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                <title>National Sugar Institute - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>National Sugar Institute RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान की गन्ना पेराई मिल पूजन के साथ प्रारंभ </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में स्थित प्रायोगिक चीनी मिल में आज दि. 07 फरवरी को गन्ना पेराई हेतु डोंगा (केन कैरियर) का विधिवत पूजन हुआ। प्रायोगिक चीनी मिल प्रभारी संजय चौहान ने पारंपरिक (धार्मिक) विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच केन कैरियर की पूजा की एवं केन कैरियर में पेराई हेतु गन्ने के बंडल को रखा। </div>
<div>  </div>
<div>  इस अवसर पर प्रायोगिक चीनी मिल में प्रशिक्षण हेतु उपस्थित शर्करा तकनीकी प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुये प्रो. परोहा ने कहा कि उनको संस्थान में व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण हेतु संस्थान में उपलब्ध इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिये। प्रायोगिक</div>
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<div>छात्रों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148302/start-with-sugarcane-crushing-mill-worship-of-national-institute-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250207-wa0045.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में स्थित प्रायोगिक चीनी मिल में आज दि. 07 फरवरी को गन्ना पेराई हेतु डोंगा (केन कैरियर) का विधिवत पूजन हुआ। प्रायोगिक चीनी मिल प्रभारी संजय चौहान ने पारंपरिक (धार्मिक) विधि-विधान से मंत्रोच्चार के बीच केन कैरियर की पूजा की एवं केन कैरियर में पेराई हेतु गन्ने के बंडल को रखा। </div>
<div> </div>
<div> इस अवसर पर प्रायोगिक चीनी मिल में प्रशिक्षण हेतु उपस्थित शर्करा तकनीकी प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुये प्रो. परोहा ने कहा कि उनको संस्थान में व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण हेतु संस्थान में उपलब्ध इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिये। प्रायोगिक चीनी मिल में अध्ययन के दौरान इस प्रकार के प्रशिक्षण की सुविधा संस्थान के अतिरिक्त पूरे विश्व में किसी भी और संस्थान में नहीं है, जिसमें चीनी बनाने की संपूर्ण विधि अर्थात केन कैरियर में गन्ने को रखने से लेकर आखीर में चीनी के निर्माण के उपरांत बोरों में भरे जाने व पैकिंग तक की प्रक्रिया को प्रत्यक्षतः दिखाया एवं समझाया जाता है। </div>
<div> </div>
<div>छात्रों द्वारा इस प्रकार के संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत उनकी चीनी के निर्माण संबंधी सारी अवधारणायें  स्पष्ट हो जाती हैं एवं गन्ने के प्रबंधन संबंधी दृष्टिकोण, इकाई में चीनी निर्माण संबंधी विविध प्रक्रियायें, चीनी निर्माण प्रक्रिया में विभिन्न यंत्रों के संचालन संबंधी मानक (पैरामीटर) आदि प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के मन में न केवल चीनी मिल चलाने हेतु विश्वास उत्पन्न करते हैं, अपितु दृढ़ इच्छाशक्ति को भी जन्म देते हैं। प्रो. परोहा ने बताया कि यही वह प्रमुख कारण है जिसकी वजह से संस्थान से शर्करा तकनीकी या अन्य पाठ्यक्रमों से उत्तीर्ण होकर निकले छात्र-छात्राओं को न केवल देश की चीनी मिलों अपितु विदेशों में चीनी निर्माण कर रही चीनी मिलों में भी प्रमुखता से स्थान दिया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>प्रो.परोहा ने बताया कि राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर अघ्ययनरत छात्र-छात्राओं को नवीनतम आधुनिक तकनीकों से परिचित करवाने हेतु सदैव प्रयासरत रहता है। इस प्रायोगिक चीनी मिल का उपयोग संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर विविध नवीनतम उपकरणों की खोज के दौरान ट्रायल एवं अन्य संबंधित प्रायोगिक कार्यों हेतु किया जाता है।</div>
