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                <title>industrial development - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>industrial development RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बांसी में फायर स्टेशन और औद्योगिक क्षेत्र की मांग तेज, व्यापार संगठन ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बांसी नगर की व्यापारिक और औद्योगिक संभावनाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने नगर में फायर स्टेशन की स्थापना के साथ ही बांसी को नवीन औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारियों ने कहा कि बांसी घनी आबादी वाला प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। आगजनी जैसी आपात स्थिति में दूर स्थित दमकल केंद्र से वाहनों के पहुंचने में लगने वाला समय भारी पड़ सकता है। हाल में सामने आई आग की घटनाओं</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185667/demand-for-fire-station-and-industrial-area-in-bansi-intensifies"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/17870618630461.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बांसी नगर की व्यापारिक और औद्योगिक संभावनाओं को मजबूत करने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने नगर में फायर स्टेशन की स्थापना के साथ ही बांसी को नवीन औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारियों ने कहा कि बांसी घनी आबादी वाला प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। आगजनी जैसी आपात स्थिति में दूर स्थित दमकल केंद्र से वाहनों के पहुंचने में लगने वाला समय भारी पड़ सकता है। हाल में सामने आई आग की घटनाओं को देखते हुए संगठन ने नगर में शीघ्र भूमि चिह्नित कर आधुनिक संसाधनों से लैस फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रतिनिधिमंडल ने बांसी को नवीन औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी। पदाधिकारियों के अनुसार रेलवे विस्तार, स्वीकृत माल गोदाम और शामली एक्सप्रेस से जुड़ी परिवहन सुविधाओं के कारण क्षेत्र में उद्योगों के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। औद्योगिक सर्वेक्षण के लिए जिले में पहुंची टीम से बांसी और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर औद्योगिक क्षेत्र के लिए प्रस्ताव तैयार करने का आग्रह किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगठन का कहना है कि बांसी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय स्तर पर नए उद्योग स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस  दौरान जिलाध्यक्ष अजय कसौधन, महामंत्री भीमचंद कसौधन, बांसी अध्यक्ष मंगल चौरसिया, सरदार स्वर्ण सिंह, नरेश चंदवानी और आकाश मिश्रा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Aug 2026 19:08:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उद्योगों को अलग बिजली लाइन देने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर। </strong>औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध बिजली आपूर्ति और किसानों को फॉल्ट से राहत दिलाने की मांग को लेकर विधायक सलोना कुशवाहा ने मंगलवार को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण गोपाल अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग इंडस्ट्रियल बिजली लाइन का प्रस्ताव शासन को भेजने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में उद्योगों को लगातार और गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल पा रही है। बार-बार ट्रिपिंग और आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183906/demand-to-provide-separate-power-lines-to-industries"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260721-wa0033-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर, शाहजहांपुर। </strong>औद्योगिक क्षेत्र को निर्बाध बिजली आपूर्ति और किसानों को फॉल्ट से राहत दिलाने की मांग को लेकर विधायक सलोना कुशवाहा ने मंगलवार को विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता कृष्ण गोपाल अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग इंडस्ट्रियल बिजली लाइन का प्रस्ताव शासन को भेजने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर बिजली लाइनों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में उद्योगों को लगातार और गुणवत्तापूर्ण बिजली नहीं मिल पा रही है। बार-बार ट्रिपिंग और आपूर्ति बाधित होने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास की रफ्तार थम रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के लिए पृथक बिजली लाइन समय की जरूरत है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल बिजली व्यवस्था पर भी चिंता जताई। कहा कि कई गांवों में खंभों के बीच मानक से अधिक दूरी होने और वर्षों पुरानी जर्जर लाइनों के कारण आए दिन फॉल्ट होते हैं। इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है, जिन्हें सिंचाई के दौरान घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने जर्जर तार बदलने, नए पोल लगाने और पूरे नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिशासी अभियंता कृष्ण गोपाल अग्रवाल ने बताया कि विधायक का ज्ञापन प्राप्त हो गया है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग बिजली लाइन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर लाइनों के सुधार के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:09:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दसिया एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर बस्ती में सियासी घमासान, विरोध प्रदर्शन के बीच छावनी बना इलाका; बैरिकेडिंग पर भड़के सांसद और विधायक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और विभिन्न किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व में लागू धारा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183341/mps-and-mlas-angry-over-barricading-of-cantonment-area-amid"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260714-wa0067.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के दसिया गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बीच माहौल पूरी तरह राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और विभिन्न किसान संगठनों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया।