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                <title>Upcm upmukhymantriBrijeshPathak Goup DmBalrampur AkhileshYadav samajwadiparty arvindkejriwal Hindikhabar breakingnews BalrampurNews - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>सीएचसी तुलसीपुर में आशा उत्पीड़न का एक और मामला हुआ उजागर </title>
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                        <![CDATA[आखिर जिला प्रशासन सुमन्त सिंह चौहान के कई गम्भीर मामलों में संलिप्ता पर भी नही कर रहा प्रशानिक कार्यवाही क्यो?]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145149/another-case-of-asha-harassment-exposed-in-chc-tulsipur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/19.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>आशाओ के तमाम आरोप पर जांच कमेटियों द्वारा बयान दर्ज के बाद भी मौन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर </strong></p>
<p><strong>ब्यूरो रिपोर्ट बलरामपुर </strong></p>
<p><strong>बलरामपुर</strong></p>
<p>सरकार स्वास्थ सेवाओ को लेकर जहां सरकार तमाम देशवासियों के स्वास्थ को लेकर संकल्प लेते हुए तमाम योजनाएं संचालित करती है जिनका लाभ आम जनमानस को मिले और इसके संचालन को लेकर लाखों करोड़ों रुपए स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर स्वास्थ विभाग के माध्यम से सरकारी स्वास्थ केंद्रों के प्रदान किया जाता है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सके। लेकिन विभागीय भ्रष्टाचार के चलते तमाम योजना का लाभ आम जनता तक पहुंचने से पहले विभागीय भृष्ट अधिकारियो के मौज का सामान बन जाता है और भ्रष्टाचार में लिप्त जिम्मेदार सरकारी धन अवैध रूप से अर्जित करते है फिर कैसे सरकारी स्वास्थ सेवाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे।</p>
<p> स्वास्थ विभाग बलरामपुर की बात करें तो पूर्व सीएचसी अधीक्षक तुलसीपुर और आशा विवाद के मामले इस समय काफी चर्चाओं में है। जहां सीएससी तुलसीपुर के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर सुमंत सिंह चौहान का कई कारनामा उजागर हुआ है। जिसमें कई आशाओं से अभद्रता के साथ अपने आवास से चहेती आशाओ द्वारा निजी दवा के बिकवाने ,आशा नियुक्तियों में फर्जी बाड़ा और शासनादेश की अनदेखी करने के साथ चहेती आशाओं से बिना किसी महिला चिकित्सा के मरीजो का प्रसव करवाना और जबरन अपनी महंगी दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य करना के साथ अन्य आशाओं का मानदेय अपने चाहते आशाओं के अकाउंट में भेजना के साथ अगर कोई आशा किसी गरीब मरीज को सीएचसी तुलसीपुर ला कर प्रसव करवाती तो उसे दवा न खरीदने पर डिस्चार्ज न करने और डिस्चार्ज रसीद कई हफ्ते न देने व अन्य कई मामले प्रकाश में आए हैं जिसको लेकर कई आशाओं ने अपनी शिकायत स्थानीय जिम्मेदारी से लेकर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी शिकायत दर्ज करवाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद स्वास्थ विभाग बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी मुकेश रस्तोगी के द्वारा उसके जघन्य अपराध को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है और मामले को जांच की आड़ में दबाने का प्रयास अब तक जारी है । जबकि कई आशाओं ने बताया कि उक्त मामले को लेकर हमारा बयान 3 सदस्यीय टीम के सामने 15 दिन पहले ही दर्ज करवाया गया है लेकिन अब तक जांच होने के बाद भी सुमन्त सिंह चौहान पर कोई भी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। सिर्फ उनका ट्रांसफर तुलसीपुर सीएचसी केंद्र से हटाकर सीएचसी केंद्र श्रीदत्तगंज पर कर दिया गया है। इसके अलावा अब तक विभागीय कारवाई शून्य देखी जा रही है। जबकि उनके ऊपर फर्जी दस्तावेज में कूट रचित ढंग से आशा सावित्री प्रकरण पर माफी नामा लगवाने की जानकारी भी सामने आई है । फिर आखिर किन कारण से स्वास्थ विभाग बलरामपुर के सीएमओ पूर्व अधीक्षक को अब तक बचा रहा है जबकि आशाओं पर मामला वापस लेने के लिए लग़ातार दबाव बनाए गए हैं की जानकारी सूत्रों से मिल रही </p>
