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                <title>fir - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>अयोध्या पुलिस चोर पर मेहरबान, 24 घंटे बाद भी नहीं दर्ज किया केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800" /></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173460/ayodhya-police-was-kind-to-the-thief-but-did-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17-(1).jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मिल्कीपुर अयोध्या </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><br />इनायत नगर थाना क्षेत्र में एक किराना स्टोर से दाल चोरी करने के आरोपी को दुकानदार और ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। दुकानदार ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना इनायत नगर थाना क्षेत्र के पांच नंबर चौराहा स्थित उमेश चंद्र किराना स्टोर की है। दुकानदार उमेश चंद्र का आरोप है कि वर्ष 2017 से उनकी दुकान से करीब 20 लाख रुपये का सामान चोरी हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/whatsapp-image-2026-03-18-at-14.01.17.jpeg" alt="किराना स्टोर से चोरी का वीडियो वायरल" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिकायतकर्ता उमेश चंद्र के अनुसार, 16 मार्च 2026 की सुबह एक ग्राहक ने दाल मांगी। जब दुकानदार दाल रखने वाली जगह पर गया, तो वहां से दाल गायब मिली। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें पास का ही एक युवक दाल की बोरी चुराते हुए स्पष्ट दिखाई दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज दिखाए। पुलिस आरोपी युवक को पकड़कर थाने ले गई। दुकानदार ने मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र भी दिया है,</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन पुलिस ने अभी मामले में कोई भी प्राथमिकी नहीं दर्ज की है, अलबत्ता पकड़े गए शातिर चोर पर मेहरबान दिख रही है । इस संबंध में जब थानाध्यक्ष रतन शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 15:52:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत,निष्पक्ष जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी।</strong> नैनी क्षेत्र के इंदलपुर ग्राम में जल संस्थान कर्मी इंद्रजीत भारतीया (30) की खुदकुशी के मामले में उसकी मां इन्द्रकली ने सवाल उठाया है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बेटे की मौत की जांच अपराध शाखा पुलिस से कराने की मांग की है।  मृतक आश्रित उसकी मां इन्द्रकली पत्नी स्वर्गीय हरिश्चंद्र ने जनसुनवाई पोर्टल में दर्ज कराई गई शिकायत में बेटे की हत्या किए जाने का शक जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञात हो कि 24 जनवरी 2026 की रात में इंद्रजीत भारतीया (30) पुत्र स्वर्गीय हरिश्चंद्र भारतीया का शव उसके कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था। इंद्रजीत</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171815/complaint-lodged-on-jansunwai-portal-demand-for-impartial-investigation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/hindi-divas49.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी।</strong> नैनी क्षेत्र के इंदलपुर ग्राम में जल संस्थान कर्मी इंद्रजीत भारतीया (30) की खुदकुशी के मामले में उसकी मां इन्द्रकली ने सवाल उठाया है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायती प्रार्थना पत्र देकर बेटे की मौत की जांच अपराध शाखा पुलिस से कराने की मांग की है।  मृतक आश्रित उसकी मां इन्द्रकली पत्नी स्वर्गीय हरिश्चंद्र ने जनसुनवाई पोर्टल में दर्ज कराई गई शिकायत में बेटे की हत्या किए जाने का शक जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञात हो कि 24 जनवरी 2026 की रात में इंद्रजीत भारतीया (30) पुत्र स्वर्गीय हरिश्चंद्र भारतीया का शव उसके कमरे में पंखे से लटका हुआ मिला था। इंद्रजीत भारतीया जल संस्थान के इंदलपुर पानी की टंकी में तैनात रहा। उसकी मां इन्द्रकली ने बेटे की हत्या का शक जाहिर की है।  और मामले में निष्पक्ष जांच व एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/171815/complaint-lodged-on-jansunwai-portal-demand-for-impartial-investigation</link>
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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:46:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में फूड इंस्पेक्टर सस्पेंड, 3 अधिकारियों पर केस दर्ज करने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री राजेश नागर सख्त नजर आए। बैठक में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए फूड इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत तीन अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p>राज्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच लाडवा के एसडीएम अनुभव मेहता ने की थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विभागीय आदेशों की अवहेलना की गई और डिपो की सप्लाई को नियमों के विपरीत दूर-दराज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164123/haryana-food-inspector-suspended-in-haryana-orders-to-register-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/haryana-news---2025-12-23t222447.087.jpg" alt=""></a><br /><p>Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्यमंत्री राजेश नागर सख्त नजर आए। बैठक में सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए फूड इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत तीन अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।</p>
