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                <title>kisan preshan - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>सल्टौआ के पचानू समिति में भ्रष्टाचार चरम पर, किसान परेशान सचिव मालामाल </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के,विकासखंड सल्टौआ के पचानू समिति पर किसानों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है। समिति के सचिव की मनमानी इस कदर हावी है कि किसानों को बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सचिव कभी कह देते है आपका नाम इस समिति में नहीं है, दूसरी समिति पर जाइए”, जबकि बड़े और जान-पहचान वाले  को किसी भी ग्राम पंचायत का होने पर तुरंत दिया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कई किसानों ने यह भी खुलासा किया कि 265 रुपये की खाद 280 और 290 रुपये में खुलेआम बेची जा रही है, जिससे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165662/corruption-at-its-peak-in-pachanu-committee-of-saltoa-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/img-20260110-wa0267-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के,विकासखंड सल्टौआ के पचानू समिति पर किसानों का शोषण लगातार बढ़ता जा रहा है। समिति के सचिव की मनमानी इस कदर हावी है कि किसानों को बार-बार चक्कर लगाने को मजबूर किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि सचिव कभी कह देते है आपका नाम इस समिति में नहीं है, दूसरी समिति पर जाइए”, जबकि बड़े और जान-पहचान वाले  को किसी भी ग्राम पंचायत का होने पर तुरंत दिया जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कई किसानों ने यह भी खुलासा किया कि 265 रुपये की खाद 280 और 290 रुपये में खुलेआम बेची जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि समिति में लूट का खेल बेरोक-टोक चल रहा है। किसानों के मुताबिक, यह सब किसी मजबूत संरक्षण में ही फल-फूल रहा है, वरना इतनी बड़ी धांधली संभव ही नहीं। अब बड़ा सवाल यह है कि—पचानू समिति में चल रही इस खुले भ्रष्टाचार पर सक्षम अधिकारी कब एक्शन लेंगे?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसानों का धैर्य जवाब दे रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय यही है कि आखिर किसकी छत्रछाया में यह मनमानी जारी है। स्थानीय किसानों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि पचानू समिति पर तत्काल जांच बैठाई जाए और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों के साथ हो रहे अत्याचार पर रोक लग सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 18:22:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूरिया के लिए किसान और सचिव में मारपीट</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर - हरैया सतघरवा।</strong> जिले में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। घंटों कतार में खड़े होने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर किसानों में नाराजगी है। यूरिया का वितरण न होने पर रविवार देर शाम एक किसान और सचिव के बीच कहासुनी हुई, इसके बाद मारपीट हो गई। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस से मामला संभाला। राजा वनकटवा निवासी किसान शिवराम यादव के साथ सैकड़ों किसान बीते तीन दिनों से यूरिया लेने के लिए कोहड़ौरा स्थित साधन सहकारी समिति का चक्कर काट रहे थे। किसानों का आरोप है कि तीन दिनों से समिति</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164107/fight-between-farmer-and-secretary-over-urea"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/img-20251223-wa0547.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर - हरैया सतघरवा।</strong> जिले में यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। घंटों कतार में खड़े होने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। इसे लेकर किसानों में नाराजगी है। यूरिया का वितरण न होने पर रविवार देर शाम एक किसान और सचिव के बीच कहासुनी हुई, इसके बाद मारपीट हो गई। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस से मामला संभाला। राजा वनकटवा निवासी किसान शिवराम यादव के साथ सैकड़ों किसान बीते तीन दिनों से यूरिया लेने के लिए कोहड़ौरा स्थित साधन सहकारी समिति का चक्कर काट रहे थे। किसानों का आरोप है कि तीन दिनों से समिति का ताला नहीं खुला। मांग के बावजूद खाद का वितरण नहीं किया जा रहा है। वहीं, सचिव का कहना है कि किसानों की संख्या अधिक है, जबकि यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वितरण के दौरान बवाल की आशंका है। ऐसे में जब तक पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलती तब तक वितरण नहीं किया जा रहा है।