<div> </div>
<div>इसी कड़ी में छात्रों को और अधिक व्यावहरिक ज्ञान प्रदान करने के लिये टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना का कार्य प्रगति पर है तथा संस्थान की प्रयोगशालाओं को और उन्नत उपकरणों से लैस किया जा रहा है। डोंगा पूजन कार्यक्रम में कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ.अशोक कुमार, डॉ.विनय कुमार,  अनूप कुमार कनौजिया, वीरेन्द्र कुमार, डॉ.सुधांशु मोहन, अखिलेश कुमार पांडे, डॉ.लोकेश बाबर, होराम,  बृजेश कुमार साहू, सुनीत कपूर आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Feb 2025 17:46:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिक एथेनॉल उत्पादन से विदेशों पर निर्भरता कम होगी : डॉ सीमा परोहा </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर।</strong> राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में संयुक्त रूप से एनएसआई एवं एडवांटा ग्रुप के मध्य चल रहे प्रोजेक्ट के अंतर्गत संस्थान के कृषि फार्म में मेगा स्वीट प्रजाति की चरी की बुवाई की गई थी। चरी से इथेनाल उत्पादन हेतु  संस्थान स्थित शर्करा प्रयोगशाला में 21 नवबंर, 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्वायलर पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। संस्थान की फैक्ट्री में 26 से 27 नवंबर, 2024 तक मीठी चरी की पेराई प्रस्तावित है।</div>
<div>  </div>
<div>ब्वायलर पूजन कार्यक्रम के अवसर पर संस्थान की निदेशक, प्रो.सीमा परोहा ने कहा कि भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में मिश्रण (ब्लेंडिंग) हेतु</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146537/more-ethanol-production-will-reduce-dependence-on-foreign-countries-dr"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241121-wa0180.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर।</strong> राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में संयुक्त रूप से एनएसआई एवं एडवांटा ग्रुप के मध्य चल रहे प्रोजेक्ट के अंतर्गत संस्थान के कृषि फार्म में मेगा स्वीट प्रजाति की चरी की बुवाई की गई थी। चरी से इथेनाल उत्पादन हेतु  संस्थान स्थित शर्करा प्रयोगशाला में 21 नवबंर, 2024 को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ब्वायलर पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। संस्थान की फैक्ट्री में 26 से 27 नवंबर, 2024 तक मीठी चरी की पेराई प्रस्तावित है।</div>
<div> </div>
<div>ब्वायलर पूजन कार्यक्रम के अवसर पर संस्थान की निदेशक, प्रो.सीमा परोहा ने कहा कि भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में मिश्रण (ब्लेंडिंग) हेतु गन्ने के रस के अतिरिक्त कई अन्य फीड स्टाक्स से भी ईथेनाल का उत्पादन प्रस्तावित है। इस कड़ी में एक कदम उठाते हुये मीठी चरी से इथेनाल उत्पादन हेतु कार्य किया जा रहा है। प्रो.परोहा ने कहा कि हमारा संयुक्त प्रयास है कि हम अधिक से अधिक मात्रा में इथेनाल का उत्पादन करें जिससे पेट्रोलियम पदार्थों हेतु विदेशों पर निर्भरता कम हो तथा आयात घटने से देश की बहुमूल्य विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य़ मीठी चरी को इथेनाल उत्पादन के मुख्य स्त्रोतों में शामिल करना है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/c600x300/2024-11/img-20241121-wa0179.jpg" alt="IMG-20241121-WA0179" width="600" height="300"></img>डॉ.अशोक कुमार, सहायक आचार्य कृषि रसायन ने कहा कि संस्थान एडवांटा ग्रुप के साथ मीठी चरी से अधिक से अधिक मात्रा में इथेनाल उत्पादन हेतु कृत संकल्प है। इस कार्ये हेतु जैव रसायन अनुभाग में स्थित नैनो प्लांट में जूस से इथेनाल बनाने के कार्य का परीक्षण चल रहा है। </div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर श्री संजय चौहान, सहायक आचार्य शर्करा अभियांत्रिकी न कहा कि शर्करा प्रयोगशाला में स्वीट सोरगम की पेराई के बाद गन्ने की पेराई का सत्र जनवरी माह से आरंभ होगा। शर्करा प्रयोगशाला संस्थान का महत्वपूरण अंग है जिसमें संस्थान में विविध पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्रायोगिक जानकारी दी जाती है। यह न केवल भारत अपितु विश्व में अपने तरह की एकमात्र चीनी मिल है। मिहिर मंडल, सहायक आचार्य शर्करा शिल्प व श्री वीरेन्द्र कुमार, वरिष्ठ यंत्र अभियंता आदि उपस्थित थे।