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                <title>Swasthya Vibhag - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Swasthya Vibhag RSS Feed</description>
                
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                <title>खुदा मेहरबान तो गधा पहलवान </title>
                                    <description><![CDATA[ स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठ रहे हैं  सवाल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154326/god-is-kind-to-donkey-initiative"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1000352037.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>पटना, बिहार - </strong>लगता है स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ झाला कोई नई बात नहीं है।लगता है यहां लाइसेंस नियम कानून से नहीं बल्कि रूपचंद की खनक से चलता है। ताजा मामला अनुमंडलीय अस्पताल के मुख्य गेट के ठीक सामने सालो  से संचालित एक मेडिकल स्टोर  मां कमला मेडिकल (संचालक – सर्वेश कुमार)  का है जो इन दिनों न सिर्फ विवादों के घेरे में हैबल्कि चर्चा का विषय बना हुआ है।व जिले के स्वास्थ्य विभाग के मनमाने कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जा रहा है कि यह मेडिकल स्टोर  एनएच 327ई की सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बिना रोकटोक धड़ल्ले से चल रहा है। सबसे ज्यादा  हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग की जानकारी मेंसबकुछ  होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जबकि वार बार दुकानदार पर दबंगई व मरीजों को बहलाकर दुकान तक लाने का संगीन  आरोप लगता रहा है।आरोप है कि  दुकान संचालक और उसके गुर्गे  अस्पताल के भीतर जाकर  मरीजों और उनके परिजनों को बहलाकर दुकान तक लाते हैं। कई बार मरीजों को यह समझाया जाता है कि अस्पताल में उपलब्ध दवा नहीं मिलेगी और उन्हें इसी दुकान से खरीदनी होगी। बेचारे मरीज के परिजन  मजबूर होकर बाजार मूल्य से कहीं अधिक दाम परनन ब्रांडेड कम्पनी की  दवाइयाँ  खरीदने को विवश हो जाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे रहे यक्ष सवाल</strong></div>
<div style="text-align:justify;">जिले के स्वास्थ्य विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">1. औषधि निरीक्षक विभाग ने आखिर एनएच की जमीन पर  दुकान को लाइसेंस कैसे जारी कर दिया?</div>
<div style="text-align:justify;">2  एनएच विभाग को यह क्यो पता नहीं लगा  कि सरकारी   जमीन पर अवैध दुकान कैसे  चल  रही है?</div>
<div style="text-align:justify;">3. लंबे समय से चल रहे कारोवार का  खरीद-बिक्री का हिसाब-किताब कहां दर्ज है?</div>
<div style="text-align:justify;">4 .सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधनआखिर मोन क्यो है ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह दुकान वर्षों से अस्पताल के मरीजों को ठगने का अड्डा बनी हुई है। संबंधित विभाग निष्पक्ष जांच करें तो करोड़ों रुपए के हेरफेर का मामला सामने आ सकता है।वहीं कई लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की  मिलीभगत के बिना यह गोरखधंधा  इतने लंबे समय तक चलना  संभव ही नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रशासन की चुप्पी से  गहरा रहा है शक</strong></div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का यह भी मानना है कि विभागीय  अधिकारी   जानबूझकर कार्रवाई टाल रहे  है। अस्पताल के ठीक सामने एनएच की जमीन पर दुकान चलना किसी से छिपा नहीं है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक आंख मूंदे बैठे हैं। यह चुप्पी भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर सपष्ट  इशारा कर रही  है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कार्रवाई की मांग तेज</strong></div>
<div style="text-align:justify;">मामला प्रकाश में आने के बाद   अब क्षेत्र में प्रशासनिक सक्रियता की मांग उठने लगी है।आम लोगों का कहना है कि औषधि निरीक्षक दुकान की वैधता के गोरखधंधा की  जांच कर कार्यबाही करेऔर एनएच  अपनी जमीन सेतुरंत  अवैध कब्जा हटाए।स्थानीय जनप्रतिनिधियों का भी कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े ऐसे मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।अब देखना यह है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कब तक खामोश रहते हैं और कब इस पर सख्त कार्रवाई करते हैं? मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉक्टर ललन ठाकुर ने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर को जांच के लिए कहा गया है जांचों उपरांत कार्रवाई की जाएगी।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 18:15:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य विभाग के कार्यवाही में अवैध मिले दो पैथालॉजी सेंटर सील</title>
