<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/20754/governor" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Governor - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/20754/rss</link>
                <description>Governor RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तकनीकी एवं नवाचार आधारित कार्यक्रम प्रारम्भ किए जाए  - राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कुलपति प्रोफेसर कविता शाह सहित सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं प्रकल्प प्रभारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के प्रारंभ में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में आयोजित नवम दीक्षांत समारोह की सफल एवं गरिमामय सम्पन्नता पर प्रसन्नता व्यक्त की । राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नेट एवं जेआरएफ में विद्यार्थियों का चयन बढ़ रहा है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159761/technology-and-innovation-based-programs-should-be-started-%E2%80%93-governor"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1762869350359-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong>सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कुलपति प्रोफेसर कविता शाह सहित सभी अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं प्रकल्प प्रभारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के प्रारंभ में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में आयोजित नवम दीक्षांत समारोह की सफल एवं गरिमामय सम्पन्नता पर प्रसन्नता व्यक्त की । राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नेट एवं जेआरएफ में विद्यार्थियों का चयन बढ़ रहा है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने शोध परियोजनाओं, शिक्षकों द्वारा प्राप्त पेटेंट्स तथा नवाचार को सराहनीय बताते हुए कहा कि शोध कार्य समाजोपयोगी होना चाहिए, जिससे शिक्षा एवं समाज दोनों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने एनईपी आधारित एकीकृत पाठ्यक्रमों, पर्यावरण विज्ञान, संगीत एवं ललित कला जैसे नए पाठ्यक्र​मों की शुरुआत को विश्वविद्यालय की दूरदर्शी पहल बताया तथा सुझाव दिया कि आगे और तकनीकी एवं नवाचार आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किए जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने साइबर सुरक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सजग करने से परिवार और उससे आगे पूरा समाज जागरूक होगा तथा भारत साइबर चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपट सकेगा। डीआरडीओ, इसरो,आई आईटी,आईआईएम सहित विभिन्न संस्थानों से एमओयू करने, फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने तथा रक्षा तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत रक्षा उत्पादन एवं निर्यात का वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है, ऐसे में विश्वविद्यालय को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुबह किए गए निरीक्षण का उल्लेख करते हुए उन्होंने ने छात्रावासों की साफ-सफाई, स्वास्थ्यवर्धक भोजन तथा समुचित व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को सरकारी योजनाओं से और अधिक फंडिंग प्राप्त कर छात्रावासों में उच्च स्तरीय सुविधाएँ प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छता की नियमित मॉनिटरिंग, पर्यावरण संरक्षण तथा प्लास्टिक के उपयोग पर रोक की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। एक विश्वविद्यालय के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि घास या प्राकृतिक अपशिष्ट से स्वयं सहायता समूह उपयोगी उत्पाद जैसे टोकरी, दरी इत्यादि बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं। इस दिशा में विश्वविद्यालय को भी प्रयास करना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्यपाल ने डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र विद्यार्थियों को समर्पित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इक़युवेशन सेंटर एवं प्लेसमेंट सेल को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न विभागो द्वारा शैक्षणिक भ्रमण महत्वपूर्ण स्थान पर ले जाने की बात कही ताकि विद्यार्थी परिषर से बाहर ऐसे महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण करते थे जो उनके लिए ज्ञानवर्धक होगा। विश्वविद्यालय में स्थापित सोलर प्लांट को और विस्तार की बात कही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलाधिपति ने विश्विद्यालय के सामाजिक दायित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थान पाठ्यक्रम के साथ ही आस पास के समाज के उत्थान एवं विकास में अनुकरणीय भूमिका है। इस हेतु नियमित संवेदनशील सक्रियता बहुत आवश्यक है। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय में सकारात्मक और पारिवारिक वातावरण के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिसर में सहचर्य, सहयोग और संवेदनशीलता होनी चाहिए। परिसर में रहने वाले परिवारों के बीच नियमित संवाद, सुख-दुख की साझेदारी और सामाजिक-परिवारिक वातावरण विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरक एवं संस्कारित माहौल तैयार करता है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ, सहयोगी और पारिवारिक वातावरण ही विश्वविद्यालय की कार्यकुशलता, उत्पादकता और मानव संसाधन विकास को सर्वाधिक समृद्ध बनाता है, और यही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> राज्यपाल ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य अंतिम नहीं होता । जहा आज खड़े हैं, कल उससे आगे बढ़ने का सतत प्रयास ही वास्तविक विकास है। यही भविष्य की दिशा है और यही जीवन का सार है। समीक्षा बैठक में कुलसचिव दीनानाथ यादव ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा समापन उद्बोधन कुलपति प्रो. कविता शाह द्वारा किया गया। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159761/technology-and-innovation-based-programs-should-be-started-%E2%80%93-governor</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159761/technology-and-innovation-based-programs-should-be-started-%E2%80%93-governor</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 20:23:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1762869350359-%281%29.jpg"                         length="108753"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंगनबाड़ी केंद्रों पर गरीब  और वंचित वर्ग के बच्चों को न सिर्फ पढ़ना लिखना सिखाया जाता है , बल्कि उसके पोषण का भी ध्यान रखा जाता है : राज्यपाल </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>सिद्धार्थनगर । </strong>आंगनबाड़ी केन्द्रों को सक्षम एवं संसाधन सम्पन्न बनाने की एक सशक्त पहल के अन्तर्गत आगनबाडी संसाधन किट वितरण  राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल द्वारा गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में किया गया।</div>
<div>  </div>
<div>  इसके पश्चात शिवपति इन्टर कालेज की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं कपिलवस्तु गीत प्रस्तुत किया गया तथा आंगनबाड़ी केन्द्र रमवापुर, बर्डपुर नं0-7 के बच्चों द्वारा कविता एवं गिनती आदि सुनाया गया। तथा स्नातक की छात्रा कलावती द्वारा दहेज प्रथा एव स्नातक के छात्र सर्वज्ञ गौड द्वारा विकसित भारत पर अपने विचार प्रस्तुत किये गये।</div>
<div>  </div>
<div>  राज्यपाल  आनन्दी बेन पटेल ने आगनबाडी और परिषदीय विद्यालयों के</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149989/at-anganwadi-centers-poor-and-disadvantaged-children-are-not-only"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/1742224542272.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>सिद्धार्थनगर । </strong>आंगनबाड़ी केन्द्रों को सक्षम एवं संसाधन सम्पन्न बनाने की एक सशक्त पहल के अन्तर्गत आगनबाडी संसाधन किट वितरण  राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल द्वारा गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर में किया गया।</div>
<div> </div>
<div> इसके पश्चात शिवपति इन्टर कालेज की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं कपिलवस्तु गीत प्रस्तुत किया गया तथा आंगनबाड़ी केन्द्र रमवापुर, बर्डपुर नं0-7 के बच्चों द्वारा कविता एवं गिनती आदि सुनाया गया। तथा स्नातक की छात्रा कलावती द्वारा दहेज प्रथा एव स्नातक के छात्र सर्वज्ञ गौड द्वारा विकसित भारत पर अपने विचार प्रस्तुत किये गये।</div>
<div> </div>
<div> राज्यपाल  आनन्दी बेन पटेल ने आगनबाडी और परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के नृत्य और अभिनय की प्रशंसा की और कहा कि इन बच्चों के प्रदर्शन ने सभी को अभीभूत किया है। हमें इन्हीं प्रतिभाशाली बच्चों को तैयार कर  प्रधानमंत्री  के सपनों के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को साकार करना है। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक बच्चा आंगनबाडी केंद्र और विद्यालयों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र समाज के लिए बेहद अहम हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को न सिर्फ पढना लिखना सिखाया जाता है, बल्कि उनके पोषण का भी ध्यान रखा जाता है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण द्वारा प्री स्कूल किट के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने इन केंद्र पर बाल मनोविज्ञान को बढ़ावा दिए जाने की पर जोर दिया, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक परिवेश प्राप्त हो और उनका व्यक्तित्व विकसित हो सके।  राज्यपाल ने कहा कि यह जनपद आर्थिक दृष्टि से कमजोर है। बच्चों के विकास हेतु आंगनबाडी किट दी जा रही है। मेरा प्रयास होता है कि जहा भी हम जाये वहां पर आंगनबाडी कार्यकत्रियों को किट वितरण हो।</div>