<p>लेकिन फिर भी जिले के उच्च अधिकारी अबभी मामले को दबा रहे हैं जबकि सूत्रों की माने तो स्थानांतरण के बाद आज भी तुलसीपुर में डॉक्टर सुमंत सिंह चौहान के द्वारा स्थानीय कर्मचारियों और आशाओं पर दबाव और धमकी का सिलसिला अब भी जारी है। जिसके कारण कुछ कर्मचारी और आशाएं भयभीत होकर उनके पक्ष की बात करने और उनके पक्ष में बयान देने को मजबूर है। वही शिकायत पत्र देने वाली आशाओं और उनके परिवार डॉ सुमन्त सिंह से भयभीत दिख रहे कि हमारे साथ कुछ भी करवाया जा सकता है लेकिन फिर भी स्वास्थ विभाग के द्वारा ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई न करते हुए उन्हें साफ बचाया जा रहा है वहीं अगर अपराध मुक्त भारत की बात करने वाले उत्तर प्रदेश सरकार की बात की जाए तो दावे सिर्फ किताबी साबित हो रहे हैं। बाकी जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है ।</p>]]>
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                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
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                <pubDate>Fri, 27 Sep 2024 17:57:38 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat Balrampur]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल हुए शिकायत पर गलत रिपोर्ट लगा कर दिया मामले का निस्तारण</title>
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                        <![CDATA[क्या मिलीभगत के इस खेल में सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों द्वारा मिलेगा पीड़ित को न्याय य होता रहेगा मनमानी]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144900/the-case-was-resolved-by-filing-a-wrong-report-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/img_20240918_191831.jpg" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>पीड़ित आशा के शिकायत को दिया जा रहा सरकारी कार्य मे बाधा व जघन्य अपराध दी जा रही धमकी</strong></p>
<p> </p>
<p><strong>विशेष संवाददाता मसूद अनवर की रिपोर्ट </strong></p>
<p><strong>बलरामपुर</strong></p>
<p>सरकार विभागों व विभागीय अधिकारियों के भ्र्ष्टाचार को लेकर चाहे कितना भी आदेश व निर्देश दे और उनके ही दम पर भ्र्ष्टाचार मुक्त भारत के सुहाने सपने देखे और जितना भी दावे करे कि प्रदेश में अपराध व अपराधियों पर नकेल कसते हुए प्रदेश को भ्र्ष्टाचार से मुक्त किया जा चुका है ।लेकिन आईने की फितरत है साहब हम सच ही दिखाएंगे ।जिसका ताजा मिसाल जनपद बलरामपुर का स्वास्थ्य विभाग है जो इनदिनों काफी चर्चा में है ।जंहा मामला एक अधीक्षक डॉ सुमन्त सिंह चौहान बनाम आशा सावित्री विवाद से जुड़ा हुआ मामला जो काफी दिनों से चर्चा में रहा है जिसमे आशा सावित्री ने सुमन्त सिंह पर तमाम ऐसे आरोप लगाए जिनमे चरित्र हीनता ,आशाओ से छेड़खानी,निजी दवा की बिक्री,व अन्य आरोप लगाए जिनको लेकर विभागीय जांच टीम बना जांच व कार्यवाही का आश्वासन तो दिया गया लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा मामले को रफादफा करने की साजिश के तहत धमकी,पैसे की लालच ,राजनीतिक दबाव सारे।