<p>राज्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच लाडवा के एसडीएम अनुभव मेहता ने की थी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विभागीय आदेशों की अवहेलना की गई और डिपो की सप्लाई को नियमों के विपरीत दूर-दराज के गांवों से जोड़ दिया गया।</p>
<h3><strong>सप्लाई को पास के बजाय दूर के गांवों से जोड़ा</strong></h3>
<p>डिपो होल्डर सोनू नारंग ने शिकायत में बताया कि जुलाई और अक्टूबर में राज्यमंत्री की ओर से स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे कि जिन डिपो की सप्लाई बंद या सस्पेंड है, उन्हें नजदीकी डिपो से जोड़ा जाए। इसके बावजूद फूड इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने सप्लाई को दूर-दूर के गांवों से जोड़ दिया, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।</p>
<h3><strong>शिकायत के बाद दी गई गलत रिपोर्ट</strong></h3>
<p>सोनू नारंग का आरोप है कि शिकायत के बाद इंस्पेक्टर ने विभाग को गलत रिपोर्ट सौंपते हुए दावा किया कि सप्लाई पास के डिपो से जोड़ी गई है। बाद में यह रिपोर्ट भी गायब कर दी गई। यही नहीं, डीसी कार्यालय में भी तथ्यों को छुपाते हुए गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।</p>
<h3><strong>बेटे के नाम पर डिपो, पिता कर रहा था संचालन</strong></h3>
<p>जांच में यह भी सामने आया कि वार्ड-1 का एक डिपो अंशुल गर्ग के नाम पर था, जो करीब 8 साल पहले परिवार सहित इटली चला गया था। उसके बावजूद उसके पिता नरेश गर्ग डिपो का संचालन कर रहे थे। शिकायत के बाद इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने नरेश गर्ग से लिखित बयान दिलवाया कि उनका बेटा विदेश नहीं गया है।</p>
<h3><strong>एसडीएम जांच में हुआ खुलासा</strong></h3>
<p>राज्यमंत्री के निर्देश पर हुई एसडीएम जांच में नरेश गर्ग ने अपने पुराने बयान से मुकरते हुए सच्चाई स्वीकार की। आरटीआई से भी अंशुल गर्ग के विदेश जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 22:25:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में गोविंद नगर का पार्क बना 'कंक्रीट का जंगल', एफ आई आर और ध्वस्तीकरण की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  कानपुर।</strong> शहर के गोविंद नगर (ब्लॉक-8) स्थित सार्वजनिक पार्क के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। पार्क के 70% हरित क्षेत्र को नष्ट कर वहां अवैध निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। भाजपा साहित्य प्रचार विभाग के जिला संयोजक, प्रकाश वीर आर्य ने इस संबंध में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और मुख्य सचिव यूपी को पत्र लिखकर अधिकारियों की मिलीभगत और कोर्ट के आदेशों की अवमानना का गंभीर आरोप लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">एस सीऔर एन जी टी के नियमों की अनदेखी शिकायत के अनुसार, पार्क के एक बड़े हिस्से को जानबूझकर कंक्रीट से पाट दिया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/163888/govind-nagar-park-in-kanpur-becomes-concrete-jungle-fir-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/hindi-divas9.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> कानपुर।</strong> शहर के गोविंद नगर (ब्लॉक-8) स्थित सार्वजनिक पार्क के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। पार्क के 70% हरित क्षेत्र को नष्ट कर वहां अवैध निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। भाजपा साहित्य प्रचार विभाग के जिला संयोजक, प्रकाश वीर आर्य ने इस संबंध में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त और मुख्य सचिव यूपी को पत्र लिखकर अधिकारियों की मिलीभगत और कोर्ट के आदेशों की अवमानना का गंभीर आरोप लगाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एस सीऔर एन जी टी के नियमों की अनदेखी शिकायत के अनुसार, पार्क के एक बड़े हिस्से को जानबूझकर कंक्रीट से पाट दिया गया है। जबकि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी का स्पष्ट नियम है कि पार्क में केवल 5% हिस्से पर ही वॉकिंग ट्रैक बनाया जा सकता है। यहाँ नियमों को ताक पर रखकर 'ऑक्सीजन ज़ोन' को खत्म किया जा रहा है। अवैध धार्मिक निर्माण: पार्क के भीतर दो साल पहले 10x20 फीट का एक चबूतरा बनाया गया था।                   </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि नगर निगम अधिकारियों ने इसे 'पुराना निर्माण' बताकर संरक्षण दिया, जिसके कारण आज वहाँ स्थायी कब्जों का जाल बिछ गया है।  आर्य ने आरोप लगाया कि विधायक/सांसद निधि जैसे सार्वजनिक धन का उपयोग पार्क की हरियाली उजाड़ने के लिए किया जा रहा है, जो कि भारतीय न्याय संहिता ( बी एन एस) की धारा 324 के तहत दंडनीय अपराध है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों की 'गुमराह' करने वाली रिपोर्ट: शिकायत में कहा गया है कि आई जी आर एस और आर टी आई के जवाब में अधिकारियों ने झूठी रिपोर्ट लगाकर उच्च अधिकारियों को गुमराह किया है, ताकि दोषियों को बचाया जा सके। 