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                <title>gold medal - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>gold medal RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता: सनबीम वाराणसी ओवरऑल चैंपियन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित सीबीएसई पूर्वी क्षेत्र बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026 का समापन सोमवार को हुआ। वाराणसी के सनबीम स्कूल की छात्राओं ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा किया।28-30 किग्रा में अंकिता कुमारी आरपी मेमोरियल वैशाली, 30-32 किग्रा में तान्या कुमारी आरपी मेमोरियल, 32-34 किग्रा में सिंकी कुमारी बीएसकेडी गढ़वा और 34-36 किग्रा में आरोही जायसवाल सनराइज वाराणसी विजेता रहीं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">36-38 किग्रा में अनन्या यादव और 38-40 किग्रा में बानी वर्मा दोनों पुलिस मॉडर्न इटावा से स्वर्ण जीता।  40-42 किग्रा फयेका तहजीब बीपीडीएवी गढ़वा, 42-44 किग्रा इशिका कुमारी जीन पॉल्स आरा, 44-46</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185574/girls-boxing-competition-sunbeam-varanasi-overall-champion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260818-wa0105.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong> न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित सीबीएसई पूर्वी क्षेत्र बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता 2026 का समापन सोमवार को हुआ। वाराणसी के सनबीम स्कूल की छात्राओं ने सबसे ज्यादा पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा किया।28-30 किग्रा में अंकिता कुमारी आरपी मेमोरियल वैशाली, 30-32 किग्रा में तान्या कुमारी आरपी मेमोरियल, 32-34 किग्रा में सिंकी कुमारी बीएसकेडी गढ़वा और 34-36 किग्रा में आरोही जायसवाल सनराइज वाराणसी विजेता रहीं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">36-38 किग्रा में अनन्या यादव और 38-40 किग्रा में बानी वर्मा दोनों पुलिस मॉडर्न इटावा से स्वर्ण जीता।  40-42 किग्रा फयेका तहजीब बीपीडीएवी गढ़वा, 42-44 किग्रा इशिका कुमारी जीन पॉल्स आरा, 44-46 किग्रा स्नेहा सैनी सेंट जेवियर्स गाजीपुर, 46-48 किग्रा खुशी कुमारी डीवाई पाटिल धनबाद और 48-50 किग्रा में आरोही थापा सनराइज वाराणसी ने बाजी मारी।42 किग्रा से कम में अनुप्रिया यादव पीटी रामचन्द्र प्रयागराज, 42-44 किग्रा में उम्रा खान खेलगांव प्रयागराज और 44-46 किग्रा में आयशा खान सेंट जेवियर्स गाजीपुर विजेता बनीं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">46-48 किग्रा में महिका जीडी गोयनका दरभंगा, 48-50 किग्रा में खुशी कुमारी नारायण वर्ल्ड रोहतास, 50-52 किग्रा में श्रियांशी शर्मा एनपीएस गुरुकुलम गढ़वा और 52-54 किग्रा में अमिषा उजाला आरके सीएम गढ़वा ने स्वर्ण जीता। 54-57 किग्रा अंजलि यादव शाह फैज गाजीपुर, 57-60 किग्रा कृति सिंह डीवाई पाटिल धनबाद, 60-63 किग्रा आद्या बाजपेई रेड रोज लखनऊ, 63-66 किग्रा एंजल यादव सनबीम वाराणसी, 66-70 किग्रा परुल तिवारी जीजीएस रांची, 70-75 किग्रा मानवी सिंह राजर्षि अमेठी, 75-80 किग्रा पारी ग्वाल सनबीम वाराणसी और 80+ किग्रा में मैत्री सीएमकेपी यूपी सैनिक स्कूल लखनऊ स्वर्ण पदक विजेता रहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260818-wa0104.jpg" alt="बालिका बॉक्सिंग प्रतियोगिता: सनबीम वाराणसी ओवरऑल चैंपियन" width="383" height="255"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">45 किग्रा से कम में सान्वी कुमारी जीजीएस रांची, 45-48 किग्रा में वैष्णवी यादव हैप्पी मॉडल वाराणसी, 48-51 किग्रा में अर्पिता कुमारी और 51-54 किग्रा में नैवेद्या आनंद दोनों शाह फैज गाजीपुर से विजेता रहीं।54-57 किग्रा दीक्षा पाल पीटी रामचन्द्र प्रयागराज, 57-60 किग्रा आराध्या सिंह पीटी रामचन्द्र प्रयागराज, 60-64 किग्रा जान्हवी मिश्रा सनबीम वाराणसी और 66-69 किग्रा में संस्कृति द्विवेदी खेलगांव प्रयागराज ने स्वर्ण जीता।