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                <title>Swachh Bharat Mission - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Swachh Bharat Mission RSS Feed</description>
                
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                <title>पेंशनधारी दरोगा ने बेटे को बीपीएल सूची में डालकर किया फ्राड निकाला शौचालय का पैसा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले केसाऊँघाट विकास खण्ड की तरेता ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि मनरेगा भ्रष्टाचार का जिन्न परत दर परत खुलता जा रहा है जिसके क्रम में ही प्रधान राम सुभाव का एक और शौचालय घोटाला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार साऊँघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत तरेता के प्रधान राम सुभाव पेंशनधारी दरोगा हैं जिन्होनें धोखाधड़ी करके अपने लड़के को बीपीएल श्रेणी में डलवाकर शौचालय का पैसा हजम कर लिया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत्त दरोगा व वर्तमान प्रधान राम सुभाव द्वारा मात्र शौचालय का पैसा हजम नहीं किया गया है बल्कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177400/pensioner-inspector-committed-fraud-by-putting-his-son-in-bpl"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260427-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जिले केसाऊँघाट विकास खण्ड की तरेता ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है बल्कि मनरेगा भ्रष्टाचार का जिन्न परत दर परत खुलता जा रहा है जिसके क्रम में ही प्रधान राम सुभाव का एक और शौचालय घोटाला सामने आया है मिली जानकारी के अनुसार साऊँघाट विकास खण्ड की ग्राम पंचायत तरेता के प्रधान राम सुभाव पेंशनधारी दरोगा हैं जिन्होनें धोखाधड़ी करके अपने लड़के को बीपीएल श्रेणी में डलवाकर शौचालय का पैसा हजम कर लिया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवानिवृत्त दरोगा व वर्तमान प्रधान राम सुभाव द्वारा मात्र शौचालय का पैसा हजम नहीं किया गया है बल्कि अपने लड़के के साथ मिलकर घोखाधड़ी करके बीपीएल सूची में  नाम सम्मलित कराया गया है क्योंकि राम सुभाव व उनका परिवार सम्पन्न श्रेणी में है जो कि बीपीएल श्रेणी में कदापि सम्मलित नहीं हो सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसा नहीं कि भ्रष्टाचार केवल प्रधान रामसुभाव व उनके परिवार द्वारा किया गया है बल्कि इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन सेक्रेटरी की भी मिलीजुली भूमिका है जिनके सहयोग से इस भ्रष्टाचार की रूप रेखा तय हुई। यद्यपि प्रधान के भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हो चुका है और हड़पे गए धन से शौचालय निर्माण भी शुरु हो गया है परन्तु सुविधा सम्पन्न होते हुए भी अपने परिवार का नाम बीपीएल सूची में अंकित करवाना और प्रकरण में तत्कालीन सेक्रेटरी की संलिप्तता पर कार्यवाही अभी भी शेष है है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 17:43:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>शहर की सेहत ठीक नहीं—हमारी आदतें इसका रोग हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहरों की असल तस्वीर उनकी ऊंची इमारतें नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बिखरी हुई नागरिक आदतें बयान करती हैं। भागती सुबह में उड़ता कचरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाल बत्ती को रौंदती गाड़ियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर जमे वाहन और सार्वजनिक स्थानों के प्रति बेपरवाही—ये सब उस मानसिकता का खुला बयान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अधिकार तो चाहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर कर्तव्य से बचती है। घर की चमक और बाहर की गंदगी का यह तीखा विरोध अब हमें झकझोरता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि हमने इसे सामान्य मान लिया है। यहीं सिविक सेंस दम तोड़ता है। हम व्यवस्था से उम्मीदें ऊंची रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे बनाने में अपनी</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176703/the-city-is-not-in-good-health%E2%80%94our-habits-are-its"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas16.