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                <title>bharat - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>धमकी से नहीं चलेगा पानी का रिश्ता, पाकिस्तान को आतंकवाद का हिसाब देना होगा</title>
                                    <description><![CDATA[<div>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर धमकी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी में कोई कमी करने या उसे रोकने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश कभी पीछे नहीं हटेगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए यह दावा भी किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को पराजित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185260/water-relations-will-not-work-through-threats-pakistan-will-have"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002151168.jpg" alt=""></a><br /><div>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर भारत को सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर धमकी देने की कोशिश की है। उनका कहना है कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी में कोई कमी करने या उसे रोकने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। साथ ही उन्होंने कश्मीर पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश कभी पीछे नहीं हटेगा। अपने भाषण में उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की प्रशंसा करते हुए यह दावा भी किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को पराजित किया। शहबाज शरीफ के इन बयानों से साफ है कि पाकिस्तान आज भी वास्तविकता को स्वीकार करने के बजाय धमकी, दुष्प्रचार और भावनात्मक नारों का सहारा लेकर अपनी जनता को भ्रमित करना चाहता है।</div><div><br /></div><div>सबसे बड़ा सवाल यह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आज अचानक सिंधु नदी का पानी इतना याद क्यों आ रहा है? क्या वे यह भूल गए हैं कि भारत ने दशकों तक एक अंतरराष्ट्रीय समझौते का सम्मान करते हुए पाकिस्तान को उसके हिस्से का पानी दिया? क्या वे यह भूल गए हैं कि भारत ने हमेशा यह माना कि पड़ोसी देशों के साथ संबंध केवल सीमा और सुरक्षा से नहीं, बल्कि मानवता, सहयोग और आपसी विश्वास से भी चलते हैं? लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार उस विश्वास को चोट पहुंचाई है। जब पाकिस्तान की धरती से प्रशिक्षित आतंकवादी भारत में निर्दोष नागरिकों का खून बहाते हैं और उसके बाद पाकिस्तान पानी के सवाल पर भारत को धमकी देता है, तो यह उसकी दोहरी नीति का सबसे बड़ा उदाहरण बन जाता है।</div><div><br /></div><div>पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाकर की गई आतंकवादी घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। नाम पूछकर लोगों की हत्या करने जैसी अमानवीय घटना का दर्द केवल उन परिवारों का दर्द नहीं है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। यह पूरे भारत की पीड़ा है। किसी व्यक्ति की मौत गोली से हो, आतंकवादी हमले में हो या किसी अन्य कारण से, उसके परिवार के लिए उसका दुख समान होता है। ऐसे में पाकिस्तान यदि आतंकवादियों को संरक्षण देने के आरोपों से स्वयं को अलग नहीं करता और दूसरी तरफ भारत से पानी की मांग भी धमकी के स्वर में करता है, तो उसके रवैये पर सवाल उठना स्वाभाविक है।</div><div><br /></div><div>सिंधु जल समझौता भारत की उदारता और दूरदर्शिता का भी प्रतीक रहा है। वर्ष 1960 में हुए इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के पानी का बंटवारा निर्धारित किया गया। पूर्वी नदियों रावी, ब्यास और सतलुज के पानी के उपयोग का अधिकार भारत को मिला, जबकि पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के लिए निर्धारित किया गया। इतने वर्षों तक भारत ने इस समझौते का सम्मान किया। लेकिन परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। जब कोई देश लगातार सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप झेलता है और भारत की सुरक्षा तथा नागरिकों को निशाना बनाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो भारत के सामने अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की समीक्षा करना स्वाभाविक है।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान को यह समझना होगा कि पानी कोई धमकी देकर हासिल करने वाली वस्तु नहीं है। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में समझौते तभी मजबूत रहते हैं, जब उनके पीछे आपसी विश्वास और जिम्मेदारी की भावना हो। पाकिस्तान यदि भारत से अच्छे संबंध चाहता है तो उसे सबसे पहले आतंकवाद के मुद्दे पर गंभीरता दिखानी होगी। भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वालों पर कार्रवाई करनी होगी और यह भरोसा पैदा करना होगा कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दिया जाएगा। केवल भाषण देने और भारत को धमकाने से दोनों देशों के बीच विश्वास पैदा नहीं हो सकता।</div><div><br /></div><div>कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान को वास्तविकता समझने की जरूरत है। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और भारत अपनी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जितनी बार चाहें कश्मीर पर पुराने बयान दोहरा सकते हैं, लेकिन इससे जमीन पर वास्तविकता नहीं बदलेगी। कश्मीर के नाम पर दशकों तक आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति ने पाकिस्तान को क्या दिया, यह पाकिस्तान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति देखकर समझा जा सकता है। यदि कश्मीर वास्तव में पाकिस्तान की चिंता का विषय है तो उसे आतंकवाद और हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण संबंधों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।</div><div><br /></div><div>शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में चीन-पाकिस्तान दोस्ती को हिमालय से भी ऊंचा बताया। पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति भावनाओं पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों पर चलती है। चीन और पाकिस्तान के बीच भले ही रणनीतिक और आर्थिक संबंध हों, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि चीन भारत के साथ अपने व्यापक हितों को छोड़कर पाकिस्तान की हर नीति का समर्थन करेगा। चीन एक बड़ी आर्थिक शक्ति है और भारत भी विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों का महत्व पाकिस्तान से कहीं अधिक व्यापक है। इसलिए केवल चीन का नाम लेकर भारत को धमकाने की कोशिश पाकिस्तान की कमजोर रणनीति को ही उजागर करती है।