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 16:54:57 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान में कृषि भवन नई दिल्ली की अध्यक्षता में एडवाइजरी बोर्ड की बैठक हुई संपन्न </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में आज  अश्वनी श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव (शर्करा), उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार, कृषि भवन, नई दिल्ली की अध्यक्षता में एडवाइजरी बोर्ड की 56 वीं बैठक संपन्न हुई। इस अति महत्वपूर्ण बैठक में जिन विशिष्ट अतिथि सदस्यों ने भाग लिया उनमें संगीत सिंगला, संयुक्त सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, नई दिल्ली,  आशीष गर्ग, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग, आई.आई.टी., कानपुर,  रसप्पा विश्वनाथन, निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ,  प्रभाकर राव, अध्यक्ष, भारतीय चीनी मिल संघ, नई दिल्ली, नायक नावरेकर, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल संघ,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146251/advisory-board-meeting-held-under-the-chairmanship-of-krishi-bhawan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241114-wa0306.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में आज  अश्वनी श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव (शर्करा), उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, भारत सरकार, कृषि भवन, नई दिल्ली की अध्यक्षता में एडवाइजरी बोर्ड की 56 वीं बैठक संपन्न हुई। इस अति महत्वपूर्ण बैठक में जिन विशिष्ट अतिथि सदस्यों ने भाग लिया उनमें संगीत सिंगला, संयुक्त सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, नई दिल्ली,  आशीष गर्ग, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग, आई.आई.टी., कानपुर,  रसप्पा विश्वनाथन, निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ,  प्रभाकर राव, अध्यक्ष, भारतीय चीनी मिल संघ, नई दिल्ली, नायक नावरेकर, अध्यक्ष, राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल संघ, नई दिल्ली,  शेखर स्वरूप, अध्यक्ष, अखिल भारतीय आसवनी संघ, नई दिल्ली, डॉ.गोविंद राज, निदेशक, गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर सहित प्रो.सीमा परोहा, निदेशक, राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर, सदस्य सचिव के रूप में उपस्थित रहीं।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/img-20241114-wa0298.jpg" alt="IMG-20241114-WA0298" width="1600" height="1200"></img>आमंत्रित विशिष्ट अतिथि सदस्यों ने संस्थान के हरियाली से युक्त विशाल कैंपस की प्रशंसा करते हुये प्राकृतिक सौंदर्य के संवर्धन हेतु निदेशक, प्रो.सीमा परोहा को साधुवाद दिया और सभी सदस्यों ने हरियाली को बढ़ाने में अपना योगदान देते हुये संस्थान परिसर में छाया और फूल देने वाले पेड़ लगाये। इस अवसर पर संस्थान में अध्ययनरत विद्यार्थियों हेतु माननीय संयुक्त सचिव के कर कमलों द्वारा संस्थान में नव विकसित, हाईटेक सुविधाओं से युक्त दो ए.सी. स्मार्ट क्लासरुम का उद्घाटन भी किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146251/advisory-board-meeting-held-under-the-chairmanship-of-krishi-bhawan</link>
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                <pubDate>Fri, 15 Nov 2024 16:13:37 +0530</pubDate>
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