<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/23781/economic-development" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>economic development - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/23781/rss</link>
                <description>economic development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 20वें सांख्यिकी दिवस समारोह को किया संबोधित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, संवाददाता।</strong></p><p style="text-align:justify;"> प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने सोमवार को आयोजित 20वें सांख्यिकी दिवस-2026 समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि भारत का भविष्य डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के विजन को साकार करने के लिए विश्वसनीय, पारदर्शी और वैज्ञानिक आंकड़ों पर आधारित शासन व्यवस्था आवश्यक है।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारतीय सांख्यिकीय प्रणाली के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी विजन दस्तावेज 2026-31, सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट तथा श्रम बाजार और अनौपचारिक उद्यमों से जुड़े प्रथम शहर स्तरीय अनुमानों के प्रकाशन की सराहना की। साथ ही प्रोफेसर अरूप बोस को सुखात्मे राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>जीडीपी, सीपीआई और आईआईपी के नए आधार वर्ष पर कार्य</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक सटीक रूप से दर्शाने के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तथा औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) सहित प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों को नए आधार वर्ष के साथ अद्यतन किया जा रहा है। इससे नीति निर्माण और आर्थिक विश्लेषण अधिक प्रभावी होगा।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>प्रशासनिक आंकड़े बनेंगे राष्ट्रीय संपदा</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश में तेजी से हुए डिजिटल परिवर्तन के कारण प्रशासनिक आंकड़ों का विशाल भंडार तैयार हुआ है, जिसे रणनीतिक राष्ट्रीय संपदा के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इन आंकड़ों का उपयोग बेहतर योजनाएं बनाने, लक्षित सेवा वितरण सुनिश्चित करने तथा समयबद्ध निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वित एवं परस्पर संगत डेटा इकोसिस्टम विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि डेटा साझाकरण के दौरान गोपनीयता, सुरक्षा और निजता के उच्चतम मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>सांख्यिकीय प्रणाली में व्यापक सुधार</strong></h3><p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने व्यापक सुधार अभियान चलाया है। विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 216 सुधारों को स्वीकार कर समयबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत नए सर्वेक्षण, कंप्यूटर आधारित व्यक्तिगत साक्षात्कार (CAPI), जिला स्तरीय अनुमान, उच्च आवृत्ति वाले सर्वेक्षण और आंकड़ों के शीघ्र प्रकाशन जैसी कई महत्वपूर्ण पहलें की गई हैं।</p><p style="text-align:justify;">साथ ही राष्ट्रीय मेटाडेटा संरचना 2.0, ओपन एपीआई, ई-सांख्यिकी, जीओआईस्टेट्स, पैमाना तथा ई-साक्षी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए जा रहे हैं, जो डेटा की उपलब्धता, पारस्परिक संगतता और रियल टाइम गवर्नेंस को मजबूत करेंगे।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>एआई के उपयोग में जिम्मेदार शासन जरूरी</strong></h3><p style="text-align:justify;">डॉ. मिश्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सांख्यिकीय विश्लेषण और नीति निर्माण में नई संभावनाएं लेकर आई है, लेकिन इसके उपयोग के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और डेटा की स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ही एआई का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।</p><h3 style="text-align:justify;"><strong>विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित होगा विकसित भारत</strong></h3><p style="text-align:justify;">अपने संबोधन के समापन में डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा विश्वसनीय आंकड़ों के आधार पर ही संभव है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की सही गणना और किसी को भी पीछे न छोड़ने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब सांख्यिकीय प्रणाली गुणवत्ता, गोपनीयता, पारदर्शिता और स्वतंत्रता के उच्च मानकों पर आधारित होगी। उन्होंने कहा कि सुशासन का भविष्य साक्ष्य आधारित निर्णय प्रक्रिया में निहित है और भारत इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182319/principal-secretary-to-the-prime-minister-dr-pk-mishra-addressed</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:02:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/whatsapp-image-2026-06-29-at-21.04.24.jpeg"                         length="148296"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वदेशी अपनाने और स्वावलंबन का दिया संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260629-wa0327.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)। </strong> नगर स्थित स्वावलंबन केंद्र में सोमवार को स्वदेशी जागरण मंच की ओर से बैठक आयोजित की गई।इसमें युवाओं और महिलाओं को स्वदेशी अपनाने तथा स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के प्रांत संयोजक अमित सिंह वत्स ने की। बैठक में अमित सिंह वत्स ने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें ऐसा उद्यम शुरू करना चाहिए जिससे वे दूसरों को भी रोजगार दे सकें। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके लिए स्वावलंबन केंद्र से जुड़कर प्रशिक्षण और आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में स्वदेशी की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि लोग स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक उपयोग करें तो स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने सभी से दैनिक जीवन में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में मौजूद लोगों ने स्वदेशी के महत्व पर चर्चा की और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष मनोज अवस्थी, राजू सिंह एडवोकेट, पंकज पांडेय, विवेक सिंह, बाबू तिवारी, सत्यम सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, प्रभात, त्रिलोक चंदी, सुलोचना देवी, सुशीला, रंगोली सहित अनेक लोग मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182320/message-given-for-indigenous-adoption-and-self-reliance</guid>
