<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/23447/sriram" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>श्री राम - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/23447/rss</link>
                <description>श्री राम RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ज्येष्ठ माह के प्रथम बड़े मंगल में सुन्दर काण्ड पाठ एवं विशाल भंडारे का हुआ आयोजन </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महाराजगंज रायबरेली।</strong> हैदरगढ़ रोड कस्बा स्थित महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेण्ड्री कालेज  में प्रधानाचार्य कमल बाजपेयी ने बच्चों को बताया कि मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी एवं प्रभु श्री राम पहली बार ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन मिले थे। अतः ज्येष्ठ मास के सभी पड़ने वाले मंगलवार में हनुमान जी की पूजा-अर्चना एवं भंडारे में प्रसाद वितरण किया जाता है। अध्यापकों तथा कुछ बच्चों ने मिलकर मैनेजर अवधेश बहादुर सिंह के साथ सस्वर सुन्दर काण्ड का पाठ किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तथा आरती के बाद कालेज गेट पर सभी अध्यापक, बच्चों एवं राहगीरों को मालपुआ चना, पूड़ी शब्जी तथा रूहआफजा शरबत का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178320/sundar-kand-paath-and-huge-bhandara-was-organized-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260505-wa03041.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महाराजगंज रायबरेली।</strong> हैदरगढ़ रोड कस्बा स्थित महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेण्ड्री कालेज  में प्रधानाचार्य कमल बाजपेयी ने बच्चों को बताया कि मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी एवं प्रभु श्री राम पहली बार ज्येष्ठ मास के मंगलवार के दिन मिले थे। अतः ज्येष्ठ मास के सभी पड़ने वाले मंगलवार में हनुमान जी की पूजा-अर्चना एवं भंडारे में प्रसाद वितरण किया जाता है। अध्यापकों तथा कुछ बच्चों ने मिलकर मैनेजर अवधेश बहादुर सिंह के साथ सस्वर सुन्दर काण्ड का पाठ किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तथा आरती के बाद कालेज गेट पर सभी अध्यापक, बच्चों एवं राहगीरों को मालपुआ चना, पूड़ी शब्जी तथा रूहआफजा शरबत का प्रसाद मैनेजर अवधेश बहादुर सिंह एवं प्रधानाचार्य कमल बाजपेयी एवं प्रधानाचार्य राजा चंद्रचूड़ इण्टर कालेज तथा स्टाफ ने अपने हाथों से वितरित किया। सभी के लिए ईश्वर सो मंगल कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;">कवन सो काज कठिन जग माही। जो नहि होइ तात तुम्ह पाही।।</div>
<div style="text-align:justify;">सर्व शक्तिमान हनुमान जी सभी का भला करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य राजीव मिश्र अनिमेष मिश्र एकाउन्टेन्ट सुरेन्द्र प्राजापति मंजू सिंह, सरिता मिश्रा, अमित सिंह, नीरू बाजपेई अनुपम सिंह, लक्ष्मी सिंह, साधना सिंह, शालिनी सिंह, ज्योति सिंह रूचि सिंह, राजमणि सिंह पिंकी, गरिमा, आलोक जी हर्षित कौर शिवांक मिश्र, शिवशंकर अविका, राज किशोर पाल, अमरेन्द्र प्रजापती अवनीश सिंह सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178320/sundar-kand-paath-and-huge-bhandara-was-organized-on-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178320/sundar-kand-paath-and-huge-bhandara-was-organized-on-the</guid>
                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:43:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260505-wa03041.jpg"                         length="73416"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाली 30 विभूतियों का नागपुर में सम्मान, सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने किया अभिनंदन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय, नागपुर में मंगलवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परम पूजनीय सरसंघचालक आदरणीय मोहन भागवत ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में सराहनीय योगदान देने वाली 30 विभूतियों को सम्मानित किया।<br />सम्मानित होने वाले नामों में एक नाम फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी गृह जनपद अम्बेडकरनगर की टांडा तहसील के ग्राम ओदरा रहने वाले, का नाम शामिल रहा। जिन्हें रामलला के पोशाक की सेवा के लिए पूर्व में ही चुना गया था जो अब भी निरंतर सेवा दे रहे हैं<br />श्री त्रिपाठी प्रभु श्री रामलला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177652/sarsanghchalak-mohan-bhagwat-ji-honored-30-personalities-who-contributed-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0034.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकर नगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय, नागपुर में मंगलवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर परम पूजनीय सरसंघचालक आदरणीय मोहन भागवत ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में सराहनीय योगदान देने वाली 30 विभूतियों को सम्मानित किया।<br />सम्मानित होने वाले नामों में एक नाम फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी गृह जनपद अम्बेडकरनगर की टांडा तहसील के ग्राम ओदरा रहने वाले, का नाम शामिल रहा। जिन्हें रामलला के पोशाक की सेवा के लिए पूर्व में ही चुना गया था जो अब भी निरंतर सेवा दे रहे हैं<br />श्री त्रिपाठी प्रभु श्री रामलला के नित्य वस्त्रों के सेवक हैं और प्राण प्रतिष्ठा के दिन से निरंतर भगवान के दैनिक वस्त्र तैयार कर रहे हैं<br />इन वस्त्रों की विशेषता यह है कि ये पूर्णतः भारतीय परंपरागत परिधानों एवं टेक्सटाइल शिल्प से निर्मित होते हैं, जिन्हें श्रद्धापूर्वक प्रभु श्री राम के चरणों में अर्पित किया जाता है। श्री त्रिपाठी का संकल्प है कि भगवान की सेवा के माध्यम से भारत के प्रत्येक राज्य की पारंपरिक वस्त्र कला एवं ट्रेडिशनल टेक्सटाइल्स प्रभु तक पहुंचे। इसके अंतर्गत वे एरी, मूगा, कोटपाड, तोड़ा, भील, बनजारा सहित विभिन्न जनजातीय