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                <title>raksha bandhan - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>बारावफात, रक्षाबंधन व जन्माष्टमी को लेकर खेसरहा थाने में पीस कमेटी की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  बांसी ( सिद्धार्थनगर) ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आगामी बारावफात, रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को खेसरहा थाने में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम प्रधानों, संभ्रांत नागरिकों, जुलूस आयोजकों तथा हिंदू-मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं और मौलवियों ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  बैठक में पुलिस अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही उच्चाधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से उपस्थित लोगों को अवगत कराया गया और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में आयोजित हुई। इस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185817/peace-committee-meeting-in-khesraha-police-station-regarding-baravafat-rakshabandhan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787233782870.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> बांसी ( सिद्धार्थनगर) ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आगामी बारावफात, रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को खेसरहा थाने में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम प्रधानों, संभ्रांत नागरिकों, जुलूस आयोजकों तथा हिंदू-मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं और मौलवियों ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> बैठक में पुलिस अधिकारियों ने त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। साथ ही उच्चाधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से उपस्थित लोगों को अवगत कराया गया और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में आयोजित हुई। इस दौरान थाना पुलिस के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 19:37:12 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मनाई गई राजीव गांधी जयन्ती, राष्ट्रीय एकता का लिया संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के कैम्प कार्यालय पर गुरूवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी तथा ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष केडी मिश्र की अगुवाई में कांग्रेसियो ने राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता का प्रतिज्ञान लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्चुअल संबोधन में सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी ने देश में तकनीकी और संचार क्रांति के जरिए राष्ट्र के भविष्य को उज्ज्वल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185784/rajiv-gandhi-jayanti-celebrated-pledge-taken-for-national-unity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0102.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के कैम्प कार्यालय पर गुरूवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी तथा ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष केडी मिश्र की अगुवाई में कांग्रेसियो ने राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी तथा विधायक मोना के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता का प्रतिज्ञान लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्चुअल संबोधन में सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि राजीव गांधी ने देश में तकनीकी और संचार क्रांति के जरिए राष्ट्र के भविष्य को उज्ज्वल दिशा प्रदान की। उन्होने कहा कि मतदान की आयु इक्कीस वर्ष से घटाकर अठारह वर्ष करने का राजीव गांधी का निर्णय देश के युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में खुद को अधिकार सम्पन्न बनाना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम की अध्यक्षता केडी