                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 22:00:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260629-wa0327.jpg"                         length="96148"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत ईपीएफओ द्वारा इफको फूलपुर में आयोजित हुआ समानांतर कार्यक्रम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181674/a-parallel-program-organized-by-epfo-at-iffco-phulpur-under"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001835773.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दया शंकर त्रिपाठी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत देशभर के लाभार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं हितधारकों को संबोधित करते हुए लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित किए जाने के अवसर पर इसके समानांतर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन ईफको फूलपुर इकाई में किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल थे।  इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श सुमित कुमार, डीएलसी प्रयागराज,  पी.के. सिंह, वरिष्ठ महाप्रबंधक, ईफको फूलपुर,  विनिता सिंह, एडीएम (फाइनेंस), तथा  राहुल वर्मा, कमिश्नर, ईपीएफओ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 250 लाभार्थियों, नियोक्ताओं तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी प्रतिभागी प्रधानमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से लाइव जुड़े और योजना के उद्देश्यों एवं उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के मुख्य अतिथि  सांसद  प्रवीण पटेल जी   विभिन्न नियोक्ताओं  द्वारा नव नियुक्त 32  कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए । नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा कर्मियों ने अपने रोजगार अवसरों के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संगठन एवं सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  ने अपने संबोधन में बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के माध्यम से देश में अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं तथा लाखों युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्होंने युवाओं की प्रतिभा, कौशल और क्षमता को विकसित भारत के निर्माण का आधार बताते हुए सरकार की रोजगार सृजन एवं कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम का समापन  राहुल वर्मा(क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181674/a-parallel-program-organized-by-epfo-at-iffco-phulpur-under</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181674/a-parallel-program-organized-by-epfo-at-iffco-phulpur-under</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:09:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1001835773.jpg"                         length="194756"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान पीस डील पर हस्ताक्षर, यूएस झुका- पैसे भी देगा, होर्मुज़ खुलेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div class="gmail_quote">
<div dir="ltr">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को खत्म करने के लिए एक </span>14-<span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर इसे आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">होर्मुज समुद्री रास्ते का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस समझौते</span></p></div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181546/america-iran-peace-deal-signed-us-bowed-%E2%80%93-will-also-give"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas12.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div class="gmail_quote">
<div dir="ltr">
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बीच एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता हाथ लगी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को खत्म करने के लिए एक </span>14-<span lang="hi" xml:lang="hi">सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर डिजिटल रूप से हस्ताक्षर कर इसे आधिकारिक रूप से अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">होर्मुज समुद्री रास्ते का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस समझौते के सफल होने से न केवल तेल की वैश्विक कीमतें स्थिर होंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराने तनाव को कूटनीतिक रास्ते से सुलझाने का एक नया रास्ता खुलेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस समझौते को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का नाम दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से मुलाकात के दौरान इस समझौते की हार्ड कॉपी पर भी हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह साइन हो चुका है। मैंने अभी-अभी इस पर हस्ताक्षर किए हैं।" दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और अन्य अधिकारियों ने भी इसे डिजिटल रूप से साइन किया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी इस पर बयान जारी कर कहा</span>, "<span lang="hi" xml:lang="hi">यह समझौता तत्काल प्रभाव से लागू होगा। पहले कदम के रूप में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान तुरंत हॉर्मुज जलडमरूमध्य </span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को खोल देगा और अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">व्हाइट हाउस और ईरानी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए समझौते के मुख्य प्वाइंट इस प्रकार हैं:</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तत्काल युद्धविराम: अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान और उनके सहयोगी सभी मोर्चों (लेबनान सहित) पर तत्काल और स्थायी रूप से सैन्य अभियानों को समाप्त करने की घोषणा करते हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग की धमकी या हमला नहीं करेंगे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">संप्रभुता का सम्मान: दोनों देश एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का वादा करते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों की समयसीमा: दोनों पक्ष अधिकतम </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते (</span>Final Deal) <span lang="hi" xml:lang="hi">पर बातचीत पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी का अंत: समझौते पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा और </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर इसे पूरी तरह खत्म कर देगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सेना की वापसी: अंतिम समझौते के </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर अमेरिका ईरान के नजदीकी इलाकों से अपनी सेनाएं हटा लेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: ईरान शुरुआती </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के लिए फारस की खाड़ी से ओमान के समुद्र तक वाणिज्यिक जहाजों (</span>Commercial Vessels) <span lang="hi" xml:lang="hi">के सुरक्षित और मुफ्त आवागमन की व्यवस्था करेगा। </span>30<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिनों के भीतर नौसैनिक और तकनीकी बाधाओं (जैसे बारूदी सुरंगें हटाना) को दूर किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भविष्य का प्रशासन: ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग के भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं को परिभाषित करने के लिए ओमान और अन्य तटीय देशों के साथ बातचीत करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">300<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर का पुनर्निर्माण पैकेज: अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम </span>300<span lang="hi" xml:lang="hi"> अरब डॉलर (</span>USD $300 Billion) <span lang="hi" xml:lang="hi">की