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                <title>Central Government - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Central Government RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बांग्लादेश डिपोर्ट किए गए कुछ लोगों को वापस भारत लाया जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज -</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने निर्वासित करके बांग्लादेश भेजे गए कुछ लोगों को भारत वापस लाने का फैसला किया है और उसके बाद उनकी भारतीय नागरिकता के दावे की पुष्टि की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और इसे अन्य मामलों में अनुकरणीय मिसाल न मानते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने उन्हें वापस लाने का निर्णय लिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेहता ने न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179984/some-people-deported-to-bangladesh-will-be-brought-back-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260523-wa0013-960x640.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज -</span></strong><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने निर्वासित करके बांग्लादेश भेजे गए कुछ लोगों को भारत वापस लाने का फैसला किया है और उसके बाद उनकी भारतीय नागरिकता के दावे की पुष्टि की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और इसे अन्य मामलों में अनुकरणीय मिसाल न मानते हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार ने उन्हें वापस लाने का निर्णय लिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मेहता ने न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की सदस्यता वाली पीठ से कहा कि सरकार उन्हें वापस लाएगी और उसके बाद उनकी स्थिति की जांच करेगी। परिणाम के आधार पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हम तदनुसार कदम उठाएंगे। शीर्ष विधि अधिकारी ने कहा कि इन व्यक्तियों को भारत वापस लाने में 8-10 दिन लग सकते हैं। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख जुलाई में तय की है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उच्चतम न्यायालय केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय के 26 सितंबर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">2025 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उच्च न्यायालय ने सुनाली खातून और अन्य को बांग्लादेश निर्वासित करने के केंद्र सरकार के फैसले को रद्द कर दिया था और इसे ‘अवैध’ करार दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पिछले साल तीन दिसंबर को शीर्ष अदालत ने ‘मानवीय आधार’ पर खातून और उनके आठ वर्षीय बच्चे को बांग्लादेश भेजे जाने के महीनों बाद भारत में प्रवेश की अनुमति दी थी।अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को बच्चे की देखभाल करने का निर्देश दिया था और बीरभूम जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को गर्भवती खातून को मुफ्त प्रसव की सुविधा सहित हर संभव चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">न्यायालय ने 24 अप्रैल को केंद्र सरकार को अंतिम अवसर दिया और उसके अधिवक्ता को इस मामले में निर्देश लेकर अदालत को अवगत कराने को कहा। खातून के पिता भोदु शेख की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और संजय हेगड़े ने कहा कि केंद्र सरकार का यह रवैया ‘कुछ हद तक अनुचित’ है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसने इस मामले में न्यायालय को अपने विचार नहीं बताए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">क्षेत्र के सेक्टर 26 में दो दशकों से अधिक समय से दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम कर रहे इन परिवारों को पिछले साल 18 जून को बांग्लादेशी होने के संदेह में पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में 27 जून को सीमा पार धकेल दिया। कि निर्वासित किए गए छह नागरिकों को एक महीने के भीतर भारत वापस लाया जाए और आदेश पर अस्थायी रोक लगाने की सरकार की अपील को खारिज कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 May 2026 21:31:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Railway Line: हरियाणा में यहां बिछाई जाएगी नई रेलवे लाइन, जमीन बन जाएगी सोना </title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Railway Line: हरियाणा के जीटी रोड बेल्ट के लोगों के लिए जल्द ही रेल यात्रा आसान और तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने कैथल और अंबाला के बीच सीधी रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद नवीन जिंदल के अनुरोध पर दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुरुक्षेत्र में रेलवे बाईपास के जरिए एक नई लाइन भी विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।</p>
<h3><strong>ज्योतिसर के पास बनेगा नया कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन</strong></h3>
<p>नई रेलवे लाइन के साथ-साथ कुरुक्षेत्र में एक नए रेलवे स्टेशन के निर्माण का भी प्रस्ताव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165305/new-railway-line-will-be-laid-here-in-haryana-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/new-railway-line-(3).jpg" alt=""></a><br /><p>New Railway Line: हरियाणा के जीटी रोड बेल्ट के लोगों के लिए जल्द ही रेल यात्रा आसान और तेज होने वाली है। केंद्र सरकार ने कैथल और अंबाला के बीच सीधी रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद नवीन जिंदल के अनुरोध पर दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत कुरुक्षेत्र में रेलवे बाईपास के जरिए एक नई लाइन भी विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा।</p>
<h3><strong>ज्योतिसर के पास बनेगा नया कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन</strong></h3>
<p>नई रेलवे लाइन के साथ-साथ कुरुक्षेत्र में एक नए रेलवे स्टेशन के निर्माण का भी प्रस्ताव है। यह स्टेशन ज्योतिसर गांव के पास बनाया जाएगा। सांसद नवीन जिंदल ने इसका प्रस्तावित नक्शा रेल मंत्री को सौंप दिया है। नया स्टेशन और बाईपास लाइन मिलकर यात्रियों को सीधी, तेज और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध कराएंगे।</p>
<h3><strong>रेल रिंग रोड की तरह काम करेगी नई लाइन</strong></h3>
<p>यह नई रेलवे लाइन कुरुक्षेत्र के लिए रेल रिंग रोड की तरह काम करेगी। इसके बनने से कुरुक्षेत्र जंक्शन पर ट्रेनों को इंजन रिवर्स करने की मजबूरी खत्म हो जाएगी। फिलहाल अंबाला से कैथल होते हुए नरवाना जाने वाली ट्रेनों को कुरुक्षेत्र जंक्शन पर दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे यात्रियों का काफी समय खराब होता है।</p>
<h3><strong>अभी क्यों होती है देरी</strong></h3>
<p>वर्तमान में अंबाला और नरवाना के बीच कैथल होते हुए केवल दो ट्रेनें संचालित हैं। इन दोनों ट्रेनों को कुरुक्षेत्र जंक्शन पर इंजन रिवर्स करना पड़ता है, जिसके चलते ये अक्सर 30 से 50 मिनट तक लेट हो जाती हैं।</p>
<h3><strong>राजस्थान और हिसार जाने वालों को राहत</strong></h3>
