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                <title>Pakistan - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>एक ऑपरेशन जिसने बदल दी युद्ध की तस्वीर: ऑपरेशन सिंदूर और दो सेनाओं के बीच तकनीकी अंतर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>भारत </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुधांशु कुमार द्वारा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>7 मई 2025 की रात भारत ने सिर्फ 23 मिनट में ऐसा सैन्य अभियान पूरा किया जिसने पूरे क्षेत्र की रणनीतिक सोच बदल दी। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए। इन हमलों में आधुनिक मिसाइलें, सैटेलाइट-निर्देशित हथियार और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। सबसे अहम बात यह रही कि भारत ने पाकिस्तान की चीनी तकनीक वाली एयर डिफेंस प्रणाली को निष्क्रिय करते हुए मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिन के भीतर दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें आ गईं। Maxar, KawaSpace और MizarVision जैसी कंपनियों द्वारा जारी तस्वीरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178485/an-operation-that-changed-the-face-of-war-operation-sindoor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-07-at-19.11.42.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>भारत </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>सुधांशु कुमार द्वारा</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>7 मई 2025 की रात भारत ने सिर्फ 23 मिनट में ऐसा सैन्य अभियान पूरा किया जिसने पूरे क्षेत्र की रणनीतिक सोच बदल दी। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए। इन हमलों में आधुनिक मिसाइलें, सैटेलाइट-निर्देशित हथियार और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। सबसे अहम बात यह रही कि भारत ने पाकिस्तान की चीनी तकनीक वाली एयर डिफेंस प्रणाली को निष्क्रिय करते हुए मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।</p>
<p style="text-align:justify;">दो दिन के भीतर दुनिया के सामने सैटेलाइट तस्वीरें आ गईं। Maxar, KawaSpace और MizarVision जैसी कंपनियों द्वारा जारी तस्वीरों में साफ दिखा कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया और कितना नुकसान हुआ। शाहबाज एयरबेस का हैंगर पूरी तरह तबाह दिखाई दिया, जबकि कई एयरबेस की रनवे और रडार सिस्टम भी क्षतिग्रस्त मिले। इन तस्वीरों ने भारत के दावों को मजबूत प्रमाण दे दिया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>फर्क सिर्फ हमले का नहीं, सोच का था</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">भारत ने अपने हर हमले का प्रमाण दुनिया के सामने रखा। यही सबसे बड़ा अंतर था। आधुनिक युद्ध में केवल हमला करना काफी नहीं होता, यह भी जरूरी है कि दुनिया देख सके कि हमला किस पर हुआ और क्यों हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी तरफ पाकिस्तान की प्रतिक्रिया अलग थी। सीमा पार से भारी गोलाबारी हुई, जिसमें मंदिर, गुरुद्वारे और नागरिक इलाके प्रभावित हुए। पुंछ, राजौरी और कश्मीर के कई इलाकों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। कई लोगों की जान गई और घर तबाह हुए। इन हमलों का कोई स्पष्ट सैन्य लक्ष्य दिखाई नहीं दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">यहीं से दोनों देशों की सैन्य क्षमता और तकनीकी सोच का अंतर साफ हो गया।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत का युद्ध मॉडल पूरी तरह तकनीक आधारित था</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन से पहले भारत की कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया। सैटेलाइट निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, इंटरसेप्टेड कम्युनिकेशन और रियल टाइम इंटेलिजेंस को एक साथ जोड़कर लक्ष्य तय किए गए। हर जानकारी सीधे सेना और वायुसेना के कमांडरों तक पहुंच रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह केवल पारंपरिक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस का संयुक्त इस्तेमाल था। भारत ने भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी, बल्कि डेटा और सटीक जानकारी के आधार पर कार्रवाई की।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>स्वदेशी रक्षा तकनीक की ताकत</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल हुए कई हथियार और ड्रोन भारत में बने या भारत के सहयोग से विकसित किए गए थे। ब्रह्मोस, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, स्काईस्ट्राइकर और नागास्त्र जैसे सिस्टम भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता का उदाहरण बने।</p>
<p style="text-align:justify;">इन हथियारों का सफल इस्तेमाल केवल सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग के लिए भी बड़ी सफलता है। इससे आने वाले समय में रिसर्च और निवेश दोनों बढ़ेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके विपरीत पाकिस्तान का रक्षा ढांचा बड़े पैमाने पर विदेशी हथियारों पर निर्भर है। ऐसे में किसी बड़े नुकसान के बाद उसकी भरपाई आसान नहीं होती।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>सैटेलाइट तस्वीरों ने बदल दिया प्रचार का खेल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत ने नागरिक इलाकों पर हमला किया, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने इन दावों को कमजोर कर दिया। आधुनिक दौर में अब केवल बयान देकर सच नहीं बदला जा सकता। कुछ ही घंटों में सैटेलाइट तस्वीरें पूरी दुनिया के सामने वास्तविक स्थिति ला देती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही आधुनिक तकनीक की सबसे बड़ी ताकत है — पारदर्शिता।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>परमाणु हथियारों की रणनीति पर असर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कई वर्षों तक पाकिस्तान की रणनीति यह रही कि परमाणु हथियारों के डर से भारत बड़े सैन्य कदम नहीं उठाएगा। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर ने यह धारणा बदल दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने यह दिखाया कि सीमित, सटीक और नियंत्रित सैन्य कार्रवाई संभव है, बिना युद्ध को बड़े स्तर तक ले जाए। भारत ने केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाया, न कि पाकिस्तानी सेना या नागरिकों को।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पाकिस्तान की पुरानी रणनीतिक बढ़त कमजोर पड़ती दिखाई दी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>ड्रोन युद्ध का नया दौर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह पहली बार था जब दो परमाणु संपन्न देशों के बीच इतने बड़े स्तर पर ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। भारत ने सटीक निशाना लगाने वाले ड्रोन इस्तेमाल किए, जबकि पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की एयर डिफेंस प्रणाली ने अधिकांश ड्रोन को रास्ते में ही रोक दिया। इससे साफ हुआ कि भविष्य के युद्धों में केवल हथियारों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और तकनीकी क्षमता ज्यादा मायने रखेगी।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बदलते युद्ध का नया संदेश</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि आने वाले समय में युद्ध केवल ताकत से नहीं, बल्कि तकनीक, सटीकता और जवाबदेही से तय होंगे। भारत ने दुनिया को दिखाया कि आधुनिक युद्ध में पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सैन्य क्षमता।</p>
<p style="text-align:justify;">सैटेलाइट लगातार देख रहे हैं, तकनीक सब रिकॉर्ड कर रही है और अब सच को लंबे समय तक छिपाना आसान नहीं रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:17:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीमा से पूंजी तक सख्ती: राष्ट्रीय सुरक्षा के नए दौर में भारत का स्पष्ट संदेश-भरोसे से पहले सतर्कता जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आर्थिक नीतियां अब केवल विकास के आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण से संचालित होंगी। विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में हालिया सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जो न केवल आर्थिक ढांचे को सुरक्षित बनाने की कोशिश है, बल्कि उन खतरों के प्रति जागरूकता भी दर्शाता है जो सीमाओं के पार से अदृश्य रूप में देश में प्रवेश कर सकते हैं। पाकिस्तान से आने वाले निवेश पर सीधी पाबंदी और सरकार की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाना इसी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178325/strictness-from-border-to-capital-indias-clear-message-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20250331-wa01633.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि उसकी आर्थिक नीतियां अब केवल विकास के आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक दृष्टिकोण से संचालित होंगी। विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में हालिया सख्ती इसी दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जो न केवल आर्थिक ढांचे को सुरक्षित बनाने की कोशिश है, बल्कि उन खतरों के प्रति जागरूकता भी दर्शाता है जो सीमाओं के पार से अदृश्य रूप में देश में प्रवेश कर सकते हैं। पाकिस्तान से आने वाले निवेश पर सीधी पाबंदी और सरकार की पूर्व अनुमति को अनिवार्य बनाना इसी सोच का हिस्सा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। वर्षों से भारत आतंकवाद, घुसपैठ और आर्थिक गतिविधियों के जरिए अस्थिरता फैलाने के प्रयासों का सामना करता रहा है। