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                <title>Indian National Congress - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Indian National Congress RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बरही प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में धूमधाम से मनाया गया राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरही, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>          बरही प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल मनान वारसी ने की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला उपाध्यक्ष डॉ. निजामुद्दीन अंसारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बरही प्रमुख मनोज रजक उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने केक काटकर और मिठाई खिलाकर कार्यकर्ताओं के बीच खुशी साझा की तथा संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने राहुल गांधी के विचारों, उनके देश के प्रति समर्पण एवं त्याग को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181609/rahul-gandhis-56th-birthday-was-celebrated-with-pomp-in-barhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/news-5-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरही, हजारीबाग, झारखंड:-</strong>     बरही प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अब्दुल मनान वारसी ने की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला उपाध्यक्ष डॉ. निजामुद्दीन अंसारी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बरही प्रमुख मनोज रजक उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने केक काटकर और मिठाई खिलाकर कार्यकर्ताओं के बीच खुशी साझा की तथा संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने राहुल गांधी के विचारों, उनके देश के प्रति समर्पण एवं त्याग को अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उनके विचारों को आत्मसात कर कांग्रेस पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि बरही विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत रही है और उसे आगे भी बनाए रखने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा। मौके पर उपस्थित कांग्रेस नेताओं ने यह भी संकल्प लिया कि संगठन को और अधिक सक्रिय बनाकर आगामी चुनावों में सीट को पुनः कांग्रेस के पक्ष में लाने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी। मौके पर डॉ. निजामुद्दीन अंसारी, अब्दुल मनान वारसी, प्रमुख मनोज रजक, दीपक गुप्ता पूर्व जिला अध्यक्ष, ओबीसी प्रकोष्ठ, मो. तौकीर रजा, विष्णुधारी महतो, मंडल अध्यक्ष सुनील साव, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र गिरी, रिजवान अली, पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद शमशेर आलम, विनोद दास, मनोज रविदास, फिरदौस खान, अर्जुन साव, गुलाम मुस्तफा, अनवर अली, सिकंदर दास, अशोक बाड़ा, मुकेश पासवान, मोहम्मद मकसूद, पंकज पासवान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने राहुल गांधी के दीर्घायु एवं उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 18:12:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दो दिवसीय दौरे पर आज आयेंगी विधायक मोना</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना आज सोमवार से अपने निर्वाचन क्षेत्र रामपुर खास के दो दिवसीय दौरे पर आयेंगी। सोमवार को वह दिन में एक बजे सराय संग्राम सिंह में आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी में शामिल होंगी। इसके बाद वह सवा दो बजे पिपरी प्रतापपुर चेरगढ़ में डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होंगी। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विधायक मोना रात्रि विश्राम संग्रामगढ़ करेंगी। अगले दिन मंगलवार को वह दिन में साढ़े बारह बजे लालगंज में लोगों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वह दिन में एक बजे से लालगंज के अम्बेडकर पार्क</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175855/mla-mona-will-come-today-on-a-two-day-tour"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/new-project-15_1642519588.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना आज सोमवार से अपने निर्वाचन क्षेत्र रामपुर खास के दो दिवसीय दौरे पर आयेंगी। सोमवार को वह दिन में एक बजे सराय संग्राम सिंह में आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी में शामिल होंगी। इसके बाद वह सवा दो बजे पिपरी प्रतापपुर चेरगढ़ में डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के अनावरण समारोह में शामिल होंगी। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विधायक मोना रात्रि विश्राम संग्रामगढ़ करेंगी। अगले दिन मंगलवार को वह दिन में साढ़े बारह बजे लालगंज में लोगों से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वह दिन में एक बजे से लालगंज के अम्बेडकर पार्क में डा. भीमराव अम्बेडकर के जन्म दिवस पर आयोजित समारोह में शामिल होंगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:43:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रामकृष्णनगर में बीजेपी में बड़ा विभाजन, सैकड़ों पुरुष और महिलाएं कांग्रेस में शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र में चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। एक साथ सैकड़ों पुरुष और महिला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया। इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलकों में तेज हलचल मच गई है। गत सोमवार को कांग्रेस उम्मीदवार सुरुचि राय की उपस्थिति में औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हुए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक विजय मालाकार के करीबी कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के तानाशाही तथा अधिनायकवादी रवैये के कारण वे लंबे समय से उपेक्षित महसूस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174781/big-split-in-bjp-in-ramakrishnanagar-hundreds-of-men-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001403046.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र में चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। एक साथ सैकड़ों पुरुष और महिला बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़कर इंडियन नेशनल कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया। इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलकों में तेज हलचल मच गई है। गत सोमवार को कांग्रेस उम्मीदवार सुरुचि राय की उपस्थिति में औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हुए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक विजय मालाकार के करीबी कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं के तानाशाही तथा अधिनायकवादी रवैये के कारण वे लंबे समय से उपेक्षित महसूस कर रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनका कहना है कि कई बार इस मुद्दे को विधायक के संज्ञान में लाया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दलबदल करने वालों के अनुसार, “सत्तारूढ़ दल की इस तानाशाही और अधिनायकवादी कार्यशैली को हम अब और सहन नहीं कर सकते। इसलिए मजबूर होकर हमने यह निर्णय लिया। जहां सामान्य कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की कोई अहमियत नहीं है, वहां बने रहने का कोई अर्थ नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में शामिल होने के बाद वे आगामी दिनों में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में काम करेंगे और आम जनता के हित में संघर्ष जारी रखेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि यह सामूहिक दलबदल रामकृष्णनगर क्षेत्र के दुल्लभछड़ा जीपी के वार्ड नंबर 7, मोकामछड़ा इलाके में हुआ। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना से हिंदू वोट बैंक में संभावित विभाजन के संकेत मिल रहे हैं, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। दलबदल करने वालों का नेतृत्व राहुल चौहान, रंजीत पाल, मनोज कानू, शिव शंकर ग्वाला, संतोष कानू (गुड्डू), प्रदीप राय, प्रणय नाथ, अनुप नाथ सहित अन्य स्थानीय पुरुष और महिला ने योगदान क्या।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 18:52:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल से टूटा था 'एक देश-एक चुनाव' क्रम </title>
                                    <description><![CDATA[<div>1950 में संविधान लागू होने के बाद देश में पहले आम चुनाव 1952 में लोकसभा और सभी राज्यों की व‍िधानसभाओं के लिए एक साथ हुए थे। यह सिलसिला 1957 के आम चुनावों में भी जारी रहा। केरल में साल 1957 के चुनावों के बाद बनी सरकार को उस समय की केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन लगाकर 31 जुलाई 1959 को बर्खास्त कर दिया था। केरल में 1957 के विधानसभा चुनावों के बाद कम्युनिस्ट नेता ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद के नेतृत्व में भाकपा की सरकार बनी। यह विश्व की पहली लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई कम्युनिस्ट सरकार थी। केरल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147051/one-country-one-election-sequence-was-broken-in-kerala%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/केरल-से-टूटा-था-&#039;एक-देश-एक-चुनाव&#039;-क्रम .jpg" alt=""></a><br /><div>1950 में संविधान लागू होने के बाद देश में पहले आम चुनाव 1952 में लोकसभा और सभी राज्यों की व‍िधानसभाओं के लिए एक साथ हुए थे। यह सिलसिला 1957 के आम चुनावों में भी जारी रहा। केरल में साल 1957 के चुनावों के बाद बनी सरकार को उस समय की केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन लगाकर 31 जुलाई 1959 को बर्खास्त कर दिया था। केरल में 1957 के विधानसभा चुनावों के बाद कम्युनिस्ट नेता ई.एम.एस. नम्बूदरीपाद के नेतृत्व में भाकपा की सरकार बनी। यह विश्व की पहली लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई कम्युनिस्ट सरकार थी। केरल में 31 जुलाई 1959 से 22 फरवरी 1960 तक राष्ट्रपति शासन लागू रहा। </div>
<div> </div>