प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एक दिन पहले ही तैयारियां पूरी कर ली थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व में लागू धारा 144 के स्थान पर प्रभावी धारा 163 बीएनएसएस लागू कर दी गई थी। सोमवार को ही प्रशासनिक अधिकारियों और कई थानों की पुलिस ने क्षेत्र में पैदल मार्च कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंगलवार को विरोध प्रदर्शन में स्थानीय ग्रामीणों के साथ कई किसान संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के बस्ती सांसद राम प्रसाद चौधरी तथा रुधौली विधायक राजेन्द्र चौधरी भी प्रदर्शन स्थल की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें दसिया मोड़ पर बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध जताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद राम प्रसाद चौधरी ने कहा कि जनता की समस्याओं को सुनने और उनके बीच जाने से जनप्रतिनिधियों को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत है। उन्होंने कहा कि “जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">औद्योगिकीकरण और विकास के नाम पर भोली-भाली जनता का शोषण तथा उनके अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद ने वरिष्ठ अधिकारियों को मांगपत्र और ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि किसी भी परियोजना में स्थानीय किसानों की सहमति, पर्यावरण संरक्षण और आम जनता के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा पूरे विवाद का निष्पक्ष और न्यायसंगत समाधान निकाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने इसके विरोध में उप जिलाधिकारी भानपुर शत्रुघ्न पाठक को ज्ञापन देकर धरने को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त करवाया|वहीं रुधौली विधायक राजेन्द्र चौधरी ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एथेनॉल फैक्ट्री से किसानों और क्षेत्रवासियों को नुकसान होने की आशंका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह मुद्दा विधानसभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। विधायक ने यह भी बयान दिया कि यदि भविष्य में उनकी सरकार बनी तो इस फैक्ट्री को बंद कराने का प्रयास किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विरोध कर रहे ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि जब जमीन अधिग्रहित की गई थी तब उन्हें बताया गया था कि यहां सरिया फैक्ट्री स्थापित होगी। बाद में बियर फैक्ट्री की बात सामने आई और अब एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस परियोजना से भूजल और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र का पानी प्रदूषित होने की आशंका है। उनका कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो पानी न तो पीने योग्य रहेगा और न ही खेती या अन्य उपयोग के लायक। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सरकार पर भी आरोप लगाए और परियोजना को लेकर नाराजगी व्यक्त की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दूसरी ओर फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय से ही परियोजना को डिस्टिलरी परियोजना बताया गया था और इस तथ्य को कभी छिपाया नहीं गया। उनका कहना है कि डिस्टिलरी शब्द से स्पष्ट है कि वहां एथेनॉल अथवा संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जा सकता है। प्रबंधन के अनुसार फैक्ट्री का निर्माण सभी पर्यावरणीय मानकों और ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है तथा प्रदूषण फैलने की आशंका निराधार है। उनका यह भी कहना है कि जब परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है तब इस प्रकार का विरोध उचित नहीं है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Jul 2026 19:36:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दासिया में बन रहे इथेनॉल प्लांट सभी मानकों का हो रहा पालन,अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य- निदेशक रोहन जायसवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती  जिले में रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दासिया गांव में निर्माणाधीन अनीता डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट को लेकर सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कंपनी के निदेशक रोहन जायसवाल और अन्य अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित बताया।रोहन जायसवाल ने कहा कि प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार का अशोधित या हानिकारक अपशिष्ट जल बाहर नहीं छोड़ा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182879/ethanol-plants-being-built-in-dacia-are-following-all-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260706-wa0065.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती  जिले में रुधौली विधानसभा क्षेत्र के दासिया गांव में निर्माणाधीन अनीता डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट को लेकर सोमवार को रेलवे स्टेशन रोड स्थित एक निजी होटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कंपनी के निदेशक रोहन जायसवाल और अन्य अधिकारियों ने परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे पर्यावरण अनुकूल एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित बताया।रोहन जायसवाल ने कहा कि प्लांट में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार का अशोधित या हानिकारक अपशिष्ट जल बाहर नहीं छोड़ा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा तथा अपशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाएगा।एनओसी संबंधी सवालों के जवाब में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सभी विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किए जा चुके हैं। साथ ही जिला पंचायत एवं ग्राम पंचायत से भी अनुमति मिल चुकी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार शिलान्यास से पूर्व मुख्य राजस्व अधिकारी की मौजूदगी में किसानों के साथ बैठक की गई थी, जिसके बाद नियमानुसार निर्माण कार्य शुरू कराया गया।कंपनी का दावा है कि परियोजना का लगभग 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अक्टूबर 2026 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। प्लांट में किसानों से टूटे चावल, मक्का, भूसी सहित अन्य कृषि उत्पाद खरीदकर इथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। प्रेसवार्ता के दौरान पर्यावरणीय प्रभाव, भूजल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और स्थानीय लोगों की आशंकाओं से जुड़े सवाल भी उठाए गए, जिनका कंपनी प्रतिनिधियों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि परियोजना का संचालन सभी वैधानिक और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा तथा संबंधित विभागों की नियमित निगरानी भी होती रहेगी। इस अवसर पर कंपनी के प्रोपराइटर सुधीर जायसवाल, यूनिट हेड आर.के. दुबे, चीफ कंसल्टेंट पी.