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शहरों की असल तस्वीर उनकी ऊंची इमारतें नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि बिखरी हुई नागरिक आदतें बयान करती हैं। भागती सुबह में उड़ता कचरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लाल बत्ती को रौंदती गाड़ियां</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथों पर जमे वाहन और सार्वजनिक स्थानों के प्रति बेपरवाही—ये सब उस मानसिकता का खुला बयान हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अधिकार तो चाहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर कर्तव्य से बचती है। घर की चमक और बाहर की गंदगी का यह तीखा विरोध अब हमें झकझोरता नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि हमने इसे सामान्य मान लिया है। यहीं सिविक सेंस दम तोड़ता है। हम व्यवस्था से उम्मीदें ऊंची रखते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन उसे बनाने में अपनी जिम्मेदारी से कन्नी काट लेते हैं। </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">में भी यही सोच इस समस्या को जिंदा रखे हुए है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">दैनिक जीवन में सिविक सेंस की कमी केवल दिखाई नहीं देती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि आंकड़ों में भी साफ दर्ज है। देश के शहरी इलाके हर दिन लगभग</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>1.62 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख टन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नगरपालिका कचरा पैदा करते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसका बड़ा हिस्सा अब भी लैंडफिल या खुले में जा पहुंचता है—यह बताता है कि स्रोत पर अलग करना और सही निस्तारण जैसी बुनियादी आदतें अब भी हाशिए पर हैं। ट्रैफिक के मोर्चे पर स्थिति और भयावह है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>2024 <span lang="hi" xml:lang="hi">में सड़क दुर्घटनाओं में </span>1.77 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख से अधिक मौतें</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दर्ज हुईं—यानी औसतन रोज</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>485 <span lang="hi" xml:lang="hi">जिंदगियां खत्म। ओवरस्पीडिंग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गलत पार्किंग जैसी लापरवाहियां इस त्रासदी की मुख्य वजह रहीं। सबसे चिंताजनक वह सोच है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो इन आंकड़ों के पीछे छिपी है—“दूसरे नहीं मानते</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो मैं क्यों मानूं</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">यही मानसिकता सिविक सेंस को भीतर से खोखला कर रही है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समस्या सतह पर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी परवरिश और सामाजिक ढांचे में जमी है। स्कूलों में सिविक सेंस सैद्धांतिक रह जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवहारिक अभ्यास लगभग गायब है। बच्चे किताबों में अनुशासन पढ़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर घर और सड़कों पर उसका उल्टा देखते हैं—यहीं से विरोधाभास जन्म लेता है। सफाई को “किसी और का काम” मानना और सार्वजनिक संपत्ति से दूरी इस कमी को और गहरा करते हैं। कानून तो हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर उनका प्रवर्तन न निरंतर है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">न सख्त</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">जुर्माना अपवाद बनकर रह जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आदत नहीं बदलती। विडंबना यह कि विदेश में नियमों का पालन करने वाला नागरिक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने देश में लौटते ही वही पुरानी लापरवाही दोहराता है—यही दोहरापन बदलाव की सबसे बड़ी बाधा है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके दुष्परिणाम केवल दृश्य गंदगी तक सीमित नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अर्थव्यवस्था और पर्यावरण—तीनों पर भारी पड़ते हैं। कचरे और अस्वच्छता से फैलने वाली बीमारियां लाखों लोगों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खासकर गरीबों और बच्चों को प्रभावित कर रही हैं। सड़क दुर्घटनाएं परिवारों को एक झटके में आर्थिक और भावनात्मक संकट में धकेल देती हैं। पर्यावरणीय नुकसान भी गहरा है—देश की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>296 <span lang="hi" xml:lang="hi">नदियों के खंड प्रदूषित</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें प्लास्टिक और औद्योगिक अपशिष्ट की बड़ी भूमिका है। कई शहरों में हवा खतरनाक स्तर पर बनी हुई है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">खुले में कचरा जलाना इसे और विषैला बनाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि अव्यवस्थित निपटान भूजल को भी दूषित करता है। इसका असर पर्यटन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निवेश और शहरों की छवि पर साफ दिखता है। जब नागरिक जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो विकास की रफ्तार भी थमने लगती है।