<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/23816/government-school" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>government school - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/23816/rss</link>
                <description>government school RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीएम के औचक निरीक्षण में खुली सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था की पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सुपौल। </strong>सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की हकीकत बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार के औचक निरीक्षण में सामने आई। डीएम ने नगर परिषद क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय डपरखा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। मध्य विद्यालय डपरखा में अव्यवस्था और लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय के कई कक्षा-कक्षों में न तो बल्ब मिले और न ही पंखे। बच्चे अंधेरे और भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर थे। विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्षों में भी गंदगी मिली। इस पर डीएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185175/dms-surprise-inspection-exposed-the-education-system-of-government-schools"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260812-wa0185-(1).jpg" alt=""></a><br /><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;"><strong>सुपौल। </strong>सरकारी विद्यालयों में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की हकीकत बुधवार को जिलाधिकारी सावन कुमार के औचक निरीक्षण में सामने आई। डीएम ने नगर परिषद क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय डपरखा और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। मध्य विद्यालय डपरखा में अव्यवस्था और लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय के कई कक्षा-कक्षों में न तो बल्ब मिले और न ही पंखे। बच्चे अंधेरे और भीषण गर्मी में पढ़ने को मजबूर थे। विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्षों में भी गंदगी मिली। इस पर डीएम ने प्रधानाध्यापक को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">गलत आवेदन देकर गायब मिलीं शिक्षिकाएं</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षिकाओं की अनुपस्थिति का मामला भी सामने आया। शिक्षिका पायल कुमारी और इंदु कुमारी विशेष अवकाश का गलत आवेदन देकर विद्यालय से अनुपस्थित मिलीं। वहीं, शिक्षिका सरिता कुमारी काफी दिनों से बिना सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाई गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तीनों शिक्षिकाओं के निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।विकास मद की राशि के हिसाब-किताब में भी गड़बड़ी मिली। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रधानाध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।</p><h3 style="text-align:justify;">मध्याह्न भोजन में भी मिली अनियमितता</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">विद्यालय में मध्याह्न भोजन की जांच के दौरान भी गंभीर अनियमितता सामने आई। उपस्थिति पंजिका में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले काफी कम भोजन पकाया जा रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">कस्तूरबा विद्यालय में शुरू होगी कंप्यूटर कक्षा</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से बातचीत कर विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल कंप्यूटर कक्षा शुरू कराने और विद्यालय में बेहतर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">खाद की कालाबाजारी पर भी कार्रवाई के निर्देश</h3><p class="isSelectedEnd" style="text-align:justify;">निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने अनुमंडल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र में खाद की अधिक कीमत वसूलने की शिकायतों, राशन कार्ड निर्माण, सौर ऊर्जा चालित बत्तियों की प्रगति तथा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।</p><h3 style="text-align:justify;">बोले जिलाधिकारी</h3><p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि गलत आवेदन देकर गायब रहने और अनधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाली तीनों शिक्षिकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी सख्त विभागीय कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अथवा अनियमितता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185175/dms-surprise-inspection-exposed-the-education-system-of-government-schools</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185175/dms-surprise-inspection-exposed-the-education-system-of-government-schools</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 21:21:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260812-wa0185-%281%29.jpg"                         length="108356"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कुबना कम्पोजिट विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड सहित लाखों के डिजिटल उपकरण चोरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)। </strong>कोतवाली क्षेत्र के पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कुबना में अज्ञात चोरों ने विद्यालय के डिजिटल शिक्षण उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। विद्यालय में लगे स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल), मॉनिटर, यूएसबी वेब कैमरा तथा चार ब्लूटूथ हेडसेट चोरी होने के मामले में प्रधानाध्यापिका की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाध्यापिका पूजा सिंह, पत्नी जयनारायण सिंह, वर्तमान में पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कुबना में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 13/14 अप्रैल 2026 की रात अज्ञात चोर विद्यालय का ताला तोड़कर Acer ACTOS</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184600/digital-equipment-worth-lakhs-including-smart-board-stolen-in-kubna"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0449.