<p>नई बाईपास रेलवे लाइन के बाद ट्रेनों को रिवर्स करने की जरूरत नहीं रहेगी। इससे न सिर्फ ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी, बल्कि अंबाला से नरवाना होते हुए राजस्थान और हिसार जाने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की भी संभावना बनेगी।</p>
<h3><strong>अप्रैल से शुरू होगा सर्वे</strong></h3>
<p>रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के लिए अप्रैल तक सर्वे कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी के आधार पर DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम मंजूरी दी जाएगी।</p>
<h3><strong>जमीन के दाम बढ़ने की उम्मीद</strong></h3>
<p>कैथल से अंबाला तक सीधी रेलवे लाइन बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसका सीधा असर जमीन के दामों पर भी पड़ेगा, जिनमें तेज बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।</p>
<h3><strong>इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ</strong></h3>
<p>इस रेलवे प्रोजेक्ट से कुरुक्षेत्र, कैथल और अंबाला के यात्रियों को सीधा फायदा होगा। साथ ही जीटी रोड बेल्ट में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में इसे हरियाणा के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:10:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Railway Line: हरियाणा में बिछाई जाएगी ये नई रेलवे लाइन, जमीनों के रेट होंगे हाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">New Railway Line: हरियाणा के विकास में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">सोहना</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">नूंह</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">फिरोजपुर झिरका</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">अलवर तक नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह रेल परियोजना नूंह जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाली है, क्योंकि जिले को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए रेलवे को </span><span class="cf2">2,500 </span><span class="cf0">करोड़ की राशि जारी कर दी गई है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">2028 तक पूरा होगा रेल लाइन का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेल मंत्रालय के अनुसार नई रेल लाइन की कुल लंबाई 104 किलोमीटर होगी और इसके साथ सात नए</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161377/new-railway-line-will-be-laid-in-haryana-land-rates"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-railway-line-(1).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">New Railway Line: हरियाणा के विकास में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">सोहना</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">नूंह</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">फिरोजपुर झिरका</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">अलवर तक नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। यह रेल परियोजना नूंह जिले के लिए ऐतिहासिक साबित होने वाली है, क्योंकि जिले को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के लिए रेलवे को </span><span class="cf2">2,500 </span><span class="cf0">करोड़ की राशि जारी कर दी गई है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">2028 तक पूरा होगा रेल लाइन का निर्माण</span></strong></p>
<p><span class="cf0">रेल मंत्रालय के अनुसार नई रेल लाइन की कुल लंबाई 104 किलोमीटर होगी और इसके साथ सात नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। यह कार्य अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, यानी वर्ष 2028 तक इस मार्ग पर ट्रेनें चलना शुरू हो जाएंगी। यह रेल लाइन हरियाणा और राजस्थान</span><span class="cf1">—</span><span class="cf0">दोनों राज्यों के लिए विकास का नया मार्ग प्रशस्त करेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मेवात क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया आधार</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नूंह, जिसे पहले मेवात के नाम से जाना जाता था, वर्ष 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर जिला बना था। अभी तक यह जिला रेल मार्ग से नहीं जुड़ा था। इससे क्षेत्र में परिवहन, रोजगार, उद्योग और शिक्षा से जुड़े अवसर सीमित थे। नई रेल लाइन मेवात को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ेगी और यहां आर्थिक व सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">पर्यटन और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा</span></strong></p>
<p><span class="cf0">इस रेल प्रोजेक्ट से सोहना, नूंह, फिरोजपुर झिरका और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन और औद्योगिक विकास तेज होने की उम्मीद है। यह योजना प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (</span><span class="cf3">PMJVK) </span><span class="cf0">के तहत शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य देश के 115 पिछड़े जिलों का सर्वांगीण विकास करना है। नूंह इन्हीं जिलों में शामिल है और रेल लाइन यहां विकास की गति को तेज करेगी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">1971 से लंबित मांग हुई पूरी</span></strong></p>
<p><span class="cf0">दिल्ली</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">अलवर मार्ग पर इस रेल लाइन की मांग पहली बार 1971 में गुरुग्राम के तत्कालीन सांसद चौधरी तैयब हुसैन द्वारा संसद में उठाई गई थी। इसके बाद कई बार इस मुद्दे को दोहराया गया। हाल के वर्षों में भिवानी</span><span class="cf1">–</span><span class="cf0">महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद व केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की। आखिरकार केंद्र सरकार ने पिछले बजट में इसे मंजूरी प्रदान कर दी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">दिल्ली से अलवर तक बनेगा सीधा रेल संपर्क</span></strong></p>
<p><span class="cf0">नई लाइन के निर्माण के बाद दिल्ली से अलवर तक सोहना, नूंह और फिरोजपुर झिरका के रास्ते सीधा रेल मार्ग तैयार हो जाएगा। इससे न केवल लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि मेवात क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और शिक्षा के नए अवसर भी बढ़ेंगे।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 16:15:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New Railway Line: हरियाणा को मिली बड़ी सौगात, केंद्र ने इस रेल लाइन को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>New Railway Line: हरियाणा के नूंह जिले के लिए एक ऐतिहासिक विकास कार्य को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित इस जिले को अब रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन का निर्माण शुरू होने जा रहा है।</p>