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी स्तर पर पहलें कमजोर नहीं रहीं—स्वच्छ भारत मिशन-शहरी </span>2.0 <span lang="hi" xml:lang="hi">ने ढांचे को मजबूती दी है और नतीजे भी दिखने लगे हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">तक शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कई शहरों में डोर-टू-डोर संग्रह</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>90%+ <span lang="hi" xml:lang="hi">कवरेज</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">तक पहुंच चुका है और लीगेसी वेस्ट की सफाई ने रफ्तार पकड़ी है। इंदौर लगातार स्वच्छ सर्वेक्षण में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नंबर</span> 1 <span lang="hi" xml:lang="hi">बना हुआ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि सूरत और नवी मुंबई जैसे शहर व्यवहार और प्रबंधन—दोनों के सफल मॉडल पेश कर रहे हैं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">के नए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों ने स्रोत पर</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>4-<span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीम सेग्रिगेशन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को अनिवार्य कर एक स्पष्ट दिशा भी तय कर दी है। फिर भी तस्वीर अधूरी है—उपलब्धियों के बावजूद आम नागरिक के व्यवहार में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आता। साफ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन निर्णायक बदलाव मानसिकता बदलने से ही आएगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वैश्विक अनुभव बताते हैं कि सिविक सेंस कानून से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति से बनता है। जापान में बच्चे स्कूल की सफाई खुद करते हैं—सार्वजनिक जगह गंदा करना वहां अस्वीकार्य है। सिंगापुर ने सख्त प्रवर्तन से ऐसी आदतें विकसित कीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब स्वाभाविक व्यवहार हैं। भारत में भी इंदौर और सूरत जैसे शहरों ने शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सामुदायिक निगरानी और कड़े अमल के संयोजन से उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। अब जरूरी है कि स्कूलों में सिविक सेंस को पाठ्य विषय नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनिवार्य व्यवहारिक अभ्यास बनाया जाए</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं को नेतृत्व मिले और तकनीक आधारित निगरानी मजबूत हो। वास्तविक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थायी बदलाव तभी संभव है जब इसकी शुरुआत परिवार और शिक्षा—दोनों स्तरों से एक साथ हो।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">समाधान किसी बड़े सूत्र में नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि निरंतरता और व्यक्तिगत जिम्मेदारी की ठोस आदतों में छिपा है। कूड़ा डस्टबिन में डालना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिग्नल पर रुकना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">फुटपाथ खाली रखना और सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान—ये छोटे कदम जब सामूहिक व्यवहार बनते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तभी बड़ा बदलाव आकार लेता है। व्यवस्था को भी ढील नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दृढ़ता चाहिए—दोहराए उल्लंघनों पर लाइसेंस निलंबन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनिवार्य सामुदायिक सेवा जैसे कड़े प्रावधान लागू हों। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदार आचरण को पहचान और प्रोत्साहन मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि सकारात्मक उदाहरण फैलें। मीडिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">एनजीओ और स्थानीय समुदाय मिलकर लगातार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लक्ष्य-आधारित जागरूकता अभियान चलाएं—तभी बदलाव टिकाऊ बनेगा।