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                <title>investigation - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>investigation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178039/uttar-pradesh-medical-supply-corporation-ventilator-scam-2"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/photo-1.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>📍 <em>लखनऊ | संवाददाता</em></strong></blockquote>
<hr />
<h4 style="text-align:justify;"><strong> स्थापना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (UPMSCL) की स्थापना इस उद्देश्य से की गई थी कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं और आधुनिक उपकरण पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जा सकें।<br />कारपोरेशन को स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माना गया था, लेकिन हाल के घटनाक्रम इस संस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों, आउटसोर्स कर्मचारियों और कथित बिचौलियों के गठजोड़ ने खरीद प्रक्रिया को प्रभावित कर इसे कथित रूप से भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-1.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="614" height="840"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ICU वेंटीलेटर टेंडर में ‘खेल’</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ताजा मामला जेम (GeM) पोर्टल पर जारी टेंडर संख्या <strong>GEM/2025/B/5823357</strong> से जुड़ा है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों के लिए <strong>221 ICU वेंटीलेटर</strong> खरीदे जाने हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस टेंडर में कुल 11 कंपनियों ने भाग लिया है। इनमें शामिल <strong>Heidelco Medicore Pvt. Ltd.</strong> पर आरोप है कि यह कंपनी अलग-अलग टेंडरों में अपनी पहचान बदलकर हिस्सा लेती रही है—कभी खुद को निर्माता, तो कभी अधिकृत वितरक बताकर।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बार कंपनी ने खुद को <strong>Sysmed Medical Technologies Pvt. Ltd., चंडीगढ़</strong> का अधिकृत वितरक बताया है और जिस वेंटीलेटर मॉडल की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया गया है, वह <strong>Topnotch TV-15</strong> है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-2.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="634" height="897"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>KGMU की रिपोर्ट ने खड़े किए सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान <strong>किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU)</strong> ने पूर्व में एक अन्य टेंडर (<strong>GEM/2026/R/647614</strong>) में इसी मॉडल के वेंटीलेटर को गुणवत्ता और सर्विस से जुड़े कारणों से खारिज कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">KGMU की तकनीकी समिति द्वारा की गई जांच में निम्न बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई थी:</p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>उपकरण की <strong>परफॉर्मेंस मानकों पर खरा न उतरना</strong></li>
<li><strong>क्लिनिकल उपयोग में विश्वसनीयता की कमी</strong></li>
<li><strong>सर्विस और मेंटेनेंस सपोर्ट कमजोर होना</strong></li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">इसके बावजूद वही मॉडल दोबारा टेंडर प्रक्रिया में शामिल होना कई सवाल खड़े करता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर चीनी उत्पाद?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">आरोप यह भी है कि जिस वेंटीलेटर को भारतीय कंपनी के नाम से पेश किया जा रहा है, वह वास्तव में चीन की कंपनी <strong>Shenzhen Mindray Bio-Medical Electronics Co. Ltd.</strong> का उत्पाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो यह न केवल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन भी हो सकता है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>GFR 144(XI) की अनदेखी?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">भारत सरकार के <strong>GFR 144(XI)</strong> नियम के अनुसार, सुरक्षा कारणों से चीनी कंपनियों और उनसे जुड़े उत्पादों की सरकारी खरीद पर सख्त प्रतिबंध है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी से अनुमति न ली जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे में बिना स्पष्ट खुलासे के चीनी उत्पाद को भारतीय कंपनी के माध्यम से पेश करना नियमों की अवहेलना माना जा सकता है।</p>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/photo-3.jpg" alt="जीजा-साले का ‘चीन कनेक्शन’ उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन वेंटीलेटर घोटाला–2" width="662" height="468"></img></strong></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>विभागीय जिम्मेदारी और निगरानी पर सवाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। विभाग की जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री <strong>ब्रजेश पाठक</strong> के पास है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सूत्रों का दावा है कि:</strong></p>
<ul style="text-align:justify;">
<li>एक आउटसोर्स कर्मचारी <strong>उज्ज्वल कुमार</strong> कथित रूप से खरीद प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रहा था</li>
