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                <title>aanganwadi center - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>कागजों में बंट रहा नौनिहालों का पौष्टिक आहार</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>अलीगढ़।</strong> तमाम केंद्रों पर नौनिहालों को पौष्टिक भोजन सिर्फ कागजों में बंट रहा है। कई केंद्र सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का नाम रजिस्टर में दर्ज कर पैसा हड़पा जा रहा है। गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी कभी पुष्टाहार नहीं दिया जाता है। बाल विकास परियोजना की इस दुर्दशा की खबर प्रशासन को भी है, पर निरीक्षण व जांच के लिए अफसरों को फुर्सत ही नहीं है। नौनिहालों को मजबूत आधार देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>लेकिन बिना आधार के बच्चों को मिलने वाला आहार कमाई का जरिया</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148204/nutritious-diet-of-navihals-distributed-in-paper"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(10).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अलीगढ़।</strong> तमाम केंद्रों पर नौनिहालों को पौष्टिक भोजन सिर्फ कागजों में बंट रहा है। कई केंद्र सिर्फ कागजों में चल रहे हैं। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों का नाम रजिस्टर में दर्ज कर पैसा हड़पा जा रहा है। गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी कभी पुष्टाहार नहीं दिया जाता है। बाल विकास परियोजना की इस दुर्दशा की खबर प्रशासन को भी है, पर निरीक्षण व जांच के लिए अफसरों को फुर्सत ही नहीं है। नौनिहालों को मजबूत आधार देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।</p>
<p>लेकिन बिना आधार के बच्चों को मिलने वाला आहार कमाई का जरिया बना हुआ है। केंद्र सरकार की जांच में पोल खुलने के बाद स्थानीय स्तर पर भी कई सवाल खड़े हो गए है। यहां भी बड़ी संख्या में बच्चों का आधार कार्ड नहीं बन सका है, ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों के नाम पर मिलने वाले आहार का बंदरबाट हर माह हो रहा है। अलीगढ़ मंडल में भी बड़ा घपला होने की और इशारा किया है।</p>
<p>क्योंकि मंडल के जिलों में अभी बड़ी संख्या में जीरो से छह वर्ष तक ऐसे बच्चे मौजूद है, जिनका आधार ही नहीं बन सका है। ऐसे में बिना आधार वाले बच्चों के नाम पर मिलने वाले आहार का बंदरबाट किया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में भी कई शिकायत अधिकारियों के पास पहुंची, लेकिन नाम मात्र की जांच होने से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बच्चों व गर्भवती महिलाओं का कुपोषण दूर करने के लिए केंद्र सरकार की बाल विकास परियोजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।</p>
<p>शहर के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल में हॉटकुक्ड योजना की पोल खुल गई। री बच्चों हाजिरी दर्ज 6/10 बच वीरान थे वह का कहना है कि जो भी पौष्टिक आहार बच्चों के लिये सरकार से मिलता है उसे सीडीपीओ और सुपरवाइजर बेचकर पैसा देने का दबाब बनाते हैं। वहीं आगंनबाड़ी कार्यकत्रियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी सरकार की तरफ से गेंहू और चाल नौनिहालों में बंटने के लिये आया था, लेकिन सिफ कागजों में बांटना दर्शाकर बंदरबाट कर लिया गया है।</p>]]>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Feb 2025 20:11:22 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]>
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                <title>आंगनबाड़ी केंद्र:नोटिस और जांच पर जिम्मेदारों का हो रहा है बचाव </title>