मिश्र व संचालन मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल ने किया। सह संयोजक पप्पू तिवारी तथा विधि प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सत्येन्द्र श्रीवास्तव ने जयंती समारोह का संयोजन किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष पाण्डेय, हृदय नारायण मिश्र, राजू पाण्डेय, रामू मिश्र, सिंटू मिश्र, भास्कर शुक्ल, मोनू पाण्डेय, प्रभाकर पाल, रिंकू शुक्ला, पंकज तिवारी, अंशुमान पाण्डेय, छोटेलाल सरोज, बेलाल रहमानी, संतोष सिंह आदि रहे। आभार प्रदर्शन नगर कांग्रेस अध्यक्ष विनय जायसवाल ने किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:18:08 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बेल्हा की बहनों की 1100 राखियां सीमा पर तैनात जवानों को भेजी गई </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षाबंधन के पर्व को लेकर बहनों ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए स्नेह और सम्मान का सूत्र राखी भेजा है।एलायंस क्लब इंटरनेशनल की पहल पर जिले की बहनों द्वारा तैयार की गई 1100 राखियां एकत्र कर राष्ट्रपति  को भेजी गईं, ताकि ये रक्षा सूत्र देश की रक्षा में डटे जवानों तक पहुंच सके।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गुरुवार को एलायंस क्लब इंटरनेशनल के पदाधिकारियों ने क्लब के इंटरनेशनल डायरेक्टर एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में सभी राखियां प्रधान डाकघर के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजी गईं। इस अवसर पर रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि देश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185781/1100-rakhis-of-belhas-sisters-were-sent-to-the-soldiers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0093.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षाबंधन के पर्व को लेकर बहनों ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए स्नेह और सम्मान का सूत्र राखी भेजा है।एलायंस क्लब इंटरनेशनल की पहल पर जिले की बहनों द्वारा तैयार की गई 1100 राखियां एकत्र कर राष्ट्रपति  को भेजी गईं, ताकि ये रक्षा सूत्र देश की रक्षा में डटे जवानों तक पहुंच सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गुरुवार को एलायंस क्लब इंटरनेशनल के पदाधिकारियों ने क्लब के इंटरनेशनल डायरेक्टर एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य के नेतृत्व में सभी राखियां प्रधान डाकघर के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजी गईं। इस अवसर पर रोशनलाल उमरवैश्य ने कहा कि देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में तैनात वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। राखी का यह रक्षा सूत्र सैनिक भाइयों के प्रति बहनों के आत्मीय भाव का प्रतीक है और उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य करता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि एलायंस क्लब और महिला क्लब की ओर से पिछले 26 वर्षों से लगातार सैनिक भाइयों के लिए राखियां भेजने की परंपरा निभाई जा रही है। डाक अधीक्षक ईसम सिंह ने एलायंस क्लब के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सैनिकों के प्रति सम्मान और अपनत्व का यह भाव समाज के लिए प्रेरणादायी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं सीनियर पोस्टमास्टर संजय गुप्ता ने कहा कि प्रतापगढ़ की बहनों द्वारा भेजे गए ये रक्षा सूत्र सैनिक भाइयों को भावनात्मक संबल और नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। क्लब की नॉर्थ जोन एडवाइजर पूनम गुप्ता ने  ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिकों ने देशवासियों का मनोबल बढ़ाया है।इस अवसर पर शैलेंद्र पांडे निरीक्षक, प्रतिभा सहायक मंडली, अमित कुमार, श्रेया सिंह, सचिन शुक्ला, पूनम गुप्ता, श्वेता जायसवाल, डाली सिंह, रेखा उमरवैश्य, अर्चना खंडेलवाल, प्राची गुप्ता, डॉ. दयाराम मौर्य, संतोष कुमार, छेदीलाल, देवानंद, आदर्श कुमार, विवेक कुमार सहित क्लब के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:15:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>CMO से बकाया मानदेय की भुगतान करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य संविदाकर्मियों के 06 महीने से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम से मांग की है ।</div>