<li>टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी जांच को प्रभावित करने के प्रयास हुए</li>
<li>कथित दलालों के साथ मिलकर निर्णयों को प्रभावित किया गया</li>
</ul>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।</p>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कारपोरेशन का पक्ष</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन के कर्मचारी <strong>देवव्रत कुमार आर्य</strong> ने संवाददाता से बातचीत में कहा:</p>
<blockquote>
<p>“यदि किसी कंपनी द्वारा चीनी उत्पाद को छिपाकर सप्लाई करने का प्रयास किया जाता है, तो उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। नियमों के विरुद्ध पाए जाने पर टेंडर तत्काल निरस्त किया जाएगा।”</p>
</blockquote>
<hr />
<h3 style="text-align:justify;"><strong>बड़े सवाल</strong></h3>
<ul style="text-align:justify;">
<li>
<blockquote class="format1">
<ul>
<li>क्या पहले से रिजेक्टेड उपकरण को दोबारा टेंडर में शामिल किया जा सकता है?</li>
<li>क्या टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी मानकों से समझौता किया जा रहा है?</li>
<li>क्या ‘मेड इन इंडिया’ के नाम पर विदेशी उत्पादों की आपूर्ति हो रही है?</li>
<li>क्या निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है?</li>
</ul>
</blockquote>
</li>
</ul>
<hr />
<p style="text-align:justify;"><strong>📢 निष्कर्ष</strong><br />यह मामला केवल एक टेंडर तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न सिर्फ आर्थिक घोटाला होगा बल्कि मरीजों की जान से भी खिलवाड़ माना जाएगा।</p>
<hr />
<blockquote class="format2">✍️ <strong>(स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम अगले अंक में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे करेगी…)</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 07:00:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेज तर्रार कप्तान डॉक्टर यशवीर के आदेशों को नहीं मानते सी ओहरैया चार दिन बीत गए दर्ज नहीं हुआमुकदमा </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">  <strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के पीड़ित पत्रकार दिए गए पुलिस अधीक्षक को पत्र में मुकदमा दर्ज करने का आदेश होने के बावजूद भी थाना अध्यक्ष हराया नहीं दर्ज किया मुकदमा दबंगो के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैंग्राम चौकीदार / ग्राम प्रहरी प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगा है पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला ने ग्राम चौकीदार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला पुत्र स्व० रामतेज शुक्ला साकिन-महादेउरी, थाना-हरैया, जनपद-बस्ती का निवासी है। पीड़ित थानाध्यक्ष हर्रैया के कार्य शैली से परेशान है पीड़ित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/174984/the-dashing-captain-did-not-follow-the-orders-of-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260402-wa0030.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"> <strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के पीड़ित पत्रकार दिए गए पुलिस अधीक्षक को पत्र में मुकदमा दर्ज करने का आदेश होने के बावजूद भी थाना अध्यक्ष हराया नहीं दर्ज किया मुकदमा दबंगो के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैंग्राम चौकीदार / ग्राम प्रहरी प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगा है पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला ने ग्राम चौकीदार के खिलाफ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर मामले की जांच कर कार्यवाही की मांग की है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि पीड़ित अनिल कुमार शुक्ला पुत्र स्व० रामतेज शुक्ला साकिन-महादेउरी, थाना-हरैया, जनपद-बस्ती का निवासी है। पीड़ित थानाध्यक्ष हर्रैया के कार्य शैली से परेशान है पीड़ित ने आरोप लगाया कि कभी भी थानाध्यक्ष तहसीलदार सिंह मेरी हत्या करवा सकते है पीड़ित के गांव के चौकीदार ने दिनांक 12.02.2026 को चौकीदार के भाई वेद प्रकाश गौतम, तारक नारायन ने मिलकर पीड़ित के घर में चोरी करते पकड़े गये ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वेद प्रकाश पीड़ित के बेटे आलोक को चाकू से वार कर दिया था उसके बाद पीड़ित के बेटे ने पास पड़े डंडे से चोर के सिर पर मार दिया था जिससे वे गिर पड़े थे और उनका चप्पल, तौलिया मेरे घर में ही छूट गया था जिसको थानाध्यक्ष ने बरामद कर थाने पर ले गये थे लेकिन आज तक न्यायालय में न तो भेजे और न ही पीड़ित को सूचना दिये उसके बावजूद विपक्षी प्रमोद कुमार चौकीदार, वेद प्रकाश गौतम मिलकर बार - बार मेरे दरवाजे पर लगे बांस को तोड़ते हैं बोलने पर मार पीट पर आमादा हो जाते है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और कई बार शिकायत करने पर हर्रैया पुलिस न तो कोई कार्यवाही कर रही है और न ही कोई पुलिस दरवाजे पर जा रही हैं अर्थात हर्रैया पुलिस ग्राम चौकीदार के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है जिससे अपराधियों का हौसला बुलन्द रहा है आये दिन विवाद करते रहते है। एक पक्षीय कार्यवाही करने से तथा अपराधियों को संरक्षण के कारण थानाध्यक्ष थाना हर्रैया के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है । उक्त प्रकरण में पुलिस अधीक्षक डा० यशवीर सिंह ने जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/174984/the-dashing-captain-did-not-follow-the-orders-of-dr</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 19:41:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज साइबर थाने के प्रभारी निलंबित </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173660/there-was-a-stir-in-the-suspended-department-in-charge-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260319-wa0319.