                                    <description><![CDATA[तमाम अवैध पैथालॉजी संचालक दुकान बंद कर हुए फरार ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152980/two-pathology-centers-found-illegal-in-health-department-proceedings"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250705-wa00311.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>महराजगंज। </strong>मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ श्रीकांत शुक्ला के निर्देशन में डिप्टी सीएमओ डाॅ राजेश द्विवेदी ने बरगदवा व ठूठीबारी में स्थित पैथालॉजी केन्द्रों का जांच किया। जांच में दोनों पैथालॉजी सेंटर अपंजीकृत मिले। जिसे विभाग द्वारा सील कर दिया गया। इसकी जानकारी देते हुए डिप्टी सीएमओ डाॅ राजेश द्विवेदी ने बताया कि चार जुलाई को निचलौल के ठूठीबारी रोड मंडी गेट के 100 कदम उत्तर स्थित डी के पैथालॉजी सेंटर का निरीक्षण  किया गया। निरीक्षण के दौरान पैथालॉजी सेंटर पर ग्राम विशुनपुरा पोस्ट निचलौल निवासी दिनेश गुप्ता उपस्थित मिले।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250705-wa0034.jpg" alt="IMG-20250705-WA0034" width="1200" height="1600"></img></div>
<div>पंजीकरण के संबंध में दस्तावेज की मांग पर प्रस्तुत नहीं किया गया। बिना पंजीकरण के पैथालॉजी सेंटर संचालित किए जाने के कारण पैथालॉजी सेंटर को सील कर दिया गया। इसी प्रकार बरगदवा बाजार मेन रोड पर सेंट्रल पैथालॉजी सेंटर का निरीक्षण किया गया। सेंटर पर रामलगन चौधरी निवासी निवासी विशुनपुरा पोस्ट दोगघरा उपस्थित मिले। इनसे भी पैथालॉजी सेंटर के पंजीकरण के सम्बन्ध में दस्तावेज मांगने पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका। बिना पंजीकरण के पैथालॉजी सेंटर संचालित किए जाने के कारण सेंटर को सील कर दिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 21:03:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी तरीके से संचालित नर्सिंग होमो पर कार्यवाही करने से कतरा रहा है स्वास्थ्य विभाग </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर-</strong> पचपेड़वा कस्बे का जुड़ीकुइयां चौराहा व आसपास क्षेत्र में नर्सिंग होम चलाने वाले डॉक्टरों का चारागाह बना हुआ है बताते चलें की पचपेड़वा  कस्बे के जूड़ी कुइयां चौराहा व इसके आसपास डेढ़ दर्जन से अधिक नर्सिंग होम संचालित है आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि यहां के नर्सिंग होम में बतौर काम कर रहे लोग बिना किसी डिग्री व रजिस्ट्रेशन के अपने पूर्व संचालक से किसी बात पर नाराज होकर फर्जी नर्सिंग होम का संचालन शुरु कर देते हैं सी एच सी अधिक्षक विजय कुमार  बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिंग होम पर छापा मार कर फर्जी नर्सिंग होम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146525/health-department-is-hesitating-to-take-action-against-fraudulently-operated"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241004-wa0137.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर-</strong> पचपेड़वा कस्बे का जुड़ीकुइयां चौराहा व आसपास क्षेत्र में नर्सिंग होम चलाने वाले डॉक्टरों का चारागाह बना हुआ है बताते चलें की पचपेड़वा  कस्बे के जूड़ी कुइयां चौराहा व इसके आसपास डेढ़ दर्जन से अधिक नर्सिंग होम संचालित है आश्चर्य जनक तथ्य यह है कि यहां के नर्सिंग होम में बतौर काम कर रहे लोग बिना किसी डिग्री व रजिस्ट्रेशन के अपने पूर्व संचालक से किसी बात पर नाराज होकर फर्जी नर्सिंग होम का संचालन शुरु कर देते हैं सी एच सी अधिक्षक विजय कुमार  बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिंग होम पर छापा मार कर फर्जी नर्सिंग होम संचालको से कागजात दिखाने के लिए सी एच सी पर बुलाते हैं चेतावनी भी देते हैं लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती है यह तो एक उदाहरण है ।</div>
<div> </div>
<div>इस तरह अनेक लोग बिना किसी डिग्री के कुछ दिनों तक नर्सिंग होम पर काम करके नर्सिंग होम खोलकर बैठ जाते हैं और भोली-भाली जनता को जांच दवा व अन्य प्रकार से शोषण करते हैं यहां तक कि नर्सिंग होम में स्वयं का मेडिकल स्टोर भी लोगों ने अवैध रूप से संचालित कर रखा है जबकि यहां पूरी मानक गुणवत्ता होने के बाद भी नर्सिंग होम संचालक मात्र कुछ जीवन रक्षक दवाएं ही रख सकते हैं इसी प्रकार जूड़ी कुइयां चौराहे से नेशनल हाईवे एन एच 730 पर ही एक रीयांस लखनऊ पांली क्लीनिक भी फर्जी तरीके से संचालित है इसी प्रकार  इसी जूड़ीकुइयां एक नर्सिंग होम से नवजात शिशु बेचने के प्रकरण में एक नर्सिंग होम सील हो चुका है। </div>
<div> </div>
<div>यह घटना पूरे जनपद व सिद्धार्थ नगर में चर्चा का केंद्र बन चुका है इन नर्सिंग होमो पर 7 माह 8 माह 9 माह के गर्भस्थ शिशु को आपरेशन करने में तनिक भी देर नहीं लगाते है समय पर सामान्य प्रक्रिया के तहत जन्म लेने वाले बच्चों के मामले में भी नर्सिंग होम संचालक 10 से 20 हजार रुपए उतार लेते हैं इस संबंध में वार्ता के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वतंत्र प्रभात संवाददाता से बताया कि शीघ्र ही वृहद स्तर पर छापे मारी कर अवैध नर्सिंग होम संचालन की तैयारी स्वास्थ्य विभाग जुटा हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Nov 2024 16:31:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य महकमे में समाजवादी के भ्रष्टाचारी का बोलबाला</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में जमकर हो रहा है भ्रष्टाचार एनएचएम व एनएचआरएम घोटाले के आरोपी पूर्व विधायक व सपा नेता व उनके परिजनों की फर्में कर रही हैं स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई बंद किया जाय  ब्लैकलिस्टेड फर्मों द्वारा स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई मामले में भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा पहुंचे हाईकोर्ट स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की मिलीभगत से एनएचआरएम घोटाले के दोषी बहराइच के पूर्व विधायक की प्रतबन्धित फर्मों द्वारा बलिया से बस्ती तक सूबे के अधिकांश जिलों में किये जा रहे स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई तत्काल बंद कराने दोषी फर्म तथा फर्म मालिक व विभागीय निर्देशों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146066/samajwadis-corrupt-people-dominate-the-health-department"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/img-20241107-wa0213.