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)। </strong>कोतवाली क्षेत्र के पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कुबना में अज्ञात चोरों ने विद्यालय के डिजिटल शिक्षण उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। विद्यालय में लगे स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल), मॉनिटर, यूएसबी वेब कैमरा तथा चार ब्लूटूथ हेडसेट चोरी होने के मामले में प्रधानाध्यापिका की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाध्यापिका पूजा सिंह, पत्नी जयनारायण सिंह, वर्तमान में पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय कुबना में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 13/14 अप्रैल 2026 की रात अज्ञात चोर विद्यालय का ताला तोड़कर Acer ACTOS INP स्मार्ट बोर्ड (टीवी पैनल), एक मॉनिटर, एक यूएसबी वेब कैमरा तथा चार ब्लूटूथ हेडसेट चोरी कर ले गए। अगले दिन 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर विद्यालय पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई। काफी खोजबीन के बावजूद उपकरणों का कोई सुराग नहीं लग सका, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने प्रधानाध्यापिका की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश यादव ने बताया कि विद्यालय में हुई चोरी के मामले में तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184600/digital-equipment-worth-lakhs-including-smart-board-stolen-in-kubna</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184600/digital-equipment-worth-lakhs-including-smart-board-stolen-in-kubna</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:26:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260803-wa0449.jpg"                         length="111074"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता डायट सीतापुर बने शैलेन्द्र शुक्ल, शुकुल बाजार में भावभीनी विदाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी/शुकुल बाजार। </strong>विकासखंड शुकुल बाजार के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शैलेन्द्र शुक्ल के पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट सीतापुर नियुक्त होने पर शिक्षकों द्वारा भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसी अवसर पर नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित के प्रथम आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक संघ के पदाधिकारियों तथा विकासखंड के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता कर दोनों अधिकारियों का सम्मान किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह का वातावरण भावुक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी रहा। वक्ताओं ने शैलेन्द्र शुक्ल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शुकुल</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183338/shailendra-shukla-got-promoted-and-became-senior-spokesperson-diet-sitapur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1-3.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी/शुकुल बाजार। </strong>विकासखंड शुकुल बाजार के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शैलेन्द्र शुक्ल के पदोन्नत होकर वरिष्ठ प्रवक्ता, डायट सीतापुर नियुक्त होने पर शिक्षकों द्वारा भावभीना विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसी अवसर पर नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित के प्रथम आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षक संघ के पदाधिकारियों तथा विकासखंड के बड़ी संख्या में शिक्षकों ने सहभागिता कर दोनों अधिकारियों का सम्मान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह का वातावरण भावुक होने के साथ-साथ उत्साहपूर्ण भी रहा। वक्ताओं ने शैलेन्द्र शुक्ल के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शुकुल बाजार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण विकसित करने तथा शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर विभागीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सरल, सौम्य एवं सहयोगात्मक व्यवहार की सभी ने सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अपने संबोधन में शैलेन्द्र शुक्ल ने कहा कि शुकुल बाजार में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा। उन्होंने शिक्षकों द्वारा दिए गए सहयोग और सम्मान के लिए सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करना ही उनका लक्ष्य रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं नवागत खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित का शिक्षकों ने पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण को और सुदृढ़ बनाना तथा शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष शिवकुश पांडे, विक्रमादित्य तिवारी, राहुल पांडे, अनूप तिवारी, अजय तिवारी, संदीप यादवसहित विकासखंड शुकुल बाजार के लगभग सभी शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र भेंट कर शैलेन्द्र शुक्ल को सम्मानपूर्वक विदाई दी तथा नवागत बीईओ राम ललित का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों में उत्साह देखने को मिला। विदाई और स्वागत समारोह ने शिक्षा विभाग की एकजुटता, आपसी समन्वय तथा शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183338/shailendra-shukla-got-promoted-and-became-senior-spokesperson-diet-sitapur</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183338/shailendra-shukla-got-promoted-and-became-senior-spokesperson-diet-sitapur</guid>
                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:33:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1-3.jpg"                         length="148687"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विधायक डाॅ एमपी आर्य के द्वारा किया गया स्कूल चलो अभियान फेज टू रैली का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा में नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्या  की गरिमामय उपस्थित एवं खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार के निर्देशन में स्कूल चलो अभियान के फेज टू का रैली निकाल करके किया गया भव्य शुभारंभ। ब्लॉक कार्यालय क्योलड़िया पर स्कूल चलो अभियान संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय क्योलड़िया एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय क्योलाड़िया के लगभग 200 छात्र एवं छात्राओं तथा 100 से अधिक अध्यापकों के द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाबगंज विधायक  डॉक्टर एमपी आर्य  के द्वारा अध्यापकों छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा गया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182877/school-chalo-campaign-phase-2-rally-inaugurated-by-mla-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/2+2.---------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली /</strong> विकासखंड भदपुरा में नवाबगंज विधायक डॉक्टर एमपी आर्या  की गरिमामय उपस्थित एवं खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार के निर्देशन में स्कूल चलो अभियान के फेज टू का रैली निकाल करके किया गया भव्य शुभारंभ। ब्लॉक कार्यालय क्योलड़िया पर स्कूल चलो अभियान संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय क्योलड़िया एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय क्योलाड़िया के लगभग 200 छात्र एवं छात्राओं तथा 100 से अधिक अध्यापकों के द्वारा जन जागरूकता रैली निकाली गई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवाबगंज विधायक  डॉक्टर एमपी आर्य  के द्वारा अध्यापकों छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा गया कि वर्तमान सरकार में सभी छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ पोषण युक्त भोजन प्रदान किया जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">खंड शिक्षा अधिकारी  विजय कुमार ने बताया कि विकासखंड भदपुरा में प्राथमिकता के आधार पर सभी छात्र-छात्राओं का विद्यालयों में सत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि कोई भी बच्चा प्राथमिक शिक्षा से वंचित न रहे। छात्रों का विद्यालय में अधिकतम ठहराव सुनिश्चित करने हेतु रोचक गतिविधियों, स्मार्ट क्लास एवं स्वयं करके सीखने जैसी नवाचार तकनीकि का उपयोग करके शिक्षण कार्य किया जा रहा है। बारिश के मौसम में संचारी रोगों से बचाव हेतु सभी को जागरूक किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका श्रीमती राखी गंगवार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत भदपुरा प्रधान संघ अध्यक्ष राम प्रताप एवं राजवीर सिंह धर्म वीर ओम बाबू ठाकुर दास इंद्रपाल सिंह धीरेन्द्र अनिल सूरज गंगवार अभिषेक अवधेश सहित सैकड़ो शिक्षकों की गरिमामई उपस्थिति रही ।