<p>रेल मंत्रालय ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर मार्ग पर लगभग 104 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी है, जिसके लिए 2,500 रुपये करोड़ की राशि जारी की गई है। इस परियोजना के तहत सात नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे और इसका निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा होने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160474/new-railway-line-haryana-got-a-big-gift-center-approved"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/new-railway-line.jpg" alt=""></a><br /><p>New Railway Line: हरियाणा के नूंह जिले के लिए एक ऐतिहासिक विकास कार्य को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। दिल्ली से लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित इस जिले को अब रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नई रेल लाइन का निर्माण शुरू होने जा रहा है।</p>
<p>रेल मंत्रालय ने दिल्ली–सोहना–नूंह–फिरोजपुर झिरका–अलवर मार्ग पर लगभग 104 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण को मंजूरी दी है, जिसके लिए 2,500 रुपये करोड़ की राशि जारी की गई है। इस परियोजना के तहत सात नए रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे और इसका निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है, यानी इसे 2028 तक चालू करने की योजना है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/669923-railway-track.jpg" alt="669923-railway-track" width="1280" height="720"></img></p>
<p>नूंह, जिसे पहले मेवात क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, वर्ष 2005 में गुरुग्राम से अलग होकर एक नया जिला बना। अब तक यह जिला रेल नेटवर्क से जुड़ा नहीं था, जिससे आवागमन, रोजगार और औद्योगिक विकास में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।</p>
<p>नई रेल लाइन से न केवल स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के तहत शुरू की गई है, जिसमें देश के 115 अति पिछड़े जिलों के विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नूंह भी इन जिलों में शामिल है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/30_05_2025-rail_line_23951611.jpg" alt="30_05_2025-rail_line_23951611" width="1200" height="675"></img></p>
<p>इस रेल परियोजना की मांग सबसे पहले वर्ष 1971 में तत्कालीन गुरुग्राम सांसद चौधरी तैयब हुसैन ने संसद में उठाई थी। इसके बाद कई बार यह प्रस्ताव दोहराया गया। हाल ही में भिवानी–महेंद्रगढ़ के सांसद धर्मबीर सिंह और गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस परियोजना को आगे बढ़ाने की पहल की। आखिरकार पिछले बजट में केंद्र सरकार ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी।</p>
<p>नई रेल लाइन के पूरा होने पर दिल्ली से अलवर के बीच सोहना, नूंह और फिरोजपुर झिरका के रास्ते सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि यह परियोजना मेवात क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 22:44:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सूरत-मुंबई वाया अहमदाबाद से मेवाड़ तक ट्रेन सेवा की सख्त जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई और औद्योगिक शहर सूरत में राजस्थान के लाखों प्रवासी रहते हैं, विशेषकर मेवाड़ क्षेत्र  चितौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, नाथद्वारा, गोगुन्दा, भीलवाड़ा और आसपास के जिलों से। ये प्रवासी न केवल गुजरात और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, बल्कि अपने गृहप्रदेश राजस्थान की आर्थिक धारा में भी नियमित रूप से धन भेजकर उसे सशक्त करते हैं। सूरत सिल्क सिटी और डायमंड नगरी के नाम से जानी जाती है।यहां सालाना कपड़ा उधोग और हीरा का खरबो का व्यवसाय होता है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार को अरबो रुपये का राजस्व सूरत से मिलता है।सूरत में वर्षो से जैन समाज</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159987/there-is-a-dire-need-for-train-service-from-surat-mumbai"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/download-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई और औद्योगिक शहर सूरत में राजस्थान के लाखों प्रवासी रहते हैं, विशेषकर मेवाड़ क्षेत्र  चितौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, नाथद्वारा, गोगुन्दा, भीलवाड़ा और आसपास के जिलों से। ये प्रवासी न केवल गुजरात और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में योगदान देते हैं, बल्कि अपने गृहप्रदेश राजस्थान की आर्थिक धारा में भी नियमित रूप से धन भेजकर उसे सशक्त करते हैं। सूरत सिल्क सिटी और डायमंड नगरी के नाम से जानी जाती है।यहां सालाना कपड़ा उधोग और हीरा का खरबो का व्यवसाय होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार को अरबो रुपये का राजस्व सूरत से मिलता है।सूरत में वर्षो से जैन समाज सहित अन्य जातिवर्ग के लोग उधोग से जुड़े हुए है।इनके लिए बड़ी परेशानी आवागमन की बनी हुई है।मुम्बई ,सूरत ,वाया अहमदाबाद से उदयपुर चितौड़गढ़ के लिए एक भी ट्रेन उपलब्ध नही है।हम समझ सकते  है कि आठ लाख प्रवासियों के लिए आवाजाही की कितनी मुश्किलें पैदा होती होगी। फिर भी यह विडंबना ही है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी होने के बावजूद सूरत या मुंबई से वाया अहमदाबाद मेवाड़ तक एक भी नियमित ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मेवाड़ से सूरत-मुंबई का गहरा संबंध</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सदियों से मेवाड़ के लोग मेहनती, व्यापारिक और तकनीकी दक्षता के लिए जाने जाते हैं। आज सूरत के वस्त्र उद्योग, डायमंड पॉलिशिंग, और छोटे-बड़े व्यापारों में मेवाड़ियों की गहरी जड़ें हैं। अनुमान है कि सूरत और आसपास के क्षेत्रों में आठ लाख से अधिक राजस्थानी प्रवासी रहते हैं, जिनमें से अधिकांश का मूल निवास चितौड़गढ़, राजसमंद, उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिलों से है।यह वर्ग त्योहारों, शादियों, धार्मिक आयोजनों और पारिवारिक कारणों से अक्सर अपने गृहजिले जाता है। किंतु यातायात के सीमित विकल्पों के कारण उन्हें भारी आर्थिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रोज ट्रेन नहीं, केवल बसों का सहारा</strong></div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में सूरत और मुंबई से मेवाड़ के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं चलती।लोगों को या तो अहमदाबाद, हिम्मतनगर, या उदयपुर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ट्रेनें पकड़नी पड़ती हैं, या फिर निजी बस सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।हालांकि साप्ताहिक ट्रेनों का संचालन नाकाफी है।त्योहारों के सीजन में यह बस सेवाएँ ही मेवाड़ तक लोगों को पहुंचाने का मुख्य साधन बनती हैं ।परंतु समस्या यह है कि इन बसों की संख्या लगभग तीन हजार तक पहुँच जाती है, और वे प्रति व्यक्ति 2500 से 3000 रुपये तक किराया वसूलती हैं।एक सामान्य मजदूर या मध्यमवर्गीय परिवार के लिए यह किराया बहुत भारी पड़ता है। वहीं यात्रा में 18 से 20 घंटे तक का समय लगता है, जिसमें आराम, सुरक्षा और भोजन की कोई गारंटी नहीं होती।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>रेल सेवा से क्या होगा लाभ, प्रवासी जनता को सुविधा</strong></div>
