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                <title>CM Nitish Kumar - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>CM Nitish Kumar RSS Feed</description>
                
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                <title>गोपालगंज मे जदयू का तीसरी बार जिला अध्यक्ष बने प्रमोद कुमार पटेल को लोगों ने दिया बधाई एवं शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>गोपालगंज, </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जनता दल यूनाइटेड सांगठनिक चुनाव 2026 संपन्न होने के उपरांत गोपालगंज जिला में जनता दल यूनाइटेड पार्टी जिला अध्यक्ष के पद पर तीसरी बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के लोकप्रिय विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के अनुशंसा पर राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार मुन्ना ने पार्टी के पुराने साथी और 1994 के संस्थापक सदस्य प्रदेश महासचिव रहे प्रमोद कुमार पटेल को जिला अध्यक्ष निर्वाचित करते हुए एक बार फिर श्री पटेल पर विश्वास पार्टी ने जताया है श्री पटेल इसके पूर्व  गोपालगंज में 2016 से 2021 तक जिला अध्यक्ष का कमान संभाल चुके हैं ,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173245/people-congratulated-and-congratulated-pramod-kumar-patel-who-became-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1002699618.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>गोपालगंज, </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जनता दल यूनाइटेड सांगठनिक चुनाव 2026 संपन्न होने के उपरांत गोपालगंज जिला में जनता दल यूनाइटेड पार्टी जिला अध्यक्ष के पद पर तीसरी बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के लोकप्रिय विकास पुरुष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  के अनुशंसा पर राज्य निर्वाचन पदाधिकारी अशोक कुमार मुन्ना ने पार्टी के पुराने साथी और 1994 के संस्थापक सदस्य प्रदेश महासचिव रहे प्रमोद कुमार पटेल को जिला अध्यक्ष निर्वाचित करते हुए एक बार फिर श्री पटेल पर विश्वास पार्टी ने जताया है श्री पटेल इसके पूर्व  गोपालगंज में 2016 से 2021 तक जिला अध्यक्ष का कमान संभाल चुके हैं ,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> गोपालगंज जनता दल यूनाइटेड का जिला अध्यक्ष बनने पर कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है! पार्टी के नेताओं ने खुशी का इजहार करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्य सभा सांसद संजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सह सांसद डॉo आलोक कुमार सुमन, बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार, प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार, वासुदेव कुशवाहा, विधायक सह सचेतक मंजीत कुमार सिंह, पूर्व मंत्री सह विधायक रामसेवक सिंह कुशवाहा,</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> विधायक सह प्रश्न एव्ं ध्यानाकर्षण  समिति के सभापति अमरेंद्र कुमार पांडेय, मिथिलेश कुमार तिवारी, इंद्रदेव सिंह पटेल, भीष्म प्रताप सिंह कुशवाहा, विधान पार्षद राजीव कुमार, प्रोo डॉo वीरेंद्र नारायण यादव, पूर्व विधायक रियाजुल हक राजू , छोटेलाल राय, जिला परिषद अध्यक्ष सिवान संगीता यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष संदीप कुमार गिरी, जदयू पूर्व जिला अध्यक्ष सदानंद सिंह, आदित्य शंकर शाही , प्रोo अनुजा सिंह, सहित पार्टी एव्ं एनडीए के हजारों नेताओं, पदाधिकारीयो एवं कार्यकर्ताओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है! श्री पटेल ने कहा कि संगठन को और धारदार बनाते हुए पुराने साथियों को सम्मानित किया जाएगा और नए साथियों को पार्टी से जोड़ा जाएगा, नीतीश कुमार जी की सरकार मे 20 वर्षों में किए गए विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 19:37:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>घुंघट हो या हिजाब गरिमा का सार्वजनिक उल्लंघन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारतीय समाज में सदियों से महिलाएँ अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए संघर्ष करती रही हैं। पितृसत्तात्मक समाज में उम्मीद थी कि अब महिलाओं को सम्मान मिलेगा, लेकिन हाल की घटना ने एक साथ कई प्रतिष्ठित पुरुषवादी चेहरों का सच उजागर कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के एक सरकारी कार्यक्रम में, जब नवनियुक्त महिला डॉक्टर मंच पर अपना पत्र लेने आईं, तो नीतीश कुमार ने उनके चेहरे से हिजाब (या निकाब) खींचकर नीचे कर दिया। वीडियो में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163505/be-it-veil-or-hijab-public-violation-of-dignity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/download-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारतीय समाज में सदियों से महिलाएँ अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए संघर्ष करती रही हैं। पितृसत्तात्मक समाज में उम्मीद थी कि अब महिलाओं को सम्मान मिलेगा, लेकिन हाल की घटना ने एक साथ कई प्रतिष्ठित पुरुषवादी चेहरों का सच उजागर कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पटना में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरण के एक सरकारी कार्यक्रम में, जब नवनियुक्त महिला डॉक्टर मंच पर अपना पत्र लेने आईं, तो नीतीश कुमार ने उनके चेहरे से हिजाब (या निकाब) खींचकर नीचे कर दिया। वीडियो में साफ दिखता है कि मंच पर मौजूद अन्य लोग, जिन्हें सभ्य कहा जाता है, हँसने लगते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुछ लोग इसे सुरक्षा कारणों से जोड़कर बचाव कर रहे हैं और कहते हैं कि मुख्यमंत्री शायद पहचान सत्यापित करना चाहते थे। लेकिन सवाल यह है कि क्या इसके लिए किसी महिला की व्यक्तिगत पसंद और गरिमा का सार्वजनिक उल्लंघन जायज है? </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल्पना कीजिए, अगर उस महिला डॉक्टर की जगह मंच पर हँसने वाले पुरुषों की बेटी, बहू या पत्नी होती, तो क्या उन्हें हँसी आती? शायद नहीं, क्योंकि वे अपनी महिलाओं की गरिमा समझते हैं। दूसरी कल्पना कीजिए: अगर महिलाओं से भरे मंच पर कोई महिला नेता पुरुष को सम्मान दे रही होती और इसी तरह का व्यवहार करती, तो क्या प्रतिक्रिया होती?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे पहले, यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री सचिवालय में था, जहाँ सुरक्षा की सख्त व्यवस्था होती है। नियुक्ति पत्र लेने वाले हर व्यक्ति की आईडी, नाम और फोटो पहले से सत्यापित होते हैं। महिला सुरक्षाकर्मी कपड़ों की जाँच करती हैं। अगर कोई खतरा होता, तो महिला को मंच पर पहुँचने ही नहीं दिया जाता। पहचान पुष्टि के लिए हिजाब हटाने की जरूरत नहीं थी, उन्हें इशारे से या अलग से कहा जा सकता था। खुद हाथ बढ़ाकर खींचना बदतमीजी ही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरे, यह महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक अधिकार का मामला है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता देता है, अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार और अनुच्छेद 21 सम्मानजनक जीवन का अधिकार। घूँघट हो या हिजाब, महिला को छूना या खींचना अपराध है। सार्वजनिक मंच पर ऐसा व्यवहार निजता का हनन है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तीसरे, सत्ता में बैठे व्यक्ति से अधिक संवेदनशीलता की उम्मीद होती है। नीतीश कुमार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करते हैं। बिहार में लड़कियों की शिक्षा और साइकिल योजना उनके क्रेडिट पर हैं। लेकिन यह घटना उन दावों पर सवाल उठाती है। मंच पर हँसते लोग और मुख्यमंत्री का व्यवहार महिलाओं के प्रति पुरुषों की तुच्छ सोच दर्शाता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">और तो और, एनडीए के एक सहयोगी मंत्री ने इस घटना पर बचाव करते हुए बेहद घटिया बयान दिया – "नकाब ही तो खींचा है, इतना हो गया... कहीं और छू देते तो क्या होता?" यह बयान हंसते हुए दिया गया, जो महिलाओं के प्रति घोर असंवेदनशीलता और पुरुषवादी मानसिकता को पूरी तरह उजागर करता है। ऐसे शब्द न केवल अपमानजनक हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की गरिमा को और कमजोर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह न केवल एक महिला का अपमान है, बल्कि पूरे समाज को गलत संदेश देता है। समाज में महिलाओं की गरिमा और स्वतंत्रता का सम्मान हर हाल में जरूरी है। सत्ता का दुरुपयोग कभी स्वीकार्य नहीं हो सकता। केवल तभी हम सचमुच एक सशक्त और समावेशी समाज की ओर बढ़ सकेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 16:54:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नितीश के लगातार तेजस्वी से मिलने के क्या हैं करण</title>
                                    <description><![CDATA[<div>बिहार विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से अधिक वाकी है लेकिन वहां सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। विदित हो कि केंद्र की एनडीए सरकार नितीश कुमार के सहारे पर टिकी है वहीं बिहार में भी भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू ( नितीश कुमार की पार्टी ) का गठबंधन है। अभी हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो बार आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मिल चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात को एक औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है लेकिन राजनैतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का मानना है कि क्या नितीश कुमार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144567/what-is-the-reason-for-nitish-continuously-meeting-tejashwi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/img_20240907_121349.jpg" alt=""></a><br /><div>बिहार विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से अधिक वाकी है लेकिन वहां सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। विदित हो कि केंद्र की एनडीए सरकार नितीश कुमार के सहारे पर टिकी है वहीं बिहार में भी भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू ( नितीश कुमार की पार्टी ) का गठबंधन है। अभी हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दो बार आरजेडी नेता तेजस्वी यादव से मिल चुके हैं। हालांकि इस मुलाकात को एक औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है लेकिन राजनैतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का मानना है कि क्या नितीश कुमार फिर से खेला करेंगे।</div>
