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                <title>PM Modi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>PM Modi RSS Feed</description>
                
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                <title>भारत-फ्रांस साझेदारी की कोई सीमा नहीं: नरेंद्र मोदी-इमैनुएल मैक्रों बैठक में रक्षा, सुरक्षा और व्यापार पर बड़ा जोर</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h5 style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> प्रधानमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">नरेंद्र मोदी</span></span> ने मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इमैनुएल मैक्रों</span></span> के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था। महाराष्ट्र लोक भवन में हुई इस वार्ता में दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करते हुए रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा की।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बैठक राष्ट्रपति मैक्रों की भारत की चौथी यात्रा के दौरान आयोजित की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपने</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170053/there-is-no-limit-to-india-france-partnership-said-pm-modi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/भारत-फ्रांस-साझेदारी-की-कोई-सीमा-नहीं.webp" alt=""></a><br /><h5 style="text-align:justify;"><strong>International Desk</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई।</strong> प्रधानमंत्री <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">नरेंद्र मोदी</span></span> ने मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति <span class="hover:entity-accent entity-underline inline cursor-pointer align-baseline"><span class="whitespace-normal">इमैनुएल मैक्रों</span></span> के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य भारत-फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था। महाराष्ट्र लोक भवन में हुई इस वार्ता में दोनों नेताओं ने अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करते हुए रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा की।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बैठक राष्ट्रपति मैक्रों की भारत की चौथी यात्रा के दौरान आयोजित की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपने मित्र से मुंबई में मिलकर उन्हें बेहद प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति मैक्रों को मुंबई बेहद पसंद आया और उन्होंने सुबह की दौड़ का भी आनंद लिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मुंबई की सड़कों पर मैक्रों की मॉर्निंग जॉगिंग</h4>
<p style="text-align:justify;">मुंबई दौरे के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों सुबह-सुबह जॉगिंग करते नजर आए। उनके साथ फ्रांसीसी और भारतीय अधिकारी तथा सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इस दौरान स्थानीय लोगों और मीडिया की भी नजर उन पर पड़ी, जिससे यह पल चर्चा का विषय बन गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;">26/11 के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि</h4>
<p style="text-align:justify;">अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और फ्रांस की प्रथम महिला ब्रिगिट मैक्रों ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह भाव आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रपति मैक्रों ने इस मौके पर भारत और फ्रांस के बीच लोकतंत्र, शांति और वैश्विक स्थिरता जैसे साझा मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और भविष्य में यह साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;">रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा</h4>
<p style="text-align:justify;">भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में पहले से ही मजबूत सहयोग है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहराई देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 17:52:23 +0530</pubDate>
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                <title>विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन जन जागरण अभियान</title>
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                        <![CDATA[<div><strong>आजमगढ़ </strong>भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर आयोजित आजमगढ़/लालगंज जिला की प्रेस वार्ता में आजमगढ़ प्रभारी व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अनिल राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र के दौरान अति महत्वपूर्ण जी राम जी अधिनियम को पारित किया है। इस अधिनियम के पारित होने के बाद हमारे गांव में रहने वाले लोगों के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण परिवर्तन आने वाला है। जी राम जी अधिनियम हमारे गांव को आत्मनिर्भर बनाएगा गांव के अंदर सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को चरितार्थ करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का  विकसित भारत बनाने का जो संकल्प है उसमें</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165654/developed-india-guarantee-mission-for-employment-and-livelihood-jan-jagran"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/1000529869.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>आजमगढ़ </strong>भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर आयोजित आजमगढ़/लालगंज जिला की प्रेस वार्ता में आजमगढ़ प्रभारी व कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अनिल राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीतकालीन सत्र के दौरान अति महत्वपूर्ण जी राम जी अधिनियम को पारित किया है। इस अधिनियम के पारित होने के बाद हमारे गांव में रहने वाले लोगों के जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण परिवर्तन आने वाला है। जी राम जी अधिनियम हमारे गांव को आत्मनिर्भर बनाएगा गांव के अंदर सर्वांगीण विकास की परिकल्पना को चरितार्थ करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का  विकसित भारत बनाने का जो संकल्प है उसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान करेगा।</div>
<div> </div>
<div>मनरेगा अभियान के अंतर्गत 100 दिनों की रोजगार की गारंटी थी लेकिन जो नया कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बनाया है उसके अंतर्गत 125 दिनों की रोजगार की गारंटी होगी। जी राम जी अधिनियम के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी श्रमिक यदि इस योजना के अंतर्गत काम कर रहा है तो उसको एक हफ्ता के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाए ।यदि किसी कारणवश उसकी मजदूरी एक सप्ताह के अंदर नहीं मिलती है तो एक सप्ताह के बाद उसकी बकाया मजदूरी पर ब्याज भी दिया जाएगा। जब खेती किसानी का समय होता है तब  मजदूरों की कमी को देखते हुए उस समय इस अभियान को रोका गया।</div>
<div> </div>
<div>यदि परिस्थिति वश किसी ग्राम सभा में 125 दिन का रोजगार देना संभव नहीं हो पाया तो सरकार इस अधिनियम के अंतर्गत बेरोजगारी भत्ता भी देगी। जी राम जी योजना के अंतर्गत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि गांव के विकास का पूरा रोड मैप ग्राम पंचायत में ही बनाया जाएगा। अब हर गांव को इस बात की स्वतंत्रता दी गई है की वह अपने गांव की स्थिति के अनुसार अपने गांव की परियोजना का रोड मैप तैयार करें और उसके आधार पर बजट का प्रस्ताव बनाकर  शासन को भेजें और शासन उनको बजट की उपलब्धता कराएगा। देश में यह पहली बार  देखने को मिल रहा है कि इस अधिनियम के माध्यम से गांव को पूरी स्वतंत्रता दी जा रही।</div>
<div> </div>
<div>हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का अभिनंदन करते हैं कि आज इतना बड़ा फैसला भारत सरकार ने किया है जो आने वाले समय में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस योजना के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। श्रम विभाग के द्वारा संगठित क्षेत्र के मजदूरों को जिन योजनाओं का लाभ दिया जाता है उन सभी योजनाओं का लाभ अब असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भी उपलब्ध कराने का काम इस अधिनियम के अंतर्गत किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>इस फैसले के लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हैं। ग्राम पंचायतों को बधाई देते हैं और गांव में काम करने वाले श्रमिकों को भी ढेर सारी  बधाई देते है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आजमगढ़ सदर ध्रुव सिंह जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष लालगंज हनुमंत सिंह, ऋषिकांत राय, सूरज प्रकाश श्रीवास्तव संतोष सिंह घनश्याम पटेल पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>]]>
