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                <title>aaj ki abdi khabare - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>टेढ़ी पुलिया चौकी के साये में सज रही जुए की महफिल, कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<h5><strong>🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ</strong></h5>
<p><strong>                                लखनऊ</strong> राजधानी के विकास नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी के पास कथित रूप से चल रहे जुए के अड्डे ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि चौकी से महज़ करीब 200 मीटर की दूरी पर झोपड़पट्टी के पास देर रात तक जुए की महफिल सजती है, जहां ताश और पैसों का खुला खेल चलता है।</p>
<hr />
<h2><strong>📍 क्या है पूरा मामला?</strong></h2>
<p>स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, संबंधित इलाके में पिछले काफी समय से जुए की गतिविधियां लगातार चल रही हैं। देर रात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169498/gambling-party-being-organized-in-the-shadow-of-tedhi-pulia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/tedhi-puliia.jpg" alt=""></a><br /><h5><strong>🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखनऊ</strong></h5>
<p><strong>                लखनऊ</strong> राजधानी के विकास नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी के पास कथित रूप से चल रहे जुए के अड्डे ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि चौकी से महज़ करीब 200 मीटर की दूरी पर झोपड़पट्टी के पास देर रात तक जुए की महफिल सजती है, जहां ताश और पैसों का खुला खेल चलता है।</p>
<hr />
<h2><strong>📍 क्या है पूरा मामला?</strong></h2>
<p>स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, संबंधित इलाके में पिछले काफी समय से जुए की गतिविधियां लगातार चल रही हैं। देर रात तक:</p>
<ul>
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p>ताश के पत्तों की आवाज</p>
</li>
<li>
<p>बाहरी लोगों की आवाजाही</p>
</li>
<li>
<p>संदिग्ध गतिविधियां</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p>खुलेआम देखी जाती हैं। इससे क्षेत्र में रहने वाले परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।</p>
<hr />
<h2><strong>🔴 सबसे बड़ा सवाल – चौकी से इतनी नजदीक कैसे?</strong></h2>
<p>जिस स्थान पर जुआ खेले जाने की चर्चा है, वह सीधे तौर पर टेढ़ी पुलिया पुलिस चौकी के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में कई अहम सवाल उठ रहे हैं:</p>
<ul>
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p>क्या चौकी पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है?</p>
</li>
<li>
<p>यदि जानकारी है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?</p>
</li>
<li>
<p>क्या गश्त व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है?</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के इतने पास इस तरह की गतिविधियां बिना किसी संरक्षण के संभव नहीं लगतीं।</p>
<hr />
<h2><strong>🗣️ स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया</strong></h2>
<p>इलाके के निवासियों में इसको लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि:</p>
<blockquote>
<p>“रात में यहां माहौल खराब हो जाता है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है। अगर पुलिस चाहे तो एक दिन में सब बंद हो सकता है।”</p>
</blockquote>
<p>कई परिवारों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है।</p>
<p></p><video style="width:100%;height:auto;" src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-02/whatsapp-video-2026-02-13-at-18.09.40.mp4" controls=""></video>
<hr />
<h2><strong>⚠️ चौकी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल</strong></h2>
<p>जब अवैध गतिविधि पुलिस चौकी के इतने करीब संचालित हो, तो स्वाभाविक रूप से निगरानी और गश्त व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि:</p>
<ul>
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p>नियमित पेट्रोलिंग की कमी</p>
</li>
<li>
<p>शिकायतों पर देरी</p>
</li>
<li>
<p>सख्त कार्रवाई का अभाव</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p>इस तरह के अड्डों को बढ़ावा दे रहा है।</p>
<hr />
<h2><strong>📌 कानून व्यवस्था पर असर</strong></h2>
<p>जुए जैसे अवैध धंधों के फलने-फूलने से न सिर्फ सामाजिक माहौल बिगड़ता है, बल्कि इससे:</p>
<ul>
<li>
<blockquote class="format2">
<ul>
<li>
<p>अपराधियों का मनोबल बढ़ता है</p>
</li>
<li>
<p>युवाओं पर गलत असर पड़ता है</p>
</li>
<li>
<p>आम जनता का पुलिस पर भरोसा कमजोर होता है</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते कार्रवाई न होने पर ऐसे अड्डे बड़े अपराध का केंद्र बन सकते हैं।</p>
<hr />
<h2><strong>🏛️ पुलिस का पक्ष</strong></h2>
<p>फिलहाल इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई हैं और मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>हालांकि, अब तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में निराशा बनी हुई है।</p>
<hr />
<h2><strong>🔍 आगे क्या?</strong></h2>
<blockquote class="format2">
<p>क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द:</p>
<ul>
<li>
<p>मौके पर छापेमारी करेगा</p>
</li>
<li>
<p>दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगा</p>
</li>
<li>
<p>इलाके में नियमित गश्त बढ़ाएगा</p>
</li>
<li>
<p>अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाएगा</p>
</li>
</ul>
</blockquote>
<hr />
<h2><strong>✍️ निष्कर्ष</strong></h2>