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">69-75 किग्रा सृजन श्रेय सिंह, 75-81 किग्रा शीतल गुप्ता और 81+ किग्रा में गीत रंजन सिंह तीनों सनबीम वाराणसी की खिलाड़ियों ने स्वर्ण पर कब्जा जमाया।टीम चैंपियनशिप में सनबीम स्कूल वरना वाराणसी 52 पॉइंट्स के साथ प्रथम, शाह फैज पब्लिक स्कूल गाजीपुर 27 पॉइंट्स के साथ द्वितीय और बीएसकेडी स्कूल नवादा बिहार 23 पॉइंट्स के साथ तृतीय स्थान पर रहा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतियोगिता की सर्वश्रेष्ठ बॉक्सर का खिताब जीडी गोयनका दरभंगा की माहिका आर्या को दिया गया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि  दयाराम मौर्य और विशिष्ट अतिथि रोशन लाल उमरवैश्य रहे। इस अवसर पर डीपी सिंह, आनंद मोहन ओझा, मोहम्मद अनीस, सुनील सिंह, श्रीमती पूर्णिमा त्रिपाठी  सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 21:23:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्नाइपर शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल 66 पदक हासिल किए। इनमें 33 स्वर्ण पदक, 25 रजत पदक और 8 कांस्य पदक शामिल हैं।</title>
                                    <description><![CDATA[<h2><strong>स्नाइपर शूटिंग अकादमी का शानदार प्रदर्शन, 24वीं उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में जीते 66 पदक</strong></h2>
<h3><strong>33 गोल्ड, 25 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अकादमी ने रचा शानदार इतिहास</strong></h3>
<p><em><span style="text-decoration:underline;"><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></span></em></p>
<p><strong>देहरादून।</strong> जसपाल राणा शूटिंग रेंज, पौंधा, देहरादून में आयोजित <strong>24वीं उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप</strong> में स्नाइपर शूटिंग अकादमी के निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल <strong>66 पदक</strong> अपने नाम किए। प्रतियोगिता में अकादमी के शूटर्स ने बेहतरीन खेल कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</p>
<h3><strong>मेडल टैली में 33 गोल्ड ने बढ़ाया गौरव</strong></h3>
<p>स्नाइपर शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184942/players-of-sniper-shooting-academy-won-a-total-of-66"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260808-wa00421.jpg" alt=""></a><br /><h2><strong>स्नाइपर शूटिंग अकादमी का शानदार प्रदर्शन, 24वीं उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में जीते 66 पदक</strong></h2>
<h3><strong>33 गोल्ड, 25 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अकादमी ने रचा शानदार इतिहास</strong></h3>
<p><em><span style="text-decoration:underline;"><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></span></em></p>
<p><strong>देहरादून।</strong> जसपाल राणा शूटिंग रेंज, पौंधा, देहरादून में आयोजित <strong>24वीं उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप</strong> में स्नाइपर शूटिंग अकादमी के निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल <strong>66 पदक</strong> अपने नाम किए। प्रतियोगिता में अकादमी के शूटर्स ने बेहतरीन खेल कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।</p>
<h3><strong>मेडल टैली में 33 गोल्ड ने बढ़ाया गौरव</strong></h3>
<p>स्नाइपर शूटिंग अकादमी के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल <strong>66 पदक</strong> हासिल किए। इनमें <strong>33 स्वर्ण पदक, 25 रजत पदक और 8 कांस्य पदक</strong> शामिल हैं।</p>
<p><strong>मेडल टैली इस प्रकार रही—</strong></p>
<ul>
<li>🥇 <strong>स्वर्ण पदक — 33</strong></li>
<li>🥈 <strong>रजत पदक — 25</strong></li>
<li>🥉 <strong>कांस्य पदक — 08</strong></li>
<li>🏆 <strong>कुल पदक — 66</strong></li>
</ul>
<p>यह शानदार प्रदर्शन अकादमी के खिलाड़ियों की प्रतिभा और निरंतर मेहनत को दर्शाता है।</p>
<p> </p>
<h2><strong>सोनाक्षी गुप्ता ने जीते 5 गोल्ड मेडल</strong></h2>