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। साइबर थाना प्रभारी को विभागीय अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, साइबर थाने में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में देरी, मामलों की जांच में शिथिलता और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लापरवाही किन परिस्थितियों में हुई और इसमें अन्य कोई कर्मचारी भी शामिल है या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई के बाद साइबर थाना समेत अन्य थानों में भी कार्यप्रणाली को लेकर समीक्षा शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाएं और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी के बीच साइबर थाने की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में थाना प्रभारी पर की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के लिए एक सख्त संदेश मानी जा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 20:40:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>11.17 करोड़ के खर्च पर सवाल: अभिलेख न देने पर 18 सचिवों का वेतन रोका, जमीनी हकीकत पर भी उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173462/questions-raised-on-expenditure-of-rs-1117-crore-salary-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/bhrastachar.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>गोण्डा-आनंद पांडेय </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए खर्च की गई 11.17 करोड़ रुपये की धनराशि को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। एक ओर जहां अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 18 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया गया है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />जानकारी के अनुसार, पंचायत राज विभाग के तहत वर्ष 2016-17 से 2023-24 के बीच जिले की 82 ग्राम पंचायतों में कुल 11 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए हैं। इन कार्यों का ऑडिट जिला लेखा परीक्षा समिति द्वारा किया गया, जिसमें कई स्थानों पर संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। समिति ने इसे गंभीर मानते हुए धनराशि के दुरुपयोग की आशंका जताई और रिपोर्ट विभाग को भेजी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />कई बार नोटिस व पत्राचार के बावजूद अभिलेख प्रस्तुत न करने पर डीपीआरओ लालजी दूबे ने 18 सचिवों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगा दी है और स्पष्टीकरण मांगा है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इधर, क्षेत्रीय ग्रामीणों ने पूरे मामले को लेकर जमीनी हकीकत पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य केवल कागजों में ही दिखाए गए हैं, जबकि वास्तविकता में मौके पर कार्य अधूरे या न के बराबर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी बिल-वाउचर के जरिए भुगतान दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभागीय आंकड़ों के अनुसार खर्च की गई कुल धनराशि 11.17 करोड़ रुपये है, लेकिन अभिलेख प्रस्तुत न होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि इसमें से कितनी राशि का वास्तविक और सत्यापित हिसाब उपलब्ध है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्थानीय स्तर पर अब मामले की निष्पक्ष जांच और जमीनी सत्यापन की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 16:44:55 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>अयोध्या पुलिस चोर पर मेहरबान, 24 घंटे बाद भी नहीं दर्ज किया केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800" /></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173460/ayodhya-police-was-kind-to-the-thief-but-did-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश चंद्र के अनुसार, 16 मार्च 2026 की सुबह एक ग्राहक ने दाल मांगी। जब दुकानदार दाल रखने वाली जगह पर गया, तो वहां से दाल गायब मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पास का ही एक युवक दाल की बोरी चुराते हुए स्पष्ट दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज दिखाए। पुलिस आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले गई। दुकानदार ने मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र भी दिया है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन पुलिस ने अभी मामले में कोई भी प्राथमिकी नहीं दर्ज की है, अलबत्ता पकड़े गए शातिर चोर पर मेहरबान दिख रही है । इस संबंध में जब थानाध्यक्ष रतन शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 15:52:57 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>मुलाकाती रजिस्टर में पिछले कई दिनो से मुलाकाती का नाम ना दर्ज होने पर कमिश्नर हुए नाराज</title>