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182877/school-chalo-campaign-phase-2-rally-inaugurated-by-mla-dr</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182877/school-chalo-campaign-phase-2-rally-inaugurated-by-mla-dr</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:56:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/2%2B2.---------------%E0%A4%85.jpg"                         length="150610"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्कूल चलो अभियान के द्वितीय चरण का शुभारंभ, शिक्षा से जोड़ने का दिया गया संदेश।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260701-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात  </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज, ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषदीय विद्यालयों में अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को कम्पोजिट विद्यालय नया कटरा द्वितीय में "स्कूल चलो अभियान" के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुरेंद्र चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि मनीष कुमार वर्मा रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">एमएलसी सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा देश की प्रगति और समृद्धि का आधार है तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषदीय विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर विकल्प बन चुके हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "स्कूल चलो अभियान" प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन है और सभी से इसे सफल बनाने में सहयोग की अपील की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत किया गया। उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें व स्टेशनरी वितरित की गई। सर्वाधिक उपस्थिति दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों और प्रथम चरण में सर्वाधिक नामांकन कराने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अभियान रैली एवं प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182490/inauguration-of-the-second-phase-of-the-school-chalo-campaign</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:43:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260701-wa0104.jpg"                         length="182148"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो दिन से सरकारी विद्यालय में घायल अवस्था में घूम रहा गाय का बछड़ा, माट साहब का नहीं गया ध्यान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div>  </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div>  </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0098.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के हर्रैया सरकार गौसेवा, शिक्षा और संवेदनशील प्रशासन के लाख दावे करे, लेकिन प्राथमिक विद्यालय मझौवा बाबू की यह तस्वीर उन दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय के जिस कमरे में नौनिहालों को शिक्षा दी जानी चाहिए, उसी कमरे में दो दिन से घायल गौवंश का बछड़ा तड़पता और भटकता रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कमरे में खून के निशान भी दिखाई दिए, लेकिन विद्यालय खुला होने के बावजूद भी माट साहब का ध्यान उस मूक प्राणी की ओर नहीं गया और उसके उपचार की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई।</div>
<div> </div>
<div>गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी विद्यालय का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कक्षाओं में आवारा कुत्तों का घूमना और ब्लैकबोर्ड की लकड़ी जलाकर खाना बनाते हुए दृश्य सामने आए थे। उस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति में कोई ठोस सुधार नहीं दिखा।</div>
<div> </div>
<div>अब एक बार फिर सामने आई यह तस्वीर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक सीमित है? क्या सरकारी दावों की हकीकत यही है</div>
<div> </div>
<div>स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बेसिक शिक्षा अधिकारी और पशुपालन विभाग से तत्काल घायल बछड़े का उपचार कराने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।जब शिक्षा के मंदिर में मानवता घायल हो जाए, तब सवाल सिर्फ एक विद्यालय का नहीं, पूरी व्यवस्था का होता है।"</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182385/maat-saheb-did-not-pay-attention-to-the-cows-calf</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:50:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260630-wa0098.jpg"                         length="19308"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेसिक शिक्षा विभाग की जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[जिलाधिकारी ने विद्यालयों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के तार को हटाये  जाने के दिए निर्देश।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182144/review-meeting-of-district-task-force-of-basic-education-department"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0075.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को संगम सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग से संबंधित जिला टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक मे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने  खण्ड शिक्षा अधिकारी करछना व कोरांव के द्वारा कार्य में लापरवाही बरतने व बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">       बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा बताया गया कि शिक्षा विभाग के द्वारा पैसा जमा करने बावजूद भी 26 विद्यालयों में भवनों के ऊपर से हाइटेंशन तार का अभी तक शिफ्ट करने का कार्य नहीं कराया गया है, इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी एवं चेतावनी देते हुए सम्बंधित अधिशासी अभियंताओं को हाईटेंशन तार के शिफ्ट करने की कार्यवाही को शीघ्रता से सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की घटना घटित होती है, तो सम्बंधित अधिशासी अभियंता की पूर्ण जिम्मेदारी होगी और उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत किया जायेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी तरह से शिक्षा विभाग के द्वारा पैसा जमा करने के बावजूद भी 218 विद्यालयों में विद्युत संयोजन का कार्य अभी तक नहीं कराये जाने पर ने सम्बंधित अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी देते हुए विद्यालयों में विद्युत संयोजन के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण कराये जाने का निर्देश दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने 01 जुलाई से 15 जुलाई तक चलने वाले दूसरे स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराये जाने  कोई भी बच्चा स्कूल जाने से छूटने न पाये। उन्होंने कहा कि कक्षा-5 एवं कक्षा-8 पास होने वाले विद्यार्थियों का क्रमशः कक्षा-6 एवं कक्षा-9 में अनिवार्य रूप से नामांकन सुनिश्चित कराया जाये। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नामांकन की कार्यवाही पोर्टल एप पर अपडेट भी होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने तथा नामांकन एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता न होकर शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाना होना चाहिए। जिलाधिकारी ने नए शैक्षिक सत्र के प्रारंभ होने पर विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन एवं पठन-पाठन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय, मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय-करछना तथा अन्य निर्माणाधीन विद्यालयों के कार्यों के प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था यूपीसिडको को निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय में निर्माण कार्य को पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए है। कायाकल्प योजना के अंतर्गत जिन विद्यालयों में कार्य अभी अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कहा कि जिन कार्यों का निर्माण कार्य शुरू होना है उनके जल्द से जल्द जनपद प्रतिनिधियों से शिलान्यास  करा कर निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने आपरेशन कायाकल्प की समीक्षा करते हुए आपरेशन कायाकल्प के सभी 19 पैरामीटरों के संतृप्तीकरण किए जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने ब्लाकवार आपरेशन कायाकल्प के पैरामीटरों के संतृप्तीकरण की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में फर्नीचर, विद्युतीकरण, दिव्यांग शौचालय, बाउंड्रीवॉल सहित सभी कार्यों को पूर्ण कराये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के साथ-साथ विद्यालयों में छायादार पौधे लगाये जाने के भी निर्देश दिए है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिषदीय विद्यालयों में नवीन नामांकन की समीक्षा करते हुए सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का नवीन नामांकन कराये जाने, पीएम श्री विद्यालयों में नवीन नामांकन में प्रगति लाये जाने तथा कक्षा-8 पास होने वाले छात्रों का कक्षा-9 में प्रवेश अवश्य सुनिश्चित करने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> मध्यान्ह भोजन क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण तथा दिवस वार मीनू व मानक के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए है। उन्होंने निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत निपुण प्लस एप पर फीडिंग कम पाये जाने वाले सम्बंधित खण्ड शिक्षा अधिकारियों को कार्य में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों एवं शैक्षिक नवाचारों से जोड़ते हुए शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला पंचायत राज्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी,  खंड शिक्षा अधिकारीगण, जिला समन्वयकसहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182144/review-meeting-of-district-task-force-of-basic-education-department</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182144/review-meeting-of-district-task-force-of-basic-education-department</guid>
                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 19:33:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260627-wa0075.jpg"                         length="95813"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी विद्यालयों में गिरती शिक्षा की गुणवत्ता: जवाबदेही किसकी ? </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">    शिक्षा का महत्व निर्विवाद है, फिर भी अधिकतर सरकारी विद्यालयों में ‘शिक्षा की गुणवत्ता’, दिन-प्रतिदिन चिन्ताजनक होती जा रही है। यह एक कटु सत्य है कि, ‘‘हमारे देश के अनेक नेता, उच्चाधिकारी और प्रभावशाली लोग अपनी सन्तानों को विदेशों में अच्छी शिक्षा के लिए भेजते हैं या निजी स्तर के महंगे विद्यालयों में दाखिला दिलाते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकारी विद्यालय, जो देश की अधिकांश जनता के लिए शिक्षा प्राप्त करने का प्रमुख साधन हैं, उपेक्षित हैं और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।’’ क्या यह संयोग मात्र है या इसके पीछे हमारी प्रणाली की प्राथमिकताओं और जवाबदेही</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154125/quality-of-declining-education-in-government-schools-accountability"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/unnamed2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">  शिक्षा का महत्व निर्विवाद है, फिर भी अधिकतर सरकारी विद्यालयों में ‘शिक्षा की गुणवत्ता’, दिन-प्रतिदिन चिन्ताजनक होती जा रही है। यह एक कटु सत्य है कि, ‘‘हमारे देश के अनेक नेता, उच्चाधिकारी और प्रभावशाली लोग अपनी सन्तानों को विदेशों में अच्छी शिक्षा के लिए भेजते हैं या निजी स्तर के महंगे विद्यालयों में दाखिला दिलाते हैं। वहीं दूसरी ओर, सरकारी विद्यालय, जो देश की अधिकांश जनता के लिए शिक्षा प्राप्त करने का प्रमुख साधन हैं, उपेक्षित हैं और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।’’ क्या यह संयोग मात्र है या इसके पीछे हमारी प्रणाली की प्राथमिकताओं और जवाबदेही की कमी का गहरा सम्बन्ध है? सवाल यह उठता है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता दिन-प्रतिदिन गिरती जा रही है, इसकी जवाबदेही किसकी है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   प्रथम दृष्टया, सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में कमी के कई कारण हैं। जैसे-बुनियादी ढांचे की कमी, शिक्षकों की अपर्याप्त संख्या, किसी विद्यालय में अगर पर्याप्त संख्या में शिक्षक हैं भी तो वो अपनी जिम्मेदारी निष्ठा से नहीं निभाते, प्रशिक्षण का अभाव, आधुनिक शिक्षण विधियों का उपयोग न होना आदि प्रमुख समस्याएं हैं। इसके अलावा, सरकारी विद्यालयों को नीतिगत उपेक्षा का सामना करना पड़ता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  इसी दरम्यान यह सवाल पनपना जायज है कि, ‘‘जब देश के नीति-निर्माता और प्रभावशाली वर्ग के लोग अपनी सन्तानों को सरकारी विद्यालयों से दूर रखते हैं, तो स्वाभाविक रूप से इन संस्थानों के प्रति उनकी जवाबदेही कम हो जाती है। यदि उनके अपने बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे होते, तो शायद इनकी स्थिति सुधारने के लिए अधिक गम्भीर प्रयास किए जाते।’’</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह स्थिति न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देती है, बल्कि शिक्षा के अधिकार जैसे संवैधानिक वादे को भी कमजोर करती है। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे, समाज के आर्थिक स्तर से कमजोर वर्गों से आते हैं, जिनके लिए निजी स्कूलों में पढ़ना आर्थिक रूप से सम्भव नहीं है। यदि इन विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार नहीं होगा, तो हम एक ऐसी पीढ़ी तैयार करेंगे, जो अवसरों की कमी के कारण पिछड़ जाएगी। यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अन्याय है, बल्कि देश के समग्र विकास के लिए भी हानिकारक है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  इस समस्या का समाधान तभी सम्भव है, जब नीति-निर्माता और समाज का प्रभावशाली वर्ग सरकारी शिक्षा प्रणाली को अपनी प्राथमिकता बनाए। एक सुझाव यह हो सकता है कि सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बच्चों के लिए सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई को अनिवार्य किया जाए। इससे न केवल जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि नीतियों में सुधार के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों में संसाधनों की उपलब्धता और नियमित निगरानी जैसे कदमों को प्राथमिकता देनी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">‘शिक्षा’ किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होती है। यदि हम चाहते हैं कि हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर हो, तो सरकारी विद्यालयों को मजबूत करना होगा। यह तभी सम्भव है, जब हमारी प्रणाली में जवाबदेही और समानता का भाव जागे। नेताओं और उच्चाधिकारियों को यह समझना होगा कि उनकी सन्तानों का भविष्य देश के हर बच्चे के भविष्य से जुड़ा है। सरकारी विद्यालयों को नजरअन्दाज करना, न केवल शिक्षा के क्षेत्र में असमानता को बढ़ावा देता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी बाधित करता है। ऐसी परिस्थितियों में जरूरी यह है कि हम इस दिशा में ठोस और त्वरित कदम उठाएं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार मिले।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154125/quality-of-declining-education-in-government-schools-accountability</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154125/quality-of-declining-education-in-government-schools-accountability</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:23:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/unnamed2.jpg"                         length="51766"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का संकट: नींव को बचाने की जंग</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कल्पना करें—एक बच्चा सुबह-सुबह स्कूल की ओर चल पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंधे पर बस्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन में सपने और आँखों में चमक। लेकिन स्कूल पहुँचते ही उसका दिल टूट जाता है—दरवाजे पर ताला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक गायब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और चारों ओर सन्नाटा। यह कोई कहानी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मध्यप्रदेश के उमरिया जिले की हकीकत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हाल ही में कलेक्टर के औचक निरीक्षण में सामने आई। शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब यह रीढ़ लापरवाही की मार से कमजोर पड़ने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उमरिया की यह</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150741/education-crisis-battle-to-save-foundation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/download.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">कल्पना करें—एक बच्चा सुबह-सुबह स्कूल की ओर चल पड़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कंधे पर बस्ता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मन में सपने और आँखों में चमक। लेकिन स्कूल पहुँचते ही उसका दिल टूट जाता है—दरवाजे पर ताला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक गायब</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और चारों ओर सन्नाटा। यह कोई कहानी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि मध्यप्रदेश के उमरिया जिले की हकीकत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हाल ही में कलेक्टर के औचक निरीक्षण में सामने आई। शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन जब यह रीढ़ लापरवाही की मार से कमजोर पड़ने लगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो क्या हम हाथ पर हाथ धरे बैठे रहें</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उमरिया की यह घटना सिर्फ एक जिले का दर्द नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक जोरदार चेतावनी है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब उमरिया के कलेक्टर ने सरकारी स्कूलों का औचक दौरा किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जो देखा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह दिल दहला देने वाला था। कहीं शिक्षक बिना बताए गायब थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कहीं स्कूलों के दरवाजे बच्चों के लिए बंद मिले। यह सिर्फ ड्यूटी से चूक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उन मासूम सपनों के साथ विश्वासघात था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो हर बच्चा स्कूल लेकर आता है। कलेक्टर ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया—दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया और </span>29 <span lang="hi" xml:lang="hi">की वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई। यह सख्ती जरूरी थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन क्या यह समस्या सिर्फ उमरिया की है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश के हर कोने में अगर झाँकें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह लापरवाही एक गहरे संकट की ओर इशारा करती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों को चमकाने के लिए सरकार ने ढेरों योजनाएँ शुरू कीं—नई इमारतें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुफ्त किताबें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मिड-डे मील। लेकिन जब जमीनी हकीकत सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सारा ढाँचा खोखला नजर आता है। शिक्षक समय पर नहीं आते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल प्रबंधन सोया रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और शिक्षा विभाग की निगरानी बस कागजों तक सीमित है। प्रवेश उत्सव जैसे आयोजन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महज औपचारिकता बनकर रह जाते हैं। नतीजा सामने है—बच्चों की उपस्थिति गिर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ड्रॉपआउट की दर बढ़ रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और शिक्षा की गुणवत्ता धूल चाट रही है। योजनाएँ तो हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर जब तक शिक्षकों और प्रशासन की जवाबदेही तय नहीं होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ये सब बेकार हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक पल को रुकें और सोचें—वह बच्चा जो स्कूल के लिए मीलों पैदल चलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">धूप-धूल में अपने सपनों को सींचता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे क्या मिलता है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">एक खाली कक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एक अनुपस्थित शिक्षक और टूटती उम्मीदें। मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों पर ज्यादातर गरीब परिवारों के बच्चे निर्भर हैं। उनके लिए स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जिंदगी बदलने का एकमात्र रास्ता है। लेकिन जब शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी से मुँह मोड़ लें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो ये बच्चे कहाँ जाएँ</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यह