एवं क्षेत्रीय बुनाई शैलियों को भगवान के नित्य श्रृंगार का हिस्सा बना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर सरसंघचालक ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण केवल पत्थरों का कार्य नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जागरण है, जिसमें इन सभी विभूतियों का योगदान अमूल्य है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177652/sarsanghchalak-mohan-bhagwat-ji-honored-30-personalities-who-contributed-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177652/sarsanghchalak-mohan-bhagwat-ji-honored-30-personalities-who-contributed-in</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 08:24:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260428-wa0034.jpg"                         length="141561"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रवण क्षेत्र धाम में जिलाधिकारी द्वारा भगवान श्री राम जी की प्रतिमा का किया गया अनावरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अंबेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने श्रवण क्षेत्र धाम में भगवान श्री राम की प्रतिमा का मंत्रों उच्चार तथा धार्मिक रीति रिवाज के साथ अनावरण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरवन क्षेत्र धाम को उसकी पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए एक बड़े आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जा रहा है, यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालु के लिए गेस्ट हाउस के निर्माण कार्य चल रहा है, नया आधुनिक पंचायत घर बनवाया गया है,</p>
<p style="text-align:justify;">नई पुलिस चौकी बनवाई गई है इसके साथ ही साथ हवन, भंडारा आदि करने के लिए यहां पर एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147035/the-statue-of-lord-shri-ram-was-unveiled-by-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img-20241215-wa0616.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अंबेडकरनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने श्रवण क्षेत्र धाम में भगवान श्री राम की प्रतिमा का मंत्रों उच्चार तथा धार्मिक रीति रिवाज के साथ अनावरण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरवन क्षेत्र धाम को उसकी पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए एक बड़े आधुनिक पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जा रहा है, यहां बाहर से आने वाले श्रद्धालु के लिए गेस्ट हाउस के निर्माण कार्य चल रहा है, नया आधुनिक पंचायत घर बनवाया गया है,</p>
<p style="text-align:justify;">नई पुलिस चौकी बनवाई गई है इसके साथ ही साथ हवन, भंडारा आदि करने के लिए यहां पर एक अलग टीन सेड का निर्माण किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/img-20241215-wa0679.jpg" alt="IMG-20241215-WA0679" width="1101" height="1468"></img></p>
<p style="text-align:justify;">श्रवण धाम मंदिर को एक प्रयटन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। मा0 मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुसार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देते हुए एवं स्थानीय रोजगार का सृजन करते हुए वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के सपने को साकार रूप दिया जा रहा है माननीय मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप पूरे क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/img-20241215-wa0615.jpg" alt="IMG-20241215-WA0615" width="934" height="525"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जो लोग अयोध्या आते हैं वह लोग भी यहां पर अवश्य आए। और यहां पर पर्यटकों के ठहरने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही है। मुख्य सड़क पर दशरथ नंदन नाम से एक गेट का निर्माण कराया जा रहा है। तथा मातृ पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली श्रवण धाम में पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेले का शुभारंभ आज अगहन पूर्णिमा स्नान के साथ हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मेला क्षेत्र में दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने तमसा नदी के संगम तट पर स्नान कर पूजा अर्चना की। श्रवण क्षेत्र का घाट तीन नदियों से तमसा नदी, विसुही नदी तथा मडहा  नदी के उद्गम का पौराणिक संगम स्थल है। सर्वविदित है कि श्री अयोध्या तीर्थ के बाद प्रमुख पौराणिक श्रवण कुमार की तपोस्थली श्रवण धाम है। माता-पिता की भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की तपोस्थली श्रवणक्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/img-20241215-wa0613.jpg" alt="IMG-20241215-WA0613" width="975" height="464"></img></p>
<p style="text-align:justify;">श्रवण क्षेत्र का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है। हिंदू समाज के लोगों में इस स्थान को लेकर गहरी आस्था है। वर्ष भर में ऐसे कई मौके होते है। जब श्रवण धाम आस्था का बड़ा गवाह बनता है। सप्तकोशी परिक्रमा व पूर्णिमा स्नान पर यहां श्रद्धालु पहुंचकर संगम तट पर स्नान करते हैं और श्रवण कुमार की उपासना करते हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">    इस दौरान अपर जिलाधिकारी डॉ सदानंद गुप्ता, उप जिलाधिकारी अकबरपुर,जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी कटेहरी अनुपम सिंह तथा अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौके पर उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147035/the-statue-of-lord-shri-ram-was-unveiled-by-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147035/the-statue-of-lord-shri-ram-was-unveiled-by-the</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 21:01:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-12/img-20241215-wa0616.jpg"                         length="271907"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        