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब मुद्दा “कब” नहीं</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">कैसे” का है। साफ सड़कें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुशासित ट्रैफिक और जिम्मेदार नागरिकता किसी एक योजना की देन नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामूहिक चेतना की पहचान हैं। आंकड़े साफ चेतावनी दे रहे हैं—हर दिन</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>1.62 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख टन कचरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सालाना</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span>1.77 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख सड़क मौतें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और लगातार प्रदूषित होती नदियां। इसके बावजूद अगर हम बदलाव टालते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो समस्या ही हमारी आदत बन जाएगी। विकसित भारत का सपना नीतियों से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे रोजमर्रा के व्यवहार से साकार होगा। सिविक सेंस कोई विचार भर नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि हमारी पहचान बनना चाहिए—और इसकी शुरुआत आज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अभी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारे हर छोटे जिम्मेदार कदम से होनी चाहिए।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176703/the-city-is-not-in-good-health%E2%80%94our-habits-are-its</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 18:26:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>स्वच्छ भारत मिशन को धता बता रहा मझगवा का सामुदायिक शौचालय, गंदगी से परेशान ग्रामीण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सीतामढ़ी। </strong>विकासखंड डीघ के ग्राम पंचायत मझगवा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित सामुदायिक शौचालय इन दिनों बदहाली का शिकार है। सरकार जहां एक ओर गांवों को खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं मझगवा का यह शौचालय भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार शौचालय परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे वहां जाना भी जोखिम भरा हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि शौचालय में नियुक्त केयरटेकर कभी भी नियमित रूप</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175122/majhgawas-community-toilet-is-defying-the-swachh-bharat-mission-villagers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/44.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सीतामढ़ी। </strong>विकासखंड डीघ के ग्राम पंचायत मझगवा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्मित सामुदायिक शौचालय इन दिनों बदहाली का शिकार है। सरकार जहां एक ओर गांवों को खुले में शौच से मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं मझगवा का यह शौचालय भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार शौचालय परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे वहां जाना भी जोखिम भरा हो गया है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि शौचालय में नियुक्त केयरटेकर कभी भी नियमित रूप से नहीं आती, जिसके चलते साफ-सफाई की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है। दुर्गंध और गंदगी के कारण कोई भी ग्रामीण इसका उपयोग नहीं कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति यह है कि आधुनिक सुविधाएं होने के बावजूद ग्रामीण आज भी खुले में शौच के लिए मजबूर हैं, जो स्वच्छ भारत मिशन की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नवागत ग्राम प्रधान द्वारा शौचालय को प्राथमिक विद्यालय परिसर के अंदर कर दिया गया है, जिससे यह बाउंड्री के भीतर सीमित हो गया है और आम लोगों की पहुंच बाधित हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराते हुए शौचालय की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके और गांव को स्वच्छ बनाने का सपना साकार हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/175122/majhgawas-community-toilet-is-defying-the-swachh-bharat-mission-villagers</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 21:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही को एस बी एम के कर्मियों ने सौंपा पत्रक </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>देवरिया। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पंचायती राज विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत विकास खण्ड स्तर पर आउटसोर्सिंग संविदा कर्मियों, खण्ड प्रेरक और कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा वेतन वृद्धि, एच आर पालिसी लागू करने एवं स्थायीकरण करने की मांग को लेकर स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएट कर्मचारी संघ द्वारा मंत्री आवास पर ज्ञापन दिया।</div>
