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                <title>railway administration - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>railway administration RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नैनी स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार का नाम-पट अधूरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात। </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div>  </div>
<div>नैनी जंक्शन की पहचान बताने वाला मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों रेलवे की अनदेखी का शिकार नजर आ रहा है। स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगा बड़ा नाम-पट क्षतिग्रस्त होने के कारण अधूरा दिखाई दे रहा है। ‘नैनी स्टेशन’ लिखे नाम-पट से एक मात्रा गायब होने के कारण स्टेशन की पहचान ही सही तरीके से प्रदर्शित नहीं हो पा रही है।</div>
<div>  </div>
<div>नैनी रेलवे स्टेशन यमुनापार के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है तथा देश के विभिन्न प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों का संचालन होता है।</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186782/name-plate-of-main-entrance-of-naini-station-incomplete"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260830-wa0057.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>स्वतंत्र प्रभात। </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div> </div>
<div>नैनी जंक्शन की पहचान बताने वाला मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों रेलवे की अनदेखी का शिकार नजर आ रहा है। स्टेशन के प्रवेश द्वार पर लगा बड़ा नाम-पट क्षतिग्रस्त होने के कारण अधूरा दिखाई दे रहा है। ‘नैनी स्टेशन’ लिखे नाम-पट से एक मात्रा गायब होने के कारण स्टेशन की पहचान ही सही तरीके से प्रदर्शित नहीं हो पा रही है।</div>
<div> </div>
<div>नैनी रेलवे स्टेशन यमुनापार के प्रमुख रेलवे केंद्रों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है तथा देश के विभिन्न प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों का संचालन होता है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगा नाम-पट लंबे समय से अधूरा दिखाई देना रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।विकास के दावों के बीच छोटी-सी मरम्मत भी भारी?प्रवेश द्वार के नाम-पट की तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि ‘नैनी स्टेशन’ का नाम पूरा नहीं है। बताया जा रहा है कि नाम-पट से गायब हुई मात्रा संभवतः गिर गई है,</div>
<div> </div>
<div>लेकिन अब तक उसे ठीक नहीं कराया गया। रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही वाले स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस खामी पर क्यों नहीं पड़ी, यह सवाल स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।</div>
<div> </div>
<div>रेलवे की ओर से लगातार स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किए जाने का दावा किया जाता है। ऐसे में स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर नाम-पट का टूटा और अधूरा दिखाई देना रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।</div>
<div> </div>
<div>तत्काल मरम्मत की मांग स्थानीय यात्रियों और क्षेत्रवासियों ने रेलवे अधिकारियों से मांग की है कि प्रवेश के नाम-पट का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और गायब मात्रा को लगवाकर इसे व्यवस्थित किया जाए। नैनी स्टेशन की पहचान को दोबारा सही रूप में प्रदर्शित किया जाए।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Aug 2026 18:56:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राजकुमार वानखेड़े ने ग्रहण किया  उत्तर मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक का पदभार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  राजकुमार वानखेड़े 1990 बैच के आई. आर. एस. ई. अधिकारी हैं। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से बीई (सिविल) और आईआईटी-मुंबई से एम टेक किया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए कई डिवीज़न और ज़ोनल रेलवे में काम किया है, जिनमें पश्चिमी रेलवे के रतलाम और वड़ोदरा डिवीज़न, दक्षिण मध्य रेलवे का नांदेड़ डिवीज़न, पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण संगठन, RITES, नागपुर मेट्रो आदि शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिवीज़न में काम करते हुए उनका संरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने सुरंगों और गहरी कटिंग (deep cuttings) के लिए</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184474/rajkumar-wankhede-assumed-the-charge-of-additional-general-manager-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260801-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> राजकुमार वानखेड़े 1990 बैच के आई. आर. एस. ई. अधिकारी हैं। उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से बीई (सिविल) और आईआईटी-मुंबई से एम टेक किया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न पदों पर रहते हुए कई डिवीज़न और ज़ोनल रेलवे में काम किया है, जिनमें पश्चिमी रेलवे के रतलाम और वड़ोदरा डिवीज़न, दक्षिण मध्य रेलवे का नांदेड़ डिवीज़न, पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण संगठन, RITES, नागपुर मेट्रो आदि शामिल हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिवीज़न में काम करते हुए उनका संरक्षा रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। उन्होंने सुरंगों और गहरी कटिंग (deep cuttings) के लिए कई नए और बेहतर सुरक्षा/मजबूतीकरण के काम किए, राजधानी रूट पर गति बढ़ाने के उपाय किए, और लंबे समय की सुरक्षा और नीतिगत पहलों (जैसे अतिक्रमण हटाना) के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्हें पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के निर्माण क्षेत्र में व्यापक अनुभव है। पश्चिम रेलवे के निर्माण क्षेत्र में काम करते हुए, उन्होंने EPC कॉन्ट्रैक्ट, कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट शुरू करने और स्थापित करने तथा तेज़ी से ज़मीन अधिग्रहण करने में अहम भूमिका निभाई। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निर्माण संगठन में, उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में नई लाइन/दोहरीकरण/मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स के तहत सुरंगों और कई महत्वपूर्ण/बड़े पुलों का निर्माण किया। उन्हें ट्रैक, पुलों और सुरंगों के एसेट मैनेजमेंट का अच्छा अनुभव है, साथ ही नागपुर मेट्रो के प्रोजेक्ट हेड के तौर पर मेट्रो निर्माण का भी गहरा अनुभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे में बड़ी आपदाओं के बावजूद, एसेट मैनेजमेंट, क्षमता निर्माण और सुधार, तथा आपदाओं के समय तेज़ी से प्रतिक्रिया देने और उन्हें कम करने में उनका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वे एक कुशल पेशेवर हैं जिनकी समझ बहुत अच्छी है और उन्हें आईआईटी-मुंबई से एम टेक (स्ट्रक्चर) की योग्यता हासिल है। 36 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने रेलवे, निर्माण, मेट्रो और भारतीय रेलवे में अन्य प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए विभिन्न क्षेत्रों और विभागों में अपनी कुशलता साबित की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 22:06:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे टिकट चेकिंग कर्मचारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो</div>
<div style="text-align:justify;">यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260725_190151.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो सहित रिकॉर्ड होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पायलट परियोजना महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह के विशेष निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभ की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रथम चरण में प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों—12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस (प्रयागराज–नई दिल्ली–प्रयागराज) तथा 12451/12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस (कानपुर–नई दिल्ली–कानपुर) में कार्यरत टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध रूप से प्रयागराज मंडल से प्रारंभ होने वाली अन्य ट्रेनों में भी किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी वॉर्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं, जिनमें एचडी (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विज़न, लंबी अवधि का बैटरी बैकअप तथा टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग प्रणाली जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन विशेषताओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी निर्बाध रिकॉर्डिंग सुनिश्चित होगी तथा रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मध्य विवाद अथवा शिकायतें उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में कैमरे में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष एवं विश्वसनीय साक्ष्य के रूप में कार्य करेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों के आधार पर शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इससे निराधार अथवा फर्जी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी कर्मचारी के साथ अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटना होती है, तो उसकी सत्यता का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यवस्था टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यावसायिक आचरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकट जांच के दौरान अनुशासन एवं शालीन व्यवहार को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टिकट चेकिंग प्रक्रिया का निष्पक्ष एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों के हितों का समान रूप से संरक्षण होगा। फर्जी शिकायतों एवं अनावश्यक विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिकायतों एवं अपीलों के निस्तारण में साक्ष्य आधारित एवं त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के कार्य निष्पादन, व्यवहार एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव होगा। सुरक्षा संबंधी घटनाओं, संदिग्ध गतिविधियों अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो फुटेज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं अन्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध होगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों का रेलवे के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रेलवे की सकारात्मक छवि को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे प्रशासन में सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज मंडल का विश्वास है कि यह अभिनव पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ टिकट चेकिंग व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाएगी। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार प्रयागराज मंडल की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:40:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>डॉ. शिवम शर्मा ने किया मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183129/dr-shivam-sharma-took-charge-as-chief-public-relations-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0115.