकर जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। राजन के मुताबिक, दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अमेरिकी डॉलर की ‘हथियार’ के तौर पर इस्तेमाल की प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं।</p>
<p>राजन ने बताया कि रुपए का मूल्य अभी भी अन्य मुद्राओं के मुकाबले ओवरवैल्यूड है और एक डॉलर के मुकाबले रुपए की वैल्यू 85.6 के लेवल तक पहुंच चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी डॉलर अब भी एक सशक्त मुद्रा है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा डॉलर का इस्तेमाल एक 'हथियार' के रूप में किया गया है, जिससे कई देशों में चिंता बढ़ी है।</p>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिज़नेस रिलीज़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 19:03:44 +0530</pubDate>
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