                                    <description><![CDATA[निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी द्वारा तहसील प्रांगण में आम, नीम एवं पीपल के पौधे का किया गया रोपण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149519/the-commissioner-got-angry-for-not-registering-the-name-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250306-wa0832.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।</strong> मण्डलायुक्त, प्रयागराज विजय विश्वास पन्त द्वारा गुरुवार को  तहसील चायल का आकस्मिक निरक्षण कर मुकदमों के निस्तारण, दस्तावेजों के रख-रखाव एवं साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा तहसील प्रांगण में आम, नीम एवं पीपल के पौधे का रोपण भी किया गया। </div>
<div>              </div>
<div>मण्डलायुक्त ने मुलाकाती रजिस्टर का अवलोकन किया, जिसमें पाया गया कि पिछले कई दिनो से कोई मुलाकाती का नाम दर्ज नहीं था, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुलाकाती रजिस्टर में सम्बन्धित व्यक्ति का नाम एवं मोबाइल नम्बर अवश्य दर्ज होना चाहिए। उन्होंने 03 माह से अधिक एवं 06 माह से कम के अविवादित मुकदमों की लिस्ट को देखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने धारा-80 के तहत रिजेक्ट किये गये आवेदनों की जॉंच-पड़ताल की एवं आवेदनों को किस कारणवश रिजेक्ट किया गया है, उसकी भी जॉंच की।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने तहसीलदार द्वारा कई प्रकरणों की सही जानकारी न देने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार तहसील-चायल को निर्देशित किया कि वे यहॉं पर जितने समय से तैनात हैं, उस वक्त से आज तक जितने भी विवादित वादों में आदेश जारी किये गये हैं, उन सभी मुकदमों की फाइलों को उपलब्ध कराने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने कृषक दुर्घटना बीमा एवं सम्पत्ति रजिस्टर आदि की भी जॉंच की। </div>
<div>               </div>
<div>मण्डलायुक्त ने कहा कि मुकदमों का निस्तारण जिस प्रकार से किया जाना चाहिए, उस प्रकार से नहीं किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुकदमों का निस्तारण पूरी दक्षता के साथ समय से करने के निर्देश उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार को दिये। उन्होंने अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा कोर्ट में बैठकर मुकदमों को निस्तारित करने के निर्देश दिये, जिससे फरियादियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाये।इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रयागराज एवं उपजिलाधिकारी चायल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Mar 2025 14:06:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसटीएफ ने जांच में पकड़ा: फर्जी डिग्री के सहारे दो शिक्षिकाओ पर नौकरी करने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>जनपद में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी कर रही परिषदीय विद्यालय की दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया है। एसटीएफ ने इन दोनों शिक्षिकाओ का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब इन पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।शिक्षक भर्ती मे हुए फर्जीवाड़ा को लेकर एसटीएफ लखनऊ की टीम ने बीते दिनों शुरू हुई प्रदेश स्तरीय जांच में पाया कि कुछ लोगों ने बीएड की जो डिग्री लगाई है, उस विश्वविद्यालय की मान्यता यूजीसी से नहीं है। ऐसे भी डिग्री फर्जी मानी जाएगी। जांच में पाया गया की जिले मे प्रधानाध्यापिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146969/stf-investigated-and-caught-two-teachers-accused-of-doing-jobs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/0.0041.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकरनगर। </strong>जनपद में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी कर रही परिषदीय विद्यालय की दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया है। एसटीएफ ने इन दोनों शिक्षिकाओ का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब इन पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।शिक्षक भर्ती मे हुए फर्जीवाड़ा को लेकर एसटीएफ लखनऊ की टीम ने बीते दिनों शुरू हुई प्रदेश स्तरीय जांच में पाया कि कुछ लोगों ने बीएड की जो डिग्री लगाई है, उस विश्वविद्यालय की मान्यता यूजीसी से नहीं है। ऐसे भी डिग्री फर्जी मानी जाएगी। जांच में पाया गया की जिले मे प्रधानाध्यापिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय गौरा में तैनात मांधाता व प्राथमिक विद्यालय बरौरा में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात सरोज लता की डिग्री भी इसी विश्वविद्यालय की है।</div>
<div> </div>
<div>इन लोगो की बीएड की डिग्री दून इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ से है, जिसका नाम यूजीसी की तरफ से पंजीकृत नहीं है। ऐसे में यह संस्थान किसी प्रकार की डिग्री को जारी नहीं कर सकता है। जांच में कई और गड़बड़ियां पाई गई थी। हालांकि जिले की ही रहने वाली दोनों शिक्षिकाओं ने अपने जवाब में कहाकि उन्होंने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है।अब विभाग ने दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। प्रधानाध्यापिका मांधाता की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी जहांगीरगंज संतोष पांडेय और अकबरपुर की खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही दोनों शिक्षिकाओं को निलंबन अवधि के दौरान अपनी उपस्थिति ब्लॉक केंद्र अकबरपुर में देने को कहा गया है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146969/stf-investigated-and-caught-two-teachers-accused-of-doing-jobs</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 17:20:57 +0530</pubDate>
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