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                <title>commission - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>commission RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>समय से कमीशन न मिलने पर कोटेदारों में नाराजगी, बैठक में उठी एमडीएम पल्लेदारी की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लाक के कोटेदारों की मासिक बैठक सोमवार को ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद करीम की अध्यक्षता में कप्तानगंज बाजार में आयोजित हुई। बैठक में कोटेदारों ने समय से कमीशन न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया और कहा कि कमीशन समय पर न मिलने के कारण इस बार उनकी दिवाली फीकी रही।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कोटेदारों ने मांग की कि खाद्यान्न वितरण समाप्त होने के बाद हर माह की 30 तारीख तक कमीशन उनके खातों में भेजा जाए। साथ ही उन्होंने कई विभागों द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया। बैठक में कोटेदारों ने एमडीएम की पल्लेदारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158969/resentment-among-the-tenants-over-not-getting-commission-on-time"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/img-20251104-wa0120-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लाक के कोटेदारों की मासिक बैठक सोमवार को ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद करीम की अध्यक्षता में कप्तानगंज बाजार में आयोजित हुई। बैठक में कोटेदारों ने समय से कमीशन न मिलने पर गहरा रोष व्यक्त किया और कहा कि कमीशन समय पर न मिलने के कारण इस बार उनकी दिवाली फीकी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोटेदारों ने मांग की कि खाद्यान्न वितरण समाप्त होने के बाद हर माह की 30 तारीख तक कमीशन उनके खातों में भेजा जाए। साथ ही उन्होंने कई विभागों द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने का आरोप लगाया। बैठक में कोटेदारों ने एमडीएम की पल्लेदारी का कार्य भी उन्हें सौंपे जाने की मांग रखी</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 19:11:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कमीशन खोरी के चलते पंचायत सचिव व रोजगार सेवक हो रहे मालामाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>निघासन खीरी-</strong> निघासन ब्लॉक मे महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में विकास क्षेत्र निघासन में जमकर हो रहा घोटाला आरटीआई के तहत जनहित में मांगी जाने वाली सूचना रद्दीकरण का काम कर रही हैं।और संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान से लेकर रोजगार सेवक तक कमीशनखोरी की आकंठ तक डूब चुके हैं।जो कल फकीर थे,आज सरकारी पैसों से ठेकेदार व करोड़ों के मालिक बन बैठें हैं।</div>
<div>  </div>
<div>प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास क्षेत्र निघासन की ग्राम पंचायत दौलतापुर मे मनरेगा द्वारा कराए गए समस्त कार्यों में काम करने वाले मजदूरों की सूची पंचायत भवनों व प्राईमरी स्कूलों पर चस्पा करवा दी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150254/panchayat-secretary-and-employment-servants-are-getting-rich-due-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/0.00426.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>निघासन खीरी-</strong> निघासन ब्लॉक मे महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में विकास क्षेत्र निघासन में जमकर हो रहा घोटाला आरटीआई के तहत जनहित में मांगी जाने वाली सूचना रद्दीकरण का काम कर रही हैं।और संबंधित अधिकारी एवं ग्राम प्रधान से लेकर रोजगार सेवक तक कमीशनखोरी की आकंठ तक डूब चुके हैं।जो कल फकीर थे,आज सरकारी पैसों से ठेकेदार व करोड़ों के मालिक बन बैठें हैं।</div>