<p>      टेढ़ी पुलिया क्षेत्र में कथित तौर पर चल रहा जुए का अड्डा राजधानी की कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। पुलिस चौकी के इतने नजदीक अवैध गतिविधियों का संचालन प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस मामले पर संज्ञान लेकर ठोस कदम उठाते हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169498/gambling-party-being-organized-in-the-shadow-of-tedhi-pulia</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 18:48:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में यौन शोषण का आरोप: पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<h3 style="text-align:justify;">  </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज: शंकराचार्य <strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती</strong> के आश्रम/शिविर को लेकर गंभीर और संवेदनशील आरोप सामने आए हैं। जगद्गुरु <strong>रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज</strong> ने 8 फरवरी को प्रयागराज की <em>स्पेशल पॉक्सो कोर्ट</em> में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के साथ यौन शोषण करने और <em>गुरुकुल</em> के नाम पर बाल उत्पीड़न जैसी गंभीर गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 याचिका में क्या दावा है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि गुरुकुल के नाम पर चल रहे शिविर में बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार होता रहा है।<br />• याचिका</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169320/petition-in-pocso-court-alleging-sexual-exploitation-in-vimukteshwaranands-camp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/hq7201.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<h3 style="text-align:justify;"> </h3>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज: शंकराचार्य <strong>स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती</strong> के आश्रम/शिविर को लेकर गंभीर और संवेदनशील आरोप सामने आए हैं। जगद्गुरु <strong>रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज</strong> ने 8 फरवरी को प्रयागराज की <em>स्पेशल पॉक्सो कोर्ट</em> में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के साथ यौन शोषण करने और <em>गुरुकुल</em> के नाम पर बाल उत्पीड़न जैसी गंभीर गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 याचिका में क्या दावा है?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि गुरुकुल के नाम पर चल रहे शिविर में बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार होता रहा है।<br />• याचिका में आरोपों की पुष्टिकरण के लिए दो बच्चों को भी कोर्ट में पेश किया गया है।<br />• याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि अविमुक्तेश्वरानंद के पास उनकी आय से कहीं अधिक संपत्ति है, और इसी कारण मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। (<a title="शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप: जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने लगाई याचिका, 2 बच्चों को कोर्ट में किया पेश" href="https://bansalnews.com/uttar-pradesh/prayagraj/shankaracharya-avimukteshwarananda-controversy-child-abuse-allegations-ashutosh-brahmachari-maharaj-hindi-news-rkg-11097459?utm_source=chatgpt.com">Bansal News</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 कोर्ट की प्रतिक्रिया:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने याचिका पर दोनों पक्षों से जवाब मांगा है।<br />• बताया जा रहा है कि अविमुक्तेश्वरानंद के वकील या प्रतिनिधि ने अदालत में अपने पक्ष का जवाब पहले ही दर्ज करा दिया है।<br />• अगली सुनवाई 20 फरवरी को होने की संभावना है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जवाब:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद या उनके प्रतिनिधियों ने अदालत में आरोपों को <em>बेबुनियाद</em> बताया है और इन दावों को <em>न्यायालय में जवाब दे दिया</em> है। हालांकि, इस तरह की आधिकारिक सफाई का विस्तृत बयान सार्वजनिक रूप से नहीं आया है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 मामले का कानूनी संदर्भ:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• यह मामला <em>पीओसीसो (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट</em> की दायर की गई याचिका के रूप में दर्ज हुआ है, जो बच्चों के प्रति यौन अपराधों के लिए खास कानून है।<br />• अदालत इस याचिका पर जांच के निर्देश, एफआईआर दर्ज कराने या अन्य आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>📌 सामाजिक प्रतिक्रिया:</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">• इस मामले पर सार्वजनिक बहस और चर्चाएँ बढ़ रही हैं।<br />• समर्थक और विरोधी दोनों तरफ के ग्रुप अपने-अपने बयानों के साथ सामने आ रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पुलिस जांच या एफआईआर की जानकारी अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में बच्चों से कुकर्म का आरोप:रामभद्राचार्य के शिष्य ने पॉक्सो कोर्ट में शिकायत की, शंकराचार्य बोले- कोर्ट में जवाब दे दिया है – Punjab Ka Sach" href="https://www.punjabkasach.com/local-uttar-pradesh-prayagraj-news-prayagraj-mathura-ashutosh-maharaj-shankaracharya-avi-mukteshwaranand-controversy-court-case/?utm_source=chatgpt.com">punjabkasach.com</a>)</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>🔎 स्थिति स्पष्ट नहीं — अभी तक पुलिस ने कोई FIR (First Information Report) दर्ज करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं दी है, और यह मामला अदालत में प्रगतिशील प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहा है। कोर्ट का अगला दिन (20 फरवरी) महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी। (<a title="अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप में बच्चों से कुकर्म का आरोप: रामभद्राचार्य के शिष्य ने याचिका दायर की, 2 बच्चे पेश किए गए | Allegations of child abuse at Avimukteshwarananda's camp: Rambhadracharya's disciple files petition, 2 children produced" href="https://www.rewariyasat.com/prayagraj/prayagraj-pocso-court-ashutosh-brahmachari-avinukteshwaranand-case-update-536955?utm_source=chatgpt.com">Rewa Riyasat</a>)</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169320/petition-in-pocso-court-alleging-sexual-exploitation-in-vimukteshwaranands-camp</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:34:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार के चार अधिकारियों को मतदाता सूची में गलत नाम शामिल करने और डेटा सुरक्षा से समझौता करने के आरोप में निलंबित किया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को चुनाव कानूनों के प्रावधानों के तहत चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बरुईपुर पूर्व और मोयना निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अनधिकृत प्रविष्टियों का खुलासा करने वाली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के बाद पश्चिम बंगाल के चार चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में  चुनाव आयोग ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ द्वारा की गई अनियमितताओं के सीईओ के निष्कर्षों का हवाला दिया है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153765/the-election-commission-on-tuesday-suspended-four-officers-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/election-commision1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को चुनाव कानूनों के प्रावधानों के तहत चार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भी कहा। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बरुईपुर पूर्व और मोयना निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची में अनधिकृत प्रविष्टियों का खुलासा करने वाली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की रिपोर्ट के बाद पश्चिम बंगाल के चार चुनाव अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य सचिव को लिखे अपने पत्र में  चुनाव आयोग ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक ईआरओ द्वारा की गई अनियमितताओं के सीईओ के निष्कर्षों का हवाला दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ये अधिकारी - देबोत्तम दत्ता चौधरी (ईआरओ), तथागत मंडल (एईआरओ), बिप्लब सरकार (ईआरओ), और सुदीप्त दास (एईआरओ) मतदाता सूची तैयार करने, उसमें संशोधन और सुधार के लिए ज़िम्मेदार थे। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया कि उनके खिलाफ "उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही" शुरू की जाए और "आपराधिक कदाचार" के लिए एफआईआर दर्ज की जाए। आकस्मिक डेटा एंट्री ऑपरेटर सुरोजित हलदर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग द्वारा मतदाता आवेदन पत्रों (फॉर्म 6) की नमूना जाँच के दौरान ये विसंगतियाँ सामने आईं। चुनाव आयोग ने पाया कि अधिकारियों ने उचित प्रक्रिया का उल्लंघन किया है, जिसके लिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32(1) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। सीईओ के आदेशों के बाद, जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) को पिछले वर्ष संसाधित सभी मतदाता प्रपत्रों की जाँच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारियों की टीम गठित करनी होगी और 14 अगस्त, 2025 तक एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने और "शीघ्रतम" कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, चुनाव आयोग द्वारा राज्य की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए दिए जा रहे प्रयास का विरोध कर रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एशिया</category>
                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 22:16:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अकाली दल ने संसद के सामने किया विरोध प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख मंत्री का पुतला जलने से रोका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152482/akali-dal-protested-in-front-of-parliament"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250608-wa0058.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात विशेष संवाददाता प्रदीप यादव </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली सरकार और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कथित गठजोड़ के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल दिल्ली इकाई ने आज संसद की ओर मार्च किया। हजारों की संख्या में सिख संगतों ने सतनाम-वाहिगुरु के जाप के साथ शिरोमणि अकाली दल दफ्तर से संसद की ओर रुख किया। पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना और मनजीत सिंह जीके के नेतृत्व में यह मार्च शुरू हुआ, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब चौक पर बैरिकेडिंग करके रोक लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद, दोनों नेताओं ने शहीद मास्टर तारा सिंह की मूर्ति के सामने संगतों को संबोधि अकाली नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत दिल्ली कमेटी के दो चुने हुए सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि यह सिखों के धार्मिक मामलों में सरकार की सीधी दखलंदाजी है। पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि भाजपा लगातार सिखों की धार्मिक कमेटियों में दखल दे रही है, और यह दखल अब दिल्ली कमेटी तक पहुंच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने अदालत के आदेशों की अनदेखी करते हुए गैर-कानूनी तरीके से कमेटी के सदस्य बदले हैं। दिल्ली पुलिस और मुख्यमंत्री का पुतला जलाने का विरोध  प्रदर्शन के दौरान,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का पुतला जलाने से रोक दिया और पुतला फाड़ दिया, जिससे कुछ समय तक टकराव की स्थिति बनी रही।मनजीत सिंह जीके ने कहा कि अकाली दल यह संघर्ष सड़कों से लेकर अदालतों तक लड़ेगा और सरकार की अन्यायपूर्ण नीतियों का विरोध करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है और पर्दे के पीछे सरकारी कर्मचारियों को आगे करके यह खेल खेला जा रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि उनका गुस्सा दिल्ली सरकार और दिल्ली कमेटी दोनों के खिलाफ है।इस मौके पर दिल्ली कमेटी के कई सदस्य और शिरोमणि अकाली दल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।यह प्रदर्शन दिल्ली सरकार के खिलाफ सिख संगतों की बढ़ती नाराजगी और धार्मिक मामलों में सरकार की दखलंदाजी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Jun 2025 21:14:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेलवे स्टेशनों में सुविधा को लेकर भाजपा का जनप्रतिनिधि मंडल D.R.M. प्रयागराज से मिला।