<p>प्रतियोगिता में <strong>सोनाक्षी गुप्ता</strong> ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अकेले <strong>5 स्वर्ण पदक</strong> अपने नाम किए। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल अकादमी का गौरव बढ़ाया, बल्कि प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को भी रेखांकित किया।</p>
<p>सोनाक्षी की इस शानदार सफलता पर उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और स्नाइपर शूटिंग अकादमी परिवार ने उन्हें बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।</p>
<h2><strong>अनुषा राघव ने जीते गोल्ड और सिल्वर मेडल</strong></h2>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260808-wa0065.jpg" alt="अनुषा राघव" width="1053" height="1404"></img></strong></p>
<p> </p>
<p>वहीं <strong>अनुषा राघव</strong> ने भी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए <strong>1 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक</strong> हासिल किया। अनुषा की इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरी अकादमी में खुशी का माहौल है।</p>
<p>उनके प्रदर्शन को अकादमी के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<h2><strong>कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम</strong></h2>
<p>स्नाइपर शूटिंग अकादमी की इस सफलता के पीछे खिलाड़ियों की <strong>कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पण</strong> को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>अकादमी के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में जिस तरह आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, उससे यह साबित हुआ कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास के साथ खिलाड़ी राज्य स्तर पर उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>अकादमी परिवार में खुशी का माहौल</strong></h2>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260808-wa0041.jpg" alt="Sports minister uk" width="981" height="1307"></img></strong></p>
<p>66 पदकों की शानदार उपलब्धि के बाद स्नाइपर शूटिंग अकादमी परिवार में खुशी का माहौल है। खिलाड़ियों की सफलता पर उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों और साथी खिलाड़ियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी विजेताओं को बधाई दी।</p>
<p>अकादमी की ओर से खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी तरह मेहनत जारी रखने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<h3><strong>“निशाना ऊंचा रखें, फोकस बनाए रखें और लक्ष्य हासिल करें”</strong></h3>
<p>24वीं उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में 66 पदकों की यह उपलब्धि स्नाइपर शूटिंग अकादमी के लिए गौरव का क्षण है। <strong>33 स्वर्ण पदकों के साथ अकादमी के निशानेबाजों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है।</strong></p>
<p>सभी विजेता खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।</p>
<p><strong>स्नाइपर शूटिंग अकादमी का संदेश—</strong></p>
<h3><strong>“बड़े सपने देखिए, ऊंचा निशाना लगाइए और महानता हासिल कीजिए।”</strong> 🏆🎯🇮🇳</h3>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 22:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट - जसपाल राणा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="sc-780ccd9c-0 bCNfnt">
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<h1 class="sc-a24181f1-0 GJQyw sc-ecba4885-3 uxoFg text--headline1">कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट - जसपाल राणा ने कैसे बनाई एक अमिट विरासत</h1>

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<p class="sc-a24181f1-0 cUsHgQ sc-ecba4885-4 bJQXlF text--deck">1994 विक्टोरिया गेम्स से लेकर 2006 मेलबर्न गेम्स तक भारतीय पिस्टल शूटर जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल खेल में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसे देश का कोई भी खिलाड़ी अब तक नहीं तोड़ पाया है।</p>