<div> </div>
<div>अब तक प्रदेश में 30 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों पर किट पहुँच गई है। हमें संकल्प लेकर कार्य करना चाहिए। हमे अपना आचरण एवं व्यहार को शुद्ध रखना चाहिए। घर का माहौल जैसा होता है बच्चे बही सीखते है। अपने घर का वातावरण सही रखे जिससे बच्चों का सही विकास हो। प्रधानमंत्री आयुष्मान योजनान्तर्गत रू० 5 लाख तक का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है।  राज्यपाल ने निक्षय मित्रों का अभिनन्दन करते हुए कहा कि आप लोगों ने टीबी के मरीजों को गोद लिया है। और उन्हें पोषण पोटली दिया है। टीबी मरीजों के घरों पर जाकर उन्हें जागरूक करे तथा प्रोत्साहित करें।</div>
<div> </div>
<div>आवास योजना, स्वामित्व योजना के अन्तर्गत घरौनी प्रमाण-पत्र दिया जा रहा है। सभी अधिकारी अच्छी तरह से नियमानुसार कार्य करें। कार्य में गड़बड़ी हो तो सुधार करे। अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों को भारत सरकार/प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को दिलायें। आप लोगों को समाज की सेवा करने का अवसर मिला है समाज की सेवा करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अन्तर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों को मातृ भाषा में पढ़ाना है। </div>
<div> </div>
<div> इस अवसर पर  विधायक   श्यामधनी राही.  जिला पंचायत अध्यक्ष  शीतल सिंह कुलपति  प्रो० कविता शाह, जिलाधिकारी डा० राजा गणपति आर०, पुलिस अधीक्षक डा० अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी  जयेन्द्र कुमार ,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) गौरव कुमार श्रीवास्तव अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी पीडी नागेन्द्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ गोपाल प्रसाद कुशवाहा, जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार जिला कार्यकम अधिकारी मनोज शुक्ला, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आशा व अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149989/at-anganwadi-centers-poor-and-disadvantaged-children-are-not-only</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149989/at-anganwadi-centers-poor-and-disadvantaged-children-are-not-only</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 13:43:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/1742224542272.jpg"                         length="111542"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भव्या व दीपक को राज्यपाल ने किया सम्मानित </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>  कुमारगंज [अयोध्या]- </strong>आचार्य नरेंद्र कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की छात्रा भव्या ने राज भवन लखनऊ में आयोजित राज्य विश्वविद्यालयों की प्रतियोगिता में देश भक्ति गीत गाकर  प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरी तरफ़ छात्र विकास कुमार चौरसिया ने कविता पाठ प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर देश व प्रदेश स्तर पर पूरे विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। </div>
<div>  </div>
<div>प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने हाथों से प्रमाण पत्र देकर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस सफलता के लिए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने विकास व भव्या को ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। </div>
<div>  </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0224.jpg" alt="भव्या व दीपक को राज्यपाल ने किया सम्मानित " width="1200" height="737" />लौह पुरुष सरदार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147693/governor-honored-bhavya-and-deepak%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250122-wa0223.jpg" alt=""></a><br /><div><strong> कुमारगंज [अयोध्या]- </strong>आचार्य नरेंद्र कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की छात्रा भव्या ने राज भवन लखनऊ में आयोजित राज्य विश्वविद्यालयों की प्रतियोगिता में देश भक्ति गीत गाकर  प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरी तरफ़ छात्र विकास कुमार चौरसिया ने कविता पाठ प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान हासिल कर देश व प्रदेश स्तर पर पूरे विश्वविद्यालय का मान बढ़ाया है। </div>