<div style="text-align:justify;">रोज़गार के सिलसिले में सूरत और मुंबई में रह रहे लाखों प्रवासी राजस्थानी एक सस्ती, सुरक्षित और तेज़ यात्रा सुविधा पा सकेंगे। राजस्थान पर्यटन को प्रोत्साहन मिल रहा है।यदि ट्रेन वाया उदयपुर, राजसमंद और चितौड़गढ़ से गुजरे, तो यह पर्यटकों के लिए भी एक बेहतर मार्ग बनेगा। मेवाड़ के ऐतिहासिक किले, झीलें और मंदिर इस मार्ग को लोकप्रिय बना देंगे। राजस्थान,गुजरात और केंद्र में भाजपा की सरकार होते हुए भी प्रवासियों को इतना बडा लम्बा इंतजार कराया जा रहा है।यह अनुचित है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong> </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सूरत में व्यापार और रोजगार में वृद्धि</strong></div>
<div style="text-align:justify;">रेल सेवा से सामान का आवागमन आसान होगा। सूरत के व्यापारिक केंद्रों और मेवाड़ के हस्तशिल्प-उद्योगों के बीच बेहतर संपर्क बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस ऑपरेटरों की मनमानी पर रोक</strong></div>
<div style="text-align:justify;">ट्रेन शुरू होने से निजी बस संचालकों द्वारा किए जा रहे किराये के शोषण पर अंकुश लगेगा। पर्यावरणीय दृष्टि से लाभदायक है।रेल यात्रा बसों की तुलना में ईंधन की दृष्टि से अधिक किफायती और पर्यावरण-अनुकूल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कई बार उठ चुकी है मांग, पर कार्रवाई नहीं</strong></div>
<div style="text-align:justify;">प्रवासी समाज के संगठनों, विशेषकर राजस्थान मेवाड़ प्रवासी समिति सूरत, मेवाड़ ट्रस्ट मुंबई, और उदयपुर विकास मंच द्वारा पिछले कई वर्षों से यह मांग उठाई जा रही है कि मुंबई से वाया अहमदाबाद होकर चितौड़गढ़-उदयपुर के लिए एक दैनिक ट्रेन चलाई जाए।कई बार रेल मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे गए हैं। जनप्रतिनिधियों ने संसद में प्रश्न उठाए हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे का तर्क है कि अहमदाबाद से उदयपुर लाइन पर पहले से ही सीमित क्षमता है, और नई ट्रेनों के लिए पथ (path) उपलब्ध नहीं है। लेकिन अब यह कोई समस्या नही है।ब्रॉडगेज लाइन बिछी हुई है।और अहमदाबाद से साप्ताहिक ट्रेन का संचालन भी है।हालांकि, हाल के वर्षों में उदयपुर-अहमदाबाद सेक्शन का विद्युतीकरण और डबल लाइन कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए तकनीकी रूप से अब कोई बड़ी बाधा नहीं रह गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>संभावित मार्ग और ट्रेन की जरूरत</strong></div>
<div style="text-align:justify;">सूरत ,भरुच, वडोदरा, अहमदाबाद , हिम्मतनगर  उदयपुर  चितौड़गढ़ राजसमंद – नाथद्वारा और जोकि गोगुन्दा उदयपुर का समावेश होता है।यह मार्ग गुजरात और राजस्थान के बीच न केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक पुल का काम करेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रोजाना कम से कम दो ट्रेन चलाने से हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सीजन में बढ़ जाती है मुश्किलें</strong></div>
<div style="text-align:justify;">नवरात्र, दीपावली, होली और गर्मियों की छुट्टियों के समय यह समस्या चरम पर होती है।</div>
<div style="text-align:justify;">बस टिकट न मिलने पर लोग ट्रेनों में खड़े होकर, किसी भी तरह सफर करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इस यात्रा में अत्यधिक कठिनाई होती है।त्योहारों पर जब लोग अपने घर पहुंचना चाहते हैं, तो रेल मार्ग का अभाव उन्हें भावनात्मक रूप से भी आहत करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>राज्य सरकारों की भूमिका</strong></div>
<div style="text-align:justify;">राजस्थान और गुजरात दोनों सरकारें इस मुद्दे पर एक साझा पहल कर सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">यदि दोनों राज्य संयुक्त रूप से रेल मंत्रालय से आग्रह करें, तो रेलवे के लिए यह सेवा शुरू करना संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">उदयपुर, चितौड़गढ़ और राजसमंद के सांसदों व विधायकों को भी इस पर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">यह केवल यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि प्रवासी समाज के प्रति संवेदनशीलता का भी प्रतीक होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मेवाड़ी समाज जहां भी रहता है, वहाँ उसने विकास की कहानी लिखी है।सूरत, मुंबई, अहमदाबाद और पुणे में लाखों परिवारों ने अपने व्यवसाय स्थापित किए हैं।वे हर साल अपने गांवों में निवेश करते हैं । घर बनवाते हैं, स्कूलों और मंदिरों को दान देते हैं, समाजसेवा करते हैं।ऐसे लोगों को अपने गृहप्रदेश से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम रेल सेवा ही हो सकती है।राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल से भी प्रवासी मेवाड़ी समाज ने अपील की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>आर्थिक दृष्टि से भी फायदेमंद</strong></div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय रेल के लिए यह नई ट्रेन घाटे का सौदा नहीं होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">अगर आठ लाख प्रवासियों में से केवल दस प्रतिशत लोग भी महीने में एक बार यात्रा करें, तो यात्री संख्या लाखों में पहुंचेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">साथ ही इस मार्ग से पर्यटन, व्यापारिक और मालवाहक ट्रेन सेवाओं का विस्तार भी संभव है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सरकार से अपेक्षाएँ </strong></div>
<div style="text-align:justify;">सर्वेक्षण कर मार्ग की संभाव्यता रिपोर्ट तैयार की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">सूरत-मुंबई वाया अहमदाबाद होकर मेवाड़ के लिए दो नई दैनिक  ट्रेन की घोषणा की जाए।त्योहारों में विशेष ट्रेनें चलाई जाएँ।प्रवासी समाज के साथ संवाद कर उनकी वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">मेवाड़ से सूरत-मुंबई तक ट्रेन सेवा केवल एक यातायात का मुद्दा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और मानवीय जुड़ाव का प्रतीक है।देश के किसी भी हिस्से में प्रवासी अपनी मेहनत से राष्ट्र का विकास करते हैं।सरकार का दायित्व है कि उन्हें अपने मूल से जोड़ने के लिए बेहतर सुविधाएँ दी जाएँ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज जब ‘विकसित भारत’ की दिशा में कदम बढ़ रहे हैं, तब ऐसी मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी प्रवासी समाज को निराश करती है।इसलिए समय आ गया है कि रेल मंत्रालय इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करे और सूरत-मुंबई वाया अहमदाबाद से मेवाड़ तक दो नई ट्रेन सेवा आरंभ करे।</div>
<div style="text-align:justify;">यह सेवा न केवल लाखों यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि राज्यों के बीच भावनात्मक और आर्थिक रिश्तों को भी नई मजबूती देगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 16:48:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्तमान केंद्र सरकार ने जीएसटी घटाने के नाम पर देश की जनता के साथ छलावा किया- सपा </title>