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि निवेश जैसे संवेदनशील माध्यमों का दुरुपयोग न हो। पैसा केवल विकास का साधन नहीं होता, वह प्रभाव और नियंत्रण का माध्यम भी बन सकता है। यदि उस पर निगरानी न हो, तो यह राष्ट्रीय हितों के खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार का यह निर्णय खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। जिन देशों की भारत के साथ भूमि सीमा लगती है, उन सभी के लिए यही नियम लागू होंगे। इसका मतलब यह है कि अब कोई भी निवेश, चाहे वह सीधे आए या किसी तीसरे देश के जरिए, उसकी पूरी जांच होगी। ‘बेनिफिशियल ओनर’ यानी वास्तविक मालिक की पहचान पर जोर देकर सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि निवेश के पीछे छिपे वास्तविक स्रोत को उजागर किया जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कदम के पीछे की सबसे बड़ी चिंता राष्ट्रीय सुरक्षा है। रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्र केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील हैं। इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप, खासकर उन देशों से जिनके साथ भारत के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं, जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए इन क्षेत्रों में पाकिस्तान से निवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना एक स्वाभाविक और आवश्यक निर्णय माना जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान ने कई बार भारत के खिलाफ अप्रत्यक्ष तरीकों का सहारा लिया है। आतंकवाद को समर्थन, हवाला के जरिए फंडिंग, और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना—ये सब ऐसे उदाहरण हैं जिनके कारण भारत को हमेशा सतर्क रहना पड़ा है। ऐसे में यह उम्मीद करना कि आर्थिक निवेश के जरिए कोई खतरा नहीं होगा, वास्तविकता से आंख मूंदने जैसा होगा। इसलिए यह जरूरी है कि हर निवेश को केवल आर्थिक अवसर के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसके संभावित प्रभावों का भी आकलन किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां यह समझना भी जरूरी है कि भारत का यह कदम किसी देश के खिलाफ नफरत या भेदभाव पर आधारित नहीं है, बल्कि यह एक व्यावहारिक और सुरक्षा-केंद्रित नीति है। हर देश अपने हितों की रक्षा के लिए ऐसे कदम उठाता है। अमेरिका, चीन और यूरोप के कई देश भी संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी निवेश को लेकर सख्त नियम रखते हैं। ऐसे में भारत का यह निर्णय वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप ही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन इस पूरे परिदृश्य में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत को अब भावनात्मक नहीं, बल्कि यथार्थवादी दृष्टिकोण अपनाना होगा। पाकिस्तान के साथ संबंधों का इतिहास विश्वास से अधिक अविश्वास का रहा है। हर बार जब संवाद और सहयोग की बात हुई, किसी न किसी रूप में विश्वास को ठेस पहुंची। ऐसे में आर्थिक संबंधों में भी सतर्कता बरतना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और दुनिया भर के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ऐसे में यह जरूरी है कि निवेश के दरवाजे खुले रहें, लेकिन उन पर मजबूत चौकीदारी भी हो। यह संतुलन ही भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाएगा। सरकार का यह कदम इसी संतुलन को स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास है।</div>
<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि देश के भीतर आर्थिक पारदर्शिता और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए। केवल नियम बना देना पर्याप्त नहीं होता, उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है। हवाला जैसे अवैध माध्यमों पर कड़ी नजर रखना, संदिग्ध लेन-देन की पहचान करना और समय रहते कार्रवाई करना—ये सब ऐसे उपाय हैं जो इस नीति को सफल बनाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज का दौर केवल पारंपरिक युद्धों का नहीं है, बल्कि आर्थिक और साइबर युद्धों का भी है। ऐसे में निवेश, तकनीक और डेटा—ये सब नए हथियार बन चुके हैं। यदि इन पर नियंत्रण नहीं रखा गया, तो यह देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए भारत का यह कदम समय की मांग भी है और भविष्य की तैयारी भी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंततः यह कहा जा सकता है कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह विकास और सुरक्षा के बीच किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। आर्थिक प्रगति तभी सार्थक है जब वह सुरक्षित और स्थायी हो। पाकिस्तान जैसे देश पर आंख मूंदकर भरोसा करना न केवल नासमझी होगी, बल्कि जोखिम भी। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत को आगे बढ़ना है, लेकिन पूरी जागरूकता और मजबूती के साथ। यह निर्णय उसी दिशा में एक मजबूत कदम है, जो यह बताता है कि अब देश केवल अवसरों को नहीं, बल्कि खतरों को भी उतनी ही गंभीरता से देख रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">       <strong>*कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 17:16:10 +0530</pubDate>
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                <title>स्टंट के दौरान लगी आग, दोस्त ने पानी समझकर छिड़क दिया पेट्रोल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168828/fire-broke-out-during-stunt-friend-mistook-it-for-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/petrol.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर।</strong> सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज की चाहत में लोग अब अपनी जान तक जोखिम में डालने लगे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पाकिस्तान के लाहौर से सामने आया है, जहां बसंत उत्सव के दौरान एक युवक को आग से जुड़ा स्टंट करना भारी पड़ गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, युवक छत पर खड़े होकर मुंह से आग निकालने (फायर ब्रीदिंग) का स्टंट कर रहा था। उसने पेट्रोल को मुंह में लेकर आग जलाने की कोशिश की, लेकिन अचानक पेट्रोल भड़क गया और आग उसके होंठों से चिपक गई। देखते ही देखते लपटों ने पूरे चेहरे को अपनी चपेट में ले लिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 आग की चपेट में आया युवक, मची अफरा-तफरी</h3>
<p style="text-align:justify;">वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक दर्द से चीखता नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद दोस्त घबरा गए और आग बुझाने की कोशिश करने लगे। कोई पानी फेंकने लगा तो कोई पास रखी टंकी की ओर दौड़ पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी दौरान एक युवक ने गलती से पानी समझकर पेट्रोल की बोतल आग में झुलस रहे युवक पर छिड़क दी, जिससे आग और भड़क गई। हालात बिगड़ते देख लोगों ने जलता हुआ कपड़ा पास की छत पर फेंक दिया, जिससे वहां बैठे व्यक्ति को भी अपनी कुर्सी छोड़कर भागना पड़ा।</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो</h3>
<p style="text-align:justify;">यह वीडियो इंस्टाग्राम पर <strong>@shoaibvirk2.0</strong> नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो के वायरल होने के बाद नेटिजन्स ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है।</p>
<p style="text-align:justify;">कमेंट सेक्शन में लोग युवक और उसके दोस्तों की गैर-जिम्मेदाराना हरकतों की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा,<br />“जब पता है कि ये जानलेवा है, तो ऐसा स्टंट क्यों करना?”<br />वहीं दूसरे ने कहा,<br />“सोशल मीडिया के लिए जान जोखिम में डालना बेवकूफी है।”</p>
<h3 style="text-align:justify;">🔹 चेतावनी और सबक</h3>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के खतरनाक स्टंट बिना प्रशिक्षण और सुरक्षा के करना बेहद जानलेवा हो सकता है। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की होड़ में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्ति की जान के लिए खतरा बनती हैं, बल्कि दूसरों को भी जोखिम में डालती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना युवाओं के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि लाइक्स और व्यूज से ज्यादा कीमती जीवन है।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==">https://www.instagram.com/reel/DUbbMVuCnYU/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=NTc4MTIwNjQ2YQ==</a></strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>सोशल मीडिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 15:59:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IND vs PAK T20 World Cup: टी-20 वर्ल्ड कप में नहीं होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला, जानें क्या है वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IND vs PAK T20 World Cup: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में क्रिकेट फैंस को बड़ा झटका लगा है। भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार शाम आधिकारिक तौर पर इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान कर दिया। दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में श्रीलंका के कोलंबो में आमने-सामने होने वाली थीं।</p>
<p>हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अगर दोनों टीमें नॉकआउट चरण में आमने-सामने आती हैं, तो उस स्थिति में पाकिस्तान खेलेगा या नहीं।</p>
<h3><strong>ICC के फैसले से नाराज पाकिस्तान</strong></h3>