एन. पांडेय, तकनीकी विशेषज्ञ तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि मौजूद रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 21:58:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत की एकता और प्रगति के प्रति समर्पित एक जीवन-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">आज, 6 जुलाई का दिन राष्ट्रवाद और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों में विश्वास रखने वाले करोड़ों देशवासियों के लिए बहुत ही विशेष है। आज हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म-जयंती मना रहे हैं। उनका जीवन साहस और मां भारती के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व में विद्वता, जनसेवा और उच्च नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम था। आधुनिक भारत के कुछ ही नेताओं में इतने सारे गुण एक साथ देखने को मिलते हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">श्यामा प्रसाद जी का जन्म ऐसे परिवार में हुआ था, जहां उन्हें सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन आसानी से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182749/a-life-dedicated-to-the-unity-and-progress-of-india"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-05-at-17.40.45.jpeg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">आज, 6 जुलाई का दिन राष्ट्रवाद और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों में विश्वास रखने वाले करोड़ों देशवासियों के लिए बहुत ही विशेष है। आज हम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जन्म-जयंती मना रहे हैं। उनका जीवन साहस और मां भारती के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के व्यक्तित्व में विद्वता, जनसेवा और उच्च नैतिक मूल्यों का अद्भुत संगम था। आधुनिक भारत के कुछ ही नेताओं में इतने सारे गुण एक साथ देखने को मिलते हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">श्यामा प्रसाद जी का जन्म ऐसे परिवार में हुआ था, जहां उन्हें सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन आसानी से मिल सकता था। उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी की गिनती अपने समय के महान शिक्षाविदों में होती थी। लेकिन तमाम सुविधाओं के बावजूद श्यामा प्रसाद जी ने त्याग और राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। उनका दृढ़ विश्वास था कि चाहे अंग्रेजी शासन का विरोध हो, सांप्रदायिकता से लड़ाई हो या मानवीय संकटों का सामना, वे अपने समय की इन चुनौतियों के सामने मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकते। इस सफर में उन्हें कई गहरे व्यक्तिगत दुख भी झेलने पड़े। पहले उन्होंने अपने छोटे बच्चे को खोया और बाद में पत्नी का भी निधन हो गया। लेकिन इन दुखद परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने हौसले को कमजोर नहीं पड़ने दिया। उनका संकल्प और सशक्त हुआ, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण और गहरा होता गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत की एकता और अखंडता की रक्षा करना था। देश के विभाजन के समय उन्होंने पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ वर्षों बाद इसी उद्देश्य से उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी संघर्ष किया। जेल और नजरबंदी भी उन्हें रास्ते से डिगा नहीं सकी। जब नजरबंदी के दौरान उनका निधन हुआ, तब वे उन अनगिनत लोगों से बहुत दूर थे, जिनके लिए वे जीवनभर संघर्ष करते रहे। इतिहास में कुछ ऐसे पल आते हैं, जब किसी व्यक्ति का सर्वोच्च बलिदान राजनीति से ऊपर उठकर देश की स्मृति का हिस्सा बन जाता है। डॉ. मुखर्जी का बलिदान भी ऐसा ही था। आचार्य विनोबा भावे ने कहा था कि डॉ. मुखर्जी ने उस उद्देश्य के लिए अपना बलिदान दिया, जिस पर उन्हें पूरा विश्वास था। दशकों बाद, साल 2019 में आर्टिकल 370 और 35(A) को हटाया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि थी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. मुखर्जी ने हमेशा राष्ट्रहित और भारतीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसके लिए उन्होंने मजबूत संस्थानों का निर्माण किया और ऐसी व्यवस्थाएं बनाईं, जो उस समय की सोच से काफी आगे थीं। वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में ऐसे बदलाव किए, जो राष्ट्रहित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप थे। शिक्षाविदों के एक सम्मेलन में डॉ. मुखर्जी ने कहा था, ‘’शिक्षण संस्थानों को केवल बाबू या कम वेतन वाले कर्मचारी तैयार करने की फैक्ट्री समझना गलत है। हमें विद्यार्थियों को ऐसे तैयार करना होगा ताकि वे नेतृत्व की भूमिका निभा सकें। हमारी स्वशासी संस्थाओं जैसे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन्स, प्रांतीय और केंद्रीय विधायिकाओं में बड़ी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो सकें। इसके साथ ही वे वित्त, व्यापार और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें।’’</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कलकत्ता विश्वविद्यालय में अपने नेतृत्व में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए। इनमें लाइब्रेरी की सुविधाओं में सुधार, विज्ञान में रिसर्च को बढ़ावा देना, ऐतिहासिक वस्तुओं के अध्ययन को प्रोत्साहित करना और कृषि से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करना शामिल था। उन्होंने खेलकूद, टीचर्स ट्रेनिंग और स्टूडेंट वेलफेयर जैसे क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया। विद्यार्थियों में अपनी यूनिवर्सिटी के प्रति गर्व की भावना विकसित हो, इसके लिए उन्होंने 24 जनवरी को विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस मनाने की परंपरा शुरू की। उन्होंने गुरुदेव टैगोर से विश्वविद्यालय के लिए एक गीत लिखने का अनुरोध भी किया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उनके जीवन के बाद के वर्षों में इस भावना का एक और उदाहरण तब देखने को मिला, जब उन्होंने भारतीय जनसंघ बनाने का निर्णय लिया। उस समय देश में हर तरफ कांग्रेस पार्टी का ही बोलबाला था। ऐसे में उन्होंने महसूस किया कि देश को एक ऐसे नए विकल्प की बहुत जरूरत है, जो भारत की प्रगति की बात भी करे और हमारी सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ा रहे। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी का चुनाव चिह्न 'दीपक' यानि मिट्टी का दीया रखा गया। एक अकेला दीया देखने में भले ही छोटा लगे, लेकिन उसमें अपने आस-पास के गहरे से गहरे अंधकार को मिटाने की अद्भुत शक्ति होती है। जनसंघ ने अपने सक्रिय काल में और उसके बाद भी बिल्कुल यही किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में कार्यकाल बेहद अहम रहा। उन्हें एक ऐसे राजनेता के रूप में याद किया जाता है, जिनका विजन बहुत विराट था। वे उद्योग को नए-नए आजाद हुए भारत के लोगों में सम्मान, अवसर और आत्मविश्वास का संचार करने का सशक्त माध्यम मानते थे। वे वेल्थ और वैल्यू क्रिएशन के महत्व को भली-भांति समझते थे। उन्होंने दामोदर वैली कॉरपोरेशन, सिंदरी उर्वरक संयंत्र और मजबूत औद्योगिक नीति जैसी ऐतिहासिक पहल की। इसके माध्यम से आधुनिक औद्योगिक भारत की नींव रखी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि भारत के पारंपरिक सामर्थ्य की कभी उपेक्षा न हो। वे हथकरघा, कुटीर उद्योग, कारीगरों और कपड़ा उद्योग से जुड़े श्रमिकों के हितों के भी प्रबल समर्थक थे।