हथकंडे अपनाए गए जिससे मामला रफादफा हो जाये और अधीक्षक सुमन्त सिंहः पर जो आरोप लगाया गया उसका सुलह नामा लिखवा सारे आरोप से अधीक्षक बरी हो जाये लेकिन जब पीड़ित आशा सावित्री ने किसी भी दबाव में समझौता नहीं करने पर आमादा हुई तो फर्जी तरीके से सीएचसी तुलसीपुर अधीक्षक सुमन्त सिंह के द्वारा अपने सहयोगियों के माध्यम से अवैध ढंग से बिना आशा सावित्री के अनुमति व हस्ताक्षर के फर्जी तरीके से स्टाम्प खरीदा गया और उसमें कूटरचित दस्तावेज बना माफी नामा लिखवा फर्जी तरीके से विभाग के उच्च अधिकारियों को भृमित करने का खेल खेला गया कि आशा ने अपने कृत्य को लेकर माफी मांग ली है जब यह जानकारी आशा परिवार को हुई तो उनके द्वारा डीएम बलरामपुर को इस मामले से अवगत कराते हुए शिकायत पत्र दिया गया जिसमें डॉ सुमन्त सिंह द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कही गई है ।जिसको लेकर आईजीआरएस में शिकायत दर्ज हुई और विभाग से इसका स्पष्टीकरण मांगा गया जिसमें तुलसीपुर सीएचसी अधीक्षक के द्वारा मनामनी आख्या प्रस्तुत करते हुए मामले का निस्तारण करवा दिया जाता है वही दूसरी तरफ उल्टे शिकायत कर्ता आशा पर कई आरोप लगाते हुए पूर्व अधीक्षक के द्वारा धमकी दी जाने की बात सामने आ रहा है कि मिली शिकायत पर जांच कमेटी जांच कर रही अभी सीएमओ को जांच रिपोर्ट नही सौपी गई और तुमने हम पर साजिश कर फर्जी आरोप लगाया है जिसमे शाजिश कर्ताओ संग तुम्हारी भी संलिप्ता है के साथ स्टाम्प पर तुम्हारा हस्ताक्षर नही व तुम्हारे द्वारा एक अन्य शिकायत में आमरण अनशन की धमाकी दी गई और सरकारी कार्य मे तुमने बाधा डाला है जो जघन्य अपराध है जैसे शब्दों के साथ धमकी दी गई है यह कितना सही है ।</p>
<p>वही एक बात समझ से परे है कि जिसपर सारे आरोप लग रहे और उसके कई आरोप की पुष्ठि के बाद उसी अधिकारी से अस्पष्टीकर्ण विभाग द्वारा मांगा गया और उनके द्वारा आख्या लगा शिकायत के निस्तारण करने की बात भी की जारही कितना सही है ।जिससे ऐसा लगता है कि हाथी के दांत खाने व दिखाने के औऱ है । जबकि स्वास्थ विभाग बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मुकेश रस्तोगी की मंशा जो अब तक साफ नही दिख रही थी उसकी धुंधली तस्वीर दिखने लगी कि खेल क्या चल रहा ।जबकि ऐसे कई मामलों में जिसमे आशा विवाद ,निजी दवा बिक्री, अस्पताल में तमाम हेराफेरी व अवैध रूप से चोरी छिपे तमाम आये सामान को बेचने व लाकर की चाबी व विभागीय वेबसाइट का आईडी पासवर्ड जिम्मेदार को न सौप अपने पास रखने के साथ अवैध वसूली प्रकरण जिसमे ऑनलाइन रिश्वत का साक्ष्य मिलने पर सख्त विभागीय कार्यवाही न कर सिर्फ पूर्व अधीक्षक सुमन्त के बचाव में जिला प्रशासन खड़ा साफ नजर आ रहा इसकी पुष्ठि इस तहरीर से होती नजर आरही है जिससे ऐसे प्रतीत होता है कि योगी आदित्यनाथ के हर पीड़ित को न्याय के दावे मात्र दावे तक ही सीमित है और धरातल पर अधिकारियों की मनमानी पूरी तरह हावी है जिससे किसी पीड़ित को न्याय की आशा एक सुनहरे स्वप्न जैसा है जंहा आपके दूसरे घर कहे जाने वाले तुलसीपुर में एक भृष्ट अधिकारी के बचाव में आपके स्वास्थ विभाग के अधिकारी नतमस्तक नजर आरहे और इंसानियत ईमानदारी व कर्तब्य अब सिक्को के खनक के आगे बेकार साबित हो रही है ।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
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                <pubDate>Wed, 18 Sep 2024 19:54:12 +0530</pubDate>
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                <title>सीएचसी तुलसीपुर के पूर्व अधीक्षक डॉ सुमंत सिंह चौहान के कार्यकाल में आये एसी ,फ्रिज व अन्य वस्तुएं लापता</title>
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                        <![CDATA[सीएचसी तुलसीपुर में इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बाद भी बताया गया चोरी की बात]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144800/ac-fridge-and-other-items-that-came-during-the-tenure"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/28.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पूर्व अधीक्षक डॉ सुमन्त चौहान के चहेते स्टोर मैनेजर की अगर जांच हो तो होंगे बड़े खुलासे-चोरी य बिक्री</strong></p>