<div>  </div>
<div>आपको बता दें कि बस्ती जनपद के अंतर्गत समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अवनि परिधि एजेंसी के माध्यम से स्वास्थ विभाग में तैनात वार्ड बॉय व वार्ड आया /स्वीपर काम चौकीदार का फरवरी 2026 से जुलाई 2026 तक मानदेय न मिलने से सभी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है जिसके कारण संविदाकर्मियों के समस्त परिवार भूखमरी के कगार पर है और परिवारों को अनेक कठिनाइयों का सामना</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185774/memorandum-submitted-demanding-payment-of-outstanding-honorarium-from-cmo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0077.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में स्वास्थ्य संविदाकर्मियों के 06 महीने से बकाया मानदेय के भुगतान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम से मांग की है ।</div>
<div> </div>
<div>आपको बता दें कि बस्ती जनपद के अंतर्गत समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अवनि परिधि एजेंसी के माध्यम से स्वास्थ विभाग में तैनात वार्ड बॉय व वार्ड आया /स्वीपर काम चौकीदार का फरवरी 2026 से जुलाई 2026 तक मानदेय न मिलने से सभी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है जिसके कारण संविदाकर्मियों के समस्त परिवार भूखमरी के कगार पर है और परिवारों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सभी संविदाकर्मियों ने अपने बकाया मानदेय के भुगतान के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्ती डा० राजीव निगम से कई बार शिकायत किया था और मुलाकात भी किया था तो सीएमओ कार्यालय में बकाया मानदेय भुगतान की मांग करने पर जिम्मेदारों द्वारा संविदाकर्मियों को डराया धमकाया जाता है और कहा जाता है कि अगर ज्यादा मनमानी करोंगे तो कम्पनी से निकाल देंगे । संविदाकर्मियों ने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि हम सभी कर्मचारियों के बकाये मानदेय का भुगतान कराने का आदेश दिया जाएं जिससे सभी संविदाकर्मियों के परिवार का भरण पोषण हो सके । मीडिया टीम से बातचीत में कुछ महिला कर्मचारियों ने कहा कि अगामी महीने अर्थात् अगस्त में रक्षा बंधन का त्योहार है यदि समय रहते बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो भाई - बहन का पवित्र त्योहार रक्षा बंधन फीका पड़ सकता है । जुलाई महीने में 05 माह का बकाया मानदेय का पैसा आ गया है लेकिन अभी तक बकाया मानदेय का अभी हो पाया है ।</div>
<div> </div>
<div>अब बड़ी बात यह है कि जब शासन द्वारा संविदा कर्मियों के 05 महीने के बकाया मानदेय की धनराशि 29 जुलाई 2026 को आ गई तो संविदाकर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है ? जिसको लेकर जिले में तरह - तरह की चर्चाएं चल रही है । अब देखना यह है कि सोशल मीडिया पर खबर वायरल होने के बाद संविदाकर्मियों के बकाया मानदेय का भुगतान हो पाता है या नहीं । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० राजीव निगम को ज्ञापन देते समय प्रमोद कुमार पाठक, अनिल कुमार मौर्य ,शिव बहाल , विजय कुमार, दीनानाथ, विजय प्रताप मौर्य, सत्य प्रकाश , सुशील कुमार आदि समेत अन्य भारी संख्या में लोग मौजूद रहे ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:03:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चलो इस बार रक्षाबंधन को राष्ट्र बंधन के रूप में मनाते हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<div>रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक अद्वितीय पर्व है, जहाँ केवल रेशमी धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और उत्तरदायित्व की अटूट गांठ बाँधी जाती है। यह पर्व केवल बहन-भाई के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक आदर्श सामाजिक संरचना के दर्शन भी होते हैं। लेकिन क्या यह भावना मात्र पारिवारिक दायरे में सिमटी रहनी चाहिए? क्यों न इस बार रक्षाबंधन को राष्ट्र के प्रति समर्पित कर ‘राष्ट्र बंधन’ के रूप में मनाया जाए?</div>