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                                                            <category>राजनीति</category>
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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 18:07:58 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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            <item>
                <title>मन की बात में उपलब्धियों का उत्सव, आत्मचिंतन की पुकार और भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 129वां एपिसोड केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि बीते वर्ष की उपलब्धियों, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का व्यापक दस्तावेज बनकर सामने आया। यह एपिसोड देशवासियों के लिए आत्मगौरव, आत्ममंथन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ष 2025 भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, ऐसा वर्ष जिसमें भारत की क्षमता, सामर्थ्य और संकल्प दुनिया के सामने और अधिक मजबूती से उभरे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर खेल, विज्ञान, नवाचार, अंतरिक्ष,</div>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164707/celebration-of-achievements-in-mann-ki-baat-call-for-introspection"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/..2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का 129वां एपिसोड केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि बीते वर्ष की उपलब्धियों, वर्तमान की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का व्यापक दस्तावेज बनकर सामने आया। यह एपिसोड देशवासियों के लिए आत्मगौरव, आत्ममंथन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश लेकर आया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ष 2025 भारत के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, ऐसा वर्ष जिसमें भारत की क्षमता, सामर्थ्य और संकल्प दुनिया के सामने और अधिक मजबूती से उभरे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर खेल, विज्ञान, नवाचार, अंतरिक्ष, संस्कृति और भारत के वैश्विक प्रभाव तक, हर क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज भारत केवल एक उभरती हुई शक्ति नहीं, बल्कि कई वैश्विक मंचों पर दिशा तय करने वाला देश बन चुका है। भारत का प्रभाव हर जगह दिखाई दे रहा है, चाहे वह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति हो, तकनीकी नवाचार हो या सांस्कृतिक पहचान।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मन की बात में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे देश का गर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सुरक्षा क्षमताओं, रणनीतिक सोच और सशस्त्र बलों की दक्षता का प्रतीक बन गया है। ऐसे अभियानों से यह संदेश जाता है कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करता। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत की यह दृढ़ता आने वाले वर्षों में देश को और अधिक सुरक्षित तथा आत्मविश्वासी बनाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खेलों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीमवर्क और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। भारत में खेल संस्कृति का विस्तार हो रहा है और युवा पीढ़ी इसे करियर के रूप में अपना रही है। यह बदलाव देश के सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने अंतरिक्ष महाकुंभ जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत अंतरिक्ष विज्ञान में केवल अनुसरण करने वाला नहीं, बल्कि नेतृत्व करने वाला देश बन रहा है। चंद्रयान, गगनयान और अन्य अभियानों ने भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा को वैश्विक पहचान दिलाई है। यह उपलब्धियां युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने अयोध्या में बने राम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और सभ्यतागत विरासत का प्रतीक है। राम मंदिर के निर्माण से देश में एक लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक अध्याय का समाधान हुआ है। यह घटना भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, न्यायिक व्यवस्था और सामाजिक समरसता का उदाहरण भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">77वें गणतंत्र दिवस का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन हमें संविधान के मूल्यों और लोकतंत्र की ताकत की याद दिलाता है। भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है। गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड और झांकियां भारत की विविधता में एकता को दर्शाती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य के विषय पर प्रधानमंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते और अनियंत्रित इस्तेमाल पर देशवासियों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि एंटीबायोटिक का अत्यधिक उपयोग भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन सकता है, क्योंकि इससे दवाएं बेअसर हो रही हैं। विशेष रूप से यूटीआई जैसी बीमारियों में दवाओं के कमजोर साबित होने पर उन्होंने दुःख प्रकट किया। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कश्मीर के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने बारामुला के टीलों का उल्लेख किया और कहा कि ये टीलें इंसानों द्वारा बनाई गई हैं और इनके भीतर इतिहास के कई रहस्य छिपे हैं। उन्होंने फ्रांस के एक म्यूजियम में मिले एक पुराने, धुंधले चित्र का जिक्र किया, जिसमें कश्मीर का गौरवशाली अतीत झलकता है। बौद्ध परिसरों की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर केवल प्राकृतिक सौंदर्य का ही नहीं, बल्कि ज्ञान, दर्शन और सांस्कृतिक समृद्धि का भी केंद्र रहा है। यह हमें अपने इतिहास को जानने, समझने और संरक्षित करने की प्रेरणा देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मणिपुर के एक युवा की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि किस प्रकार उसने बिजली की समस्या से निपटने के लिए सोलर पैनल लगाए। यह उदाहरण आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्थानीय समाधान की सोच को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास न केवल समस्याओं का समाधान करते हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बनते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने दुबई में कन्नड़ भाषा के संरक्षण और फिजी में तमिल दिवस के आयोजन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक कन्नड़ परिवार ने विदेश में रहते हुए भी कन्नड़ भाषा की शुरुआत की, बच्चों को कन्नड़ लिखना और पढ़ना सिखाया जा रहा है। यह भाषा और भूमि के प्रति गर्व की भावना का उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय भाषाएं हमारी पहचान हैं और इन्हें जीवित रखना हर भारतीय का दायित्व है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरी का स्मरण करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने मात्र 16 वर्ष की आयु में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया। उनका जीवन साहस, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। ऐसे नायकों और नायिकाओं की कहानियां हर पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन करती हैं। प्रधानमंत्री ने आग्रह किया कि आजादी दिलाने वाले इन महान व्यक्तित्वों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि युवाओं को यह समझ में आए कि आज जो स्वतंत्रता हमें मिली है, उसके पीछे कितने बलिदान छिपे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने मन की बात के माध्यम से 2026 की चुनौतियों और संभावनाओं की ओर भी संकेत किया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष विकास, तकनीक और मानव संसाधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे। भारत को अपनी युवा शक्ति, नवाचार क्षमता और सांस्कृतिक विरासत के बल पर नई ऊंचाइयों को छूना है। इसके लिए आत्मविश्वास के साथ-साथ जिम्मेदारी की भावना भी जरूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मन की बात का यह एपिसोड केवल उपलब्धियों का बखान नहीं था, बल्कि यह एक सामूहिक चिंतन था। इसमें गर्व भी था, चेतावनी भी, प्रेरणा भी और भविष्य की स्पष्ट दिशा भी। प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि भारत की यात्रा केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है। जब देश का हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों को समझेगा और निभाएगा, तभी भारत सच्चे अर्थों में विकसित राष्ट्र बनेगा। इस तरह मन की बात का 129वां एपिसोड भारत की आत्मा की आवाज बनकर उभरा, जिसमें अतीत का सम्मान, वर्तमान का आत्मविश्लेषण और भविष्य का आत्मविश्वासी संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।</div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164707/celebration-of-achievements-in-mann-ki-baat-call-for-introspection</link>