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में जमकर हो रहा है भ्रष्टाचार एनएचएम व एनएचआरएम घोटाले के आरोपी पूर्व विधायक व सपा नेता व उनके परिजनों की फर्में कर रही हैं स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई बंद किया जाय  ब्लैकलिस्टेड फर्मों द्वारा स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई मामले में भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा पहुंचे हाईकोर्ट स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की मिलीभगत से एनएचआरएम घोटाले के दोषी बहराइच के पूर्व विधायक की प्रतबन्धित फर्मों द्वारा बलिया से बस्ती तक सूबे के अधिकांश जिलों में किये जा रहे स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई तत्काल बंद कराने दोषी फर्म तथा फर्म मालिक व विभागीय निर्देशों व जनहित को अनदेखा कर सप्लाई व भुगतान में सहयोगी विभागीय बाबू, चिकित्सक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही को लेकर जनपद के चर्चित समाजसेवी व भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने अपने विद्वान अधिवक्ता कन्हैयालाल तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट प्रयागराज में आज जनहित याचिका दाखिल कर दिया ।</div>
<div> </div>
<div>अपने वाद पत्र में श्री पाण्डेय ने सूबे के गोण्डा,बहराइच, अयोध्या, आजमगढ़, देवरिया, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, कौशाम्बी व बलिया सहित तीन दर्जन से अधिक जनपदों के साथ साथ बस्ती मंडल में भी दवा व अन्य स्वास्थ्य संसाधनों की सप्लाई बहराइच जिले के पूर्व विधायक व सपा नेता मुकेश श्रीवास्तव व अन्य परिजनों के नाम से संचालित फर्मों द्वारा स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की मिली भगत से कराये जाने के संदर्भ में शपथपत्र के साथ बताया कि विभिन्न माध्यमों से मिली पुष्ट जानकारी के क्रम में कुछ अनापेक्षित व ब्लैकलिस्टेड फर्मे यहां तक कि सीबीआई से चार्जशीटेड व एनएचआरएम व एनएचएम घोटाले के आरोपी सपा के पयागपुर बहराइच के पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव व उनसे सम्बन्धित परिजनों की फर्में सूबे के अनेकों जनपदों की भांति बस्ती मंडल के सभी जनपदों में भी दशकों से तैनात चिकित्सक व बाबू तथा मुख्यचिकित्सा अधिकारी की मदद से कार्यरत हैं।</div>
<div> </div>
<div>जिसकी जांच कर आवश्यक कार्यवाही की मांग पूर्व में 25/04/2024 व 08/08/2024 को सम्बन्धित अधिकारियों को सौंपे पत्र के माध्यम से किया किन्तु कार्यवाही तो दूर कोई प्रतिउत्तर नहीं मिला जबकि बलिया जनपद के संदर्भ में उ.प्र.सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 29/09/2022को देवीपाटन मंडल के संदर्भ में पयागपुर बहराइच से भाजपा विधायक सुभाषत्रिपाठीने23/10/2023 को तथा अयोध्या के संदर्भ में स्टेट चेयरमैन जनार्दन पाठक ने 14/09/2024 को शिकायत माननीय मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से किया है।</div>
<div> </div>
<div>जिसके क्रम में आयुक्त देवीपाटन मंडल के निर्देश में गठित जांच टीम के सदस्य मुख्य विकास अधिकारी गोण्डा, सिटी मजिस्ट्रेट गोण्डा व वित्त एवं लेखाधिकारी जिलापंचायत गोण्डा ने सिर्फ गोण्डा जनपद में वर्ष 23-24 में माया इण्टर प्राइजेज व जे.एम.फार्माको20,65,5340रूपये का नियमविरुद्ध भुगतान का रिपोर्ट जांच कर दिया है। तथा हम लोगों के उक्त शिकायत को संज्ञान लेते हुए 6 नवम्बर 2023को सचिव उ.प्र.शासन रंजन कुमार ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित किया है कि बी पैमाने पर भ्रष्टाचार में संलग्न हैं तो सत्ता पाकर तो ये सूबे को भ्रष्टाचार की आग में झोंक देंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 17:03:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएचसी तुलसीपुर में आशा उत्पीड़न का एक और मामला हुआ उजागर </title>
                                    <description><![CDATA[आखिर जिला प्रशासन सुमन्त सिंह के कई गम्भीर मामलों में संलिप्ता पर भी नही कर रहा प्रशानिक कार्यवाही क्यो?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145165/another-case-of-asha-harassment-exposed-in-chc-tulsipur%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/110.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>आशाओ के तमाम आरोप पर जांच कमेटियों द्वारा बयान दर्ज के बाद भी मौन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर- </strong>सरकार स्वास्थ सेवाओ को लेकर जहां सरकार तमाम देशवासियों के स्वास्थ को लेकर संकल्प लेते हुए तमाम योजनाएं संचालित करती है जिनका लाभ आम जनमानस को मिले और इसके संचालन को लेकर लाखों करोड़ों रुपए स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर स्वास्थ विभाग के माध्यम से सरकारी स्वास्थ केंद्रों के प्रदान किया जाता है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सके। लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार के चलते तमाम योजना का लाभ आम जनता तक पहुंचने से पहले विभागीय भृष्ट अधिकारियो के मौज का सामान बन जाता है और भ्रष्टाचार में लिप्त जिम्मेदार सरकारी धन अवैध रूप से अर्जित करते है फिर कैसे सरकारी स्वास्थ सेवाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे।</div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ विभाग बलरामपुर की बात करें तो पूर्व अधीक्षक तुलसीपुर और आशा विवाद के मामले इस समय काफी चर्चाओं में है। जहां सीएससी तुलसीपुर के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर सुमन सिंह चौहान का कई कारनामा उजागर हुआ है। जिसमें कई आशाओं से अभद्रता के साथ अपने आवास से चहेती आशाओ द्वारा निजी दवा के बिकवाने ,आशा नियुक्तियों में फर्जी बाड़ा और शासनादेश की अनदेखी करने के साथ चहेती आशाओं से बिना किसी महिला चिकित्सा के मरीजो का प्रसव करवाना और जबरन अपनी महंगी दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य करना के साथ अन्य आशाओं का मानदेय अपने चाहते आशाओं के अकाउंट में भेजना के साथ अगर कोई आशा किसी गरीब मरीज को सीएचसी तुलसीपुर ला कर प्रसव करवाती तो उसे दवा न खरीदने पर डिस्चार्ज न करने और डिस्चार्ज रसीद कई हफ्ते न देने व अन्य कई मामले प्रकाश में आए हैं</div>
<div> </div>
<div>जिसको लेकर कई आशाओं ने अपनी शिकायत स्थानीय जिम्मेदारी से लेकर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी शिकायत दर्ज करवाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद स्वास्थ विभाग बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुकेश रस्तोगी के द्वारा उसके जघन्य अपराध को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है और मामले को जांच की आड़ में दबाने का प्रयास अब तक जारी है । जबकि कई आशाओं ने बताया कि उक्त मामले को लेकर हमारा बयान 3 सदस्यीय टीम के सामने 15 दिन पहले ही दर्ज करवाया गया है लेकिन अब तक जांच होने के बाद भी सुमन्त सिंह चौहान पर कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।</div>
<div> </div>
<div>सिर्फ उनका ट्रांसफर तुलसीपुर सीएससी केंद्र से हटाकर सीएचसी केंद्र श्रीदत्तगंज पर कर दिया गया है। इसके अलावा अब तक विभागीय कारवाई शून्य देखी जा रही है। जबकि उनके ऊपर फर्जी दस्तावेज में कूट रचित ढंग से आशा सावित्री प्रकरण पर माफी नामा लगवाने की जानकारी भी सामने आई है । फिर आखिर किन कारण से स्वास्थ विभाग बलरामपुर के सीएमओ पूर्व अधीक्षक को अब तक बचा रहा है जबकि आशाओं पर मामला वापस लेने के लिए लग़ातार दबाव बनाए गए हैं की जानकारी सूत्रों से मिल रही लेकिन फिर भी जिले के उच्च अधिकारी अबभी मामले को दबा रहे हैं जबकि सूत्रों की माने तो स्थानांतरण के बाद आज भी तुलसीपुर में डॉक्टर सुमन सिंह चौहान के द्वारा स्थानीय कर्मचारियों और आशाओं पर दबाव और धमकी का सिलसिला अब भी जारी है।</div>
<div> </div>
<div>जिसके कारण कुछ कर्मचारी और आशाएं भयभीत होकर उनके पक्ष की बात करने और उनके पक्ष में बयान देने को मजबूर है। वही शिकायत पत्र देने वाली आशाओं और उनके परिवार डॉ सुमन्त सिंह से भयभीत दिख रहे कि हमारे साथ कुछ भी करवाया जा सकता है लेकिन फिर भी स्वास्थ विभाग के द्वारा ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई न करते हुए उन्हें साफ बचाया जा रहा है वहीं अगर अपराध मुक्त भारत की बात करने वाले उत्तर प्रदेश सरकार की बात की जाए तो दावे सिर्फ किताबी साबित हो रहे हैं। बाकी जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 16:16:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएचसी तुलसीपुर में पूर्व अधीक्षक डा सुमन्त सिंह के कार्यकाल में आये उपकरण की चोरी का अबतक नही हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[खबर प्रकाशन के एक सप्ताह बीतने के बाद भी अबतक नही हुई विभागीय कार्यवाही ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145022/the-theft-of-equipment-in-chc-tulsipur-during-the-tenure"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/hindi-divas49.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर- </strong>जहां सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तमाम तरह दावे करती है और स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा और मांनक की बात करती है तो वहीं विभागीय भ्रष्टाचार का आलम यह है की विभाग में आए हुए तमाम चिकित्सा उपकरण द्वारा मरीजों की सुविधाओ के लिये दिए जाने की बात सामने आ रही है । आपको बताते चले कि मामला जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा हुआ है जहां लगभग पूर्व में एक वर्ष लाखों रुपए के स्वास्थ उपकरण की खरीदारी के लिए विभाग के द्वारा धन प्रदान किया जाता है और खरीदारी कर सीएचसी में स्वास्थ सेवाएं बेहतर करने की बात होती है।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन आये सामानों का फोटो शूट के बाद सारे सामान लापता हो जाते हैं । जबकि सुरक्षा की बात की जाए तो सीएचसी तुलसीपुर में अस्पताल परिसर से लेकर तमाम वार्डो तक के कैमरे लगाए गए हैं। उसके बाद भी इस प्रकार से उपकरणों का लापता हो जाना अपने आप में एक बड़ा सवाल उत्पन्न कर रहा है ।जहां देखा यह जा रहा है कि अधीक्षक सुमन्त सिंह चौहान की कार्यकाल में लगाए गए उपकरण उनके सहयोगियो के द्वारा इनके मिलीभगत से ही उतार कर भेज देने के बाद भी सामने आ रही है।</div>
<div> </div>
