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                <title>gandgi ka ambar - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>gandgi ka ambar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जोकनई गौशाला में बीमार पशुओं की अनदेखी, बदहाली, कई की मौत, चारा-पानी का अभाव</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>कौंधियारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोकनई स्थित अस्थाई गौशाला में पशुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है।दर्जनों पशु गंभीर रूप से बीमार पड़े हैं,जबकि कुछ बीमार पशुओं को कौवों द्वारा नोचते हुए देखा गया,जो व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। साफ-सफाई के अभाव में गौशाला में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का लगातार खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पशुओं के नाम पर सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि समय से आ रही है, इसके बावजूद गौशाला में पशुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। समय रहते यदि पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया गया होता, तो</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163530/ignoring-the-sick-animals-in-joknai-cowshed-poor-condition-death"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/img-20251216-wa0274.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>कौंधियारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जोकनई स्थित अस्थाई गौशाला में पशुओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है।दर्जनों पशु गंभीर रूप से बीमार पड़े हैं,जबकि कुछ बीमार पशुओं को कौवों द्वारा नोचते हुए देखा गया,जो व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। साफ-सफाई के अभाव में गौशाला में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने का लगातार खतरा बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पशुओं के नाम पर सरकार द्वारा निर्धारित धनराशि समय से आ रही है, इसके बावजूद गौशाला में पशुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। समय रहते यदि पशु चिकित्सक द्वारा इलाज किया गया होता, तो आज इतनी भयावह स्थिति ना होती। इलाज के अभाव में कई पशु तड़प रहे हैं,और कुछ की मौत तक हो चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। अस्थाई गौशाला में लगभग 200 से अधिक पशु हैं,लेकिन उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पशुओं को केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है। जबकि कागज में हरा चारा भी दिखाया जाता है। काफी समय से गौशाला में लगे हैंडपंप के खराब होने से पानी की भी समस्या है,जिसके कारण समय से पशुओं को पानी भी नहीं मिल पाता,और पूरे दिन प्यासे तड़पते रहते हैं। इस पूरे मामले में ग्राम प्रधान नन्हेंलाल गुप्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं, जब उनसे इस मामले में जानकारी लेने का प्रयास किया गया,तो उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इससे ग्रामीणों में नाराजगी और भी बढ़ गई है।लोगों का कहना है कि अस्थाई गौशाला की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है,और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हुए है। ग्रामीण और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग किया है, कि तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम भेजकर बीमार पशुओं का इलाज कराया जाए, साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए,और चारे-पानी की भी नियमित व्यवस्था कर दी जाए। इसके अलावा गौशाला में कार्यरत कर्मचारियों के लापरवाही बरतने पर उन्हें कड़े से कड़ा दंड भी दिया जाए।फिलहाल जोकनई गांव स्थित अस्थाई गौशाला की स्थिति बेहद दयनीय है, इसके जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी सहित ग्राम प्रधान भी हैं। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 18:01:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली गंदगी, मरीजों की बढ़ रही मुश्किलें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> कस्बा स्थित महराजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति अस्पताल के ड्रेसिंग रूम की है, जहां से उपचार की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वह अब शौचालय जैसा नज़र आ रहा है। इसके अलावा अस्पताल परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में भी गंदगी इस कदर फैली हुई है कि संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इलाज के लिए आने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154175/dirt-patients-spreading-in-community-health-center-are-increasing-difficulties"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/unnamed3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> कस्बा