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                <title>judicial process - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>judicial process RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट एवं अन्य गंभीर मामलों में त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी पैरवी करने का निर्देश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को संगम सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनपद में लंबित अभियोजन प्रकरणों, गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों तथा न्यायालयों में लम्बित वादों के सम्बंध में विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पिछले माह गंभीर अपराधों में कितने बरी हुए तथा कितने में अपील हुई, के संबध में विस्तार से चर्चा की गई।  </div>
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<div style="text-align:justify;">            जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त शासकीय अधिवक्ताओं व अभियोजन संवर्ग के अधिकारियों को जघन्य अपराधों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने</div>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186374/instructions-for-effective-advocacy-for-quick-disposal-of-crimes-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260825-wa0103.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को संगम सभागार में अभियोजन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनपद में लंबित अभियोजन प्रकरणों, गंभीर अपराधों से संबंधित मामलों तथा न्यायालयों में लम्बित वादों के सम्बंध में विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पिछले माह गंभीर अपराधों में कितने बरी हुए तथा कितने में अपील हुई, के संबध में विस्तार से चर्चा की गई।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      जिलाधिकारी ने उपस्थित समस्त शासकीय अधिवक्ताओं व अभियोजन संवर्ग के अधिकारियों को जघन्य अपराधों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी प्रकरणों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिला अपराध, पॉक्सो एक्ट, मादक पदार्थों से संबंधित प्रकरणों एवं अन्य गंभीर मामलों में त्वरित निस्तारण हेतु प्रभावी पैरवी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में सम्मन/तामीला नहीं हो रहा है, उन प्रकरणों में अधिक से अधिक सम्मन तामीला कराकर प्रकरण का निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">      जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के कारणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक अभिलेख समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर श्री सत्यम मिश्र, संयुक्त निदेशक अभियोजन, जिला शासकीय अधिवक्ता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 19:08:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी मुकदमों की बढ़ती चुनौती: एससी-एसटी और पॉक्सो कानूनों के कथित दुरुपयोग पर उठे गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184359/growing-challenge-of-fake-cases-serious-questions-raised-on-alleged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/rajeev.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारतीय न्याय व्यवस्था में देरी तो है ही पर इसके साथ बहुत से मामले ऐसे हैं जिनका दुरुपयोग बड़ी तेजी से हो रहा है। हम बात कर रहे हैं एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो मामलों की जिनमें आदमी अगर सतर्क नहीं रहा तो बहुत बुरी तरह से घिर जाता है। एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के बढ़ते मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं। कुछ ऐसे संगठित गिरोह भी हैं जो महिलाओं के द्वारा आदमियों को फंसवाते देखे गए हैं। हालांकि उन गिरोहों का पर्दाफाश होता है लेकिन तब तक आरोपी को सज़ा काटनी ही पड़ती है। इसी तरह एससी-एसटी एक्ट के कानून का दुरुपयोग वर्षों से हो रहा है लेकिन आज तक कितनी ही सरकारें आईं हों इनमें संसोधन नहीं हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान न्याय का अधिकार देता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे विशेष कानून बनाए गए जो समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों को सुरक्षा प्रदान कर सकें। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और पॉक्सो कानून भी इसी सोच का परिणाम हैं। इन कानूनों ने अनेक पीड़ितों को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है और समाज में अपराधियों के विरुद्ध कठोर संदेश दिया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक दूसरा पक्ष भी लगातार चर्चा में रहा है। कई लोग आरोप लगाते हैं कि व्यक्तिगत दुश्मनी, संपत्ति विवाद, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या पारिवारिक संघर्ष में इन कानूनों का दुरुपयोग कर झूठे मुक़दमे दर्ज कराए जाते हैं। यह मुद्दा अदालतों, विधि विशेषज्ञों और समाज के बीच लगातार बहस का विषय बना हुआ है। क्या सचमुच फर्जी मुकदमों की बाढ़ है?