योजना विकसित करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रतिबंधों की समाप्ति: एक तय समय सारणी के तहत अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ईरान के खिलाफ सभी एकतरफा (प्राइमरी और सेकेंडरी) प्रतिबंधों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (</span>UNSC) <span lang="hi" xml:lang="hi">के प्रस्तावों के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त करने का वचन देता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">परमाणु हथियारों पर रोक: ईरान ने दोहराया है कि वह परमाणु हथियार विकसित या हासिल नहीं करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूरेनियम संवर्धन का निपटारा: ईरान के समृद्ध यूरेनियम के भंडार का निपटारा अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (</span>IAEA) <span lang="hi" xml:lang="hi">की देखरेख में </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑन-साइट डाउन-ब्लेंडिंग</span>' (<span lang="hi" xml:lang="hi">यूरेनियम की क्षमता कम करना) के जरिए किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यथास्थिति (</span>Status Quo) <span lang="hi" xml:lang="hi">बनाए रखना: अंतिम समझौता होने तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को मौजूदा स्तर पर ही रोके रखेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">तेल निर्यात को छूट और फंड की बहाली: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए तत्काल छूट (</span>Waivers) <span lang="hi" xml:lang="hi">जारी करेगा। साथ ही विदेशों में फ्रीज (जब्त) की गई ईरान की संपत्तियों को वापस इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">निगरानी तंत्र की स्थापना: समझौते के सफल कार्यान्वयन और भविष्य के अनुपालन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र स्थापित किया जाएगा। इस अंतिम समझौते को </span>UNSC <span lang="hi" xml:lang="hi">के एक बाध्यकारी प्रस्ताव द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस समझौते पर अंग्रेजी और फारसी (</span>Farsi) <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों भाषाओं में हस्ताक्षर किए गए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि अनुवाद को लेकर भविष्य में कोई मतभेद या कोई और व्याख्या न हो। ईरान ने अपनी केंद्रीय बैंक के साथ मिलकर जब्त संपत्तियों को वापस पाने के तकनीकी तौर-तरीकों को भी अंतिम रूप दे दिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181546/america-iran-peace-deal-signed-us-bowed-%E2%80%93-will-also-give</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181546/america-iran-peace-deal-signed-us-bowed-%E2%80%93-will-also-give</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:07:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/hindi-divas12.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजाब ट्रेड कमीशन द्वारा बड़ी मांग पूरी होने पर महेंद्रगंज मार्केट के दुकानदारों में खुशी की लहर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>राजपुरा, </strong>आज महेंद्रगंज मार्केट के दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई जब मार्केट की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई। जानकारी देते हुए पंजाब ट्रेड कमीशन के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमोली ने बताया कि ट्रेड कमीशन के चेयरमैन टिंकू बंसल की लीडरशिप में महेंद्रगंज मार्केट में व्यापारियों की एक मीटिंग हुई, जिसमें दुकानदारों ने बताया कि लगभग एक दशक से बस स्टैंड पर बसें न आने के कारण दुकानदारों को अपनी दुकानें कम रेट पर बेचनी पड़ रही थीं और दुकानें बेचने के बाद उन्हें दूसरी दुकान में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। गुरप्रीत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181491/wave-of-happiness-among-shopkeepers-of-mahendraganj-market-after-punjab"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000909971.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>राजपुरा, </strong>आज महेंद्रगंज मार्केट के दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई जब मार्केट की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई। जानकारी देते हुए पंजाब ट्रेड कमीशन के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमोली ने बताया कि ट्रेड कमीशन के चेयरमैन टिंकू बंसल की लीडरशिप में महेंद्रगंज मार्केट में व्यापारियों की एक मीटिंग हुई, जिसमें दुकानदारों ने बताया कि लगभग एक दशक से बस स्टैंड पर बसें न आने के कारण दुकानदारों को अपनी दुकानें कम रेट पर बेचनी पड़ रही थीं और दुकानें बेचने के बाद उन्हें दूसरी दुकान में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। गुरप्रीत सिंह धमोली ने कहा कि पंजाब ट्रेड कमीशन की मीटिंग में अपनी मांग को मजबूती से रखने और लगातार कोशिशों के बाद आज पटियाला से दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, अंबाला के लिए बसें शुरू हो गई हैं। इस खुशी में दुकानदारों ने पंजाब ट्रेड कमीशन के वाइस चेयरमैन पटियाला गुरप्रीत सिंह धमोली और राजपुरा हलके के चेयरमैन टिंकू बंसल का लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। ये बसें राजपुरा टाउन और पुराने बस स्टैंड रेलवे स्टेशन से होकर चलेंगी, जिससे महिंदरगंज बाजार में रौनक बढ़ेगी और शहरवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस मौके पर पंजाब व्यापार आयोग राजपुरा के सदस्य मुकेश गुप्ता, कीरत सिंह सेहरा, डॉ. अशोक, मनीष सूद, सुखविंदर सिंह सुखी, चीफ इंस्पेक्टर पीआरटीसी, इंस्पेक्टर गुरतेज सिंह, इंस्पेक्टर जसपाल सिंह, बलजिंदर सिंह अड्डा इंचार्ज राजपुरा, लक्की प्रधान, विकास वर्मा, सचिन बंसल, जसविंदर सिंह, राजिंदर कुमार, जसवंत सिंह प्रधान टैक्सी स्टैंड, मोहन बेकरी, चौहान टेलर, गुरिंदर सिंह मौजूद थे। पंजाब व्यापार आयोग द्वारा बड़ी मांग पूरी होने पर महिंदरगंज बाजार के दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई।</div>
<div style="text-align:justify;">आज महिंदरगंज बाजार के दुकानदारों में खुशी की लहर दौड़ गई जब बाजार की दशकों पुरानी मांग पूरी हो गई। जानकारी देते हुए पंजाब ट्रेड कमीशन के वाइस चेयरमैन गुरप्रीत सिंह धमोली ने बताया कि ट्रेड कमीशन के चेयरमैन टिंकू बंसल की लीडरशिप में महेंद्रगंज बाज़ार में व्यापारियों की एक मीटिंग हुई, जिसमें दुकानदारों ने बताया कि लगभग एक दशक से पुराने बस स्टैंड पर बसें न आने की वजह से दुकानदारों को अपनी दुकानें कम रेट पर बेचनी पड़ रही थीं और दुकानें बेचने के बाद उन्हें दूसरी दुकान में काम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। गुरप्रीत सिंह धमोली ने बताया कि पंजाब ट्रेड कमीशन की मीटिंग में उनकी ज़ोरदार मांग और लगातार कोशिशों की वजह से आज दिल्ली, चंडीगढ़, मोहाली, अंबाला आने-जाने वाली बसें शुरू हो गई हैं। इस खुशी में दुकानदारों ने पंजाब ट्रेड कमीशन के वाइस चेयरमैन पटियाला गुरप्रीत सिंह धमोली और हलका राजपुरा चेयरमैन टिंकू बंसल का लड्डू खिलाकर मुंह मीठा कराया। ये बसें राजपुरा टाउन और पुराने बस स्टैंड रेलवे स्टेशन से होकर चलेंगी, जिससे महेंद्रगंज बाज़ार की रौनक बढ़ेगी और शहर के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इस मौके पर पंजाब व्यापार आयोग राजपुरा के सदस्य मुकेश गुप्ता, कीरत सिंह सेहरा, डॉ. अशोक, मनीष