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                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 20:13:11 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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            <item>
                <title>Lakhpati Didi Yojana: सरकार महिलाओं को दे रही 5 लाख रुपये, ऐसे उठाएं लाभ </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>Lakhpati Didi Yojana:</strong>  केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई हुई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी एक योजना शुरू की है। योजना का नाम है लखपति दीदी योजना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी भी कई बार योजना का जिक्र कर चुके हैं। ये स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम है।</p>
<p><strong>इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ</strong></p>
<p>योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार में बढ़ावा दिया जाता है। महिलाओं को योजना की मदद से बिजनेस शुरू</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164477/lakhpati-didi-yojana-government-is-giving-5-lakh-rupees-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/lakhpati-didi-yojana.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lakhpati Didi Yojana:</strong> केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई हुई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी एक योजना शुरू की है। योजना का नाम है लखपति दीदी योजना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी भी कई बार योजना का जिक्र कर चुके हैं। ये स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम है।</p>
<p><strong>इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ</strong></p>
<p>योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार में बढ़ावा दिया जाता है। महिलाओं को योजना की मदद से बिजनेस शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। खास बात है कि आपको ये रकम बिना किसी इंटरेस्ट के दी जाती है।</p>
<p>योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ पात्रताएं तय की हैं। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा, जिनकी उम्र 18 साल से लेकर 50 साल के बीच है। खास बात है कि लाभ लेने वाली महिला के घर का कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।</p>
<p>योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। महिला का योजना का लाभ लेने के लिए किसी स्वंय सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य है। इसके बाद ही महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।</p>
<p><strong>इन दस्तावेजों की होगी जरूरत</strong></p>
<p>योजना में आवेदन करने के लिए महिला को सबसे पहले किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होगा। इसके बाद अपने क्षेत्रीय स्वयं सहायता समूह के दफ्तर में महिला को अपना बिजनेस प्लान और अहम दस्तावेज शेयर करना होगा।</p>
<p>अहम दस्तावेजों की बात की जाए तो पैन कार्ड, आधार कार्ड, इनकम प्रूफ, मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। पूरी प्रक्रिया होने के बाद महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए लोन दे दिया जाएगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164477/lakhpati-didi-yojana-government-is-giving-5-lakh-rupees-to</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Dec 2025 16:58:56 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
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                <title>असम से बंगाल तक मोदी का आक्रामक संदेश घुसपैठ, विकास और सुशासन पर सियासी प्रहार</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पश्चिम बंगाल के अपने हालिया कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखा। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस की दशकों पुरानी गलतियों को सुधारने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने असम के साथ हमेशा असम विरोधी रवैया अपनाया और वोटबैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को खुली छूट दी, जिसके चलते राज्य की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बदलाव ने न</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163954/modis-aggressive-message-from-assam-to-bengal-political-attack-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/004.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पश्चिम बंगाल के अपने हालिया कार्यक्रमों के दौरान कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए घुसपैठ, भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दों को केंद्र में रखा। गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे कांग्रेस की दशकों पुरानी गलतियों को सुधारने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि कांग्रेस ने असम के साथ हमेशा असम विरोधी रवैया अपनाया और वोटबैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को खुली छूट दी, जिसके चलते राज्य की डेमोग्राफी में बड़ा बदलाव आया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बदलाव ने न सिर्फ असम की सांस्कृतिक पहचान को खतरे में डाला है, बल्कि राज्य की आंतरिक सुरक्षा भी दांव पर लग गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोदी ने अपने भाषण में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर असम के संसाधनों का उपयोग करते हुए अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इसे डबल इंजन सरकार का उदाहरण बताया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के तालमेल से असम में विकास की एक नई धारा बह रही है। उनका दावा था कि आज असम में बिना पर्ची और बिना खर्ची के युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं, जो पहले की सरकारों में केवल एक सपना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुवाहाटी में प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई। गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक इमारत नहीं, बल्कि असम की बढ़ती आर्थिक क्षमता और कनेक्टिविटी का प्रतीक है। मोदी ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से कटे रहने का शिकार रहा, लेकिन अब असम भारत के एक महत्वपूर्ण गेटवे के रूप में उभर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर हवाई, सड़क और रेल कनेक्टिविटी से न सिर्फ व्यापार बढ़ेगा, बल्कि पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि उसके एजेंडे में असम का विकास कभी प्राथमिकता में नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक असम को कमजोर बनाए रखने की राजनीति की, ताकि उसकी सीमाओं की समस्याएं और सामाजिक तनाव बने रहें। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार असम को कमजोर नहीं, बल्कि सशक्त बनाना चाहती है, ताकि राज्य न सिर्फ अपनी पहचान बचा सके, बल्कि देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के बाद प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे। कोलकाता पहुंचने के बाद उन्होंने रानाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम को फोन के जरिए वर्चुअली संबोधित किया। अपने संबोधन में मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत होगा कि पश्चिम बंगाल में विकास के लिए पैसों की कमी है। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने राज्य को विकास के लिए पर्याप्त संसाधन दिए हैं, लेकिन समस्या यह है कि राज्य सरकार काम करना ही नहीं चाहती, क्योंकि वह कट और कमीशन की राजनीति में उलझी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों को बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां भाजपा की सरकार है, वहां विकास की रफ्तार तेज है, जबकि पश्चिम बंगाल विकास के मामले में त्रिपुरा से भी पिछड़ता जा रहा है। उनका कहना था कि यह फर्क सिर्फ नीतियों और नीयत का है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे भाजपा को एक मौका दें। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से परेशान हो चुके हैं और अब बदलाव चाहते हैं। मोदी ने कहा कि भाजपा का मॉडल विकास, पारदर्शिता और सुशासन पर आधारित है, जिसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं बिना किसी भेदभाव के सीधे जनता तक पहुंच रही हैं, लेकिन राज्य सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण उनका पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने पूरे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का भाषण राष्ट्रवाद, सुरक्षा और विकास के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमता रहा। उन्होंने असम में बदलती डेमोग्राफी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी राज्य की पहचान और जनसंख्या संरचना पर संकट आता है, तो उसका असर पूरे देश पर पड़ता है। मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगी और घुसपैठ के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीरों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार शहीदों के परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और देश की सीमाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक स्थिरता के बिना विकास संभव नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के इन बयानों को आगामी चुनावों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। असम और पश्चिम बंगाल दोनों ही राज्यों में घुसपैठ, पहचान और विकास जैसे मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहे हैं। मोदी ने इन मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए विपक्ष पर सीधा हमला किया और खुद को सुधारक और विकास के वाहक के रूप में प्रस्तुत किया। उनके भाषणों से यह संदेश साफ था कि भाजपा आने वाले समय में इन राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंकने वाली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर, असम से बंगाल तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक सशक्त राजनीतिक संदेश भी था। उन्होंने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए खुद को घुसपैठ के खिलाफ सख्त, विकास के प्रति प्रतिबद्ध और सुशासन का पक्षधर नेता के रूप में पेश किया। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मोदी के इन आक्रामक बयानों और विकास के दावों का असर जमीनी राजनीति और मतदाताओं के फैसले पर किस तरह पड़ता है।</div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 17:48:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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            <item>
                <title>नेतन्याहू से मुलाकात के बाद जयशंकर का कड़ा संदेश, आतंकवाद पर भारत–इज़राइल एकजुट</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>International Desk </strong></p>
<p>यरूशलम। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इज़राइल की आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदी समुदाय पर हुए आतंकी हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।</p>
<p>मुलाकात के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेतन्याहू को शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने तकनीक, अर्थव्यवस्था, कौशल एवं प्रतिभा विकास, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163519/jaishankars-strong-message-after-meeting-netanyahu-india-israel-united-on-terrorism"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/s.-jaishankar.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International Desk </strong></p>
<p>यरूशलम। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इज़राइल की आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदी समुदाय पर हुए आतंकी हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।</p>
<p>मुलाकात के बाद डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेतन्याहू को शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने तकनीक, अर्थव्यवस्था, कौशल एवं प्रतिभा विकास, कनेक्टिविटी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p>विदेश मंत्री जयशंकर ने सिडनी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत और इज़राइल आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में भारत इज़राइल के साथ खड़ा है। इस बयान को आतंकवाद के विरुद्ध दोनों देशों की साझा रणनीति और प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p>इसी बीच, सिडनी हमले को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में यहूदी समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि दुनिया के सभी देशों को कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद को समर्थन देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।</p>
<p>गौरतलब है कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम देशों की यात्रा पर हैं, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री जयशंकर की इज़राइल यात्रा भारत की संतुलित और सक्रिय कूटनीति को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटनाक्रम वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट नीति और मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग को रेखांकित करता है।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163519/jaishankars-strong-message-after-meeting-netanyahu-india-israel-united-on-terrorism</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 17:40:11 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Lakhpati Didi Yojana: सरकार महिलाओं को दे रही 5 लाख रुपये, ऐसे उठाएं लाभ </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>Lakhpati Didi Yojana:</strong>  केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई हुई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी एक योजना शुरू की है। योजना का नाम है लखपति दीदी योजना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी भी कई बार योजना का जिक्र कर चुके हैं। ये स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम है।</p>
<p><strong>इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ</strong></p>
<p>योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार में बढ़ावा दिया जाता है। महिलाओं को योजना की मदद से बिजनेस शुरू</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163342/lakhpati-didi-yojana-government-is-giving-5-lakh-rupees-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/news---2025-11-06t215142.488.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Lakhpati Didi Yojana:</strong> केंद्र सरकार ने देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाई हुई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।</p>
<p>केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी एक योजना शुरू की है। योजना का नाम है लखपति दीदी योजना। देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी भी कई बार योजना का जिक्र कर चुके हैं। ये स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम है।</p>
<p><strong>इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ</strong></p>
<p>योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार में बढ़ावा दिया जाता है। महिलाओं को योजना की मदद से बिजनेस शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। खास बात है कि आपको ये रकम बिना किसी इंटरेस्ट के दी जाती है।</p>
<p>योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ पात्रताएं तय की हैं। योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को दिया जाएगा, जिनकी उम्र 18 साल से लेकर 50 साल के बीच है। खास बात है कि लाभ लेने वाली महिला के घर का कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।</p>
<p>योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। महिला का योजना का लाभ लेने के लिए किसी स्वंय सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य है। इसके बाद ही महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।</p>
<p><strong>इन दस्तावेजों की होगी जरूरत</strong></p>
<p>योजना में आवेदन करने के लिए महिला को सबसे पहले किसी स्वयं सहायता समूह से जुड़ना होगा। इसके बाद अपने क्षेत्रीय स्वयं सहायता समूह के दफ्तर में महिला को अपना बिजनेस प्लान और अहम दस्तावेज शेयर करना होगा।</p>
<p>अहम दस्तावेजों की बात की जाए तो पैन कार्ड, आधार कार्ड, इनकम प्रूफ, मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। पूरी प्रक्रिया होने के बाद महिलाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए लोन दे दिया जाएगा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163342/lakhpati-didi-yojana-government-is-giving-5-lakh-rupees-to</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Dec 2025 20:12:00 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल पर भारत के सख़्त रुख से भड़का चीन, तकनीकी व निवेश सहयोग पर लगाने लगा ब्रेक</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारत और चीन के बीच संबंध एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक भारतीय महिला को शंघाई हवाई अड्डे पर “अवैध पासपोर्ट” के आरोप में रोकने की घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद बीजिंग के तेवर और भी सख्त दिखाई देने लगे हैं। इसका सीधा असर दोनों देशों के आर्थिक सहयोग, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है।</p>
<h3><strong>शंघाई एयरपोर्ट पर रोक ने बढ़ाया विवाद</strong></h3>