<div> </div>
<div>प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने हाथों से प्रमाण पत्र देकर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इस सफलता के लिए कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने विकास व भव्या को ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं दी। </div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0224.jpg" alt="भव्या व दीपक को राज्यपाल ने किया सम्मानित " width="1600" height="737"></img>लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 148वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में राजभवन लखनऊ में राज्य विश्वविद्यालयों की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। कुलपति के दिशा-निर्देशन में देशभक्ति गीत, कविता पाठ व एकल नाटकीय प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं  ने प्रतिभाग किया था। </div>
<div> </div>
<div> नोडल अधिकारी डॉ नवाज खान व डॉ पूनम सिंह के नेतृत्व मेंञ छात्रों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ डी. नियोगी ने  छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147693/governor-honored-bhavya-and-deepak%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147693/governor-honored-bhavya-and-deepak%C2%A0</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Jan 2025 18:19:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/img-20250122-wa0223.jpg"                         length="188599"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है महाकुंभ : राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>जौनपुर । </strong>हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला प्रयागराज में लगे महाकुंभ के बारे में वहां पर की गई व्यवस्थाओं पर कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था सराहनीय है, यह ऐतिहासिक अवसर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला रविवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मछली शहर तहसील क्षेत्र के निजामुद्दीन पुर गांव में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री जगत नारायण दुबे की पौत्री के विवाह समारोह में शामिल होने के पश्चात पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।</div>
<div> </div>
<div>राज्यपाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147553/mahakumbh-is-a-symbol-of-indias-religious-and-cultural-heritage"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/unnamed-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>जौनपुर । </strong>हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला प्रयागराज में लगे महाकुंभ के बारे में वहां पर की गई व्यवस्थाओं पर कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था सराहनीय है, यह ऐतिहासिक अवसर रहेगा। उन्होंने कहा कि यह महाकुंभ भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला रविवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मछली शहर तहसील क्षेत्र के निजामुद्दीन पुर गांव में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री जगत नारायण दुबे की पौत्री के विवाह समारोह में शामिल होने के पश्चात पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।</div>
<div> </div>
<div>राज्यपाल ने आगामी महाकुंभ के बारे में अपने विचार साझा करते हुए बताया कि महाकुंभ का आयोजन 12 वर्षों के अंतराल में होता है, और यह संयोग 144 वर्षों बाद आया है। यह अवसर किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। राज्यपाल ने कहा कि इस बार महाकुंभ के आयोजन के लिए सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं, ताकि हर एक श्रद्धालु को बेहतर सुविधा और सुरक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद आकर महाकुंभ के पूजन की प्रक्रिया को सम्पन्न किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>राज्यपाल ने यह भी बताया कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं, और ऐसे में करोड़ों लोगों के आगमन के साथ व्यवस्थाओं का सही तरीके से संचालन अत्यधिक महत्वपूर्ण है।राज्यपाल ने महाकुंभ को शास्त्रीय और सामाजिक दृष्टि से भारत की सनातन परंपरा का एक अद्वितीय अवसर बताया। उनका कहना था कि यह आयोजन भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है और इसे लेकर सभी श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए इस पर्व का सही तरीके से लाभ उठाना चाहिए। राज्यपाल ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे शांतिपूर्वक और सुरक्षित रूप से इस महाकुंभ के दौरान अपनी धार्मिक क्रियाएं सम्पन्न करें और प्रशासन के साथ सहयोग करें, ताकि यह ऐतिहासिक अवसर सभी के लिए सुखद और स्मरणीय बन सके।