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां मैं अपना एक निजी अनुभव भी साझा करना चाहता हूं। आत्मनिर्भर भारत के स्पष्ट विजन के साथ जिस सिंदरी संयंत्र की स्थापना के लिए डॉ. मुखर्जी ने अथक प्रयास किए थे, उसकी कई दशकों तक सत्ता में रहने वाले लोगों ने घोर उपेक्षा की। मुझे इस बात का संतोष है कि हमारी सरकार को उसके पुनरुद्धार का सौभाग्य मिला। उस कार्यक्रम में उपस्थित होना मेरे सार्वजनिक जीवन के सबसे विशेष और अविस्मरणीय क्षणों में से एक बन गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की प्राचीन परंपरा सदियों से संवाद और विचार-विमर्श का सम्मान करती आई है। डॉ. मुखर्जी इस लोकतांत्रिक भावना के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल में शामिल होना इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि वे मानते थे कि देश की आजादी के शुरुआती वर्षों में राष्ट्र निर्माण का दायित्व राजनीतिक मतभेदों से कहीं ऊपर है। उन्होंने पूरी निष्ठा और रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनी जिम्मेदारियों को  निभाया। लेकिन जब उन्हें लगा कि राष्ट्रीय महत्व के कुछ प्रश्नों पर देशहित में अलग मार्ग अपनाना आवश्यक है, तो उन्होंने पूरी गरिमा के साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन उस राजनीतिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए समर्पित कर दिया, जिसे वे राष्ट्र के लिए आवश्यक मानते थे।  </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">75 वर्ष पहले पंडित नेहरू पहला संविधान संशोधन लेकर आए। इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा प्रहार माना गया। तब डॉ. मुखर्जी इसके सबसे मुखर आलोचक रहे थे। वे भली-भांति समझ चुके थे कि कांग्रेस किस हद तक जा सकती है। समय के साथ उनकी यह आशंका सही साबित हुई। जो पार्टी 75 वर्ष पहले पहला संविधान संशोधन लेकर आई थी, उसी ने 1975 में देश पर आपातकाल थोपा। इतना ही नहीं, 50 वर्ष पहले 42वां संविधान संशोधन अधिनियम लाकर एक बार फिर लोकतांत्रिक मूल्यों की बुनियाद पर कुठाराघात किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डॉ. मुखर्जी अपनी मानवीय संवेदनाओं और सेवाभाव के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते हैं। वर्ष 1943 में जब बंगाल भीषण अकाल की त्रासदी से जूझ रहा था, तब उन्होंने पीड़ितों की सेवा में स्वयं को पूरी तरह समर्पित कर दिया था। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि लोगों को भोजन मिल सके, जिसके लिए कई कैंटीन और रिलीफ सेंटर शुरू किए गए। एक ओर वे लोगों की पीड़ा से बहुत व्यथित थे, वहीं दूसरी ओर ब्रिटिश हुकूमत की असंवेदनशीलता से अत्यंत आक्रोशित भी थे। उन्होंने अपनी पीड़ा को व्यक्त करने के लिए पंचाशेर मन्वंतर नाम की एक किताब भी लिखी। 1942 में जब मेदिनीपुर में भीषण चक्रवात आया, तब उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का नेतृत्व किया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कोलकाता के एक कॉलेज में युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. मुखर्जी ने उनसे आग्रह किया था, ‘’आप जो भी कार्य करें, उसे पूरी गंभीरता, लगन और ईमानदारी से करें। किसी भी काम को कभी अधूरा न छोड़ें। तब तक स्वयं को संतुष्ट न मानें, जब तक आपने उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान न दे दिया हो।’’ आज हमारा देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम प्रतिदिन उस भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास करें, जिसकी उन्होंने परिकल्पना की थी। एक ऐसा भारत जो सशक्त हो, एकजुट हो, आत्मविश्वास से भरपूर और संवेदनशील हो। देश के युवाओं पर मुझे पूरा विश्वास है कि वे इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी करेंगे और इस संकल्प को साकार करने के लिए पूरी ऊर्जा के साथ जुट जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<blockquote class="format1"><strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी</strong></blockquote>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 17:49:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बस्ती में बनेगा एथेनालः 350 करोड की लागत से फैक्ट्री का निर्माण दसिया में शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है। कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा। अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है। बताया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182274/ethanol-will-be-made-in-basti-construction-of-factory-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0061.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केवाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है। कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा। अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है। बताया कि मक्का और चावल से एथनाल पैदा किया जायेगा। इससे जहां ऊर्जा संकट दूर होगा वहीं विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत सरकार की संस्तुति पर बन रहे कारखाने में भूजल यानी पानी से नहीं धान, मक्का और भूसी से इथेनाल बनेगा। कम्पनी का खुद का 7 मेगावट का पावर प्लांट, वायु प्रदूषण मुक्त 72 मीटर ऊँची चिमनी, लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाली फैक्ट्री , 6 से 8 सौ कर्मचारी, जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पर खरा उतरने वाला प्लांट, सैकड़ों लोगों को होटल, चाय, पानी, बिस्कुट, सुर्ती बीड़ी, गुटखा जैसे दुकान खोलने वालों को अप्रत्यक्ष रोजगार देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह पूंछे जाने पर कि कुछ लोग किस आधार पर फैक्ट्री निर्माण का विरोध कर रहे हैं निदेशक सुधीर जायसवाल ने बताया कि यह उनका अपना निजी दृष्टिकोण है। यहां फैक्ट्री पूरे मानक और नियमों के अनुसार हो रहा है। इससे क्षेत्र के किसानों और बेरोजगारों को सर्वाधिक लाभ होगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 15:33:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एनटीपीसी रिहंद पहुंचे क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक दिवाकर कौशिक, एफजीडी परियोजना व सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180984/ntpc-regional-executive-director-diwakar-kaushik-reached-rihand-and-inspected"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001712795.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बीजपुर /सोनभद्र-</strong> एनटीपीसी रिहंद परियोजना में क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (उत्तर) एवं सीईओ एनएसपीसीएल दिवाकर कौशिक का गरिमामयी दौरा संपन्न हुआ। परियोजना परिसर पहुंचने पर कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख संजय असाटी ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तरा क्लब की अध्यक्षा सीमा कौशिक भी उपस्थित रहीं।</div><div><br /></div><div>दौरे की शुरुआत में दिवाकर कौशिक ने ‘बालिका सशक्तीकरण अभियान-2026’ के अंतर्गत आयोजित कार्यशाला का अवलोकन किया और उसमें भाग ले रही ग्रामीण बालिकाओं से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बालिकाओं के जन्मदिन समारोह में भी सहभागिता करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।</div><div><br /></div><div>इसके पश्चात प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने एसएमसी सदस्यों के साथ संयंत्र के प्रदर्शन एवं परिचालन गतिविधियों की समीक्षा की। साथ ही यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों पर चर्चा की।