15 दिनों का अल्टीमेटम भाजपा नेता ने मांग की है कि पार्क को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और अवैध टाइल्स व निर्माण को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर दोषियों पर रिपोर्ट और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं हुई, तो वे माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/163888/govind-nagar-park-in-kanpur-becomes-concrete-jungle-fir-and</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 18:10:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सड़क हादसे में मृत वाहन चालक की पत्नी ने खोला मोर्चा, वाहन स्वामी–समूह संचालक व ठेकेदार पर FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर (गोलाबाजार)।</strong> गोला थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुर के पास 15 नवंबर को हुए हादसे ने नया मोड़ ले लिया है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले वाहन चालक पूरन की पत्नी आरती देवी निवासी वार्ड 4, दोहरीघाट (मऊ) ने वाहन स्वामी, समूह संचालक और ठेकेदार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरती देवी की तहरीर के मुताबिक, घटना वाले दिन वाहन स्वामी संजय और समूह संचालक विशुन देव ने पूरन पर महिलाओं को उरुवा बाजार छोड़ने का दबाव बनाया। रात में लौटते समय शिवपुर के पास पुल निर्माण स्थल पर ठेकेदार द्वारा खोदा गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161285/6921a2bf7b739"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/p--6-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर (गोलाबाजार)।</strong> गोला थाना क्षेत्र के ग्राम शिवपुर के पास 15 नवंबर को हुए हादसे ने नया मोड़ ले लिया है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले वाहन चालक पूरन की पत्नी आरती देवी निवासी वार्ड 4, दोहरीघाट (मऊ) ने वाहन स्वामी, समूह संचालक और ठेकेदार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरती देवी की तहरीर के मुताबिक, घटना वाले दिन वाहन स्वामी संजय और समूह संचालक विशुन देव ने पूरन पर महिलाओं को उरुवा बाजार छोड़ने का दबाव बनाया। रात में लौटते समय शिवपुर के पास पुल निर्माण स्थल पर ठेकेदार द्वारा खोदा गया गहरा गड्ढा बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खुला पड़ा था, जिसमें वाहन गिर गया। हादसे में पूरन की मौके पर मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद संजय और विशुन देव ने पोस्टमार्टम न कराने के एवज में 10 लाख रुपये और बैंक में नौकरी देने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गए। इससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिति संकट में है।</p>
<p style="text-align:justify;">तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 106 के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं। पीड़ित परिवार न्याय और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Nov 2025 17:17:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>BJP मंत्री ने की कर्नल सोफिया पर अमर्यादित बयानबाजी, FIR दर्ज कराने पहुंचे कांग्रेसी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर- </strong>मध्यप्रदेश के जनजातीय कल्याण मंत्री विजय शाह का ऑपरेशन सिंदूर और सेना की महिला अधिकारी के परिप्रेक्ष्य में विवादित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद कांग्रेस आज मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर थाने पहुंची। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दोपहर को श्यामला हिल्स थाने पहुंचकर मंत्री शाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायती पत्र दिया। कांग्रेस ने कल इस मामले में शाह से मंत्री पद से त्यागपत्र की मांग करते हुए कहा था कि यदि वे इस्तीफा नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151890/bjp-minister-made-congressmen-arrive-at-colonel-sophia-to-register"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/download-(11).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ऑपरेशन सिंदूर- </strong>मध्यप्रदेश के जनजातीय कल्याण मंत्री विजय शाह का ऑपरेशन सिंदूर और सेना की महिला अधिकारी के परिप्रेक्ष्य में विवादित बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से संज्ञान लिए जाने के बाद कांग्रेस आज मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर थाने पहुंची। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दोपहर को श्यामला हिल्स थाने पहुंचकर मंत्री शाह के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर शिकायती पत्र दिया। कांग्रेस ने कल इस मामले में शाह से मंत्री पद से त्यागपत्र की मांग करते हुए कहा था कि यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>कर्नल सोफिया कुरैशी- </strong>दरअसल मंगलवार को मंत्री विजय शाह का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे मंच से संबोधित करते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बने हालातों के परिप्रेक्ष्य में कर्नल सोफिया कुरैशी के संदर्भ में बोल गए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम भी लिया और वे निम्न स्तरीय भाषा और शब्दों का उपयोग करते दिखे। शाह कहते हुए सुने जा रहे हैं, ‘‘.....जिन्होंने हमारी बेटियों के सिंदूर उजाड़े थे...हमने उन्हीं की बहन भेजकर.....'' मंत्री शाह इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुए। यह बयान इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम का बताया गया है। उसमें वे सार्वजनिक मंच से संबोधन दे रहे हैं और भाजपा की एक महिला नेता ऊषा ठाकुर समेत अनेक लोग मौजूद रहे।</p>