सूद, सुखविंदर सिंह सुखी चीफ इंस्पेक्टर पीआरटीसी, इंस्पेक्टर गुरतेज सिंह, इंस्पेक्टर जसपाल सिंह, बलजिंदर सिंह अड्डा इंचार्ज राजपुरा, लक्की प्रधान, विकास वर्मा, सचिन बंसल, जसविंदर सिंह, राजिंदर कुमार, जसवंत सिंह प्रधान टैक्सी स्टैंड, मोहन बेकरी, चौहान टेलर, गुरिंदर सिंह मौजूद थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181491/wave-of-happiness-among-shopkeepers-of-mahendraganj-market-after-punjab</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181491/wave-of-happiness-among-shopkeepers-of-mahendraganj-market-after-punjab</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:11:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1000909971.jpg"                         length="253978"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में स्वरोजगार योजनाओं की दी गई जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> केंद्र सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत मंगलवार को विकासखंड सभागार भदोही में उद्योग विभाग की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181333/information-about-self-employment-schemes-given-in-the-developed-india-resolution"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260616-wa0014.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> केंद्र सरकार के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन के अंतर्गत मंगलवार को विकासखंड सभागार भदोही में उद्योग विभाग की ओर से संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला रहे। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने लोगों से योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उपायुक्त उद्योग ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना, एक उत्पाद एक व्यंजन योजना सहित अन्य स्वरोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी। वहीं खंड विकास अधिकारी ने ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के चयनित लाभार्थियों को सिलाई मशीन सहित विभिन्न टूलकिट वितरित किए गए। साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत तीन लाभार्थियों को क्रमशः 25 लाख, 20 लाख और 5 लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए। लाभार्थियों ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया तथा नियमित योग को स्वस्थ जीवनशैली का आधार बताया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देशन में जनपद में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विभिन्न विभागों द्वारा विकसित भारत संकल्प सम्मेलन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी, लाभार्थी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181333/information-about-self-employment-schemes-given-in-the-developed-india-resolution</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181333/information-about-self-employment-schemes-given-in-the-developed-india-resolution</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 18:58:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260616-wa0014.jpg"                         length="258022"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परमाणु शक्ति संपन्न भारत में कब होगी बालिका शिक्षा शत-प्रतिशत।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपराओं वाला देश रहा है। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने विश्व को शिक्षा का प्रकाश दिया। वैदिक काल में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना था।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाओं ने सिद्ध किया था कि भारतीय संस्कृति में नारी शिक्षा का गौरवशाली इतिहास रहा है। किंतु मध्यकालीन सामाजिक रूढ़ियों और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव से बालिका शिक्षा पिछड़ती चली गई। 1835 में लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसका उद्देश्य भारतीय समाज</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181062/when-will-girls-education-be-100-in-nuclear-power-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/4.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञान परंपराओं वाला देश रहा है। तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों ने विश्व को शिक्षा का प्रकाश दिया। वैदिक काल में शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास को सुनिश्चित करना था।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा जैसी विदुषी महिलाओं ने सिद्ध किया था कि भारतीय संस्कृति में नारी शिक्षा का गौरवशाली इतिहास रहा है। किंतु मध्यकालीन सामाजिक रूढ़ियों और औपनिवेशिक शासन के प्रभाव से बालिका शिक्षा पिछड़ती चली गई। 1835 में लॉर्ड मैकाले ने अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लागू की। इसका उद्देश्य भारतीय समाज में ऐसे कर्मचारियों का वर्ग तैयार करना था जो अंग्रेजी शासन के प्रशासनिक कार्यों को संचालित कर सके। आधुनिक विज्ञान और अंग्रेजी भाषा के प्रसार में इस शिक्षा प्रणाली का योगदान रहा, किंतु इसने भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षण को काफी हद तक हाशिए पर पहुंचा दिया। उस समय महिलाओं की शिक्षा लगभग नगण्य थी। समाज में बाल विवाह, पर्दा प्रथा और लैंगिक असमानता जैसी कुरीतियां लड़कियों की शिक्षा में बड़ी बाधा थीं।<br />समाज सुधारकों का योगदान</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">+<br />ऐसे कठिन समय में सावित्रीबाई फुले और महात्मा ज्योतिराव फुले ने बालिका शिक्षा की अलख जगाई। 1848 में उन्होंने लड़कियों के लिए पहला आधुनिक विद्यालय प्रारंभ किया।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने महिला शिक्षा और सामाजिक सुधारों को नई दिशा दी। बाद में महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना।<br />डॉ. अंबेडकर का प्रसिद्ध संदेश</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />"शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।"<br />स्वतंत्र भारत में शिक्षा का विकास</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत की साक्षरता दर लगभग 18 प्रतिशत थी। महिलाओं की साक्षरता तो 10 प्रतिशत से भी कम थी। संविधान निर्माताओं ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का मूल आधार माना।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />समय-समय पर कोठारी आयोग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968, 1986, सर्व शिक्षा अभियान, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 तथा नई शिक्षा नीति 2020 जैसे प्रयास किए गए। इन प्रयासों से शिक्षा का दायरा बढ़ा और लड़कियों की विद्यालयों तक पहुंच बेहतर हुई।.