<p>अरुणाचल प्रदेश की नागरिक पेमा वांगजोम थोंगडोक को 18 घंटे तक शंघाई एयरपोर्ट पर रोकना चीन के पुराने</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161782/china-enraged-by-indias-tough-stance-on-arunachal-started-putting"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/अरुणाचल-पर-भारत-के-सख़्त-रुख-से-भड़का-चीन,-तकनीकी-व-निवेश-सहयोग-पर-लगाने-लगा-ब्रेक.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारत और चीन के बीच संबंध एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गए हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक भारतीय महिला को शंघाई हवाई अड्डे पर “अवैध पासपोर्ट” के आरोप में रोकने की घटना के बाद भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद बीजिंग के तेवर और भी सख्त दिखाई देने लगे हैं। इसका सीधा असर दोनों देशों के आर्थिक सहयोग, खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है।</p>
<h3><strong>शंघाई एयरपोर्ट पर रोक ने बढ़ाया विवाद</strong></h3>
<p>अरुणाचल प्रदेश की नागरिक पेमा वांगजोम थोंगडोक को 18 घंटे तक शंघाई एयरपोर्ट पर रोकना चीन के पुराने दावे—अरुणाचल को “दक्षिण तिब्बत” बताने—की एक और झलक माना जा रहा है। भारत ने घटना को अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा नियमों और चीन के अपने नियमों का उल्लंघन बताया है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि <em>अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और चीन की किसी भी टिप्पणी से यह तथ्य बदलने वाला नहीं है।</em> भारत की यह तीखी प्रतिक्रिया बीजिंग को साफ संदेश देती है कि नागरिकों की वैध पहचान पर सवाल किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।</p>
<p>इसके विपरीत, चीन ने न तो हिरासत मानने को तैयार हुआ और न ही अपने विवादित दावे से पीछे हटा। विशेषज्ञों का मानना है कि पासपोर्ट संबंधी इन निर्देशों का मकसद अपने भू-राजनीतिक दावों को व्यावहारिक स्तर पर लागू करना है।</p>
<hr />
<h3><strong>भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की राह में चीन का अड़ंगा</strong></h3>
<p>तनाव केवल कूटनीतिक नहीं है; इसका असर आर्थिक सहयोग पर भी दिख रहा है। भारतीय कंपनियों की चीन से तकनीकी साझेदारी और निवेश के कई प्रस्ताव अटके पड़े हैं।</p>
<p><strong>निम्नलिखित प्रोजेक्ट महीनों से रुके हुए हैं—</strong></p>
<ul>
<li>
<p><strong>PG Electroplast</strong> की तकनीकी साझेदारी</p>
</li>
<li>
<p><strong>Hisense</strong> द्वारा भारतीय यूनिट में 26% हिस्सेदारी लेने की योजना</p>
</li>
<li>
<p><strong>Bharti Group</strong> का <strong>Haier India</strong> में 49% अधिग्रहण</p>
</li>
</ul>
<p>चीन इन प्रोजेक्ट्स पर कड़ा मूल्यांकन इसलिए कर रहा है क्योंकि 2020 की सीमा झड़पों के बाद भारत ने <em>Press Note 3</em> लागू किया था, जिसके तहत पड़ोसी देशों के निवेश पर सरकारी मंजूरी अनिवार्य है। बीजिंग इसे राजनीतिक संदेश के रूप में देखता है और अब वही सख्ती भारत के लिए अपना रहा है।</p>
<p>परिणामस्वरूप भारतीय उद्योग दोहरी मुश्किल में है—<br />एक ओर भारतीय निर्माण (Manufacturing) और वैल्यू एडिशन बढ़ाने के लिए चीन की तकनीक और मशीनरी आवश्यक है, दूसरी ओर चीन की मंजूरियों में अनिश्चितता बढ़ गई है।</p>
<hr />
<h3><strong>तनाव का बड़ा अर्थ—संबंधों में 'विश्वसनीयता' की कमी</strong></h3>
<p>ताज़ा घटनाक्रम यह स्पष्ट करता है कि भारत-चीन संबंधों में सुधार केवल बातचीत या आर्थिक प्रलोभनों से नहीं हो सकता। संप्रभुता, सुरक्षा, और राजनीतिक दावे हमेशा प्रमुख भूमिका निभाते हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों का मत है कि—</p>
<ul>
<li>
<p>भारत को हर ऐसे मामले को <strong>ICAO, IATA और वैश्विक मंचों</strong> पर उठाना चाहिए।</p>
</li>
<li>
<p>चीन द्वारा तकनीकी सहयोग में देरी भारत के लिए अपना <strong>स्थानीय टेक इकोसिस्टम मजबूत करने का अवसर</strong> भी है।</p>
</li>
<li>
<p>PLI स्कीम और R&amp;D निवेश को अब रणनीतिक प्राथमिकता देनी होगी।</p>
</li>
<li>
<p>कूटनीति जारी रहे, लेकिन स्पष्ट <em>लाल रेखाओं</em> के साथ।</p>
</li>
</ul>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 18:10:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में आज पहुंचेगे PM मोदी, इन कार्यक्रमों में होंगे शामिल</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf1">Haryana News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 25 नवंबर को एक बार फिर हरियाणा दौरे पर रहेंगे। यह उनका 15वां हरियाणा दौरा और कुरुक्षेत्र का छठा दौरा होगा। </span><span class="cf2">PM </span><span class="cf1">मोदी दोपहर 3:55 बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे और यहां कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">ज्योतिसर</span><span class="cf1"> अनुभव केंद्र और </span><span class="cf1">पंचजन्य</span><span class="cf1"> शंख स्मारक का </span><span class="cf1">लोकार्पण</span></strong></p>
<p><span class="cf1">कुरुक्षेत्र पहुंचते ही प्रधानमंत्री सबसे पहले </span><span class="cf1">ज्योतिसर</span><span class="cf1"> अनुभव केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे </span><span class="cf1">पंचजन्य</span><span class="cf1"> शंख स्मारक का भी शुभारंभ करेंगे। दोनों परियोजनाएं कुरुक्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">गुरु तेग बहादुर जी के</span></strong></p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161609/haryana-pm-modi-will-reach-haryana-today-and-will-participate"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/pm-modi.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf1">Haryana News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 25 नवंबर को एक बार फिर हरियाणा दौरे पर रहेंगे। यह उनका 15वां हरियाणा दौरा और कुरुक्षेत्र का छठा दौरा होगा। </span><span class="cf2">PM </span><span class="cf1">मोदी दोपहर 3:55 बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे और यहां कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">ज्योतिसर</span><span class="cf1"> अनुभव केंद्र और </span><span class="cf1">पंचजन्य</span><span class="cf1"> शंख स्मारक का </span><span class="cf1">लोकार्पण</span></strong></p>
<p><span class="cf1">कुरुक्षेत्र पहुंचते ही प्रधानमंत्री सबसे पहले </span><span class="cf1">ज्योतिसर</span><span class="cf1"> अनुभव केंद्र का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे </span><span class="cf1">पंचजन्य</span><span class="cf1"> शंख स्मारक का भी शुभारंभ करेंगे। दोनों परियोजनाएं कुरुक्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को विश्व स्तर पर स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस समागम में होंगे शामिल</span></strong></p>
<p><span class="cf1">इसके बाद </span><span class="cf2">PM </span><span class="cf1">मोदी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के समागम कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहेंगे।</span> <span class="cf1">इस दौरान प्रधानमंत्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी करेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">इंटरनेशनल गीता जयंती महोत्सव और संध्या आरती</span></strong></p>
<p><span class="cf1">अपने दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री इंटरनेशनल गीता जयंती महोत्सव में शामिल होंगे। यहां </span><span class="cf1">वे</span> <span class="cf1">ब्रह्मसरोवर</span><span class="cf1"> पर </span><span class="cf1">संध्याकालीन</span><span class="cf1"> आरती में हिस्सा लेंगे।</span> <span class="cf1">कुल मिलाकर प्रधानमंत्री लगभग ढाई घंटे कुरुक्षेत्र में रुकेंगे।</span></p>
<p><strong><span class="cf1">अयोध्या से कुरुक्षेत्र के लिए विशेष यात्रा</span></strong></p>
<p><span class="cf2">PM </span><span class="cf1">नरेंद्र मोदी अयोध्या से </span><span class="cf1">अंबाला</span> <span class="cf1">एयरफोर्स</span><span class="cf1"> स्टेशन तक विशेष विमान से आएंगे।</span> <span class="cf1">यहां से वे हेलिकॉप्टर द्वारा कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे।</span> <span class="cf1">सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ </span><span class="cf2">UP </span><span class="cf1">के मुख्यमंत्री योगी </span><span class="cf1">आदित्यनाथ</span><span class="cf1"> भी आ सकते हैं।</span> <span class="cf1">वापसी में </span><span class="cf2">PM </span><span class="cf1">मोदी सड़क मार्ग से फिर </span><span class="cf1">अंबाला</span> <span class="cf1">एयरफोर्स</span><span class="cf1"> स्टेशन जाएंगे और वहां से दिल्ली लौटेंगे।</span></p>