<div>  </div>
<div>जब बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं, तो वे सिर्फ उनकी शारीरिक रक्षा का संकल्प नहीं लेतीं, बल्कि उनके जीवन में नैतिकता,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/153730/lets-celebrate-rakshabandhan-as-a-national-bond-this-time"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/download1.jpg" alt=""></a><br /><div>रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक अद्वितीय पर्व है, जहाँ केवल रेशमी धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और उत्तरदायित्व की अटूट गांठ बाँधी जाती है। यह पर्व केवल बहन-भाई के संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से एक आदर्श सामाजिक संरचना के दर्शन भी होते हैं। लेकिन क्या यह भावना मात्र पारिवारिक दायरे में सिमटी रहनी चाहिए? क्यों न इस बार रक्षाबंधन को राष्ट्र के प्रति समर्पित कर ‘राष्ट्र बंधन’ के रूप में मनाया जाए?</div>
<div> </div>
<div>जब बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बाँधती हैं, तो वे सिर्फ उनकी शारीरिक रक्षा का संकल्प नहीं लेतीं, बल्कि उनके जीवन में नैतिकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भी रक्षा का दायित्व सौंपती हैं। यदि हम इस पर्व को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की पुनःस्मृति का माध्यम बनाएं, तो यह उत्सव निजी भावना से ऊपर उठकर राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन सकता है। कल्पना कीजिए, यदि हम सब नागरिक भारत माता की कलाई पर एक संकल्प-सूत्र बाँधें, तो यह राखी मातृभूमि की सेवा, सुरक्षा और समर्पण का महापर्व बन जाएगी।</div>
<div> </div>
<div>रक्षा-सूत्र को हम केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बना सकते हैं - एक वर्ष, राखी पर्यावरण को समर्पित कर नदियों, वनों, पर्वतों, वायु और जैव विविधता की रक्षा का व्रत ले सकते हैं; तो दूसरे वर्ष, राखी संविधान को समर्पित करें के स्वतंत्रता, समानता, और बंधुत्व की भावना को जीवंत रख सकते हैं; तीसरे वर्ष, एक राखी भारतीय सेना को समर्पित कर के सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को प्रणाम कर सकते हैं;अगले साल एक राखी किसानों के नाम कर के अन्नदाताओं की कठिन तपस्या को सम्मान दे सकते हैं; तो कभी एक राखी सामाजिक समरसता के लिए बाँध कर जाति, धर्म, भाषा और प्रांत के भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता का संकल्प ले सकते हैं। अतः सरकार को चाहिए कि हर वर्ष इस पर्व को एक विशिष्ट राष्ट्रीय विषय से जोड़े, जैसे इस वर्ष सैनिकों के सम्मान में, अगले वर्ष स्वच्छता कर्मियों के नाम, फिर श्रमिकों के नाम, फिर वन रक्षकों, शिक्षकों, चिकित्सको ,वैज्ञानिकों या तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने वालों के नाम।</div>
<div> </div>
<div> भारत एक विविधताओं से भरा देश है, पर इन विविधताओं के बीच समरसता ही हमारी पहचान है। यदि रक्षाबंधन को "राष्ट्र बंधन" के रूप में मनाया जाए, तो यह पर्व केवल एक पारिवारिक रिवाज न होकर राष्ट्रीय एकता और उत्तरदायित्व का महोत्सव बन सकता है।</div>
<div> </div>
<div>आवश्यक है कि हम रक्षा सूत्र को नया अर्थ दें।आज जब राष्ट्र बाहरी खतरों से अधिक आंतरिक विघटन, वैचारिक भ्रम और सांस्कृतिक संकटों से जूझ रहा है, तब "रक्षा" का अर्थ केवल बाहरी आक्रमण से नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा,संवेदनाओं, संस्कारों और आदर्शों की रक्षा से भी जुड़ता है।ऐसे समय में रक्षा सूत्र को बहन-भाई तक सीमित न रखें। पति-पत्नी, गुरु-शिष्य, मित्र-सखी - सभी एक-दूसरे को और स्वयं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हुए यह रक्षा-सूत्र बाँधें। बहनें भाइयों की कलाई पर बाँधने के साथ अपनी कलाई पर भी भारत माता की सेवा का संकल्प सूत्र बाँधें।</div>
<div> </div>