स्थित महराजगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। अस्पताल परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे वहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति अस्पताल के ड्रेसिंग रूम की है, जहां से उपचार की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वह अब शौचालय जैसा नज़र आ रहा है। इसके अलावा अस्पताल परिसर और आस-पास के क्षेत्रों में भी गंदगी इस कदर फैली हुई है कि संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इलाज के लिए आने वाले मरीज पहले से ही बीमार होते हैं, लेकिन यहां की गंदगी और अव्यवस्था उन्हें और बीमार बना सकती है। जगह-जगह गंदे पानी का जमा होना, कूड़े के ढेर और सफाई की लापरवाही से मच्छर और मक्खियों की भरमार हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> आपको बता दे कि,सभी हालातों के बावजूद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. गड़नायक पांडेय पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वह जानबूझकर इस लापरवाही को नजरअंदाज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। क्योंकि स्वास्थ्य केंद्र अगर खुद बीमार हो जाए, तो जनता का इलाज कौन करेगा? मामले में सी एम ओ ने दूरभाष पर बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी हुई है जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी व कार्य में शिथिलता बरतने वाले कर्मचारी बख्से नहीं जाएंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:19:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तीन साल बाद भी अधूरे शौचालय, मुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्घाटन की उड़ी धज्जियां  </title>
                                    <description><![CDATA[<div>  <strong>गोलाबाजार /गोरखपुर- </strong>गोला उपनगर के वार्ड नंबर 10 में बने तीन सार्वजनिक शौचालय, जिनका उद्घाटन तीन साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया था, आज भी अधूरे और अनुपयोगी पड़े हैं। ये शौचालय भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पश्चिम चौराहे पर बना मॉडल शौचालय, जहां महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी, हमेशा ताला बंद रहता है।</div>
<div>  </div>
<div>  सब्जी मंडी में बना दूसरा शौचालय तैयार तो हुआ, लेकिन इसका टैंक अधूरा है और ताले जंग खा रहे हैं। सामने</div>
<div> </div>
<div>जिसका</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152095/even-after-three-years-the-incomplete-toilets-of-the-chief"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/p2.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>गोलाबाजार /गोरखपुर- </strong>गोला उपनगर के वार्ड नंबर 10 में बने तीन सार्वजनिक शौचालय, जिनका उद्घाटन तीन साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल रूप से किया गया था, आज भी अधूरे और अनुपयोगी पड़े हैं। ये शौचालय भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।पश्चिम चौराहे पर बना मॉडल शौचालय, जहां महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई थी, हमेशा ताला बंद रहता है।</div>
<div> </div>
<div> सब्जी मंडी में बना दूसरा शौचालय तैयार तो हुआ, लेकिन इसका टैंक अधूरा है और ताले जंग खा रहे हैं। सामने गंदगी का अंबार लगा है, जिससे मंडी में आने वाली भीड़ को इसका उपयोग नहीं हो पा रहा। तीसरा शौचालय रानीपुर में सरकारी कृषि बीज भंडार के पास है, </div>
<div> </div>
<div>जिसका निर्माण कार्य चार साल बाद भी पूरा नहीं हुआ। टैंक का निर्माण अब तक नहीं हो सका है।इन शौचालयों का निर्माण भीड़ को देखते हुए किया गया था, क्योंकि पश्चिम चौराहे पर सीएचसी, पशु चिकित्सालय, ब्लॉक कार्यालय और कई निजी संस्थान हैं, जहां पूरे दिन लोगों का आवागमन रहता है। फिर भी, ये शौचालय उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हैं, जो गुड गवर्नेंस की पोल खोल रहा है।</div>
<div> </div>
<div>नगर पंचायत अध्यक्षा लालती देवी ने पश्चिम चौराहे के शौचालय पर ताला बंद होने पर अनभिज्ञता जताई और कहा, "हम जानकारी ले रहे हैं कि ताला क्यों बंद है। पानी की समस्या के कारण यह बंद है।" हालांकि, स्थानीय लोग जिम्मेदारों की लापरवाही को इसका कारण बता रहे हैं।जनता का कहना है कि अधूरे शौचालयों का उद्घाटन कराकर जिम्मेदारों ने केवल खानापूरी की है। मुख्यमंत्री के गृह जिले में यह स्थिति शासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रही है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 18:00:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबरा ग्रीन माउंटेन स्कूल के पास गंदगी का अंबार, नगर पंचायत की अनदेखी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>ओबरा सोनभद्र। </strong>स्थानीय थाना अंतर्गत चोपन रोड स्थित ओबरा ग्रीन माउंटेन स्कूल के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। खुली नालियों से निकलने वाली बदबू और मच्छरों ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। विद्यालय प्रबंधन की बार-बार की शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत इस समस्या का समाधान करने में नाकाम रही है। विद्यालय के प्रबंधक अमित सिंह कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने जुलाई महीने से लेकर अब तक कम से कम 10 बार नगर पंचायत में लिखित शिकायत की है।</div>