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>(प्रयागराज)  बारा ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा में रेलवे स्टेशन के सुधार एवं गाड़ियों के ठहराव के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा विभवनाथ भारती  के नेतृत्व में डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) से शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन एवं इरादतगंज रेलवे स्टेशन से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर भाजपा जनप्रतिनिधि मंडल मिला जिसमें से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जल्द से जल्द काम करने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  शंकरगढ़ रेलवे फाटक नंबर 415 B बंद होने के बाद काफी जाम की स्थिति आ जाती है, जिससे फाटक खुलने के बाद पुनः गाडी आने पर बंद करने में समस्या होती है और गाडी को</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकरगढ़</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152479/bjps-public-representative-board-met-drm-prayagraj-regarding-the-facility"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250607-wa0161.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>(प्रयागराज)  बारा ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधानसभा में रेलवे स्टेशन के सुधार एवं गाड़ियों के ठहराव के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा विभवनाथ भारती  के नेतृत्व में डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) से शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन एवं इरादतगंज रेलवे स्टेशन से संबंधित विभिन्न समस्याओं को लेकर भाजपा जनप्रतिनिधि मंडल मिला जिसमें से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जल्द से जल्द काम करने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> शंकरगढ़ रेलवे फाटक नंबर 415 B बंद होने के बाद काफी जाम की स्थिति आ जाती है, जिससे फाटक खुलने के बाद पुनः गाडी आने पर बंद करने में समस्या होती है और गाडी को आउटर में ही खड़ा करना पड़ता है यदि बाजार की तरफ से तालापार पुलिया होते हुए मोदीनगर तक की पूरी रोड सहित RUB बन जाए तो रेलवे तथा आम जनमानस को काफी फायदा होगा  l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन से भोपाल होते हुए कोई भी ट्रेन नहीं है शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन से लगभग 270 गाँव उत्तर प्रदेश तथा 100 से ज्यादा गाँव मध्य प्रदेश के यात्री यहाँ से गाड़ी पकड़ते हैं तथा N.T.P.C. भी है अतः जनहित में ट्रेन संख्या 11071 व 11072 कामायनी एक्सप्रेस का ठहराव अति आवश्यक है |शंकरगढ़ रेलवे स्टेशन 25 से भी ज्यादा गाड़ियों का ठहराव है परन्तु उक्त स्टेशन में पेयजल की सुविधा न के बराबर है l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घूरपुर भीटा फाटक में R.U.B. का निर्माण जनप्रतिनिधि मंडल में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष भाजपा संतोष त्रिपाठी जी, जिला प्रमुख भाजपा आईटी सेल सतीश विश्वकर्मा व अजय जी रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Jun 2025 21:07:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाग में मिलने आओ’…प्रेमिका ने बुलाया, छिपकर बैठे पिता-भाई ने कर दिया बड़ा कांड</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के पड़री गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक प्रेमी को प्रेमिका के पिता और भाई ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया. प्रेमिका ने अपने प्रेमी को रात में बाग में मिलने के लिए बुलाया था. जब प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने बाग में गया तो घात लगा कर बैठे प्रेमिका के पिता और भाई ने लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला बोल दिया. गंभीर घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई.</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बता दें कि 25 वर्षीय कृष्णा राजभर अपने ही गांव की एक युवती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152453/come-to-meet-in-the-garden%E2%80%A6-girlfriend-called-the-father-brother"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250607-wa0350.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के पड़री गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक प्रेमी को प्रेमिका के पिता और भाई ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया. प्रेमिका ने अपने प्रेमी को रात में बाग में मिलने के लिए बुलाया था. जब प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने बाग में गया तो घात लगा कर बैठे प्रेमिका के पिता और भाई ने लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला बोल दिया. गंभीर घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बता दें कि 25 वर्षीय कृष्णा राजभर अपने ही गांव की एक युवती खुशी से प्यार करता था. दोनों के बीच पिछले दो सालों से लव अफेयर चल रहा था, लेकिन लड़की के पिता और भाई को यह बात नागवार गुजर रही थी, जिसके बाद दोनों ने युवक को रास्ते से हटाने का फैसला लिया. प्रेमिका के पिता राम सेवक और भाई आनंद ने खुशी से रात में फोन करवा कर गांव की एक बाग में मिलने के लिए बुलाया.</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>प्रेमिका के भाई और पिता ने की हत्या</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब कृष्णा अपनी प्रेमिका से मिलने बाग में गया तो प्रेमिका के पिता और भाई ने हमला बोल दिया. मारपीट और चिल्लाने को आवाज सुनकर कृष्णा का भाई बाग की तरफ दौड़ा, जहां पर उस का भाई मरणासन्न अवस्था में पड़ा मिला, जिसके बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई. गंभीर रूप से घायल कृष्णा को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.सीओ ने दी घटना की जानकारी दी वहीं परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. सीओ सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 18:49:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत मड़ियाहूं को आदर्श बनाने का लिया है संकल्प : रूखसाना कमाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong></p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">16वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत को और कैसा बेहतर बनाया जाए इसको लेकर लखनऊ में आवश्यक बैठक नगर निगम के महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस बैठक में पूर्वांचल की एकमात्र मड़ियाहूं नगर पंचायत अध्यक्ष रूखसाना कमाल को भी आमंत्रित किया गया था।