<p>हालांकि चारों ओर से घिरे जाने के बाद विजय शाह ने कुछ सेकंड का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे महिला सैन्य अधिकारी का पूरा सम्मान करते हैं और उनके बारे में गलत सोच भी नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके बयान को गलत ढंग से नहीं लिया जाए। ‘‘शायद मैं उत्साह में कुछ कह गया हूं।'' शाह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि यदि उनकी बात से किसी को कुछ गलत लगा है, तो वे माफी मांगते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 16:41:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज करने की याचिका खारिज की।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="adn ads">
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<div>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (28 मार्च) को दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आधिकारिक परिसर में अवैध नकदी की कथित बरामदगी के मामले में एफ़आईआर दर्ज करने की मांग वाली रिट याचिका पर विचार करने से इनकार किया।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने कहा कि याचिका, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के निर्देशानुसार तीन जजों की समिति द्वारा की जा रही आंतरिक जांच को भी चुनौती दी गई, समय से पहले दायर की गई है।</div>
<div>  </div>
<div>जस्टिस ओक ने शुरुआत में ही याचिकाकर्ता वकील एडवोकेट मैथ्यूज जे नेदुपमारा से कहा:"मिस्टर नेदुमपारा, हमने प्रार्थनाएं</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150553/the-supreme-court-dismissed-a-petition-to-register-an-fir"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/50.jpg" alt=""></a><br /><div class="adn ads">
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<div>सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (28 मार्च) को दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आधिकारिक परिसर में अवैध नकदी की कथित बरामदगी के मामले में एफ़आईआर दर्ज करने की मांग वाली रिट याचिका पर विचार करने से इनकार किया।जस्टिस अभय ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने कहा कि याचिका, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) के निर्देशानुसार तीन जजों की समिति द्वारा की जा रही आंतरिक जांच को भी चुनौती दी गई, समय से पहले दायर की गई है।</div>
<div> </div>
<div>जस्टिस ओक ने शुरुआत में ही याचिकाकर्ता वकील एडवोकेट मैथ्यूज जे नेदुपमारा से कहा:"मिस्टर नेदुमपारा, हमने प्रार्थनाएं देखी हैं। आंतरिक जांच समाप्त होने के बाद कई विकल्प खुले हैं। चीफ जस्टिस रिपोर्ट की जांच करने के बाद  एफ़आईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकते हैं या मामले को संसद को भेज सकते हैं। आज इस याचिका पर विचार करने का समय नहीं है। आंतरिक रिपोर्ट के बाद सभी विकल्प खुले हैं। याचिका समय से पहले है।"</div>
<div> </div>
<div>जजों को नियमित जांच से बचाने वाले निर्णयों की समीक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए नेदुमपारा ने कहा कि केरल में तत्कालीन हाईकोर्ट जज के खिलाफ़ पाक्सो मामले का आरोप था; हालांकि, पुलिस ने एफ़ाआइआर दर्ज नहीं की। नेदुमपारा ने कहा कि जांच न्यायालय का काम नहीं है। इसे पुलिस पर छोड़ देना चाहिए। आंतरिक समिति एक वैधानिक प्राधिकरण नहीं है और यह विशेष एजेंसियों द्वारा की जाने वाली आपराधिक जांच का विकल्प नहीं हो सकती।</div>
<div> </div>
<div>जस्टिस ओक ने दोहराया,"आज हम इस चरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकते। आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने दें और उसके बाद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के पास सभी विकल्प खुले हैं।"</div>
</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/150553/the-supreme-court-dismissed-a-petition-to-register-an-fir</link>
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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 14:37:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीजेआई ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ नकदी विवाद पर एफआईआर की  वाली याचिका को सूचीबद्ध करने का आश्वासन दिया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके आधिकारिक परिसर में अवैध नकदी की कथित बरामदगी को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका को आज तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया।</div>
<div>मुख्य याचिकाकर्ता अधिवक्ता मैथ्यूज जे नेदुम्परा ने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख किया।</div>
<div>  </div>
<div>शुरुआत में ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा, " आपका मामला सूचीबद्ध हो चुका है.... कोई सार्वजनिक बयान न दें।"नेदुम्परा ने जवाब दिया: "केवल एक ही बात है कि न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150434/the-cji-assured-to-list-the-fir-petition-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/0112.jpg" alt=""></a><br /><div>दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ उनके आधिकारिक परिसर में अवैध नकदी की कथित बरामदगी को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका को आज तत्काल सुनवाई के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया।</div>