<div>  </div>
<div>लेकिन नगर पंचायत की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सफाई कर्मचारी कचरा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147797/nagar-panchayat-ignores-the-pile-of-dirt-near-obra-green"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/1----++-+-.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>ओबरा सोनभद्र। </strong>स्थानीय थाना अंतर्गत चोपन रोड स्थित ओबरा ग्रीन माउंटेन स्कूल के पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। खुली नालियों से निकलने वाली बदबू और मच्छरों ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। विद्यालय प्रबंधन की बार-बार की शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत इस समस्या का समाधान करने में नाकाम रही है। विद्यालय के प्रबंधक अमित सिंह कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने जुलाई महीने से लेकर अब तक कम से कम 10 बार नगर पंचायत में लिखित शिकायत की है।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन नगर पंचायत की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सफाई कर्मचारी कचरा उठाने के बजाय उसे खेतों में फेंक देते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।इस गंदगी का सीधा असर विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है।बच्चों को साफ-सफाई का महत्व सिखाया जाता है, लेकिन विद्यालय के आसपास का माहौल इस शिक्षा को चुनौती दे रहा है। नगर पंचायत की इस उदासीनता से स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि माननीय प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का नगर पंचायत में कोई असर नहीं दिख रहा है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147797/nagar-panchayat-ignores-the-pile-of-dirt-near-obra-green</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jan 2025 19:36:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांवों में नहीं पहुंच रहे सफाईकर्मी, लगा गंदगी का अंबार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>माल, लखनऊ। </strong>स्वच्छ भारत अभियान पर केंद्र सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सफाई कर्मी अभियान में पलीता लगा रहे हैं। वे नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे गांवों में गंदगी का अंबार लगा है।नालियां चोक हैं। जब स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हुई तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाया। समय गुजरने के बाद इस अभियान की गति सुस्त हो गई है।</div>
<div>  </div>
<div>माल विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुड़ियारा के महिमा खेड़ा गांव में सफाई के लिए रखे गए सफाई कर्मी अब अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145784/scavengers-are-not-reaching-the-villages-there-is-a-pile"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241026-wa0492.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>माल, लखनऊ। </strong>स्वच्छ भारत अभियान पर केंद्र सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन सफाई कर्मी अभियान में पलीता लगा रहे हैं। वे नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे गांवों में गंदगी का अंबार लगा है।नालियां चोक हैं। जब स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत हुई तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाया। समय गुजरने के बाद इस अभियान की गति सुस्त हो गई है।</div>
<div> </div>
<div>माल विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुड़ियारा के महिमा खेड़ा गांव में सफाई के लिए रखे गए सफाई कर्मी अब अपनी ड्यूटी को लेकर गंभीर नहीं हैं और गांव में नियमित सफाई के लिए नहीं पहुंच रहे। आए दिन ग्रामीण इनकी शिकायतें ब्लॉक पर करते हैं।सफाई कर्मियों के नहीं पहुंचने पर गांव में नालियां चोक हैं,पानी सड़कों पर बह रहा है। जिससे गांव में बीमारियां फैल रही हैं।क्षेत्र में अधिकांश गलियां ऐसी है जहां सड़को पर पानी भरा है। नालियां बजबजा रही हैं। जिससे संक्रामक रोग फैलने का भी खतरा बना है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 16:57:17 +0530</pubDate>
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