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान को यह भी समझना चाहिए कि किसी देश की शक्ति केवल हथियारों से तय नहीं होती। आर्थिक क्षमता, तकनीकी सामर्थ्य, राजनीतिक स्थिरता, कूटनीतिक प्रभाव, मजबूत संस्थाएं और जनता का विश्वास किसी राष्ट्र की वास्तविक ताकत बनते हैं। भारत इन सभी क्षेत्रों में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। इसके विपरीत पाकिस्तान लंबे समय से आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता, आतंकवाद, महंगाई और जल संकट जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में भारत को धमकी देने के बजाय पाकिस्तान को अपनी ऊर्जा अपने देश की समस्याओं के समाधान में लगानी चाहिए।</div><div><br /></div><div>पाकिस्तान में जल संकट गहराता जा रहा है तो उसका समाधान भारत को धमकी देना नहीं है। पाकिस्तान को अपनी सिंचाई व्यवस्था में सुधार करना होगा, पानी की बर्बादी रोकनी होगी, जल संरक्षण बढ़ाना होगा और अपने राज्यों के बीच पानी के बेहतर प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी। सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में पानी की कमी की शिकायतें केवल भारत के कारण नहीं समझी जा सकतीं। पाकिस्तान की आंतरिक जल प्रबंधन व्यवस्था, बढ़ती आबादी, कृषि पर दबाव और जलवायु परिवर्तन भी इसके महत्वपूर्ण कारण हैं। अपनी नाकामी का दोष भारत पर डाल देना आसान है, लेकिन इससे पाकिस्तान की समस्या हल नहीं होगी।</div><div><br /></div><div>भारत के लिए भी यह समय भावनाओं में बहने के बजाय दृढ़ और संतुलित नीति अपनाने का है। भारत को अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी चाहिए और आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में किसी प्रकार की कमजोरी नहीं दिखानी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष तथ्यों, कानून और जिम्मेदार राष्ट्र की छवि के साथ मजबूती से रखा जाए। भारत ने दुनिया को कई बार दिखाया है कि वह शांति चाहता है, लेकिन शांति को कमजोरी नहीं समझता।</div><div><br /></div><div>शहबाज शरीफ को यह याद रखना चाहिए कि धमकियों से रिश्ते नहीं सुधरते। यदि पाकिस्तान सचमुच भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है तो उसे पहले आतंकवाद की नीति छोड़नी होगी। भारत के नागरिकों के जीवन और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करके पाकिस्तान एक ओर आतंकवाद को बढ़ावा दे और दूसरी ओर पानी के अधिकार की दुहाई दे, यह दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता।</div><div><br /></div><div>भारत ने वर्षों तक पड़ोसी होने के नाते उदारता दिखाई है। लेकिन उदारता का अर्थ कमजोरी नहीं होता। भारत शांति का पक्षधर है, पर अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से समझौता नहीं कर सकता। पाकिस्तान चाहे जितनी धमकियां दे, भारत अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेने में सक्षम है। उसे यह समझना होगा कि पानी मांगने से पहले विश्वास अर्जित करना पड़ता है और विश्वास के लिए आतंकवाद का रास्ता छोड़ना पड़ता है। पाकिस्तान यदि सच में शांति चाहता है तो उसे बंदूक, आतंकवाद और धमकी की भाषा छोड़कर बातचीत, सहयोग और जिम्मेदारी की भाषा अपनानी होगी। यही उसके लिए भी बेहतर है और पूरे उपमहाद्वीप के भविष्य के लिए भी।</div><div>         *कांतिलाल मांडोत*</div><div><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 17:19:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रद्धापूर्वक मनाया गया कारगिल विजय दिवस </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र, में शनिवार को कारगिल विजय दिवस  मनाया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">।इस अवसर पर छात्राओं श्रद्धा पांडे, नियति पटेल एवं साक्षी उपाध्याय तथा विद्यालय के शिक्षक अगम पाठक ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">।कार्यक्रम में विद्यालय देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी का मन मोह लिया। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने  कारगिल के अमर वीरों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184074/kargil-vijay-diwas-celebrated-with-devotion"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0102-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र, में शनिवार को कारगिल विजय दिवस  मनाया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।इस अवसर पर छात्राओं श्रद्धा पांडे, नियति पटेल एवं साक्षी उपाध्याय तथा विद्यालय के शिक्षक अगम पाठक ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य, बलिदान एवं राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">।कार्यक्रम में विद्यालय देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित सभी का मन मोह लिया। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने  कारगिल के अमर वीरों के त्याग और बलिदान को नमन करते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संदेश दिया।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:47:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमसे तेल खरीदना बंद नहीं करेगा भारत…ट्रंप के दावे पर रूस का जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169281/india-will-not-stop-buying-oil-from-us%E2%80%A6-russias-response"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/trump.