<div> </div>
<div>रविवार को पूरा दिन इंतजार करने के बाद भी जब यूरिया नहीं मिली तो किसान शिवराम यादव समिति के करीब 200 मीटर दूर सचिव गिरीश श्रीवास्तव के घर पहुंच गए। उन्होंने सचिव से यूरिया बांटने की बात कही। आरोप है कि इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सचिव ने किसान पर हाथ उठा दिया, इसके बाद किसान ने भी सचिव की पिटाई कर दी।</div>
<div> </div>
<div>इसी दौरान सचिव के परिजनों ने डायल 112 पर फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान को थाने ले आई। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div>महंगे दामों पर उर्वरक ले रहे किसान हरैया सतघरवा। क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं। साधन सहकारी समितियों पर खाद न मिलने से किसानों को सुबह से शाम तक भटकना पड़ रहा है। कई किसान मजबूरी में बाहर की दुकानों से 500 से 600 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया खरीद रहे हैं। किसान भैया राम वर्मा, उदयचंद, शिवबख्श, उमानाथ, रक्षाराम, पीर मोहम्मद व स्वामी दयाल ने बताया कि समितियों पर पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष माता प्रसाद तिवारी ने बताया कि समिति पर मात्र 200 बोरी यूरिया उपलब्ध है। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण वितरण में समस्या आ रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 19:10:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रबी की बुआई के बाद सिंचाई की दरकार, नहरों की नहीं हुई सिल्ट सफाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> रबी की फसल गेहूं की बुआई के लिए किसान रात दिन एक कर बुआई कर चुके हैं। किसान अब सिंचाई के लिए नहरों का इंतजार कर रहे है। मगर सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों के अरमानों पर पानी फेरने का काम कर रही है। अधिकांश नहरों की विभाग ने सिल्ट सफाई नहीं कराई जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पिछले दो माह से खाद के लिए परेशान किसानों ने रबी की बुआई कर दी है। पहले बुआई करने वाले किसानों के खेतों में फसल उग आई है। जिससे अब किसान सिंचाई के लिए नहरों के संचालन के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162825/after-rabi-sowing-there-is-no-need-for-irrigation-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/1765111382616-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> रबी की फसल गेहूं की बुआई के लिए किसान रात दिन एक कर बुआई कर चुके हैं। किसान अब सिंचाई के लिए नहरों का इंतजार कर रहे है। मगर सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों के अरमानों पर पानी फेरने का काम कर रही है। अधिकांश नहरों की विभाग ने सिल्ट सफाई नहीं कराई जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। पिछले दो माह से खाद के लिए परेशान किसानों ने रबी की बुआई कर दी है। पहले बुआई करने वाले किसानों के खेतों में फसल उग आई है। जिससे अब किसान सिंचाई के लिए नहरों के संचालन के इंतजार में है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए बोर की व्यवस्था है वह बोर से सिंचाई कर रहे है मगर अधिकांश किसान नहरों पर ही आश्रित है। मगर इन किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी होगी। बजहा, मरथी मझौली, सिसवा, शिवपति आदि सागरों से निकली  225 किलोमीटर लंबी नहरों सैकड़ों गांवों की सिंचाई होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मगर उक्त  सागरों से निकली नहर में सिल्ट जमा है। नोनहवा में नहर को लोगों ने कूड़ा डालकर पाट दिया है जिससे अब किसानों को परेशानी होगी। उक्त सागरों से निकली नहरों की भी दशा खराब है। सिंचाई विभाग के द्वारा नहरों की सिल्ट सफाई के नाम पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। क्षेत्र के किसानों का कहना  है कि नहरों की सिल्ट सफाई का विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। पूर्व में खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए गूल व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है। प्राचीन नहरों और गूल पर जगह-जगह लोगों ने कब्जा कर लिए है।उक्त सागरों से निकली नहरें सिल्ट सफाई  नहीं हो पाई है। विभाग बजट न होने की बात कहकर किसानों से जुड़े मामले को नजरअंदाज कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>क्या कहते हैं अधिकारी </strong></div>