<div> </div>
<div>प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास क्षेत्र निघासन की ग्राम पंचायत दौलतापुर मे मनरेगा द्वारा कराए गए समस्त कार्यों में काम करने वाले मजदूरों की सूची पंचायत भवनों व प्राईमरी स्कूलों पर चस्पा करवा दी जाये तो हकीकत खुद ब खुद सामने आ जायेगी,हो सकता हैं कि उक्त गांव के गरीब ग्रामीण इसका मुंह तोड़ जवाब ग्राम रोजगार सेवक व ग्राम प्रधान को जरुर देंगे।पर ऐसा जब किसी सरकार में नहीं हुआ हैं तो इस सरकार में होने की संभावनाएं न के बराबर हैं। जो कल फकीर थे आज वह ठेकेदारी में भी अच्छी खासी कमाई अर्चित कर चुके हैं ओर अधिक अर्चित करने में लगे हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>गौरतलब बात यह हैं कि मनरेगा के तहत घर बैठें बिना काम करे केवल कमीशन पर पुरुष व महिलाएं भी ग्राम रोजगार सेवकों की मेहरबानी से बीसी/बैंकों के माध्यम से धका-धक रुपयें निकाल रही हैं।सूत्र बताते हैं कि ग्राम रोजगार सेवक जब से बने हैं,तबसे और अब तक इनकी सम्पत्ति लाखों से लेकर करोड़ों तक हो गई। इसकी जांच हो जाये तो प्रदेश सरकार में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की आंखें खुली की खुली रह जायेगी।किंतु यह भी मुमकिन नहीं होगा।कुल मिलाकर मनरेगा से ग्राम रोजगार सेवक से लेकर ग्राम प्रधान व संबंधित अधिकारियों के घर महात्मा गांधी घर की तिजोरियों में बराबर विराजमान हो रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 13:28:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 राज्यों में 40 यूनिवर्सिटी से सेटिंग और छाप डालीं 8000 फर्जी  डिग्रियां।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>उप्र एसटीएफ की आगरा यूनिट ने आगरा में फर्जी मार्कशीट और डिग्री ऑन डिमांड खेल का बड़ा खुलासा किया है. यह यूपी की अब तक की फर्जी मार्कशीट और डिग्री की सबसे बड़ी दुकान मानी जा रही है. गिरफ्तार मास्टरमाइंड धनेश मिश्रा से एसटीएफ और शाहगंज थाना पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. धनेश मिश्रा ने फर्जी मार्कशीट व डिग्री के गोरखधंधे का नेटवर्क 15 राज्यों में फैला रखा था. अब जांच टीम उसके एजेंटों की संख्या की सूची बना रही है।</div>
<div>  </div>
<div>एक मार्कशीट या डिग्री के लिए एजेंटों को मिश्रा पांच हजार रुपये तक का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150193/8000-fake-degrees-in-15-states-set-up-settings-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(1)5.jpg" alt=""></a><br /><div>उप्र एसटीएफ की आगरा यूनिट ने आगरा में फर्जी मार्कशीट और डिग्री ऑन डिमांड खेल का बड़ा खुलासा किया है. यह यूपी की अब तक की फर्जी मार्कशीट और डिग्री की सबसे बड़ी दुकान मानी जा रही है. गिरफ्तार मास्टरमाइंड धनेश मिश्रा से एसटीएफ और शाहगंज थाना पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. धनेश मिश्रा ने फर्जी मार्कशीट व डिग्री के गोरखधंधे का नेटवर्क 15 राज्यों में फैला रखा था. अब जांच टीम उसके एजेंटों की संख्या की सूची बना रही है।</div>
<div> </div>
<div>एक मार्कशीट या डिग्री के लिए एजेंटों को मिश्रा पांच हजार रुपये तक का कमीशन देता था. अलग-अलग राज्यों की करीब 40 निजी यूनिवर्सिटी के बाबुओं और एजेंसियों से उनकी सांठगांठ थी. इनके जरिए ही ऑन डिमांड ही मार्कशीट और डिग्री सारा खेल चल रहा था. मार्कशीट या डिग्री कुरियर या ईमेल पर ही आ जाती थी. आगरा एसटीएफ और शाहगंज थाना पुलिस अब गिरफ्त में आए धनेश मिश्रा से पूछताछ करके यूनिवर्सिटी के बाबुओं, एजेंट, मार्कशीट और डिग्री लेने वालों की सूची बना रही है।</div>
<div> </div>