<p class="sc-a24181f1-0 cUsHgQ sc-ecba4885-4 bJQXlF text--deck"><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>By- अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
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<p><strong>कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट -</strong></p>
<p>जसपाल राणा ने कैसे बनाई एक अमिट विरासत<br />1994 विक्टोरिया गेम्स से लेकर 2006 मेलबर्न गेम्स तक भारतीय पिस्टल शूटर जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल खेल में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसे देश का कोई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183985/indias-most-successful-athlete-in-commonwealth-games-jaspal-rana"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260723_093252_chrome.jpg" alt=""></a><br /><div class="sc-780ccd9c-0 bCNfnt">
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<div class="sc-780ccd9c-2 dTwLNB">

<h1 class="sc-a24181f1-0 GJQyw sc-ecba4885-3 uxoFg text--headline1">कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट - जसपाल राणा ने कैसे बनाई एक अमिट विरासत</h1>

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<div class="sc-780ccd9c-0 bCNfnt">
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<div class="sc-780ccd9c-2 ejhsWU">
<p class="sc-a24181f1-0 cUsHgQ sc-ecba4885-4 bJQXlF text--deck">1994 विक्टोरिया गेम्स से लेकर 2006 मेलबर्न गेम्स तक भारतीय पिस्टल शूटर जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल खेल में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसे देश का कोई भी खिलाड़ी अब तक नहीं तोड़ पाया है।</p>
<p class="sc-a24181f1-0 cUsHgQ sc-ecba4885-4 bJQXlF text--deck"><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>By- अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
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<p><strong>कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे सफल एथलीट -</strong></p>
<p>जसपाल राणा ने कैसे बनाई एक अमिट विरासत<br />1994 विक्टोरिया गेम्स से लेकर 2006 मेलबर्न गेम्स तक भारतीय पिस्टल शूटर जसपाल राणा ने राष्ट्रमंडल खेल में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज किया, जिसे देश का कोई भी खिलाड़ी अब तक नहीं तोड़ पाया है।</p>
<p>भारत दशकों से कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे मजबूत देशों में से एक रहा है। रेसलिंग, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और कई अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा से अमिट पहचान बनाई है। </p>
<p>लेकिन हर चार साल में होने वाले इस बड़े इवेंट में किसी भी भारतीय एथलीट का करियर महान पिस्टल शूटर जसपाल राणा जितना सफल नहीं रहा है।</p>
<p>जसपाल राणा ने चार बार के कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी शानदार विरासत कायम की। 1994 के विक्टोरिया गेम्स से लेकर 2006 के मेलबर्न गेम्स तक, उन्होंने शूटिंग में 15 पदक अपने नाम किए, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे। इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह <strong>भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट बन गए</strong>।</p>
<p>इसके बाद उनके साथी शूटर समरेश जंग का नंबर आता है, जिन्होंने मैनचेस्टर 2002, मेलबर्न 2006 और दिल्ली 2010 गेम्स में कुल 14 पदक अपने नाम किए। इनमें से कई मेडल उन्होंने राणा के साथ मिलकर जीते थे।</p>
<p>टेबल टेनिस के दिग्गज शरत कमल, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के तीन सबसे सफल खिलाड़ियों में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जो शूटर नहीं हैं। उन्होंने कुल 13 मेडल जीते हैं, जिनमें से सात स्वर्ण हैं।</p>
<p><strong>कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे सफल भारतीय एथलीट</strong></p>
