<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/22252/kartik-purnima" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>kartik purnima - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/22252/rss</link>
                <description>kartik purnima RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कार्तिक पूर्णिमाः लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर पवित्र स्नान किया। भोर की पहली किरण के साथ ही संगम पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां उन्होंने हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयघोष के साथ डुबकी लगाई।</div>
<div>  </div>
<div>संगम के अतिरिक्त दारागंज, अरैल, झुंसी, नवाबगंज, रसूलाबाद, फाफामऊ और करेली सहित सभी प्रमुख घाटों पर भी तड़के से ही स्नान और दीपदान का क्रम जारी रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। विभिन्न स्थानों पर संतों और महात्माओं द्वारा प्रवचन दिए</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159068/kartik-purnima-lakhs-of-devotees-take-a-dip-of-faith"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर पवित्र स्नान किया। भोर की पहली किरण के साथ ही संगम पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां उन्होंने हर-हर गंगे और जय मां गंगे के जयघोष के साथ डुबकी लगाई।</div>
<div> </div>
<div>संगम के अतिरिक्त दारागंज, अरैल, झुंसी, नवाबगंज, रसूलाबाद, फाफामऊ और करेली सहित सभी प्रमुख घाटों पर भी तड़के से ही स्नान और दीपदान का क्रम जारी रहा। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। विभिन्न स्थानों पर संतों और महात्माओं द्वारा प्रवचन दिए गए, साथ ही भंडारे और हरिकीर्तन का भी आयोजन किया गया।</div>
<div> </div>
<div>हिंदू मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा का दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। स्कंद पुराण में वर्णित है कि इस दिन संगम स्नान से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी धार्मिक महत्व के कारण प्रतिवर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज में संगम स्नान के लिए आते हैं।</div>
<div> </div>
<div>शाम होते ही संगम तट पर देव दीपावली का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। लगभग 10 लाख दीपों से पूरे संगम क्षेत्र को रोशन करने की तैयारी है। अरैल घाट पर परमार्थ निकेतन द्वारा विशेष गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के संत-महात्मा, साधु-संत और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। इस दौरान संगम तट दीपों की झिलमिलाहट से आकाश के तारों जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा।</div>
<div> </div>
<div>श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें तैनात हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस और राहत दल भी मुस्तैद हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159068/kartik-purnima-lakhs-of-devotees-take-a-dip-of-faith</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159068/kartik-purnima-lakhs-of-devotees-take-a-dip-of-faith</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 19:34:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/hindi-divas2.jpg"                         length="173958"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियां पूरी: तीर्थों के तीर्थ मनोरमा में उमड़ेगी श्रद्धा की बयार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>इटियाथोक गोंडा-</strong> जिले मे अलग-अलग स्थानों पर कार्तिक पूर्णिमा का मेलालग आज  पांच नवंबर बुधवार को आयोजित किया जाएगा। ब्लॉक रुपईडीह की ग्राम पंचायत तिर्रे मनोरमा मे लगने वाले कार्तिक मेले का विशेष महत्त्व है। मनोरमा को पुराणों मे तीर्थों का तीर्थ कहा गया है। यह पवित्र स्थान ब्रह्म ज्ञानी ऋषि कुमार नचिकेता के पिता ऋषि उद्दालक मुनि की तपोभूमि है, जो जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मनोरमा की उत्पत्ति का महाभारत पुराण के शल्य पर्व में वर्णित है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">शल्य पर्व में कहा गया है - 'सरित सा हिमवत्पार्श्वात प्रसृता शीघ्रगमिनी।</div>
<div style="text-align:justify;">औद्दालके स्तथा यज्ञे</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158943/preparations-for-kartik-purnima-fair-will-be-completed-and-wind"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1006682058.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>इटियाथोक गोंडा-</strong> जिले मे अलग-अलग स्थानों पर कार्तिक पूर्णिमा का मेलालग आज  पांच नवंबर बुधवार को आयोजित किया जाएगा। ब्लॉक रुपईडीह की ग्राम पंचायत तिर्रे मनोरमा मे लगने वाले कार्तिक मेले का विशेष महत्त्व है। मनोरमा को पुराणों मे तीर्थों का तीर्थ कहा गया है। यह पवित्र स्थान ब्रह्म ज्ञानी ऋषि कुमार नचिकेता के पिता ऋषि उद्दालक मुनि की तपोभूमि है, जो जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मनोरमा की उत्पत्ति का महाभारत पुराण के शल्य पर्व में वर्णित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शल्य पर्व में कहा गया है - 'सरित सा हिमवत्पार्श्वात प्रसृता शीघ्रगमिनी।</div>