<p></p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161609/haryana-pm-modi-will-reach-haryana-today-and-will-participate</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Nov 2025 10:22:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Sandeep Kumar ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता: प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<h3 style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बदलते स्वरूप को देखते हुए अब बदलाव "विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता" बन चुका है। वह रविवार को आयोजित <strong>इब्सा (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) नेताओं के शिखर सम्मेलन</strong> को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया कई हिस्सों में विभाजित और अस्थिर दिखाई देती है, इब्सा देशों के बीच मजबूत सहयोग वैश्विक स्तर पर <strong>एकता, साझेदारी और मानवता</strong> का संदेश दे सकता है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति <strong>सिरिल</strong></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161397/reform-of-un-security-council-is-no-longer-an-option"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/संयुक्त-राष्ट्र-सुरक्षा-परिषद-में-सुधार-अब-विकल्प-नहीं,-बल्कि-अनिवार्यता--प्रधानमंत्री-मोदी.jpg" alt=""></a><br /><h3 style="text-align:justify;"><strong>International Desk </strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बदलते स्वरूप को देखते हुए अब बदलाव "विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता" बन चुका है। वह रविवार को आयोजित <strong>इब्सा (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) नेताओं के शिखर सम्मेलन</strong> को संबोधित कर रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया कई हिस्सों में विभाजित और अस्थिर दिखाई देती है, इब्सा देशों के बीच मजबूत सहयोग वैश्विक स्तर पर <strong>एकता, साझेदारी और मानवता</strong> का संदेश दे सकता है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति <strong>सिरिल रामफोसा</strong> और ब्राजील के राष्ट्रपति <strong>लूला दा सिल्वा</strong> को संबोधित करते हुए सुरक्षा ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु <strong>इब्सा एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) स्तरीय बैठक</strong> को संस्थागत रूप देने का सुझाव दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा:</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B7%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%85%E0%A4%AC-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%AA-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82,-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A4%BF-%E0%A4%85%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80.jpg" alt="संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता- प्रधानमंत्री मोदी" width="300" height="168"></img></strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>“आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमें घनिष्ठ समन्वय के साथ आगे बढ़ना होगा। इतने गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।”</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मोदी ने प्रौद्योगिकी को मानव-केंद्रित विकास का प्रमुख आधार बताते हुए डिजिटल सहयोग बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने सुझाव दिया कि इब्सा देशों के बीच:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<p><strong>यूपीआई जैसे डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर</strong>,</p>
</li>
<li>
<p><strong>कोविन जैसे स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म</strong>,</p>
</li>
<li>
<p><strong>साइबर सुरक्षा ढांचे</strong>,</p>
</li>
<li>
<p>और <strong>महिलाओं द्वारा संचालित तकनीकी पहलों</strong></p>
</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">को साझा करने और विकसित करने के लिए <strong>“इब्सा डिजिटल इनोवेशन एलायंस”</strong> का गठन किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">इब्सा समूह का लक्ष्य दक्षिण-दक्षिण सहयोग को बढ़ावा देना, वैश्विक शासन तंत्र में सुधार सुनिश्चित करना और विकासशील देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, UNSC सुधार को लेकर तीनों देशों की समान सोच भविष्य में वैश्विक मंच पर बड़ा दबाव बना सकती है।</p>]]>
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                                                            <category>WORLD NEWS</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 17:43:24 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार के बाद 2026 में होने वाले पांच राज्यो के चुनाव पर राजनैतिक दलों का फोकस,भाजपा बिहार का फॉर्मूला दोहराएगी?</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div>2026 का विधानसभा चुनाव भाजपा  के लिए एक अहम मोड़ हो सकता है, खासकर उन राज्यों में जहाँ उसकी राजनीतिक पकड़ अभी मजबूत नहीं है। तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी। जबकि असम में भाजपा पहले से सत्ता में है, वहां के चुनावों में भी यह पहचान और अवैध प्रवासन  का मुद्दा मुख्य चुनावी हथियार बन सकता है। भाजपा के लिए इन राज्यों में घुसपैठ और तुष्टिकरण  के मुद्दे राष्ट्रीय-सांस्कृतिक राजनीति  के सहारे वोट हासिल करने की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकते हैं। असम में अवैध प्रवासन का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है।  असम की प्रदेश सरकार</div>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160814/after-bihar-political-parties-focus-on-the-elections-of-five"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/भाजपा-बिहार-का-फॉर्मूला-दोहराएगी.webp" alt=""></a><br /><div>2026 का विधानसभा चुनाव भाजपा  के लिए एक अहम मोड़ हो सकता है, खासकर उन राज्यों में जहाँ उसकी राजनीतिक पकड़ अभी मजबूत नहीं है। तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी। जबकि असम में भाजपा पहले से सत्ता में है, वहां के चुनावों में भी यह पहचान और अवैध प्रवासन  का मुद्दा मुख्य चुनावी हथियार बन सकता है। भाजपा के लिए इन राज्यों में घुसपैठ और तुष्टिकरण  के मुद्दे राष्ट्रीय-सांस्कृतिक राजनीति  के सहारे वोट हासिल करने की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकते हैं। असम में अवैध प्रवासन का मुद्दा लंबे समय से संवेदनशील रहा है।  असम की प्रदेश सरकार ने एक्ट 1950 को सक्रिय रूप से लागू करने की घोषणा की है, ताकि विदेशी लोगों की पहचान और उन्हें वापस भेजा जा सके। </div>
<div> </div>
<div>मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि अब वे विदेशी पहचान किए गए लोगों को तुरंत वापस भेजने की प्रक्रिया को तेज करेंगे, और इसके लिए विदेशी ट्रिब्यूनल  पर निर्भरता कम करेंगे। इसके अलावा, असम सरकार ने ऐडहार  कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है ताकि अवैध प्रवासियों को पहचानना आसान हो सके। उदाहरण के लिए, वयस्कों के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को ही नए आधार बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।  सुप्रीम कोर्ट ने सेक्शन 6A के संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है, जिसे भाजपा ने मजबूती से स्वीकार किया है और अवैध प्रवासन को रोकने की नीति को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षी दल इस प्रवासन नीति को गलत तरीके से पेश करके लोगों में डर फैला रहे हैं। भाजपा की चुनावी रणनीति विशिष्ट और सबसे अलग रही है।</div>
<div> </div>
<div>घुसपैठ भाजपा असम में घुसपैठ के मुद्दे को अपनी मुख्य चुनावी लड़ाई बनाएगी। यह तर्क देगा कि अवैध प्रवासियों का हमला असम की पहचान, संसाधन और सामाजिक संरचना को खतरे में डाल रहा है। यह संदेश स्थानीय मतदाताओं विशेष रूप से असम के मूल निवासियों में सुरक्षा और अस्तित्व की चिंता को भुनाने में कारगर होगा। तुष्टिकरण और सांस्कृतिक पहचान का भी आधार लिया जा सकता है। भाजपा यह दिखाने की कोशिश करेगी कि कुछ विपक्षी दल अवैध प्रवासियों को वोट बैंक के रूप में प्रयोग कर रहे हैं, और इससे असम की सांस्कृतिक और भाषायी पहचान कमजोर हो रही है। यह तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाकर स्थानीय भावनाओं को गहरा कर सकता है।</div>
<div> </div>
<div>नागरिकता और गवर्नेंस भी अहम होगा। भाजपा यह दावा कर सकती है कि वह शासन में सिर्फ रूपक राजनीति नहीं करती, बल्कि कार्रवाई भी करती है । ट्रिब्यूनल को बायपास करना, त्वरित निर्वासन आदेश, और पहचान दस्तावेजों की कड़ी जाँच जैसे कदम यह दिखाते हैं कि पार्टी प्रवासन के मुद्दों को हल करने के लिए गंभीर है।</div>