<div style="text-align:justify;">इस संबन्ध में अधिशासी अभियंता कृपा शंकर भारती का कहना है कि नहरों के सिल्ट सफाई कराने के लिए टेंडर भी निकाले गए थे लेकिन धन उपलब्ध होने के कारण कार्य नहीं कराया जा सका। लेकिन धन उपलब्ध होते ही सिल्ट सफाई का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Dec 2025 18:33:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खाद के लिए  किसान परेशान , दोपहर से वितरण हुआ शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उसका बाजार क्षेत्र के साधन सहकारी समिति तेतरी पर शनिवार को ताला लटकने से किसान खाद के लिए काफी परेशान हुए। किसान सुबह से ही खाद के लिए समिति पर पहुंच गए लेकिन 11 बजे तक  ताला लटकने से  किसान मायूस होकर वापस लौट गए ,  दोपहर  से खाद का वितरण शुरू हुआ तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली।   खाद की किल्लत से किसान रबी की फसल की बुवाई के लिए काफी चिंतित है। क्षेत्र के किसान गौतम मिश्र, विरेंद्र पाण्डेय, अभिषेक दूबे , राघो आदि का कहना है की बुवाई के समय  समितियों और प्राइवेट खाद</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159354/farmers-worried-about-fertilizer-distribution-started-from-afternoon"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1762605334184-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> उसका बाजार क्षेत्र के साधन सहकारी समिति तेतरी पर शनिवार को ताला लटकने से किसान खाद के लिए काफी परेशान हुए। किसान सुबह से ही खाद के लिए समिति पर पहुंच गए लेकिन 11 बजे तक  ताला लटकने से  किसान मायूस होकर वापस लौट गए ,  दोपहर  से खाद का वितरण शुरू हुआ तब जाकर किसानों ने राहत की सांस ली।   खाद की किल्लत से किसान रबी की फसल की बुवाई के लिए काफी चिंतित है। क्षेत्र के किसान गौतम मिश्र, विरेंद्र पाण्डेय, अभिषेक दूबे , राघो आदि का कहना है की बुवाई के समय  समितियों और प्राइवेट खाद की दुकानों पर डाई यूरिया की किल्लत बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे किसान काफी परेशान होते है। सरकारी स्तर पर खाद उपलब्ध कराने के सारे प्रयास बेमतलब साबित हो रहे है। खाद न मिलने से फसल की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में समिति के सचिव उमेश चंद यादव का कहना है कि ई पास मशीन खराब हो गया था इस लिए वितरण ठप रहा । अब  मशीन ठीक हो गई है ,खाद का  वितरण किसानों में  किया जा रहा है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 19:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानों पर गिरी चारों तरफ से गाज कोई सुविधा नहीं गन्ना से लेकर धान की फसल हुई बर्बाद</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong>इस क्षेत्र में सबसे अधिक किसान गन्ना की फसल उगाते थे जिसके खरीदने के लिए चीनी मिले बनी थी चीनी मिलों ने भी किसानों का गन्ना लेने के बाद भुगतान न देना प्रारंभ कर दिया जिससे किसानों की कमर टूट गई इधर किसानो की खड़ी गन्ने की फसल में सडन की बीमारी पैदाहुई जिससे किसानों की फसल नष्ट हो गई तो किसानों पर दोहरी मार पड़ी एक तरफ चीनी मिलों ने गन्ना लेने के बाद भुगतान नहीं दिया ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी तरफ  पैदा की गई फसल खेतों में सूख गई तो किसानों ने अपना रुख गन्ना की तरफ से बदल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156757/farmers-fell-from-all-sides-no-facility-was-wasted-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/img20251006164849.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/</strong>इस क्षेत्र में सबसे अधिक किसान गन्ना की फसल उगाते थे जिसके खरीदने के लिए चीनी मिले बनी थी चीनी मिलों ने भी किसानों का गन्ना लेने के बाद भुगतान न देना प्रारंभ कर दिया जिससे किसानों की कमर टूट गई इधर किसानो की खड़ी गन्ने की फसल में सडन की बीमारी पैदाहुई जिससे किसानों की फसल नष्ट हो गई तो किसानों पर दोहरी मार पड़ी एक तरफ चीनी मिलों ने गन्ना लेने के बाद भुगतान नहीं दिया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी तरफ  पैदा की गई फसल खेतों में सूख गई तो किसानों ने अपना रुख गन्ना की तरफ से बदल कर धान की फसल को उगाना प्रारंभ किया परंतु अब किसानों के खेत