                                    <description><![CDATA[सरकार की दमनकारी नीतियों एवं बढती महंगाई एवं भ्रष्टाचार ने जनता  का सुख चैन छीना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/156547/the-present-central-government-cheated-the-people-of-the-country"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/1001239946.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नगर में जल भराव टूटी सड़के गंदगी से जनता परेशान</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>देश वा प्रदेश से रोजगार व व्यवसाय लगभग समाप्त - हाजी फजल महमूद</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के पदाधिकारियों कार्य समिति के सदस्यों विधायकों पूर्व विधायकों विधानसभा अध्यक्षो फ्रंटल तथा प्रकोष्ठ के अध्यक्षों सपा के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों फ्रंटल के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों तथा पीडीए मिशन की मासिक बैठक सपा महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद की अध्यक्षता में सपा कार्यालय में आरंभ हुई। बैठक का संचालन महानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू ने किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बैठक की अध्यक्षता करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि 4 अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा समाजवादी पार्टी की स्थापना की गई थी जिसका इतना बड़ा विस्तार हुआ कि आज समाजवादी पार्टी देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है इसकी आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने अपने संबोधन में आगे कहा कि वर्तमान की केंद्र सरकार ने जीएसटी घटाने के नाम पर जनता के साथ छलावा किया है क्योंकि सरकार ने कच्चे माल पर 18% जीएसटी लागू का जनता के साथ विश्वास घात किया है अब सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है सरकार की कथनी और करनी में बहुत बड़ा अंतर है तथा आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता पूरे उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया करके पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का मन बना चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बैठक में प्रमुख रूप से महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद प्रदेश सचिव के के शुक्ला महासचिव संजय सिंह बंटी सेंगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिन्टू नंदलाल जयसवाल आनंद शुक्ला सत्यनारायण गहरवार फखरे आलम अंसारी रजत मिश्रा सौरभ सिंह मुमताज मंसूरी मोहम्मद सरिया आकाश यादव आदि उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/156547/the-present-central-government-cheated-the-people-of-the-country</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Oct 2025 18:32:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अडानी को बिहार में एक रुपये में मिली 1050 एकड़ जमीन, छिड़ा सियासी संग्राम</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज - </strong>  कांग्रेस ने केंद्र सरकार और उद्योगपति गौतम अडानी पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने 15 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि बिहार के भागलपुर में अडानी ग्रुप को महज एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से 1,050 एकड़ जमीन पावर प्लांट लगाने के लिए 33 साल की लीज़ पर दी गई है। कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि यह जमीन सिर्फ सस्ती दर पर ही नहीं, बल्कि उस पर खड़े 10 लाख से ज्यादा आम, लीची और सागौन के पेड़ों समेत अडानी को सौंप दी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155196/adani-got-1050-acres-of-land-in-bihar-for-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/download2.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज - </strong> कांग्रेस ने केंद्र सरकार और उद्योगपति गौतम अडानी पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने 15 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि बिहार के भागलपुर में अडानी ग्रुप को महज एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से 1,050 एकड़ जमीन पावर प्लांट लगाने के लिए 33 साल की लीज़ पर दी गई है। कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि यह जमीन सिर्फ सस्ती दर पर ही नहीं, बल्कि उस पर खड़े 10 लाख से ज्यादा आम, लीची और सागौन के पेड़ों समेत अडानी को सौंप दी गई है। खेड़ा ने कहा कि यह सिर्फ बिहार का मामला नहीं है, बल्कि पहले भी चुनावी राज्यों में इसी तरह की सौगात अडानी को दी जाती रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>उन्होंने उदाहरण गिनाए –</strong></div>
<div style="text-align:justify;">महाराष्ट्र चुनाव से पहले अडानी को पावर प्रोजेक्ट और धारावी प्रोजेक्ट मिला।</div>
<div style="text-align:justify;">झारखंड चुनाव से पहले गोड्डा पावर प्रोजेक्ट सौंपा गया।</div>
<div style="text-align:justify;">2013 छत्तीसगढ़ चुनाव से पहले हसदेव अरण्य का प्रोजेक्ट अडानी को मिला, जब राज्य में रमन सिंह की बीजेपी सरकार थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पवन खेड़ा ने कहा कि इस बार भी कहानी वही है। बजट में भले इस 2,400 मेगावॉट बिजली प्रोजेक्ट की घोषणा की गई थी, लेकिन यह नहीं बताया गया कि इसे किसी निजी कंपनी को दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 21,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को भी घेरा। खेड़ा ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को ‘नज़रबंद’ किया गया ताकि वे उनके सामने विरोध दर्ज न करा सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बीजेपी का पलटवार</strong></div>
<div style="text-align:justify;">कांग्रेस के आरोपों पर बिहार बीजेपी की ओर से जवाब आया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। उन्होंने कहा – “टेंडर निकाला गया था। जो कंपनी सबसे कम दर पर बिजली देने को तैयार हुई, उसे प्रोजेक्ट मिला। सरकार का काम जमीन उपलब्ध कराना है, जबकि पूरा निवेश अडानी ग्रुप का है। इससे बिहार को सस्ती दर पर बिजली मिलेगी। इसमें न तो कोई घोटाला है और न ही अनियमितता।”</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:57:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पिछले 10 वर्षों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ दर्ज 193 ईडी मामलों में 2 दोषसिद्धि।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>केंद्र सरकार ने संसद को बताया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले 10 वर्षों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ 193 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से दो मामलों में दोषसिद्धि हुई है। किसी भी मामले में गुण-दोष के आधार पर कोई बरी नहीं हुआ है।वित्त मंत्रालय ने यह बयान सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद ए.ए. रहीम द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर में दिया।</div>
<div>  </div>