</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यह कहना कि अधिकांश एससी-एसटी या पॉक्सो के मामले फर्जी हैं, उपलब्ध आधिकारिक आँकड़ों के आधार पर उचित नहीं होगा। कई मामलों में जांच के बाद आरोप सिद्ध नहीं हो पाते, लेकिन इसका कारण हमेशा झूठा मुकदमा नहीं होता। कमजोर जांच, पर्याप्त साक्ष्यों का अभाव, गवाहों का मुकर जाना, समझौते का दबाव या लंबी न्यायिक प्रक्रिया भी इसके कारण हो सकते हैं। हालाँकि, विभिन्न उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय ने अलग-अलग मामलों में यह भी स्वीकार किया है कि कुछ मामलों में कानूनों का दुरुपयोग होने की शिकायतें सामने आई हैं। इसलिए यह विषय संतुलित दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है। निर्दोष व्यक्ति पर मुकदमे का प्रभाव- यदि कोई व्यक्ति वास्तव में झूठे मुकदमे में फँस जाता है, तो उसका प्रभाव केवल अदालत तक सीमित नहीं रहता। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, नौकरी पर संकट आ सकता है, आर्थिक बोझ बढ़ जाता है और पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजरता है। वर्षों तक मुकदमा चलने के बाद यदि वह निर्दोष साबित भी हो जाए, तब भी खोया हुआ समय और सम्मान आसानी से वापस नहीं आता। दूसरी ओर यह भी नहीं भूलना चाहिए कि एससी-एसटी कानून और पॉक्सो अधिनियम लाखों वास्तविक पीड़ितों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। भारत में जातीय उत्पीड़न और बच्चों के साथ यौन अपराध आज भी गंभीर समस्या हैं। यदि इन कानूनों को कमजोर किया जाए या हर शिकायत को संदेह की दृष्टि से देखा जाए, तो वास्तविक पीड़ित न्याय पाने से वंचित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसलिए चुनौती यह नहीं है कि कानून समाप्त कर दिए जाएँ, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका सही और निष्पक्ष उपयोग हो। देश की अदालतों में करोड़ों मुकदमे लंबित हैं। विशेष कानूनों के अंतर्गत दर्ज मामलों की संख्या बढ़ने से न्यायिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सुनवाई में देरी के कारण न तो पीड़ित को समय पर न्याय मिल पाता है और न ही निर्दोष व्यक्ति को शीघ्र राहत। तेज और वैज्ञानिक जांच, पर्याप्त न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा समयबद्ध सुनवाई इस समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार की जिम्मेदारी केवल कठोर कानून बनाना नहीं है, बल्कि उनकी निष्पक्ष क्रियान्वयन व्यवस्था सुनिश्चित करना भी है। यदि कहीं झूठे मुकदमे दर्ज होते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं यदि वास्तविक पीड़ित न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो उन्हें भी समय पर न्याय मिलना चाहिए। इस विषय पर कई विधि विशेषज्ञ निम्न सुधारों की आवश्यकता बताते हैं— निष्पक्ष और वैज्ञानिक पुलिस जांच। फॉरेंसिक साक्ष्यों का अधिक उपयोग। विशेष अदालतों की संख्या बढ़ाना।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण। यदि अदालत यह पाए कि शिकायत जानबूझकर झूठी और दुर्भावनापूर्ण थी, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई। पुलिस और अभियोजन अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण। "सरकार और अदालतें धृतराष्ट्र बनी हुई हैं" जैसी अभिव्यक्ति एक राजनीतिक और भावनात्मक टिप्पणी हो सकती है, लेकिन वास्तविक समाधान तथ्यों और संस्थागत सुधारों में निहित है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में दो सिद्धांत समान रूप से महत्वपूर्ण हैं—दोषी को दंड मिले और निर्दोष को अनावश्यक दंड या उत्पीड़न न झेलना पड़े। इसलिए आवश्यकता न तो कानूनों को कमजोर करने की है और न ही हर शिकायत को झूठा मानने की। आवश्यकता ऐसी न्याय व्यवस्था की है जो वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाए, निर्दोष लोगों के अधिकारों की रक्षा करे और न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत बनाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 22:55:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, पचपेड़वा पुलिस की त्वरित कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>पचपेड़वा थाना क्षेत्र में नाबालिग एवं मंदबुद्धि किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, थाना पचपेड़वा क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग एवं मंदबुद्धि ननद के साथ गांव वीरपुर सेमरा निवासी राधेश्याम यादव उर्फ राजू ने दुष्कर्म किया है। शिकायत के आधार पर थाना पचपेड़वा में मुकदमा संख्या 95/2026 धारा 137(2)/64(2)K बीएनएस, 5K/6 पॉक्सो</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181505/accused-of-raping-a-minor-arrested-quick-action-by-pachpedwa"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0704.