में खड़ी धान की फसल भुंन्का जैसी बीमारी उत्पन्न हो गई है जिसके तहत किसानो की धान की तैयार फसल खेतों में बुरी तरह से गिरकर नष्ट हो गई जिसके कारण किसान बर्बाद होता जा रहा है इस बीमारी का कृषि विभाग के पास भी कोई ठोस साधन नहीं है जिससे किसानों की फसल बचाई जा सके ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी तरह गन्ने की फसल को लेकर भी किसान काफी चिंतित रहा गन्ना विभाग ने भी कोई मजबूत उपाय नहीं खोज पाया केवल एक बात कह दी गई जिस गन्ने में बीमारी लग रही है उस प्रजाति को किसान भाई ना बोले किसान गन्ने की खेती से तो उभरा नहीं परंतु अव धान में भी लगी संक्रामक बीमारी जिसके तहत किसानों के लैलहाते धान के खेत इस बीमारी की चपेट में आकर पूरी तरह से पर नष्ट हुए हैं जैसे खड़ी फसल में किसी ने पाटा लगा दिया हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ऐसी स्थिति में किसान के आगे अब हाथ पै हाथ रखे बैठे रहने के सिवा कोई भी उपाय नहीं बचा है परंतु सबसे आश्चर्य जनक बात यह है किसानों द्वारा कृषि ऋण लिया गया सभी किसानों के फसली बीमा भी किए जा चुके हैं परंतु उसका मुआवजा किसी भी किसान को नहीं दिया जा सका है बैंक कहती है केसीसी का ऋण गन्ने की फसल पर दिया गया है परंतु गन्ना का बीमा नहीं होता है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धान की फसल नष्ट होने पर कह देती है धान गेहूं की फसल पर हमने केसीसी का कर्ज़ नहीं दिया है ऐसी स्थिति में किसानों के साथ चारों तरफ से अपेक्षा ही अपेक्षा मिल रही है जिसके कारण किसानो की बर्बादी होती जा रही है परंतु उसकी इस दुर्दशा पर कोई भी गौर नहीं किया जा रहा है जिसके कारण वह बर्बाद होता जा रहा है किसानों ने शासन से मांगती है उनके साथ भी न्याय संगत कार्य किया जाए ताकि वह अपनी जीविका को आसानी से चला सके कहने को कृषि प्रधान देश है पर सुविधा कोई भी नहीं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 17:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिल्डरों द्वारा निशाना बनाए जा रहे हैं गरीब किसान व उनकी जमीन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी के मोहनलालगंज से इस वक्त की बड़ी खबर कहावत में है दिया तले अंधेरा मतलब उत्तर प्रदेश सरकार की नाक तले गरीबों की जीना मुश्किल हो चुका है आपको बता दे एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार बुलडोजर का डर दिखा रहे हैं वही दूसरी तरफ बिल्डरों दिन ब दिन अनगिनत पैदा होते जा रहे हैं नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोजर की डर  बिल्डरों को आपको बता दे इसी तरह एक मामला सामने आया है मोहनलालगंज तहसील के ग्राम मोहारी काला के निवासी जियालाल कोरी s/o रामदुलारे अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए। पुश्तैनी जमीन 2 बीघा</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155190/poor-farmers-and-their-land-are-being-targeted-by-builders"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1000242488.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>राजधानी के मोहनलालगंज से इस वक्त की बड़ी खबर कहावत में है दिया तले अंधेरा मतलब उत्तर प्रदेश सरकार की नाक तले गरीबों की जीना मुश्किल हो चुका है आपको बता दे एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार बुलडोजर का डर दिखा रहे हैं वही दूसरी तरफ बिल्डरों दिन ब दिन अनगिनत पैदा होते जा रहे हैं नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार की बुलडोजर की डर  बिल्डरों को आपको बता दे इसी तरह एक मामला सामने आया है मोहनलालगंज तहसील के ग्राम मोहारी काला के निवासी जियालाल कोरी s/o रामदुलारे अपनी आर्थिक स्थिति को देखते हुए। पुश्तैनी जमीन 2 बीघा बेच कर अपनी गरीबी को दूर करना चाहते थे कहावत में है रखे हरि मारे के अपनी पुस्तैनी जमीन की बयाना सुनील शुक्ला बिल्डर नीलमाथा को 2 बीघा जमीन की सौदा 68 लाख रुपया बीघा के हिसाब से बयाना करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बयाना में जियालाल को मात्र 40 लाख रुपया  बयाना देकर 3 बीघा जमीन रजिस्ट्री करवा लेती है फिर उसके बाद साढ़े 4 बीघा पर कब्जा करता है मजे की बात तो यह है लखनऊ जनपद में एलडीए  33 गांव को चिन्हित किया है जहां उत्तर प्रदेश सरकार जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा देता हैं उसी जगह पर  किसान की जमीन एग्रीमेंट कराकर साढ़े 4 बीघा जमीन  पर कब्जा करके अपनी दिवाल खड़ा कर लेता है पमजे की बात किसान को मात्र 40 लाख रुपए दिया जाता हैं। 