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों में विविधता लाता रहेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ भारत के सभी समझौते पहले की तरह जारी हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था. बाद में यह टैरिफ वापस ले लिया गया. हालांकि अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू की, तो 25% टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत से रूसी तेल खरीद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. ट्रंप के अलावा किसी और ने ऐसा नहीं कहा है. लावरोव के मुताबिक, रूस और भारत के बीच हुए तेल और अन्य समझौते पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारत के साथ एक फ्रेमवर्क व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है. अमेरिका का आरोप है कि रूस तेल बेचकर जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में करता है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाए</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और ब्रिक्स देशों के साथ रूस के व्यापार, निवेश और सैन्य सहयोग को रोकने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव वाले कदमों के जरिए दुनियाभर में दबदबा बनाए रखना चाहता है, लावरोव ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद यह नीति और खुलकर दिख रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:01:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोन के लिए आईएमएफ ने पाकिस्तान के सामने 11 और शर्तें रखी, भारत के साथ तनाव को बताया सबसे बड़ा जोखिम</title>
                                    <description><![CDATA[<p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151982/for-loan-imf-laid-down-11-more-conditions-in-front"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/imf.jpg" alt=""></a><br /><p>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने 7 अरब डॉलर के लोन के लिए पाकिस्तान के सामने 11 और नई शर्तें रख दी हैं। इसके साथ ही भारत के साथ तनाव को एक बड़ा जोखिम बताया है।  पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, जो नई शर्तें लगाई गई हैं उनमें 17.6 लाख करोड़ रुपए के नए बजट को मंजूरी देना, बिजली बिलों पर डेट सर्विसिंग सरचार्ज बढ़ाना और तीन साल से अधिक  पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध हटाना शामिल है।</p>
<p><strong>रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है</strong></p>
<p>शनिवार को जारी आईएमएफ की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच में अगर तनाव बढ़ता है तो पड़ोसी देश के राजकोष, विदेशी व्यापार और सुधारों पर नकारात्मक असर होगा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो हफ्तों में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अभी तक बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हालिया मुनाफे को बरकरार रखा है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.414 लाख करोड़ रुपए हो सकता है, जो 25,200 करोड़ रुपए या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में, सरकार ने 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है, जो भारत के साथ संघर्ष के बाद 18 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।</p>
<p><strong>आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है</strong></p>
<p>आईएमएफ ने जून 2025 के अंत तक कार्यक्रम लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आईएमएफ स्टाफ एग्रीमेंट के अनुरूप वित्त वर्ष 2026 के बजट की संसदीय मंजूरी हासिल करने की एक नई शर्त भी लगाई है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट में बताया, “आईएमएफ ने महज 7 अरब डॉलर के कर्ज के लिए पाकिस्तान पर 11 और शर्तें लगा दी हैं, जिससे कुल शर्तों की संख्या 50 हो गई है।” आईएमएफ ने बताया कि पाकिस्तान के 17.6 लाख करोड़ रुपए के बजट में से सिर्फ 1.07 लाख करोड़ रुपए विकास पर खर्च किए जाने हैं, जबकि 6.6 लाख करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151982/for-loan-imf-laid-down-11-more-conditions-in-front</link>
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                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:40:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत में 76% लोगों को एआई पर भरोसा, वैश्विक औसत 46 प्रतिशत से काफी अधिक : रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर लोगों का भरोसा बाकी दुनिया से कहीं ज्यादा है। केपीएमजी द्वारा तैयार की गई एक नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 76 प्रतिशत लोग एआई का उपयोग करने को लेकर आत्मविश्वास से भरे हैं, जबकि वैश्विक औसत सिर्फ 46 प्रतिशत है। यह रिपोर्ट 47 देशों के 48,000 लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत न केवल एआई को अपनाने के मामले में आगे है, बल्कि इसकी उपयोगिता और संभावनाओं को लेकर भी सबसे अधिक आशावादी है। सर्वे में भाग लेने वाले 90 प्रतिशत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151981/76-people-in-india-trust-ai-more-than-46-percent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/images.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर लोगों का भरोसा बाकी दुनिया से कहीं ज्यादा है। केपीएमजी द्वारा तैयार की गई एक नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 76 प्रतिशत लोग एआई का उपयोग करने को लेकर आत्मविश्वास से भरे हैं, जबकि वैश्विक औसत सिर्फ 46 प्रतिशत है। यह रिपोर्ट 47 देशों के 48,000 लोगों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत न केवल एआई को अपनाने के मामले में आगे है, बल्कि इसकी उपयोगिता और संभावनाओं को लेकर भी सबसे अधिक आशावादी है। सर्वे में भाग लेने वाले 90 प्रतिशत भारतीयों ने माना कि एआई ने अलग-अलग क्षेत्रों में काम की पहुंच और प्रभावशीलता को बेहतर बनाया है। इससे साफ होता है कि भारत में एआई एक बदलाव लाने वाली ताकत बन चुकी है। इतना ही नहीं, 97 प्रतिशत भारतीय कर्मचारी काम में एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा सिर्फ 58 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 67 प्रतिशत लोगों ने माना कि वे एआई के बिना अपने रोज़ के टास्क पूरे नहीं कर सकते।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में एआई को लेकर समझ और प्रशिक्षण भी बाकी देशों से बेहतर है। लगभग 64 प्रतिशत भारतीयों ने किसी न किसी रूप में एआई से जुड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है और 83 प्रतिशत लोगों को लगता है कि वे एआई टूल्स का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, 78 प्रतिशत भारतीयों को अपनी एआई उपयोग करने की क्षमता पर भरोसा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रिपोर्ट को मेलबर्न बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर निकोल गिलेस्पी और डॉ स्टीव लॉकी ने केपीएमजी के सहयोग से तैयार किया है। केपीएमजी इंडिया के अखिलेश टुटेजा ने कहा, “भारत नैतिक और नवाचारी एआई के इस्तेमाल में वैश्विक नेतृत्व के लिए एक मजबूत स्थिति में है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>लाइफस्टाइल</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151981/76-people-in-india-trust-ai-more-than-46-percent</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/151981/76-people-in-india-trust-ai-more-than-46-percent</guid>