<p>दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 24</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168018/ind-vs-pak-t20-world-cup-india-pakistan-match-will-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/india-vs-pakistan-t20-match.jpg" alt=""></a><br /><p>IND vs PAK T20 World Cup: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में क्रिकेट फैंस को बड़ा झटका लगा है। भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को होने वाला हाई-वोल्टेज मुकाबला अब नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार शाम आधिकारिक तौर पर इस मैच के बॉयकॉट का ऐलान कर दिया। दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में श्रीलंका के कोलंबो में आमने-सामने होने वाली थीं।</p>
<p>हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अगर दोनों टीमें नॉकआउट चरण में आमने-सामने आती हैं, तो उस स्थिति में पाकिस्तान खेलेगा या नहीं।</p>
<h3><strong>ICC के फैसले से नाराज पाकिस्तान</strong></h3>
<p>दरअसल, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 24 जनवरी को बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल करने का फैसला लिया था। इसी फैसले के विरोध में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का कदम उठाया है। इसके बाद ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है।</p>
<h3><strong>पाकिस्तान सरकार का बयान</strong></h3>
<p>पाकिस्तान सरकार ने स्पष्ट किया है कि टीम टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं खेलेगी। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में भाग लेने की अनुमति देती है, लेकिन 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी।”</p>
<h3><strong>ICC की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p>ICC ने देर रात मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वह PCB की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहा है। ICC ने कहा कि वह सरकारों के फैसलों का सम्मान करता है, लेकिन पाकिस्तान का यह कदम वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम को प्रभावित कर सकता है।<br />ICC ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अपने फैसले पर दोबारा विचार करेगा, ताकि टूर्नामेंट और क्रिकेट व्यवस्था पर नकारात्मक असर न पड़े।</p>
<h3><strong>प्रधानमंत्री से मिले PCB चीफ</strong></h3>
<p>इस फैसले से पहले PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने 26 जनवरी को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इस बैठक में वर्ल्ड कप में भागीदारी और भारत के खिलाफ मुकाबले को लेकर चर्चा हुई थी। नकवी ने तब संकेत दिया था कि अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा, जिसे अब सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है।</p>
<h3><strong>भारत तय कार्यक्रम के अनुसार जाएगा श्रीलंका</strong></h3>
<p>बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार भारतीय टीम तय कार्यक्रम के मुताबिक श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी को श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी नियमों का पालन करेगी। मैच को लेकर अंतिम निर्णय मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा लिया जाएगा।</p>
<h3><strong>ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान के सिर्फ तीन मैच</strong></h3>
<p>भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के बाद पाकिस्तान ग्रुप स्टेज में केवल तीन मुकाबले खेलेगा। पाकिस्तान 7 फरवरी को नीदरलैंड, 10 फरवरी को अमेरिका और 18 फरवरी को नामीबिया से भिड़ेगा।<br />वहीं भारत 7 फरवरी को अमेरिका, 12 फरवरी को नामीबिया और 18 फरवरी को नीदरलैंड के खिलाफ खेलेगा।</p>
<h3><strong>भारत-पाकिस्तान वर्ल्ड कप रिकॉर्ड</strong></h3>
<p>टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड कमजोर रहा है। टी-20 वर्ल्ड कप में अब तक दोनों टीमें 8 बार आमने-सामने आई हैं, जिसमें भारत ने 7 और पाकिस्तान ने सिर्फ 1 मैच जीता है। वनडे वर्ल्ड कप में खेले गए सभी 8 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 13:11:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी मुद्रा की तलाश में ‘हराम’ से समझौता, पाकिस्तान की मजबूरी, नीतियों की विफलता और डगमगाती अर्थव्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">इस्लामिक मूल्यों, सख्त धार्मिक कानूनों और सामाजिक पाबंदियों के लिए पहचाने जाने वाले देशों में जब शराब को लेकर फैसले बदलने लगें, तो यह केवल नीति परिवर्तन नहीं बल्कि गहरे आर्थिक संकट का संकेत होता है। हाल के दिनों में सऊदी अरब द्वारा गैर-मुस्लिमों को सीमित दायरे में शराब सेवन की छूट और अब पाकिस्तान द्वारा अपनी ऐतिहासिक मुरी ब्रेवरी को शराब निर्यात की अनुमति देना इसी कड़ी का हिस्सा है। यह फैसला जितना ऐतिहासिक है, उतना ही पाकिस्तान की मजबूरी और उसकी आर्थिक बदहाली का आईना भी है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने करीब पचास वर्षों बाद मुरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164370/pakistans-compulsion-to-compromise-with-haram-in-search-of-foreign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/download-(2)2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">इस्लामिक मूल्यों, सख्त धार्मिक कानूनों और सामाजिक पाबंदियों के लिए पहचाने जाने वाले देशों में जब शराब को लेकर फैसले बदलने लगें, तो यह केवल नीति परिवर्तन नहीं बल्कि गहरे आर्थिक संकट का संकेत होता है। हाल के दिनों में सऊदी अरब द्वारा गैर-मुस्लिमों को सीमित दायरे में शराब सेवन की छूट और अब पाकिस्तान द्वारा अपनी ऐतिहासिक मुरी ब्रेवरी को शराब निर्यात की अनुमति देना इसी कड़ी का हिस्सा है। यह फैसला जितना ऐतिहासिक है, उतना ही पाकिस्तान की मजबूरी और उसकी आर्थिक बदहाली का आईना भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने करीब पचास वर्षों बाद मुरी ब्रेवरी पर लगे निर्यात प्रतिबंध को हटाकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद बेचने की इजाजत दे दी है। 1860 में ब्रिटिश शासन के दौरान स्थापित मुरी ब्रेवरी पाकिस्तान की सबसे पुरानी शराब निर्माता कंपनी है। एक मुस्लिम बहुल देश में, जहां शराब को हराम माना गया है और उसके सेवन व बिक्री पर कानूनी और सामाजिक पाबंदियां हैं, वहां इस कंपनी का दशकों तक टिके रहना अपने आप में एक असाधारण उदाहरण रहा है। अब इसे निर्यात लाइसेंस मिलना बताता है कि पाकिस्तान किस हद तक आर्थिक दबाव में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुरी ब्रेवरी के प्रमुख इस्फनग भंडारा का कहना है कि उनके दादा और पिता दोनों ने शराब निर्यात की अनुमति पाने के प्रयास किए थे, लेकिन तब की सरकारें धार्मिक और राजनीतिक दबाव के कारण पीछे हट गईं। आज वही सरकार, वही राज्य तंत्र, विदेशी मुद्रा की सख्त जरूरत के चलते उसी ‘हराम’ माने जाने वाले उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की राह खोल रहा है। यह विरोधाभास नहीं बल्कि पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था की मजबूरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान इस समय गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दबाव में है। आयात बढ़ते जा रहे हैं, जबकि निर्यात की क्षमता सीमित होती जा रही है। आईएमएफ से कर्ज, चीन से उधार और खाड़ी देशों से अस्थायी राहत के सहारे किसी तरह अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सरकार को हर उस रास्ते पर विचार करना पड़ रहा है, जिससे डॉलर आ सके। शराब निर्यात का फैसला इसी सोच का परिणाम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह केवल शराब तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की नीतिगत विफलताओं की कहानी भी कहता है। वर्षों तक देश को धार्मिक राज्य’ के रूप में पेश किया गया। नीतियां आस्था के नाम पर तय होती रहीं, लेकिन आर्थिक सुधार, औद्योगिक विकास, शिक्षा और मानव संसाधन पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना जरूरी था। नतीजा यह हुआ कि आज पाकिस्तान के पास निर्यात के लिए गिने-चुने उत्पाद ही बचे हैं। टेक्सटाइल उद्योग संकट में है। कृषि उत्पादन महंगाई और जलवायु प्रभाव से जूझ रहा है। आईटी और सेवा क्षेत्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ चुका है। ऐसे में सरकार को उन विकल्पों की ओर लौटना पड़ रहा है, जिन्हें कभी उसने खुद खारिज कर दिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आम पाकिस्तानी नागरिक के लिए हालात बेहद कठिन हो चुके हैं। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। आटा 120 रुपये किलो तक पहुंच चुका है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं है। सब्जियां, दालें, तेल और ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। बिजली और गैस के बिल आम लोगों की आय से कहीं ज्यादा हो गए हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है और रोजगार के अवसर सिकुड़ते जा रहे हैं। ऐसे में सरकार द्वारा शराब निर्यात से विदेशी मुद्रा लाने की बात जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी लगती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरकार की नीतियों पर नजर डालें तो साफ दिखता है कि तात्कालिक राहत के लिए दीर्घकालिक मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता किया जा रहा है। एक ओर धार्मिक भावनाओं की बात की जाती है, दूसरी ओर उन्हीं भावनाओं के विपरीत फैसले लिए जा रहे हैं। इससे न केवल सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं, बल्कि समाज में भी भ्रम और असंतोष बढ़ता है। सवाल यह है कि अगर शराब निर्यात से ही अर्थव्यवस्था को बचाना था, तो फिर दशकों तक इसे ‘हराम’ कहकर प्रतिबंधित क्यों रखा गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चीन के साथ पाकिस्तान की गहरी मित्रता भी उसकी आर्थिक मजबूरी को और जटिल बना रही है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा बड़े सपनों के साथ शुरू किया गया था, लेकिन समय के साथ यह परियोजना पाकिस्तान के लिए कर्ज का बोझ बनती जा रही है। चीनी कंपनियों को विशेष रियायतें दी गईं। स्थानीय उद्योगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिला। यहां तक कि 2017 में पाकिस्तान ने एक चीनी कंपनी को शराब उत्पादन की अनुमति दी थी, जो मुख्य रूप से चीन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए थी। यह निर्णय भी घरेलू उद्योगों और स्थानीय नियमों के साथ भेदभाव का उदाहरण बना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चीन के साथ असंतुलित आर्थिक संबंधों का असर यह हुआ कि पाकिस्तान की नीति-निर्माण प्रक्रिया में आत्मनिर्भरता की जगह निर्भरता बढ़ती गई। सस्ते कर्ज और निवेश के बदले दीर्घकालिक रणनीतिक और आर्थिक दबाव स्वीकार किए गए। आज हालत यह है कि पाकिस्तान अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए न तो पूरी तरह पश्चिम पर भरोसा कर सकता है, न ही चीन के सहारे स्थायी समाधान निकाल पा रहा है। शराब निर्यात की अनुमति इसी असमंजस की उपज है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देखें तो कई देश आर्थिक संकट में अपने परंपरागत नियमों में ढील देते रहे हैं। सऊदी अरब का उदाहरण सामने है, जहां हाल ही में गैर-मुस्लिमों को सीमित दायरे में शराब पीने की छूट दी गई। इसका मकसद पर्यटन, निवेश और वैश्विक छवि को मजबूत करना बताया गया। हालांकि सऊदी अरब ने यह कदम एक व्यापक आर्थिक सुधार और विविधीकरण की नीति के तहत उठाया। पाकिस्तान का मामला इससे अलग है। यहां कोई दीर्घकालिक विजन नहीं, बल्कि तत्काल विदेशी मुद्रा जुटाने की हड़बड़ी दिखाई देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुरी ब्रेवरी को निर्यात लाइसेंस मिलना निश्चित रूप से उसके लिए एक कारोबारी उपलब्धि है, लेकिन यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए स्थायी समाधान नहीं हो सकता। शराब निर्यात से कुछ विदेशी मुद्रा जरूर आएगी, लेकिन इससे न तो महंगाई कम होगी, न बेरोजगारी घटेगी और न ही खाद्यान्न संकट का समाधान निकलेगा। यह केवल एक अस्थायी सहारा है, जो गहरी बीमारी पर लगाया गया मरहम भर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक हालत यह बताती है कि देश को मूलभूत सुधारों की जरूरत है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और शासन प्रणाली में सुधार के बिना कोई भी तात्कालिक फैसला देश को संकट से बाहर नहीं निकाल सकता। विदेशी मुद्रा के लिए हराम’ और हलालके बीच झूलती नीतियां न तो जनता का भरोसा जीत सकती हैं और न ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी सम्मान दिला सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसलिए शराब निर्यात का फैसला पाकिस्तान की मजबूरी का प्रतीक है। यह बताता है कि जब नीतियां दूरदर्शिता से नहीं बनतीं और अर्थव्यवस्था को राजनीतिक और वैचारिक प्रयोगशाला बना दिया जाता है, तो एक दिन वही राज्य अपने ही घोषित सिद्धांतों से समझौता करने को मजबूर हो जाता है। आज पाकिस्तान इसी मोड़ पर खड़ा है, जहां विदेशी मुद्रा की तलाश में उसे अपने अतीत, अपनी नीतियों और अपने दावों पर नए सिरे से सवाल करना पड़ रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 17:18:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान ने धर्मध्वजा का विरोध कर भारत पर  लगाए आरोप, पहले अपने गिरेबान में झाँके पाकिस्तान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएँ सदियों पुरानी हैं। यहां विविधता, सहिष्णुता और संविधानिक सुरक्षा ने हर धर्म, हर संप्रदाय को फलने-फूलने का अवसर दिया है। इसके उलट, पाकिस्तान की राजनीति अक्सर धार्मिक ध्रुवीकरण,अल्पसंख्यकों के दमन और भारत-विरोध पर आधारित रही है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत में मुस्लिम विरासत मिटाने और बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में दखल की धमकी भी दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">परंतु, क्या पाकिस्तान अपनी दायर की गई इस शिकायत में नैतिक रूप से खड़ा हो सकता है?</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161746/pakistan-accused-india-of-protesting-against-the-religious-flag-pakistan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download13.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराएँ सदियों पुरानी हैं। यहां विविधता, सहिष्णुता और संविधानिक सुरक्षा ने हर धर्म, हर संप्रदाय को फलने-फूलने का अवसर दिया है। इसके उलट, पाकिस्तान की राजनीति अक्सर धार्मिक ध्रुवीकरण,अल्पसंख्यकों के दमन और भारत-विरोध पर आधारित रही है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत में मुस्लिम विरासत मिटाने और बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण के नाम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में दखल की धमकी भी दे दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परंतु, क्या पाकिस्तान अपनी दायर की गई इस शिकायत में नैतिक रूप से खड़ा हो सकता है? क्या वह स्वयं अपने देश में हुए अल्पसंख्यक उत्पीड़न की भयावह सच्चाई से आँख मिला सकता है?  भारत की वास्तविक स्थिति के साथ-साथ पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की बदहाली का यथार्थ सामने है।भारत में मुस्लिम सुरक्षित है। पाकिस्तान का भ्रमजाल यही दर्शाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मुस्लिम आबादी वाला देश है। 20 करोड़ से अधिक मुसलमान भारत के हर क्षेत्र, हर संस्था, शिक्षा, राजनीति, न्यायपालिका, सैन्य सेवाओं और उद्यमिता में गर्व से योगदान दे रहे हैं।भारत में मुस्लिम नागरिक संविधान द्वारा पूर्ण सुरक्षा, धार्मिक स्वतंत्रता, शिक्षा के अधिकार और सरकारी कल्याण योजनाओं में बराबर की भागीदारी प्राप्त करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके विपरीत, पाकिस्तान में शिया, अहमदी, हिन्दू, सिख और ईसाई हर समुदाय निरंतर धार्मिक कट्टरवाद और हिंसा का शिकार होता है। यह विडंबना है कि जो देश अपने यहाँ अल्पसंख्यकों को न्याय दिलाने में असफल रहा, वह भारत को मानवाधिकार पढ़ाने की कोशिश कर रहा है।बाबरी मस्जिद विवाद न्यायिक समाधान, राजनीतिक शोर  है।शहबाज शरीफ ने बाबरी मस्जिद की जगह मंदिर निर्माण पर ऐतराज जताया।लेकिन पाकिस्तान यह बताना भूल गया कि भारत में सुप्रीम कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई के बाद सर्वसम्मति से निर्णय दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह फैसला इतिहास, पुरातत्व, कानून और साक्ष्यों पर आधारित था।भारत ने इस निर्णय के बाद देशभर में शांति बनाए रखी, क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान था।पाकिस्तान को यह समझना चाहिए कि भारत में न्यायपालिका पूर्ण रूप से स्वतंत्र है, और किसी भी धार्मिक विवाद का समाधान संविधानिक प्रक्रिया से ही होता है। परंतु पाकिस्तान में न्यायालय अक्सर आतंकियों, कट्टरपंथियों और  अल्पसंख्यक-विरोधी तत्वों के दबाव में झुकते रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का गायब होना भारत के लिए चिंता का विषय है। 22 प्रतिशत से 2 प्रतिशत कैसे हुए?कहा गए इतनी आबादी के लोग?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभाजन के समय पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिंदू, सिख और अन्य अल्पसंख्यक रहते थे। आज यह आँकड़ा घटकर सिर्फ 1.6-2प्रतिशत रह गया है। सवाल है किवे 22 प्रतिशत लोग कहाँ गए?न तो वे अचानक हवा में गायब हुए, न ही स्वेच्छा से पलायन किया। असल कारण थे  जबरन धर्मांतरण,कट्टरपंथी हिंसा सामाजिक-आर्थिक बहिष्कार संस्थागत भेदभाव और पुलिस और न्यायिक संरक्षण की कमी ही हालात के मुख्य कारण है।मंदिरों का विध्वंस, व्यापार और संपत्ति पर कब्ज़ा, हिंदू महिलाओं का उत्पीड़न और भारत के खिलाफ बयानबाजी करने से पहले पाकिस्तान को इस ऐतिहासिक अपराध का जवाब देना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हिंदू बेटियों की जबरन शादी और धर्मपरिवर्तन एक कड़वी सच्चाई है।पाकिस्तान में हर वर्ष सैकड़ों नहीं, हजारों हिंदू और सिख लड़कियों का अपहरण, जबरन शादी और जबरन धर्मांतरण दर्ज किया जाता है।सिंध, बलूचिस्तान और पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में12 से16 वर्ष की लड़कियाँ निशाना बनती हैं।शिकायत दर्ज नहीं होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अदालतें दोषियों के साथ खड़ी दिखती हैं।पुलिस संरक्षण देने के बजाय दबाव का हथियार बन जाती है।कई मानवाधिकार संगठनों के अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में हर वर्ष लगभग 1,000 से अधिक हिंदू लड़कियाँ गायब होती हैं, जिनमें से बहुत-सी का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता है।क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इन पीड़ित बेटियों के आँसू भी यूएन तक लेकर जाएंगे?हिंदू मंदिरों पर हमले  सांस्कृतिक विनाश का अभियान चालू है।पाकिस्तान में दशकों से हिंदू मंदिरों पर हमले एक नियमित घटना बन चुके हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौ-सौ साल पुराने मंदिरों को जलाया जाता है।मूर्तियाँ तोड़ी जाती हैं।जमीनों पर कब्जे किए जाते हैं।पूजा-अर्चना रोक दी जाती है।