<div>रहीम ने पिछले दस सालों में सांसदों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन के सदस्यों के खिलाफ दर्ज ईडी मामलों की संख्या, उनकी पार्टी के साथ, राज्यवार और सालवार जानना चाहा था। जवाब में, वित्त मंत्रालय में राज्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150141/in-the-last-10-years-2-convicts-in-193-ed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download5.jpg" alt=""></a><br /><div>केंद्र सरकार ने संसद को बताया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले 10 वर्षों में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ 193 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से दो मामलों में दोषसिद्धि हुई है। किसी भी मामले में गुण-दोष के आधार पर कोई बरी नहीं हुआ है।वित्त मंत्रालय ने यह बयान सीपीआई(एम) के राज्यसभा सांसद ए.ए. रहीम द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर में दिया।</div>
<div> </div>
<div>रहीम ने पिछले दस सालों में सांसदों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन के सदस्यों के खिलाफ दर्ज ईडी मामलों की संख्या, उनकी पार्टी के साथ, राज्यवार और सालवार जानना चाहा था। जवाब में, वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि सांसदों, विधायकों और स्थानीय प्रशासन के सदस्यों के साथ-साथ उनकी पार्टी के खिलाफ दर्ज ईडी मामलों का राज्यवार डेटा नहीं रखा जाता है।</div>
<div> </div>
<div>हालांकि, पिछले 10 वर्षों के दौरान मौजूदा और पूर्व सांसदों, विधायकों, एमएलसी और राजनीतिक नेताओं या किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मामलों का वर्षवार विवरण वाली एक तालिका दी गई है।जैसा कि आंकड़ों से देखा जा सकता है, 2019-2024 की अवधि के दौरान ईडी मामलों की संख्या में उछाल आया, जिसमें सबसे अधिक मामले(32) 2023-204 की अवधि में दर्ज किए गए।</div>
<div> </div>
<div>मंत्री ने जवाब दिया कि इन मामलों में दो दोषसिद्धियां सुनिश्चित की गई हैं, एक 2016-2017 और एक 2019-2020 की अवधि में। सांसद के इस प्रश्न पर कि "क्या हाल के वर्षों में विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज ईडी मामलों में वृद्धि हुई है, और यदि हां, तो इस प्रवृत्ति का औचित्य क्या है", मंत्री ने उत्तर दिया कि ऐसी कोई जानकारी नहीं रखी गई है।</div>
<div> </div>
<div>सुप्रीम कोर्ट ने कई मौकों पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में दोषसिद्धि की कम दरों के बारे में टिप्पणी की है। पिछले नवंबर में, टीएमसी विधायक पार्थ चटर्जी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए, कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की थी कि ईडी की दोषसिद्धि दर खराब है और पूछा कि किसी व्यक्ति को कितने समय तक अंडरट्रायल रखा जा सकता है। इससे पहले, कोर्ट ने कहा था कि पिछले दस वर्षों में ईडी द्वारा दर्ज किए गए 5000 मामलों में से केवल 40 में ही दोषसिद्धि हुई है, और ईडी को गुणवत्तापूर्ण अभियोजन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।</div>
<div> </div>
<div>अरविंद केजरीवाल मामले में पारित निर्णय में न्यायालय ने कहा था कि पीएमएलए शिकायतों और गिरफ्तारियों के आंकड़ों से "कई सवाल उठते हैं" और गिरफ्तारियों पर एक समान नीति की आवश्यकता पर बल दिया था।</div>
<div> </div>
<div>दिसंबर 2024 में, केंद्र सरकार ने संसद को सूचित किया कि पिछले पांच वर्षों के दौरान 01.01.2019 से 31.10.2024 के बीच मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए प्रवर्तन निदेशालय ("ईडी") द्वारा पंजीकृत मामलों में दर्ज 911 अभियोजन शिकायतों में से 654 मामलों में परीक्षण पूरा हो गया था और यह 42 मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने में सक्षम था। यानी, 6.42% दोषसिद्धि दर।</div>
<div> </div>
<div>रहीम के इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कि क्या सरकार ने ईडी जांच की पारदर्शिता और दक्षता में सुधार के लिए कोई सुधार किया है, मंत्री ने कहा:"प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारत सरकार की एक प्रमुख कानून प्रवर्तन एजेंसी है, जिसे धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) और भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (एफईओए) के प्रशासन और प्रवर्तन का काम सौंपा गया है। ईडी विश्वसनीय साक्ष्य/सामग्री के आधार पर जांच के लिए मामलों को लेता है और राजनीतिक संबद्धता, धर्म या अन्यथा के आधार पर मामलों में अंतर नहीं करता है।</div>
<div> </div>
<div> इसके अलावा, ईडी की कार्रवाई हमेशा न्यायिक समीक्षा के लिए खुली रहती है। एजेंसी पीएमएलए, 2002; फेमा, 1999 और एफईओए, 2018 के कार्यान्वयन के दौरान की गई कार्रवाई के लिए विभिन्न न्यायिक मंचों जैसे न्यायाधिकरण, अपीलीय न्यायाधिकरण, विशेष न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति जवाबदेह है।"</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 13:44:55 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चंद्रयान-5 मिशन भारत और जापान के बीच एक संयुक्त प्रोजेक्ट, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चंद्रयान-5 मिशन-</strong>    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष, एस. सोमनाथ ने घोषणा की है कि भारत सरकार ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दे दी है। यह मिशन भारत और जापान के बीच एक संयुक्त परियोजना के रूप में कार्य करेगा।</p>
<p>सोमनाथ ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए तीन दिन पहले मंजूरी मिली है। इसे हम जापान के साथ मिलकर करेंगे।" इस मिशन में चंद्रयान-3 के मुकाबले एक बड़ा और भारी रोवर भेजा जाएगा। चंद्रयान-5 का रोवर चंद्रयान-3 के रोवर 'प्रज्ञान' से दस गुना भारी होगा, जो कि 25 किलो वजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150059/chandrayaan-5-mission-central-government-approves-a-joint-project-between-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(12)2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चंद्रयान-5 मिशन-</strong>  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष, एस. सोमनाथ ने घोषणा की है कि भारत सरकार ने चंद्रयान-5 मिशन को मंजूरी दे दी है। यह मिशन भारत और जापान के बीच एक संयुक्त परियोजना के रूप में कार्य करेगा।</p>
<p>सोमनाथ ने रविवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, "हमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए तीन दिन पहले मंजूरी मिली है। इसे हम जापान के साथ मिलकर करेंगे।" इस मिशन में चंद्रयान-3 के मुकाबले एक बड़ा और भारी रोवर भेजा जाएगा। चंद्रयान-5 का रोवर चंद्रयान-3 के रोवर 'प्रज्ञान' से दस गुना भारी होगा, जो कि 25 किलो वजन का था। चंद्रयान-5 मिशन से पहले, चंद्रयान-4 को 2027 में लॉन्च किया जाएगा। चंद्रयान-4 का उद्देश्य चंद्रमा से नमूने इकट्ठा करना है।</p>
<p><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/download-(11)3.jpg" alt="चंद्रयान-5 मिशन भारत और जापान के बीच एक संयुक्त प्रोजेक्ट, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी" width="275" height="183"></img>चंद्रयान मिशन का इतिहास</strong><br />चंद्रयान मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की सतह का अध्ययन करना है। चंद्रयान-1, जिसे 2008 में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था, ने चंद्रमा की रासायनिक, खनिज और फोटो-जीओलॉजिकल मैपिंग की थी।</p>