68 लाख रुपया बीघा जमीन की मूल्य तय होती है। किसान जब बाकी पैसा देने की बात करता है। बिल्डरों ने बोरी पीठ में लेकर आने की धमकियां देने लगती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बात अगर देखे जाए उत्तर प्रदेश सरकार सबके साथ सबके विकास को लेकर चलने वाली बात करती है। बुलडोजर नीति से चलने वाली सरकार होते हुए भी इस तरह बिल्डर पनप रहा है जो किसान की जमीन धोखे से लिखवा कर अपनी दबदबा कायम रखा है। क्या उत्तर प्रदेश सरकार में एलडीए के तौर पर काम करने वाला विभाग इस तरह गरीबों की जमीन हड़पने में एलडीए विभाग के मिली भगत से हो रहा है। अगर एलडीए के मिली भगत से नहीं हो रहे हैं तो उस जमीन पर बिल्डर द्वारा  देवाल कैसे उठाया है। उत्तर प्रदेश के आम जनता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करता है क्या गरीब इसी तरह बड़े-बड़े बिल्डर की शिकार बनते रहेगा किया। इस तरह बिल्डर का सफया उत्तर प्रदेश सरकार करेगा या नहीं।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
<div class="ajx" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="mVCoBd" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="ip iq">
<div class="bJvOmf"> </div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:17:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसानो का गेहूं काटना बना जी का जंजाल </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर ।</strong> पचपेड़‌वा थाना क्षेत्र में गेहुं का फसल काटना और युद्ध लड़‌ना बराबर सिद्ध हो रहा है। फायर स्टेशन न होना किसानो के लिये विकट स्थिति उत्पन्न कर रहा है। प्राप्त स‌माचार के अनुसार बीते गुरुवार को पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में गेहूं के फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कई गावों के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया । इसी प्रकार शुक्रवार को मल्दा गांव में गेहूँ काटते समय कांम्बाइन में आग लग गई और उसके चारो टायर में आग पकड़ लिया टॉयर व गेंहूं के खेत धू धू कर जलने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150602/cutting-wheat-of-farmers-became-the-web"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250329-wa0137.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर ।</strong> पचपेड़‌वा थाना क्षेत्र में गेहुं का फसल काटना और युद्ध लड़‌ना बराबर सिद्ध हो रहा है। फायर स्टेशन न होना किसानो के लिये विकट स्थिति उत्पन्न कर रहा है। प्राप्त स‌माचार के अनुसार बीते गुरुवार को पचपेड़वा थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में गेहूं के फसल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। कई गावों के ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया । इसी प्रकार शुक्रवार को मल्दा गांव में गेहूँ काटते समय कांम्बाइन में आग लग गई और उसके चारो टायर में आग पकड़ लिया टॉयर व गेंहूं के खेत धू धू कर जलने लगे गांव वालों ने बोरिंग व गांव में मौजूद फायर सिस्टम तथा स्वयं को कुंआ पोखरा से पानी लाकर आग पर काबू पाया।</div>
<div> </div>
<div>इसी प्रकार गनवरिया गांव के पूरब शुक्रवार की सायं गेहूँ के खेत में आग लग गई। कई गांव के लोगों ने काफी पारिश्रम कर आग पर काबू पाया । इसी दिन थाना क्षेत्र पचपेड़वा रमवापुर गांव गेहूं के खेत में आग लगने से पूर्व प्रधान धनीराम का एक एकड़ से अधिक फसल जलकर राख हो गयी इसी दिन चन्दनपुर के जंगल में आग लग गई सूचना मिलने पर तुलसीपुर से फायर व्रिगेड ने आकर आग बुझाया। फायर ब्रिगेड के वापस जाते ही कुकुर भुकवा गांव के पूरब जंगल में आग पकड़ लिया।</div>
<div> </div>
<div>वन विभाग के प्रयास से शनिवार की सुबह तक बुझ पाया । इसी दिन शुक्रवार को सोनपुर गांव के करीब गिरगिटीया नाले के पास जंगल में आग लग गई वन विभाग व ग्रामीणों ने प्रयास कर आग पर काबू पाया । फायर स्टेशन तुलसीपुर होने के कारण लम्बी दूरी से फायर व्रिगेड के आने समय लगता है। तब तक आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों के परिश्रम व बुध्दिमानी का ही सहारा होता है। क्षेत्र वासी विजयपाल प्रजापति सतीश मिश्रा प्रधान गड़ रोहित गुप्ता, गुड्डू चौधरी, सन्तोष सिंह कोटे, सहित सैकड़ों लोगों ने पचपेड़‌वा में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 13:00:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली के तारों ने निकली चिनगारी से 50 बीघा गेहूं जली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा।</strong> बिजली के तारों से निकली चिनगारी से बल्देव क्षेत्र में करीब 50 बीघा गैहूं की फसल जल गई। किसानों की पीडा जानने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ब्लॉक प्रमुख प्रदीप भरंगा किसानों के पास पहुंचे और सांत्वना दी। हालांकि किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने और उनकी पीडा नहीं समझने से किसान नाराज दिखे। इस नाराजगी की सामान ब्लॉक प्रमुख बल्देव प्रतीक भरंगर को भी करना पडा। प्रतीक भरंगर रालोद जिलाध्यक्ष राजपाल भरंगर के बेटे हैं।</p>