</div><div><br /></div><div>एफजीडी परियोजना और सौर ऊर्जा संयंत्र का किया निरीक्षण</div><div>दौरे के दौरान दिवाकर कौशिक ने पर्यावरणीय मानकों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने एफजीडी स्टेज-1 एवं स्टेज-3 के लाइम स्टोन एवं जिप्सम हैंडलिंग सिस्टम के विद्युत भवन का उद्घाटन भी किया।</div><div><br /></div><div>इसके अलावा उन्होंने निर्माणाधीन 20 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र तथा इनटेक चैनल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।</div><div><br /></div><div>सांस्कृतिक संध्या में प्रतिभाओं का सम्मान</div><div><br /></div><div>शाम को तरंग प्रेक्षागृह में आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में टाउनशिप के विद्यालयों, बाल भवन, ईडब्ल्यूए तथा महिला क्लब वेलफेयर विंग के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।</div><div><br /></div><div>अपने संबोधन में दिवाकर कौशिक ने रिहंद परियोजना को उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय का गौरवशाली स्तंभ बताते हुए यहां की उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, उपलब्धियों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।</div><div>पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश</div><div><br /></div><div>रिहंद परियोजना से प्रस्थान पूर्व दिवाकर कौशिक, सीमा कौशिक, संजय असाटी एवं वर्तिका महिला मंडल की अध्यक्षा नीलू असाटी ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश दिया।</div><div><br /></div><div>इस अवसर पर एनटीपीसी रिहंद के वरिष्ठ अधिकारी, महिला क्लब की पदाधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:38:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश के इस जिले में बनेगा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इन गांवों की जमीन हो जाएगी सोना</title>
                                    <description><![CDATA[<p>गंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे बसाए जा रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, औद्योगिक कॉरिडोर के दूसरे चरण की जमीन का क्रय प्रस्ताव जिला प्रशासन ने किसानों के विरोध के बीच तैयार करके कमिश्नर के पास भेज दिया है। अब यहीं से यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए यूपीडा कार्यालय लखनऊ में भेजा जाएगा। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और किसान इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। </p>
<p>दरअसल, दूसरे चरण के लिए हापुड़ रोड पर स्थित तीन गांवों की 292 हेक्टेयर जमीन चिह्नित है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन, देशी और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159231/industrial-corridor-will-be-built-in-this-district-of-uttar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/an-industrial-corridor-will-be-built-in-this-district-of-uttar-pradesh,-the-land-of-these-villages-will-turn-into-gold!.jpg" alt=""></a><br /><p>गंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के किनारे बसाए जा रहे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ी बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, औद्योगिक कॉरिडोर के दूसरे चरण की जमीन का क्रय प्रस्ताव जिला प्रशासन ने किसानों के विरोध के बीच तैयार करके कमिश्नर के पास भेज दिया है। अब यहीं से यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए यूपीडा कार्यालय लखनऊ में भेजा जाएगा। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और किसान इसका विरोध क्यों कर रहे हैं। </p>
<p>दरअसल, दूसरे चरण के लिए हापुड़ रोड पर स्थित तीन गांवों की 292 हेक्टेयर जमीन चिह्नित है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन, देशी और विदेशी कंपनियों की मांग को देखते हुए सरकार जल्द से जल्द इस जमीन को खरीदना चाहती है। जिसके चलते जिला प्रशासन ने केवल जमीन का क्रय प्रस्ताव ही तैयार किया है। जो करीब 453 करोड़ का है। इसमें किसानों के खेतों में मौजूद परिसंपत्तियों का मूल्य शामिल नहीं है। जिसकी वजह से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। </p>
<p> </p>
<p>खबरों की मानें, तो मेरठ में औद्योगिक कॉरिडोर के पहले चरण में बिजौली और खरखौदा की 214 हेक्टेयर जमीन की खरीद सहमति से की जा रही है। यह प्रक्रिया लगभग फाइनल हो चुकी है। इसी बीच दूसरे चरण के लिए इसी से सटे तीन गांवों खड़खड़ी, छतरी और गोविंदपुरी की 292 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित करके इसकी भी खरीद करने का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के साथ ही तीनों गांवों के किसान विरोध में खड़े हो गए है। उन्होंने जिला प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों के कार्यालयों में पहुंचकर इस ऐलान को निरस्त करने की मांग की है। </p>
<p><strong>यूपीडा के आदेश पर तैयार किया गया भूमि का क्रय प्रस्ताव</strong></p>
<p>खबरों की मानें, तो किसानों के विरोध के कारण जिला प्रशासन भूमि खरीद की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा पा रहा है। वहीं औद्योगिक कॉरिडोर में जमीन खरीद के लिए देशी-विदेशी कंपनियां लालायित हैं और लगातार मेरठ पहुंच रही हैं। इसे देखते हुए सरकार और यूपीडा जल्द से जल्द जमीन की खरीद कराना चाहते हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 10:31:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज की यूनिट का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रिपोर्ट/सुदर्शन शुक्ल</strong></div>
<div>सहजनवा, गोरखपुर। 29 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतरीन माहौल में ही निवेश आता है। जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो उसकी पूंजी कैसे सुरक्षित रह पाएगी। पर, सुरक्षा के इस शानदार माहौल से, अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से उन लोगों और उनके आकाओं परेशानी होती है जिनके लिए अपराध ही पेशा था। जो अपराध करने को ही बड़प्पन मानते थे। सरकार कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इससे ही वर्तमान सुरक्षित रहेगा और बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान का सुरक्षित रहना आवश्यक है।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145218/chief-minister-inaugurates-unit-of-pepsico-franchisee-varun-beverages"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-09/p--1.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रिपोर्ट/सुदर्शन शुक्ल</strong></div>
<div>सहजनवा, गोरखपुर। 29 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा के बेहतरीन माहौल में ही निवेश आता है। जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो उसकी पूंजी कैसे सुरक्षित रह पाएगी। पर, सुरक्षा के इस शानदार माहौल से, अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से उन लोगों और उनके आकाओं परेशानी होती है जिनके लिए अपराध ही पेशा था। जो अपराध करने को ही बड़प्पन मानते थे। सरकार कानून व्यवस्था को लेकर जीरो टॉलरेंस के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इससे ही वर्तमान सुरक्षित रहेगा और बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान का सुरक्षित रहना आवश्यक है।</div>