<div> समाज में यह चेतना जागे कि राष्ट्र ही हमारा सबसे बड़ा परिवार है। भारत माता हम सबकी शक्ति, प्रेरणा और संरक्षण की केंद्रबिंदु है। जब यह भाव प्रत्येक नागरिक के हृदय में बस जाएगा, तब हर पर्व राष्ट्रीय पर्व बन जाएगा और हर संबंध राष्ट्र धर्म से जुड़ जाएगा। तो आइए, इस बार हम रक्षाबंधन को ‘राष्ट्र बंधन’ के रूप में मनाएं - जहाँ प्रेम का धागा केवल भाइयों की कलाई ही नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी बाँधे। यही पर्व की सच्ची सार्थकता होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 16:05:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>रेशमी डोर से बंधा बहनो का भाइयों पर अटूट विश्वास का पवित्र त्यौहार।</title>
                                    <description><![CDATA[<p>रक्षाबंधन केवल बहनों द्वारा रेशमी धागों को भाइयों की कलाई में बांधने का त्यौहार ही नहीं है बल्कि देश के हर नौजवान से देश की सुरक्षा एवं राष्ट्र में निवासरत हर बहन के लिए रक्षा का वचन का त्यौहार भी है। बहन और भाइयों का यह पवित्र त्यौहार सावन की पूर्णिमा पर श्रद्धा सादगी और पवित्रता के साथ मनाया जाता है। जिस बहन ने भाई की कलाई में यह रक्षा सूत्र बांधा है भाई का यह कर्तव्य बन जाता है कि वह आजीवन अपनी बहनों की हर तरह से सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे।</p>
<p>प्राचीन काल में यज्ञ तथा अनेक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144084/the-sacred-festival-of-sisters-unwavering-faith-in-their-brothers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/rakshabandhan-2022.jpg" alt=""></a><br /><p>रक्षाबंधन केवल बहनों द्वारा रेशमी धागों को भाइयों की कलाई में बांधने का त्यौहार ही नहीं है बल्कि देश के हर नौजवान से देश की सुरक्षा एवं राष्ट्र में निवासरत हर बहन के लिए रक्षा का वचन का त्यौहार भी है। बहन और भाइयों का यह पवित्र त्यौहार सावन की पूर्णिमा पर श्रद्धा सादगी और पवित्रता के साथ मनाया जाता है। जिस बहन ने भाई की कलाई में यह रक्षा सूत्र बांधा है भाई का यह कर्तव्य बन जाता है कि वह आजीवन अपनी बहनों की हर तरह से सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे।</p>
<p>प्राचीन काल में यज्ञ तथा अनेक धार्मिक अनुष्ठानों को करते समय इस में सम्मिलित होने वाले लोगों की कलाइयों पर मंत्रों से सुभाषित सूत्र बांधा जाता था। यह परंपरा आज भी यथावत जारी रखी गई है सूत्र को यज्ञ शक्ति का प्रतीक समझकर यज्ञ स्थल पर सूत्र धारण करने वाले व्यक्ति की हर आपदा एवं उपद्रवों से रक्षा हेतु यह सूत्र कटिबद्ध माना गया है ।कालांतर में इसी रक्षा सूत्र का नाम रक्षाबंधन पड़ गया है। रक्षाबंधन के साथ यह विश्वास तथा धारणा बलवती हो जाती है कि जिस भाई को बहना ने रेशमी धागे से रक्षा सूत्र के द्वारा रक्षाबंधन किया गया है उस भाई की नैतिक तथा सामाजिक तौर पर धार्मिक जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी बहनों की हर तरह से सुरक्षा करें इसके अलावा देश की सीमा की भी रक्षा करें इसमें उसकी बहन निवासरत है।</p>
<p>इस तरह देश और बहनों की रक्षा का यह पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन के रूप में संपूर्ण राष्ट्र में एवं विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा हर वर्ष मनाया जाता है। पौराणिक और धार्मिक स्वरूप भी है इसकी पुराण में एक कथा है भगवान विष्णु वामन का रूप लेकर दानवों के राजा बलि का सर्वस्व छीन लेते हैं। इसके पश्चात भी विष्णु भगवान राजा बलि को धर्मपरायण न होते देख प्रसन्न होकर उसे पाताल लोक प्रदान करते हैं एवं उस पाताल लोक में स्वयं द्वारपाल बन जाते हैं। इन परिस्थितियों में विष्णु भगवान की पत्नी माता लक्ष्मी उन्हें ना पाकर अत्यंत चिंतित हैं विचलित हो जाती है भगवान नारद जी लक्ष्मी जी की चिंता का निवारण करते हुए बताते हैं कि विष्णु जी पाताल लोक में द्वारपाल बने हुए हैं,</p>