<div>मुख्य याचिकाकर्ता अधिवक्ता मैथ्यूज जे नेदुम्परा ने मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख किया।</div>
<div> </div>
<div>शुरुआत में ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा, " आपका मामला सूचीबद्ध हो चुका है.... कोई सार्वजनिक बयान न दें।"नेदुम्परा ने जवाब दिया: "केवल एक ही बात है कि न्यायाधीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए ।" " आपने एक अद्भुत काम किया है...वीडियो का प्रकाशन - जले हुए नोट," उन्होंने इस मुद्दे से संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के लिए सीजेआई की सराहना की ।</div>
<div> </div>
<div>इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने जवाब दिया, " रजिस्ट्री से जांच कर लीजिए, आपको (दायर याचिका की सुनवाई के लिए) तारीख मिल जाएगी।" उसी याचिका में एक अन्य सह-याचिकाकर्ता, जो नेदुमपारा के साथ भी मौजूद थे, ने कहा, " इतना पैसा किसी बिजनेसमैन के घर पर मिलता है- मैं भी बिजनेसवुमन हूं...अभी तो ईडी, आईटी सब पीछे लग जाते हैं।"(यदि यह पैसा किसी व्यवसायी के घर पर पाया गया होता, ईडी, तो अब तक सारा पैसा उसके पीछे पड़ गया होता)</div>
<div> </div>
<div>पीठ ने आगे कोई उल्लेख करने से इनकार करते हुए महिला को आश्वासन दिया कि मामला रजिस्ट्री द्वारा सूचीबद्ध किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने पुलिस द्वारा नियमित आपराधिक जांच के बजाय तीन न्यायाधीशों के पैनल द्वारा आंतरिक जांच शुरू करने के मुख्य न्यायाधीश द्वारा लिए गए निर्णय को चुनौती दी।</div>
<div> </div>
<div>याचिका में के. वीरस्वामी बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश को चुनौती दी गई थी , जिसमें यह माना गया था कि किसी मौजूदा उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ धारा 154 सीआरपीसी के तहत आपराधिक मामला केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) से परामर्श के बाद ही दायर किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि जबकि अधिकांश न्यायाधीश ईमानदारी से काम करते हैं, वर्तमान मामले जैसे मामलों को निर्धारित आपराधिक प्रक्रिया से नहीं छोड़ा जा सकता है। याचिका में कहा गया है:</div>
<div> </div>
<div>"याचिकाकर्ता पूरी विनम्रता से मानते हैं कि उपरोक्त निर्देश का परिणाम, कि कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी, निश्चित रूप से माननीय न्यायाधीशों के दिमाग में मौजूद नहीं था। उक्त निर्देश विशेषाधिकार प्राप्त पुरुषों/महिलाओं का एक विशेष वर्ग बनाता है, जो देश के दंड कानूनों से मुक्त है। हमारे न्यायाधीश, एक अल्पसंख्यक को छोड़कर, और एक सूक्ष्म नहीं, सबसे अधिक विद्वत्ता, ईमानदारी, शिक्षा और स्वतंत्रता वाले पुरुष और महिलाएं हैं।</div>
<div> </div>
<div>न्यायाधीश अपराध नहीं करते हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं जहां न्यायाधीश पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं, जैसा कि न्यायमूर्ति निर्मल यादव के मामले में या न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के हालिया मामले में, POCSO और अन्य मामलों में भी हुआ है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है। के. वीरस्वामी के मामले में निर्णय, याचिकाकर्ताओं के ज्ञान के अनुसार, POCSO से जुड़े अपराध में भी एफआईआर दर्ज होने के रास्ते में खड़ा है।"</div>
<div> </div>
<div>याचिका में आगे कहा गया है कि एफआईआर के माध्यम से आपराधिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय तीन सदस्यीय समिति को आंतरिक जांच करने का निर्देश देना 'सार्वजनिक हित के लिए बहुत बड़ा नुकसान' है। "कॉलेजियम ने एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने के बजाय आंतरिक जांच करने के लिए न्यायाधीशों की एक समिति नियुक्त करके जनहित, सर्वोच्च न्यायालय और न्यायपालिका की प्रतिष्ठा और यहां तक कि न्यायमूर्ति वर्मा के बयान को भी नुकसान पहुंचाया है, यदि कोई उनके बयान पर विश्वास करे, जो कि स्पष्ट रूप से बेतुका है।"</div>
<div> </div>
<div>याचिकाकर्ता ने मुख्य रूप से यह तर्क दिया है कि के.वीरास्वामी मामले में दिया गया तर्क पुलिस के वैधानिक कर्तव्य के विपरीत है, जैसा कि आपराधिक कानून के तहत किसी कथित संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर एफआईआर दर्ज करने के लिए निर्धारित किया गया है। प्रासंगिक अंश इस प्रकार है:</div>
<div> </div>
<div>"यहां तक कि राजा को भी कानून से ऊपर नहीं, बल्कि ईश्वर और कानून के अधीन माना जाता है। हालांकि, के. वीरस्वामी बनाम भारत संघ, 1991 एससीआर (3) 189 में इस न्यायालय की 5 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने निर्देश दिया था कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 154 के तहत कोई आपराधिक मामला तब तक पंजीकृत नहीं किया जाएगा, जब तक कि मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श न किया जाए।"</div>
<div> </div>
<div>"न्यायालय की उक्त टिप्पणी कानून की अनदेखी और गुप्त रूप से की गई है, इस बात पर ध्यान दिए बिना कि पुलिस का यह वैधानिक कर्तव्य है कि जब उसे किसी संज्ञेय अपराध की सूचना मिले तो वह एफआईआर दर्ज करे, और न्यायालय का उक्त निर्देश पुलिस को उसके वैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के अलावा कुछ नहीं है। जबकि न्यायपालिका अपने क्षेत्र में संप्रभु है, अर्थात विवादों का निपटारा, जब अपराधों की जांच और अपराधियों को सजा दिलाने की बात आती है, तो पुलिस संप्रभु है। जब तक पुलिस सद्भावनापूर्वक और कानून के अनुसार काम करती है, तब तक कोई हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। जैसा कि प्रिवी काउंसिल ने कहा था, जब तक पुलिस निष्पक्ष और अधिकार क्षेत्र में काम करती है, तब तक कोई भी, यहां तक कि न्यायालय भी हस्तक्षेप नहीं कर सकता।"</div>