<div>तो वहीं सूत्रों द्वारा विभाग के द्वारा लैपटॉप खरीदारी की बात भी सामने आ रही है जिसमें लैपटॉप खरीदने और उसके पेमेंट को लेकर बड़ा खेल खेला जाने की बात सामने आ रही है। सूत्र बताते हैं कि लैपटॉप खरीदारी में जो बिल प्रयोग किया गया है वह बिल फर्जी है और फोटो शूट कर उसका पेमेंट दिखाकर विभाग को संतुष्ट किया गया है । बाकी पुराने लैपटॉप से विभाग के काम करवाने की बात सामने आ रही है इसको लेकर जब खबर प्रकाशित की जाती है तो विभाग में हुई चोरी की टीम गठित कर मामले की जांच का आश्वासन सीएमओ मुकेश रस्तोगी की द्वारा की जाती है। </div>
<div> </div>
<div>लेकिन मामले को लगभग एक सप्ताह बीतने को है लेकिन विभाग के द्वारा जांच और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ अब तक आश्वासन ही दिया जा रहा है। जबकि ऐसे मामले का अब तक खुलासा न होना अपने आप में एक बड़ा सवाल उत्पन्न कर रहा है । वही विभाग के दावेदारी की बात की जाए तो सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिल रही कि स्वास्थ विभाग बलरामपुर के कुछ अधिकारियों की भी इसमें मिली भगत देखी जा रही है जिसके चलते मामले का खुलासा अब तक नहीं किया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>और ऐसे मामले में लीपापोती की जारही है की बात सामने आरही। अस्पताल सुरक्षा की बात की जाए तो इतनी सुरक्षा के बावजूद भी सीएचसी तुलसीपुर से लाखो के सामानों की चोरी हो जाना अपने आप में एक बड़ा सवाल है वही स्टोर इंचार्ज के दायित्व पर भी बड़े सवाल खड़े हो रहे। जहां एक मोबाइल चोरी होने पर कार्रवाई हो जाती है तो वहीं ऐसे तमाम सामान की चोरी होने पर अब तक प्रशासनिक कार्यवाही क्यों नहीं की गई और अब तक मामले का रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराया गया आखिर क्यों ? जिससे ऐसा लगता है कि विभागीय भ्रष्टाचार के दलदल में विभाग के उच्च अधिकारी तक फंसे हुए हैं जिसके कारण मामले को ठंडे बस्ते में डाल दोषियों को बचाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div> वही अगर अस्पताल कर्मियों की बात की जाय तो मौन स्वीकृति के चलते ही ऐसा कार्य किया गया है इसमें डॉ सुमन्त सिंह चौहान और उनके चाहतों की अहम भूमिका है जिसकी जांच विभाग के द्वारा अगर निष्पक्ष जांच करवाया जाय तो चोरी के रॉज खुलेंगे। लेकिन यहां जिम्मेदार ऐसे मामलों में कार्रवाई न कर अपना और अपने विभागीय अधिकारियों का बचाव कर रहा है की बात सामने आ रही है ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Sep 2024 16:57:48 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्वास्थ विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के हाथ कानून के हाथ है लंबे</title>
                                    <description><![CDATA[कैसे लगे विभागीय भ्र्ष्टाचार पर अंकुश जब भृष्ट अधिकारियों को विभाग देता रहेगा संरक्षण की होगी बात]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144566/the-corruption-prevalent-in-the-health-department-is-at-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/5.jpg" alt=""></a><br /><div>एक पुरानी कहावत है कि तू डाल डाल मैं पात पात की अगर समीक्षा की जाए तो इस समय स्वास्थ विभाग पर यह सटीक बैठता दिखाई देता है और इसी के सहारे जमकर भ्र्ष्टाचार का बोल बाला होने की तस्वीर सामने आ रही है । वही भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के लिए जहां योगी सरकार लग़ातर सरकारी विभागों के सिस्टम में लगे दीमक से विभाग को पाक साफ करने के लिए लगातार शासन स्तर पर निर्देशो के साथ तबादला एक्सप्रेस चला कर सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार पर पूर्ण अंकुश लगाया जा सके और सरकारी संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके की कवायद कर रही । लेकिन भ्रष्टाचारियों के लिए भ्र्ष्टाचार का रास्ता निकालना कितना आसान है यह धरातल पर व्याप्त भ्र्ष्टाचार की तस्वीरों से पता लगता है और उसी के सहारे विभागीय जिम्मेदार भ्रष्टाचार करके राजस्व की मलाई काटने में लगे रहते हैं ।</div>
<div> </div>
<div>जहां सरकारी कर्मचारी अपने वेतन से कई गुना अधिक अवैध धन भ्रष्टाचार करते हुए अर्जित करता है और कुछ ही वर्षों में वह करोड़पति बन जाता है। जिसमें तमाम तरह की योजनाएं जो सरकार के द्वारा संचालित होती है और जिनका लाभ गरीबों असहाय और निर्बल वर्ग के लिए होता है वह सारा कुछ हजम कर वह सम्बन्धित विभागीय अधिकारी करोड़पति बन जाता है। जबकि सरकारी डाटा तो यह बताता है कि संचालित सरकारी योजना का लाभ गरीबो को सदैव मिल रहा है ।</div>
<div> </div>
<div>और तमाम योजनाओ के माध्यम से गरीबों असहाय निर्बल वर्ग को इसका लाभ प्रदान किया जा रहा है। और इतने लोगों को इस योजना का लाभ दिया गया है। अगर बात की जाए स्वास्थ्य विभाग की तो स्वास्थ विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार पर अंकुश नही लग पा रहा है औऱ उस पर लगाम लगाना मुश्किल साबित हो रहा है। जिसके कारण स्वास्थ विभाग में फैला भ्र्ष्टाचार अपने चरम पर है।</div>
<div> </div>
<div>बात करते हैं जनपद बलरामपुर के स्वास्थ विभाग की जहां सरकारी दवावों से लेकर जांच व तमाम योजनाओं के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदर बांट किया जाने का मामला प्रकाश में आया है। जहां जनपद बलरामपुर के तुलसीपुर सीएससी केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर सुमन्त सिंह चौहान का ऐसा कारनामा उजागर हुआ है जिसको जान कर आपके होश उड़ना स्वभाविक है जहां करोडो की संपत्ति अर्जित करने के लिए तमाम योजनाओं के माध्यमसे आया सरकारी धन कई खातों व कई मोबाइल नंबरों के सहारे जमकर भ्रष्टाचार किया गया है ।</div>