<div>एसटीएफ की आगरा यूनिट ने मूलत कासगंज निवासी धनेश मिश्रा को गिरफ्तार किया है. धनेश मिश्रा एलएलबी पास है. अभियुक्त धनेश मिश्रा अधिवक्ता बनना चाहता था मगर, उसने खुद का काम शुरू करने के लिए नोट पैड एजुकेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई. इसके जरिए ओपन यूनिवर्सिटीज के लिए नामांकन कराने लगा. आगरा एसटीएफ यूनिट के प्रभारी निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि धीरे धीरे धनेश मिश्रा का लोगों से संपर्क बढता चला गया. उसने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम शुरू कर दिया।</div>
<div> </div>
<div>एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि अभियुक्त धनेश मिश्रा ने 12 हजार रुपये महीने पर अर्जुन नगर में तीन मंजिला मकान लिया. इसके भूतल पर स्थित दो कमरों में फर्जी मार्कशीट और डिग्री की दुकान संचालित होती थी. फर्जी मार्कशीट और डिग्री के कार्यालय में तीन से चार युवतियां पांच से छह हजार रुपये मासिक की नौकरी पर रखीं. यहां से सुभारती यूनिवर्सिटी, मंगलायतन यूनिवर्सिटी, सिक्किम ओपन बोर्ड और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कराने की आड़ में फर्जी डिग्री और मार्कशीट का खेल चला रहा था. नौकरी पर रखी युवतियां ही छात्रों से बात करती थीं. प्रवेश लेने वालों को परीक्षा में भी सुविधा दिलाने का वादा करके अतिरिक्त रकम लेकर कार्यालय की युवतियाों से कॉपियां लिखवाता था. इसके बाद इन कॉपियों को संबंधित विश्वविद्यालय में भेजता था. ऐसी कॉपियां भी मिली हैं. युवतियों ने भी इस बारे में जानकारी दी है।</div>
<div> </div>
<div>40 से अधिक बाबुओं से सेंटिंग, 15 राज्यों में नेटवर्क: एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि अभियुक्त धनेश मिश्रा से पूछताछ और उसके कार्यालय से मिले दस्तावेज, डायरी, लेपटॉप और मोबाइल से उसके 15 राज्य में फैले नेटवर्क के सबूत मिले हैं. फर्जी मार्कशीट और डिग्री के नेटवर्क में एजेंट शामिल हैं. जिन्हें हर फर्जी मार्कशीट और डिग्री के लिए पांच हजार और इससे अधिक रुपये तक दिए जाने का अभियुक्त धनेश मिश्रा ने खुलासा किया है।</div>
<div> </div>
<div>अभियुक्त धनेश मिश्रा ने खुलासा किया है कि ऑन डिमांड डिग्री या मार्कशीट की ऑर्डर आने पर सबसे पहले दिल्ली, झारखंड, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में स्थित निजी विश्वविद्यालयों के 40 से अधिक बाबुओं से बात करके उन्हें फर्जी मार्कशीट और डिग्री की डिमांड देता था. निजी यूनिवर्सिटी के बाबुओं से सेटिंग करके ही फर्जी मार्कशीट और डिग्री भेजता था।</div>
<div> </div>
<div>गैंग की सूची बना रही एसटीएफ और पुलिस: फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले अभियुक्त धनेश मिश्रा से पूछताछ, उसके मोबाइल से मिले ईमेल, मोबाइल से मिले नंबर, दस्तावेज के आधार पर पूरे नेटवर्क की कुंडली बनाई जा रही है. एसटीएफ और शाहगंज पुलिस अब अभियुक्त की सेटिंग वाले निजी यूनिवर्सिटी के बाबुओं, यूनिवर्सिटी के कर्मचारी के साथ ही एजेंट की सूची बना रही है. इस सूची 300 लोग भी शामिल हैं. जिनकी फर्जी मार्कशीट और डिग्री से अलग अलग राज्यों में अलग अलग विभाग में नौकरी पाई है. इनके बारे में अभियुक्त धनेश मिश्रा ने भी जानकारी दी है।</div>
<div> </div>
<div>आगरा एसटीएफ यूनिट के प्रभारी निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि अभियुक्त धनेश मिश्रा के पास ऐसे युवा आते थे. जो किसी कारणवश पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते थे. जिन्हें अच्छी नौकरी पाने के लिए बिना परीक्षा दिए मार्कशीट चाहिए होती थी. उसने अपने नेटवर्क में शामिल ऐसे ही एजेंट के नाम बताए हैं. जो अक्सर करके प्राइवेट जॉब करने वाले लोगों के लिए फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम लेकर आते थे. क्योंकि, प्राइवेट नौकरी में मार्कशीट या डिग्री का सत्यापन नहीं कराया जाता है. इसकी वजह से उसका फर्जीवाडा पकड में नहीं आ रहा था।</div>