<p><strong>CWG में सबसे सफल भारतीय एथलीट</strong><br />एथलीट                पदक    स्वर्ण    रजत     कांस्य<br />जसपाल राणा        15        9        4           2<br />समरेश जंग            14       7         5           2<br />शरत कमल।          13       7        3।          3</p>
<p><strong>कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन: जानिए कैसा रहा है अब तक का सफर</strong></p>
<p>ऑस्ट्रेलिया की तैराक और कई बार ओलंपिक पदक जीतने वाली एमा मैककॉन, कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 20 (14 गोल्ड, एक सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज) जीतकर सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली एथलीट हैं।</p>
<p>एमा मैककॉन कॉमनवेल्थ गेम्स के अब तक के मेडल टैली में सबसे ऊपर हैं। वहीं भारतीय खेल इतिहास में जसपाल राणा सबसे सफल खिलाड़ी हैं। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों में अपनी विरासत गढ़ी, जिसकी शुरुआत 1994 के विक्टोरिया खेलों में अपने यादगार डेब्यू से हुई थी।</p>
<p><strong>विक्टोरिया 1994 राष्ट्रमंडल खेल में जसपाल राणा</strong><br />उन्होंने साल की शुरुआत में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद जसपाल राणा कनाडा के विक्टोरिया में हुए 1994 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के सबसे होनहार युवा शूटिंग टैलेंट में से एक के तौर पर शामिल हुए।</p>
<p><strong>सिर्फ 18 साल की उम्र में अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया</strong> और राणा ने चार पदक जीते। उन्होंने 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल और सेंटर-फायर पिस्टल पेयर्स इवेंट में स्वर्ण हासिल किया, जबकि इंडिविजुअल 10 मीटर एयर पिस्टल में रजत और पेयर्स इवेंट में कांस्य पदक जीता।</p>
<p>जसपाल राणा ने बाद में अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय उस माहौल को दिया, जिसने उनके करियर की मजबूत नींव रखी, जो भारतीय खेल इतिहास के सबसे कामयाब करियर में से एक बना।</p>
<p>2022 में स्पोर्टस्टार के साथ एक इंटरव्यू में राणा ने याद करते हुए कहा, "वहां का माहौल बहुत अच्छा था और मैं अपने मेंटर और कोच टिबोर गोंज़ोल के शानदार मार्गदर्शन में अपनी शूटिंग पर ध्यान दे पाया।"</p>
<p><strong>राणा ने अटलांटा 1996 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया।</strong></p>
<p>कुआलालंपुर 1998 राष्ट्रमंडल खेल में जसपाल राणा का प्रदर्शन<br />विक्टोरिया गेम्स के चार साल बाद राणा शूटिंग में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद के तौर पर कुआलालंपुर पहुंचे।</p>
<p>हालांकि, उनकी तैयारी आसान नहीं थी। दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में बार-बार बिजली कटौती से इलेक्ट्रॉनिक टारगेट बेकार हो गए थे। साथ ही उपकरणों की दिक्कतों ने भी गेम्स के लिए उनकी तैयारी में काफी मुश्किलें खड़ी कीं।</p>
<p>1998 में इंडिया टुडे के साथ एक इंटरव्यू में, जब उनसे पूछा गया कि कुआलालंपुर जाने से पहले उन्हें सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत है, तो राणा ने बस एक शब्द में जवाब दिया - 'बिजली'।</p>
<p>लेकिन मुकाबला शुरू होने के बाद शुरुआती मुश्किलों का कोई खास असर नहीं पड़ा। राणा ने अपने 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल के इंडिविजुअल और पेयर्स दोनों खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड किए। इसके अलावा उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के  इंडिविजुअल और पेयर्स इवेंट में रजत पदक भी जीते, जिससे कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके कुल पदकों की संख्या आठ हो गई।</p>
<p><strong>मैनचेस्टर 2002 राष्ट्रमंडल खेल में जसपाल राणा</strong><br />मैनचेस्टर में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स राणा के करियर के सबसे शानदार खेल साबित हुए।</p>