<div>वोट मैनेजमेंट और पहचान राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटक रहे है।भाजपा इसमे माहिर है।भाजपा की रणनीति संभवत अलग दिखाई दे सकती है। पहचान-राजनीति  और स्थानीय सांस्कृतिक सुरक्षा पर आधारित होगी। असम बचाओ  जैसा नारा स्थानीय असमियों को यह विश्वास दिला सकता है कि भाजपा उनकी आवाज़ है, जो न सिर्फ़ सुरक्षा की गारंटी दे सकती है, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय पहचान को सुरक्षित रखेगी।</div>
<div> </div>
<div>निर्वासन की तेज़ प्रक्रिया, आधार सख्ती और ट्रिब्यूनल बायपास जैसीनीतियामानवाधिकारवादियों और विपक्ष द्वारा चुनौती को न्योता दे सकती हैं। इससे भाजपा पर बलपूर्वक निष्कासन  का आरोप लग सकता है। संवैधानिक और न्यायिक समीक्षा बहुत आवश्यक है। सुप्रीम कोर्ट और अन्य न्यायालयों में इस नीति की समीक्षा जारी रह सकती है। खासकर यदि यह प्रक्रियाएँ संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करती हों।</div>
<div> अगर भाजपा इस मुद्दे को बहुत कठोर रूप में पेश करती है, तो उसे मुस्लिम और अन्य प्रवासी-वंशीय समूहों में संघर्ष और असंतोष का सामना करना पड़ सकता है, जो मतदान में उसकी प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर सकता है।सिर्फ पहचान राजनीति पर्याप्त नहीं हो सकती। स्थानीय मतदाता यह भी देखेंगे कि भाजपा विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण में क्या योगदान दे रही है। यदि भाजपा सिर्फ डर की राजनीति करती दिखे, तो उसका फायदा सीमित हो सकता है।भाजपा पश्चिम बंगाल में पहले से ही एक प्रमुख विपक्षी दल है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस  की पैठ बहुत मजबूत है।</div>
<div> </div>
<div>आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान के मुद्दे बंगाल में परस्पर जुड़े हुए हैं, और प्रवासन का मुद्दा भी यहाँ जटिल है क्योंकि यह जुड़ा हुआ है बंगाली भाषा, धर्म और पहचान के इतिहास से।भाजपा का संभावित चुनावी संदेश</div>
<div>तुष्टिकरण का आरोप हो सकता है।भाजपा पश्चिम बंगाल में यह दावा कर सकती है कि टीएमसी ने  तुष्टिकरण की राजनीति कर मुस्लिम आबादी को विशेष लाभ दिया है। यह तर्क उन हिस्सों में काम कर सकता है जहाँ हिंदू मतदाता को यह डर हो सकता है कि उनकी सांस्कृतिक प्राथमिकता और संसाधन पीछे छूट रहे हैं।भाजपा यह कह सकती है कि पश्चिम बंगाल को एक पहचान संकट का सामना करना पड़ रहा है, और स्थानीय संस्कृति और संसाधनों की रक्षा करना जरूरी है।अमित शाह जैसे शीर्ष नेतृत्व ने पहले ही टीएमसी की भ्रष्टाचार की सूची का ज़िक्र किया है। </div>
<div>चुनाव में भाजपा यह संदेश दे सकती है कि टीएमसी सिर्फ सांप्रदायिक वोट बैंक के लिए सत्ता में बनी हुई है, जबकि भाजपा बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता लाएगी। भाजपा और NDA गठबंधन पश्चिम बंगाल में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश करेंगे, और केंद्र-राज्य विकास व संसाधन वितरण को एक बड़ा मुद्दा बना सकते हैं, यह दिखाते हुए कि भाजपा-गठबंधन ही राज्य में स्थिरता और विकास ला सकता है।टीएमसी का संगठन और बूथ स्तर पर नेटवर्क बेहद मजबूत है, और वह सांस्कृतिक-पहचान के मुद्दों पर भाजपा की चुनौती का सामना कर सकती है। अगर भाजपा का तुष्टिकरण मुद्दा बहुत जोर से  सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की तरफ जाता है, तो यह हिंसा, सामाजिक तनाव, और पश्चिम बंगाल के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हानिकारक हो सकता है।</div>
<div> </div>
<div>केवल पहचान-राजनीति वोटरों को नहीं बांधेगी।उन्हें यह विश्वास भी चाहिए कि भाजपा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और विकास में काम कर सकती है।मतदाता सूची और  एसआईआर का ममता विरोध कर रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले वोटर सूची  की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया विवाद का विषय बन सकती है।  यदि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण या असमान देखी जाए, तो भाजपा को प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ सकता है।</div>
<div> </div>
<div>तमिलनाडु में राज्य राजनीति पर निवासी पहचान और द्रविड़ ‎सत्ता संरचना का महत्वपूर्ण प्रभाव है।भाजपा की स्थिति तमिलनाडु में पारंपरिक रूप से कमजोर रही है, लेकिन उसने AIADMK जैसे स्थानीय दलों के साथ गठबंधन किया है। केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही 2026 में NDA-गठबंधन द्वारा तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा किया है। अमित शाह ने भ्रष्टाचार ख़ासकर रेत खनन घोटाला और द्रविड़ सरकार की विफलताओं पर निशाना साधा है। भाजपा तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को भ्रष्टाचार का प्रतीक बना सकती है। अमित शाह ने द्रविड़ सरकार पर खनन घोटाले और अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  भाजपा यह तर्क दे सकती है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तमिलनाडु में विकास को रोक रही नहीं है, बल्कि समर्थन कर रही है, और अगर NDA गठबंधन सत्ता में आए, तो अधिक निवेश और काम आएगा। शाह ने कहा है कि पिछले दशकों में केंद्र ने तमिलनाडु को बहुत बड़ी राशि जारी की है।</div>
<div> </div>
<div>संस्कृति और पहचान खास मुद्दा है। हालांकि घुसपैठ का मुद्दा तमिलनाडु में उतना प्रमुख नहीं हो सकता जितना उत्तर-पूर्वी राज्यों में, लेकिन भाजपा स्थानीय पहचान, धार्मिक और सांस्कृतिक सुरक्षा को हाइलाइट कर सकती है, खासकर अपने हिंदू-राष्ट्रवादी एजेंडे के हिस्से के रूप में। NDA गठबंधन (भाजपा + AIADMK) भाजपा की चुनावी हैसियत को मजबूत कर सकता है, और यह गठबंधन तमिलनाडु में स्थिरता और परिवर्तन का संदेश दे सकता है। आवेदन और गठबंधन दोनों के जरिये, भाजपा स्थानीय शक्ति केंद्रों के साथ मिलकर अपनी पैठ बढ़ा सकती है।</div>
<div>स्थानीय राजनीति की जटिलता बड़ी अहम है। तमिलनाडु की राजनीति बहुत व्यक्तिगत और क्षेत्रीय है। द्रविड़ दलों (DMK, AIADMK) की जड़ें गहरी हैं और पहचान-राजनीति में भाजपा को स्थानीय मुद्दों भाषा, भूमि, संस्कृति पर चतुर रणनीति अपनानी होगी।</div>
<div> एआईएडीएमकेके साथ गठबंधन की कीमत हो सकती है। यदि एआईएडीएमकेअपने स्थानीय वोट बैंक को बेहतर तरीके से आकर्षित कर ले, तो भाजपा की हिस्सेदारी सीमित रह सकती है।</div>
<div>केवल भ्रष्टाचार और पहचान के मुद्दे ही मतदाताओं को नहीं जोड़ सकते।उन्हें रोज़मर्रा की समस्याओं , बेरोज़गारी, शिक्षा, में वास्तविक समाधान चाहिए।</div>
<div> </div>
<div> तमिलनाडु में भाषाई और सांस्कृतिक पहचान बहुत मजबूत है।भाजपा को अपना संदेश स्थानीय भाषा, सांस्कृतिक प्रतीकों और भावनाओं के अनुरूप तैयार करना होगा ताकि वह दूरस्थ केंद्र जैसी छवि से बच सके।केरल में भाजपा की स्थिति अभी बहुत सीमित है। केरल में लेफ्ट लेग और कांग्रेस-मुस्लिम गठबंधन की पकड़ मजबूत रही है।सांप्रदायिक राजनीति के बजाय, लोग अक्सर विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर वोट करते हैं।वोटर सूची (SIR) प्रक्रिया भी केरल में 2026 से पहले चर्चा का विषय हो सकती है। भाजपा केरल में यह दावा कर सकती है कि कुछ पार्टियाँ धार्मिक (मुस्लिम) तुष्टिकरण कर रही हैं, और इससे स्थानीय हिंदू और अन्य समुदायों की सुरक्षा या पहचान कमजोर हो रही है। इससे सांप्रदायिक पहचान का भाव जगाया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>वोटर सूची और मतदाता पहचान का मुद्दा उठाया जा सकता है।भाजपा वोटर सूची (SIR) प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर सकती है, यह तर्क देते हुए कि यह केवल सूची की साफ-सफाई के लिए है, न कि किसी विशेष धर्म या समूह को बाहर करने की मंशा से। भाजपा यह दिखा सकती है कि उसकी राष्ट्रीय और केंद्र सरकार में अनुभव है, और वह बेहतर प्रशासन, केंद्रीय अनुदान और विकास परियोजनाओं को केरल में ला सकती है।स्थानीय विकास एजेंडा पर भी फोकस होगा। भाजपा को यह महत्व देना होगा कि वह केवल पहचान-राजनीति पर निर्भर न हो, बल्कि केरल के मतदाताओं को रोज़मर्रा की उभरती समस्याओं जैसे बेरोजगारी, जनसंख्या वृद्धि, युवा पलायन के लिए व्यावहारिक समाधान दे। केरल में कांग्रेस और लेफ्ट का मजबूत नेटवर्क है। उनकी विचारधारा और राजनैतिक संस्कृति भाजपा की हिंदू-राष्ट्रवादी पहचान के साथ कम अनुकूल हो सकती है।</div>
<div> </div>
<div>धार्मिक और जातिगत विभाजन की सीमाएँ पर ध्यान केंद्रित करना होगा।इस वर्ष से चुनावी तैयारी में लग जाना होगा। केवल तुष्टिकरणका मुद्दा केरल में उतना प्रभाव नहीं कर सकता क्योंकि मतदाता बहुत हद तक विचारधारित और प्रगतिशील हैं।</div>
<div>भाजपा को स्थानीय भाषा मलयालममें सशक्त और संवेदनशील संदेश देना होगा, जो केवल राष्ट्रीय पहचान की राजनीति से आगे जाए और विकास-केन्द्रित एजेंडा पेश करे।</div>
<div> </div>
<div>अगर भाजपा सिर्फ पहचान-राजनीति पर निर्भर करती है और स्थानीय विकास या कल्याण को नजरअंदाज करती है, तो मतदाता इसे असंगत और नकारात्मक करार दे सकते हैं।पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश है।पुडुचेरी में 2026 में विधानसभा चुनाव होंगे ।</div>