आज भारत की साक्षरता दर 77 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुकी है, जबकि महिला साक्षरता दर 70 प्रतिशत से अधिक है। यह प्रगति उत्साहजनक है, किंतु अभी भी पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता में अंतर बना हुआ है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />विश्व के सर्वाधिक शिक्षित देशों से सीख<br />विश्व में फिनलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान और नॉर्वे जैसे देशों की शिक्षा व्यवस्था विश्व में आदर्श मानी जाती है। फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />फिनलैंड में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन कौशल विकसित करना है। वहां बच्चों पर अनावश्यक परीक्षा का दबाव नहीं होता। शिक्षकों को अत्यंत सम्मान और स्वायत्तता प्राप्त है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br /></div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"> बालिका और बालक के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता। सिंगापुर ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सबसे बड़ा साधन बनाया। वहां विज्ञान, गणित, तकनीक और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष बल दिया जाता है। शिक्षा को उद्योगों और रोजगार से जोड़ा गया है।<br />जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में अनुशासन, नैतिकता, समयबद्धता और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जाता है। परिणामस्वरूप ये देश सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद आर्थिक महाशक्ति बन गए।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;">भारत में प्रतिभा की कोई कमी कभी भी नहीं रही है, किंतु शिक्षा व्यवस्था अभी भी परीक्षा-केंद्रित बनी हुई है। रटंत प्रणाली, विद्यालयों की असमान गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों का अभाव आज भी चुनौतियां हैं।नई शिक्षा नीति 2020 ने इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें मातृभाषा आधारित शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल शिक्षण और बहुविषयक अध्ययन पर बल दिया गया है। किंतु इसके वास्तविक लाभ तभी मिलेंगे जब इसका प्रभावी क्रियान्वयन हो। बालिका शिक्षा का सत प्रतिशत होना इसलिए भी आवश्यक है कि शिक्षित बेटी, समृद्ध परिवार</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />एक शिक्षित महिला अपने परिवार को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कार प्रदान करती है। वह अगली पीढ़ी की प्रथम शिक्षिका होती है।सामाजिक कुरीतियों का अंत भी।बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं को समाप्त करने में शिक्षा सबसे प्रभावी साधन है</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />विश्व बैंक सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मानना है कि महिलाओं की शिक्षा में निवेश किसी भी देश के आर्थिक विकास को तीव्र गति देता है। यदि भारत की प्रत्येक बेटी शिक्षित होगी तो देश की उत्पादकता और आर्थिक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />शिक्षित महिलाएं स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन के प्रति अधिक जागरूक होती हैं। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है।<br />आज महिलाएं विज्ञान, अंतरिक्ष, प्रशासन, राजनीति, सेना और उद्यमिता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। शिक्षा उन्हें नेतृत्व और नवाचार की शक्ति प्रदान करती है।</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />महापुरुषों की दृष्टि में नारी शिक्षा<br />स्वामी विवेकानंद ने कहा</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />"राष्ट्र की प्रगति का सबसे अच्छा मापदंड वहां की महिलाओं की स्थिति है।"डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का मत था कि<br />"महिलाओं का सशक्तिकरण और शिक्षा किसी राष्ट्र के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है।"पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कहा था<br />"एक महिला को शिक्षित करना एक पीढ़ी को शिक्षित करना है।"</div><div dir="ltr" style="text-align:justify;"><br />इक्कीसवीं सदी ज्ञान, विज्ञान और नवाचार की सदी है। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की प्रत्येक बेटी शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगी। शिक्षा केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक चेतना, आर्थिक समृद्धि और राष्ट्रीय विकास का आधार है। मैकाले की शिक्षा प्रणाली से लेकर नई शिक्षा नीति तक भारत ने लंबी यात्रा तय की है, किंतु अभी मंजिल दूर है। यदि सरकार, समाज, परिवार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर बालिका शिक्षा को शत-प्रतिशत अनिवार्य बनाने का संकल्प लें, तो भारत न केवल विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति बनेगा, बल्कि सबसे विकसित और ज्ञानवान राष्ट्रों की अग्रिम पंक्ति में भी खड़ा होगा।<br />क्योंकि किसी राष्ट्र का भविष्य उसके विद्यालयों में नहीं, बल्कि उसकी शिक्षित बेटियों की आंखों में स्वप्न बनकर पलता है।<br /><br />संजीव ठाकुर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक, चिंतक, स्तंभकार, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,<div>कविता,</div><div>संजीव-नी।<br />शिक्षा का कवच।<br /><br />शिक्षा का कवच।<br />कुछ देना ही तो आइये,<br />नन्हीं बालिकाओं को<br />स्वर्ण के गहने नहीं,<br />शिक्षा का कवच दें।<br />उनकी हथेलियों में<br />रोटी के साथ-साथ<br />कुछ अक्षर भी रख दें,<br />जो भूख से जुझतीं<br />उन्हें ज्ञान की कुंजी दें<br />अँधेरे बंद कमरों में<br />रोशन-दान बनती,<br />ज्ञान की रोशनी के लिए<br />बंद रास्तों पर<br />एक नया आकाश फैला देती,<br />उनकी आँखों में<br />सिर्फ़ स्वप्न ना रखें ,<br />उन तक पहुँचने के पंख भी दें।<br />उन्हें ज्ञान दें कि<br />अपने हिस्से की धूप<br />खुद चुन सकें।<br />किताबें जब उनके हांथों में होंगी,<br />तो सदियों के कई बोझ<br />आप उतर जाएँगे।<br />कलम उँगलियों से चलेंगीं<br />तक़दीर की कविता भी<br />लिखी जाएगी।<br />शिक्षित बालिका<br />अपना जीवन ही नहीं संवारती,<br />आने वाली पीढ़ियों के लिए<br />उजला दीप बन जाती।<br />आइये,<br />बेटी को शिक्षा का रक्षा-कवच दें,<br />ताकि वह<br />अपने सपनों, अपने अधिकारों<br />अपने अस्तित्व की रक्षा<br />स्वयं कर सके।<br /><br />संजीव ठाकुर, रायपुर छत्तीसगढ़, 9009 415 415,</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181062/when-will-girls-education-be-100-in-nuclear-power-india</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181062/when-will-girls-education-be-100-in-nuclear-power-india</guid>
                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 12:57:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/4.jpg"                         length="239353"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अध्यात्मिक ज्ञान के संग आर्थिक विकास की जुगलबंदी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>भारतवर्ष सदैव आध्यात्मिक और वैदिक भारत के रूप में संपूर्ण विश्व में जाना जाता रहा है। अध्यात्म से जुड़े हुए हमारे ऐतिहासिक महापुरुषों के कारण भारत सदैव आदर की दृष्टि से देखा जाता है। अध्यात्म और नैतिक शिक्षा भारत के लिए एक बहुत बड़ी पूंजी तथा संपत्ति है, जो हमें विरासत में प्राप्त हुई है। आध्यात्मिकता के दम पर ही भारत ने विश्व में वैदिक शास्त्र, अध्यात्म का परचम लहराया है। वैदिक दर्शन और अध्यात्म दर्शन भारतीयता का ऐतिहासिक परिचायक है।यदि इसके साथ आर्थिक विकास और विज्ञान के ज्ञान की जुगलबंदी हो तो देश एक मजबूत आर्थिक सनातनी राष्ट्र बन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150162/jugalbandi-of-economic-development-with-spiritual-knowledge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi-divas44.jpg" alt=""></a><br /><div>भारतवर्ष सदैव आध्यात्मिक और वैदिक भारत के रूप में संपूर्ण विश्व में जाना जाता रहा है। अध्यात्म से जुड़े हुए हमारे ऐतिहासिक महापुरुषों के कारण भारत सदैव आदर की दृष्टि से देखा जाता है। अध्यात्म और नैतिक शिक्षा भारत के लिए एक बहुत बड़ी पूंजी तथा संपत्ति है, जो हमें विरासत में प्राप्त हुई है। आध्यात्मिकता के दम पर ही भारत ने विश्व में वैदिक शास्त्र, अध्यात्म का परचम लहराया है। वैदिक दर्शन और अध्यात्म दर्शन भारतीयता का ऐतिहासिक परिचायक है।यदि इसके साथ आर्थिक विकास और विज्ञान के ज्ञान की जुगलबंदी हो तो देश एक मजबूत आर्थिक सनातनी राष्ट्र बन सकता है।</div>