<div> </div>
<div>यह सत्य है कि नितीश कुमार केन्द्र की सरकार से पूरी तरह से खुश नहीं हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने जेडीयू के सामने एक बात रखी थी कि अबकी बार बिहार में मुख्यमंत्री भजपा का होगा। जिसे नितीश कुमार कभी नहीं मान सकते। नितीश अभी हाल ही में दो बार पलटी मार चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर उन्होंने बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा था ढाई साल सरकार चलाने के बाद वह भाजपा से गठबंधन तोड़ कर तेजस्वी यादव से मिल गये। कुछ समय सरकार चली और वह फिर से भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में वापिस चले गए और लोकसभा का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा।</div>
<div> </div>
<div>नितीश कुमार का अगला कदम क्या होगा यह कोई नहीं बता सकता। इस सप्ताह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बीच कम से कम दो बार मुलाकात हुई हैं। ये बैठकें जातीय जनगणना और उससे जुड़े राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित थीं। पहली मुलाकात एक आधिकारिक बैठक के रूप में हुई थी, और इसके बाद एक और मुलाकात हुई, जिससे बिहार की राजनीतिक हलचलें तेज हो गईं। बीजेपी नेताओं ने इस मुलाकातों को लेकर आलोचना भी की है।</div>
<div> </div>
<div>खासकर यह दावा किया गया है कि बिहार सरकार तेजस्वी यादव के इशारे पर नहीं चलेगी। क्या तेजस्वी का इस सरकार में दखल है, और नितीश सरकार चलाने में तेजस्वी से चर्चा क्यों कर रहे हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बिल्कुल रास नहीं आ रही है। यदि बिहार में कुछ खेला होता है तो इसका असर स्वाभाविक रुप से केन्द्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा। क्यों कि केन्द्र सरकार के एक पिलर नितीश कुमार की पार्टी जेडीयू भी है। तेजस्वी से इन मुलाकातों पर भारतीय जनता पार्टी आलाकमान की भी नजर होगी। </div>
<div> </div>
<div>केन्द्र में इस बार भारतीय जनता पार्टी को अकेले दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला है और वह पूरी तरह से नितीश कुमार और चन्द्र बाबू नायडू पर निर्भर है। और ऐसे में यदि नितीश कुमार बिहार में कुछ नया करने जा रहे हैं तो केन्द्र की सरकार मुश्किल में आ सकती है। राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव पहले ही यह बात बोल चुके हैं कि केंद्र की यह सरकार ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है।तो फिर क्या यह माना जाये कि देश की राजनीति में कुछ उबाल आने वाला है।</div>
<div> </div>
<div>केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जेडीयू को विशेष तवज्जो नहीं दी गई है और न ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है। हां यह जरूर है कि एक स्पेशल पैकेज बिहार को दिया गया है। और बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार से जब पूछा गया था कि आपकी बिहार को विशेष दर्जा देने की मांग को नहीं माना गया है तो नितीश कुमार का कहना था कि जब स्पेशल पैकेज दे दिया गया है तो फिर बात ही खत्म हो गई। नितीश कुमार कभी एक दम से निर्णय नहीं लेते हैं वह समय देते हैं और जब निर्णय लेते हैं तो किसी की समझ में नहीं आता है।</div>
<div>इस समय भी नितीश कुमार की राजनीति किसी के समझ में नहीं आ रही है कि वह क्या चाहते हैं और उनका अगला कदम क्या होगा। </div>
<div> </div>
<div>नितीश अभी कल ही लालू प्रसाद यादव के घर पहुंचे और उनके हालचाल लिए। इसके बाद तेजस्वी यादव से भी उनकी बातचीत हुई। यह भारतीय जनता पार्टी के लिए एक चिंता का विषय है और राज्य के कई भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसका विरोध भी किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बिहार सरकार में तेजस्वी यादव का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। लेकिन यदि राजनैतिक विशेषज्ञों की बात करें तो यह मुलाकात मात्र औपचारिकता नहीं है, इसमें कई राजनीतिक मुद्दे छिपे हुए हैं। और नितीश कुमार तो ऐसे कार्यों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। आने वाले समय में इसके परिणाम दिखने लगेंगे।</div>
<div> </div>
<div>भाजपा आलाकमान या तो नितीश कुमार की जो नाराज़गी हैं उनको दूर करेंगे और या नितीश कुमार कोई अगला कदम उठा सकते हैं। बिहार विधानसभा चुनाव में अभी एक वर्ष का समय है। और भारतीय जनता पार्टी ने नितीश के सामने एक प्रश्न रखा था कि अगले चुनाव में बिहार में मुख्यमंत्री का चेहरा भारतीय जनता पार्टी से होगा जिसपर नितीश कुमार ने नाराज़गी भी जताई थी। बिहार के लिए यह कहा जा जाता है कि जब तक नितीश कुमार राजनीति में हैं तब तक वहां मुख्यमंत्री का चेहरा और कोई नहीं हो सकता क्योंकि नितीश के पास दो विकल्प बराबर रहते हैं और वह इन विकल्पों का प्रयोग भी करते रहते हैं। वह कभी भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगा कर आरजेडी के साथ आ जाते हैं और कभी आरजेडी छोड़कर फिर से भारतीय जनता पार्टी से मिल जाते हैं। सबसे ज्यादा बार शपथ ग्रहण करने का भी रिकार्ड है।</div>
<div> </div>
<div><strong>जितेन्द्र सिंह पत्रकार </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Sep 2024 17:12:39 +0530</pubDate>
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