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147553/mahakumbh-is-a-symbol-of-indias-religious-and-cultural-heritage</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/147553/mahakumbh-is-a-symbol-of-indias-religious-and-cultural-heritage</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Jan 2025 19:56:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/unnamed-%281%291.jpg"                         length="35155"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राज्यपाल ने राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह कार्यक्रम का किया शुभारम्भ।</title>
                                    <description><![CDATA[ 100 आंगनबाड़ी केन्द्रों को सुसज्जित करने के लिए प्री स्कूल किट का किया वितरण।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144722/the-governor-inaugurated-the-convocation-ceremony-of-rajarshi-tandon-open"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/img-20240911-wa0124.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>प्रयागराज।</strong>राज्यपाल उत्तर प्रदेश  आनंदीबेन पटेल बुधवार को राजर्षि टण्डन मुक्त  विश्वविद्यालय में आयोजित 19वें दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में सम्मिलित हुई।   इस अवसर पर राज्यपाल के द्वारा प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को स्कूल बैग एवं अन्य उपहार सामाग्री का वितरण किया गया तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्यकत्रियों को खेल का सामान व आंगनबाड़ी किट प्रदान किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  ने विभिन्न विद्यालयों में करायी गयी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही विभिन्न विद्यालयों में अच्छा कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। </div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर आयोजित दीक्षांत समारोह में 26 विद्यार्थिंयों को स्वर्ण पदक तथा स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के कुल 31,940 छात्रों को उपाधियां दी गयी।  राज्यपाल महोदया ने कहा कि पदक प्राप्त करने में छात्राओं की संख्या अधिक है, जो बेटियों द्वारा की जा रही मेहनत एवं दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करता है।</div>
<div> राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  ने कार्यक्रम में सभी पदक व उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मैं आपके माता-पिता, अध्यापकों और विश्वविद्यालय की टीम के सभी लोगों को भी बधाई देती हूँ। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देने में माताओं का विशेष योगदान रहता है। माताएं अपने अनुभव से बच्चों का पालन पोषण करती है तथा बच्चों को संस्कारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि बच्चों का संस्कार, कल्चर, व्यवहार, भाषा अच्छे ढंग से होना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div> विश्वविद्यालय के लिए केन्द्र व राज्य सरकार से जो भी बजट प्राप्त हो रहे है, उसका उपयोग बच्चों के कल्याण के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रति वर्ष बजट बढ़ाया जा रहा है। इसका उपयोग नए-नए प्रोजेक्ट बनाने में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार, राज्य सरकार के साथ-साथ यूजीसी के द्वारा भी बजट उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिवर्ष 1 लाख विद्यार्थिंयों को 10 लाख रूपये ब्याज से मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है, जिससे युवा अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते है। इसके अलावा अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ विद्यार्थिंयों को प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत देश की शीर्ष कम्पनियों में काम करने का अवसर मिलेगा। </div>
<div> </div>