<div> </div>
<div><strong>याचिकाकर्ता द्वारा निम्नलिखित प्रार्थनाएं मांगी गई हैं:</strong></div>
<div>(क) यह घोषित किया जाए कि न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से अग्निशमन दल/पुलिस द्वारा भारी मात्रा में बेहिसाबी धनराशि बरामद किए जाने की घटना, जब उनकी सेवाएं आग बुझाने के लिए ली गई थीं, भारतीय न्याय संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत दंडनीय संज्ञेय अपराध है और पुलिस का यह कर्तव्य है कि वह एफआईआर दर्ज करे;</div>
<div> </div>
<div>(ख) यह घोषित किया जाए कि के. वीरस्वामी बनाम भारत संघ में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के पैराग्राफ 60 में की गई टिप्पणियां, जिसमें यह प्रतिबन्ध लगाया गया है कि भारत के मुख्य न्यायाधीश की पूर्वानुमति के बिना किसी उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला पंजीकृत नहीं किया जाएगा, वह प्रति इनक्यूरियम और सब साइलेंटियो है;</div>
<div> </div>
<div>(ग) यह घोषित किया जाता है कि कॉलेजियम द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति को घटना की जांच करने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है तथा समिति को ऐसी जांच करने की शक्ति देने वाला कॉलेजियम का संकल्प आरंभ से ही अमान्य है, क्योंकि कॉलेजियम ऐसा आदेश देने का अधिकार स्वयं को नहीं दे सकता, जहां संसद या संविधान ने उसे कोई अधिकार नहीं दिया है;</div>
<div> </div>
<div>घ) दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और प्रभावी एवं सार्थक जांच करने का निर्देश देना;</div>
<div>ई) किसी भी व्यक्ति या प्राधिकारी को, यहां तक कि के. वीरस्वामी मामले में परिकल्पित प्राधिकारियों को भी, राज्य की संप्रभु पुलिसिंग कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप करने से रोकना, यहां तक कि एफआईआर दर्ज करने और अपराध की जांच करने से भी रोकना;</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Mar 2025 13:11:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल के विरुद्ध  'फंड के दुरुपयोग' पर कोर्ट ने दिया एफआईआर का आदेश ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ एक अहम फ़ैसला सुनाया। कोर्ट ने द्वारका में होर्डिंग्स लगाने के लिए कथित तौर पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग के मामले में उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने पुलिस को दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सजा) के तहत मामला दर्ज करने और अन्य संभावित अपराधों की जांच करने का निर्देश दिया। यह मामला एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149821/the-court-ordered-an-fir-on-misuse-of-funds-against"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><div>दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ एक अहम फ़ैसला सुनाया। कोर्ट ने द्वारका में होर्डिंग्स लगाने के लिए कथित तौर पर सरकारी पैसे के दुरुपयोग के मामले में उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने पुलिस को दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की सजा) के तहत मामला दर्ज करने और अन्य संभावित अपराधों की जांच करने का निर्देश दिया। यह मामला एक बार फिर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, जिसमें सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कानूनी कार्रवाई है या राजनीतिक प्रतिशोध?</div>
<div> </div>
<div>यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है, जब अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी पहले से ही कई कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। पिछले साल शराब नीति घोटाले में उनकी गिरफ्तारी और जमानत के बाद अब यह नया मामला उनके लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। बीजेपी इसे आप की कथित भ्रष्ट नीतियों का सबूत बता सकती है। वहीं, आप इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रही है। पार्टी के समर्थकों का कहना है कि 2019 का मामला अब उठाना सत्ताधारी दलों की साजिश है, ताकि केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।</div>
<div> </div>
<div>यह पूरा मामला शिव कुमार सक्सेना नाम के एक शख्स की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। सक्सेना ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने 2019 में द्वारका में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगवाकर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया। उनका दावा था कि ये होर्डिंग्स सरकारी खजाने से राजनीतिक प्रचार के लिए लगाए गए, जो गैरकानूनी है। सक्सेना ने इसकी जांच के लिए FIR की मांग की थी।</div>
<div> </div>
<div>इससे पहले 15 सितंबर 2022 को द्वारका की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सक्सेना की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने रिवीजन याचिका दायर की। 21 जनवरी 2025 को रिवीजन कोर्ट ने मामले को फिर से मजिस्ट्रेट कोर्ट में भेजा और नए सिरे से फ़ैसले का निर्देश दिया। अब एसीजेएम नेहा मित्तल ने इस मामले में FIR का आदेश देते हुए जांच को ज़रूरी बताया।</div>
<div> </div>