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर। </strong>पचपेड़वा थाना क्षेत्र में नाबालिग एवं मंदबुद्धि किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, थाना पचपेड़वा क्षेत्र की एक महिला ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग एवं मंदबुद्धि ननद के साथ गांव वीरपुर सेमरा निवासी राधेश्याम यादव उर्फ राजू ने दुष्कर्म किया है। शिकायत के आधार पर थाना पचपेड़वा में मुकदमा संख्या 95/2026 धारा 137(2)/64(2)K बीएनएस, 5K/6 पॉक्सो एक्ट तथा 3(2)V एससी/एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर के पर्यवेक्षण में थाना पचपेड़वा पुलिस टीम ने जांच और गिरफ्तारी अभियान तेज किया। प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राधेश्याम यादव उर्फ राजू पुत्र राम समुझ निवासी ग्राम वीरपुर सेमरा, थाना पचपेड़वा को गिरफ्तार कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता को आवश्यक चिकित्सीय एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई है तथा मामले की विवेचना नियमानुसार की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:31:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैंगस्टर एक्ट के वांछित आरोपी को नवाबगंज पुलिस ने दबोचा, चोरी की बाइक व तमंचा बरामद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नवाबगंज । पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल तथा एक अवैध देशी तमंचा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना नवाबगंज पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 175/2026, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे अभियुक्त अंकित कुमार गौतम पुत्र फूलचन्द्र निवासी कटरा कौडिहार, थाना नवाबगंज को गुरुवार को मादूपुर रामनगर के पास से गिरफ्तार किया गया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181497/nawabganj-police-arrested-wanted-accused-of-gangster-act-and-recovered"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0109.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नवाबगंज । पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट के एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल तथा एक अवैध देशी तमंचा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध नया मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना नवाबगंज पर पंजीकृत मुकदमा संख्या 175/2026, धारा 2/3 उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे अभियुक्त अंकित कुमार गौतम पुत्र फूलचन्द्र निवासी कटरा कौडिहार, थाना नवाबगंज को गुरुवार को मादूपुर रामनगर के पास से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल (वाहन संख्या UP70 GB 7120) तथा एक अवैध देशी तमंचा .315 बोर बरामद किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बरामद मोटरसाइकिल थाना मऊआइमा में दर्ज मुकदमा संख्या 183/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता से संबंधित चोरी की वाहन पाई गई। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना नवाबगंज में मुकदमा संख्या 234/2026 धारा 317(2)/347 भारतीय न्याय संहिता एवं 3/25 आयुध अधिनियम के तहत नया अभियोग पंजीकृत किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी एक संगठित आपराधिक गिरोह का सदस्य है, जिसका सरगना छैला बाबू सरोज निवासी बरेज, श्रृंगवेरपुर बताया गया है। गिरोह के सदस्य आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए चोरी, वाहन चोरी तथा वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर उन्हें बेचने जैसे संगठित अपराधों को अंजाम देते रहे हैं।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181497/nawabganj-police-arrested-wanted-accused-of-gangster-act-and-recovered</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:18:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन दहन के तहत 15 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण, </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस ने  कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दहन के तहत जब्त किए गए 15.59 किलोग्राम मादक पदार्थों का विधिक प्रक्रिया के अनुसार विनिष्टीकरण किया। यह कार्रवाई नारकोटिक्स टास्क फोर्स (अपराध शाखा), थाना खुल्दाबाद एवं थाना शाहगंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा संपन्न कराई गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। न्यायालय के निर्देशों एवं निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181495/15-kg-of-drugs-destroyed-under-operation-dahan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0108-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत पुलिस ने  कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन दहन के तहत जब्त किए गए 15.59 किलोग्राम मादक पदार्थों का विधिक प्रक्रिया के अनुसार विनिष्टीकरण किया। यह कार्रवाई नारकोटिक्स टास्क फोर्स (अपराध शाखा), थाना खुल्दाबाद एवं थाना शाहगंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा संपन्न कराई गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा समाज को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। न्यायालय के निर्देशों एवं निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पूर्ण पालन करते हुए जब्त किए गए मादक पदार्थों को सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विनिष्टीकरण के दौरान कुल 15.59 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए गए, जिनमें 7 किलोग्राम 450 ग्राम गांजा, 55 ग्राम स्मैक, 5.09 किलोग्राम नशीला पाउडर तथा 2.5 ग्राम डायजापाम शामिल रहा। ये सभी मादक पदार्थ विभिन्न अभियानों के दौरान पुलिस द्वारा बरामद किए गए थे और संबंधित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद इनके विनिष्टीकरण की प्रक्रिया अपनाई गई।</div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div><div class="adL"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181495/15-kg-of-drugs-destroyed-under-operation-dahan</link>
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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:16:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को राहत, ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी एक अहमखबर है, जहां चर्चित संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मामले में अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">इसी मामले में सह-आरोपी और उनके शिष्य मुकुंदानंद को भी कोर्ट ने अग्रिम जमानत प्रदान की है। </blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दोनों के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें शिविर के दौरान बटुकों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई 27 फरवरी को पूरी हो गई थी,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174363/relief-to-swami-avimukteshwarananda-from-allahabad-high-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260325-wa01931.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी एक अहमखबर है, जहां चर्चित संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मामले में अग्रिम जमानत याचिका को मंजूरी दे दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">इसी मामले में सह-आरोपी और उनके शिष्य मुकुंदानंद को भी कोर्ट ने अग्रिम जमानत प्रदान की है। </blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दोनों के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाना में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें शिविर के दौरान बटुकों के यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई 27 फरवरी को पूरी हो गई थी,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसके बाद अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए यह निर्णय सुनाया। कोर्ट ने आरोपियों को गिरफ्तारी से राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी, हालांकि मामले की जांच जारी रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर समर्थक इस फैसले को न्यायिक राहत मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष न्याय की मांग पर कायम है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174363/relief-to-swami-avimukteshwarananda-from-allahabad-high-court</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/174363/relief-to-swami-avimukteshwarananda-from-allahabad-high-court</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 21:01:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंस्पेक्टर अरुण राय हत्याकांड में आरोपी सिपाही मीनाक्षी की कोर्ट में पेशी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिला कारागार में बंद सिपाही मीनाक्षी को सोमवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद करीब 90 दिन बाद यह पहली बार है जब मीनाक्षी को अदालत में पेशी के लिए लाया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पेशी के दौरान मीनाक्षी काले कपड़े पहनकर अदालत पहुंची। वहीं उसकी पेशी की जानकारी मिलने पर उसके पिता भी कोर्ट परिसर में अपनी बेटी से मिलने पहुंचे। पुलिस अभिरक्षा में मीनाक्षी को जिला कारागार से अदालत लाया गया,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173110/constable-meenakshi-accused-in-inspector-arun-rai-murder-case-appears"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/upp.