<p>ऐसे में लक्ष्मी जी पाताल लोक के स्वामी बली को रक्षा सूत्र बांधकर वचन के रूप में अपने पति देव विष्णु जी को मांगती है राजा बलि रक्षाबंधन के पवित्र धागों से बंध कर भगवान विष्णु को द्वारपाल के पद से मुक्त कर देते हैं और इन परिस्थितियों में रक्षाबंधन का महत्व पूर्ण कथाओं में श्रेष्ठ बंधन के रूप में माना जाने लगा है। वैसे तो इस पवित्र धागे की रक्षा के अनेक ऐतिहासिक प्रमाण भी दिए गए हैं तब से रक्षाबंधन का यह पवित्र भाव और बहन द्वारा राखी बांधने की परंपरा जोर शोर से प्रचलित हुई है। राजनीति में भी स्वतंत्रता के पूर्व तथा स्वतंत्रता के बाद रक्षाबंधन के बदले बहनों ने भाइयों से सामाजिक सुरक्षा एवं देश की रक्षा के वचनों को मांगा है एवं भारत की स्वतंत्रता प्राप्त की है। रक्षाबंधन में बहने रक्षा सूत्र बांधकर भाइयों मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं देती है और प्रत्युत्तर में भाई उनकी मांगी हुई  मुराद पूरी करते है। आज हर त्यौहार का व्यवसायीकरण हो गया है। </p>
<p>बहने अपने धनिक भाइयों से कीमती वस्तुएं मांग लेती और भाई अपनी क्षमता के अनुसार उनकी मांग पूरी भी कर देते हैं। रक्षाबंधन पवित्रता का त्यौहार है, यह मानवीय भाव का बंधन है। यह प्रेम त्याग और कर्तव्य का बंधन भी है इस बंधन में एक बार बंध जाने के बाद इसे विस्मित किया जाना अत्यंत कठिन होता है। इंन रेशमी धागों में इतनी शक्ति होती है कि भाई बहनों और देश की रक्षा के लिए अपनी जान पर भी खेल जाते हैं। रक्षाबंधन के पर्व हमें संदेश देता है की स्त्री समाज की मुख्य अंग है और स्त्री जिस धरा, जिस भूमि पर, जिस देश में निवास करती है उस देश की भूमि की रक्षा तथा बहनों के प्रेम और सम्मान की सुरक्षा करना भाइयों का प्रथम कर्तव्य हो जाता है अतः सभी भाई बहनों को रक्षाबंधन की किस पवित्र त्यौहार की अनंत बधाइयां एवं शुभकामनाएं।</p>
<p><strong>संजीव ठाकुर, वर्ल्ड रिकार्ड धारक लेखक, चिंतक,स्तंभकार </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 16:34:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>दस रुपये के आकर्षक लिफाफे में राखी भेज सकेंगी बहनें</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> रक्षाबंधन का त्यौहार आने वाला है। बाजार में रंग बिरंगी राखियों की दुकानें सज गई हैं। बहनें दूर रहने वाले अपने भाइयों के लिए राखी भेजने की तैयारी में लगी हैं। डाक विभाग इस बार भी बहनों की खुशियों को संजोने का प्रयास किया है। भाइयों को राखी भेजने के लिए मात्र दस रुपये की कीमत में प्लास्टिक कोटेड डिज़ाइनर लिफाफों की व्यवस्था की है। डाकघर के अलावा ग्रामीण डाकघर में लिफाफे उपलब्ध कराए गए हैं। आसानी से खराब न होने वाले इन लिफाफे में राखियाँ सुरक्षित रहेंगी।</div>
<div>  </div>
<div>यह लिफाफे डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। डाक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144023/sisters-will-be-able-to-send-rakhi-in-an-attractive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/download1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> रक्षाबंधन का त्यौहार आने वाला है। बाजार में रंग बिरंगी राखियों की दुकानें सज गई हैं। बहनें दूर रहने वाले अपने भाइयों के लिए राखी भेजने की तैयारी में लगी हैं। डाक विभाग इस बार भी बहनों की खुशियों को संजोने का प्रयास किया है। भाइयों को राखी भेजने के लिए मात्र दस रुपये की कीमत में प्लास्टिक कोटेड डिज़ाइनर लिफाफों की व्यवस्था की है। डाकघर के अलावा ग्रामीण डाकघर में लिफाफे उपलब्ध कराए गए हैं। आसानी से खराब न होने वाले इन लिफाफे में राखियाँ सुरक्षित रहेंगी।</div>
<div> </div>
<div>यह लिफाफे डाकघर से प्राप्त किए जा सकते हैं। डाक विभाग की ओर से राखियां भेजने के लिए वाटरप्रूफ डिज़ाइनर लिफाफे बहनों को खूब पसंद आ रहे हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं इन लिफाफों में भाइयों को राखियां भेज भी रही हैं। ताकि समय से राखियां भाइयों तक पहुंच सकें।  पोस्ट मास्टर एसके बाजपेई ने बताया की प्लास्टिक कोटेड लिफाफे बेहद आकर्षक हैं। मात्र दस रुपये की कीमत में विभाग स्पीड पोस्ट के जरिए भाइयों तक राखी पहुंचाने का काम कर रहा है। बताया कि इन लिफाफों की छंटनी तेज रहती है। इसलिए साधारण लिफाफों की अपेक्षा यह लिफाफे भेजे गए पते तक द्रुतगति से पहुंचते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Aug 2024 16:38:48 +0530</pubDate>
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