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                        <![CDATA[- लोकपाल और डीपीआरओ ने जारी किया नोटिस, सीडीओ ने तीन सदस्य समिति की गठित,डीसी मनरेगा कार्रवाई करने से बचते नजर आए ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145312/anganwadi-center-responsible-are-being-protected-on-notice-and-investigation%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/0.004.jpg" alt=""></a><br /><div class="gmail_quote"><strong>मथुरा: </strong>उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति मथुरा के अधिकारियों के लिए बड़ा वरदान साबित हो रही है अधिकारी जनता को इस नीति का भय दिखाकर बड़ा कमीशन का खेल खेल रहे हैं ऐसा ही मामला फरह ब्लॉक के अंतर्गत लगभग सभी ग्राम पंचायतों में देखने को मिला। आंगनबाड़ी केंद्रों के अधूरे निर्माण में पूरा भुगतान हुआ है ।</div>
<div class="gmail_quote"> </div>
<div class="gmail_quote">गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण करने वाली फर्मो के लिए डिजिटल भुगतान का एफटीओ गेटवे बनता है। जिससे भुगतान हो सके, बीडीओ के द्वारा एक कमेटी बनाई है जो पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों को देखकर फार्मो के भुगतान के लिए रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी है लेकिन अपने चहेती फर्म जो कमीशन दे चुकी हैं उनका भुगतान कर दिया है लेकिन उन फर्मों के आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है।  मनरेगा लोकपाल ने इस मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए विकासखंड अधिकारी फरह को नोटिस दिया है। लेकिन बीडीओ के द्वारा कोई बयान और साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं। लोकपाल के समक्ष प्रस्तुत होना भी लाजिमी नहीं समझा है।</div>
<div class="gmail_quote"> </div>
<div class="gmail_quote">किरन चौधरी जिला पंचायत राज अधिकारी ने विकासखंड फरह की  सात ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर  सचिवों को नोटिस थमाया है।  क्योंकि राजवित्त से ₹2 लाख रुपए आंगनबाड़ी केदो के लिए पंचायत राज विभाग ने दिए हैं। इस पूरे मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी अपनी पूरी चुप्पी सादे हुए हैं और इस मामले में मुझे मालूम कह बच रही हैं। लेकिन इस विभाग से भी ₹दो लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जारी हुए हैं बीड़ीओ ने बताया भुगतान के लिए सिर्फ 14 मिनट मिलती है इस समय दौरान जिन फर्मों का एफटीओ नंबर फीड हो जाता है उसी का भुगतान हो जाता है ।</div>
<div class="gmail_quote"> </div>
<div class="gmail_quote">विगत  दिनों पहले  एम एल व्यास जॉइंट कमिश्नर मनरेगा उत्तर प्रदेश ने मथुरा एक जांच के दौरान दौरा किया । मीडिया से बात करते हुए इस मामले पर विजय कुमार पांडे डीसी मनरेगा मथुरा को निर्देशित किया इस मामले में आपने कोई नोटिस क्यों नहीं दिया जल्दी से जल्दी नोटिस देकर अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप दें।</div>
<div class="gmail_quote"> </div>
<div class="gmail_quote">डीडीओ, डीसी मनरेगा और तकनीकी सहयोग हेतु एएमआई तीन सदस्य समिति नामित की गई है एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को निर्देशित किया है गलत पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी </div>
<div class="gmail_quote">मनीष मीना मुख्य विकास अधिकारी ।</div>
<div class="gmail_quote"> </div>
<div class="gmail_quote">हमने सात पंचायतों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है लेकिन कोई जवाब नहीं आया है हम स्वयं इस मामले की जांच करेंगे हमारे विभाग के द्वारा राजवित्त से ₹2 लाख जारी हुए हैं इस जांच के बाद जो दोषी होगा कड़ी कार्रवाई होगी किरण चौधरी जिला पंचायत राज अधिकारी मथुरा।</div>]]>
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                                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Oct 2024 16:52:19 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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            <item>