                <pubDate>Sun, 18 May 2025 16:37:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एचएएल इस साल भारतीय वायुसेना को सौंपेगा 12 तेजस Mk1A फाइटर जेट्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने आज शुक्रवार को बताया कि वह इस साल भारतीय वायुसेना (IAF) को 12 तेजस एलसीए Mk1A लड़ाकू विमान सौंपेगा। अमेरिकी टेक कंपनी GE से इंजन की डिलीवरी शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया संभव हो पाई है। कंपनी ने अपनी अर्निंग कॉल में बताया कि पहला तेजस Mk1A लड़ाकू विमान आने वाले कुछ महीनों में तैयार कर लिया जाएगा। वहीं HAL को वित्त वर्ष 2025-26 में 8-10 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">तेजस Mk1A भारत में विकसित स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस का उन्नत संस्करण है, जिसे HAL ने डिजाइन किया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151938/hal-will-hand-over-12-tejas-mk1a-fighter-jets-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/4040.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने आज शुक्रवार को बताया कि वह इस साल भारतीय वायुसेना (IAF) को 12 तेजस एलसीए Mk1A लड़ाकू विमान सौंपेगा। अमेरिकी टेक कंपनी GE से इंजन की डिलीवरी शुरू होने के बाद यह प्रक्रिया संभव हो पाई है। कंपनी ने अपनी अर्निंग कॉल में बताया कि पहला तेजस Mk1A लड़ाकू विमान आने वाले कुछ महीनों में तैयार कर लिया जाएगा। वहीं HAL को वित्त वर्ष 2025-26 में 8-10 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">तेजस Mk1A भारत में विकसित स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस का उन्नत संस्करण है, जिसे HAL ने डिजाइन किया है। यह एक 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसमें अत्याधुनिक युद्ध क्षमता, बेहतर सर्वाइवल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी है।HAL के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक उसका ऑर्डरबुक लगभग ₹1.89 लाख करोड़ का है, जो पिछले साल ₹94,000 करोड़ था। आने वाले ऑर्डर में 97 तेजस Mk1A फाइटर जेट्स, 143 एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर्स (ALH) भारतीय वायुसेना के लिए और 10 डॉर्नियर विमान भारतीय नौसेना के लिए शामिल हैं। इन तीनों ऑर्डर की कुल कीमत ₹1.25 लाख करोड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">तेजस Mk1A के निर्माण के लिए HAL ने दो उत्पादन इकाइयां -एक बेंगलुरु और एक नासिक में तैयार की हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए HAL अपने एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर निर्माण क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। विशेष रूप से नासिक की फैक्ट्री का विस्तार इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">HAL ने अगले पांच वर्षों के लिए ₹14,000-15,000 करोड़ की पूंजीगत व्यय योजना बनाई है, ताकि समय पर वायुसेना और नौसेना को विमान व हेलिकॉप्टर डिलीवर किए जा सकें। यह औसतन हर साल ₹3,000 करोड़ का निवेश होगा। शुक्रवार को HAL के शेयरों में 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता के बाद देशी रक्षा कंपनियों के लिए ऑर्डर में तेजी आने की संभावना है, जिससे रक्षा शेयरों में व्यापक तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा, हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव को देखते हुए सरकार के द्वारा रक्षा बजट बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151938/hal-will-hand-over-12-tejas-mk1a-fighter-jets-to</link>
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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 22:07:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कश्मीर पर कोई भी मध्यस्थता स्वीकार नहीं, कश्मीर है हमारा PoK को खाली करे पाकिस्तान… भारत का सख्त संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद अब भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान जारी किया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय वार्ता के जरिए ही किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने पाकिस्तान को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है. भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को खाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151869/no-arbitration-on-kashmir-is-not-accepted-kashmir-pakistan-should"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/670fec254c97d8ebfad48c16_indian-army-35e82zy24xfm0pgi.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया सीजफायर के बाद अब भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्रालय ने औपचारिक बयान जारी किया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों का समाधान केवल द्विपक्षीय वार्ता के जरिए ही किया जाएगा और जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा. विदेश मंत्रालय ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने पाकिस्तान को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है. भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को खाली करना होगा.</p>
<p>विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारा लम्बे अरसे से यही राष्ट्रीय पक्ष रहा है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय तरीके से ही हल करना है. इस नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. जैसा कि आप जानते हैं, लंबित मामला केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है.</p>