हैदराबाद, कराची, थरपारकर, रहीमयार खान जैसे क्षेत्रों में दर्जनों मंदिरों को जमींदोज़ किया जा चुका है। इतिहास बताता है कि किसी देश की सभ्यता उसके अल्पसंख्यकों के सम्मान से पहचानी जाती है। यदि पाकिस्तान में मंदिर सुरक्षित नहीं, तो अपने उदाहरण से वह किस नैतिक आधार पर भारत को उपदेश दे सकता है?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान में कानून और व्यवस्था अल्पसंख्यकों को न्याय नहीं दे पाती है।भारत पर आरोप लगाने वाला पाकिस्तान खुद निम्न घटनाओं का गवाह है। हिंदू लड़कियों का अपहरणकर्ताओं को पुलिस संरक्षण,स्कूलों में हिंदू बच्चों को मजबूरन इस्लामी शिक्षाऔर पाठ्यपुस्तकों में हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने वाली भाषा आज भी बरकरार है।संसद में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व नगण्य है।अहमदियों को गैर-मुस्लिम  घोषित कर उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाता है।अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के लिए सबसे असुरक्षित देशों  में शामिल किया है।भारत का समाज  विविधता में एकता का संदेश देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत और पाकिस्तान की तुलना किसी भी मंच पर रख दें। भारत मुस्लिम उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री हज़ारों मदरसे, लाखों मस्जिदें वक्फ बोर्ड, मुस्लिम पर्सनल लॉ उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण भागीदारी औरधार्मिक स्वतंत्रता को संविधानिक संरक्षण भारत की महिमा अपरंपार है।पाकिस्तान हिंदू मंदिरों का विध्वंस,जबरन धर्मांतरण, अल्पसंख्यकों की हत्या,सेना और राजनीति में लगभग शून्य प्रतिनिधित्व जैसे हरकत किये हुए है।अल्पसंख्यकों के खिलाफ संस्थागत भेदभाव है।फिर भी पाकिस्तान दावा करता है कि वह मानवाधिकारों का रक्षक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान का राजनीतिक एजेंडा भारत पर आरोप, अपने असफलताओं पर पर्दाडालना रोजमर्रा बन चुका है। क्योकि पाकिस्तान की राजनीति विफलताओं से घिरी है। अर्थव्यवस्था दिवालिया,सेना की हुकूमत,आंतरिक आतंकवाद, महंगाई औऱ बेरोजगारी,राजनीतिक अस्थिरता ऐसे में जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारत को कोसना आसान है।भारतीय अल्पसंख्यक की सुरक्षा की चिंता जताकर वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहानुभूति जुटाना चाहता है, जबकि अपने ही घर में आग लगी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान पहले खुद सुधरे, फिर भारत पर टिप्पणी करे। भारत शांति, सहिष्णुता और बहुलतावाद का प्रतीक है। भारतीय संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता देता है।यहाँ किसी के विरुद्ध राज्य-प्रायोजित धार्मिक दमन नहीं होता।इसके मुकाबले पाकिस्तान मेंअल्पसंख्यक तेजी से घट रहे है।उनकी बेटियाँ गायब हो रही है। मंदिर नष्ट हो रहे है। न्यायपालिका कमजोर है और कट्टरपंथियों का दबदबा बढ़ रहा है।इसलिए पाकिस्तान को चाहिए कि वह संयुक्त राष्ट्र की धमकी देने से पहले अपने घर की सफाई करे, अपनी धरती पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाए और विभाजन के समय से लेकर आज तक गायब हुए अल्पसंख्यकों का जवाब दे। भारत पर आरोप लगाने से पहले उसे खुद अपने गिरेबान में झाँकने की आवश्यकता है।।   </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 16:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ कहना देशद्रोह नहीं, जब तक भारत की निंदा न की गई हो: हाईकोर्ट।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads"><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL adM"><div class="HOEnZb"><div class="im"><div><div class="gmail_quote"><div><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज</strong>।</div><div><br /></div><div>हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को कहा कि भारत की निंदा किए बिना किसी दूसरे देश की प्रशंसा करना राजद्रोह नहीं है.बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने एक व्यक्ति को ज़मानत दे दी, जिन पर सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर शेयर करने का आरोप था जो कथित तौर पर ‘भड़काऊ और राष्ट्रहित के खिलाफ’ थी।</div><div><br /></div><div>हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब गांव के निवासी सुलेमान ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई-जनरेटेड तस्वीर को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ शब्दों के साथ शेयर</div></div></div></div></div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154097/draft-add-your-title-pakistan-zindabad-it-is-not-treason"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/पाकिस्तान-ज़िंदाबाद’-कहना-देशद्रोह-नहीं---हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads"><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL adM"><div class="HOEnZb"><div class="im"><div><div class="gmail_quote"><div><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज</strong>।</div><div><br /></div><div>हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को कहा कि भारत की निंदा किए बिना किसी दूसरे देश की प्रशंसा करना राजद्रोह नहीं है.बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने एक व्यक्ति को ज़मानत दे दी, जिन पर सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर शेयर करने का आरोप था जो कथित तौर पर ‘भड़काऊ और राष्ट्रहित के खिलाफ’ थी।</div><div><br /></div><div>हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब गांव के निवासी सुलेमान ने कथित तौर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एआई-जनरेटेड तस्वीर को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ शब्दों के साथ शेयर किया था.</div><div>इसके बाद, सुलेमान (जो एक फल विक्रेता है) के एक परिचित ने 27 मई को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जिसमें उन पर ‘पाकिस्तान के पक्ष में’ और प्रधानमंत्री के ‘खिलाफ’ लिखने का आरोप लगाया गया. 8 जून को सुलेमान ने आत्मसमर्पण कर दिया और तब से हिरासत में है।</div><div><br /></div><div>अपनी ज़मानत याचिका में सुलेमान ने दलील दी कि वह निर्दोष है और उन्हें झूठा फंसाया गया है. सुलेमान के वकील ने तर्क दिया कि ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ लिखना अपने आप में किसी भी तरह से नफ़रत भड़काने के बराबर नहीं है, और उन्होंने एक पुराने मामले का हवाला दिया जहां हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इसे बरकरार रखा था.हालांकि, राज्य के वकील ने तर्क दिया कि जब यह पोस्ट शेयर की गई थी, तब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण थे और ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखना ‘राष्ट्र-विरोधी’ है।</div><div><br /></div><div>19 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश राकेश कैंथला ने कहा कि सुलेमान के खिलाफ शिकायत से यह साबित नहीं होता कि ‘भारत में कानून द्वारा स्थापित सरकार के प्रति नफ़रत या असंतोष फैलाया गया था.’</div><div>न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा, ‘मातृभूमि की निंदा किए बिना किसी देश की प्रशंसा करना राजद्रोह का अपराध नहीं है, क्योंकि यह सशस्त्र विद्रोह, विध्वंसक गतिविधियों को नहीं भड़काता है या अलगाववादी गतिविधियों की भावनाओं को प्रोत्साहित नहीं करता है.’न्यायाधीश ने फल विक्रेता को जमानत देते हुए कहा कि सुलेमान पर जिस अपराध का आरोप लगाया गया था, उससे उन्हें जोड़ने के लिए ‘अपर्याप्त सामग्री’ है।</div></div></div></div></div></div></div></div><div class="WhmR8e"><br /></div></div></div><div class="ajx"><br /></div></div><div class="gA gt acV"><div class="gB xu"><div class="mVCoBd"><br /></div><div class="ip iq"><div class="bJvOmf"><br /></div></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 26 Aug 2025 16:28:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन के लिए आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने 11 और शर्तें रखी, भारत के साथ तनाव को बताया सबसे बड़ा जोखिम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151982/for-loan-imf-laid-down-11-more-conditions-in-front"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/imf.jpg" alt=""></a><br /><p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>
<p>शनिवार को जारी आईएमएफ की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच में अगर तनाव बढ़ता है तो पड़ोसी देश के राजकोष, विदेशी व्यापार और सुधारों पर नकारात्मक असर होगा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अभी तक बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हालिया मुनाफे को बरकरार रखा है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में, सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है, जो भारत के साथ संघर्ष के बाद 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने जून 2025 के अंत तक कार्यक्रम लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आईएमएफ स्टाफ एग्रीमेंट के अनुरूप वित्त वर्ष 2026 के बजट की संसदीय मंजूरी हासिल करने की एक नई शर्त भी लगाई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट में बताया, “आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है।” आईएमएफ ने बताया कि पाकिस्तान के 17.6 लाख करोड़ रुपए के बजट में से सिर्फ 1.07 लाख करोड़ रुपए विकास पर खर्च किए जाने हैं, जबकि 6.6 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151982/for-loan-imf-laid-down-11-more-conditions-in-front</link>