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>उरई(जालौन)- </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिला कारागार में बंद सिपाही मीनाक्षी को सोमवार को इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। चार्जशीट दाखिल होने के बाद करीब 90 दिन बाद यह पहली बार है जब मीनाक्षी को अदालत में पेशी के लिए लाया गया। इस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पेशी के दौरान मीनाक्षी काले कपड़े पहनकर अदालत पहुंची। वहीं उसकी पेशी की जानकारी मिलने पर उसके पिता भी कोर्ट परिसर में अपनी बेटी से मिलने पहुंचे। पुलिस अभिरक्षा में मीनाक्षी को जिला कारागार से अदालत लाया गया, जहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की सुनवाई हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि जालौन जनपद में तैनात इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की 5 दिसंबर को गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। मामले की जांच के दौरान 6 दिसंबर को सिपाही मीनाक्षी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। पुलिस द्वारा विस्तृत जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है जिसके बाद अब इस मामले की नियमित सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, आरोपी मीनाक्षी की ओर से दाखिल नियमित जमानत और डिफॉल्ट बेल की अर्जी को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। ऐसे में फिलहाल मीनाक्षी को जेल में ही रहना पड़ेगा। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय हत्याकांड को लेकर जिले में लोगों की नजरें न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आने वाले समय में अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान इस मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/173110/constable-meenakshi-accused-in-inspector-arun-rai-murder-case-appears</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 13:39:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्च न्यायालय का आदेश: एसडीएम खजनी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>गोरखपुर -</strong> इलाहाबाद: उच्च न्यायालय ने खजनी के उपजिलाधिकारी को एक बटवारा मामले में समय सीमा के भीतर निस्तारण न करने के आरोप में व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।</div>
<div>बेलड़ाड् निवासी मुस्ताक अहमद ने खजनी के उपजिलाधिकारी के न्यायालय में मुस्ताक बनाम मैननु निशा वगैरह का एक बटवारा वाद दायर किया था। उच्च न्यायालय ने पहले ही उपजिलाधिकारी को इस मामले का समय सीमा के भीतर निस्तारण करने का निर्देश दिया था।</div>
<div>  </div>
<div>लेकिन उपजिलाधिकारी इस आदेश का पालन करने में विफल रहे। इस कारण उच्च न्यायालय ने 27 जनवरी, 2025 को उपजिलाधिकारी को व्यक्तिगत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147620/high-court-orders-sdm-khajani-to-appear-personally"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/p--1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>गोरखपुर -</strong> इलाहाबाद: उच्च न्यायालय ने खजनी के उपजिलाधिकारी को एक बटवारा मामले में समय सीमा के भीतर निस्तारण न करने के आरोप में व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है।</div>
<div>बेलड़ाड् निवासी मुस्ताक अहमद ने खजनी के उपजिलाधिकारी के न्यायालय में मुस्ताक बनाम मैननु निशा वगैरह का एक बटवारा वाद दायर किया था। उच्च न्यायालय ने पहले ही उपजिलाधिकारी को इस मामले का समय सीमा के भीतर निस्तारण करने का निर्देश दिया था।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन उपजिलाधिकारी इस आदेश का पालन करने में विफल रहे। इस कारण उच्च न्यायालय ने 27 जनवरी, 2025 को उपजिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का आदेश दिया है। उन्हें इस मामले की फाइल भी साथ लाने को कहा गया है।</div>
<div> </div>
<div>यह आदेश उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में देरी और आदेशों का पालन न करने को गंभीरता से लेने का एक संकेत है। उच्च न्यायालय ने खजनी के उपजिलाधिकारी कुँवर सचिन सिंह  को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।  कारण बटवारा मामले में समय सीमा के भीतर निस्तारण न करना  है ।</div>
<div>तारीख: 27 जनवरी, 2025 स्थान: इलाहाबाद उच्च न्यायालय उपस्थित होना है , न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने की दिशा में एक कदम है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jan 2025 17:39:49 +0530</pubDate>
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