<div>इस केंद्र शासित इलाके में भाजपा का संभावित रणनीतिक लाभ हो सकता है क्योंकि यहाँ केंद्र सरकार का प्रभाव अधिक होता है, और स्थानीय प्रशासकीय मुद्दों में भाजपा अपनी राष्ट्रीय शक्ति का दावा कर सकती है।भाजपा सुरक्षा और पहचान मुद्दों के साथ-साथ विकास, पर्यटन, केंद्रीय निवेश और आधारभूत संरचना  को भी चुनावी एजेंडा में रख सकती है।</div>
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<div>पुडुचेरी के मतदाता अपेक्षाकृत छोटे और केंद्र-नियंत्रित प्रशासन के दृष्टिकोण से भाजपा की </div>
<div>स्थिरता व दक्षताकी नीति को समर्थन दे सकते हैं।महत्वपूर्ण धार्मिक या प्रवासन-सम्बन्धित सांप्रदायिक विभाजन के बजाय, स्थानीय विकास, भाषा और बजट वितरण भाजपा के लिए अधिक निर्णायक हो सकते हैं। भाजपा की चुनावी ताकत और रणनीति घुसपैठ और तुष्टिकरण मुद्दा हावी होगा । भाजपा इन राज्यों में अपनी चुनावी रणनीति का एक बड़ा हिस्सा पहचान राजनीति  पर केंद्रित कर सकती है। घुसपैठऔर तुष्टिकरण दो मुद्दे ऐसे हैं जो सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की चिंता को उभारते हैं। ये मुद्दे मतदाताओं में डर, सुरक्षा की भावना और सामूहिक पहचान के संरक्षण की भावना को जगाने में प्रभावी हो सकते हैं। विशेष रूप से असम में, अवैध प्रवासियों के मुद्दे स्थानीय आबादी असमियों की पहचान, संसाधन, भूमि अधिकार के लिए बहुत संवेदनशील हैं।</div>
<div> </div>
<div>भाजपा इस मुद्दे को जनता के असंतोष के स्रोत के रूप में उपयोग कर सकती है और यह संदेश दे सकती है कि वह उनकी पहचान और संसाधन की रक्षा करेगी।भाजपा यह तर्क दे सकती है कि वह सिर्फ राष्ट्रीय नेता नहीं है, बल्कि वह केंद्र और राज्य के बीच संसाधन समन्वय और शासन दक्षता लाने में सक्षम है। यह विकास-और-गवर्नेंस एजेंडा को पहचान-राजनीति के साथ जोड़ने का तरीका हो सकता है। चुनाव संचालन और संगठन की।मजबूती जरूरी है।भाजपा ने पहले से इन राज्यों में संगठन मजबूत करना शुरू कर दिया है।जैसे चुनाव प्रभारी नियुक्त करना , जिससे वह बूथ स्तर पर पहचान-राजनीति को प्रभावी रूप से मैनेज कर सके।</div>
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<div> पहचान-राजनीति जितनी शक्तिशाली है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है। अगर बीजेपी इसे अत्यधिक सांप्रदायिक रूप में पेश करती है, तो यह सामाजिक तनाव, हिंसा और दंगों का कारण बन सकता है। हर राज्य में “घुसपैठ” और “तुष्टिकरण” का मुद्दा समान रूप से असरदार नहीं है। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु और केरल में यह मुद्दा उतना गंभीर मतदाता चिंता नहीं हो सकता जितना असम में है। इसलिए भाजपा को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति तैयार करनी होगी।</div>
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<div>विकास मुद्दों की अनदेखी नही चल सकती है।यदि भाजपा सिर्फ़ पहचान-राजनीति पर जोर दे और विकास और कल्याण की मांगों को अनदेखा करे, तो वह उन मतदाताओं को खो सकती है जो रोज़मर्रा के जीवन सुधार चाहते हैं। निर्वासन, पहचान सत्यापन और आधार सख्ती जैसी नीतियाँ कानूनी चुनौतियों और मानवाधिकार संगठन की आलोचना की दायरा में हो सकती हैं।</div>
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<div>2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा कई राज्यों में “घुसपैठ” और “तुष्टिकरण” मुद्दों को अपने चुनावी प्रचार का केंद्र बना सकती है। विशेष रूप से असम में यह रणनीति बहुत मजबूत आधार पर काम कर सकती है क्योंकि वहां अवैध प्रवासन और पहचान की चिंता गहरी है। पश्चिम बंगाल में भाजपा तुष्टिकरण और पहचान-राजनीति का उपयोग कर टीएमसी को चुनौती दे सकती है। तमिलनाडु में, हालांकि प्रवासन मुद्दा उतना प्रमुख नहीं हो सकता, भाजपा भ्रष्टाचार, गवर्नेंस और स्थानीय पहचान संस्कृति पर जोर देकर चुनावी मैदान में उतरेगी। केरल और पुडुचेरी में भाजपा को अधिक सावधानीपूर्वक रणनीति अपनानी होगी, क्योंकि वहाँ विकास-और-गवर्नेंस मुद्दे पहचान राजनीति जितने असरदार होंगे।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन इस रणनीति में भाजपा को बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा।सामाजिक ध्रुवीकरण का जोखिम, कानूनी विवाद, मानवाधिकार का विरोध, और मतदाताओं की जमीनी उम्मीदों को संतुष्ट करने का दबाव। यदि भाजपा इन मुद्दों को सूझ-बूझ के साथ और स्थानीय संदर्भों के अनुरूप पेश करती है, तो यह उसकी ताकत बन सकती है।अन्यथा, यह उसकी राजनीति के लिए एक खतरनाक खेल भी साबित हो सकती है।</div>
<div>कांतिलाल मांडोत</div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 18:18:19 +0530</pubDate>
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                <title>बिहार का जनादेश प्रधानमंत्री मोदी की साफ नीतियों का परिणाम हे </title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों ने सारे राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को झुठलाते हुए बिहार के विधानसभा के इतिहास मे अब तक का सबसे बडा जनादेश सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को देकर बिहार की जनता ने देश के राजनीतिक दलों को साफ संदेश दे दिया हे कि जात पात से ऊपर उठकर ओर धनबल ओर बाहुबल का भय दिखाए बिना जो राजनीतिक दल अपने नागरिकों के विकास ओर सुरक्षा के हित के कार्य करेगा जनता अब उसे ही अपना जनादेश देगी ओर बिहार कि जनता ने जाती धर्म ओर मजहब के ऊपर उठकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया हे</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160157/bihars-mandate-is-the-result-of-prime-minister-modis-clean"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download4.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों ने सारे राजनीतिक पंडितों के अनुमानों को झुठलाते हुए बिहार के विधानसभा के इतिहास मे अब तक का सबसे बडा जनादेश सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को देकर बिहार की जनता ने देश के राजनीतिक दलों को साफ संदेश दे दिया हे कि जात पात से ऊपर उठकर ओर धनबल ओर बाहुबल का भय दिखाए बिना जो राजनीतिक दल अपने नागरिकों के विकास ओर सुरक्षा के हित के कार्य करेगा जनता अब उसे ही अपना जनादेश देगी ओर बिहार कि जनता ने जाती धर्म ओर मजहब के ऊपर उठकर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया हे कि बिहार सहित देश से अब जात पात के नाम पर जनादेश हासिल कर सरकार बनाने का दोर समाप्त हो गया हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार के सभी वर्ग के लोगों ने खासकर मुस्लिम वर्ग के मतदाताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के विकास ओर सुरक्षा पर साफ नीति देखकर बिहार की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार को अपना जनादेश दिया जो देश के विधानसभा के इतिहास मे एक रिकार्ड बन गया हे जहा विपक्षी महागठबंधन मे शामिल समूचे दलों को अपनी राजनीतिक जमी बचाने के लाले पढ़ गए हे !  243 विधानसभा सीटों वाले बिहार विधान सभा के चुनावों मे भाजपा जेडीयू  के एनडीए गठबंधन को 210 के करीब विधानसभा सीटों पर विजय होना यह दर्शाता हे कि बिहार सहित देश के लोगों की आस्था लोकतंत्र मे उन राजनीतिक दलों के प्रति आज भी व्याप्त हे जो जनहित व राष्ट्रहित के मुद्दे पर कभी समझौता नहीं करते हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बकोल बिहार विधानसभा की जीत सत्तारूढ़ दल के कार्यों का नतीजा माना जाता हे लेकिन इस बार बिहार की जनता ने राज्य सरकार मे भारतीय जनता पार्टी को खुलेमन से जनादेश देकर राज्य कि सबसे बड़ी पार्टी बनाकर राज्य के विकास ओर सुरक्षा का भरोसा जताया हे ! बेशक बिहार के जनमानस पर प्रधानमंत्री मोदी की बातों का ,उनके द्वारा देश के विकास ओर सुरक्षा पर किए जा रहे कार्यों का बहुत घर प्रभाव पड़ा जिसकी परिणिती यह हुई की विपक्षी दल अब तक जिन विशेष जाती धर्मों के लोगों को अपना परंपरागत वोट बेंक मानते आ रहे थे ओर उनके बूते सरकार बनाने का दम भरते थे  उन सभी जाती धर्म के लोगों ने भी प्रधानमंत्री कि बातों पर उनके कार्यों पर विश्वास जताकर पूरे परिवार के साथ इस कदर एनडीए को जनादेश दिया हे कि राजद कांग्रेस सहित महागठबंधन के दलों को यकीन नहीं हो रहा हे !</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इक्कीसवीं सदी के बिहार की जनता ने देश के जात पात की राजनीति करने वाले राजनेताओ को आईना दिखाते हुए स्पष्ट संदेश दिया हे कि बिहार के किसी भी जाती धर्म के मतदाता अब किसी भी दल की बपौती नहीं हे जो उनके इशारों पर चले बल्कि नए बिहार का मतदाता अपने विकास ओर सुरक्षा की गारंटी देने वाले राजनीतिक दलों को ही अपना जनादेश देगी ! बिहार विधानसभा का जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास ओर सुरक्षा का परिणाम हे ! बिहार विधानसभा का जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साफ नीति का परिणाम हे जो देशभर के जनमानस को मोह लेगा ! </div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Nov 2025 17:28:22 +0530</pubDate>
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