<div> </div>
<div>आध्यात्मिक शक्ति एवं वैदिक ऊर्जा के कारण भारत के महापुरुष सदैव सच्चरित्र और ब्रह्मचर्य का पालन करते आए हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने भी सत चरित्र को अपने जीवन का अंग बना कर अनेक वैदिक ग्रंथों की रचना भी की है जो प्रत्येक भारतीय जनमानस के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ बन गए हैं। रामकृष्ण परमहंस, मां शारदा, विवेकानंद, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं अनेक ऐसे विद्वान हैं जिन्होंने सत्चरित्र और अध्यात्म के दम पर भारत को विश्व में सर्वोच्च मुकाम भी दिलाया है।</div>
<div> </div>
<div>आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने कहा है की सच्चरित्र केवल एक व्यक्ति का ना होकर संपूर्ण राष्ट्र का होना चाहिए। अनेक यूरोपीय विद्वानों ने और भारतीय अध्यात्म के मनीषियों ने सत और चरित्र को अपने जीवन में आत्मसात करने के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए और दोनों को मिलाकर सत्चरित्र शब्द को बड़े विस्तार से समझाया है। अध्यात्म और योग शक्ति ही मनुष्य को सच्चरित्र बनाने में हमेशा मददगार रही है क्योंकि अध्यात्म से व्यक्ति की एकाग्रता तथा ज्ञान में वृद्धि होकर मन ईश्वर के प्रति श्रद्धानवत होता है और ईश्वर के प्रति जो व्यक्ति अगाध श्रद्धा रखता है वह सदैव अपने चरित्र के प्रति विशेष सावधान रहकर सच्चरित्र व्यक्तित्व ही बनाता है।</div>
<div> </div>
<div>यह कहावत एकदम सत्य प्रतीत होती है की "सद्गुण है सच्ची संपत्ति दुर्गुण बड़ी विपत्ति" यह तो निश्चित है की सदाचारी परोपकारी संयमशील, इमानदार ,निष्ठावान नागरिक सच्चरित्र होकर एक महान राष्ट्र को जन्म देता है ।वहीं दुष्ट चरित्र व्यक्ति काम, क्रोध, कामना और लालच में पड़कर अपनी जिंदगी को नर्क बना कर दिया सदैव अशांत रहता है, अशांत नागरिक किसी भी कार्य में स्थिरता अथवा प्रगति प्रदान नहीं कर सकता है, वह अपने समाज तथा देश को कमजोर करने का ही कार्य करता है।</div>
<div> </div>
<div>धन और संपत्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण चरित्र को बलवान बनाने वाली आध्यात्मिक शिक्षा ही है। धन-संपत्ति नष्ट होने पर किसी भी व्यक्ति का बड़ा नुकसान नहीं होता पर यदि चरित्र चला जाए तो उसका सम्मान यश तथा सामाजिक स्थिति एकदम निकृष्ट बन जाती है उसका समाज में अपमान होने लगता है, ऐसे में कोई भी व्यक्ति या नागरिक समाज में सिर उठाकर नहीं चल सकता ।ऐसा व्यक्ति समाज के उत्थान में कोई योगदान देने के काबिल नहीं रह जाता। इसलिए मनुष्य के जीवन में सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण आवश्यकता आध्यात्मिक शिक्षा एवं चरित्रवान जीवन है।</div>
<div> </div>
<div>सुभाष चंद्र बोस,महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, सरोजनी नायडू और अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों में सच्चरित्र जीवन और मानसिक आध्यात्मिक शक्ति एवं ऊर्जा के कारण ही स्वतंत्रता संग्राम में पराधीन भारत को स्वतंत्रता दिलवाई थी। किसी भी देश के नागरिक को एक दिन में सच्चरित्र नहीं बनाया जा सकता बल्कि बालकों को बाल्यकाल से ही नैतिक शिक्षा से शिक्षित किया जाकर सदाचार का पाठ पढ़ाया जाना चाहिए। यह सर्वविदित है कि मनुष्य के चरित्र और व्यक्तित्व पर देश परिस्थितियां शिक्षा और समाजिक व्यवहार का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है और नैतिकता सदाचार का पाठ किसी भी व्यक्ति को एक दिन में नहीं पढ़ाया जा सकता है।</div>
<div> </div>
<div>दुष्ट चरित्र पुरुष समाज में कभी भी प्रसिद्धि प्राप्त नहीं कर सकता सदैव अपनी बदनामी के कारण सिर झुका कर छुप कर घूमता है, इसीलिए भारतीय चिंतकों, मनीषियों ने लिखा और कहा है की चरित्र सदाचार की रक्षा मनुष्य को संपूर्ण प्रयास कर निरंतर करते रहना चाहिए। क्योंकि नागरिकों का नैतिक और सदाचारी स्वभाव और व्यवहार राष्ट्रीय संपत्ति होता है और यही संपत्ति राष्ट्र को एक सशक्त राष्ट्र और उत्कृष्ट देश बनाने में सदैव सहायक होता है।</div>
<div> </div>
<div>आध्यात्मिक शिक्षा सदाचार सद्गुण और चरित्र यह मनुष्य के बहुत ही महत्वपूर्ण आंतरिक तत्व हैं और इसी से मनुष्य का सकारात्मक व्यक्तित्व निर्मित होकर महान राष्ट्र की पृष्ठभूमि को अवलंबित करता है। देश का सद्गुणी सदाचारी सच्चरित्र व्यक्ति है देश को विकास की ओर सदैव ले जा सकता है एवं एक सशक्त राष्ट्र भी बनाने में मदद करता है। इसलिए अध्यात्म चरित्र तथा नैतिक शिक्षा को किसी भी राष्ट्र में प्राथमिकता देकर पुष्पित और पल्लवित किया जाना चाहिए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150162/jugalbandi-of-economic-development-with-spiritual-knowledge</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/150162/jugalbandi-of-economic-development-with-spiritual-knowledge</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 15:22:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/hindi-divas44.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश के प्रति समर्पण राष्ट्र के बौद्धिक व आर्थिक विकास की बुनियाद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>राष्ट्रीय चरित्र और राष्ट्रवाद शालाओं की बुनियादी शिक्षा कक्षाओं और गुरु और शिष्य के साथ देश के प्रति समर्पण के भाव से प्रस्फुटित होता हैl राष्ट्रवाद राष्ट्र की रक्षा ,अखंडता एवं सशक्तिकरण के भाग्य को संरक्षित कर सुदृढ़ बनाता हैl स्वतंत्रता के बाद विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी के स्वप्न दृष्टा प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के भावी भविष्य को पहचानते हुए बुनियादी कक्षाओं की राष्ट्रवाद के निर्माण में भूमिका को सहजता से पहचान लिया और अमेरिका की तर्ज पर भारत को तकनीकी तौर पर एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए अमेरिका के एमआईटी की तर्ज पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148281/the-foundation-of-intellectual-and-economic-development-of-the-nations"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(15).jpg" alt=""></a><br /><div>राष्ट्रीय चरित्र और राष्ट्रवाद शालाओं की बुनियादी शिक्षा कक्षाओं और गुरु और शिष्य के साथ देश के प्रति समर्पण के भाव से प्रस्फुटित होता हैl राष्ट्रवाद राष्ट्र की रक्षा ,अखंडता एवं सशक्तिकरण के भाग्य को संरक्षित कर सुदृढ़ बनाता हैl स्वतंत्रता के बाद विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी के स्वप्न दृष्टा प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने देश के भावी भविष्य को पहचानते हुए बुनियादी कक्षाओं की राष्ट्रवाद के निर्माण में भूमिका को सहजता से पहचान लिया और अमेरिका की तर्ज पर भारत को तकनीकी तौर पर एक शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए अमेरिका के एमआईटी की तर्ज पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान स्थापित करवाया था ।</div>