<div> </div>
<div>सीएम योगी रविवार को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप बस रहे औद्योगिक गलियारे में गीडा के सेक्टर 27 में बहुराष्ट्रीय कंपनी पेप्सिको की फ्रेंचाइजी मेसर्स वरुण बेवरेजेज के 1170 करोड़ रुपये के निवेश से लगी यूनिट (शीतल पेय बॉटलिंग एवं डेयरी उत्पाद संयंत्र) का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद यहां आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं का आह्वान किया है कि वे नौकरी की बजाय उद्यमिता पर अधिक ध्यान दें। रोजगार के लिए और अधिक अवसर पाने के लिए उद्यमिता सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूने वाले जिन देशों ने उद्यमिता, शोध और नवाचार पर ध्यान दिया है, वही देश आर्थिक परिदृश्य में केंद्र बिंदु में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के रोजगार के लिए, जन आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जो अवसर चाहिए उनमें निवेश सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। सुखद स्थिति है कि बीते सात साल में उत्तर प्रदेश निवेश का बेहतरीन गंतव्य बन चुका है। </div>
<div> </div>
<div><strong>यूपी में निवेश के सवाल को लिया चुनौती के रूप में, संकल्प से बनाया बेहतरीन डेस्टिनेशन</strong></div>
<div>सीएम योगी ने कहा कि 2017 में जब पहली बार उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को तलाशने के लिए टीम को लगाया गया। टीम ने रिपोर्ट दी कि प्रदेश में 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है। तत्समय 23 करोड़ की आबादी वाले राज्य में मात्र 20 हजार करोड़ के निवेश को लेकर बताया गया कि यूपी में निवेश कौन करेगा। सीएम योगी ने कहा कि उन्होंने इस सवाल को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और संकल्प लिया कि उत्तर प्रदेश को ऐसा बनाएंगे जहां देश और दुनिया के निवेशक निवेश करने आएंगे। इसके लिए जिस स्पीड में काम किया गया उसका परिणाम रहा कि फरवरी 2023 में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में यूपी को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें से 10 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों का पीएम मोदी की उपस्थिति में हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शिलान्यास हो चुका है। जबकि 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने के लिए पाइप लाइन में हैं। </div>
<div> </div>
<div><strong>निवेश से बढ़ी औद्योगिक विकास की आस</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा निवेश के रूप में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की आस भी बढ़ रही है और रोजगार भी आ रहा है। उन्होंने वरुण बेवरेजेज की गीडा यूनिट का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां पूंजी तो आई ही, प्रशासन ने 48 एकड़ भूमि देकर काम आगे बढ़ाया। नतीजा है कि आज यहां 1500 से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। इनमें से 90 प्रतिशत लोग यूपी और यूपी में भी 70 प्रतिशत से अधिक लोग गोरखपुर और आसपास के हैं। उन्होंने कहा कि युवा पहले नौकरी के लिए बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, थाईलैंड या सिंगापुर जाने को विवश होते थे। आज उन्हें घर के पास ही नौकरी और रोजगार की सुविधा मिल रही है। पर, यह सुविधा अचानक नहीं आई है। </div>
<div> </div>
<div><strong>तीन-चार साल में ही गीडा में हुआ 12 हजार करोड़ का निवेश</strong></div>
<div>सीएम ने कहा कि गीडा के शिलान्यास के बाद 1998 तक उद्योग लगने का नाम तक नहीं था। धरना प्रदर्शन, लाठी चार्ज, गोली चलने से कोई निवेश के लिए आना नहीं चाहता था। इन समस्याओं का समाधान किया गया, निवेशकों से संवाद बढ़ाया गया। परिणाम है कि बीते तीन-चार सालों में ही गीडा में 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। </div>
<div> </div>
<div><strong>सुगमता से बढ़ते कार्यक्रम से आ रहा निवेश, बढ़ रहा रोजगार</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश को धरातल पर उतारने के लिए लैंड बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का बेहतरीन होना जरूरी है। सरकार ने इन सब पर पूरा ध्यान दिया। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किए। निवेश मित्र पोर्टल जहां 450 से अधिक एनओसी के लिए सिंगल विंडो प्लेटफार्म है तो वहीं निवेश सारथी से निवेश एमओयू की मॉनिटरिंग होती है और जब निवेश धरातल पर उतर जाता है तो निवेशकों को इंसेंटिव देने के लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था है। साथ ही निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए सीएम फेलो को भी लगाया गया है। सीएम योगी ने कहा कि जब सुगमता से कार्यक्रम आगे बढ़ते हैं तो निवेश और रोजगार सृजन भी दिखता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीडा में आईजीएल, गैलेंट, अंकुर उद्योग, केयान डिस्टिलरी, ज्ञान डेयरी, तत्वा प्लास्टिक ने भी निवेश किया है। गीडा की तरफ से प्लास्टिक पार्क, फ्लैटेड फैक्ट्री और रेडीमेड गारमेंट पार्क का काम भी युद्ध स्तर पर आग बढ़ाया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div><strong>धुरियापार को बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनाने की कार्यवाही शुरू</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री ने कहा कि धुरियापार में सीबीजी प्लांट की स्थापना हो चुकी है। यहां पराली से एथेनाल बनाने के साथ ग्रीन  एनर्जी की तरफ कदम बढ़ा दिया गया है। अब धुरियापार को बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनाने की कार्यवाही भी आगे बढ़ाई जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के पास एक्सप्रेसवे का संजाल है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से इस क्षेत्र की जनता और उद्यमियों को काफी सहूलियत होगी। </div>
<div> </div>
<div><strong>बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की तरह बनेगा महिलाओं का समूह</strong></div>
<div>सीएम योगी जी कहा कि वरुण बेवरेजेज ने बेहतरीन डेयरी प्रोडक्ट बन रहे हैं। अभी स्थानीय स्तर पर पर्याप्त दूध न मिल पाने से प्लांट के लिए दूध बाहर से मंगाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस दिक्कत को देखते हुए सरकार ने बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की तर्ज पर महिलाओं का समूह बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसे तत्काल आगे बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि वरुण बेवरेजेज को दूध गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल के जिलों से ही मिलने लगे। इससे किसानों की आय कई गुना बढ़ेगी और पशुधन भी बचेगा। उन्होंने वरुण बेवरेजेज प्रबंधन से कहा कि वे प्रगतिशील किसानों को प्लांट का विजिट कराएं। </div>
<div>साढ़े छह लाख को सरकारी नौकरी, दो करोड़ को एमएसएमई-उद्योग में रोजगार</div>
<div> </div>