<div>  </div>
<div>कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश में कुल 75 जनपद के विकास खण्ड पर दो खण्ड प्रेरक व एक डाटा एंट्री आपरेटर का चयन किया गया था, जिसमे जिला स्वच्छता समिति से खण्ड प्रेरकों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148371/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250209-wa0020.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>देवरिया। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही को पंचायती राज विभाग के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत विकास खण्ड स्तर पर आउटसोर्सिंग संविदा कर्मियों, खण्ड प्रेरक और कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा वेतन वृद्धि, एच आर पालिसी लागू करने एवं स्थायीकरण करने की मांग को लेकर स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएट कर्मचारी संघ द्वारा मंत्री आवास पर ज्ञापन दिया।</div>
<div> </div>
<div>कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि प्रदेश में कुल 75 जनपद के विकास खण्ड पर दो खण्ड प्रेरक व एक डाटा एंट्री आपरेटर का चयन किया गया था, जिसमे जिला स्वच्छता समिति से खण्ड प्रेरकों और डाटा एंट्री ऑपरेटर को मानदेय दिया जाता था, बाद में पूरे प्रदेश के स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कर्मचारियों को एजेंसी के माध्यम से कर दिया गया।</div>
<div> </div>
<div>स्वच्छ भारत मिशन केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं मे से एक है फिर भी 2015 से अभी तक वेतन में मामूली वृद्धि की गयी है। विकास खण्ड पर कार्यरत कम्पयुटर आपरेटर एवं खण्ड प्रेरक को प्रतिमाह मामूली वेतन मिलता है। न्यूनतम  वेतन मिलने से परिवार का भरण पोषण करने में कठिनाईयो का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>पिछले दस वर्षों से आउटसोर्सिंग संविदा कर्मी विकास खण्ड में कार्यरत है लेकिन अभी तक दस बर्ष बीत जाने</div>
<div>के उपरांत भी एच आर पालिसी लागू किए जाने का आश्वासन मिलता रहा है लेकिन लागू नही किया गया, जिस कारण हम कर्मचारियों का शोषण होता रहता है। विगत दस वर्षों से विभाग का कार्य आउटसोर्सिंग संविदाकर्मियो द्वारा पूरे मनोयोग व तत्परता से किया जा रहा है पर अभी तक स्थायीकरण के तरफ शासन द्वारा कोई पालिसी नही बनायी गयी है। जनपद के स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के जिला कमेटी तरफ से हरिपाल यादव,अजय दूबे, विनय पाण्डेय,प्रसेनजीत आदि मौजूद रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148371/%C2%A0</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Feb 2025 17:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर पंचायत बक्शी का तालाब में ट्यूलिप इंटर्नशिप मे 51 छात्र-छात्राओं का चयन। </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सीतापुर </strong>19 अक्टूबर 2024 सीतापुर नगर पंचायत बख्शी का तालाब के सभागार कक्ष में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शहरी शिक्षण इंटर्नशिप कार्यक्रम (ट्यूलिप)  इन्टर्नशिप कार्यक्रम के तहत  के विद्यार्थियों की चयन प्रक्रिया आयोजित की गयी। निकाय के ब्रांड एंबेसडर डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इंटर्नशिप  छात्र-छात्राये पठन-पाठन के साथ में आज के परिवेश में समाज से जुड़ने का एक अच्छा साधन है। शहरी शिक्षक इंटर्नशिप कार्यक्रम से प्रमुख रूप से युवाओं को जोड़कर शहर की महत्वपूर्ण चुनौतियां को हल करने के लिए नई ऊर्जा और विचारों के संचार से लाभान्वित करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत जरूरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145641/selection-of-51-students-for-tulip-internship-in-nagar-panchayat"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241019-wa0004.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सीतापुर </strong>19 अक्टूबर 2024 सीतापुर नगर पंचायत बख्शी का तालाब के सभागार कक्ष में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत शहरी शिक्षण इंटर्नशिप कार्यक्रम (ट्यूलिप)  इन्टर्नशिप कार्यक्रम के तहत  के विद्यार्थियों की चयन प्रक्रिया आयोजित की गयी। निकाय के ब्रांड एंबेसडर डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इंटर्नशिप  छात्र-छात्राये पठन-पाठन के साथ में आज के परिवेश में समाज से जुड़ने का एक अच्छा साधन है। शहरी शिक्षक इंटर्नशिप कार्यक्रम से प्रमुख रूप से युवाओं को जोड़कर शहर की महत्वपूर्ण चुनौतियां को हल करने के लिए नई ऊर्जा और विचारों के संचार से लाभान्वित करने के लिए यह प्रशिक्षण बहुत जरूरी है, इसमे युवाओं को सम्मिलित होने और उन्हें सीखने का एक अच्छा मौका मिलेगा।</div>