<p>किसानों ने नकसान की भरपाई की मांग की है। बलदेव की गांव नगला मोहन और जुगसना में  जर्जर विद्युत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150595/electric-wires-burnt-50-bighas-of-sparks"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/0.15.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा।</strong> बिजली के तारों से निकली चिनगारी से बल्देव क्षेत्र में करीब 50 बीघा गैहूं की फसल जल गई। किसानों की पीडा जानने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ब्लॉक प्रमुख प्रदीप भरंगा किसानों के पास पहुंचे और सांत्वना दी। हालांकि किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने और उनकी पीडा नहीं समझने से किसान नाराज दिखे। इस नाराजगी की सामान ब्लॉक प्रमुख बल्देव प्रतीक भरंगर को भी करना पडा। प्रतीक भरंगर रालोद जिलाध्यक्ष राजपाल भरंगर के बेटे हैं।</p>
<p>किसानों ने नकसान की भरपाई की मांग की है। बलदेव की गांव नगला मोहन और जुगसना में  जर्जर विद्युत तारों के आपस में टकरा जाने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में आग लग गई। आग चारों ओर खेतों में फैलती चली गई, जिससे लगभग 50 बीघा गेहूं के खेतों में आग लगने से गेहूं की फसल पूरी तरह खाक हो गई। किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए।</p>
<p>इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड भी पहुंची लेकिन तब तक आग से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। मौके पर पहुंचे ब्लॉक प्रमुख प्रतीक सिंह भरंगर ने निरीक्षण किया। एसडीएम व तहसीलदार को सूचना देकर शीघ्र मुआवजे की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:31:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शॉर्ट सर्किट के चलते गन्ने व गेहूं की फसल जलकर हुई राख, किसान के साल भर की कमाई में लग गई आग </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के नारायनपुर/भटहा गांव में शॉर्ट सर्किट के चलते गेहूं के फसल में आग लग गई  जिसमें कई बीघा गेहूं और गन्ने की फसल जलकर राख हो गई।स्थानीय लोगों ने नजदीकी बोरिंग के माध्यम से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तेज धूप और हवा के चलते ग्रामीण आग पर काबू नहीं पा सके,जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचती तब तक कई बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।हालांकि स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर के माध्यम से बगल के खेत को जोत कर आग को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया लेकिन आग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150527/sugarcane-and-wheat-crop-burned-due-to-short-circuit"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/img-20250328-wa0268.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के नारायनपुर/भटहा गांव में शॉर्ट सर्किट के चलते गेहूं के फसल में आग लग गई  जिसमें कई बीघा गेहूं और गन्ने की फसल जलकर राख हो गई।स्थानीय लोगों ने नजदीकी बोरिंग के माध्यम से आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन तेज धूप और हवा के चलते ग्रामीण आग पर काबू नहीं पा सके,जब तक फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचती तब तक कई बीघे गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।हालांकि स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर के माध्यम से बगल के खेत को जोत कर आग को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया लेकिन आग के रौद्र रूप को देख लोग विवश दिखाई दिए।</div>
<div> </div>