<div> </div>
<div>जब खड़कपुर आईआईटी की स्थापना की गई थी तब उन्होंने अतिथि के रूप में अपने भाषण में कहा की भारत को वैज्ञानिक महाशक्ति बनाने का दायित्व इन्हीं आई,आई,टी की कक्षाओं शिक्षकों एवं छात्राओं का होगा, वे राष्ट्र को तकनीकी दिशा में मील का पत्थर बनाने में साबित होंगेl</div>
<div> </div>
<div>वर्तमान में भारत आज अंतरिक्ष की बड़ी शक्तियों की कतार में शामिल हैl इसके पीछे भारत के कई वैज्ञानिक सीवी रमन ,विक्रम साराभाई, सतीश धवन जैसे बड़े वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इसरो संस्थान है जिसकी कक्षाओं में मंगल तक भारतीय तिरंगे को लहराया. भाभा एटॉमिक परमाणु शक्ति बन गया हैl वैश्विक स्तर पर हर बड़े स्पेस रिसर्च सेंटर पर भारत की इंजीनियर और वैज्ञानिक अपनी सेवाएं दे रहे हैंl</div>
<div> </div>
<div>आज अमेरिका आर्थिक महाशक्ति बनने के पीछे उसके विश्वविद्यालय ,संस्थाएं हैं। हावर्ड बिजनेस स्कूल विश्व स्तरीय व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में से एक माना जाता हैl आर्थिक सामाजिक तथा वैज्ञानिक शोध संस्थाओं में अधिकाधिक धनराशि खर्च करके अमेरिका, रूस, ब्रिटेन ,चीन, ऑस्ट्रेलिया ,कनाडा ने विश्व में सर्वश्रेष्ठ बुद्धिजीवी दिए हैंl</div>
<div> </div>
<div>यह तो तय है कि कोई भी देश का भाग्य तभी उन्नत तथा विकसित होगा जब वहां के छात्र शिक्षक एवं आमजन न्याय, समता ,प्रबुद्धता के प्रति अपनी अडिग प्रतिबद्धता रखें। आने वाली पीढ़ी यानी कि वर्तमान के बच्चे और भविष्य के नागरिक ही किसी देश का भविष्य निर्माण करते हैं और यह भी तय रहता है कि बुद्धिमान शिक्षक अपने छात्रों के माध्यम से किसी महान राष्ट्र की नींव रखते हैं।</div>
<div> </div>
<div>किसी भी महान राष्ट्र का निर्माण रातों-रात नहीं होता है इसके लिए पीढीयो का योगदान और श्रेष्ठ शिक्षक एवं छात्रों की लग्न शीलता और मेहनत की प्रतिबद्धता होती है। 1960 और 70 के दशक में चीन में गठित सांस्कृतिक क्रांति कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, खेतों ,कारखानों को एकता में बांधकर सक्रिय नीति का प्रयोग कर सभी को एक सूत्र में बांधा गया था।</div>
<div> </div>
<div>जापान तो प्राथमिक कक्षाओं से उपजे राष्ट्रवाद, अनुशासन तथा कर्तव्य बोध के लिए सर्वश्रेष्ठ उदाहरण रहा है, जापान में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पराजय का कड़वा घूंट पीने के पश्चात कमजोर एवं मृतप्राय जापान को एक शक्तिशाली आर्थिक राष्ट्र बना दिया। इसके विपरीत वर्तमान कक्षाएं प्रेम, अनुशासन ,करुणा जैसे पाठ ना सिखा कर ईर्ष्या, कंपटीशन, हिंसा ,कटुता जैसे अध्याय सिखा कर राष्ट्र के भविष्य को गर्त में ले जा रही है ।देश के अनेक विश्वविद्यालय हड़ताल ,हिंसा, जाति भेदभाव, आपत्तिजनक नारों जैसे विसंगतियों का सामना कर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>कक्षाओं का नैतिकता, सहिष्णुता ,अनुशासन से कटाव केवल भारत में नहीं पूरे विश्व में इसका फैलाव हो चुका है। अमेरिका तथा यूरोपीय देशों में स्कूलों का कक्षाओं में गोली कांड इसके बड़े विकृत उदाहरण हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने ट्रीस्ट विद डेस्टिनी के भाषण में भूख, भय ,बीमारी, अज्ञान से पूर्णता मुक्ति की बात को भारत की नियति या डेस्टिनी कहा है।</div>
<div> </div>
<div>वर्तमान में इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए की कक्षाओं को चरित्र निर्माण ,अनुशासन ,उत्कृष्ट नवाचार ,लोकतांत्रिक विचार संरचना का केंद्र बनाकर इसकी शिक्षा दीक्षा दी जानी चाहिए। कक्षाओं से बच्चे आर्थिक रूप से प्रौद्योगिकी स्थापित कर स्वयं अपने पैरों पर खड़े होकर आने वाले वर्षों में कई युवाओं को रोजगार देकर संपूर्ण मानवता ,पर्यावरण की रक्षा तथा राष्ट्र के उत्कर्ष को सही दिशा देने का काम करेंगे। जिससे राष्ट्रीय चरित्र निर्माण तथा राष्ट्रीयता की भावना को एक मजबूत आधार प्राप्त हो सकेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148281/the-foundation-of-intellectual-and-economic-development-of-the-nations</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/148281/the-foundation-of-intellectual-and-economic-development-of-the-nations</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 16:18:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/download-%2815%29.jpg"                         length="3374"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप्स की नई ऊंचाइयां</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में स्टार्टअप क्षेत्र का उभार न केवल आर्थिक विकास का प्रतीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह देश की युवा पीढ़ी के सपनों और नवाचार की क्षमताओं का जीवंत उदाहरण भी है। पिछले कुछ वर्षों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक क्रांति देखी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल देश के आर्थिक परिदृश्य को बदल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने इस क्रांति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज एक ऐसा</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147428/new-heights-of-startups-under-the-leadership-of-prime-minister"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/download2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में स्टार्टअप क्षेत्र का उभार न केवल आर्थिक विकास का प्रतीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह देश की युवा पीढ़ी के सपनों और नवाचार की क्षमताओं का जीवंत उदाहरण भी है। पिछले कुछ वर्षों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने उद्यमशीलता के क्षेत्र में एक क्रांति देखी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल देश के आर्थिक परिदृश्य को बदल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इसे एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर रही है। केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने इस क्रांति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज एक ऐसा मंच बन गया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां युवा उद्यमी अपने विचारों को वास्तविकता में बदल रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा </span>2016 <span lang="hi" xml:lang="hi">में शुरू की गई </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्टअप इंडिया</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">पहल ने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ उद्यमशीलता को बढ़ावा देना नहीं था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश में नवाचार और आत्मनिर्भरता को भी सशक्त करना था। </span>2016 <span lang="hi" xml:lang="hi">में जहां देश में केवल </span>300 <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्टअप पंजीकृत थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं आज यह संख्या </span>1.5 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। यह वृद्धि न केवल सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि भारतीय युवा अपनी रचनात्मकता और साहस के साथ दुनिया में बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में स्टार्टअप्स का यह विकास सिर्फ संख्या तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसे बदलाव का