<div>2022 में द्वारका साउथ पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया कि 2019 की शिकायत के समय बताए गए स्थान पर अब (2022 में) कोई होर्डिंग्स नहीं मिले, इसलिए कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। लेकिन एसीजेएम मित्तल ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि समय बीतने और प्रिंटिंग प्रेस की जानकारी न होने के कारण सबूत जुटाना असंभव है, यह कहना ग़लत है। कोर्ट ने जोर दिया कि वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के इस दौर में जांच को मौका दिए बिना इसे बेकार मान लेना ठीक नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>कोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। जज ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि एसएचओ की रिपोर्ट में इस पहलू पर कोई जानकारी नहीं दी गई कि शिकायत में बताए गए समय और स्थान पर होर्डिंग्स थे या नहीं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि बार-बार निर्देशों के बावजूद पुलिस ने एक्शन टेकेन रिपोर्ट समय पर दाखिल नहीं की, जिसके चलते मामले में देरी हुई।</div>
<div> </div>
<div>दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या उसका दुरुपयोग करने की सजा में जुर्माना और कारावास दोनों शामिल हो सकते हैं। अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि होर्डिंग्स के लिए सरकारी फंड का ग़लत इस्तेमाल हुआ, तो केजरीवाल के ख़िलाफ़ बड़ा मामला बन सकता है। लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यह मामला सिर्फ तकनीकी उल्लंघन है, या इसके पीछे गहरे राजनीतिक मक़सद हैं?</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Mar 2025 16:27:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईआईटी की छात्रा ने कानपुर में तैनात एसीपी पर लगाया  रेप का आरोप ! सीपी ने दिए एफ आई आर के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण करने के मामले में कानून के रखवाले कहे जाने वाले पुलिस वाले भी पीछे नहीं हैं। ऐसा ही  प्रकाश में आया एक मामला यहां पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसके मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने आईआईटी की छात्रा के साथ बलात्कार कर डाला। आरोपों की जांच कराने से घटना की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने एसीपी अनवरगंज मोहसिन खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। </div>
<div>  </div>
<div>  जांच के लिए पहुंची डीसीपी और एसीपी को पीड़िता ने बताया कलेक्टरगंज एसीपी मोहसिन खान</div>
<div>उनके</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146963/iit-student-accuses-acp-posted-in-kanpur-of-rape-cp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/img-20241212-wa0341.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div><strong>कानपुर। </strong>महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण करने के मामले में कानून के रखवाले कहे जाने वाले पुलिस वाले भी पीछे नहीं हैं। ऐसा ही  प्रकाश में आया एक मामला यहां पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसके मुताबिक एक पुलिस अधिकारी ने आईआईटी की छात्रा के साथ बलात्कार कर डाला। आरोपों की जांच कराने से घटना की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने एसीपी अनवरगंज मोहसिन खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। </div>
<div> </div>
<div> जांच के लिए पहुंची डीसीपी और एसीपी को पीड़िता ने बताया कलेक्टरगंज एसीपी मोहसिन खान आई आई टी से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी की पढ़ाई कर रहे हैं। वहां रिसर्च स्कॉलर से नजदीकी बढ़ गई और प्यार में फंसाने में सफल होने के बाद उससे बलात्कार किया।  इसी दौरान जब पीड़िता के सामने एसीपी के शादीशुदा होने के साथ अन्य सच्चाई सामने आई तो उसने कानपुर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।</div>
<div>उनके आदेश आज गुरुवार को डीसीपी साउथ अंकित शर्मा और एसीपी अर्चना सिंह ने सिविल ड्रेस में दो घंटे बंद कमरे में पीड़िता से पूछताछ की। जिसमें एसीपी पर लगाया गया उसका आरोप सही पाया गया। </div>
<div> </div>
<div>डीसीपी अंकिता शर्मा ने बताया कि फिलहाल एसीपी को उसके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है। इसकी जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। कमिश्नर अखिल कुमार ने आरोपी एसीपी के खिलाफ बलात्कार समेत और गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। घटना पुलिस महकमे में में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 17:05:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी की रांची और धनबाद में बड़ी छापेमारी, भारी मात्रा में नकदी बरामद</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रांची/धनबाद/झारखंड:- </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को रांची और धनबाद में विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई रांची के पंडरा थाने में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें जमीन घोटाले से जुड़े मामले में कई व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। छापेमारी में धनबाद से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की खबर है। जबकि ईडी की टीम ने धनबाद के डीटीओ दिवाकर प्रसाद द्विवेदी, कांके सीओ जय कुमार राम, अधिवक्ता सुजीत कुमार, प्रभात भूषण, जमीन कारोबारी संजीव पांडे और रवि कुमार के ठिकानों पर छापे मारे।</div>