<div>काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया गर्मी के मौसम में भीषण आग का तांडव देखने को मिल रहा है तेज पछुआ हवा से बिजली के खाबो में शर्ट सर्किट होने के कारण आपका तांडव देखने को मिल रहा है कुछ लापरवाही बिजली विभाग की ढीले तार जर्जर खंबे के कारण हवा का झोंका संभाल पाने में मुश्किल हो रहा है इसी कारण किसने की 6 महीने की कमाई पर ग्रहण लग रहा है सरकार द्वारा फायर ब्रिगेड स्थलों को बढ़ाया गया गाड़ियों को बढ़ाया गया। </div>
<div> </div>
<div>लेकिन जब तक गाड़ी पहुंचती है तब तक कई बीघा गेहूं जलकर राख हो जाते हैं किसानों पर संकट के बदले मडरा रहे हैं अभी गेहूं ठीक से पका भी नहीं है किसान चिंतित नजर आ रहे हैंलेकिन तब तक राम लाल यादव निवासी नरायनपुर का लगभग 10 बीघा गेहूं,महेंद्र यादव नरायनपुर का 3/4 बीघा गन्ना की पेड़ी एवं जगदीश भटहा लगभग 01 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया। पीड़ितों ने इसकी सूचना स्थानीय लेखपाल को दी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:40:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग ने मचाई भीषण तबाही किसान हुए तबाह , 3 घंटे के बाद आग पर पाया गया काबू </title>
                                    <description><![CDATA[अज्ञात कारणों से लगी आग 25 एकड़ फसल जलकर हुआ राख]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150504/fire-caused-a-horrific-devastation-farmers-after-3-hours-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/p--3-,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>खेत में लगी आग,  भेउसा उर्फ बनकटा, बनकटा, डाढ़ी, पाकड़घाट परशौना ,कटारिया,ढडौना,सिवान फसल जलकर राख</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>खजनी-</strong> तहसील अंतर्गत सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा भेउसा उर्फ बनकटा  बनकटा, डाढ़ी, पाकड़घाट परशौना ,कटारिया, ढडौना, गेहूं के खेत में आज  बृहस्पतिवार को अचानक आग लग गयी। चपेट में आकर लगभग 25एकड़ फसल जलकर राख हो गई बताते चले कि सिकरीगंज थाना क्षेत्र के भेउसा उर्फ बनकटा में दोपहर में अचानक आग लग गयी। पछुवा हवा के ‌कडे़ झोंके ने देखते-देखते लगभग 25 एकड़ गेहूं की पक्की फसल जलकर राख हो गई आग बुझाने के लिए ग्रामीण दौड़े लेकिन आग बेकाबू हो गयी थी। लेकिन कड़ी मुसीबत के बाद किसी तरह आग बुझाने में आग पर काबू पाया गया। आग तब तक 25 एकड़ फसल जल चुकी थी।</div>
<div> </div>
<div>दाने-दाने के मोहताज किसानों के परिवार की आंखों में आंसू आ रहे थे मौके पर मौजूद लोगों ने अनुसार बनकटा सचितासिंह, अवधेश सताई रामचंद्र सुरेश संतलाल चंद्र प्रकाश  मनोज कुमार सुनील कुमार दिलीप सिंह बनकटा,  राजेश्वरी सिंह बनकटा गीता देवी लालचंद मनोज , नन्हेंलाल वर्मा पन्ने लाल वर्मा पारस फूलचंद वर्मा पिंटू वर्मा मनीष सिंह , अंजय सिंह , शंभूसिंह , ठगाई कुमार, राजदेव, राजेश साधु लक्ष्मी, संजय श्रीवास्तव कमलेश श्रीवास्तव, अवधेश श्रीवास्तव  इत्यादि सभी के खेत जलकर राख हो गए सरकार से मुआवजा के लिए मांग भी की है भूसा के लिए किसान परेशान मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी राजेश प्रतापसिंह नायब तहसीलदार सिकरीगंज  सहित लेखपाल  श्याम कन्हैया  ग्रामीणों की मदद से आग को काबू पा लिया गया है मौके पर तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौजूद है आग बुझाया जा रहा है सिकरीगंज थाना अध्यक्ष कमलेश कुमार   ने तत्काल काफी प्रशासन को फोन कर  आग की सूचना दिए। आग बुझाने में सबसे ज्यादा सहयोग ग्रामीणों का रहा ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:46:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>खजनी में लटकते हाई-टेंशन तार से बड़ा खतरा, किसानों की फसल पर मंडरा रहा आग का साया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  खजनी। गोरखूपुर जनपद</strong>  खजनी तहसील क्षेत्र के ढढौना ग्राम सभा अंतर्गत अवधपुरी मार्ग पर 11,000 वोल्ट का हाई-टेंशन तार काफी नीचे लटक गया है। यह तार सड़क और खेतों से मात्र 5 फुट की ऊंचाई पर झूल रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर, खड़ी फसल में आग लगने की संभावना बढ़ गई है और खेतों में कंबाइन मशीन चलाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग सिक्स लेन ओवर ब्रिज से होकर गुजरता है और बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150351/large-threat-from-high-tension-wire-hanging-in-khajni"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/p-5-,,,,,.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> खजनी। गोरखूपुर जनपद</strong> खजनी तहसील क्षेत्र के ढढौना ग्राम सभा अंतर्गत अवधपुरी मार्ग पर 11,000 वोल्ट का हाई-टेंशन तार काफी नीचे लटक गया है। यह तार सड़क और खेतों से मात्र 5 फुट की ऊंचाई पर झूल रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर, खड़ी फसल में आग लगने की संभावना बढ़ गई है और खेतों में कंबाइन मशीन चलाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।</p>