<div>साल 1960 में लोकतंत्र बहाल करते हुए  विधानसभा चुनाव करवाए गए। जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन 63 सीटें जीत बहुमत हासिल किया। इन चुनावों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को केवल 29 सीटें मिलीं। केरल को छोड़ बाकि देश में आखिरी बार एक देश, एक चुनाव 1967 में हुए थे। देश के चौथे आम चुनाव में 520 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र और 3,563 विधानसभा सीटें शामिल थीं। सभी राज्यों में आम चुनाव एक चरण हुए थे लेकिन यूपी में यह चार चरणों में हुए थे। 1967 से 1972 के बीच पुराने राज्यों के पुनर्गठन और नए राज्य बनने के साथ अलग अलग समय पर विधानसभा चुनाव होते रहे।</div>
<div> </div>
<div>इस तरह से साल 1967 के बाद बड़े पैमाने पर लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होने का सिलसिला टूट गया। उम्मीद की जा रही है संसद में मंगलवार को 'एक देश-एक चुनाव' विधेयक पेश किया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद  की अध्यक्षता वाली समिति ने 'एक देश-एक चुनाव ' संबंधित 18,626 पन्नो की रिपोर्ट 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी थी। इस उच्च स्तरीय समिति के अनुसार विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श कर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। इस रिपोर्ट में लोकसभा, विधानसभा, नगरपालिकाओं और पंचायत चुनाव एक साथ करवाने के मुद्दे से जुड़ी सिफारिशें दी गई हैं परन्तु अभी उम्मीद यही है कि लोकसभा चुनाव और राज्य व‍िधानसभाओं के चुनाव एक साथ करवाने पर ही फैसला लिया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>यदि कोविंद समिति की सिफारिशे लोकसभा और राज्यसभा की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर कर दिए जाती हैं तो हो सकता है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जितने भी विधानसभा चुनाव हुए या होंगे उनकी अवधि 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ ही खत्म हो जाए। राजनीतिक दलों ने अपने विचार समिति के साथ साझा किए थे जिनमें से 32 राजनीतिक दल 'वन नेशन वन इलेक्शन' के समर्थन में थे। रिपोर्ट में कहा गया है केवल 15 राजनीतिक दलों को छोड़कर शेष 32 दलों ने न केवल साथ-साथ चुनाव प्रणाली का समर्थन किया बल्कि सीमित संसाधनों की बचत, सामाजिक तालमेल बनाए रखने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए ये विकल्प अपनाने की ज़ोरदार वकालत की है।</div>
<div> </div>
<div>लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने के पीछे कई तरह के तर्क दिए जाते रहे हैं। दावा किया जाता है कि इससे देश के विकास कार्यों में तेज़ी आएगी। चुनावों के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सरकार कोई नई योजना लागू नहीं कर सकती है। आचार संहिता के दौरान नए प्रोजेक्ट की शुरुआत, नई नौकरी या नई नीतियों की घोषणा भी नहीं की जा सकती है और इससे विकास के काम पर असर पड़ता है। यह भी तर्क दिया जाता है कि एक चुनाव होने से चुनावों पर होने वाले खर्च भी कम होगा। इससे सरकारी कर्मचारियों को बार-बार चुनावी ट्यूटी से भी छुटकारा मिलेगा। देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव अलग मुद्दों पर होते हैं। इसलिए दोनों एक साथ होंगे तो विविधता और विभिन्न स्थितियों वाले देश में स्थानीय मुद्दे हाशिये पर चले जाएंगे।</div>
<div> </div>
<div>‘एक चुनाव’ के आइडिया में तस्वीर दूर से तो अच्छी दिख सकती है, लेकिन पास से देखने पर इसमें कई कमियां दिखाई देती हैं। लोकतांत्रिक ढांचे के तहत य​ह आइडिया सुनने में भले ही आकर्षक लगे, लेकिन इसमें तकनीकी समस्याएं काफी हैं। देश में केंद्र और राज्य के चुनाव एक साथ हो भी जाए तब भी यह निश्चित नहीं है कि सभी सरकारें 5 साल चलेंगी ही चलेंगी। इन हालातों में यदि कोई दल या गठबंधन सरकार बनाने कि स्थिति में नही है तो सरकार गिरने पर दोबारा चुनाव करवाने होंगे नही तो राष्ट्रपति शासन लगाना पड़ेगा। एक देश- एक चुनाव का संविधान संशोधन बिल पारित कराना सरकार के लिए आसान काम नही है। संसद में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>संविधान संशोधन के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। विधेयक पारित करवाने के लिए सरकार के पास दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत होना चाहिए और मतदान में 50 प्रतिशत से ज़्यादा वोट होने चाहिए। जबकि एनडीए की मुश्किल ये कि इंडिया गठबंधन के सभी दल इसके खिलाफ हैं। 'एक देश, एक चुनाव' के लिए सरकार दो बिल ला रही है। इनमें एक संविधान संशोधन का बिल है। लोकसभा की 543 सीटों में एनडीए के पास अभी 292 सीटें हैं। दो तिहाई बहुमत के लिए 362 का आंकड़ा जरूरी है। वहीं राज्यसभा की 245 सीटों में एनडीए के पास अभी 112 सीटें हैं, वहीं 6 मनोनीत सांसदों का भी उसे समर्थन है। जबकि विपक्ष के पास 85 सीटें है। दो तिहाई बहुमत के लिए 164 सीटें जरूरी हैं।</div>
<div> </div>
<div><strong>(नीरज शर्मा'भरथल') </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>विचारधारा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Dec 2024 16:59:22 +0530</pubDate>
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