<div>यूपी को निवेश का बेहतरीन डेस्टिनेशन बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि सरकार नौकरी के साथ ही स्टार्टअप्स और उद्योग लगाने के लिए सतत प्रोत्साहन दे रही है। युवाओं को हरेक क्षेत्र में उचित अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में साढ़े छह लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। जबकि दो करोड़ को एमएसएमई-उद्योग में रोजगार मिला है, 60 लाख युवाओं को स्वतः रोजगार से जोड़ा गया है। </div>
<div> </div>
<div><strong>युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए देंगे ब्याजमुक्त लोन</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए उनकी सरकार ब्याजमुक्त लोन देने जा रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पहले चरण में पांच लाख रुपये तथा दूसरे चरण में दस लाख रुपये का लोन दिया जाएगा। </div>
<div> </div>
<div><strong>दुनिया में धूम मचा रहा यूपी का ओडीओपी</strong></div>
<div>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के प्रभावी होने के बाद लाखों की संख्या में रोजगार सृजन हुआ है। यूपी का ओडीओपी दुनिया में धूम मचा रहा है और देश में ब्रांड बन गया है। </div>
<div> </div>
<div><strong>स्किल डेवलपमेंट के लिए भी हो रहा है कार्य</strong></div>
<div>सीएम योगी ने कहा कि निवेश और रोजगार के साथ ही सरकार स्किल डेवलपमेंट के लिए भी कार्य कर रही है। इसी क्रम में गीडा में भारत सरकार के सहयोग से एक स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है। सरकार की कोशिश इंडस्ट्री और इंस्टिट्यूशन को जोड़कर स्किल्ड मैनपॉवर उपलब्ध कराने की है। </div>
<div> </div>
<div><strong>सीएम योगी ने जो किया वह देश में मॉडल बनकर उभरा : नंदी</strong></div>
<div>इस अवसर पर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में चौतरफा विकास का कारवां आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो कहा, वो कर दिखाया और जो किया वह पूरे देश में मॉडल बनकर उभरा। श्री नंदी ने कहा कि 2017 के पहले के यूपी, पूर्वांचल और गोरखपुर की तुलना आज के दौर से करने और जमीन आसमान का अंतर नजर आएगा। पहले की सरकारें जहां अपना, अपने परिवार, रिश्तेदार और फिर अपनी जाति तक सीमित थीं तो वहीं सीएम योगी ने बिना भेदभाव समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाई है। सीएम योगी के नेतृत्व में सिर्फ प्रदेश ही नहीं बदला है बल्कि परिवेश भी बदला है। आज का उत्तर प्रदेश सशक्त, समृद्ध और गतिशील प्रदेश है। उन्होंने कहा कि 2017 के पूर्व उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र का बुनियादी ढांचा व्हीलचेयर पर था और आज सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी औद्योगिक प्रगति के मामले में फर्राटा भर रहा है।</div>
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<div><strong>प्रयागराज में भी बॉटलिंग प्लांट लगा रहा वरुण बेवरेजेज : रविकांत जयपुरिया</strong></div>
<div>स्वागत संबोधन में मेसर्स वरुण बेवरेजेज के चेयरमैन रविकांत जयपुरिया ने कहा कि वरुण बेवरेजेज, पेप्सिको के ब्रांड के विश्व के सबसे बड़े मैन्युफैक्चरर्स में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से गोरखपुर में वरुण बेवरेजेज की यूनिट बहुत कम समय में तैयार हो गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में यूपी काफी आगे है। सरकार की इंडस्ट्री फ्रेंडली नीतियों से उत्तर प्रदेश में तीव्र औद्योगिक विकास हो रहा है। बताया कि सरकार के प्रोत्साहन से वरुण बेवरेजेज प्रयागराज में भी बॉटलिंग प्लांट लगाने का काम शुरू कर चुका है। 2025 के शुरुआत में वहां भी प्लांट के लोकार्पण की तैयारी है। उन्होंने बताया कि वरुण बेवरेजेज को प्लास्टिक रिसाइक्लिंग प्लांट लगाने के लिए भी सरकार फर्रुखाबाद में भूमि आवंटन कर चुकी है। श्री जयपुरिया ने बताया कि गीडा यूनिट में सॉफ्ट ड्रिंक्स के साथ ही अब डेयरी उत्पादों का उत्पादन शुरू हो गया है। यह प्लांट गोरखपुर के किसानों से दूध खरीदकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश करेगा। उन्होंने सीएसआर फंड से जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में आरुह हेल्थ क्लिनिक की पहल किए जाने और गोरखपुर में भी ऐसी एक क्लिनिक के संचालन की जानकारी भी दी।</div>
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<div><strong>वरुण बेवरेजेज की गीडा यूनिट ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का उत्कृष्ट उदाहरण : कमलेश जैन</strong></div>
<div>वरुण बेवरेजेज के अधिशासी निदेशक कमलेश जैन ने कहा कि गोरक्षभूमि पर पेप्सी प्लांट का उद्घाटन वरुण बेवरेजेज के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ लॉ एंड ऑर्डर और यूपी सरकार के प्रोत्साहन से वरुण बेवरेजेज की गीडा यूनिट महज एक साल में उत्पादनरत हो गई है। यह प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि ग्रुप का टर्नओवर 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक है और ग्रुप में कुल मिलाकर 40 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।</div>
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<div>वरुण बेवरेजेज के आठ प्लांट अकेले उत्तर प्रदेश में हैं। गोरखपुर की यूनिट में 1500 को रोजगार मिला है जबकि दस हजार किसानों-पशुपालकों को दूध बेचकर आय बढ़ाने का मौका मिलेगा। वरुण बेवरेजेज के टेक्निकल हेड बग्गा ने प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं और सॉफ्ट ड्रिंक्स तथा डेयरी प्रोडक्ट के बनने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी।</div>
<div>इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, नेपाल के कृष्णानगर के सांसद अभिषेक प्रताप शाह, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक प्रदीप शुक्ल, फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, श्रीराम चौहान, सरवन निषाद, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एमएलसी बागीश पाठक, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, मेदांता ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन, गीडा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुज मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</div>
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<div><strong>बॉटलिंग प्लांट का निरीक्षण किया मुख्यमंत्री ने</strong></div>
<div>वरुण बेवरेजेज की गीडा यूनिट का फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बॉटलिंग प्लांट का सघन निरीक्षण भी किया। उन्होंने कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक के मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पैकेजिंग तक के प्रोसेस तथा पेप्सिको ब्रांड के विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर वरुण बेवरेजेज के अधिकारियों ने सीएम योगी को यहां लगी अत्याधुनिक हाईटेक मशीनों और बॉटलिंग प्रक्रिया की जानकारी दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145218/chief-minister-inaugurates-unit-of-pepsico-franchisee-varun-beverages</link>
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                <pubDate>Mon, 30 Sep 2024 17:42:47 +0530</pubDate>
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                <title>मंत्री जी के पूछे गए सवालों को छात्र-छात्राओं द्वारा बेबाकी से दिए गए जवाब से व्यक्त की गयी प्रसन्नता </title>
