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                <title>irrigation department - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>irrigation department RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बैराजों से छोड़े गए पानी का सीतापुर में असर शारदा-घाघरा उफान पर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सीतापुर-</strong>    जनपद सीतापुर में बैराजों से छोड़े गए करीब तीन लाख क्यूसेक पानी का असर सीतापुर में लगातार चौथे दिन भी देखने को मिल रहा है। शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में लगातार 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है हालांकि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में हालात धीरे-धीरे गंभीर होने लगे हैं। करीब 150 बीघा कृषि योग्य भूमि जलमग्न होने लगी है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट मोड पर रखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> रामपुर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184647/effect-of-water-released-from-barrages-on-sharda-ghaghra-spate-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सीतापुर-</strong>  जनपद सीतापुर में बैराजों से छोड़े गए करीब तीन लाख क्यूसेक पानी का असर सीतापुर में लगातार चौथे दिन भी देखने को मिल रहा है। शारदा और घाघरा नदियों के जलस्तर में लगातार 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है हालांकि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन तटवर्ती क्षेत्रों में हालात धीरे-धीरे गंभीर होने लगे हैं। करीब 150 बीघा कृषि योग्य भूमि जलमग्न होने लगी है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट मोड पर रखते हुए निगरानी बढ़ा दी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> रामपुर मथुरा और रेउसा विकासखंड क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई दे रहा है नगेश्वरपुरवा और बचऊपुरवा गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं रेउसा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। नदियों की तेज कटान जारी उधर, बेहटा विकासखंड के ग्राम खाना मंडोर क्षेत्र में नदियों की तेज कटान जारी है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नदी का बढ़ता पानी गन्ने और धान की फसलों तक पहुंचने लगा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। एसडीएम लहरपुर दामिनी एम. दास ने बताया कि कटान प्रभावित स्थानों पर सिंचाई विभाग की टीमों को लगाया गया है। बालू से भरी बोरियों और जियो बैग के माध्यम से कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, जिससे तत्काल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लेखपालों की क्लस्टरवार ड्यूटी लगाकर जलस्तर की लगातार निगरानी कराई जा रही है!!</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 22:36:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>किसान समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनीं किसानों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>फ़िरोजाबाद - </strong>जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में किसान समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक किसान की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">किसान समाधान दिवस में कृषि, मत्स्य, पशुपालन एवं सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान किसानों को शासन द्वारा संचालित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183697/during-the-kisan-samadhan-diwas-the-district-magistrate-listened-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1000153563.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>फ़िरोजाबाद - </strong>जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में किसान समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक किसान की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान समाधान दिवस में कृषि, मत्स्य, पशुपालन एवं सिंचाई विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान किसानों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा अन्य कृषि एवं वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने, श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती अपनाने तथा खाद-बीज के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया। साथ ही पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन एवं बागवानी जैसे क्षेत्रों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान ब्लॉक अरांव, तहसील सिरसागंज के ग्राम मुस्तफाबाद निवासी बुजुर्ग किसान साहब सिंह ने जिलाधिकारी को बताया कि उनकी खतौनी में नाम की तकनीकी त्रुटि होने के कारण किसान रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें मक्का बेचने और खाद प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल त्रुटि दूर कर समस्या का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त अन्य किसानों ने भी कृषि, सिंचाई, खाद, बिजली एवं अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी भी किसान को कृषि या अन्य विभागों से संबंधित कोई समस्या हो तो वह किसान समाधान दिवस में सीधे आकर अपनी बात रखें। प्रशासन का प्रयास है कि जनपद के किसी भी अन्नदाता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की शिकायतों को लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का मौके पर सत्यापन कर पारदर्शी ढंग से समाधान सुनिश्चित किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि सत्येंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी सोमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:58:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजकीय नलकूप बेपानी,कैसे हो किसानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> इस समय धान की रोपाई अपने चरम सीमा पर है। क्षेत्र में लगाए गए तिरसठ राजकीय नलकूप बेपानी हो गए हैं। कुछ  नलकूपों को छोड़ दिया जाए।