<h3><strong>विदेश मंत्रालय ने न्यूक्लियर वॉर की संभावनाओं को खारिज किया</strong></h3>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से परमाणु युद्ध की अटकलों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से पारंपरिक क्षेत्र में थी. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पाकिस्तान की नेशनल कमांड अथॉरिटी 10 मई को बैठक करेगी, लेकिन बाद में उन्होंने इसका खंडन किया. पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने खुद रिकॉर्ड पर परमाणु पहलू से इनकार किया है. जैसा कि आप जानते हैं, भारत का दृढ़ रुख है कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा या इसका हवाला देकर सीमा पार आतंकवाद को संचालित करने की अनुमति नहीं देगा.</p>
<p> </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-05/bharat3.jpg" alt="bharat कश्मीर पर कोई भी मध्यस्थता स्वीकार नहीं, कश्मीर है हमारा PoK को खाली करे पाकिस्तान… भारत का सख्त संदेश" width="978" height="508"></img></p>
<h3><br /><strong>पाकिस्तानी उच्चायोग ने विदेश मंत्रालय से किया था संपर्क</strong></h3>
<p>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच 10 मई 2025 को 15.35 बजे शुरू होने वाली फोन कॉल पर समझौते की विशिष्ट तिथि, समय पर काम किया गया. इस कॉल के लिए विदेश मंत्रालय को पाकिस्तानी उच्चायोग से 12.37 बजे अनुरोध प्राप्त हुआ. तकनीकी कारणों से पाकिस्तानी पक्ष को भारतीय पक्ष से हॉटलाइन कनेक्ट करने में शुरुआती कठिनाइयां हुईं. इसके बाद 15.35 बजे भारतीय डीजीएमओ की उपलब्धता के आधार पर समय तय किया गया.</p>
<h3><strong>पाकिस्तान गोलीबारी रोकने पर मजबूर हुआ</strong></h3>
<p>उन्होंने आगे कहा कि आप निश्चित रूप से इस बात को समझेंगे कि 10 तारीख की सुबह हमने पाकिस्तानी वायुसेना के प्रमुख ठिकानों पर बेहद प्रभावी हमला किया था. यही कारण था कि वे अब गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार थे. मैं स्पष्ट कर दूं यह भारतीय हथियारों की ताकत थी जिसने पाकिस्तान को अपनी गोलीबारी रोकने पर मजबूर किया.</p>
<p> </p>
<h3><strong>पाकिस्तानी विदेश मंत्री के दावों पर क्या बोला भारत?</strong></h3>
<p>पाकिस्तानी विदेश मंत्री द्वारा सीएनएन को दिए गए दावों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य स्थानों पर अपने आतंकवादी ठिकानों को नष्ट होते देखा है. उसके बाद, हमने उसकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया और प्रमुख एयरबेसों को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया. अगर पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसे उपलब्धियों के रूप में पेश करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/151869/no-arbitration-on-kashmir-is-not-accepted-kashmir-pakistan-should</link>
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                <pubDate>Tue, 13 May 2025 18:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ' किसी को 'मियां-तियां' और 'पाकिस्तानी' कहना गलत, हालांकि यह धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात। जेपी सिंह।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को "मियां-तियां" और "पाकिस्तानी" कहना गलत होगा, लेकिन यह उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अपराध नहीं होगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय दंड संहिता की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर शब्द आदि बोलना) के तहत आरोप से व्यक्ति को मुक्त करते हुए न्यायालय ने कहा, "अपीलकर्ता पर "मियां-तियां" और "पाकिस्तानी" कहकर सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है।" निस्संदेह, दिए गए बयान गलत हैं। हालांकि, यह सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर नहीं है।"</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस बी वी नागरत्ना और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149385/the-supreme-court-said-that-it-is-not-a-crime"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात। जेपी सिंह।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को "मियां-तियां" और "पाकिस्तानी" कहना गलत होगा, लेकिन यह उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अपराध नहीं होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय दंड संहिता की धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर शब्द आदि बोलना) के तहत आरोप से व्यक्ति को मुक्त करते हुए न्यायालय ने कहा, "अपीलकर्ता पर "मियां-तियां" और "पाकिस्तानी" कहकर सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है।" निस्संदेह, दिए गए बयान गलत हैं। हालांकि, यह सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर नहीं है।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ झारखंड हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ दायर अपील पर विचार कर रही थी, जिसने अपीलकर्ता को मुक्त करने से इनकार कर दिया था।बेंच ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति के खिलाफ मामले को बंद करते हुए की। उस पर एक सरकारी कर्मचारी को उसके आधिकारिक कर्तव्यों को निभाते समय 'पाकिस्तानी' कहने का आरोप लगाया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अदालत ने 11 फरवरी के फैसले में कहा "बेशक, दिए गए बयान अशोभनीय हैं। लेकिन ये धार्मिक भावनाओं को आहत करने के बराबर नहीं है। इसलिए, हमारा मानना है कि अपीलार्थी को धारा 298 IPC के तहत भी रिहा किया जाए।"</div>
<div style="text-align:justify;">इस मामले में आरोपी, हरि नंदन सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI अधिनियम) के तहत अतिरिक्त कलेक्टर से कुछ जानकारी मांगी थी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उक्त जानकारी उसे भेज दी गई थी। लेकिन आरोपी संतुष्ट नहीं था। आरोप है कि आरोपी ने आरटीआई मामले को देख रहे क्लर्क को अशोभनीय शब्द कहे। शिकायतकर्ता कार्यवाहक क्लर्क (सूचना का अधिकार) ने इसकी शिकायत कर दी। हरि नंदन सिंह ने अपील दायर की। अपीलीय कार्यवाही में, अपीलीय प्राधिकारी ने शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से सिंह को जानकारी देने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता आरोपी के घर जानकारी देने पहुंचा। सिंह ने शुरू में दस्तावेजों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, लेकिन शिकायतकर्ता के जोर देने पर अंततः उन्हें स्वीकार कर लिया। हालांकि, सिंह ने शिकायतकर्ता को उसके धर्म का हवाला देकर गाली दी और उसके आधिकारिक कर्तव्यों को निभाते समय उसके खिलाफ आपराधिक बल का इस्तेमाल किया। जिसका मकसद उसे एक लोक सेवक के रूप में अपनी ड्यूटी निभाने से रोकना और डराना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद सिंह के खिलाफ IPC की धारा 298 (धार्मिक भावनाएं आहत करना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 506 (आपराधिक धमकी), 353 (लोक सेवक को कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), और 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई और मजिस्ट्रेट ने उक्त अपराधों को स्वीकार करते हुए सिंह को समन किया। हरि नंदन सिंह ने फिर आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 239 के तहत रिहाई के लिए आवेदन दायर किया। 