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बैठक में वाराणसी, गोरखपुर, पीलीभीत, देवरिया, महोबा, कानपुर देहात, लखनऊ, गाजियाबाद व बलिया के अध्यक्षगण भी मौजूद थे। मड़ियाहूं नगर पंचायत अध्यक्ष रूखसाना कमाल ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के साथ-साथ मड़ियाहूं नगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152448/sankalp-rukhsana-is-amazing-to-make-nagar-panchayat-madiahu-ideal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/1003947811.jpg" alt=""></a><br /><p dir="ltr" style="text-align:justify;"><strong>जौनपुर।</strong></p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">16वें केंद्रीय वित्त आयोग द्वारा नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत को और कैसा बेहतर बनाया जाए इसको लेकर लखनऊ में आवश्यक बैठक नगर निगम के महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष व नगर पंचायत अध्यक्ष की उपस्थिति में सम्पन्न हुई। इस बैठक में पूर्वांचल की एकमात्र मड़ियाहूं नगर पंचायत अध्यक्ष रूखसाना कमाल को भी आमंत्रित किया गया था।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">बैठक में वाराणसी, गोरखपुर, पीलीभीत, देवरिया, महोबा, कानपुर देहात, लखनऊ, गाजियाबाद व बलिया के अध्यक्षगण भी मौजूद थे। मड़ियाहूं नगर पंचायत अध्यक्ष रूखसाना कमाल ने 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के साथ-साथ मड़ियाहूं नगर पंचायत में और बेहतर कार्य किया जा सकता है, रिपोर्ट कार्ड अध्यक्ष के सामने पेश किया। 15वें वित्त आयोग में आने वाली समस्याओं के बारे में भी विस्तृत जानकारी पेश की।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">रूखसाना कमाल ने बताया कि वे निर्दल प्रत्याशी के रूप में जनता के आशीर्वाद से लगातार दूसरी बार मड़ियाहूं नगर पंचायत की अध्यक्ष चुनी गईं और आज केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष अपना लेखा-जोखा पेश कर रही है। उन्होंने केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष से मांग किया कि मड़ियाहूं नगर पंचायत को और बेहतर व आदर्श कैसे बनाया जाए, इसके लिए हम लोग मिलकर सरकार की योजनाओं को लागू करते हुए जनता व जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। प्रदेश की सभी सरकारी योजनाओं का लाभ जहां जनता को दिया जा रहा है वहीं केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाओं का लाभ भी हम लोग जनता को देने में जुटे हैं।</p>
<p dir="ltr" style="text-align:justify;">गौरतलब है कि पूरे उत्तर प्रदेश से 10 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों को ही इस बैठक में आमंत्रित किया गया था जिसमें भाजपा व उनके गठबंधन के अध्यक्ष ही मौजूद थे। रूखसाना कमाल एकलौती निर्दल महिला नगर पंचायत अध्यक्ष इस बैठक में मौजूद थी, जिन्होंने मड़ियाहूं के विकास का संकल्प ले रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 17:00:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सपा नेता ने शहर में लगाया विवादित पोस्टर, मचा हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ब्यूरो चीफ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज के शहर  जार्ज टाउन में सपा छात्रसभा से जुड़े छात्र नेता ने विवादित पोस्टर लगाया है। इसके माध्यम से भाजपा सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया गया है। पोस्टर पर लिखा है कि भाजपा के सामुदायिक सौतेले व्यवहार का जीता जागता उदाहरण है कि भड़काऊ भाषण देने पर भाजपा के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए और उनकी सदस्यता गई।। यह पोस्टर पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">छात्र नेता की ओर से लगाए गए पोस्टर में भाजपा और सपा के चार-चार</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152367/sp-leader-created-disputed-poster-in-the-city"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20250604-wa0137.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज ब्यूरो चीफ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज के शहर  जार्ज टाउन में सपा छात्रसभा से जुड़े छात्र नेता ने विवादित पोस्टर लगाया है। इसके माध्यम से भाजपा सरकार पर पक्षपात करने का आरोप लगाया गया है। पोस्टर पर लिखा है कि भाजपा के सामुदायिक सौतेले व्यवहार का जीता जागता उदाहरण है कि भड़काऊ भाषण देने पर भाजपा के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सपा नेताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए और उनकी सदस्यता गई।। यह पोस्टर पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">छात्र नेता की ओर से लगाए गए पोस्टर में भाजपा और सपा के चार-चार नेताओं की फोटो लगाई गई है, जो लोग विवादित बयान देने के बाद चर्चा में रहे। इसमें लिखा गया है कि भड़काऊ भाषण देने वाले भाजपा के नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि सपा नेताओं पर न सिर्फ कार्रवाई की गई, बल्कि उनकी विधानसभा की सदस्यता भी खत्म हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पोस्टर में भाजपा नेता सांसद अनुराग ठाकुर, मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी और भाजपा नेता नुपुर शर्मा का चित्र लगा है जबकि दूसरी तरफ सपा नेता आजम खां, अफजाल अंसारी, इरफान सोलंकी और अब्बास अंसारी का चित्र लगा है। सपा के छात्र नेता सद्दाम अंसारी कामरेड अंसारी की ओर से लगाए गए इस पोस्टर में लिखा गया है कि भाजपा बताए कि आपत्तिजनक टिप्पणी का मानदंड क्या होता है। क्या आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सिर्फ मुसलमानों की सदस्यता रद्द होती है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 14:45:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भीड़ का हिस्सा नहीं, संवेदनशील, दायित्ववान एवं अनुशासित सहभागी बनें</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश, शिक्षाविद् </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और खेल आयोजन हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक उत्साह के प्रतीक हैं। ये आयोजन निरंतर होते रहते हैं, किंतु जब यही उत्सव असंवेदनशीलता, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता के कारण त्रासदी का रूप ले लेते हैं, तो एक गंभीर प्रश्न उठता है—क्या हम केवल एक भीड़ हैं या एक जिम्मेदार समाज? क्या भीड़ प्रबंधन केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है? क्या सहभागियों का कोई दायित्व नहीं बनता?