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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर पर कोई भी मध्यस्थता स्वीकार नहीं, कश्मीर है हमारा PoK को खाली करे पाकिस्तान… भारत का सख्त संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद अब भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान जारी किया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय वार्ता के जरिए ही किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने पाकिस्तान को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है. भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को खाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151869/no-arbitration-on-kashmir-is-not-accepted-kashmir-pakistan-should"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/670fec254c97d8ebfad48c16_indian-army-35e82zy24xfm0pgi.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद अब भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान जारी किया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय वार्ता के जरिए ही किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने पाकिस्तान को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है. भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को खाली करना होगा.</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारा लम्बे अरसे से यही राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है. इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जैसा कि आप जानते हैं, लंबित मामला केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है.</p>
<h3><strong>विदेश मंत्रालय ने न्यूक्लियर वॉर की संभावनाओं को खारिज किया</strong></h3>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से परमाणु युद्ध की अटकलों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से पारंपरिक क्षेत्र में थी. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी 10 मई को बैठक करेगी, लेकिन बाद में उन्होंने इसका खंडन किया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने खुद रिकॉर्ड पर परमाणु पहलू से इनकार किया है. जैसा कि आप जानते हैं, भारत का दृढ़ रुख है कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा या इसका हवाला देकर सीमा पार आतंकवाद को संचालित करने की अनुमति नहीं देगा.</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/bharat3.jpg" alt="bharat कश्मीर पर कोई भी मध्यस्थता स्वीकार नहीं, कश्मीर है हमारा PoK को खाली करे पाकिस्तान… भारत का सख्त संदेश" width="978" height="508"></img></p>
<h3><br /><strong>पाकिस्तानी उच्चायोग ने विदेश मंत्रालय से किया था संपर्क</strong></h3>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 10 मई 2025 को 15.35 बजे शुरू होने वाली फोन कॉल पर समझौते की विशिष्ट तिथि, समय पर काम किया गया. इस कॉल के लिए विदेश मंत्रालय को पाकिस्तानी उच्चायोग से 12.37 बजे अनुरोध प्राप्त हुआ. तकनीकी कारणों से पाकिस्तानी पक्ष को भारतीय पक्ष से हॉटलाइन कनेक्ट करने में शुरुआती कठिनाइयां हुईं. इसके बाद 15.35 बजे भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता के आधार पर समय तय किया गया.</p>
<h3><strong>पाकिस्तान गोलीबारी रोकने पर मजबूर हुआ</strong></h3>
<p>उन्होंने आगे कहा कि आप निश्चित रूप से इस बात को समझेंगे कि 10 तारीख की सुबह हमने पाकिस्तानी वायुसेना के प्रमुख ठिकानों पर बेहद प्रभावी हमला किया था. यही कारण था कि वे अब गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार थे. मैं स्पष्ट कर दूं यह भारतीय हथियारों की ताकत थी जिसने पाकिस्तान को अपनी गोलीबारी रोकने पर मजबूर किया.</p>
<p> </p>
<h3><strong>पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दावों पर क्या बोला भारत?</strong></h3>
<p>पाकिस्तानी विदेश मंत्री द्वारा सीएनएन को दिए गए दावों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य स्थानों पर अपने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट होते देखा है. उसके बाद, हमने उसकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया और प्रमुख एयरबेसों को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया. अगर पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसे उपलब्धियों के रूप में पेश करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 18:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रखने का किया ऐलान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने शनिवार शाम ऐलान किया कि वह भारत के साथ संघर्षविराम की घोषणा के तुरंत बाद अपने हवाई क्षेत्र को सभी प्रकार के यातायात के लिए खोल रहा है। साथ ही पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा कि देश के सभी एयरपोर्ट सामान्य उड़ान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं। भारत ने सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रखने का किया ऐलान, पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र खोलने की घोषणा कीभारत ने सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रखने का किया ऐलान, पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र खोलने की घोषणा की भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम से सीजफायर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151802/india-announced-to-postpone-the-indus-water-treaty-despite-ceasefire"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download-(10).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पाकिस्तान ने शनिवार शाम ऐलान किया कि वह भारत के साथ संघर्षविराम की घोषणा के तुरंत बाद अपने हवाई क्षेत्र को सभी प्रकार के यातायात के लिए खोल रहा है। साथ ही पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने कहा कि देश के सभी एयरपोर्ट सामान्य उड़ान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं। भारत ने सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रखने का किया ऐलान, पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र खोलने की घोषणा कीभारत ने सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रखने का किया ऐलान, पाकिस्तान ने हवाई क्षेत्र खोलने की घोषणा की भारत और पाकिस्तान के बीच आज शाम से सीजफायर हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि सीजफायर के बावजूद सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारत से संपर्क करने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर सहमति बन गई है। इसमें कोई पूर्व-शर्त या बाद की शर्तें नहीं हैं। सिंधु जल संधि स्थगित है। और अन्य सभी उपाय स्थगित हैं। आतंकवाद पर भारत की स्थिति वही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच पाकिस्तान ने शनिवार शाम को ऐलान किया कि वह भारत के साथ संघर्षविराम की घोषणा के तुरंत बाद अपने हवाई क्षेत्र को सभी प्रकार के यातायात के लिए खोल रहा है।पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (पीएए) ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत के साथ बढ़ते तनाव के समाप्त होने के बाद देश में सामान्य स्थिति लौटती दिख रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीएए ने कहा, ‘‘देश के सभी हवाई अड्डे सामान्य उड़ान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं। यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी उड़ानों के नवीनतम कार्यक्रम के लिए संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें।’’ इसने यह भी कहा कि पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र सभी प्रकार की उड़ानों के लिए पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है और देश के सभी हवाई अड्डे सामान्य उड़ान परिचालन के लिए उपलब्ध हैं। भारत के साथ तनाव के कारण पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद रहा, जिससे नियमित हवाई यातायात बाधित हुआ और यात्रियों को असुविधा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे पहले आज शाम भारत के विदेश मंत्रालय के सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार शाम को कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हो गया है। मिस्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच शाम पांच बजे से ज़मीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने का फैसला हुआ है। विक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने शनिवार दोपहर में फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी शर्तों पर सीजफायर किया है और 12 मई को दोनों देशों के डीजीएमओ फिर से बात करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 16:16:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपनी हरकतों से तबाही को न्यौता दे रहा है पाकिस्तान! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है 7-8-9 मई की मध्य रात्रि में पाकिस्तान ने जिस तरह भारत के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य स्थलों एयरबेस एयरपोर्ट और नागरिक स्थानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने की हिमाकत की है और भारतीय सैना ने बहुत संयम से काम लेते हुए प्रतिरोधक बचाव और पलटवार किया है उससे पाकिस्तान की हालत पतली हो गयी है। ताजा अपडेट हैकि भारत लाहौर इस्लामाबाद तक भारत की सैना ने जबाबी पलटवार किया है ऐसे हालात में इस वक्त पाकिस्तान की जान हलक में अटकी हुई है, है, बावजूद उसकी अकड़ कम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151749/pakistan-is-inviting-destruction-with-its-antics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है 7-8-9 मई की मध्य रात्रि में पाकिस्तान ने जिस तरह भारत के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य स्थलों एयरबेस एयरपोर्ट और नागरिक स्थानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने की हिमाकत की है और भारतीय सैना ने बहुत संयम से काम लेते हुए प्रतिरोधक बचाव और पलटवार किया है उससे पाकिस्तान की हालत पतली हो गयी है। ताजा अपडेट हैकि भारत लाहौर इस्लामाबाद तक भारत की सैना ने जबाबी पलटवार किया है ऐसे हालात में इस वक्त पाकिस्तान की जान हलक में अटकी हुई है, है, बावजूद उसकी अकड़ कम नहीं हो रहा है। वह भारत के विरुद्ध ऐसी नापाक कोशिश कर रहा है, जिससे की दोनों देशों के बीच तनाव और बड़े।</div>