<div> </div>
<div>ट्यूलिप इनटर्नशिप के 51 विद्यार्थी को क्षेत्र में को साफ सुथरा रखने के लिए प्रशिक्षि किया गया तथा उन्हें ऑडियो वीडियो माध्यम से विभिन्न प्रकार के चलचित्र भी दिखाए गए। नगर की अधिशासी अधिकारी संध्या मिश्रा ने अभ्यर्थियों से निकाय को सुंदर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए तथा बताया कि ट्यूलिप इन्टर्नशिप के विद्याथियों को शीघ्र ऑफर लेटर जारी किया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>यह प्रशिक्षण अभी 60 दिन का है इसे और आगे बढ़ाया जाएगा।  नगर पंचायत अध्यक्ष गनेश रावत ने सभी अभ्यर्थियों को  इंटर्नशिप की उपयोगिता पर चर्चा की और उन्होंने बताया कि इस प्रकार के इंटर्नशिप से छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा और उन्हें सीखने को मिलेगा। इस अवसर पर ब्रांड एंबेसडर योगेश कुमार शुक्ला, विकास प्रताप सिंह, योगेंद्र कुमार एवं आशीष सिंह सहित नगर पंचायत के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 17:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरेडिका में बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाकर दिया स्वच्छता का संदेश </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लालगंज रायबरेली- </strong>भारतीय रेलवे ने स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता‘ थीम के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा‘ अभियान की शुरुआत की है। इसी संदर्भ में आरेडिका द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।मंगलवार को आरेडिका के हॉकी स्टेडियम में केन्द्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘‘एमसीएफ एसएचएस‘‘ की मानव श्रखला बनाकर स्वच्छता के महत्व का संदेश फैलाया। स्वच्छता के कार्यक्रम में और मजबूती प्रदान करने के लिए स्काउट एवं गाइड टीम का दो दिवसीय जिला स्तरीय रैली सैंट्रल पार्क में आज प्रारम्भ हुई। </div>
<div>  </div>
<div>इसमें कैंप क्राफ्ट, ड्राइंग, मेहंदी, कुकिंग, वेस्ट आऊट ऑफ</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145249/in-aredika-children-gave-the-message-of-cleanliness-by-forming"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/img-20241001-wa0571.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>लालगंज रायबरेली- </strong>भारतीय रेलवे ने स्वच्छ भारत मिशन की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ‘स्वभाव स्वच्छता - संस्कार स्वच्छता‘ थीम के तहत ‘स्वच्छता ही सेवा‘ अभियान की शुरुआत की है। इसी संदर्भ में आरेडिका द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।मंगलवार को आरेडिका के हॉकी स्टेडियम में केन्द्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘‘एमसीएफ एसएचएस‘‘ की मानव श्रखला बनाकर स्वच्छता के महत्व का संदेश फैलाया। स्वच्छता के कार्यक्रम में और मजबूती प्रदान करने के लिए स्काउट एवं गाइड टीम का दो दिवसीय जिला स्तरीय रैली सैंट्रल पार्क में आज प्रारम्भ हुई। </div>
<div> </div>
<div>इसमें कैंप क्राफ्ट, ड्राइंग, मेहंदी, कुकिंग, वेस्ट आऊट ऑफ वेस्ट रंगोली,  गेम, कैंफ फायर, नुक्कड़ नाटक, डांस कंप्टीषन, कार्यक्रम किया गया साथ ही स्काउट गाइड के बच्चों द्वारा सेंट्रल पार्क में मानव श्रृंखला बनाकर स्वच्छता के महत्व का संदेश दिया गया।स्काउट गाइड के बच्चों द्वारा 2 अक्टूबर को सर्व धर्म प्रार्थना किया जायेगा एवं उसके बाद महाप्रबन्धक प्रशांत कुमार मिश्रा के नेतृत्व में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में स्वच्छता प्रोग्राम एवं उसके बाद स्वच्छता जागरूकता के लिए घर घर रैली के माध्यम से स्काउट एवं गाइड टीम के द्वारा अभियान किया जायेगा।</div>
<div> </div>