<div> </div>
<div>जिसमें अगर सूत्र की माने तो 18 मोबाइल नंबर के साथ लगभग 36 अकाउंट संचालित हो रहे हैं दिन में कई पेटीएम अकाउंट और गूगल का भी प्रयोग किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि सुमन्त सिंह चौहान के द्वारा उसके साथ रहने वाले चहेते लोगो जिनमे घरेलू नौकर ड्राइवर और कई आशाओं सीएससी कर्मियों के नाम अनेक बैंकों में खाते खुलवाए गए और उन खातों का प्रयोग डॉक्टर सुमन सिंह चौहान के द्वारा किया जा रहा है की जानकारी सूत्रों से बाहर आई है जिसके माध्यम से सरकारी धन का लगातार बंदरबांट होने की बात सामने आ रही है ।जो बड़ा जांच का विषय है। और अगर इसकी जांच किसी अन्य एजेंसी के द्वारा करवाई जाए तो करोड़ों के भ्रष्टाचार का खेल उजागर होगा तो वही तमाम ऐसे चेहरे भी बेनकाब होंगे जो पर्दे के पीछे हैं और राजस्व की मलाई काटने के बराबर के हिस्सेदार हैं । </div>
<div> </div>
<div>इसी क्रम में अगर बात की जाए करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की जिस पर भी जांच समिति बिठाया जाए की इतना धन किस माध्यम से और कहां से आया है । लेकिन स्वास्थ विभाग उसे अब भी बचाने में लगा है जिस कारण अब तक ऐसे पर न कोई कार्रवाई की गई है और न ही जांच समिति बिठाकर इनके 9 साल के कार्यकाल की समीक्षा की गई है कि आखिर 9 साल के अंदर इन्होंने कहां से और कैसे इतनी संपत्ति अर्जित की और किन-किन माध्यम से उनके पास पैसा आया ।</div>
<div> </div>
<div>लेकिन विभागीय अधिकारियों के द्वारा सिर्फ उसका स्थान बदल कर लीपापोती की जा रही है और उसको तुलसीपुर सीएचसी से हटा श्रीदत्तगंज ट्रांसफर कर मामले को रफादफा करने का बड़ा खेल स्वास्थ विभाग के द्वारा किया गया जबकि उसपर पिछले मामलों में आपराधिक मुकदमें भी थाना तुलसीपुर में न्यायालय के निर्देश के बाद पंजिकृत है उसके बाद भी उसको क्लीन चिट देने का आखिर कारण क्या।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 17:08:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सीएमओ बस्ती नहीं मानते हैं योगी सरकार का आदेश , शासनादेशों के विपरीत दशकों से जिले में जमें हैं डाक्टर</title>
                                    <description><![CDATA[ _शासनादेश के विपरीत इतने दिनों तक कैसे एक ही जगह जमें डाक्टर , शासन व सीएमओ पर उठ रही अंगुलियाँ_ ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144167/cmo-basti-does-not-follow-the-orders-of-yogi-government"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img-20240820-wa0046.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>बस्ती।</strong> स्तीजनपद के स्वास्थ्य विभाग में दाम्पत्य नीति की आड़ में जनपद में दर्जनों डाक्टर दशकों से जमें हुए हैं और निजी प्रैक्टिस में गोते लगाते हुए गरीबों का खून चूस रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ को कमियाँ नजर नहीं आ रही हैं मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में इस समय बहुत बड़ा स्थानान्तरण घोटाला चल रहा है जिसके चलते कुछ चुनिंदा डाक्टर शासनादेशों के विपरीत एक ही जनपद में दशकों से जमे हुए हैं ।</div>
<div> </div>
<div>हलांकि इन चुनिंदा डाक्टरों को सीएमओ का भरपूर संरक्षण भी मिल रहा है तभी तो इन डाक्टरों में से अधिकांश को दाम्पत्य नीति का चोला ओढ़ाकर सुरक्षित कर दिया गया है और लगभग सभी डाक्टर सरकारी नौकरी में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए अपने निजी अस्पताल का संचालन कर रहे हैं । कोई डाक्टर इतने दिनों तक एक ही जिले में कैसे जमा हुआ है  चर्चा का विषय बनना लाजिमी हो जाता है ।</div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो इस स्थानान्तरण घोटाले का तार जिले के सीएमओ से लेकर शासन तक जुड़ा हुआ है इसे प्रशासनिक चूक कदापि नहीं कहा जा सकता बल्कि यह घोटाला सोची समझी रणनीति के तहत चल रहा है । प्रदेश के तेजतर्रार स्वास्थ्य मंत्री माननीय ब्रजेश पाठक के भी  आँख में धूल झोंकने में जनपदीय स्वास्थ्य विभाग के मुखिया सीएमओ जरा सा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 16:54:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>न्यू लाइफलाइन हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी,हॉस्पिटल सील</title>
                                    <description><![CDATA[<div>बलरामपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनपद में चल रहे कई हॉस्पिटलों पर छापेमारी करते हुए मानक और मान्यता की जांच की है। जिसमे एक अस्पताल अवैध रूप से संचालित पाया गया है। जिसको स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया गया है। संचालक के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया है। साथ ही मानक मान्यता ना पूरा करने वाले पांच हॉस्पिटलों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।</div>