<div> </div>
<div>पहलगाम हमले के बाद भारत ने काफी संयम बरतते हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत पीओके में सिर्फ आंतकी समूहों को ठिकाने को निशाना बनाया है, जिन्होंने भारत के विरुद्ध साजिश रचने और हमले को अंजाम दिया था। पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला करके केवल आतंकवादियों की कमर तोड़ने की कोशिश है, बेहद सुनियोजित व सटीक तथा नियंत्रित कार्रवाई से भारत ने दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है।</div>
<div> </div>
<div>साथ ही सैन्य ठिकानों व नागरिक संस्थानों को निशाना न बनाकर मानवता का संदेश ही दिया है। बताया कि हमें आत्मरक्षा का अधिकार है। साथ ही दुनिया को यह भी बताया कि विश्व बंधुत्य हमारा सांस्कृतिक संकल्प है। लेकिन यदि हमारी बेटियों के सिंदूर छीने जाएंगे तो हम अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं लांघकर भी आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने से नहीं हिचकेंगे। यह भी कहा कि मानवता के संरक्षण के संकल्प के साथ हम कभी नागरिक को निशाना नहीं बनाएंगे। मगर दुःखद बात है कि आतंकी देश बैखलाहट में लगातार भारत विरोधी नापाक कोशिश रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इसी नापाक कोशिश के तहत उसने भारत में 15 शहरों में स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया। भारत के तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार 7 और 8 और 9 मई की बीच वाली रात को पाकिस्तान ने उत्तर और पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों को निशाना बनाया। इनमें अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, उत्तरलाई, नाल, फलौदी और भुज शामिल थे। पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए इन स्थानों को निशाना बनाया। हालांकि, काउंटर यूएएस और एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से भारत ने इन हमलों को निष्क्रिय कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>हमलों को निष्क्रिय करने के बाद मलवे को बरामद कर लिया गया है।वहीं पाकिस्तान ने आठ मई की रात जिस तरह भारत के कई शहरों सैन्य स्थलों एयरबेस व एयरपोर्ट को निशाना बनाने की असफल कोशिश की उसके जबाव में भारत ने लाहौर और कराची तक तबाही का ट्रेलर दिखा दिया है। सिर्फ इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर के पुंछ और तंगधार सेक्टर में लगातार गोलाबारी कर रहा है, जिससे भारत के कम से कम 15 नागरिकों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से मायल हो गए। पाकिस्तान ने जान-बूझकर सीमा के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। गोलाबारी की वजह से कई भर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और गांवों में भारी दहशत फैल गई है।</div>
<div> </div>
<div>हालांकि भारतीय सेना इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है और आने वाले समय में उसको और भी ज्यादा माकूल जवाब मिलेगा। आतंकी देश को समझना होगा कि वह भारत के विरुद्ध चाहे कितनी भी नापाक कोशिश कर लें, लेकिन वह अपने मकसद में कभी कामयाब नहीं हो सकता है। भारत अपने हवाई सुरक्षा डांचे को इतना मजबूत कर चुका है, कि वह पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से होने वाले संभावित हवाई खतरों का प्रभावी रूप से मुकाबला कर सके। देश की वायु रक्षा प्रणाली में आधुनिक मिसाइल सिस्टम, उन्नत रडार और समर्पित कमांड सेंटर शामिल हैं, जो दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन और मिसाइलों को समय रहते पहचान कर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखते हैं।</div>
<div> </div>
<div>भारतीय वायुसेना ने बुधवार रात भारत की तरफ आ रहे टारगेट्स को वायु रक्षा प्रणाली 'एस-400 सुदर्शन चक्र मिसाइल सिस्टम' से निशाना बनाया। एस-400 से सफलतापूर्वक सभी टारगेट्स को तबाह कर दिया गया। वहीं भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हार्पी ड्रोन्स से पाकिस्तान के वायु सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाया और लाहौर स्थित रडार सिस्टम को तबाह कर दिया। एस-400 वायु रक्षा प्रणाली उपकरणों का एक नेटवर्क है, जिसे हवाई खतरों से निपटने के लिए किसी विशिष्ट क्षेत्र में तैनात किया जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।</div>
<div> </div>
<div>एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर हथियारों में से एक माना जाता है। यह किसी भी संभावित खतरे को हवा में ही तबाह करने में सक्षम है। एस-400 मिसाइल सिस्टम को चीन और पाकिस्तान के खतरे को ध्यान में रखकर तैनात किया गया है। इसकी रेंज 40 से 400 किलोमीटर के बीच है। भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सौदा हुआ था। सौदे के तहत भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की तीन रेजीमेंट मिल चुकी हैं। भारत को अभी दो और रेजीमेंट मिलनी हैं, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से उनमें देरी हुई है और अब उनके साल 2026 में मिलने की उम्मीद है।</div>
<div> </div>
<div>एस 400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के एक रेजीमेंट में आठ लॉन्चर होते हैं। मतलब आठ लॉन्चिंग ट्रक और हर एक ट्रक में चार लॉन्चर होते हैं। हर लॉन्चर से चार मिसाइलें निकलती हैं। मतलब एक रेजीमेंट कभी भी 32 मिसाइलें दाग सकता है। यह आसमान से घात लगाकर आने वाली किसी भी मिसाइल को पलक झपकते ही बर्बाद करने की क्षमता रखता है। यह दुनिया की सबसे सटीक एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है। खास बात ये है कि किसी भी क्षेत्र से आने वाले न्यूक्लियर मिसाइल को भी ये हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखता है। इसके जरिए दुश्मनों की सीमा के अंदर भी नजर रखी जा सकती है। भारतीय वायुसेना में अब आधुनिक ड्रोन भी शामिल हो गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>भारत ने हार्यों ड्रोन्स की मदद से पाकिस्तानी रडार सिस्टम को निशाना बनाया। हार्यों ड्रोन्स को इस्राइल की कंपनी इस्त्राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित किया गया है। यह उन्नत श्रेणी का लोइटरिंग कम्युनिशन सिस्टम है, जो हवा में मंडराते हुए दुश्मन पर नजर रखता है और इशारा मिलते ही उसे तबाह कर देता है। हार्यों ड्रोन्स की खासियत ये है कि इसे निगरानी के साथ ही हमले के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दुश्मन की वायु सुरक्षा प्रणाली को तबाह करने में इस ड्रोन का लोहा दुनिया मानती है।</div>
<div> </div>
<div>यह ड्रोन 9 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है और एक हजार किलोमीटर तक की रेंज में हमला कर सकता है। इस खासियत की वजह से यह ड्रोन दुश्मन देश में काफी भीतर तक हमला करने में सक्षम है। इसका एक नजराना पाकिस्तान देख चुका है। ऐसे में पाकिस्तान को समझना होगा कि अगर वह कोई भी उलटी हरकत कर देता है तो भारतीय सेना का करारा जवाब तय है। अच्छा होगा कि वह घुटनों के बल बैठकर अपनी नापाक हरकतों के लिए भारत से माफी मांगे और आतंकियों गतिविधियों से तौबा करें। अगर वह ऐसा नहीं करता है, तो आने वाला समय पाकिस्तान के लिए काफी खराब होने वाला है, क्योंकि भारतअपना ऑपरेशन सिंदूर अभी बंद नहीं किया है।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें ताज़ा अपडेट के अनुसार चीन ने पाक का साथ देने से इंकार कर दिया है वहीं इरान ने पाकिस्तान से तुरंत कदम पीछे हटाने की हिदायत दे कर अपना रुख साफ कर दिया है ऐसे में यदि पाकिस्तान समय रहते नहीं मानता है तो उसका बुरी तरह तबाह होना तय है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 May 2025 16:31:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आपरेशन सिंदूर 02 जारी आतंकिस्तान को कड़ा सबक देने की तैयारी ! </title>
                                    <description><![CDATA[<div>पहलगाम हमले के बाद देशवासियों को जिस कार्रवाई का इंतजार था, आखिरकार देश के जांबाज जवानों ने उसको अंजाम दे ही दिया। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी की साजिश रचने वाले आतंकवादी समूहों और इसके आका पाकिस्तान पर ऐसा प्रहार किया है, जिसको वह कभी भी भूल नहीं पायेंगे। वहीं आपरेशन सिंदूर के दूसरे दिन समूचा पाकिस्तान धमाकों से दहल उठा है. पाकिस्तान में सीरियल ब्लास्ट हो रहे हैं. पाक के 10 शहरों में 15 से ज्यादा धमाके हुए हैं. आज लाहौर, कराची, रावलपिंडी, बहावलपुर, गुजरांवाला में ब्लास्ट हुए हैं. पाकिस्तान के उमरकोट में धमाका हुआ. रावलपिंडी में भी धमाके</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151726/preparation-to-give-a-tough-lesson-to-terrorism-on-operation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download1.jpg" alt=""></a><br /><div>पहलगाम हमले के बाद देशवासियों को जिस कार्रवाई का इंतजार था, आखिरकार देश के जांबाज जवानों ने उसको अंजाम दे ही दिया। भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी की साजिश रचने वाले आतंकवादी समूहों और इसके आका पाकिस्तान पर ऐसा प्रहार किया है, जिसको वह कभी भी भूल नहीं पायेंगे। वहीं आपरेशन सिंदूर के दूसरे दिन समूचा पाकिस्तान धमाकों से दहल उठा है. पाकिस्तान में सीरियल ब्लास्ट हो रहे हैं. पाक के 10 शहरों में 15 से ज्यादा धमाके हुए हैं. आज लाहौर, कराची, रावलपिंडी, बहावलपुर, गुजरांवाला में ब्लास्ट हुए हैं. पाकिस्तान के उमरकोट में धमाका हुआ. रावलपिंडी में भी धमाके की खबर सामने आयी है. बहावलपुर में लगातार दूसरे दिन भी धमाके हुए हैं. पाकिस्तानी सेना ने 9 धमाकों की पुष्टि की है। </div>