<div style="text-align:justify;">औद्दालके स्तथा यज्ञे यज्ञस्तस्य भारत।।</div>
<div style="text-align:justify;">उद्दालकेन यज्ञता पूर्व ध्याता सरस्वती।</div>
<div style="text-align:justify;">अजगाम् सरिच्छूछाष्ठा तं देशं मुनिकारणात्।।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अर्थात ऋषि उद्दालक का आश्रम मनोरमा नामक सरिता के उद्गम पर स्थित है। महार्षि उद्दालक ने सरस्वती का आवाह्न मनोरमा नाम से किया। सरस्वती यज्ञ से पूर्व में प्रकट हुई और अपने पावन जल से यज्ञ भूमि को पवित्र करते हुए नदी के रूप में प्रवाहित हो गई। पुराण के अनुसार ऋषि गौतम वंशीय वाजश्रवा महर्षि अरुण के पुत्र और उनके पुत्र अरुणि ही बाद में उद्दालक  कहलाए। ये धौम्य ऋषि के शिष्य थे। कण्ठोपनिषद मे नचिकेता के पिता के रूप में उद्दालक का वर्णन है। तैत्रीय उपनिषद में भी इसका उल्लेख मिलता है। शल्य पर्व महाभारत में मनोरमा को तीर्थों का तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। कहा गया है कि तीर्थराज प्रयाग में किए गए पापों का विनाश मनोरमा में ही होगा, किन्तु मनोरमा में किये गये पापों के लिए वज्र लेप ही करना पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>तीर्थ स्थल घोषित होने के बावजूद बदहाल है सरोवर व मंदिर</strong></div>
<div style="text-align:justify;">श्रद्धालु बताते हैं कि जिले में लगने वाला सबसे बड़ा कार्तिक मेला है। विगत कुछ वर्षों से विकास के अभाव मे धीरे-धीरे सरोवर की सीढ़ियां, उद्दालक मुनि आश्रम व मंदिर की स्थिति जर्जर होती जा रही है। हालांकि गोंडा मुख्यालय से व आर्यनगर से मनोरमा तक जाने के लिए टू लेन सड़क का निर्माण हो चुका है। इस मंदिर के जीर्णोद्धार की आस श्रद्धालुओं को आज भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा के कड़े प्रबंध</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मेला को सफलतापूर्वक संपन्न कराये जाने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। इटियाथोक के थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि मेला मे भीड़ की स्थिति देखते हुए मेला क्षेत्र के चारों ओर आने वाले मार्गों पर बैरीकेडिंग की गई है। पुलिसकर्मियों व पीएसी के जवानों को लगाया गया है। मेला प्रभारी उपनिरीक्षक राजेश कुमार दुबे को बनाया गया है। उन्होंने बताया कि जलाशय मे मोटरबोट के साथ ही जल पुलिस की भी टीम लगाई गई है। अस्थायी पुलिस चौकी के साथ ही खोया पाया केंद्र भी बनाया गया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मंदिर की पूजा-अर्चना पुलिस के जिम्मे</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मेला परिसर मे स्थापित भगवान श्री राम जानकी मंदिर पर सम्पत्ति को लेकर हुए विवाद के कारण मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था व पूजा अर्चना का दायित्व जिला प्रशासन के जिम्मेदारी पर है। जिस कारण प्रतिदिन इटियाथोक थाने से पाली वार होमगार्ड की ड्यूटी लगाई जाती है और वे ही मंदिर की साफ-सफाई व पूजा-अर्चना करते चले आ रहे हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रसिद्ध है गट्टा व बरसोला कि मिठाई</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मनोरमा मेले की गट्टा व बरसोला की मिठाइयां दूर दूर तक प्रसिद्ध है। यह मिठाइयां मेले मे आये हुये कारीगरों द्वारा यही पर तैयार की की जाती है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e" style="text-align:justify;"></div>
</div>
</div>
<div class="ajx" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="gA gt acV">
<div class="gB xu">
<div class="mVCoBd" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="ip iq">
<div class="pLw6bb" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="bJvOmf"></div>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158943/preparations-for-kartik-purnima-fair-will-be-completed-and-wind</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158943/preparations-for-kartik-purnima-fair-will-be-completed-and-wind</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 18:28:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1006682058.jpg"                         length="193105"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी ने सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दृष्टिगत आज सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर निरंतर साफ-सफाई बनी रहे। इसके लिए सफाई कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाए और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम तथा हेल्थ कैंप की स्थापना कराई जाए, साथ ही घाटों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेटिंग, और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  जिलाधिकारी ने कहा कि जिन</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158941/district-magistrate-inspected-sarsaiyaghat-and-bithoor-ghat-regarding-the-preparations"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001333670.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> कानपुर।