</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हमारे देश में भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण अनेक त्रासद घटनाएं घट चुकी हैं। 1954 के प्रयागराज कुंभ में हुई भगदड़</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152365/become-a-sensitive-responsible-and-disciplined-partner-not-part-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img-20241207-wa0003.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लेखक:प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश, शिक्षाविद् </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और खेल आयोजन हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक उत्साह के प्रतीक हैं। ये आयोजन निरंतर होते रहते हैं, किंतु जब यही उत्सव असंवेदनशीलता, अव्यवस्था और अनुशासनहीनता के कारण त्रासदी का रूप ले लेते हैं, तो एक गंभीर प्रश्न उठता है—क्या हम केवल एक भीड़ हैं या एक जिम्मेदार समाज? क्या भीड़ प्रबंधन केवल शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है? क्या सहभागियों का कोई दायित्व नहीं बनता?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हमारे देश में भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण अनेक त्रासद घटनाएं घट चुकी हैं। 1954 के प्रयागराज कुंभ में हुई भगदड़ स्वतंत्र भारत की पहली बड़ी चेतावनी थी, जिसने प्रशासनिक सीमाओं को उजागर किया। इसके बाद 2003 में नासिक कुंभ;</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2008 में नांदेड़ (हुज़ूर साहिब गुरुद्वारा), नैना देवी मंदिर (हिमाचल प्रदेश);2011में पुलुमेदु मकर संक्रांति मेला, केरल;</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">2013 में रतनगढ़ मंदिर, दतिया (मध्य प्रदेश);2014 में पटना देवी मंदिर (बिहार), डोमरी गांव (वाराणसी),2014 में दशहरा समारोह, पटना;2015 में पुष्करम उत्सव, राजमुंदरी (आंध्र प्रदेश);2022 में वैष्णो देवी मंदिर;2023 में कुबेरेश्वर धाम, रुद्राक्ष महोत्सव;2024 में हैदराबाद थिएटर हादसा;2024 में हाथरस, सत्संग के बाद भगदड़;2025 में महाकुंभ हादसा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन हादसा, चिन्नास्वामी स्टेडियम (बेंगलुरु) के बाहर आईपीएल विजय का जश्न जैसे आयोजनों में विभिन्न कारणों से भीड़ अनियंत्रित हुई, भगदड़ मची और कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन हादसों की जिम्मेदारी किस पर डाली जाए? क्या आयोजनकर्ता पूर्णतः दोषी हैं? क्या प्रशासनिक व्यवस्था ही विफल रही? या फिर क्या भीड़ में शामिल हर व्यक्ति को भी आत्ममंथन नहीं करना चाहिए?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीड़भाड़ वाले आयोजनों में भाग लेना अनुचित नहीं है, किंतु सहभागी बनने से पहले कुछ मूलभूत प्रश्नों पर विचार करना आवश्यक है:क्या आयोजन को प्रशासन से अनुमति प्राप्त है?;</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आयोजन स्थल की क्षमता और व्यवस्था कैसी है?;क्या यह आयोजन केवल आमंत्रित या पासधारकों के लिए है या सभी के लिए खुला है?;निजी वाहन लेकर वहां जाना कितना उचित है?;</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या भीड़ में मेरी उपस्थिति आवश्यक है या घर से भी इसे देखा जा सकता है?आज के तकनीकी युग में बहुत से आयोजन घर बैठे टीवी या डिजिटल माध्यमों से देखे जा सकते हैं। यदि हर व्यक्ति यह मान ले कि वह केवल दर्शक नहीं, बल्कि आयोजन का सह-व्यवस्थापक  है, तो कई समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम यह भूल जाते हैं कि लाइन तोड़ने वाला, धक्का देने वाला, गेट पर चिल्लाने वाला,शोर मचाते हुए, झंडा लहराते हुए तेज रफ्तार में दो पहिए वाहन चलाने वाला,अफवाह फैलाने वाला, नियमों की अनदेखी करने वाला व्यक्ति स्वयं अव्यवस्था का हिस्सा बन जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भीड़ प्रबंधन केवल पुलिस बल, बैरिकेडिंग, स्मार्ट निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी, ड्रोन, RFID टैगिंग, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, मोबाइल ऐप्स, हाईटेक लाउडस्पीकर या वर्चुअल रूट मैपिंग से संभव नहीं। इसका मूल आधार है अनुशासन, संवाद और नागरिक सहयोग।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक जिम्मेदार सहभागी वही होता है जो समय का पालन करे,</div>
<div style="text-align:justify;">अनुशासन में रहे,अफवाहों से बचे,दूसरों की सुविधा का उतना ही ध्यान रखे जितना अपनी, असहज, असहाय लोगों की मदद करे,प्रशासन का सहयोग करे।यह आचरण किसी कानून या प्रशिक्षण से नहीं आता, बल्कि सामाजिक चेतना और नैतिक अनुशासन से उत्पन्न होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हमें यह स्वीकार करना होगा कि हादसे केवल व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि हमारे सामूहिक असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार व्यवहार का भी परिणाम होते हैं। जांच रिपोर्ट, मुआवजा और खेद-प्रकट करना पर्याप्त नहीं। जरूरत है आत्मचिंतन और सक्रिय नागरिक सहभागिता की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब समय आ गया है कि हम आयोजनों को केवल 'उपस्थित रहने' की प्रक्रिया न मानें, बल्कि अपनी भूमिका को रचनात्मक रूप से परिभाषित करें। जब हर नागरिक स्वयं को उत्तरदायी मानेगा, तभी भारत की आयोजन-संस्कृति सुरक्षित, गरिमामय और प्रभावशाली बन सकेगी। अतः भीड़ नहीं—संवेदनशील, दायित्ववान और अनुशासित सहभागी बनना ही आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Jun 2025 14:42:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दबंगों द्वारा बिंद बस्ती की बांस के डंडे से पीट कर तोड़ी गई लाइट।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।                 \</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यमुना पार कौंधियारा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा पंवरी माजरा डीहवा बिंद बस्ती मैं ग्राम सभा चक संगत दास से जलती थी बिजली    आज दिनांक 26 को      चक संगत दास के मास्टर राकेश आदिवासी पुत्र संगम लाल आदिवासी द्वारा बांस के डंडे से   पीट कर तार को तोड़ दिया गया जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है भीषण गर्मी होने के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है l</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">          ग्रामीणों के कहने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक होने की पावर दिखाते हुए कहा कि लाइट हम तोड़ दिए हैं जिसको जो करना है कर लीजिए हम किसी से</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152323/light-was-broken-by-the-bullies-beating-with-a-bamboo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/img_20250531_202902.