<p>स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग सिक्स लेन ओवर ब्रिज से होकर गुजरता है और बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते का उपयोग करते हैं। ऐसे में यह लटकता हुआ बिजली का तार किसी भी वक्त गंभीर दुर्घटना को अंजाम दे सकता है। बावजूद इसके, बिजली विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।</p>
<h3>ग्रामीणों की कई शिकायतें, फिर भी कार्रवाई नहीं</h3>
<p>शिकायतकर्ता <strong>जवाहर मौर्य, रामचंद्र मौर्य, शंकरपाल और अनिरुद्ध पाल</strong> ने कई बार बिजली विभाग को इस खतरे से अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं आया। ग्रामीणों की चिंता है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं हुआ तो उनकी मेहनत से उगाई गई फसल आग की भेंट चढ़ सकती है।</p>
<p>जब इस संबंध में <strong>जेई बिपीन सिंह</strong> से बात की गई तो उन्होंने कहा, <em>"हमें आपके माध्यम से जानकारी मिली है, हम तुरंत टीम भेजकर इसकी जांच करवा रहे हैं।"</em></p>
<h3><strong>ग्रामीणों की मांग</strong></h3>
<p>ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द इस लटकते हाई-टेंशन तार को सही कराया जाए, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 14:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गंदे नाले के पानी में डूब गई किसानों की पकी फसल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मथुरा। </strong>कस्बा राया के समीपवर्ती गांवों में नगर पंचायत का पानी किसानों के लिए परेशानी पैदा कर रहा है।जिस गन्दे नाले के पानी से किसानों की पकी पकाई फसलें प्रभावित हो रही हैं। यह सिलसिला बीते कई वर्षाे से चल रहा है। राया से सादाबाद रोड़ कस्बा के समीपवर्ती गांव नगला थाना,पडरारी,सारस गांव के किसानों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। किसान इस पानी की रोकथाम के लिए विधायक से लेकर प्रशासन का दरवाजा खट- खटा चुके हैं। किंतु परिणाम शून्य रहे। रात दिन गन्दे नाले का पानी खेतों में चल रहा है। गेंहू की फसल कटाई का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150251/the-ripe-crop-of-farmers-drowned-in-dirty-drain-water"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/22-uphmathura-06.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मथुरा। </strong>कस्बा राया के समीपवर्ती गांवों में नगर पंचायत का पानी किसानों के लिए परेशानी पैदा कर रहा है।जिस गन्दे नाले के पानी से किसानों की पकी पकाई फसलें प्रभावित हो रही हैं। यह सिलसिला बीते कई वर्षाे से चल रहा है। राया से सादाबाद रोड़ कस्बा के समीपवर्ती गांव नगला थाना,पडरारी,सारस गांव के किसानों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। किसान इस पानी की रोकथाम के लिए विधायक से लेकर प्रशासन का दरवाजा खट- खटा चुके हैं। किंतु परिणाम शून्य रहे। रात दिन गन्दे नाले का पानी खेतों में चल रहा है। गेंहू की फसल कटाई का समय है।</p>
<p>लेकिन पानी भरा होने की वजह से फसल पूरी तरह बर्बाद हो रही है। गांव के ही सुरेश चन्द,त्रिलोक नाथ तेजपाल शर्मा जगमोहन शर्मा कमियां शर्मा सोमवती देवी सहित करीब आधा दर्जन किसानों की फसल बर्बाद हो रही है।दर्जनों किसानों का कहना है की इस समस्या के निराकरण के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों के पास गये।नगर पंचायत के अधिकारियों को भी कई बार अवगत करा दिया किन्तु आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। कन्हैया शर्मा ने बताया कि नगर पंचायत का गंदा पानी साले से होकर निकल रहा है और नगर पंचायत के कर्मचारी ओके हुए पानी को खेतों में कार देती हैं। जिससे खेतों की फसल बर्बाद हो रही है।खेतों में फसल बोई जरूर जाती हैं लेकिन कटाई नहीं हो पाती ।जिसका कारण गन्दे नाले का पानी भरा है।अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह आंदोलन के लिये सड़को पर उतरेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>किसान</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 13:17:39 +0530</pubDate>
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