</strong> जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने आगामी कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दृष्टिगत आज सरसैयाघाट एवं बिठूर घाट का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर निरंतर साफ-सफाई बनी रहे। इसके लिए सफाई कर्मियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाए और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम तथा हेल्थ कैंप की स्थापना कराई जाए, साथ ही घाटों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेटिंग, और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी घाटों पर लगाई गई है, वे समय से अपने ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहें, अन्यथा अनुपस्थिति की स्थिति में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि घाटों पर की गई सभी व्यवस्थाओं का फ्लैक्स बोर्ड लगाया जाए ताकि आमजन को जानकारी प्राप्त हो सके। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने बिठूर घाट का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बिठूर को निर्देशित किया कि सभी घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, एवं कंट्रोल रूम की स्थापना कराई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रमुख घाट पर मेडिकल हेल्थ कैंप लगाया जाए तथा उसके संबंध में स्पष्ट सूचना फ्लैक्स/बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर / ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी और उपस्थिति नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए, और लापरवाही पाए जाने पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण की जाएं, ताकि कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158941/district-magistrate-inspected-sarsaiyaghat-and-bithoor-ghat-regarding-the-preparations</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158941/district-magistrate-inspected-sarsaiyaghat-and-bithoor-ghat-regarding-the-preparations</guid>
                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 18:26:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1001333670.jpg"                         length="80042"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रायबरेली कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी सिर्फ कागजों पर ,हकीकत कुछ और ही- </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>डलमऊ रायबरेली- </strong></p>
<p>डलमऊ के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारीयो को लेकर प्रशासन की सुस्ती साफ तौर से दिखाई पड़ रही है।डलमऊ के महाकुंभ कहे जाने वाले विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा कागजों पर तैयारियां पूर्ण दिखाई जा रही हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।कार्तिक पूर्णिमा को लेकर ना तो अभी तक घाटों के रंग रोगन की तैयारी की गई हैं और ना ही दिशा निर्देश एवं जागरूकता के संदेश दिखाई पड़ रहे हैं।लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा रात्रि विश्राम के लिए कोई सुविधा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146003/preparation-for-kartik-purnima-fair-is-only-on-paper-reality"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/whatsapp-image-2024-11-06-at-19.02.04_298bf564.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डलमऊ रायबरेली- </strong></p>
<p>डलमऊ के ऐतिहासिक कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारीयो को लेकर प्रशासन की सुस्ती साफ तौर से दिखाई पड़ रही है।डलमऊ के महाकुंभ कहे जाने वाले विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला की तैयारी को लेकर प्रशासन द्वारा कागजों पर तैयारियां पूर्ण दिखाई जा रही हैं जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।कार्तिक पूर्णिमा को लेकर ना तो अभी तक घाटों के रंग रोगन की तैयारी की गई हैं और ना ही दिशा निर्देश एवं जागरूकता के संदेश दिखाई पड़ रहे हैं।लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा रात्रि विश्राम के लिए कोई सुविधा नहीं की गई है ना ही पार्किंग की कोई व्यवस्था की गई है।घाटों की साफ सफाई एवं बैरिकेटिंग की व्यवस्था कहीं दिखाई नहीं पड़ रही है।</p>
<p>विशाल कार्तिक पूर्णिमा मेला के कुछ ही दिन शेष बचे हुए हैं आने वाली 15 तारीख को कार्तिक पूर्णिमा मेला का आयोजन होना है जिसमें जनपद एवं गैर जनपदों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए गंगा तट डलमऊ पहुंचते हैं।प्रशासन की कागजी तैयारी के बीच गंगा स्नान को लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात्रि विश्राम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।वही गंगा नदी में बैरिकेटिंग ना होने के चलते श्रद्धालुओं के साथ अनहोनी होने की आशंका बनी रहेगी।मेला को जाने वाले मार्ग पर कटीली जंगली झाड़ियां की साफ सफाई नहीं हुई है। वही कस्बे के मुख्य मार्गों का दुरुस्तीकरण का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है।डलमऊ में लगने वाला ऐतिहासिक पशु मेला इस बार प्रशासन द्वारा स्थगित कर दिए जाने से संत समाज एवं स्थानीय लोगों में भारी रोष दिखाई पड़ रहा है।</p>