तो सब के सब किन्हीं न किन्हीं कारणों से बेकार पड़े हैं। जबकि जिम्मेदार लोगों को उक्त नलकूपों की दशा ठीक कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थनगर जनपद का पूर्वी छोर जो महराजगंज की सीमा से सटा है।  दोआबा  क्षेत्र के पिछड़े पन को दूर करने के लिए  तिरसठ राजकीय नलकूप लगवाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182969/government-tube-well-without-water-how-should-farmers-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783519412710.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लोटन (सिद्धार्थनगर)।</strong> इस समय धान की रोपाई अपने चरम सीमा पर है। क्षेत्र में लगाए गए तिरसठ राजकीय नलकूप बेपानी हो गए हैं। कुछ  नलकूपों को छोड़ दिया जाए।तो सब के सब किन्हीं न किन्हीं कारणों से बेकार पड़े हैं। जबकि जिम्मेदार लोगों को उक्त नलकूपों की दशा ठीक कराने में कोई रुचि नहीं दिखाई दे रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थनगर जनपद का पूर्वी छोर जो महराजगंज की सीमा से सटा है।  दोआबा  क्षेत्र के पिछड़े पन को दूर करने के लिए  तिरसठ राजकीय नलकूप लगवाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी की किल्लत न हो। लेकिन वर्तमान समय में उक्त नलकूपों से कोई लाभ आम किसानों को मिलता हुआ नहीं दिख रहा है।जिस समय नलकूप लगाए जा रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उस समय किसानों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों को लगा कि अब तो हर खेत को पानी मिलता रहेगा।इसके साथ ही क्षेत्र के तमाम लोगों को ट्यूबवेल आपरेटर के रूप में नौकरी भी मिल गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिससे उनके परिवार में अत्यधिक खुशी बनी रही। लोगों की मानें तो लगभग एक दशक तक किसानों को पानी मिलता रहा।इसके बाद धीरे-धीरे नलकूपों की दशा खराब होती गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">1997 में  प्रदेश सरकार ने सभी  ट्यूबल आपरेटरों को विकास विभाग में जोड़ दिया। लिहाजा ट्यूबवेल की दशा अब और खराब होने लगी। हालांकि एक पंचवर्षीय के बाद पुनः सभी आपरेटर्स को उनके मूल तैनाती वाले ट्यूबवेल पर लगा दिया गया।तब,तक बहुत देर हो चुकी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रखरखाव के अभाव में पाइप लाइनों में रिसाव,टूटे,फूटे आवलेट, बिजली तार,पोल एंव ट्रांसफार्मर कुछ को छोड़ सब बेकार हो गए थे।किसी पानी के लिए परेशान होकर निजी पम्प सेट पर आश्रित होने लगे। जिम्मेदार लोगों को इसकी जानकारी भी कई बार क्षेत्रीय लोगों ने दिया। लेकिन आज तक उसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अब,जब खरीफ एवं रबी सीजन में खेती,किसानी करनी होती है।तो किसानों को अपने निजी पम्प सेट का ही सहारा है।जोकि इस भीषण मंहगाई में किसानों के लिए समस्या बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय रामचरन मौर्य, गोपाल वर्मा, धनीराम, कृष्ण कुमार, रामरेखा,पियारे,ठग्गंन, सिपाही, रामप्रसाद,कोमल, द्वारिका,मेढ़ई,कदम, जाकिर आदि लोगों ने जिम्मेदार लोगों से क्षेत्र में लगे राजकीय नलकूप की दशा ठीक कराने की मांग की है। जिससे किसानों को खेती, किसानी में पानी का अभाव न हो।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 19:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से शोभापुर स्केप की खुदाई का कार्य शुरू </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0374---2026-06-13t194305.430.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज (रायबरेली)</strong> लंबे अरसे से किसानों के लिए समास्या का सबब बनी शोभापुर स्केप इस बार किसानों के लिए संजीवनी साबित होगी क्योंकि पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से इसकी खुदाई का रास्ता साफ हो चुका है, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बता दें कि महराजगंज ब्लाक क्षेत्र के बरहुवां ग्राम पंचायत अंतर्गत पूरे अभिमान सिंह गांव के पास से शोभापुर स्केप निकली हुई है, जिसकी लंबाई तकरीबन साढ़े चार किलोमीटर है,जो बजट के अभाव में झाड़ियों से पटी होने के कारण, जल निकासी की समास्या बनी हुई थी और हजारों बीघे फसल डूब जाती थी जिससे किसानों के सामने संकट उत्पन्न हो जाता था।</div><div style="text-align:justify;"> इसकी खुदाई को लेकर क्षेत्रीय किसान कई सालों से परेशान थे और पिछले दिनों पूर्व विधायक राकेश सिंह से मिलकर स्केप की सफाई की मांग की थी जिस पर उन्होंने अधिकारियों से बात कर समास्या के निराकरण के निर्देश दिए थे।</div><div style="text-align:justify;">अब पूर्व विधायक राकेश सिंह के प्रयासों से स्केप की खुदाई का काम शुरू हो गया है जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी है, राज्य मंत्री स्वतंत्रत प्रभार दिनेश प्रताप सिंह बड़े भाई गणेश प्रताप सिंह ने अधिशाषी अभियंता सुशील कुमार सिंचाई विभाग की उपस्थिति में नारियल फोड़कर कार्य का शुभारंभ किया।