<p>उन्होंने मैनचेस्टर में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते, जिनमें चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल थे। यह पदक उन्होंने 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल, 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में हासिल किए।</p>
<p>इनमें से एक स्वर्ण पदक उन्होंने समरेश जंग के साथ 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल पेयर्स इवेंट में जीता, जिससे भारतीय शूटिंग की सबसे सफल साझेदारियों में से एक की शुरुआत हुई।</p>
<p>अपने सफर को याद करते हुए राणा का मानते ​​हैं कि भारतीय शूटिंग को आगे बढ़ाने में कॉमनवेल्थ गेम्स ने अहम भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>राणा ने कहा,</strong> "कॉमनवेल्थ गेम्स के पेयर्स और इंडिविजुअल इवेंट ने हमें एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए अच्छी तरह तैयार किया।" </p>
<p>उन्होंने आगे कहा, "शूटिंग के लिए सरकार से मिलने वाली सारी मदद की शुरुआत उसी वजह से हुई थी।"</p>
<p><strong>मेलबर्न 2006 राष्ट्रमंडल खेल में जसपाल राणा</strong><br />अपने डेब्यू के बारह साल बाद राणा भारत के सबसे कामयाब और सम्मानित शूटर के तौर पर मेलबर्न में प्रतिस्पर्धा करने पहुंचे।</p>
<p>उन्होंने एक और पदक हासिल किया। यह स्वर्ण पदक उन्होंने समरेश जंग के साथ मेंस 25 मीटर सेंटर-फायर पिस्टल पेयर्स इवेंट में जीता और इस तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 15 पजक जीतकर एक दमदार रिकॉर्ड बनाया।</p>
<p>उनके नाम कुल नौ स्वर्ण, चार रजत और दो कांस्य पदक हैं, जो इन गेम्स में भारतीयों के लिए एक बेंचमार्क बना हुआ है।</p>
<p><strong>जसपाल राणा के कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल</strong></p>
<p>जसपाल राणा के CWG मेडल<br /><strong>मेडल      CWG संस्करण            इवेंट       </strong>  <br />स्वर्ण     1994 विक्टोरिया         25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल<br />स्वर्ण     1994 विक्टोरिय          25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स<br />स्वर्ण     1998 कुआलालंपुर      25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल<br />स्वर्ण     1998 कुआलालंपुर.     25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स<br />स्वर्ण     2002 मैनचेस्टर           25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल<br />स्वर्ण     2002 मैनचेस्टर           25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स<br />स्वर्ण     2002 मैनचेस्टर           25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल<br />स्वर्ण     2002 मैनचेस्टर           25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स<br />स्वर्ण     2006 मेलबर्न              25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल पेयर्स<br />रजत।   1994 विक्टोरिया         10 मीटर एयर पिस्टल<br />रजत     1998 कुआलालंपुर      10 मीटर एयर पिस्टल<br />रजत     1998 कुआलालंपुर      10 मीटर एयर पिस्टल पेयर्स<br />रजत     2002 मैनचेस्टर           10 मीटर एयर पिस्टल पेयर्स<br />कांस्य   1994 विक्टोरिया          10 मीटर एयर पिस्टल पेयर्स<br />कांस्य   2002 मैनचेस्टर            10 मीटर एयर पिस्टल</p>
<p><strong>भारतीय शूटिंग में जसपाल राणा की विरासत</strong><br />भारतीय शूटिंग पर राणा का असर उनके प्रतिस्पर्धी करियर के बाद भी कायम रहा। रिटायर होने के बाद उन्होंने कोच की भूमिका निभाई और देश के पिस्टल निशानेबाजों की अगली पीढ़ी को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p><strong>2018 और 2021 के बीच मनु भाकर के साथ काम किया था</strong>। इसके बाद राणा पेरिस 2024 ओलंपिक से पहले फिर से इस स्टार शूटर के साथ जुड़े।</p>
<p><strong>राणा के शानदार नेतृत्व में भाकर ने इतिहास रच दिया</strong>। आजादी के बाद एक ही ओलंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक हासिल किए।</p>