<div>  </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उतरौला क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पांच हॉस्पिटल मानक मान्यता को पूरा नहीं करते पाए गए है और एक हॉस्पिटल पूर्णतया फर्जी पाया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143849/health-department-raid-on-new-lifeline-hospital-hospital-sealed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/hindi-divas19.jpg" alt=""></a><br /><div>बलरामपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनपद में चल रहे कई हॉस्पिटलों पर छापेमारी करते हुए मानक और मान्यता की जांच की है। जिसमे एक अस्पताल अवैध रूप से संचालित पाया गया है। जिसको स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया गया है। संचालक के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करवाया है। साथ ही मानक मान्यता ना पूरा करने वाले पांच हॉस्पिटलों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।</div>
<div> </div>
<div>स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उतरौला क्षेत्र में छापेमारी के दौरान पांच हॉस्पिटल मानक मान्यता को पूरा नहीं करते पाए गए है और एक हॉस्पिटल पूर्णतया फर्जी पाया गया है, जिसके पास किसी प्रकार का कोई लाइसेंस मौजूद मिला है जो अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान उतरौला डुमरियागंज मार्ग पर स्थित नियो हॉस्पिटल, सावित्री हॉस्पिटल, बरमभारी में स्थित लाइफ लाइन हॉस्पिटल और पेहर बाजार मे रॉयल फार्मेसी में कई कमियां पाई गई है। जिनको स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।नोटिस देकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। </div>
<div> </div>
<div>साथ ही उतरौला मनकापुर मार्ग पर स्थित न्यू लाइफलाइन हॉस्पिटल एंव जच्चा बच्चा केंद्र में काफी कमियां पाई गई है।जो मानक मान्यता को पूरा नहीं करता पाया गया है। अस्पताल संबंधी कोई कागजात लाइसेंस नहीं पाए गए हैं अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं मिले हैं। अस्पताल में सिर्फ एक महिला स्टाफ मौजूद मिली है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सेल करते हुए संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।</div>
<div>वही अस्पताल में भार्ती एक महिला मरीज को सीएचसी उतरौला में एडमिट कर दिया गया है। </div>
<div> </div>
<div>मामले पर जानकारी देते हुए एडीसीएनएल सीएमओ ने बताया कि छापेमारी का अभियान लगातार जारी है।अब तक दो के ऊपर कार्यवाही हो चुकी है।अवैध संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।वही अन्य 5 को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Aug 2024 16:49:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्लीनिक के नाम पर चल रहा 10 बेड का अस्पताल स्वास्थ्य विभाग बना अंजान </title>
                                    <description><![CDATA[जहां देखो वहां कुकुरमुत्ता की तरह नर्सिंग होम खुल गए हैं ना डॉक्टर हैं ना कंपाउंड है ना नर्स है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143798/10-bed-hospital-running-in-the-name-of-clinic-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/hindi-divas12.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कौशाम्बी।</strong> पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में लकवा सेंटर के पास अब एक और नया क्लीनिक बीते कई वर्षों से संचालित हो रहा है इस क्लिनिक की आड़ के दस बेड का अस्पताल बीते कई वर्षों से संचालित हो रहा है जहां मरीजों के इलाज के नाम पर चिकित्सक मौजूद नहीं है कम पढ़े लिखे लोग कथित चिकित्सक यहां मरीजों का इलाज करते हैं जिससे मरीजों का मर्ज ठीक होने के बजाय दिनों दिन बढ़ता जाता है फिर उन्हें रेफर किया जाता है और बड़े अस्पतालों से बड़ा कमीशन वसूल जाता है लेकिन फिर भी मर्ज ठीक नहीं होता है मरीज की जिंदगी बचाने के बजाय अस्पताल संचालक रोगियों को दर्द देकर धन वसूली में लगे है।</div>
<div> </div>
<div>आखिर कथित चिकित्सकों के द्वारा नर्सिंग होम का संचालक कई वर्षों से कैसे किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी तक इस अवैध अस्पताल को बंद करने में क्या कार्रवाई कर रहे हैं इस अस्पताल के संचालक को देखने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं अस्पताल में डिग्री होल्डर फार्मासिस्ट नहीं है पढ़ी लिखी नर्स नहीं है योग्य कंपाउंड नहीं है लेकिन उसके बाद दस बेड कब अस्पताल का संचालन किए जाने से पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हैं कि कैसे अंधेर गर्दी मची है जहां देखो वहां कुकुरमुत्ता की तरह नर्सिंग होम खुल गए हैं।</div>
<div> </div>
<div>ना डॉक्टर हैं ना कंपाउंड है ना नर्स है लेकिन फिर भी कथित चिकित्सक बड़े-बड़े मर्ज के इलाज करने का दावा कर मरीजों को लूट रहे हैं जहां मरीजों का मर्ज ठीक होने के बजाय उन्हें मौत मिल रही है क्षेत्र के लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए लकवा सेंटर के पास मनौरी में संचालित क्लीनिक की आड़ में इस नए अस्पताल की जांच कर कठोर कार्यवाही किए जाने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 04 Aug 2024 16:17:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांव कटरा में मेडिकल कैम्प लगाकर बाढ़ पीड़ितों को दवा वितरण किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>उतरौला/बलरामपुर </strong>जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांव कटरा में मेडिकल कैम्प लगाकर बाढ़ पीड़ितों को दवा का वितरण किया जा रहा है। इसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला अधीक्षक सीपी सिंह ने‌ देते हुए बताया कि जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित गांव कटरा का दौरा किया था उस दिन उन्होंने विभाग को इस गांव में स्वस्थ्य कैम्प लगाने‌ का निर्देश दिया था। इस पर शनिवार को कटरा गांव में स्वास्थ्य कैम्प लगाया गया।</div>