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।                 \</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यमुना पार कौंधियारा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा पंवरी माजरा डीहवा बिंद बस्ती मैं ग्राम सभा चक संगत दास से जलती थी बिजली    आज दिनांक 26 को      चक संगत दास के मास्टर राकेश आदिवासी पुत्र संगम लाल आदिवासी द्वारा बांस के डंडे से   पीट कर तार को तोड़ दिया गया जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है भीषण गर्मी होने के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है l</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     ग्रामीणों के कहने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक होने की पावर दिखाते हुए कहा कि लाइट हम तोड़ दिए हैं जिसको जो करना है कर लीजिए हम किसी से नहीं डरते हैं  ग्रामीण काफी मिंनत मांगते रहे कि भैया गर्मी का दिन है लाइट चलने दीजिए लेकिन किसी की नहीं सुनी  एक तरफ सरकार वादा करती  है</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Jun 2025 14:09:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बांधों की नहीं भरी गई दरारें, जिले में बाढ़  मचाएगी तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थनगर। बरसात का मौसम शुरू होने में अब  सिर्फ दो पखवाड़ा ही शेष रह गया है, लेकिन बाढ़ से बचाव के लिए सरकारी महकमे में कोई हलचल नहीं दिख रही है। इस समय तक बाढ़ से बचाव के लिए 39 बांधों की मरम्मत, गैप व कटान स्थलों पर मरम्मत का काम अंतिम चरण में होना चाहिए था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, कुछ जगहों पर कार्य शुरु हुए हैं अधिकांश जगहों पर शुरू भी नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब बीते वर्ष सितंबर माह में आई बाढ़ से जिले में शहर से गांव तक त्राहि-त्राहि मची</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151961/dams-not-filled-cracks-will-cause-floods-in-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/1747490204266.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थनगर। बरसात का मौसम शुरू होने में अब  सिर्फ दो पखवाड़ा ही शेष रह गया है, लेकिन बाढ़ से बचाव के लिए सरकारी महकमे में कोई हलचल नहीं दिख रही है। इस समय तक बाढ़ से बचाव के लिए 39 बांधों की मरम्मत, गैप व कटान स्थलों पर मरम्मत का काम अंतिम चरण में होना चाहिए था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, कुछ जगहों पर कार्य शुरु हुए हैं अधिकांश जगहों पर शुरू भी नहीं हो सका है। यह हाल तब है जब बीते वर्ष सितंबर माह में आई बाढ़ से जिले में शहर से गांव तक त्राहि-त्राहि मची हुई थी। ऐसे में इस साल भी पिछले साल के हालात सोचकर लोग चिंतित हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> हर वर्ष बाढ़ की तबाही झेलने वाले इस जिले के लिए पिछले साल बाढ़ की  तबाही का रहा। पिछले साल आई बाढ़ से जिले के लगभग छह सौ गांव जलमग्न हो गए थे। जिनमें से करीब चार सौ गांव मैरूंड थे। इससे जिले की पांच तहसील नौगढ़, बांसी, शोहरतगढ़, इटवा और डुमरियागंज की 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र डूबने से फसल नष्ट हो गई और पांच लाख आबादी प्रभावित रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नदियों में अधिक पानी आने से कई स्थानों पर बांध टूटने के साथ ही कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई घर ध्वस्त हो गए। इस वर्ष बाढ़ की तैयारी पर हाल यह है कि कुछ बांधों पर मरम्मत एवं कटान स्थलों पर बचाव कार्य कराए जा रहे है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन बाढ़ की विभीषिका पर नजर दौड़ाएं तो यह नाकाफी लग रहा है। बाढ़ से प्रभावित गांव के लोग कहते है कि अगर बचाव का स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा तो जिले के लोगों को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिल सकेगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 22:04:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिंदी विरोध को बनाना चाहते हैं सत्ता बचाने का हथियार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">देश में नई शिक्षा नीति  और त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर तमिलनाडु के नेता जिस प्रकार का बयान दे रहे हैं, वह सिर्फ भड़‌काऊ होने के साथ ही राजनीतिक स्वार्थ से ओत-प्रोत है। भाषा को लेकर संकीर्ण सोच से ऊपर उठने के बजाय राज्य के नेता इस मुद्दे पर राजनीति चमकाने में जुटे हैं, इसके पीछे उनका सिर्फ एक ही मकसद है वोट बैंक की राजनीति। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस विवाद को बड़ा फलक देते हुए यहां तक कह दिया है कि तमिलनाडु 'एक और भाषा युद्ध' के लिए तैयार है। उनके अनुसार केंद्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149269/want-to-make-hindi-opposition-to-the-weapon-to-save"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/hindi.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश में नई शिक्षा नीति  और त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर तमिलनाडु के नेता जिस प्रकार का बयान दे रहे हैं, वह सिर्फ भड़‌काऊ होने के साथ ही राजनीतिक स्वार्थ से ओत-प्रोत है। भाषा को लेकर संकीर्ण सोच से ऊपर उठने के बजाय राज्य के नेता इस मुद्दे पर राजनीति चमकाने में जुटे हैं, इसके पीछे उनका सिर्फ एक ही मकसद है वोट बैंक की राजनीति। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस विवाद को बड़ा फलक देते हुए यहां तक कह दिया है कि तमिलनाडु 'एक और भाषा युद्ध' के लिए तैयार है। उनके अनुसार केंद्र अगर तमिलनाडु में नई शिक्षा नीति लागू करता है, तो उसे 2000 करोड़ रुपये मिलेंगे। लेकिन 2000 करोड़ क्या अगर केंद्र 10000 करोड़ रुपये भी देती है, तो हम नई शिक्षा नीति नहीं लागू करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्य सरकार हिंदी को लागू करने की अनुमति नहीं देगी और तमिल भाषा और संस्कृति की रक्षा करेगी। डीएमके सरकार का दावा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन-भाषा फॉर्मूले के जरिए हिंदी थोपने की कोशिश की जा रही है। साथ ही स्टालिन ने आरोप लगाया कि 25 से अधिक उत्तर भारतीय भाषाओं को हिंदी और संस्कृत के प्रभुत्व के कारण नुकसान हुआ है। उनका दावा है कि यदि तमिलनाडु तीन-भाषा नीति को स्वीकार कर लेता है, तो तमिल को नजरअंदाज कर दिया जाएगा और भविष्य में संस्कृत का दबदबा रहेगा। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। सीएम स्टालिन ने अपने पत्र में कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मैथिली, ब्रजभाषा, बुंदेलखंडी और अवधी जैसी भाषाओं को हिंदी के प्रभुत्व ने खत्म कर दिया है। केंद्र का कहना है कि एनईपी के जरिये किसी राज्य पर कोई भाषा नहीं थोपी जा रही है। किसी भी राज्य या समुदाय पर कोई भी भाषा थोपने का सवाल ही नहीं उठता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एनईपी 2020 भाषायी स्वतंत्रता के सिद्धांत को कायम रखता है और यह सुनिशित करता है कि छात्र अपनी पसंद की भाषा में सीखना जारी रखें। भाषा को लेकर संकीर्ण सोच से ऊपर उठने के बजाय राज्य के नेता इस मुद्दे पर राजनीति चमकाने में जुटे हैं। तमिलनाडु में हिंदी विरोध का लंबा इतिहास है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने दक्षिण भारत में वर्ष 1918 में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की स्थापना की थी। वे हिंदी को भारतीयों को एकजुट करने वाली भाषा मानते थे। तब ही तमिलनाडु में हिंदी विरोध शुरू हो गया था। ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में तमिलनाडु को मद्रास प्रेसिडेंसी कहा जाता था। तब 1937 में सी. राजगोपालाचारी की सरकार ने स्कूलों में हिंदी को अनिवार्य किया, तो तमिलनाडु में इसके खिलाफ तीन साल तक आंदोलन चला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फैसला वापस लेने पर आंदोलन तो खत्म हो गया, पर इसने राज्य में हिंदी विरोध के जो बीज बोए थे, वे जब-तब अंकुरित होने लगते हैं। क्षेत्रीय पार्टियां राजनीतिक फायदे के लिए इन्हें खाद-पानी मुहैया कराती रहती हैं। तमिलनाडु के स्कूलों में 1967 से दो-भाषा फॉर्मूले (तमिल और अंग्रेजी) का पालन किया जा रहा है। त्रिभाषा फॉर्मूले के तहत हिंदी वहां क्षेत्रीय पार्टियों के लिए आंख की किरकिरी बनी हुई है। शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने के इस नीति के मकसद के बावजूद ये पार्टियां पुराना राग नहीं छोड़ना चाहतीं। द्रमुक की मौजूदा सरकार पर केंद्र की यह चेतावनी भी बेअसर रही कि जब तक तमिलनाडु एनईपी को पूरी तरह लागू नहीं करेगा, उसे समग्र शिक्षा निधि की 2952 करोड़ रुपए की राशि जारी नहीं की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तमिलनाडु सरकार हिंदी के पठन-पाठन के दरवाजे इसलिए बंद रखना चाहती है, क्योंकि उसे लगता है कि एक बार दरवाजे खुले तो राजनीति का रंग-रोगन बदल जाएगा। नई शिक्षा नीति हिंदी थोपने के बजाय विद्यार्थियों को एक अतिरिक्त भाषा सीखने का अवसर दे रही है। हकिकत यह है कि नई शिक्षा नीति में हमने क्षेत्रीय भाषाओं को महत्व दिया है। यह हर क्षेत्रीय भाषा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नई शिक्षा के माध्यम के रूप में मातृभाषा के उपयोग की सिफारिश को लागू किया गया है। इसमें मातृभाषा, स्थानीय भाषा या क्षेत्रीय भाषा का विकल्प भी दिया गया है। भाषा नीति का मूल आधार त्रिभाषा फार्मूला है, जिसके अनुसार स्कूली विद्यार्थियों को तीन भाषाओं का ज्ञान अनिवार्य रूप से होना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही तमिल, तेलगू, कनड़, फारसी, संस्कृत और शास्त्रीय भाषाओं के अध्ययन पर जोर दिया गया है। शिक्षा के माध्यम के रूप में अंग्रेजी की वकालत करने वाला तबका जिसमें देश भर में कुकुरमुत्तों की तरह फैले अंग्रेजी माध्यम के स्कूल भी हैं, शिक्षा नीति के उस प्रावधान का विरोध करता नजर आया, जिसमें प्राथमिक शिक्षा के लिए पढ़ाई का माध्यम मातृभाषा या स्थानीय भाषा में कराने की बात कही गई है। दुनिया भर के शिक्षाविद यह मानते हैं कि बच्चे का सर्वाधिक प्रारंभिक विकास और सौखने की प्रवृत्ति उसी भाषा में बढ़ती है, जो उसके घर में बोली जाने वाली भाषा होती है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी मानना था कि मातृभाषा का स्थान कोई दूसरी भाषा नहीं ले सकती, उनके अनुसार 'गाय का दूध भी मां का दूध नहीं हो सकता।'</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार भी मातृ भाषा को ज्यादा महत्व दे रही है, मगर जिस प्रकार से हिंदी का विरोध किया जा रहा है, वह अनावश्यक है। ये हकीकत है कि तमिलनाडु की राजनीति हिंदी विरोध के आसपास घूमती रहती थी है। ये बहुत ही सस्ता और इंस्टैंट रिफ्रेशिंग पॉलिटिक्स है। मगर, दूसरे समाज की तरह तमिलनाडु के नौजवानों के लिए भाषा से ज्यादा जरूरत रोजी-रोजगार की है। शायद सत्ताधारी पार्टी के पास उसे लेकर कोई मजबूत ब्लूप्रिंट नहीं है। लिहाजा, भावनात्मक मुद्दों के सहारे 2026 का चुनाव साधने की कोशिशों में जुटी है। सभी भाषाओं को बराबरी का दर्जा देकर ही हम देश की सांस्कृतिक एकता मजबूत कर सकते हैं। हिंदी बोलने वाले लोग देश के हर कोने में मिल जाते हैं। कोई राज्य अगर अपनी मातृभाषा को महत्व देता है, तो उसकी भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मगर किसी राज्य विशेष का नागरिक दूसरे राज्यों में जाता है, तो हिंदी के बिना उसका काम नहीं चलता। भाषाएं तो एक दूसरे से जुड़ कर ही आगे बढ़ती हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच स्टालिन का विरोध नाहक ही है कि हिंदी से उनकी मातृभाषा नष्ट हो सकती है। दरअसल, उन्होंने अपने स्वर तीखे करते हुए साफ कर दिया है कि वे उन्हीं पुराने आंदोलनों के वशंज है, जिसमें हिंदी को लेकर उपेक्षा का गहरा भाव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्टालिन यह भूल गए हैं कि हिंदी दिलों को जोड़ने की भाषा है। यह आज भारत ही नहीं, दुनिया के कई देशों में समझी और बोली जाती है। इसलिए इस मुद्दे पर राजनीति की बजाय गंभीरता से विचार होना जरूरी है। क्योंकि यह मसला राजनीति से बहुत बड़ा है। आखिरकार यहां सवाल हमारे भविष्य का है, हमारी अगली पीढ़ी का है। और सवाल व्यक्तिगत पसंद नापसंद का भी है। बच्चों को भाषा चुनने की आजादी मिलनी चाहिए। लेकिन हमारे राजनीतिक लोगों को रोटी सेकने के लिए मुद्दे की तलाश रहती है फिर चाहे राष्ट्रभाषा हिंदी का विरोध करना ही क्यों न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 17:45:59 +0530</pubDate>
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