<p>नेशनल कैंप से अलग राणा ने जसपाल राणा शूटिंग अकादमी के जरिए उभरते हुए निशानेबाजों को गाइड किया और साथ ही भारतीय शूटिंग के हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम में अहम भूमिका निभाते रहे।</p>
<p>फरवरी 2025 में उन्हें 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए भारत का हाई-परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया।</p>
<p><strong>राणा का निधन </strong>जून 2026 में 49 साल की उम्र में हुआ। एक महीने बाद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने खेल में उनके लंबे समय तक दिए गए योगदान का सम्मान किया। जुलाई 2026 की राइफल और पिस्टल प्रतियोगिता का नाम बदलकर 'जसपाल राणा मेमोरियल इंडिया ओपन कॉम्पिटिशन' कर दिया।</p>
<p>यह महान खिलाड़ी के लिए एक उचित सम्मान था, जिसकी विरासत सिर्फ रिकॉर्डतोड़ पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय निशानेबाजी के विकास, नई प्रतिभाओं को निखारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने में उनके योगदान में भी दिखाई देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183985/indias-most-successful-athlete-in-commonwealth-games-jaspal-rana</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 10:13:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह के लिए तैयारियां अंतिम चरण में, 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570999060.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल होंगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दीक्षांत कार्यक्रम में एक से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता को भी मंच तक आमंत्रित किया जाएगा, जिससे वे अपने बच्चों की उपलब्धि के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बन सकें। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के छोटे बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण विषयक आयोजित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाषण प्रतियोगिता में कक्षा-7 की खुशी कुमारी, निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-8 की रंजनी गुप्ता तथा चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-8 की मधु को पुरस्कृत किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि जनभवन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर इस वर्ष दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से चार शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा पूर्व में ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया था। प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग के उपरांत चयनित शिक्षकों के नाम घोषित किए जाएंगे तथा उन्हें कुलाधिपति द्वारा मंच से सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के आठ शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण भी मंच से कुलाधिपति के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रतिफल है।  साथ ही स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को उनके संबंधित संकायाध्यक्षों के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इस बार समारोह की व्यवस्था पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित एवं सहभागी स्वरूप में की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति की उपस्थिति गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह के सभागार में रहेगी तथा वहां से संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में किया जाएगा। संबंधित संकायों के विद्यार्थी अपने-अपने संकायों में बैठकर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देख सकेंगे तथा इन स्थलों पर शिक्षकों की भी उपस्थिति रहेगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शुभम ने जीते दो-दो गोल्ड मेडल गोल्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p>संवाददाता असलम खान</p>