                                    <description><![CDATA[ मंत्री, औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन0आर0आई0 तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने जनपद भ्रमण के दौरान पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसांईपुर का किया आकस्मिक निरीक्षण]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/144086/happiness-was-expressed-by-the-candid-answers-given-by-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/10..,,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मीरजापुर।</strong> शुक्रवार को मंत्री, औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एन0आर0आई0 तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश/जनपद के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘‘नन्दी’’ ने आज जनपद भ्रमण के दौरान सिटी विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम गोसाईपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण किया। विद्यालय पहुंचने पर मंत्री जी सबसे पहले कक्षा-08 के रूम में पहुंचे जहां पर उन्होने कक्षा के बीच-बीच में बैठे बच्चों को बुलाकर कई सवाल पूछाकर शिक्षा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। छात्रा कुमारी दुर्गेश्वरी मौर्या से अमीवा के चित्र बनाने तथा उसकी 05 विशेषताएं श्यामपट्ट पर लिखने को कहा गया।</div>
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<div>तत्पश्चात 19 का पहाड़ा भी लिखवाया गया जिसे उक्त छात्रा बेबाकी से सभी सवालों का जवाब श्यामपट्ट पर लिखा गया। इसी प्रकार संदीप मौर्या ने 11 का पहाड़ा तथा अपने सभी अध्यापको का नाम लिखने को कहने पर उसके द्वारा सभी सवालों का सही उत्तर लिखा गया। तत्पश्चात मा0 मंत्री ने कक्षा-08 के उपस्थित रजिस्टर को देखा गया जिसमें दो छात्राएं कुमारी अंजली प्रथम व कुमारी अंजनी द्वितीय कई दिनों से अनुपस्थित पायी गयी।</div>
<div> </div>
<div>कक्षा अध्यापक के द्वारा बताया गया कि अंजनी प्रथम अपने घर वालों के साथ कही बाहर गयी है वह कभी-कभी स्कूल आती है तथा अंजनी द्वितीय स्कूल नही आ रही है उसके अभिभावको से सम्पर्क कर स्कूल भेजने को कहा गया परन्तु घर में अकेली होने के कारण उसे स्कूल अभिभावक नही भेज रहे हैं। जिस पर मंत्री ने कहा कि सभी अभिभावको को प्रधानाध्यापक स्कूल में ही बैठक कराकर उनसे शिक्षा के महत्व को बताते हुए बच्चों को स्कूल भेजने पर बल दिया गया।</div>
<div> </div>
<div>इसी प्रकार कक्षा-06 में भी मंत्री द्वारा कई बच्चों से पहाड़ा तथा ए0बी0सी0डी0 व हिन्दी व अंग्रेजी के सवाल पूछे गये जिसे छात्र-छात्राओं के द्वारा बेबाकी से उत्तर दिया गया। निरक्षण के दौरान स्कूल में कुल 163 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 89 उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान एम0डी0एम0 में बन रहे भोजन की गुणवत्ता को भी देखा गया तथा शौचालय व पेयजल के बारे में जानकारी ली गयी।</div>
<div> </div>
<div>छात्र-छात्राओं के द्वारा पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर दिए जाने पर  मंत्री जी ने उन्हे कलर व पंेसिल का पैकेट भेंटकर शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति प्रसन्नता भी व्यक्त की गयी। इस अवसर पर  विधायक नगर रत्नाकर मिश्र, अध्यक्ष नगर पालिका श्याम सुन्दर केसरी, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 Aug 2024 16:32:08 +0530</pubDate>
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                <title> आधुनिक तकनीकी से खेती कर बढ़ाएं उत्पादन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>    गोला /गोरखपुर।</strong> देश में औद्योगिक विकास सड़क भवन निर्माण से खेती का क्षेत्रफल कम हो रहा है। जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। देश के नागरिकों को भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार वैज्ञानिक कृषि विभाग एवं किसान भाईयों की है। अधिकतम खाद्यान्न उत्पादन तभी संभव है जब आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग उन्नतशील बीज कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग कर वैज्ञानिक तकनीकी एवं सरकार की योजनाओं का उपयोग कर खेती कर उत्पादन किया जाए तभी देश खाद्यान्न उत्पादन मैं आत्मनिर्भर होगा। उक्त जानकारी विकास खंड बड़हलगंज में आयोजित तिलहन विकास गोष्ठी में खंड विकास अधिकारी धीसम प्रसाद ने दिया।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/143972/%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-08/2---,,.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>  गोला /गोरखपुर।</strong> देश में औद्योगिक विकास सड़क भवन निर्माण से खेती का क्षेत्रफल कम हो रहा है। जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। देश के नागरिकों को भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार वैज्ञानिक कृषि विभाग एवं किसान भाईयों की है। अधिकतम खाद्यान्न उत्पादन तभी संभव है जब आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग उन्नतशील बीज कृषि रक्षा रसायन का प्रयोग कर वैज्ञानिक तकनीकी एवं सरकार की योजनाओं का उपयोग कर खेती कर उत्पादन किया जाए तभी देश खाद्यान्न उत्पादन मैं आत्मनिर्भर होगा। उक्त जानकारी विकास खंड बड़हलगंज में आयोजित तिलहन विकास गोष्ठी में खंड विकास अधिकारी धीसम प्रसाद ने दिया।</div>
<div> </div>
<div>गोष्ठी में प्रमुख शैलेंद्र राय उर्फ पिंटू ने किसान भाइयों से अपील किया कि सरकार की योजनाओं का उपयोग कर वैज्ञानिक सलाह पर आधुनिक कृषि निवेश का प्रयोग कर खेती करें उत्पादन बढ़ाकर प्रदेश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएं। शस्य वैज्ञानिक पीजी कॉलेज बड़हलगंज के डॉ वीरभद्र त्रिपाठी ने खेती में खेती के लिए मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरक प्रयोग बीज शोधन सिंचाई जल प्रबंधन आदि पर विस्तार से दी जानकारी।</div>
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<div>गोष्ठी में पूर्व अपर जिला कृषि अधिकारी राम अधार यादव ने आधुनिक कृषि यंत्रों की खेती में उपयोगिता फसल अवशेष प्रबंधन सरकार की कृषि उपयोगी योजनाओं की विस्तार से दी जानकारी। डॉ शिवेंद्र सिंह डॉ चिंतामणि हीरालाल चौहान रूप लाल दास ने प्राकृतिक खेती पशुओं की बीमारी एवं रोकथाम टीकाकरण जैविक खाद एवं रसायन फसल सुरक्षा फसल बीमा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि आदि कृषि सबंधी योजनाओं पर दी जानकारी।</div>
<div> </div>
<div>मानसिंह यादव और दिवाकर मनीष अजीत मिश्रा वीरेंद्र गिरी सोना यादव सोनम दुबे ने तकनीकी जानकारी दी।गोष्ठी की अध्यक्षता सहायक विकास अधिकारी प्रवीण सिंह और संचालन क्रांति कुमार ने किया। इस अवसर पर रमेश शाही अतुल शाही अंगद शाही आलोक राय बैरिस्टर यादव मंजू सुनीता आरती मौर्य भीम यादव सुरेश दिनेश पाल सहित अधिक संख्या में किसान गण मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>किसान</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Aug 2024 16:44:20 +0530</pubDate>
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