<div>  </div>
<div>यह मामला जमीन घोटाले और ईडी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145452/ed-conducts-major-raids-in-ranchi-and-dhanbad-huge-amount"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-10/news-10.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रांची/धनबाद/झारखंड:- </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को रांची और धनबाद में विभिन्न स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई रांची के पंडरा थाने में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें जमीन घोटाले से जुड़े मामले में कई व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं। छापेमारी में धनबाद से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने की खबर है। जबकि ईडी की टीम ने धनबाद के डीटीओ दिवाकर प्रसाद द्विवेदी, कांके सीओ जय कुमार राम, अधिवक्ता सुजीत कुमार, प्रभात भूषण, जमीन कारोबारी संजीव पांडे और रवि कुमार के ठिकानों पर छापे मारे।</div>
<div> </div>
<div>यह मामला जमीन घोटाले और ईडी केस को मैनेज करने के लिए करोड़ों रुपये की डील से जुड़ा है। वहीं कांके और नामकुम के सीओ और धनबाद के डीटीओ पर आरोप है कि उन्होंने जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की चार्जशीट से अपना नाम हटवाने के लिए 5.71 करोड़ रुपये की डील की थी। इस मामले में जमीन कारोबारी संजीव पांडे ने अधिवक्ता सुजीत कुमार के खिलाफ पंडरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पांडे का आरोप है कि सुजीत कुमार ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह ईडी की चार्जशीट में उनका नाम नहीं आने देंगे, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम चार्जशीट में आ गया।</div>
<div> </div>
<div>जबकि पांडे का आरोप है कि सुजीत कुमार ने उन्हें 5 करोड़ रुपये ठग लिए और इसके बदले 54 चेक और एक कार दी। वहीं, अधिवक्ता सुजीत कुमार ने संजीव पांडे और उनके साथियों पर अपहरण का मामला दर्ज कराया है। सुजीत का कहना है कि संजीव और उसके साथी उन्हें हथियार के बल पर अगवा कर ले गए और सादे कागज पर 6.40 करोड़ रुपये लेने की बात लिखवाई। इस छापेमारी में ईडी को महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, और मामले की जांच जारी है। जमीन घोटाले से जुड़े इस प्रकरण ने राज्य में भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर नई बहस छेड़ दी है। </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Oct 2024 16:29:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> डीएम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट व एफआईआर कराने का दिया निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>देवरिया।</strong> जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सख्त तेवर अखितयार करते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर रामपुर कारखाना ब्लॉक के ग्राम विशुनपुरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया है। उक्त परिसर में नवनिर्मित टाइप 2 आवास अपने निर्माण के प्रथम वर्ष में ही आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमी मिलने पर सख्त से सख्त करवाई की जाएगी।</div>
<div>            </div>
<div>कुछ दिन पूर्व नया स्वास्थ्य केंद्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143774/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/img-20240727-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>देवरिया।</strong> जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सख्त तेवर अखितयार करते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर रामपुर कारखाना ब्लॉक के ग्राम विशुनपुरा में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करने वाले ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने तथा फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया है। उक्त परिसर में नवनिर्मित टाइप 2 आवास अपने निर्माण के प्रथम वर्ष में ही आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता के साथ किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमी मिलने पर सख्त से सख्त करवाई की जाएगी।</div>
<div>      </div>
<div>कुछ दिन पूर्व नया स्वास्थ्य केंद्र परिसर में नवनिर्मित टाइप-2 आवास का छज्जा टूटने की घटना हुई थी, जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण विभाग (निर्माण खंड) मनोज कुमार पांडेय की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच दल का गठन किया था। जांच टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना के सम्बंध में विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी है। रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों का उल्लेख है जिनमें एक्सपोज्ड सरिया, स्ट्रक्चरल क्रैक्स, तालाब के किनारे रिटेनिंग वॉल का न होना, कुछ स्थानों पर रेलिंग का न होना शामिल है।   जिलाधिकारी ने उक्त रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ को कार्य करने वाले ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा फर्म को ब्लैकलिस्ट कराने का निर्देश दिया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/143774/%C2%A0</link>
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                <pubDate>Sat, 03 Aug 2024 16:46:19 +0530</pubDate>
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