24 मार्च, 2022 के आदेश में, मजिस्ट्रेट ने माना कि IPC की धारा 353, 298 और 504 के तहत सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने यह भी माना कि IPC की धारा 323 और 506 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए सबूतों की कमी है और उसे इन धाराओं के तहत रिहा कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेशन्स कोर्ट और राजस्थान हाई कोर्ट ने उक्त आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई। शीर्ष अदालत ने कहा कि आईपीसी की धारा 353 को लागू करने के लिए अपीलार्थी द्वारा कोई हमला या बल प्रयोग नहीं किया गया था। इसलिए हाई कोर्ट को अपीलार्थी को धारा 353 IPC के तहत रिहा करना चाहिए था।</div>
<div style="text-align:justify;">अदालत ने यह भी माना कि अपीलार्थी पर IPC की धारा 504 के तहत आरोप नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि उसकी ओर से ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया था जो शांति भंग कर सकता हो और इसलिए उसे धारा 504 IPC के तहत भी रिहा किया जाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धारा 298 के संबंध में, अदालत ने कहा कि हालांकि उसके बयान अशोभनीय थे, लेकिन उक्त प्रावधान के तहत अपराध नहीं बनता है। इसलिए, याचिका को स्वीकार कर लिया गया और आरोपी को सभी अपराधों से रिहा कर दिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Mar 2025 13:49:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समग्र अरुणाचल प्रदेश के साथ लिकाबाली में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम कानून 1978 लागू करने कि खिलाफ़ दिनभर चली अनशन कारीक्रम ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>धेमाजी असम  </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समग्र अरुणाचल प्रदेश के साथ लोवर सियांग जिले की लिकाबाली में आज अरुणाचल प्रदेश क्रिश्चियन फोरम (एपीसीएफ) की आह्वान में अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए जा रहे धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम 1978 के विरोध में अरुणाचल प्रदेश के लवर चियांग जिले में एक दिवसीय भूख हड़ताल का आह्वान किया।  अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1978 पारित किया गया था </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250217-wa0016.jpg" alt="लवर चीयांग जिले की तीन हजारों से अधिक ईसाई लोगो ने अनशन में लिया भाग।" width="1200" height="720" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हालाँकि, पूरे अरुणाचल प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के कारण अधिनियम लागू नहीं किया गया था।  45 साल बाद सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में ईसाई विरोधी कानून फिर से लागू करने का फैसला किया है।  अरुणाचल प्रदेश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148736/a-day-long-fast-bound-to-implement-the-religion-independence"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250217-wa0015.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>धेमाजी असम  </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समग्र अरुणाचल प्रदेश के साथ लोवर सियांग जिले की लिकाबाली में आज अरुणाचल प्रदेश क्रिश्चियन फोरम (एपीसीएफ) की आह्वान में अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू किए जा रहे धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम 1978 के विरोध में अरुणाचल प्रदेश के लवर चियांग जिले में एक दिवसीय भूख हड़ताल का आह्वान किया।  अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1978 पारित किया गया था </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/img-20250217-wa0016.jpg" alt="लवर चीयांग जिले की तीन हजारों से अधिक ईसाई लोगो ने अनशन में लिया भाग।" width="1280" height="720"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालाँकि, पूरे अरुणाचल प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के कारण अधिनियम लागू नहीं किया गया था।  45 साल बाद सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में ईसाई विरोधी कानून फिर से लागू करने का फैसला किया है।  अरुणाचल प्रदेश क्रिश्चियन फोरम (एपीसीएफ) ने लिकाबली में स्थित टाउन चर्च परिसर में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिल के खिलाफ भूख हड़ताल की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लवर चियांग जिले क्रिश्चियन फोरम के साधारण सचिव गोतो कांबू , सी,आर,सी के पास्टर रेव. न्याक्दो तासार, और जेस्ट नागरिक सेंगो ताइपोडिया ने मीडिया के जरिए इस कानून को ईसाई विरोधी बताया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर उसने कानून को पूरी तरह वापस नहीं लिया तो आने वाले दिनों में पैदा होने वाली भयावह स्थिति के लिए वह जिम्मेदार होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Feb 2025 23:09:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुम्भ में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ‘मेगा यूथ फेस्ट’।