<div> </div>
<div>आठ हजार से अधिक डिग्रियां बेचीः एसटीएफ की पूछताछ और मिले दस्तावेजों से एसटीएफ और शाहगंज थाना पुलिस का अनुमान है कि आरोपी अब तक हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएशन, एमबीए, एमसीए, डी फार्मा, बी डिप्लोमा समेत अन्य डिप्लोमा और डिग्री कोर्स की डिग्री बनाकर बेच चुका है. अब तक आठ हजार से अधिक फर्जी अंकपत्र, प्रमाणपत्र बेच चुका है. एसटीएफ निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि जनवरी 2024 में ताजगंज क्षेत्र से फर्जी मार्कशीट बेचने वाले गैंग को दबोचा था. उस गैंग में अभियुक्त धनेश मिश्रा भी शामिल था मगर, वो बच गया था. जब साथी जेल गए तो धनेश मिश्रा ने अपना अलग काम शुरू कर दिया था।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 13:08:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाली में प्रयोग हो रही पीली ईंट व सफेद बालू</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>अम्बेडकर नगर। </strong>विकास खंड कटेहरी के गांवों में विकास के नाम पर लूट मची हुई है। ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिली भगत से घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर करके सरकारी धन को चूना लगाया जा रहा है। इसका उदाहरण अन्नावा ग्राम पंचायत में हो रहे नाली निर्माण कार्य में देखा जा सकता है।</div>
<div>उक्त गांव में रेलवे लाईन से मेवालाल गुप्ता के खेत तक सी सी रोड के किनारे 100 मीटर नाली का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा जे ई  की देखभाल में करवाया जा रहा है। निर्माण कार्य में पीले सडे ईंटों का प्रयोग तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146055/yellow-brick-and-white-sand-being-used-in-the-drain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/0.0042.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>अम्बेडकर नगर। </strong>विकास खंड कटेहरी के गांवों में विकास के नाम पर लूट मची हुई है। ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिली भगत से घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर करके सरकारी धन को चूना लगाया जा रहा है। इसका उदाहरण अन्नावा ग्राम पंचायत में हो रहे नाली निर्माण कार्य में देखा जा सकता है।</div>
<div>उक्त गांव में रेलवे लाईन से मेवालाल गुप्ता के खेत तक सी सी रोड के किनारे 100 मीटर नाली का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत द्वारा जे ई  की देखभाल में करवाया जा रहा है। निर्माण कार्य में पीले सडे ईंटों का प्रयोग तो किया ही जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>साथ में ईंटों की चुनाई में सफेद बालू के मानक विहीन मसाले का खुलेआम इस्तेमाल करके नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। बड़े पैमाने पर कमीशनबाजी और प्रधान के अधिक से अधिक बचत की चाहत में विकास कार्यों को मजाक बनाकर रख दिया गया है । कहने के लिए ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को देखने व कार्यों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए सभी विकास खंडों में जे ई की तैनाती की गई है। लेकिन जे ई को सिर्फ और सिर्फ ज्यादा से ज्यादा कमीशन से मतलब रहता है।</div>
<div> </div>
<div>गुणवत्ता से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यही कारण है कि निर्माण होने के कुछ दिनों बाद ही वह क्षतिग्रस्त हो जाया करता है। नाली की दीवारें टूट कर ईंट बिखर जाती है और पानी फिर रास्ते पर बह कर लोगों के लिए मुसीबतें खड़ी करता है। ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से उक्त नाली निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 16:41:11 +0530</pubDate>
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