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी ब्यूरो चीफ</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. शिवम शर्मा ने उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का कार्यभार ग्रहण किया है। उन्होंने यह पदभार निवर्तमान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  शशिकांत त्रिपाठी की मुख्य यातायात योजना प्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे के रूप में पदोन्नति के उपरांत ग्रहण किया है।  डॉ शर्मा इससे पहले प्रयागराज मंडल में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे।  उल्लेखनीय है कि मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के रूप में  शर्मा की दूसरी पारी है। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2021-22 के दौरान भी इस पद का दायित्व संभाला था। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ शिवम शर्मा ने इसके पूर्व भी वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, उप मुख्य दावा अधिकारी एवं मंडल ट्रैफिक मैनेजर टूंडला जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है तथा व्यापक प्रशासनिक अनुभव अर्जित किया है। उप मुख्य दावा अधिकारी के रूप में डॉ शिवम शर्मा ने कार्य करते हुए प्रयागराज में रेलवे दावा अधिकरण की पीठ खुलवाने में महती भूमिका निभाई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> उनके योगदान के लिए उन्हें अधिकरण की प्रधान पीठ के अध्यक्ष द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।इसी क्रम में उन्होंने प्रतिनियुक्ति पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) में निदेशक पद पर कार्य किया। उन्होंने अपने लगभग तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में निदेशक के रूप में कार्य किया तथा बाद में सोनीपत स्थित उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र में क्षेत्रीय निदेशक के रूप में पदोन्नत हुए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवधि में उन्होंने हरियाणा में खेलों के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया। डॉ. शर्मा वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे । श्री शर्मा भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के वर्ष 2011 बैच के अधिकारी हैं तथा उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से डेंटल सर्जरी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। वे उत्तर मध्य रेलवे के ऊर्जावान एवं गतिशील अधिकारियों में गिने जाते हैं। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 21:48:32 +0530</pubDate>
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                <title>लालगंज:रेलवे स्टेशन पर फैलीं गंदगी, यात्रियों को हो रही असुविधा</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> रेलवे स्टेशन परिसर में करीब दो सप्ताह से साफ-सफाई नहीं की गई। जिससे चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है। परिसर में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने स्टेशन परिसर की समुचित साफ सफाई कराए जाने की मांग की है। अमृत भारत स्टेशन के तहत देश के 554 रेलवे स्टेशनों में चयनित स्टेशन में यात्री सुविधाएं बदहाल हैं। स्टेशन में साफ सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। लेकिन उन्हें पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146739/dirt-spread-at-lalganj-railway-station-causing-inconvenience-to-passengers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241129-wa0337.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> रेलवे स्टेशन परिसर में करीब दो सप्ताह से साफ-सफाई नहीं की गई। जिससे चारों तरफ गंदगी और कचरे का अंबार लगा हुआ है। परिसर में फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने स्टेशन परिसर की समुचित साफ सफाई कराए जाने की मांग की है। अमृत भारत स्टेशन के तहत देश के 554 रेलवे स्टेशनों में चयनित स्टेशन में यात्री सुविधाएं बदहाल हैं। स्टेशन में साफ सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। लेकिन उन्हें पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके चलते उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सूत्रों के अनुसार प्रशासन की अनदेखी और वेतन न मिलने के कारण मजबूरी में सफाई कर्मियों ने काम करना बंद कर दिया। जिससे परिसर में जगह जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है। प्लेटफॉर्म में रखे डस्टबिन कचरे से भरे हुए हैं। परिसर के कोने कोने पर पान मसाले की पीक से फर्श लाल हो चुकी है। यात्रियों के बैठने के लिए परिसर में डाली गई सीमेंट और स्टील की बेंचों के नीचे कचरे का ढेर लगा हुआ है। दुर्गंध के कारण वहां बैठना मुश्किल हो रहा है। रेलवे स्टेशन की गंदगी को लेकर यात्री भी नाराज हैं। स्टेशन पर मौजूद यात्री नीरज कुमार ने बताया कि स्टेशन की हालत बेहद खराब है।</div>
<div> </div>
<div>गंदगी के कारण यहां रुकने का मन नहीं करता। रेलवे प्रशासन को सफाई की व्यवस्था करानी चाहिए। शिवम शुक्ला ने कहा कि स्टेशन पर यात्री सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। कहा कि स्टेशन पर पसरी गंदगी और सफाई कर्मियों की समस्याएं न केवल यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं, बल्कि इससे रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्टेशन अधीक्षक कौशलेंद्र का कहना है कि सफाई कर्मियों के वेतन की समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया है। सफाई कर्मियों को अप्रैल माह से पारिश्रमिक नहीं मिला है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Nov 2024 16:43:29 +0530</pubDate>
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