<p> </p>
<p><strong>बलरामपुर</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश सरकार जहां स्वास्थ सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए हर वर्ष लाखो का बजट देकर स्वास्थ सेवा एवं अस्पतालों के सुधार के दावे करती है। और उसके लिए तमाम दावाओ से लेकर चिकित्सा उपकरण को लेकर सरकार द्वारा स्वास्थ विभाग के माध्यम से लाखो खर्च कर सीएचसी व पीएचसी की व्यवस्थाओं के सुधारने में लगी हुई है । जिसको लेकर सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर स्वास्थ सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सीय उपकरण और अन्य सामग्री के लिए धन उपलब्ध करवा रही है। जिससे स्वास्थ सेवाएं और अस्पतालों के व्यवस्था बेहतर हो सके और मरीज को उसका पूरा-पूरा लाभ मिल सके । लेकिन तस्वीरे हमेशा सच बताते हैं कि सीएचसी और पीएचसी केंद्र पर व्याप्त भ्रष्टाचार किस हद को पार कर चुका है। जहां स्वास्थ विभाग की अजब गजब कहानी सामने आती है। ऐसा ही एक मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुलसीपुर से जुड़ा हुआ है जहां पूर्व सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर सुमन्त सिंह चौहान के कार्यकाल में सीएससी केंद्र तुलसीपुर को अपडेट करने के लिए लाखो रुपए के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ अन्य स्वास्थ सेवाओ से सम्बंधित उपकरण विभाग के द्वारा भेजा गया जिसमें वार्डों में लगाने के लिए दर्जनों अलमारी,ऐसी व अन्य के साथ लैपटॉप सीएचसी तुलसीपुर द्वारा लेने की जानकारी सूत्रों के द्वारा मिल रही है जिसको आए हुए लगभग एक वर्ष होने को है लेकिन उसका अतापता तक नही किस वार्ड में लगा और अन्य किसके द्वारा उपयोग में है ।</p>
<p><strong>जबकि तुलसीपुर सीएचसी में आए हुए तमाम उपकरण का कोई पता तक नहीं है। जो एक जांच का बड़ा विषय है।</strong></p>
<p> वही बताते हैं की आए हुए वस्तुओं के फोटोशूट होने के बाद ही वह लापता हो गए हैं। जिसकी जानकारी सूत्रों से मिल रही है कि आये हुए उपकरण को अवैध रूप से निजी संपत्ति समझ कर अधीक्षक सुमन्त सिंह के द्वारा बेच दिया गया है। वही अगर लेपटॉप की बात की जाए तो उसका भुगतान भी पुराने बिल का फोटो खींचकर किया गया है। जबकि सुरक्षा सीएससी तुलसीपुर में अनेक जगह पर कैमरे लगवाए गए हैं इसके साथ ही तमाम सुरक्षा की व्यवस्था भी की गई है। इसके बाद भी ऐसी घटना होना बड़ी बात है। वही अगर चोरी की घटना हुई है तो उस पर अब तक थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट तक नहीं हुआ है आखिर क्यों। जबकि इस संबंध में सूत्रों से जानकारी यह मिल रही है कि अधीक्षक सुमन्त सिंह चौहान के कार्यकाल में उनके और उनके सहयोगियों के द्वारा लगाए गए सामानों का फोटो शूट कर विभाग को संतुष्ट किया जाता है लेकिन उसके बाद ही लगे उपकरण गायब कर दिए जाते हैं और बहाना चोरी का होता है । उसको लेकर अगर स्टोर मैनेजर सीएचसी तुलसीपुर और अन्य सहयोगियों पर विभागीय जांच का शिकंजा कसा जाए तो बहुत से राज खुलकर सामने आएंगे। जहां सरकारी सेवा में मौजूद उपकरणों की सुरक्षा का यह हाल है तो उससे पहले भी तमाम विभाग द्वारा तमाम सामग्री व उपकरण जो आया है उनकी वार्षिक खरीदारी का लेखा-जोखा अगर चेक किया जाए तो और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं । वही सवाल उठता है की स्वास्थ्य विभाग में इतनी सुरक्षा के बाद भी ऐसा मामला सामने आ रहा है जो कि अपने आप में एक बड़ा सवाल है ।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
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                <pubDate>Sat, 14 Sep 2024 17:47:55 +0530</pubDate>
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