<div> माडल कौशल ऋण योजना के तहत 25 हजार विद्यार्थिंयों को प्रतिवर्ष 7.5 लाख रूपये ऋण उपलब्ध कराये जाने की सुविधा प्रदान की गयी है। मा0 राज्यपाल महोदया ने कहा कि विद्यार्थिंयों की सुविधा के लिए डीजी लॉकर में अंक तालिकाओं, डिग्रियों को अपलोड़ किए जाने की व्यवस्था से विद्यार्थिंयों को अत्यधिक सुविधा मिल रही है। उन्होंने समर्थ पोर्टल व्यवस्था की महत्ता के बारे में भी बताया।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div> राज्यपाल महोदया ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके उच्च स्तरीय शोध तथा गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन से होती है और वर्तमान समय में यह विश्वविद्यालय विश्व के श्रेष्ठतम विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बनाने में तभी सफल हो पाएगा जब शिक्षण कार्यों तथा शोध के क्षेत्र में गुणवत्ता और उत्कृष्टता होगी। नए भारत के निर्माण के लिए विश्वविद्यालयों को नए ज्ञान का सृजन और विस्तार करना होगा।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे गुणवत्ता और सुशासन के सही समन्वय के द्वारा शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार में श्रेष्ठता हासिल करने की संस्कृति को विकसित करें ताकि संस्थान और विद्यार्थिगण दोनों ही वैश्विक मानकों के अनुरूप अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। मेरा मानना है कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा न केवल छात्र-छात्राओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करती है, बल्कि वह समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी प्रोत्साहित करती है।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-09/img-20240911-wa0248.jpg" alt="IMG-20240911-WA0248" width="1280" height="960"></img>उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को उत्कृष्ट स्तर पर ले जाने के लिये समय-समय पर गोष्ठियां एवं सेमिनार आयोजित किये जाने चाहिये। इससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर प्राप्त होते हैं। आज का युग संचार और प्रौद्योगिकी में क्रांति का है, जिसका उपयोग न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने में सहायक है, बल्कि ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म्स, ऑनलाइन संसाधन और डिजिटल लाइब्रेरी आदि शिक्षा की गुणवत्ता में अहम् भूमिका निभाने का कारक बन रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इस अवसर पर मुख्य अतिथि केन्द्रीय विश्वविद्यालय दक्षिण बिहार बोधगया के कुलपित श्री कामेश्वर नाथ सिंह ने कहा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था भारतीय सांस्कृतिक मूल्य और भारतीय जीवन दृष्टि के अनुरूप होनी चाहिए, तभी हम एक समावेशी भारत को मूर्त रूप दे सकेंगे। उन्होंने पदक विजेताओं एवं उपाधि प्राप्त करने वाले शिक्षार्थियों से कहा कि वह अपने जीवन में नैतिकता एवं मानवीय मूल्य का समावेश करते हुए जीवन को व्यावहारिक रूप प्रदान करें।  प्रोफेसर सिंह ने कहा कि शोध के उन्नयन एवं विकास हेतु अधिक से अधिक शोध परियोजनाओं को चलाने के लिए शिक्षकों को आगे आना होगा।</div>
<div> </div>
<div>इसके साथ ही स्थानीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप शोध हेतु प्राथमिकता वाले क्षेत्र तय करने होंगे। कुलपति प्रोफेसर सिंह ने कहा कि आज जरूरत है आध्यात्म को विज्ञान से, परमार्थ को व्यवहार से, परम्परा को आधुनिकता से जोड़ते हुए वैयक्तिक, सामाजिक एवं वैश्विक जीवन में समरसता स्थापित की जाए। उन्होंने भारत रत्न राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन का स्मरण करते हुए कहा कि टंडन जी ने अपने तपोनिष्ठ जीवन में नैतिकता और संयम की मर्यादा का पालन किया। हमें उनके जीवन्त आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना होगा।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने गर्व से कहा कि टंडन जी के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय विगत 26 वर्षों से अपनी उपलब्धियों के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक क्षितिज पर अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को पूरा करने में मुक्त विश्वविद्यालय की भूमिका बढ़ गई है। 24 करोड़ से अधिक की इस विशाल जनसंख्या वाले राज्य में ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक भारतीय ज्ञान परंपरा की पहुंच बनाई जा सकती है।  प्रोफेसर सिंह ने प्रदेशवासियों को रोजगार परक एवं कौशल युक्त शिक्षा को मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से सर्व सुलभ बनाने के लिए मुक्त विश्वविद्यालय की सराहना की।इस अवसर पर मंत्री, उच्च शिक्षा विभाग  योगेन्द्र उपाध्याय ने मेडल एवं उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थिंयों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। </div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/144722/the-governor-inaugurated-the-convocation-ceremony-of-rajarshi-tandon-open</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/144722/the-governor-inaugurated-the-convocation-ceremony-of-rajarshi-tandon-open</guid>
                <pubDate>Thu, 12 Sep 2024 16:21:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-09/img-20240911-wa0124.jpg"                         length="246899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        