</div><div style="text-align:justify;">स्केप की खुदाई से भीरा, मझिगवां, मलिकपुर बरना,पंचम सिंह गोंदरिहा बरहुआं पखनपुर पूरे श्रध्दा शोभापुर पूरे लाखन सिंह सहित दर्जनों गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</div><div style="text-align:justify;">शीतला बक्श सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दीपू सिंह, पूर्व रंजीत सिंह, राम प्रताप सिंह, सुशील बाजपेई, राजू, चंद्र शेखर श्री राम सिया राम,जय राम लोधी, सहित अन्य मौजूद रहे।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181156/excavation-work-of-shobhapur-scape-started-due-to-the-efforts</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:59:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहर में पानी न छोड़ें जाने से किसान परेशान-जजलाल राय </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> कांग्रेस कमेटी भदोही के जिला महासचिव जजलाल राय ने कहा कि जनपद भदोही के ज्ञानपुर नहर प्रखंड में समय से पानी न छोड़ें जाने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नहर व शाखा तथा माइनरों में पानी न होने के कारण धान की नर्सरी तैयार करने कि सिंचाई का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। </div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि जून माह में धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने से किसान नर्सरी तैयार करने में परेशानी झेल रहे हैं। जिन किसानों के</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181006/farmers-upset-due-to-not-releasing-water-in-the-canal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> कांग्रेस कमेटी भदोही के जिला महासचिव जजलाल राय ने कहा कि जनपद भदोही के ज्ञानपुर नहर प्रखंड में समय से पानी न छोड़ें जाने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नहर व शाखा तथा माइनरों में पानी न होने के कारण धान की नर्सरी तैयार करने कि सिंचाई का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। </div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि जून माह में धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने से किसान नर्सरी तैयार करने में परेशानी झेल रहे हैं। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई के साधन नहीं हैं, उनकी चिंता और बढ़ गई है, जिससे परेशान होकर किसान कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र दे चुके है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी न मिलने से</div><div style="text-align:justify;">धान की नर्सरी प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। </div><div style="text-align:justify;">उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ने की मांग की पुरजोर मांग की है, ताकि धान की नर्सरी का कार्य समय पर पूरा किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि एक तरफ विकट गर्मी पड़ रही है जनपद में कुआं, हैंडपंप सूखे पड़े हुए हैं और गांव के तालाब भी भरने के बजाय खाली पड़े हैं </div><div style="text-align:justify;">नहर में पानी न आने के कारण किसान विवस बैठे हैं और पानी आने का राह देख रहे है।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="WhmR8e"></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:46:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चौकीदार व चोर मिलकर काट रहे मलाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बलरामपुर</strong> सिंचाई विभाग में लगातार गड़बड़ झाला का मामला प्रकाश में आ रहा है विभाग के विवादित भूमि पर विभागीय सांठ गांठ से धान की फसल लहलहा  रही है मामला पचपेड़वा नगर में स्थित रेलवे स्टेशन के पास सिंचाई कॉलोनी का है यहां दो एकड़ से अधिक खाली पड़ी भूमि पर धान की फसल लहलहा रही है सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस के बगल स्थित सिंचाई कॉलोनी में तैनात चौकीदार राजकुमार ने दो स्थानीय लोगों को जमीन बटाई पर दे रखा है और इस भूमि पर बरसों से खेती-बारी हो रही है बताते चलें कि स्थानीय किसानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144202/the-watchman-and-the-thief-are-cutting-the-cream-together"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/hindi-divas53.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बलरामपुर</strong> सिंचाई विभाग में लगातार गड़बड़ झाला का मामला प्रकाश में आ रहा है विभाग के विवादित भूमि पर विभागीय सांठ गांठ से धान की फसल लहलहा  रही है मामला पचपेड़वा नगर में स्थित रेलवे स्टेशन के पास सिंचाई कॉलोनी का है यहां दो एकड़ से अधिक खाली पड़ी भूमि पर धान की फसल लहलहा रही है सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस के बगल स्थित सिंचाई कॉलोनी में तैनात चौकीदार राजकुमार ने दो स्थानीय लोगों को जमीन बटाई पर दे रखा है और इस भूमि पर बरसों से खेती-बारी हो रही है बताते चलें कि स्थानीय किसानों से यह भूमि सिंचाई विभाग ने अधिग्रहित कर लिया था।
<div> </div>
</div>
<div>और इसमें पूरी कॉलोनी का निर्माण कराया गया था परंतु निर्माण मानक व गुणवत्ता विहीन होने के कारण अधिकांश कमरे ध्वस्त हो गए सरिया एंगल पल्ला दरवाजा खिड़की सब चोर उठा ले गए यहां तक की कॉलोनी में लगे बेस कीमती शीशम आम सैंमल जैसे वृक्षों को भी विभागीय सांठगांठ के चलते कटवा कर बेच दिया गया दूसरी तरफ  अधिग्रहित के बाद मुआवजा से संतुष्ट न होने के कारण किसानों ने न्यायालय में मुकदमा कर दिया माननीय न्यायालय पालिका की परंपरा अनुसार लगभग 40 वर्षों से विभाग और किसान मुकदमा लड़ रहे हैं दूसरी तरफ चौकीदार और चोर सांठगांठ करके मलाई खा रहे हैं।<br /><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Aug 2024 16:40:28 +0530</pubDate>
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