                <title>लोहबंधा आंगनबाड़ी केंद्र के सेविका का गलत चयन करने का सीडीपीओ पर ग्रामीणों ने लगाया आरोप</title>
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                        <![CDATA[सेविका चयन को रद्द करने को लेकर ग्रामीणों ने हुसैनाबाद एसडीओ को दिया आवेदन]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145250/villagers-accused-cdpo-of-wrongly-selecting-the-maid-of-lohbandha"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/news-1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> हुसैनाबाद/पलामू  - </strong>हुसैनाबाद प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती महुडंड पंचायत अंतर्गत लोहबंधा गांव में दिनांक 27/09/2024 दिन शुक्रवार को  प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की उपस्थिति में चयन समिति द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा में सेविका एवं सहायिका चयन को लेकर आम सभा किया गया था। जिसमें उपस्थित ग्रामीण जनता के समक्ष  सेविका चयन समिति सदस्य द्वारा चयन सम्बंधित पत्र को पढ़कर लोगों के बीच सुनाया गया कि सेविका एवं सहायिका का चयन में विशेष रूप से अनुसूचित जन जाति की महिला को चयन किये जाने की प्राथमिकता की बात कही गई।</div>
<div> </div>
<div>सेविका के लिए योग्यता इंटर एवं अनुसूचित जन जाति व अनुसूचित जाति के लिए निम्नतम मैट्रिक अनुत्तीर्ण तथा सहायिका के लिए मैट्रिक आवश्यक है जो चयन सम्बंधित पत्र में अंकित है। आमसभा में आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा गांव से स्थानीय आवेदिका में तीन महिलाओं ने अपनी शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। जिसमें अनुसूचित जन जाति से मैट्रिक अनुत्तीर्ण एक अभ्यर्थी व पिछड़ी जाति (बीसी-2) से इंटर उत्तीर्ण एक अभ्यर्थी एवं अत्यंत पिछड़ा जाति (बीसी -1) से एक स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थी थी।</div>
<div> </div>
<div>गलत सेविका चयन करने पर उक्त गांव के ग्रामीणों ने घोर मनमानी का आरोप लगाते हुए बताया कि आमसभा के दौरान बीडीओ सह प्रभारी सीडीपीओ एवं चयन समिति द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा के स्थानीय गांव की महिला को सेविका पद चयन न कर के दुसरे राजस्व गांव नासोजमालपुर के महिला को सेविका पद पर चयन अनुसूचित जाति व पोषक क्षेत्र के महिला अभ्यर्थी को हवाला देते हुए कर दिया गया है। जो उक्त चयनित सेविका आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा से एक किलोमीटर दूर की है।</div>
<div> </div>
<div>परंतु ऐसा चयन सम्बंधित पत्र में अंकित किसी भी तरह का स्पष्ट रूप से विशेष जाति सम्बंधित चयन करने की प्राथमिकता नही दी गई है। उक्त गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए यह भी कहा आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा में सेविका एवं सहायिका चयन करने को लेकर आमसभा की जानकारी गांव के ग्रामीणों में पहले से विभाग व किसी सम्बंधित कर्मी द्वारा नही दी गई थी। उक्त गांव के ग्रामीणों ने बताया कि जिस दिन सेविका व सहायिका के चयन को लेकर आमसभा होनी थी उस दिन ही व्यक्ति विशेष गांव के लोगों में इसकी जानकारी दी गई थी। पहले से कोई जन प्रचार प्रसार गांव में नही किया गया।</div>
<div> </div>
<div>इसके बाद चयन प्रक्रिया से नाराज़ ग्रामीणों ने अनुमंडल पदाधिकारी हुसैनाबाद को आवेदन देते हुए सीडीपीओ व चयन समिति पर गलत तरीके से सेविका चयन करने की बात कहकर सेविका के चयन को रद्द करने का आग्रह किया। व पुनः आमसभा आयोजित कर आंगनबाड़ी केंद्र लोहबंधा गांव के स्थानीय उच्च योग्यताधारी आवेदिका को प्राथमिकता देते हुए सेविका के पद पर चयन कराने की अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की है। </div>]]>
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                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 16:09:48 +0530</pubDate>
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