प्रतीक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने भारत को वैश्विक व्यापार मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। स्टार्टअप्स ने रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आर्थिक असमानता को कम करने में योगदान दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ऐसे उत्पाद और सेवाएं प्रदान की हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल देश की जरूरतों को पूरा करती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी प्रतिस्पर्धा करती हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाओं की भागीदारी में अभूतपूर्व वृद्धि भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाएं सिर्फ उपभोक्ता नहीं हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वे उद्यमशीलता के क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। आईटी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सेवा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में महिलाओं का नेतृत्व भारत के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को बदल रहा है। राजस्थान जैसे राज्यों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">महिलाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स की संख्या </span>2020 <span lang="hi" xml:lang="hi">में </span>205 <span lang="hi" xml:lang="hi">से बढ़कर </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">में </span>960 <span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंच गई है। यह बदलाव केंद्र और राज्य सरकारों की उन योजनाओं का नतीजा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो महिलाओं को वित्तीय सहायता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी प्रशिक्षण और प्रेरणा प्रदान करती हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">डिजिटल इंडिया पहल ने भारत में डिजिटल क्रांति को गति दी है। इस कार्यक्रम ने न केवल इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी स्टार्टअप्स को विकसित होने का अवसर दिया है। ई-कॉमर्स</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फिनटेक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और एडटेक जैसे क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे में निवेश किया है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मुद्रा योजना और स्टार्टअप्स को करों में छूट जैसी नीतियों ने युवा उद्यमियों को अपने व्यवसाय को तेजी से बढ़ाने का साधन दिया है। इन प्रयासों का परिणाम यह हुआ कि छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी स्टार्टअप्स के माध्यम से अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। आज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टार्टअप्स न केवल देश के भीतर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। टेक्नोलॉजी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य सेवा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टार्टअप्स ने ऐसे उत्पाद और सेवाएं विकसित की हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल उपयोगी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि इनोवेटिव भी हैं। </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">मेक इन इंडिया</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">और </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">वोकल फॉर लोकल</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसी पहलों ने इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन अभियानों ने न केवल स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में भी स्थान दिलाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कई तकनीकी संस्थानों और अनुसंधान केंद्रों की स्थापना की है। इन संस्थानों ने युवाओं को नए विचारों को विकसित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उन्हें वित्तीय सहायता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनी सलाह और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रख सकें।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टार्टअप्स की सफलता का एक और कारण है उनकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर। सरकार ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय स्टार्टअप्स को प्रस्तुत करने और उन्हें विदेशी निवेशकों से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस पहल से भारतीय उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने का मौका मिला है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीकी क्षेत्र में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय स्टार्टअप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स में उल्लेखनीय प्रगति की है। ये क्षेत्र भविष्य की तकनीकों का केंद्र हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भारत ने इस दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। सरकार की डिजिटल इंडिया और नवाचार आधारित नीतियों ने इन उपलब्धियों को संभव बनाया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्नाटक और दिल्ली स्टार्टअप्स के लिए सबसे प्रमुख केंद्रों के रूप में उभरे हैं। महाराष्ट्र</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो देश की वित्तीय राजधानी मुंबई का घर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्टार्टअप्स की संख्या और निवेश में अग्रणी है। कर्नाटक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष रूप से बेंगलुरु</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">को भारत की </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">सिलिकॉन वैली</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में जाना जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां तकनीकी स्टार्टअप्स का बोलबाला है। दिल्ली-एनसीआर ने भी ई-कॉमर्स और फिनटेक स्टार्टअप्स के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi"> मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भी तेजी से इस दौड़ में शामिल हो रहे हैं। मध्य प्रदेश में सरकारी समर्थन और स्टार्टअप पॉलिसी के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भारत ने एक मजबूत और आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया है। यह इकोसिस्टम न केवल युवाओं को सशक्त बना रहा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। यह प्रगति भारत को एक वैश्विक स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित कर रही है। भारतीय स्टार्टअप्स की यह यात्रा एक उज्ज्वल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मनिर्भर और नवाचार से भरे भारत की प्रेरक गाथा बयां करती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो न केवल भारतीय युवाओं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147428/new-heights-of-startups-under-the-leadership-of-prime-minister</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147428/new-heights-of-startups-under-the-leadership-of-prime-minister</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Jan 2025 16:20:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/download2.jpg"                         length="9312"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        