<div>आरेडिका के महाप्रबंधक प्रशांत कुमार मिश्रा ने स्वच्छता को सामुदायिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने सभी से नियमित रूप से स्वच्छता का पालन करने का आह्वान किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की तथा 2 अक्टूबर को गॉंधी जी 155वीं जयंती  के अवसर सभी को साथ मिलकर स्वच्छ भारत दिवस मनाने एवं श्रमदान कर स्वच्छता के इस मुहिम को सफल बनाने का आहवान किया। 1 अक्टूबर को हुए स्काउट एवं गाइड के कार्यक्रम मे कामेश्वर पासवान मुख्य जिला आयुक्त एवं मुख्य सामाग्री प्रबंधक, एन. के. वर्मा जिला आयुक्त एवं डिप्टी सीएमई,  एल.बी. सिंह मौर्या उप मुख्य इंजीनियर, अनिल कुमार श्रीवास्तव जनसंपर्क अधिकारी, अमित कुमार, एएक्सईएन, आदित्य प्रकाश जिला सचिव, शबीना बानो, जिला संगठन आयुक्त गाइड एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहें।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145249/in-aredika-children-gave-the-message-of-cleanliness-by-forming</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 16:05:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्वच्छ भारत मिशन: ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम ने किया लखनऊ का दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मेयर श्रीमती गडवाल विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में आज लखनऊ का दौरा किया। यह यात्रा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत लखनऊ नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों का अध्ययन करने के लिए आयोजित की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">GHMC की मेयर श्रीमती गडवाल विजयलक्ष्मी के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रभारी श्री आर. श्रीनिवास रेड्डी सहित 40 कॉरपोरेटर शामिल थे। दौरे के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय लालबाग, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, और सेफ सिटी - इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भ्रमण किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">लखनऊ नगर निगम</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145059/swachh-bharat-mission-greater-hyderabad-municipal-corporation-visited-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/1001494463.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मेयर श्रीमती गडवाल विजयलक्ष्मी की अध्यक्षता में आज लखनऊ का दौरा किया। यह यात्रा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत लखनऊ नगर निगम द्वारा किए गए कार्यों का अध्ययन करने के लिए आयोजित की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">GHMC की मेयर श्रीमती गडवाल विजयलक्ष्मी के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रभारी श्री आर. श्रीनिवास रेड्डी सहित 40 कॉरपोरेटर शामिल थे। दौरे के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट सिटी कार्यालय लालबाग, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, और सेफ सिटी - इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भ्रमण किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लखनऊ नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और अरुण कुमार गुप्ता, सदन उपाध्यक्ष गिरीश गुप्ता, पार्षद दल नेता सुशील कुमार तिवारी, और पर्यावरण अभियंता इंजी. संजीव प्रधान ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान, लखनऊ नगर निगम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपने द्वारा किए गए कार्यों पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। GHMC की मेयर श्रीमती विजयलक्ष्मी ने लखनऊ नगर निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "लखनऊ नगर निगम द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए नवाचारी प्रयास सराहनीय हैं। इनसे हमें अपने शहर में भी नए विचारों को लागू करने में मदद मिलेगी।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दिन के अंत में, GHMC की टीम ने लखनऊ नगर निगम द्वारा विकसित वेस्ट टू वंडर यू पी दर्शन पार्क का दौरा किया। यह पार्क कचरे के उपयोग से विकसित किया गया है, जो कि रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इस दौरान लखनऊ के नगर आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह जी भी टीम के साथ जुड़े और उन्होंने यू पी दर्शन पार्क का विस्तृत परिचय दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह दौरा दोनों शहरों के बीच अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। इस प्रकार के सहयोग से दोनों नगर निगमों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी स्वच्छता में सुधार के लिए यह अंतर-शहरी सहयोग एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस तरह के आदान-प्रदान से न केवल शहरों के बीच सीखने का माहौल बनेगा, बल्कि देश भर में स्वच्छता अभियान को और गति मिलने की संभावना है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 16:55:31 +0530</pubDate>
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