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कैज़ुअल लव अफेयर्स, ब्रेकअप्स, सोशल मीडिया और अश्लील विडियों की लत– युवाओं के इन्हीं अहम और सामयिक मुद्दों के समाधान के लिए 8 फरवरी को दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ‘मेगा यूथ फेस्ट’ का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  संस्थान ने स्टैंड-अप कॉमेडी, म्युज़िकल प्रस्तुति और प्रेरक वार्ताओं के माध्यम से लगभग ढाई हज़ार युवाओं को कुम्भ मेले के सेक्टर-9 में मार्गदर्शन प्रदान किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में  अनुराग ठाकुर ने भी अपनी मौज़ूदगी दर्ज़ की। फेस्ट के विभिन्न सत्रों का आयोजन दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की साध्वी शिष्याओं द्वारा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अनुराग ठाकुर ने कहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148415/mega-youth-fest-by-divya-jyoti-jagrati-sansthan-at-mahakumbh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/img-20250208-wa0135-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कैज़ुअल लव अफेयर्स, ब्रेकअप्स, सोशल मीडिया और अश्लील विडियों की लत– युवाओं के इन्हीं अहम और सामयिक मुद्दों के समाधान के लिए 8 फरवरी को दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा ‘मेगा यूथ फेस्ट’ का आयोजन किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> संस्थान ने स्टैंड-अप कॉमेडी, म्युज़िकल प्रस्तुति और प्रेरक वार्ताओं के माध्यम से लगभग ढाई हज़ार युवाओं को कुम्भ मेले के सेक्टर-9 में मार्गदर्शन प्रदान किया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में  अनुराग ठाकुर ने भी अपनी मौज़ूदगी दर्ज़ की। फेस्ट के विभिन्न सत्रों का आयोजन दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की साध्वी शिष्याओं द्वारा किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अनुराग ठाकुर ने कहा कि 'आज युवाओं के बीच दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का नाम इसलिए भी प्रचलित हैं क्योंकि संस्थान के संस्थापक, दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी के लाखों-लाखों उच्च शिक्षित नि:स्वार्थी शिष्य है, सैकड़ों साध्वी एवं स्वामी संन्यासी युवा ही हैं। ऐसा इसीलिए है क्योंकि दिव्य गुरु  आशुतोष महाराज जी की यह दिव्य विचारधारा हैं कि अगर युवा शक्ति को सही मार्गदर्शन मिल जाए तो भारत स्वत: ही विश्वगुरु बन जाएगा'।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संस्थान की प्रवक्ता, साध्वी तपेश्वरी भारती जी ने युवाओं की स्थिति को चित्रित करते हुए कहा की आज का युवा, ‘ये दिल मांगे मोर’ का राग अलापते हुए धड़ले से सोशल मीडिया पर रील्स और ओटीटी पर वेब सीरीज़ देखने में लगा हुआ है। इस पर भी स्थिति बद-से-बदतर दिखाई तब देने लगती है जब युवा इन्हीं प्लेटफार्म्स पर पोर्न और अश्लील कंटेंट देखने में अधिक रूचि लेता नज़र आने लगता है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लत के संदर्भ में साध्वी जी ने अपने आध्यात्मिक गुरु श्री आशुतोष महाराज जी के वचनों को रेखांकित करते हुए कहा, ‘जब व्यक्ति सिगरेट के धुंए का पहला छर्रा उड़ाता है, तब साथ में खूब ज़ोर से खांसता भी है। उसकी अंतर्चेतना उसे आगाह करती है कि यह उसके लिए हानिकारक है। पर क्या इस अनुभव को लेने के बाद भी वो धुम्रपान करना छोड़ देता है? नहीं! ठीक यही होता है जब वो शराब के जाम अपने अन्दर उतारता है- वमन करना, खुद से नियंत्रण खो देना, नशे की हालत में गलत काम कर जाना। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन खराब अनुभवों के बावजूद भी क्या वो शराब से दूरी बना लेता है? नहीं! क्योंकि, इन व्यसनों का संग करने का एक ही परिणाम होता है– दूरी नहीं; मजबूरी। यह इंसान के मन की मजबूरी उसे तबाही की कगार तक ले जाती है।’ साध्वी जी ने कहा कि रील्स, वेब सीरीज़ और पॉर्न की लत भी इंसान की यही गति बना देती हैं। सत्र में आगे, उन्होनें इन व्यसनों पर काबू पाने के लिए मन को जागृत आत्म-चेतना के वश में सौंपने के लिए कहा, जैसा भगवद्गीता में भी लिखा है, “आत्मन्येव वशं नयेत्”।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसी कार्यक्रम में भारतीय इतिहास में दर्ज़ सच्ची प्रेम गाथाओं पर आधारित एक संगीतमय प्रस्तुति भी हुई। जिसमें इस पीस कार्यक्रम की इंचार्ज साध्वी डॉ निधि भारती जी ने कहा कि इंस्टेंट लव, हुक-अप्स और ब्रेकअप्स वाले रिश्तों का ट्रेंड पाश्चात्य जगत से अपनाया गया है। क्योंकि भारत की संस्कृति ने तो हमेशा से त्याग, समर्पण, विश्वास और पवित्रता जैसे मूल्यों पर आधारित सच्चे-प्रेम का पाठ ही विश्व को पढ़ाया है। साध्वी जी ने रानी पद्मावती और रतन सिंह की प्रेम कहानी को सुनाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें रतन सिंह अपने प्रेम की गरिमा बनाये रखने की ख़ातिर योद्धा बनकर डटे रहते है। वहीं रानी पद्मावती भी अपने प्रेम की पवित्रता को सिद्ध करते हुए खिलजी को अपनी दहलीज़ तक पहुँचने ही नहीं देती। साध्वी जी नें आगे, महादेव और सती के जीवन से उद्धृत प्रसंग से भी समझाया की जब महादेव का सती से विछोह हो जाता है तब महादेव अंतर्मुखी होकर ध्यान में स्थित हो जाते है। असल में ब्रेकअप जैसी विछोह की स्थिति में ध्यान ही सबसे कारगर सूत्र सिद्ध होता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के अन्त में डांस सत्र का आयोजन भी हुआ जिसमें उपस्थित मॉडर्न युवाओं ने भक्ति की फ्यूज़न धुनों पर थिरककर आनंद लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/148415/mega-youth-fest-by-divya-jyoti-jagrati-sansthan-at-mahakumbh</link>
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                <pubDate>Sun, 09 Feb 2025 21:31:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रेरित किया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">महाकुंभ प्रयागराज-2025 के अंतर्गत रज्जू भैया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शिक्षकों और विद्यार्थियों के संवाद एवं आशीर्वचन कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद करते हुए उनके अनुभव और महाकुंभ में किए जा रहे शोध कार्यों को सराहा। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि महाकुंभ में सेवा करने का अवसर एक अनमोल अनुभव है, जिसे हर संभव तरीके से भुनाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 144 वर्षों बाद यह  महाकुंभ आयोजित हो रहा है। इसमें रहने और सेवा करने का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147582/governor-anandiben-patel-inspired-teachers-and-students-in-mahakumbh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/img-20250120-wa0139.