<div>  </div>
<div>इस कैम्प में डा पकज गुप्ता व डा नसरूदीन, फार्मेसिस्ट अहमद, आंख विशेषज्ञ शैलेन्द्र राव, एल टी मुकेश कुमार मौर्य,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143197/on-the-instructions-of-district-magistrate-pawan-aggarwal-the-health"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/25.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>उतरौला/बलरामपुर </strong>जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित गांव कटरा में मेडिकल कैम्प लगाकर बाढ़ पीड़ितों को दवा का वितरण किया जा रहा है। इसकी जानकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला अधीक्षक सीपी सिंह ने‌ देते हुए बताया कि जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बाढ़ प्रभावित गांव कटरा का दौरा किया था उस दिन उन्होंने विभाग को इस गांव में स्वस्थ्य कैम्प लगाने‌ का निर्देश दिया था। इस पर शनिवार को कटरा गांव में स्वास्थ्य कैम्प लगाया गया।</div>
<div> </div>
<div>इस कैम्प में डा पकज गुप्ता व डा नसरूदीन, फार्मेसिस्ट अहमद, आंख विशेषज्ञ शैलेन्द्र राव, एल टी मुकेश कुमार मौर्य, एएनएम स्वेता, माधुरी यादव, पूजा यादव, एल एच बी लक्ष्मी देवी समेत कई स्वास्थ्य कर्मी को तैनात किया गया है। इस कैम्प में दस्त,उल्टी, बुखार, सर्दी ज़ुकाम, खजुलाहट बीमारी से पीड़ित मरीजों को दवा दी‌ जा रही है। इसमें रोगी के खून टेस्ट मौक़े पर ही करवाया जा रहा है। बाढ़ जनित बीमारियों से बचाव के लिए क्लोरीन गोली, ओआर एस पावडर, नाइट्रोजिल का वितरण किया जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143197/on-the-instructions-of-district-magistrate-pawan-aggarwal-the-health</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Jul 2024 16:44:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से नगर में 200 से अधिक गैर पंजीकृत सेंटर -दिलीप गहरवार </title>
                                    <description><![CDATA[सबसे खस्ता हाल है सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़िहान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142867/due-to-neglect-of-health-department-more-than-200-unregistered"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-07/hindi-divas27.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मिर्जापुर।</strong> स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जिले में गैर पंजीकृत सेन्टरों की भरमार हो गई है। यह जानकारी मीडिया से बात करते हुए आम आदमी पार्टी के दिलीप सिंह गहरवार ने दी। दिलीप सिंह गहरवार ने बताया कि जिले के नगर में ही केवल 200 से अधिक गैर पंजीकृत सेटर संचालित हो रहे है। इसमें न के बाराबर ही सेटर सीएमओ आफिस द्वारा पंजीकृत किया गया है। जिले में अनदेखी करने वाले पैथालांजी सेंटर  एवं कलेक्शन सेटर का कारोबार तेजी से फल फूल रहा है। इसके साथ ही गांवो में कितने की संख्या में संचालित हो रहा है इसकी भी जानकारी विभाग से मिलने के बाद सभी के सामने उजागर करने का कार्य किया जायेगा।</p>
<p>यह सब पैथालाजी सेन्टर कही एक कमरे में तो कही एक सेटर में चल रहे है। अप्रशिक्षित लोगों के हाथों में सेटर की कमान है। इससे मरीजों को सही रिपोर्ट नही मिल पा रहा है। उन्होने बताया कि वर्तमान समय में एक मंडलीय चिकित्सालय, 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 56 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अलावा 326 सबसेन्टरों का संचालन किया जा रहा है। सभी सरकारी केन्द्रों पर खून समेत तमाम जांच की सुविधा सरकार द्वारा निशुल्क कराये जाने की व्यवस्था है। लेकिन जिलेके तमाम केन्द्रों पर विभाग की अनदेखी के कारण तमाम खामियों के चलते जांच नही हो पा रही है।</p>
<p>इससे मरीजों का निजी चिकित्सालयों की ओर जाना पड़ रहा है। जहां प्रदेश व केन्द्र की सरकारी मरीजों को जमीनी स्तर तक उपचार देने के लिए तरह-तरह के उपचार कर रही है वही विभाग के उच्चाधिकारियों की लापरवाही के चलते सुविधा से मरीज वंचित हो जा रहे है और महगे दवाईयो व जांच के लिए मजबूर है। इस समय सबसे खस्ता हाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मड़िहान का है जहां पर सीएमओ द्वारा बनाये गये प्रभारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी कभी झांकना तक उचित नही समझा। निजी सेन्टरो पर इस समय 450-500 रूपये लिये जा रहे है।</p>
<p>इसमें केन्द्रो पर तैनात डॉक्टरों का भी कमीशन होता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मरीजों की दवा दी जा रही है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाको मे यह धड़ल्ले से संचालित हो रहा है। जिले में बिसुन्दरपुर, रमईपट्टी, मिशनकमाउण्ड, तरकापुर रोड, तहसील रोड, मण्डलीय चिकित्सालय रोड, रैदानी कालोनी, स्टेशन रोड, विन्ध्याचल रोड, मड़िहान सामुदायिक स्वास्थ्य के अगल बगल 40 से अधिक की संख्या, हलिया मार्ग रतेह चौराहा इसके अलावा तमाम बजारोमें भी गैर कानूनी तरीके से सेन्टर संचालित हो रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण विभाग के द्वारा पिछले तीन वर्षो से कार्यवाही नही किया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jul 2024 16:38:15 +0530</pubDate>
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