<p>चंद्रयान-2 मिशन (2019) 98 प्रतिशत सफल रहा था, लेकिन मिशन के अंतिम चरणों में केवल 2 प्रतिशत कार्य पूरा नहीं हो सका था। हालांकि, चंद्रयान-2 का ऑनबोर्ड उच्च-रिज़ोल्यूशन कैमरा अभी भी सैकड़ों चित्र भेजता है, जैसा कि सोमनाथ ने बताया।</p>
<p>चंद्रयान-3, जो चंद्रयान-2 का फॉलो-अप मिशन था, ने ISRO की चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित लैंडिंग और रोविंग करने की क्षमता को प्रमाणित किया। 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक 'सॉफ्ट लैंडिंग' की थी, जिससे भारत केवल पांचवां देश बन गया था, जिसने चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की है (अमेरिका, रूस, चीन और जापान के साथ)।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Mar 2025 15:51:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> केंद्र की मोदी सरकार प्रदेश की योगी सरकार ने योजनाओं के माध्यम से बढ़ाया महिलाओं का सम्मान - मयंकेश्वर शरण सिंह </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>गौरीगंज, अमेठी। </strong>गौरीगंज स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री तिलोई के विधायक मयकेश्वर शरण सिंह रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष रामप्रसाद मिश्रा एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष  आशा वाजपेई ने उपस्थित अतिथि एवं महिलाओं का पुष्प कुछ देकर के अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूरे हुए हैं।  </div>
<div>  </div>
<div>इन 11 वर्षों में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक नारी शक्ति</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149632/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/11.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>गौरीगंज, अमेठी। </strong>गौरीगंज स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री तिलोई के विधायक मयकेश्वर शरण सिंह रहे। भाजपा जिला अध्यक्ष रामप्रसाद मिश्रा एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष  आशा वाजपेई ने उपस्थित अतिथि एवं महिलाओं का पुष्प कुछ देकर के अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि आज केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूरे हुए हैं।  </div>
<div> </div>
<div>इन 11 वर्षों में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक नारी शक्ति बंदन अधिनियम भारतीय संसद में प्रस्तुत किया गया इसके पारित होने से संसद में महिलाओं की भागीदारी 33% सुनिश्चित हो जाएगी इसी प्रकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना से मोदी सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है जो भारत की लड़कियों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद कर रही है यह योजना 2015 में शुरू की गई है योजना के तहत बाल लिंगानुपात में सुधार और लड़कियों को शिक्षा में बढ़ावा देने पर अधिक काम किया गया है।  </div>
<div> </div>
<div>इसी तरीके से प्रधानमंत्री ने मात्र बंधन योजना से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक लाभ के लिए अच्छी योजना चलाई महिला शक्ति केंद्र से महिलाएं सशक्त हुई सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित हो रहा है उज्ज्वला योजना में महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाए मुस्लिम बहनों के लिए तीन तलाक पर प्रतिबंध लाकर के उनके जीवन को वेश्यावृत्ति से बचने का काम किया है महिला ई हार्ट से महिलाओं को व्यापार में अवसर प्राप्त हुआ प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्रीय योजना सखी निवास कामकाजी महिला छात्रावास राष्ट्रीय महिला कोष योजना से महिलाओं को आसान लोन प्राप्त हुआ वन स्टाफ केंद्र योजना से महिलाएं मार्गदर्शन कर रही हैं।  </div>
<div> </div>
<div>इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश में लाकर के महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सुरक्षा सम्मान और रोजगार के अवसर प्रदान किए गए महिला सुरक्षा बल एंटी रोमियो स्क्वायड यह है बाल महिलाओं और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गठित किया गया था महिला ग्राम प्रधान और पंचायत में भागीदारी उत्तर प्रदेश की सरकार ने पंचायत चुनाव में महिलाओं के लिए 50% सीट आरक्षित की की गई है जिससे वह राजनीति में आगे बढ़ सकें महिला सशक्तिकरण केंद्र कौशल विकास योजना में महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण मिला। </div>
<div> </div>
<div>इसी प्रकार रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान को उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब महिलाओं और बालिकाओं को बहुत सहयोग मिला पिंक बूथ और पिक पुलिस स्क्वायर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में पिंक बूथ और महिला पुलिस बल्कि विशेष टुकड़ी बनाई गई जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।</div>
<div> </div>
<div>महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष आशा वाजपेई ने आए हुए समस्त महिलाओं एवं अतिथियों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला संयोजक प्रतिमा त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष भाजपा  उपमा सरोज, वन नेशन वन इलेक्शन की जिला संयोजक  प्रज्ञा त्रिपाठी, कुसुम सिंह, नीरज पांडे,बिंदु गुप्ता,बिन्दू गुप्ता ,अर्चना ओजस्वी सहित सभी प्रमुख महिलाएं उपस्थित रहीं। </div>
<div> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 12:59:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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                <title>हाईकोर्ट ने माधबी बुच पर एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगायी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच समेत 6 अधिकारियों पर FIR दर्ज करने के स्पेशल कोर्ट के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज यानी, मंगलवार (4 मार्च) को रोक लगा दी। बुच ने स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर जस्टिस एसजी डिगे ने सुनवाई की।</div>
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<div>हाईकोर्ट ने कहा- "शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। सभी पक्षों को सुनने के बाद, ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायाधीश ने डिटेल्स में जाए बिना और आवेदकों को उनकी भूमिका बताए बिना आदेश पारित कर दिया है। इसलिए, आदेश पर रोक लगा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149359/the-high-court-stayed-the-fir-on-madhabi-buch-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(12).jpg" alt=""></a><br /><div>सेबी की पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच समेत 6 अधिकारियों पर FIR दर्ज करने के स्पेशल कोर्ट के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज यानी, मंगलवार (4 मार्च) को रोक लगा दी। बुच ने स्पेशल कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर जस्टिस एसजी डिगे ने सुनवाई की।</div>