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महाकुंभ प्रयागराज-2025 के अंतर्गत रज्जू भैया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित शिक्षकों और विद्यार्थियों के संवाद एवं आशीर्वचन कार्यक्रम में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भाग लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद करते हुए उनके अनुभव और महाकुंभ में किए जा रहे शोध कार्यों को सराहा। उन्होंने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि महाकुंभ में सेवा करने का अवसर एक अनमोल अनुभव है, जिसे हर संभव तरीके से भुनाना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 144 वर्षों बाद यह  महाकुंभ आयोजित हो रहा है। इसमें रहने और सेवा करने का अनुभव अद्वितीय है और इसे जीवन में बार-बार प्राप्त करने का अवसर नहीं मिलता। उन्होंने विद्यार्थियों को महाकुंभ के दौरान सेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राज्यपाल ने समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गरीबों की सच्ची सेवा वही है जो उनके भविष्य को बदलने में सहायक हो। उन्होंने कहा कि समाज में प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है और समाज के सभी सदस्यों की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को शिक्षित करें ताकि वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के माध्यम से बच्चों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिससे वे उन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यह केवल परिश्रम और अनुशासन से ही प्राप्त होती है। अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित रखें और पूरे समर्पण के साथ अपने सपनों को साकार करें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jan 2025 20:49:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर गिराना अधिकारियों को पड़ा भारी, पूर्व डीएम  समेत 27 लोगों पर एफआईआर दर्ज।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">महराजगंज में सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व जिलाधिकारी अपर जिलाधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस प्रशासन लोक निर्माण विभाग नगर पंचायत के 26 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा देने के साथ ही दोषी कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे।ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई।</div>
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<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान गिराने के मामले में हुई है। सदर कोतवाल ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। पीलीभीत से महराजगंज होते हुए कुशीनगर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147207/demolition-of-the-house-cost-the-authorities-dearly-fir-lodged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/upp1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महराजगंज में सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पूर्व जिलाधिकारी अपर जिलाधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक समेत पुलिस प्रशासन लोक निर्माण विभाग नगर पंचायत के 26 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा देने के साथ ही दोषी कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे।ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के लिए मकान गिराने के मामले में हुई है। सदर कोतवाल ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। पीलीभीत से महराजगंज होते हुए कुशीनगर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-730 के निर्माण के दौरान वर्ष 2019 में महराजगंज कस्बे के रहने वाले मनोज टिबड़ेवाल का मकान प्रशासन ने गिरवाया था। विभागीय रिपोर्ट में इस निर्माण को अतिक्रमण माना गया था। पीड़ित ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे मनमाना बताकर सुप्रीम कोर्ट तक में शिकायत की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">छह नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए महराजगंज के तत्कालीन प्रशासनिक, पुलिस और अन्य विभागों के कुल 26 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई का आदेश दिया। कोर्ट ने पीड़ित को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा देने के साथ ही दोषी कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। 25 दिन बीतने के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने पर पीड़ित ने अवमानना वाद दायर करने की चेतावनी दी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोमवार की रात आनन-फानन में सभी आरोपितों के विरुद्ध बलवा, पीड़ित का उपचार न कराने, लोक सेवक द्वारा अशुद्ध दस्तावेज रचने, मारपीट, गाली देने, जान से मारने की धमकी, तोड़फोड़, घर में घुस कर मारपीट , बेईमानी पूर्वक छल करने, छल के प्रयोजन से कूट रचित दस्तावेज तैयार करने, फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इन धाराओं में छह माह की कैद से लेकर आजीवन कारावास और अर्थदंड तक का प्रविधान है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">साल 2019 में तत्कालीन जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, एडीएम कुंज बिहारी अग्रवाल, अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद राजेश जायसवाल, राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्य अधीक्षक मणिकांत अग्रवाल, एनएच के अधीक्षण अभियंता अशोक कन्नौजिया, एनएच के आरओ दिग्विजय मिश्र, स्थानिक अभियंता देवानंद यादव, अधिकृत अभियंता राकेश कुमार, लीडर अथारिटी टीम लीडर एसके वर्मा, कार्यदायी संस्था महाकालेश्वर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के अनुज सिंह, सुनील द्विवेदी, प्रोजेक्ट मैनेजर एचएन पाल, संतोष, स्थानीय अभिसूचना इकाई के निरीक्षक राजन श्रीवास्तव, संतोष सिंह, सदर कोतवाल सर्वेश कुमार सिंह, निरीक्षक निर्भय कुमार, उप निरीक्षक एसके सिंह रघुवंशी, तत्कालीन चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नीरज राय, उप निरीक्षक अविनाश त्रिपाठी, उप निरीक्षक जयशंकर मिश्र, उप निरीक्षक रणविजय, उप निरीक्षक कंचन राय, उपनिरीक्षक मनीषा सिंह समेत एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Jan 2025 12:06:43 +0530</pubDate>
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