सिर्फ शिक्षा का संकट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि लाखों मासूमों के भविष्य पर लगा ग्रहण है। हर गायब शिक्षक के साथ एक बच्चे का सपना मरता है—क्या हम इसे यूँ ही देखते रहेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अगर मध्यप्रदेश की शिक्षा को बचाना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो अब नरमी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सख्ती चाहिए। उमरिया में हुई कार्रवाई इसकी मिसाल है—जब कड़ा कदम उठाया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो संदेश साफ गया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। लेकिन यह काफी नहीं है। हर जिले में नियमित औचक निरीक्षण होने चाहिए। डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे बायोमेट्रिक सिस्टम से शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर रखी जा सकती है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाएँ—साफ पानी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शौचालय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिजली—को अनिवार्य करना होगा। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षकों को न सिर्फ सजा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन भी देना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि वे ड्यूटी को बोझ नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जुनून समझें। यह सिर्फ नियम लागू करने की बात नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देने का वादा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">उमरिया की यह कार्रवाई एक चिंगारी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो पूरे प्रदेश में बदलाव की आग जला सकती है। अगर हर जिले में ऐसी सख्ती और पारदर्शिता आए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो सरकारी स्कूल फिर से ज्ञान के मंदिर बन सकते हैं। यह सिर्फ प्रशासन का काम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा स्कूल से खाली हाथ न लौटे। उमरिया ने एक मॉडल पेश किया है—अब इसे पूरे मध्यप्रदेश में लागू करने का वक्त है। जब हर स्कूल में शिक्षक मौजूद हों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर कक्षा में ज्ञान की रोशनी हो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी हम कह सकेंगे कि हमने अपनी नींव बचा ली।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा महज किताबों के पन्ने पलटना नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हर बच्चे के मन में छिपे सपनों को पंख देना है—उन सपनों को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो आसमान छूने की हिम्मत रखते हैं। उमरिया की घटना ने हमें नींद से झटका देकर जगाया है—अब आँखें मूँदे रहने का वक्त नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि उठ खड़े होने का समय है। सख्त अनुशासन की डोर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी का मजबूत जाल और बच्चों को दिल से प्राथमिकता देकर उठाया गया हर कदम ही इस डूबते तंत्र को बचा सकता है। आइए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज एक पक्का इरादा करें—हर बच्चे को वह शिक्षा दें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसका जन्मसिद्ध अधिकार है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसके सपनों को हकीकत में बदल सके। क्योंकि जब शिक्षा का किला अडिग होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी मध्यप्रदेश का भविष्य सुनहरे सूरज सा दमकेगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह एक जुनून भरी पुकार है—शिक्षा को जिंदा रखें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों के सपनों को उड़ने दें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150741/education-crisis-battle-to-save-foundation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150741/education-crisis-battle-to-save-foundation</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 16:10:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-04/download.jpg"                         length="14280"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आनंद नहीं, आत्मघात सिखा रहे ऑनलाइन गेम्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब नन्हे हाथों में किताबें और रंग-बिरंगी पेंसिलें होनी चाहिए थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब वहां ब्लेड से बने जख्म थे। जब मासूम आंखों में सपने चमकने चाहिए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उनमें डर और बेचैनी थी। राजस्थान के एक स्कूल में जब एक साथ </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों के हाथों पर गहरे कट के निशान दिखाई दिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हर किसी का दिल कांप उठा। यह कोई साधारण हादसा नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह था आधुनिक तकनीक के अंधेरे पक्ष का खौफनाक परिणाम।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का युग तकनीक और इंटरनेट का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो गेम्स और सोशल मीडिया में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150538/anand-not-teaching-suicide-online-games"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/103.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">जब नन्हे हाथों में किताबें और रंग-बिरंगी पेंसिलें होनी चाहिए थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब वहां ब्लेड से बने जख्म थे। जब मासूम आंखों में सपने चमकने चाहिए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब उनमें डर और बेचैनी थी। राजस्थान के एक स्कूल में जब एक साथ </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों के हाथों पर गहरे कट के निशान दिखाई दिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो हर किसी का दिल कांप उठा। यह कोई साधारण हादसा नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह था आधुनिक तकनीक के अंधेरे पक्ष का खौफनाक परिणाम।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का युग तकनीक और इंटरनेट का है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां बच्चों का अधिकतर समय मोबाइल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वीडियो गेम्स और सोशल मीडिया में गुजर रहा है। दुर्भाग्यवश</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन सुविधाओं के बीच कुछ ऐसी काली परछाइयाँ भी हैं जो बच्चों की मासूमियत और मानसिक स्वास्थ्य को निगल रही हैं। ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया राजस्थान के एक सरकारी स्कूल से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां कक्षा </span>5<span lang="hi" xml:lang="hi">वीं से </span>8<span lang="hi" xml:lang="hi">वीं तक के</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>40 <span lang="hi" xml:lang="hi">से अधिक बच्चे</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">एक खतरनाक वीडियो गेम के शिकार हो गए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">घटना के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों के बीच एक ऑनलाइन गेम का जुनून इस हद तक बढ़ गया कि वे एक-दूसरे को खतरनाक टास्क देने लगे। जो जितना गहरा घाव बनाता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे इनाम और शाबाशी से नवाजा जाता। बच्चों ने ब्लेड</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कटर और नुकीली वस्तुओं से अपने हाथों को छलनी कर डाला। जब शिक्षकों और अभिभावकों की नजर बच्चों के हाथों पर पड़े गहरे निशानों पर गई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब जाकर इस भयावह सच का पर्दाफाश हुआ। हर अभिभावक सन्न रह गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह देखकर कि एक मासूम मोबाइल गेम उनके बच्चों को आत्म-विनाश के रास्ते पर धकेल रहा था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस घटना ने एक बार फिर उस कुख्यात और खौफनाक गेम "ब्लू व्हेल" की भयावह यादें ताजा कर दीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने </span>2017 <span lang="hi" xml:lang="hi">में कई मासूम बच्चों की जिंदगियां निगल ली थीं। उस गेम में बच्चों को </span>50 <span lang="hi" xml:lang="hi">जानलेवा टास्क थमाए जाते थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका अंतिम पड़ाव आत्महत्या के काले दरवाजे पर जाकर खुलता था। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गेम बच्चों के कोमल मन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी भावनात्मक कमजोरियों और अकेलेपन की नस को पकड़कर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। बच्चे धीरे-धीरे इस दलदल में उतरते चले जाते और मानसिक रूप से इस कदर टूट जाते कि बाहर निकलने का रास्ता ही बंद हो जाता।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह घटना महज एक गेम का परिणाम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बच्चों की भीतर उमड़ती मानसिक उथल-पुथल का आईना है। आज के बच्चे मोबाइल की चकाचौंध में खोए तो हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर परिवार की गर्माहट</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">माता-पिता के प्यार और समाज के जुड़ाव से कोसों दूर होते जा रहे हैं। कई बार अभिभावक अपने बच्चों की छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी भावनाओं को अनदेखा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और बच्चे चुपचाप एक अनजाने दर्द की गहराई में डूबते चले जाते हैं। ऐसे में ये खतरनाक खेल उनके सामने एक छलावा बनकर आते हैं—एक झूठा सहारा और रोमांच की चुनौती देकर उन्हें भटकाव के अंधेरे में धकेल देते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समस्या का हल महज गेम्स पर पाबंदी लगाना नहीं है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">असल जरूरत है बच्चों के दिल और दिमाग तक पहुँचने की। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों से दिल खोलकर बात करें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी कही-अनकही को सुनें और उसकी गहराई को समझें। बच्चों को यह एहसास दिलाना होगा कि वे कभी अकेले नहीं हैं—उनके हर डर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर उलझन और हर मुश्किल में उनके माता-पिता और शिक्षक उनके साथ कदम-से-कदम खड़े हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों को तकनीक का सही और संतुलित इस्तेमाल सिखाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर उनकी सीमाएँ तय करना और उन्हें एक खुला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भरोसेमंद माहौल देना ही इस खतरे से बचाव का असली रास्ता है। स्कूलों को भी आगे आना होगा—मानसिक स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तनाव से निपटने के तरीके और आत्म-विश्वास को मजबूत करने के लिए खास कार्यक्रम और वर्कशॉप्स आयोजित करने चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि बच्चे न केवल तकनीक के गुलाम बनें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अपनी जिंदगी के मालिक बनकर उभरें।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">बच्चों का मन कोमल मिट्टी की तरह होता है—जैसा आकार दोगे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वैसा ही ढल जाता है। आज वक्त की मांग है कि हम अपने बच्चों के साथ दिल से वक्त बिताएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी दुनिया को करीब से जानें और उनसे बेझिझक बातें करें। अगर हमने यह जिम्मेदारी नहीं संभाली</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आने वाला कल न जाने कितने मासूमों को ऐसे ही खतरनाक खेलों की भेंट चढ़ते देखेगा। अब वक्त आ गया है कि हम सब एकजुट होकर बच्चों को इस स्याह अंधेरे से बाहर निकालें और उनके जीवन को फिर से उम्मीदों के रंगों से सजाएँ।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150538/anand-not-teaching-suicide-online-games</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150538/anand-not-teaching-suicide-online-games</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:35:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/103.jpg"                         length="9096"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार की नई पहल से अब सरकारी स्कूल देंगे निजी स्कूलों को टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[- बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह 19 मार्च को करेंगे उद्घाटन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150004/due-to-the-new-initiative-of-yogi-government-now-government"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/whatsapp-image-2025-03-17-at-4.39.13-pm-(2).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>- आधुनिक सुविधाओं से लैस इस विद्यालय में होगी स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड जैसी सुविधाएं,  परिषदीय विद्यालयों में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं: संदीप सिंह</strong><br /><br /><strong>ग्रेटर नोएडा।</strong> योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक शिक्षा केंद्रों में बदलने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत अब परिषदीय विद्यालय सिर्फ स्कूल नहीं, बल्कि अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त समावेशी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं। इसी कड़ी में ग्रेटर नोएडा के मथुरापुर में 1.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हाईटेक विद्यालय का उद्घाटन 19 मार्च को किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह करेंगे।<br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/whatsapp-image-2025-03-17-at-4.39.14-pm-(1).jpeg" alt="WhatsApp Image 2025-03-17 at 4.39.14 PM (1)" width="1600" height="900"></img><br /><strong>बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही योगी सरकार</strong><br />योगी सरकार की प्राथमिकता केवल अधिक विद्यालय खोलना नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल बोर्ड, प्रयोगशालाएं, समावेशी शिक्षा सुविधाएं और स्वच्छता व स्वास्थ्य प्रबंधन को विशेष रूप से शामिल किया गया है। वर्तमान में इस विद्यालय में 90 छात्र अध्ययनरत हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य आगामी सत्र में 150 से अधिक बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। योगी सरकार की इस पहल से अब सरकारी विद्यालय भी निजी स्कूलों की तरह उच्चस्तरीय सुविधाओं से लैस हो रहे हैं, जिससे छात्रों को समान अवसर मिल सकें।<br /><br /><strong>छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी आधुनिक सुविधाएं</strong><br />इस नवनिर्मित विद्यालय में छात्रों की शिक्षा को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी गई है, जहां प्रत्येक कक्षा में डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट लर्निंग टूल्स लगाए गए हैं। शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा गया है। छात्रों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था आरओ और वाटर फिल्टर के माध्यम से की गई है, वहीं छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं, जिससे स्वच्छता और सुविधा दोनों सुनिश्चित हो सकें। विद्यालय में सुरक्षा के भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।</p>