<div> </div>
<div>हाईकोर्ट ने कहा- "शिकायतकर्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। सभी पक्षों को सुनने के बाद, ऐसा प्रतीत होता है कि न्यायाधीश ने डिटेल्स में जाए बिना और आवेदकों को उनकी भूमिका बताए बिना आदेश पारित कर दिया है। इसलिए, आदेश पर रोक लगा दी गई है।"</div>
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<div>मुंबई के एक स्पेशल एंटी-करप्शन कोर्ट ने शनिवार (1 मार्च 2025) को शेयर फ्रॉड से जुड़े मामले में FIR का आदेश दिया था। यह आदेश स्पेशल जज एसई बांगर ने ठाणे बेस्ड जर्नलिस्ट सपन श्रीवास्तव की ओर से दायर याचिका पर दिया था। सपन ने स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी की लिस्टिंग में बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।</div>
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<div>शिकायतकर्ता श्रीवास्तव ने दावा किया कि उन्होंने और उनके परिवार ने 13 दिसंबर 1994 को कैल्स रिफाइनरीज लिमिटेड के शेयरों में निवेश किया था, जिसमें उन्हें भारी नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सेबी और BSE ने कंपनी के अपराधों की अनदेखी की।</div>
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<div>इसे कानून के खिलाफ लिस्ट किया और निवेशकों के हितों की रक्षा करने में विफल रहे। कैल्स रिफाइनरीज़ को 1994 में लिस्टिंग की अनुमति दी गई थी और अगस्त 2017 में ट्रेडिंग से सस्पेंड कर दिया गया था। ये शेयर आज तक सस्पेंडेड है। शिकायतकर्ता के तीन तर्क...सेबी के अधिकारी अपने वैधानिक कर्तव्य में विफल रहे। बाजार में हेराफेरी करने दी गई, इससे निवेशकों को नुकसान हुआ। नियमों को पूरा नहीं करने वाली कंपनी की लिस्टिंग की अनुमति दी।</div>
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<div><strong>सेबी के तीन तर्क..</strong></div>
<div>. बुच और तीनों होलटाइम मेंबर्स उस समय (1994) अपने संबंधित पदों पर नहीं थे। अदालत ने सेबी को तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने का मौका दिए बिना आदेश पारित किया।आवेदक आदतन वादी है। पिछले आवेदनों को अदालत ने खारिज कर दिया था।</div>
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<div>स्पेशल कोर्ट के जज बांगर ने मुंबई के एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB), भारतीय दंड संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत ने ACB को 30 दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को भी कहा था।</div>
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<div>जज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शिकायत में बताए गए "अपराध की गंभीरता" पर विचार किया। इसलिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत जांच का आदेश दिया गया।कोर्ट ने कहा था,"प्रथम दृष्टया नियामक चूक और मिलीभगत के सबूत हैं, जिसके लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। कानून प्रवर्तन और SEBI की निष्क्रियता के कारण धारा 156(3) CrPC के तहत न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।"</div>
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<div>बुच ने अपना करियर 1989 में ICICI बैंक से शुरू किया था। 2007 से 2009 तक ICICI बैंक में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थीं। वे फरवरी 2009 से मई 2011 तक ICICI सिक्योरिटीज की मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO थीं।2011 में सिंगापुर चली गईं और वहां उन्होंने ग्रेटर पैसिफिक कैपिटल में काम किया। माधबी के पास फाइनेंशियल सेक्टर में 30 साल का लंबा अनुभव है। 2022 में उन्हें सेबी का चेयरपर्सन बनाया गया था।</div>
<div>अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने दावा किया था कि माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में हिस्सेदारी है। SEBI चीफ पर कांग्रेस पार्टी ने भी आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने SEBI से जुड़े होने के दौरान ICICI बैंक समेत 3 जगहों से सैलरी लेने का आरोप लगाया था।</div>
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<div>माधबी पुरी बुच 28 फरवरी को सेबी चीफ के पद से रिटायर हुई हैं। उनकी जगह केंद्र सरकार ने वित्त सचिव तुहिन कांत पांडे को अगला SEBI प्रमुख नियुक्त किया है। तुहिन अगले 3 साल के लिए इस पद पर रहेंगे।तुहिन कांत पांडे ओडिशा कैडर के 1987 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे मोदी 3.0 सरकार में भारत के सबसे व्यस्त सचिवों में से एक हैं। वे फिलहाल केंद्र सरकार में चार महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे हैं। उन्हें 7 सितंबर 2024 को वित्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया था।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 12:13:42 +0530</pubDate>
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                <title>कानपुर में वकीलों ने प्रदर्शन कर फूंका पुतला </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर।</strong> केंद्र सरकार के द्वारा अधिवक्ता बिल में संशोधन किए जाने को लेकर आज कानपुर में  अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया, वे अपने कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता समाज इस संशोधन से नाराज है क्योंकि उनके मुताबिक इस बिल में अधिवक्ताओं को खत्म करने और उनके अधिकार का हनन हो रहा है। जिसे लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदेश स्तर पर कार्य बहिष्कार कर दिया और सड़कों पर उतर आए हैं।</div>
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<div>इसके साथ ही सड़कों पर उतरकर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला फूंका गया और लेकर प्रदर्शन किया। कानपुर शहर में अधिवक्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन कानपुर कचहरी में लगभग</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148835/lawyers-demonstrated-in-kanpur-and-burnt-effigy%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img_20250221_175443.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर।</strong> केंद्र सरकार के द्वारा अधिवक्ता बिल में संशोधन किए जाने को लेकर आज कानपुर में  अधिवक्ताओं में आक्रोश दिखाई दिया, वे अपने कार्य से विरत रहे। अधिवक्ता समाज इस संशोधन से नाराज है क्योंकि उनके मुताबिक इस बिल में अधिवक्ताओं को खत्म करने और उनके अधिकार का हनन हो रहा है। जिसे लेकर अधिवक्ताओं ने प्रदेश स्तर पर कार्य बहिष्कार कर दिया और सड़कों पर उतर आए हैं।</div>
<div> </div>
<div>इसके साथ ही सड़कों पर उतरकर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का पुतला फूंका गया और लेकर प्रदर्शन किया। कानपुर शहर में अधिवक्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन कानपुर कचहरी में लगभग लायर्स और बार संगठन के हजारों अधिवक्ता है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Feb 2025 18:13:51 +0530</pubDate>
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