<p>एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक पशु मेला को लेकर दूर-दूर से आने वाले पशु व्यवसाई इस बात की जानकारी न होने के कारण पशुओं की खरीद फरोक्त के लिए मेला स्थल पहुंच रहे हैं जहां पर अव्यवस्थाओं का अंबार दिखाई पड़ रहा है।जिसके चलते पशुओं एवं व्यापारियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।एक माह पूर्व कार्तिक पूर्णिमा तैयारी को लेकर सभी विभागों की बैठक डलमऊ तहसील सभागार में आयोजित की गई थी</p>
<p>जिसमें विभागों के अधिकारियों को समय रहते कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।कार्तिक पूर्णिमा तैयारी को लेकर बुधवार को उप जिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा,अधिशासी अधिकारी आरती श्रीवास्तव ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और कर्मचारियों को मेला की तैयारी में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया।कार्तिक पूर्णिमा मेला के 9 दिन शेष बचे हुए हैं उसके बाद भी जमीनी स्तर पर तैयारी आधी अधूरी दिखाई पड़ रही है। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा सकुशल निपटाना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर होगा।अब देखने वाली बात होगी की आधी अधूरी तैयारी के बीच कार्तिक पूर्णिमा मेला प्रशासन कैसे संपन्न कराता है।</p>
<blockquote class="format1"><strong>कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर कागजों पर पूर्ण दिखाई पड़ रही है तैयारीयां : स्वामी दिव्यानंद जी महाराज</strong></blockquote>
<p>सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ डलमऊ के स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने बताया कि विशाल ऐतिहासिक प्रांतीय कार्तिक पूर्णिमा मेला डलमऊ की तैयारी कागजों पर पूरी दिखाई जा रही है जबकि जमीनी हकीकत कुछ भी नहीं हैं।लाखों की संख्या में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था प्रशासन द्वारा नहीं की गई है।घाटों के रंग रोगन, बैरीकेटिंग,पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है l</p>
<p>जिससे गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन को खड़ा करने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। स्वामी दिव्यानंद जी ने बताया कि गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा तट तक पहुंचाने के लिए अस्थाई बस अड्डा बनाया जाए तथा बैलगाड़ियों से आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा तट के करीब ठहरने एवं रात्रि विश्राम की उचित व्यवस्था किया जाए।</p>
<p>कार्तिक पूर्णिमा मेला से पूर्व डलमऊ में लगने वाले ऐतिहासिक पशु मेला प्रशासन द्वारा रद्द कर देना बहुत ही निंदनीय है।मेला की तैयारीयों की अव्यवस्था की शिकायत उन्होंने उप जिलाधिकारी डलमऊ से की है।इसके बाद भी इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।उन्होंने कहा कि जल्द ही वह जिलाधिकारी से मिलकर मेले के तैयारियों की अव्यवस्थाओं  की शिकायत करेंगे।</p>
<p> </p>
<blockquote class="format1"><strong>उप जिलाधिकारी डलमऊ ने कहा</strong></blockquote>
<p>उप जिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा ने बताया कि मेला की तैयारियां बहुत तेजी से चल रही हैं।कार्तिक पूर्णिमा मेला को 5 जोन और 37 सेक्टर में बांटा गया है।जिसमें तहसील एवं जिले स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है।स्नान घाटों एवं मेला मार्गों की साफ सफाई की जा रही है।प्रकाश आदि की व्यवस्था की तैयारियां जोरों पर हैं।मेला को लेकर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तैयारी में जुटे हुए हैं।गंगा तट पर श्रद्धालुओं को आसानी से पहुंचने के लिए गंगा तट के निकट बस स्टॉप बनाए जाने के लिए स्थान का चयन कर लिया गया है।ट्रैफिक एवं शांति व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली गई हैं।लाखों की संख्या में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में किसी प्रकार की कोई समस्या ना हो इसके लिए तैयारी की जा रही।</p>
<blockquote class="format1"><strong>क्या कहती हैं अधिशाषी अधिकारी आरती श्रीवास्तव</strong></blockquote>
<p>नगर पंचायत डलमऊ की अधिशाषी अधिकार आरती श्रीवास्तव ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर तैयारियां जोरों से की जा रही है। घाटों एवं मेला मार्गों की साफ सफाई एवं प्रकाश की व्यवस्था की जा रही है।गंगा में बैरिकेटिंग का कार्य कार्तिक पूर्णिमा स्नान किए दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा।कार्तिक पूर्णिमा मेला को लेकर सभी संबंधित कर्मचारी लगे हुए हैं।कार्तिक पूर्णिमा स्नान पूर्व सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएगी।गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो यह हम सब की प्राथमिकता होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146003/preparation-for-kartik-purnima-fair-is-only-on-paper-reality</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/146003/preparation-for-kartik-purnima-fair-is-only-on-paper-reality</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Nov 2024 21:22:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/whatsapp-image-2024-11-06-at-19.02.04_298bf564.jpg"                         length="96488"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        