<p><strong>केराकत, जौनपुर।</strong> सिहौली गांव के निवासी शुभम यादव, शुभम ने बेंगलुरु के मैसूर में चल रहे 38 ऑल इंडिया पोस्ट टूर्नामेंट में दो गोल्ड मेडल जीता, अपने जनपद और राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया, शुभम यादव ने मेंस डबल्स और मिक्स डबल्स में गोल्ड मेडल जीता है, शुभम यादव डबल्स फाइनल में तमिलनाडु को सीधे सीटों में हराकर 21-15 और 22-20 हर के गोल्ड मेडल पर कब्जा किया l और मिक्स डबल्स शुभम यादव और मयूरी यादव ने मध्य प्रदेश के परमेश पाटीदार से 25-23 और 21- 16 से सीधे सीटों में हराकर उसमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146274/shubham-won-two-gold-medals-each"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241115-wa0013.jpg" alt=""></a><br /><p>संवाददाता असलम खान</p>
<p><strong>केराकत, जौनपुर।</strong> सिहौली गांव के निवासी शुभम यादव, शुभम ने बेंगलुरु के मैसूर में चल रहे 38 ऑल इंडिया पोस्ट टूर्नामेंट में दो गोल्ड मेडल जीता, अपने जनपद और राज्य का नाम पूरे देश में रोशन किया, शुभम यादव ने मेंस डबल्स और मिक्स डबल्स में गोल्ड मेडल जीता है, शुभम यादव डबल्स फाइनल में तमिलनाडु को सीधे सीटों में हराकर 21-15 और 22-20 हर के गोल्ड मेडल पर कब्जा किया l और मिक्स डबल्स शुभम यादव और मयूरी यादव ने मध्य प्रदेश के परमेश पाटीदार से 25-23 और 21- 16 से सीधे सीटों में हराकर उसमें भी गोल्ड मेडल जीता l</p>
<p>गोल्ड मेडल जीतने पर शुभम के कोच रूपेंद्र , आलोक और अलका मैम और टीम के सारे लोगों ने बहुत ढेर सारी बधाइयां दी, शुभम यादव इंटरनेशनल प्लेयर है जो भारत का प्रतिनिधित्व बहुत बार कर चुके हैं और भारत देश को गोल्ड मेडल विजेताएं हैं शुभम यादव का कहना है कि वह फ्यूचर में भारत देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करेंगे, शुभम यादव ने अपनी जीत का श्रेय Deuce बैडमिंटन अकादमी को दे रहे हैं, जहां पर शुभम यादव अपनी प्रेक्टिस कर रहे हैं शुभम यादव अभी दिल्ली में इंडियन पोस्ट डिपार्टमेंट में मैं जॉब करते हैं l और उनके आवास पर माता-पिता को ढेरों लोगों ने पहुंचकर ढेर सारी बधाई दी l</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/146274/shubham-won-two-gold-medals-each</link>
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                <pubDate>Sat, 16 Nov 2024 17:24:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय आर्म बॉक्सिंग मे जीता स्वर्ण पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर- </strong>लखनऊ में आयोजित द्वितीय आर्म बॉक्सिंग नेशनल चैंपियनशिप में बलरामपुर जनपद के रवि प्रताप ने 60 किलो भारवर्ग मे स्वर्ण पदक जीतकर जनपद का नाम रोशन किया है रवि प्रताप ने क्रमशः जम्मू कश्मीर और बिहार के खिलाड़ी को हराकर ये स्वर्ण पदक प्राप्त किया इस खुशी के सुअवसर पर उनके पिता बाबादीन आर्य और शिवकुमार गौतम ,राहुल वर्मा, कृष्णा, बाबूलाल लालजी, नीरज और सीमा आदि ने मिठाई खिलाकर हौसला बढ़ाया है इस जीत का श्रेय रवि प्रताप ने अपने गुरुजनों एवं मित्रों के सहयोग को बताया है इस कामयाबी से रवि प्रताप को क्षेत्रवासियो के द्वारा तरह-तरह के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145774/won-gold-medal-in-national-arm-boxing"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241026-wa0010.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर- </strong>लखनऊ में आयोजित द्वितीय आर्म बॉक्सिंग नेशनल चैंपियनशिप में बलरामपुर जनपद के रवि प्रताप ने 60 किलो भारवर्ग मे स्वर्ण पदक जीतकर जनपद का नाम रोशन किया है रवि प्रताप ने क्रमशः जम्मू कश्मीर और बिहार के खिलाड़ी को हराकर ये स्वर्ण पदक प्राप्त किया इस खुशी के सुअवसर पर उनके पिता बाबादीन आर्य और शिवकुमार गौतम ,राहुल वर्मा, कृष्णा, बाबूलाल लालजी, नीरज और सीमा आदि ने मिठाई खिलाकर हौसला बढ़ाया है इस जीत का श्रेय रवि प्रताप ने अपने गुरुजनों एवं मित्रों के सहयोग को बताया है इस कामयाबी से रवि प्रताप को क्षेत्रवासियो के द्वारा तरह-तरह के सराहना कर रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 27 Oct 2024 16:24:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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