<p>आकस्मिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर कक्षा में दो दरवाजे बनाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को आसानी से निकाला जा सके। मिड-डे मील के लिए भी अलग से एक भवन तैयार किया गया है, जहां छात्र आराम से बैठकर भोजन कर सकेंगे। इसके अलावा, बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में खेलकूद और प्रयोगशाला की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे वे न सिर्फ शारीरिक रूप से सक्रिय रह सकें, बल्कि वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से व्यावहारिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकें।<br /><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/whatsapp-image-2025-03-17-at-4.39.12-pm.jpeg" alt="योगी सरकार की नई पहल से अब सरकारी स्कूल देंगे निजी स्कूलों को टक्कर" width="1600" height="900"></img><br /><strong>दिव्यांग छात्रों के लिए विकसित की जा रही विशेष सुविधाएं</strong><br />योगी सरकार समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित कर रही है। इस विद्यालय को 'दिव्यांग अनुकूल विद्यालय' के रूप में विकसित किया गया है, जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके। विद्यालय परिसर में दिव्यांग छात्रों की सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए रैंप और रेलिंग सहित विशेष सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। विद्यालय में विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, जो दिव्यांग छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षण प्रदान करेंगे। समावेशी शिक्षा की इस पहल से दिव्यांग छात्र बिना किसी भेदभाव के मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल हो सकेंगे और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।<br /><br /><strong>विद्यालय निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का रखा गया विशेष ध्यान</strong><br />योगी सरकार शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दे रही है। इस विद्यालय का निर्माण ‘ग्रीन स्कूल’ मॉडल के अनुरूप किया गया है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाया गया है। विद्यालय निर्माण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी पेड़ को न काटा जाए, बल्कि इसके स्थान पर अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाए। इससे विद्यालय परिसर हरा-भरा बना रहेगा और बच्चों को स्वच्छ व शुद्ध वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।<br /><br /><strong>कहते हैं बेसिक शिक्षा मंत्री</strong><br />बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबका साथ, सबका विकास नीति के तहत शिक्षा को हर बच्चे तक समान रूप से पहुंचाने की योजना बनाई गई है। दिव्यांग छात्रों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए परिषदीय विद्यालयों में नई सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। मथुरापुर का यह विद्यालय इसी नीति का एक उदाहरण है। यहां दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष रैंप, समावेशी कक्षाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि वे बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।<strong><br /></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150004/due-to-the-new-initiative-of-yogi-government-now-government</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150004/due-to-the-new-initiative-of-yogi-government-now-government</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 15:17:40 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/whatsapp-image-2025-03-17-at-4.39.13-pm-%282%29.jpeg"                         length="292470"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी विद्यालय में चोरी, लाखों के सामान पर अज्ञात चोरों का हाथ साफ</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बरही, झारखंड:- </strong>राजकीय बुनियादी विद्यालय पंचमाधव बरही में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना 13 मार्च 2025 की रात की है, जब चोरों ने स्कूल के कार्यालय का ताला तोड़कर महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान चुरा लिए। शिकायत पत्र के अनुसार, चोरी गए सामान में 2 पीस टीवी, पंखा, 9 फूटबॉल, 3 डाइस राउटर, कंप्यूटर, कैमरा, फिलिप्स स्पीकर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। चोरी की सूचना पावती देवी पति विष्णधारी यादव ने सुबह 8 बजे दी, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा और कार्यालय का टूटा ताला पाया।</div>
<div>  </div>
<div>विद्यालय प्रबंधन का कहना है</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149936/unidentified-thieves-cleaned-the-stolen-in-government-school"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/news-4.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बरही, झारखंड:- </strong>राजकीय बुनियादी विद्यालय पंचमाधव बरही में अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना 13 मार्च 2025 की रात की है, जब चोरों ने स्कूल के कार्यालय का ताला तोड़कर महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान चुरा लिए। शिकायत पत्र के अनुसार, चोरी गए सामान में 2 पीस टीवी, पंखा, 9 फूटबॉल, 3 डाइस राउटर, कंप्यूटर, कैमरा, फिलिप्स स्पीकर और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। चोरी की सूचना पावती देवी पति विष्णधारी यादव ने सुबह 8 बजे दी, जिसके बाद विद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा और कार्यालय का टूटा ताला पाया।</div>
<div> </div>
<div>विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस चोरी से शिक्षण कार्य प्रभावित होगा और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की क्षति भी हुई है। स्कूल प्रशासन ने बरही थाना प्रभारी से प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मौके पर मुखिया प्रतिनिधि हरेंद्र गोप, प्रधानाध्यापक संजय कुमार दुबे, मनोज घोष सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149936/unidentified-thieves-cleaned-the-stolen-in-government-school</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149936/unidentified-thieves-cleaned-the-stolen-in-government-school</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 13:21:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/news-4.jpg"                         length="160733"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        