<div>पाकिस्तान के लाहौर में आर्मी कैंट इलाके में धमाका हुआ है. लाहौर में ड्रोन हमले से भारी नुकसान हुआ है. ड्रोन हमले के बाद आर्मी कैंट इलाके में आग लगी है. लाहौर में नौसेना कैंप पर भी ड्रोन अटैक हुआ है. धमाकों में नौसेना कैंप को भारी नुकसान हुआ है। </div>
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<div>रावलपिंडी में पाक एयरफोर्स के बेस पर ड्रोन अटैक हुआ है. एक साथ कई ड्रोन से हमला किया गया है. पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है. हमले में एयरफोर्स को भारी नुकसान की खबर सामने आयी है. लाहौर में एक के बाद एक लगातार 3 धमाके हुए है. धमाकों से लाहौर में अफरा-तफरी मच गई है. शहर में दहशत का माहौल बन गया है. भयभीत लोग सड़कों पर आ गए है. लाहौर ओल्ड एयरपोर्ट के पास ये ब्लास्ट हुआ है. वाल्टन रोड, गोपाल नगर में भी धमाके की खबर है. वाल्टन एयरपोर्ट के पास ड्रोन धमाका हुआ है. एक चश्मदीद ने मिसाइल अटैक का दावा किया है. धमाकों के बाद आसमान में धुएं का गुबार दिखा, जिसे देख लोगों में अफरा तफरा मच गई। अभी इन धमाकों की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। </div>
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<div>ताज़ा अपडेट के मुताबिक आज भारत ने आपरेशन सिंदूर 02 की शुरुआत कर दी। भारत के पंद्रह शहरों पर पाकिस्तान ने मिसाइल हमले की कोशिश की जिसे भारत के डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया। पाकिस्तान के लाहौर में एअर डिफेंस सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया। आपको बता दें कि आतंकी हमले के ठीक दो हफ्ते बाद ऑपरेशन सिंदूर में भारत की तरफ से दागी गई मिसाइ‌लों ने पाकिस्तान समर्थित नौ आतंकी ठिकाने को तबाह कर दिया है। इनमें जैश ए मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का बहावलपुर में स्थित सुभान आवह मरकज भी शामिल है। भारत की कड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खौफ है। दूसरी तरफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देश में जश्न का माहौल है, क्योंकि देशवासी यही चाहते थे कि आतंकियों पर ऐसा प्रहार है, जो उनको मरने तक बाद रहें।</div>
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<div>साथ ही उन परिवारों के जख्मों पर मलहम लगा है  जिन्होंने पहलगाम हमले में अपनो को खोया है। विशेषकर उन महिलाओं को जिन्होंने अपने पति को खोया है। पहलगाम हमले का मकसद कश्मीर घाटी में दहशत फैलाना था। आतंकियों ने महिलाओं के सामने उनके पतियों के सिर में गोली मारी थी। ये बहुत गहरे जख्म हैं, जिन्हें वो महिलाएं कभी नहीं भुला पाएंगी, जिन्होंने अपना सुहाग इस हमले में खो दिया। ऐसे में जब भारत ने इन आतंकियों को जवाब दिया, तो ऑपरेशन का नाम सिंदूर रखा। ऑपरेशन सिंदूर से बेहतर नाम इस हमले का शायद हो ही नहीं सकता था। यह ऑपरेशन उस सिंदुर का बदला है, जो बैसरन घाटी में सुहागनों के माथे से पोंछ दिया गया और उनकी मांग सूनी कर दी गई थी।</div>
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<div>इसके अलावा सशस्त्र सेना की दो महिला अधिकारियों के जरिए ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी प्रस्तुत कर यह संदेश दे दिया गया है कि भारतीय सेना किस तरह मजबूत और आत्मनिर्भर है। यह सरकार का पाकिस्तानी अधिकारियों को बहुत बड़ा जवाब है। नारी शक्ति के प्रदर्शन से जहां भारत ने अपने देश की समृद्धि का प्रदर्शन किया है, वहीं पाकिस्तान को यह भी बताया है कि भारत से टक्कर मत लो, क्योंकि वहां हथियार उठाने में सिर्फ मर्द नहीं औरतें भी उतनी ही मजबूत हैं। नारी शक्ति के जरिए भारत ने पाकिस्तान को एक तरह से आईना भी दिखाया है कि उनके देश में जहां महिलाएं आज भी बुर्के में कैद हैं, वहीं भारतीय महिलाएं देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। सबसे बड़ी बात है कि भारत ने पाकिस्तान के किसी भी सैन्य ठिकानों या आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया है।</div>
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<div>सेना द्वारा दी गई ब्रीफिंग में यह स्पष्ट कहा गया है कि भारतीय सेना ने सिर्फ और सिर्फ उन अड्डों को निशाना बनाया है, जहां आतंकी हुये थे और जहां कसाब और उसके जैसे अन्य आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी। भारतीय सेना ने यह जानकारी दी है कि स्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकी मारे गए हैं और उनके ट्रेनिंग कैंप पूरी तरह तबाह हो गए हैं। आतंकी मसूद अजहर के परिवार के 14 लोग मारे गए हैं। सोशल मीडिया में जो वीडियो सामने आ रहे हैं, उसमें यह दिख रहा है कि आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। इन वीडियो से यह साफ होता है कि आतंकवाद से पाकिस्तान का कितना करीबी नाता रहा है, भले ही पाकिस्तान इस बात से इनकार करता रहा हो।</div>
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<div>ऑपरेशन सिंदूर ने भारत को एक तकनीकी रूप से उमत और सैन्य रूप से सक्षम राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत किया है। वैश्विक समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका, रूस और इजरायल ने भारत के मिसाइलों की सटीकता की प्रशंसा की है। ऑपरेशन ने पाकिस्तान की चीन प्रायोजित वायु रक्षा प्रणालियों को भेदकर भारत की तकनीकी श्रेष्ठता को प्रदर्शित किया। यह चीन-पाकिस्तान गठजोड़ के लिए एक चेतावनी थी कि भारत क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। सभी मिसाइलों ने अपने सटीक निशानों को भेदा, जो भारतीय तकनीक और रक्षा प्रणाली के शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है। उनत मिसाइलों, स्पाइस-2000, निर्भय, पुख्ता खुफिया जानकारी और तीनों सेनाओं के संयुक्त समन्वय ने नौ आतंकी ठिकानों को 25 मिनट में नष्ट कर दिया।</div>
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<div>इस सफलता ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी, आत्मनिर्भरता और वैश्विक मंच पर सैन्य क्षमता को प्रदर्शित किया। देखा जाए तो भारत ने पहलगाम हमले के बाद से ही उचित और कल्पना से परे जवाब देने की ठान रखी थी। लेकिन, दुनिया फिर भी 'संयम बरतने' वाला कूटनीतिक ज्ञान देने से पीछे नहीं हट रही थी। लेकिन सेना को खुली छूट मिलने के बाद सेना ने ऐसे ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसको देखकर पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है। बहादुर भारतीय सैनिकों ने एक ही साथ नौ स्थानों पर 21 आतंकी ठिकानों को तबाह कर डाला है।</div>
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<div>इससे पूरा देश संतुष्ट है, उत्साह में है, यूं कहें कि राष्ट्र गौरव से भर उठा है। वास्तव में आज भारतीय सेनाओं की आतंकवाद के विरोध में की गई यह संयुक्त कार्रवाई प्रत्येक भारत वासियों को आत्म गौरव से भर रही है। वैसे भी पराक्रम का स्वभाव ही है कि यह उत्साह से भर देता है। इसके साथ ही भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर सर्जिकल स्ट्राइक' पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले रूस का भारत को समर्थन देना हो या यूरोपियन देशों समेत कई मुस्लिम देशों से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष भारत को साथ मिलना हो, यह सभी कदम पूरी तरह से भारत के पक्ष में जाते हैं। दूसरी और पाकिस्तानी सेना के प्रवका ने पुष्टि की है, कि भारत ने मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में हमले किए हैं।</div>
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<div>जब एक दिन पहले यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में पाकिस्तान से पूछा जा रहा था कि क्या पहलगाम अटैक में लश्कर-ए-तैयबा शामिल था ? तब इस प्रश्न का कोई जवाब पाकिस्तान नहीं दे पाया था। दूसरे ही दिन भारत ने इसका उत्तर आतंक पर मिसाइलें दाग कर दे दिया। इसके साथ ही आज की कार्रवाई पहलगाम में आतंकी हमले के बक्त आतंकवादियों की भारतीय प्रधानमंत्री के नाम संपूर्ण भारत की संप्रभुता को दी गई उस चुनौती को भी याद दिलाती है, जिसमें पुरुष पर्यटकों को धर्म देखकर गोली मारते वक्त इन आतंकियों ने कहा था कि 'मोदी को बता देना।' तो जो बताने के लिए कहा गया, वास्तव में यह उस संदेश का एक छोटा-सा किंतु बहुत मुखर और प्रभावी जवाब है।</div>
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<div>यदि अब भी पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर जिहाद और आतंकवाद को भारत के विरोध में इस्तेमाल करता है, तो आज की भारत की कार्रवाई से आप यही मान सकते हैं कि आगे भारत आतंक के विरोध में बहुत चड़ा कदम उठाएगा। भारत ने बता दिया है कि अब यह नया भारत है, तो आतंकियों और आतंकवाद को अपने ही बलबूते समूल नष्ट करने की सामर्थ्य रखता है। बहरहाल तमाम हालात पाकिस्तान के खिलाफ बन चुके हैं ऐसे में यदि वह अपनी ईज्जत बचाने के लिए अफरा-तफरी के माहौल में किसी तरह की हिमाकत करता है तो भारत हर स्थिति से निबटने के तैयार है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 17:03:20 +0530</pubDate>
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